वृंदावन में हरियाली तीज के पावन पर्व पर वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर श्रद्धा और भक्ति की अनंत धारा में डूब गया। ठाकुर बांके बिहारी लाल ने इस शुभ अवसर पर स्वर्ण व रजत से अलंकृत अत्यंत भव्य हिंडोले में विराजमान होकर लाखों श्रद्धालुओं को साक्षात दर्शन का दुर्लभ सौभाग्य प्रदान किया। हरे रेशमी वस्त्र, मोतियों की कढ़ाई और बेशकीमती आभूषणों से सजे ठाकुर जी की छवि ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो स्वयं साक्षात श्रीहरि वृंदावन की गलियों में अवतरित हो गए हों। दर्शन हेतु उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ में आस्था का ऐसा ज्वार था कि मंदिर की गलियों से लेकर शहर की सड़कों तक केवल भक्ति ही भक्ति दिखाई दी।