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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020
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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020

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Digital Edition

राजस्थान और उत्तराखंड सरकार में अस्थि विसर्जन के लिए फ्री बसों पर बनी सहमति

राजस्थान में लॉकडाउन लागू होने के बाद दिवंगत हुए लोगों की अस्थियों के विसर्जन के लिए चलाई जाने वाली विशेष बसों को लेकर राजस्थान और उत्तराखंड सरकार में सहमति बन गई है। राजस्थान सरकार ने इन विशेष बसों को नि:शुल्क चलाने की घोषणा की है।

अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान सरकार के आग्रह पर उत्तराखंड सरकार ने अस्थि विसर्जन के लिए बसों के आवागमन की सहमति दे दी है। इससे शोक संतप्त परिजन अस्थि विसर्जन स्थलों पर जा सकेंगे।

अधिकारी इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से सहमति लेने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। अस्थि विसर्जन के लिए किसी भी परिवार के दो या तीन सदस्य इन विशेष बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुक्रवार को की गई समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) सुबोध अग्रवाल ने बैठक में बताया कि अब राजस्थान से हरिद्वार तथा अन्य अस्थि विसर्जन स्थलों के लिए प्रतिदिन चार या पांच बसें संचालित होंगी। ये बसें शुरू में राज्य के सम्भागीय मुख्यालयों से तथा उसके बाद आवश्यकतानुसार जिला मुख्यालयों से चलाई जाएंगी। इससे पहले गहलोत ने इस तरह की विशेष बसें चलाने की घोषणा की थी।
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क्या प्रियंका गांधी के मिशन से घबराने लगी हैं बसपा प्रमुख मायावती?

सत्ता से दूरी, बसपा के संगठन को छोड़ते नेता, राजनीति में कम होता प्रतिनिधित्व जैसी कुछ परिस्थितियों को देख कर लग रहा है कि मायावती विचलित हो रही हैं। मायावती का द्वंद प्रवासी गरीब मजदूरों के अपने घर-गांव जाने के दौरान भी आया।

मायावती ने गरीब मजदूरों को उनके गांव भेजने में सरकार से उतने आक्रामक तरीके से मांग रखकर मुद्दा नहीं उठाया, जितना कांग्रेस महासचिव प्रियंका के उत्तर प्रदेश सरकार के साथ बढ़े टकराव पर दिखाई पड़ा।

दिलचस्प बात यह है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर राजस्थान सरकार की सहायता को लेकर मायावती ने बिना पूरा तथ्य जाने ही कांग्रेस पर खुलकर हमला बोल दिया।

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव का कहना है कि वह मायावती की परेशानी समझ सकती हैं। राजस्थान सरकार के एक मंत्री का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार यदि राजस्थान को होने वाले भुगतान पर कमेंट करे तो वह जवाब देंगे।

लेकिन मायावती की टिप्पणी पर बोलकर वह उन्हें राजनीतिक लाभ नहीं देना चाहते। वहीं बसपा के खेमे से मायावती के सामने आने के बाद उस पर कोई नेता प्रतिक्रिया देने से बचता है।

क्या प्रियंका के मिशन से घबरा रही हैं मायावती?

बसपा और सपा उत्तर प्रदेश में हर मुद्दे पर करीब-करीब मौन रहते हैं। कभी-कभी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान आ जाता है।

कुछ महीने में एकाध बार मायावती भी किसी मुद्दे पर बयान देती हैं, लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार न केवल राज्य का दौरा कर रही हैं, बल्कि राज्य सरकार के कामकाज पर विपक्ष के नेता की तरह सोशल मीडिया से लेकर हर फोरम पर सवाल उठा रही हैं।

प्रियंका गांधी प्रवासी गरीब मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का मामला उठाया। सड़क पर चिलचिलाती धूप में परेशान मजदूरों को घर जाते देखकर उत्तर प्रदेश सरकार को 1000 बसों की मदद देने का प्रस्ताव दिया, और सरकार ने इसे स्वीकार भी कर लिया और तीन चार दिन तक ड्रामा चला।

माना जा रहा है कि मजदूरों से जुड़ा मुद्दा होने के कारण मायावती को यह सताने लगा, क्योंकि अधिकांश मजदूर दलित, आदिवासी समुदाय से जुड़े हैं।

मायावती के भड़कने का एक कारण और माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा राज्य में अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी समेत कांग्रेस पार्टी के पुराने जनाधार को जोडऩे में लगी हैं।

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने आजाद समाज पार्टी का गठन करके कामकाज तेज कर दिया है। प्रियंका गांधी की टीम लगातार चंद्रशेखर के संपर्क में रहती है।

चंद्रशेखर को देखने भी प्रियंका जा चुकी हैं। बताते हैं इस तरह की तमाम आशंकाओं ने मायावती राजनीतिक तकलीफ बढ़ानी शुरू की है। मायावती की चिंता का एक स्वाभाविक कारण और भी है।

प्रियंका गांधी वाड्रा भी महिला हैं। अभी मायावती से उम्र में कम लेकिन में राजनीति करना जानती हैं।

क्या है राजस्थान सरकारों को भुगतान का मामला?

यह मामला 17-18 अप्रैल 2020 से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंधन निदेशक डा. राज शेखर ने राजस्थान सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक नवीन जैन को पत्र लिखा था।

इसमें उ.प्र. राज्य सड़क परिवहन निदेशक ने सरकार के आदेश का हवाला देते हुए कोटा में उत्तर प्रदेश की बसों को डीजल उपलब्ध कराने और उसका भुगतान उत्तर प्रदेश सरकार से किए जाने का आग्रह किया था।



यह बसें कोटा में कोविड-19 संक्रमण के बाद लॉकडाउन में फंसे छात्रों को आगरा, झांसी ले आने के लिए भेजी जानी थीं। 18 अप्रैल को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंधक ने कोटा में 75 बसों की आवश्यकता बताते हुए सहायता की मांग की और राजस्थान के प्रबंध निदेशक ने अपेक्षित सहायता की।

राजस्थान के अधिकारियों का कहना है कि दो अधिकारियों के बीच में हुए इस सहयोग के भुगतान का मामला है। इसे लोग जानबूझकर राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

मायावती ने क्या कहा?

