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Coronavirus in Himachal: बिलासपुर में 17, सोलन में 12 कोरोना पॉजिटिव, प्रदेशभर में 56 संक्रमित

हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को 56 कोरोना पॉजिटिव मामले आए हैं। बिलासपुर में 17, सोलन में 12, कांगड़ा में 10, सिरमौर में 5, शिमला में 4, हमीरपुर में 3, चंबा-कुल्लू में 2-2 और ऊना में 1 मामला आया है। बिलासपुर के एम्स साइट पर संगरोध में रखे बाहरी राज्यों से आए 14 और मजदूर कोरोना पॉजिटिव आए हैं। सीएमओ डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि एम्स में मंगलवार को 14 कोरोना के मामले सामने आए हैं।

सभी को एम्स साइट पर क्वारंटीन किया गया था। इनमें 37 वर्षीय, 24 वर्षीय, 30 वर्षीय, 38 वर्षीय, 24 वर्षीय, 24 वर्षीय, 34 वर्षीय, 38 वर्षीय, 28 वर्षीय, 31 वर्षीय, 38 वर्षीय, 21 वर्षीय, 23 और 38 वर्षीय मजदूर पॉजिटिव आए हैं।  इन सभी को इलाज के लिए कोविड केंद्र चांदपुर शिफ्ट किया गया है। वहीं उन्होंने बताया कि एम्स कंटेनमेंट जोन से मजदूरों की कोरोना सैंपलिंग जारी है। 

बिलासपुर में तीन मामले और पॉजिटिव आए हैं। पनौल गांव का 34 वर्षीय संक्रमित 30 जुलाई को बद्दी से आया था। इसे गृह संगरोध में रखा गया था। वहीं दूसरा 19 वर्षीय युवक यूपी से आया था और इसे  बिलासपुर कॉलेज छात्र आवास में संस्थागत संगरोध में रखा गया था। तीसरा 47 वर्षीय संक्रमित बलद्वाड़ा मंडी का है। तबीयत खराब होने के कारण इसे 31 जुलाई को जिला अस्पताल में दाखिल किया गया है जहां इसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में पहले निगेटिव आए अरिस्टो फार्मा उद्योग के 12 कामगार पॉजिटिव निकले हैं। इन कामगारों को एक होटल में रखा गया था और 20 जुलाई को लिए गए सैंपल में इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी लेकिन दोबारा लिए सैंपलों में 12 लोग पॉजिटिव आए हैं। एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने बताया कि पूर्व में निगेटिव आए 12 कामगार पॉजिटिव आए हैं जिन्हें कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

हिमाचल की मुस्कान बनीं आईएएस अफसर, पहले ही प्रयास में हासिल की सफलता

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नगर परिषद बद्दी के हाउसिंग बोर्ड फेस दो की रहने वाली मुस्कान जिंदल ने 22 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में सिविल सर्विस कमीशन की परीक्षा में देश भर में 87वां अंक हासिल किया है। मुस्कान जिंदल की प्रारंभिक परीक्षा बद्दी के एक निजी स्कूल से आरंभ हुई। उन्होंने कक्षा 12वीं में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल करके अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया।

उसके बाद अगली पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ स्थित एसडी कॉलेज से आगे की पढ़ाई की। उन्होंने सिविल सर्विस की भी पढ़ाई जारी रखी। मुस्कान जिंदल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अगर मन में दृढ़ निश्चय हो तो बड़ी से बड़ी मंजिल आसानी से हासिल हो जाती है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही सपना था कि आईएएस अफसर बनना है। 

दिन में छह से सात घंटे पढ़ाई कर हासिल किया मुकाम
मुस्कान जिंदल ने बताया कि जब मेरा इंटरव्यू हो रहा था तो मुझसे छह-सात प्रश्न पूछे गए। मैंने उन के जवाब दिए। मुझे किसी भी तरह की कोई कठिनाई नहीं हुई। मुस्कान ने बताया कि दिन में 6 से 7 घंटे पढ़ती थीं।

