अयोध्या के तारुन क्षेत्र में शनिवार रात को आए आंधी-तूफान ने किसानों की कमर तोड़ दी। तेज हवा और बारिश ने खेतों में कटकर रखी गई गेहूं की फसल को उड़ा दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं के बोझ भीग गए और दूसरे के खेतों में चले गए। विजली के पोल तू गए, शनिवार रात्रि 8,25 से बिजली गुल हुई तो 12 घंटे बाद तक नही आई, उपकेंद्र से बताया गया की जगह-जगह तार टूट गए हैं लाइनमैन को पेट्रोलिंग पर लगाया गया है। गेहूं की कटी फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। फसल इधर-उधर बिखर गई और बलियां टूट गई। किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन मौसम की मार के आगे उनकी एक नहीं चली। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण गेहूं की फसल के दाने काले पड़ सकते हैं और टूटे हुए दानों को इकट्ठा करने में काफी कठिनाई होगी। कुछ किसानों ने सरसों की मड़ाई भी नहीं की थी, अब उन्हें भी कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। बालापुर के किसान धीरज निषाद ने बताया कि मौसम की खराबी के कारण शनिवार दोपहर में खेतों में ही गेंहू की मड़ाई करवाई थी लेकिन भूसा नहीं उठा पाए थे। सोमवार सुबह खेती में पहुंचे तो काफी भूसा उड़ गया था। नन्दापुर के किसान आलोक पाण्डेय ने बताया कि बारिश व आधी तूफान के कारण खेतों में कट कर पड़ी गेहूं फसल को काफी नुकसान किया है। बालियां टूट कर उख गई। इस नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति और भी खराब हो सकती है। सरकार से मांग की जा रही है कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनकी फसल का नुकसान भरपाई किया जाए। इस संबंध में उप जिलाधिकारी बीकापुर श्रेया का पक्ष जानने के लिए कई बार मिलाया गया लेकिन फोन नहीं उठा।