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VIDEO: केदारीपुर-हेतमापुर के बीच तेज हुआ कटान, पुराने टेलीफोन एक्सचेंज पर मंडराया खतरा
सरयू नदी के केदारीपुर और हेतमापुर के बीच कटान लगातार तेज होती जा रही है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारी और कर्मचारी लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नदी की तेज धारा के सामने अब तक किए गए इंतजाम प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं। कटान का रुख धीरे-धीरे हेतमापुर गांव की ओर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत के साथ आक्रोश भी बढ़ रहा है।
कटान रोकने के लिए पहले बांस के कैरेट तैयार कर उनमें ईंटों से भरी बोरियां डालकर नदी की धारा को रोकने का प्रयास किया जा रहा था। अब इन बोरियों में मिट्टी भरकर कटान वाले स्थान पर डाली जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि मिट्टी से भरी बोरियां नदी की तेज धारा का सामना नहीं कर पा रही हैं और पानी के बहाव के साथ मिट्टी बह जाने से कटान और बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर कटान हो रही है, वहां नदी लगातार जमीन को काटते हुए हेतमापुर की ओर बढ़ रही है। यदि समय रहते प्रभावी तरीके से कटान नहीं रोकी गई तो आने वाले दिनों में गांव की आबादी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने बाढ़ खंड से केवल बोरियां डालने के बजाय मजबूत और स्थायी तकनीक से कटान रोकने की मांग की है।
कटान के मुहाने पर अब वर्षों पुराना टेलीफोन एक्सचेंज भवन भी आ गया है। नदी इसी तरह लगातार जमीन काटती रही तो पुराने टेलीफोन एक्सचेंज के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो सकता है। भवन के आसपास की जमीन कटान की चपेट में आने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों केदारीपुर और हेतमापुर क्षेत्र में सरयू के कटान से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि और फसल नदी में समा चुकी है। अब कटान आबादी की तरफ बढ़ने से ग्रामीण अपने घर और अन्य संपत्तियों को लेकर चिंतित हैं। हालिया रिपोर्टों में भी केदारीपुर में कटान के चलते घरों के खाली होने और बाढ़ खंड के बचाव कार्यों के बावजूद ग्रामीणों की चिंता बढ़ने की बात सामने आई है। यहां के लोगों को राशन किट न मिलने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है ।
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