बीच-बीच में जब थोड़ा समय मिलता था तो ऑनलाइन भी पढ़ाई की। मुस्कान जिंदल की दो बहनें और एक भाई है। पिता पवन जिंदल व्यवसायी है जबकि माता ज्योति जिंदल गृहिणी हैं। मुस्कान जिंदल ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों, दादा साधु राम जिंदल और परिजनों को दिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मुस्कान जिंदल की यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव की बात है और उनकी इस सफलता से प्रदेश के अन्य युवा भी प्रोत्साहित होंगे।
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सीएम जयराम बोले- वर्ष 2022 तक सभी पंचायत मुख्यालयों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार डॉ. वाईएस परमार के सपनों को साकार करेगी। डॉ. परमार जानते थे कि सड़कें इस पहाड़ी राज्य के विकास की भाग्य रेखा हैं, इसलिए उन्होंने सड़कों के निर्माण पर विशेष बल दिया। वर्ष 2022 तक प्रदेश के सभी पंचायत मुख्यालयों को सड़क से जोड़ा जाएगा। सरकार ने हिमाचल का 50वां राजस्व दिवस धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया था, लेकिन कोरोना महामारी के मद्देनजर यह संभव नहीं हो पाया।

जयराम ने कहा कि हिमाचल के सभी मुख्यमंत्रियों ने प्रदेश के विकास के लिए विशेष योगदान दिया है। मंगलवार को हिमाचल निर्माता और प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की 114वीं जयंती पर विधानसभा परिसर और राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में डॉ. परमार को श्रद्धांजलि दी गई। इससे पहले राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और सीएम जयराम ने रिज मैदान पर डॉ. परमार की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पहले यह दिन विधानसभा के एक छोटे से पुस्तकालय सभागार में मनाया जाता रहा। पिछले साल निर्णय लिया गया कि इस अवसर को धूमधाम से मनाया जाए। मंगलवार को भी इसे होटल पीटरहॉफ में मनाया गया। कोरोना संकट के बीच इस बार डॉ. परमार का परिवार समारोह में नहीं पहुंच सका। मुख्यमंत्री ने डॉ. परमार को विधानसभा परिसर में भी पुष्पांजलि अर्पित की। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार और उपाध्यक्ष हंसराज, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री, विधायक और पूर्व विधायक भी शामिल हुए।

प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने डॉ. परमार के जीवन पर आधारित तैयार वृत्तचित्र भी दिखाया गया। डॉ. ओम प्रकाश शर्मा ने डॉ. परमार के जीवन पर आधारित पत्र भी पढ़ा। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि डॉ. परमार को प्रदेश और राज्य के लोगों की संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली के बारे में गहरी जानकारी थी। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि डॉ. परमार के कुशल नेतृत्व के कारण हिमाचल को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा प्राप्त हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री से विवि में डॉ. परमार की चेयर को और मजबूत करने को कहा। 

परमार न होते तो हम यहां न जुट पाते : अग्निहोत्री
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल की यात्रा वास्तव में डॉ. परमार की कठिन परिश्रम की यात्रा है। कहा कि आज इस मंच पर जुटने की स्थिति है तो डॉ. वाईएस परमार की बदौलत है। उनका हिमाचल को बनाने और विकास के लिए बहुत बड़ा योगदान है। भूमि सुधार अधिनियम में भी डॉ. परमार का बहुत योगदान है।
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शिमला में बरसे बादल, ऊना में गर्मी से छूटे पसीने

राजधानी शिमला में मंगलवार शाम को हल्की बारिश रिकॉर्ड हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। मौसम साफ रहने से ऊना का अधिकतम तापमान फिर चढ़ने लगा है। मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को भी कुछ क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना जताई है। दस अगस्त तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।

