सिकरारा के प्रतापगंज सराफा व्यवसायी अनिल सोनी के बेटे अनुराग सोनी की सन्दिग्ध मौत की घटना की जांच में पुलिस की ढीली ततपरता की आशंका से रविवार को मृतक के परिजनो के साथ बड़ी संख्या में बाजार के व्यवसायी व स्थानीय संभ्रांत लोग थाने पर जुटे।उन लोगों ने सराफा व्यवसायी अनुराग सोनी की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच में शीघ्रता करने की मांग करते हुए तत्काल खुलासा कर घटना में संलिप्त लोगो पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बीते वृहस्पतिवार को क्षेत्र के पूराबघेला(कलवारी) गांव में चिलबिल के पेड़ पर अनुराग सोनी का गमछे के सहारे लटकता हुआ शव पाया गया था। मृतक के परिजनों को संदेह था कि किसी ने उनके बेटे की हत्या कर शव पेड़ से लटकाते हुए खुदकुशी का स्वरूप देने का प्रयास किया है।परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या व साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।मृतक के मोबाइल के सीडीआर के आधार पर एक युवती व उसके सम्पर्क में आने वालो को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो कुछ नए तथ्य भी सामने आए। पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया। मृतक के पिता अनिल सोनी,उनके बड़े भाई अशोक सोनी ,अरुण सोनी ,जीबी पंत पीजी कालेज के प्रबंधक सुधीर उपाध्याय सहित दो दर्जन से अधिक व्यवसायी व पचासों स्थानीय लोग थाने पर पहुँचकर थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार गुप्ता से मिले। लोग घटना की जांच की स्थिति की जानकारी लेते हुए उसमें संलिप्त लोगो पर शीघ्र कार्रवाई की मांग किए।थानाध्यक्ष ने जांच के बारे में जानकारी देते हुए परिजनों को आश्वासत किया कि मामले की जाँच में किसी तरह की ढिलाई नही की जा रही है। उसकी गहन छान बीन चल रही है।जाँच में किसी की भी संलिप्तता सामने आती है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। वह जेल के सींखचों के पीछे ही दिखाई देगा।