अगस्त महीना शुरू होते ही मानसून कमजोर हो गया है। आने वाले दिनों में प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। हालांकि हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं। मंगलवार को शाम तक शिमला में मौसम साफ रहा। शाम करीब सवा पांच बजे के बाद शहर में बादल बरसे। छह बजे दोबारा मौसम साफ हो गया।

मंगलवार को भुंतर में अधिकतम तापमान 34.8, कांगड़ा में 34.7, सुंदरनगर में 34.3, बिलासपुर में 33.5, हमीरपुर में 33.2, चंबा में 32.7, सोलन में 31.2, धर्मशाला में 29.4, नाहन में 29.2, शिमला में 25.8, केलांग में 25.2, कल्पा में 23.0 और डलहौजी में 22.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। उधर, मंगलवार रात को मैहरे में 35, धर्मशाला में 26, बिलासपुर-बंगाणा में 12, पालमपुर में नौ, डलहौजी में सात और गगल में चार मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
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तकनीशियन पॉजिटिव, नेरचौक कोविड अस्पताल की लैब 48 घंटे के लिए बंद

कोविड अस्पताल नेरचौक में कोरोना सैंपल की जांच करने वाली लैब 48 घंटों के लिए बंद कर दी गई है। लैब तकनीशियन के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद एहतियातन यह कदम उठाया गया है। पूरा स्टाफ आइसोलेट कर दिया गया है। सभी का कोविड सैंपल लिया जाएगा। इस लैब में मंडी समेत कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले के कोरोना सैंपल जांच के लिए आते हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्रपोजल के अनुसार जिला मंडी के सैंपल अब हमीरपुर और पालमपुर भेजे जाएंगे।

जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति के सैंपल शिमला भेजे जाएंगे। मंगलवार को करीब पांच सौ सैंपल की जांच होनी है। नेरचौक कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. जीवानंद चौहान ने बताया कि सोमवार देर रात बग्गी तहसील में 39 साल का व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है। वह मेडिकल कॉलेज नेरचौक के कोविड-19 से संबंधित लैब में बतौर तकनीशियन कार्यरत है। इसके बाद लैब को एहतियातन 48 घंटों के लिए बंद कर दिया गया है। पूरी लैब को सैनिटाइज किया जाएगा।
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चार आईएफएस, एक एचएफस अधिकारी का तबादला

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ऑनलाइन रखी आईआईएम सिरमौर की आधारशिला

इम्युनिटी बूस्टर सीबकथोर्न के लिए चीन का विकल्प बनेगा हिमाचल

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव के बीच चीन से 2300 टन सीबकथोर्न (छरमा) का आयात बंद हो गया है। इससे देश में 120 वस्तुओं के उत्पादन पर संकट खड़ा हो गया है। इनमें   इम्युनिटी बूस्टर च्यवनप्राश, चाय, जूस और जैम जैसे उत्पाद शामिल हैं। कच्चा माल न मिलने से परेशान हरियाणा के फरीदाबाद की कंपनी बॉयोसॉश बिजनेस प्राइवेट लि. ने हिमाचल सरकार को पत्र लिखकर जनजातीय जिलों में करीब 2000 हेक्टेयर वन क्षेत्र में सीबकथोर्न लगाकर देश में इसकी कमी को पूरा करने का आग्रह किया है।

कंपनी के निदेशक अर्जुन खन्ना की ओर से मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र में कंपनी ने कहा है कि वर्तमान में देश में करीब 3000 टन सीबकथोर्न की जरूरत है जबकि देश में मात्र 700 टन उपलब्ध है। वर्ष 2025 में देश में 5000 टन सीबकथोर्न की जरूरत होगी। कंपनी की ओर से लाहौल-स्पीति सीबकथोर्न को-ऑपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष बीएस परशीरा को भी यह पत्र भेजा गया है। परशीरा ने कहा कि एक दशक से भी अधिक समय से जनजातीय इलाकों में वन क्षेत्र में सीबकथोर्न लगाने को लेकर काम किया जा रहा है।
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