बसपा प्रमुख मायावती ने इस पर दोनों राज्य सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे घिनौनी घटना बताते हुए राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए दो ट्वीट किए हैं।
राजस्थान की कांग्रेसी सरकार ने कोटा से 12000 युवक, युवतियों को वापस उनके घर भेजने पर हुए खर्च के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार से 36.36 लाख रुपये और देने की जो मांग की है, वह उसकी कंगाली व अमानवीयता को प्रदर्शित करता है। दो पड़ोसी राज्यों के ऐसी घिनौनी राजनीति अब दु:खद।

मायावती का दूसरा ट्वीट कुछ ज्यादा राजनीतिक है। इसमें उन्होंने प्रियंका गांधी पर परोक्ष रुप से हमला किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेसी राजस्थान सरकार एक तरफ कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्रों को अपनी कुछ बसों से वापस भेजने के लिए मनमाना किराया वसूल रही है तो दूसरी तरफ अब प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश में उनके घर भेजने के लिए बसों की बात करके जो राजनीतिक खेल खेल रही है, यह कितना उचित और कितना मानवीय?

सरकार से सहायता मांगने और प्रस्ताव देने का फर्क समझें मायावती

कांग्रेस पार्टी के एक महासचिव ने कहा कि मायावती के इस ट्वीट पर उन्हें कुछ नहीं बोलना है। मायावती उत्तर प्रदेश की कई बार मुख्यमंत्री रही हैं। उन्हें समझना चाहिए कि यह उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने राजस्थान के परिवहन विभाग से सहायता मांगी थी।

पत्र में भुगतान का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश की तरफ है। इसे प्रवासी गरीब मजदूरों को घर भेजने में सहायता देने के प्रस्ताव से जोड़ना कहां से उचित है, मैं नहीं समझता पाता। मायावती का यह ट्वीट ही अपने आप में ही एक बड़ा सवाल है।
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राजस्थान में कोरोना संक्रमण से एक और मौत, 150 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 6377 हुई

कोरोना वायरस से देशभर में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक राजस्थान में शुक्रवार को दोपहर दो बजे तक 150 नए मामले सामने आए जिससे राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 6,377 हो गई है। 

गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण से मौत के चार मामले सामने आने के बाद शुक्रवार को भी एक मौत का मामला सामने आया जिसके बाद राज्य में इस घातक वायरस से मरने वालों की संख्या 152 हो गई है। इसके साथ ही 77 लोग ठीक हुए है और 72 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। राज्य में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या अब 6,377 है। इसमें 152 मौतें, 3,562 ठीक और 3,187 डिस्चार्ज हो चुके मामले शामिल हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पाली में एक और संक्रमित की मौत हो गई। इससे राज्य में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 152 हो गई है। केवल जयपुर में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 75 हो गया है जबकि जोधपुर में 17 और कोटा में 13 रोगियों की मौत हो चुकी है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे। इससे पहले राज्य में शुक्रवार सुबह नौ बजे तक कोरोना वायरस संक्रमण के 54 नए मामले दर्ज किए गए थे। इनमें कोटा में 17, डूंगरपुर में 14, जयपुर में 13, झुंझुनू में छह, अजमेर में दो व दौसा में एक नया मामला शामिल है।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ- साथ 61 वे लोग भी हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया है। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और अनेक थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
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राजस्थान ने जारी किए दिशानिर्देश, अनलॉक-1 में आज से कार्यालयों को पूरी क्षमता से काम करने की छूट

शनिवार को गृहमंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों को खुद से लॉकडाउन के नियम बनाने की छूट के बाद अब कई प्रदेशों ने दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। एक जून से शुरू होने वाले पांचवें चरण के लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने अपनी तरफ से कई तरह की ढील दी है। वहीं रविवार को राजस्थान सरकार ने भी सोमवार से लागू होने वाले नए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
  • इसमें अब सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को पूरी क्षमता के साथ काम करने की अनुमति दी गई है जबकि सभी धार्मिक स्थानों, होटलों और शॉपिंग मॉलों पर प्रतिबंध जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
  • इसके अलावा पंजीकृत निजी और वाणिज्यिक वाहनों में यात्रियों को बैठने की क्षमता तक ही अनुमति दी गई है। 
  • एक जून से 30 जून तक लागू रहने वाले लॉकडाउन के लिए जारी दिशानिर्देश में राजस्थान सरकार ने बसों को अन्य राज्यों और निषिद्ध क्षेत्र / कर्फ्यू वाले क्षेत्र को छोड़कर बाकी मान्य मार्गों पर चलने की अनुमति दी है, लेकिन अभी सिटी बसों का आगामी आदेश तक संचालन नहीं होगा। 
  • दिशानिर्देश के अनुसार व्यक्तियों और वस्तुओं के अंतरराज्यीय एवं राज्य के अंदर आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। ऐसे आवागमन के लिए अलग से स्वीकृति/अनुज्ञा/पास की आवश्यकता नहीं होगी।
  • होटल, रेस्टोरेंट्स, क्लब हाउस (स्पोर्टस सुविधाओं के अतिरिक्त) तथा अन्य आतिथ्य सेवाएं और खाने की जगहें (होम डिलिवरी और टेक अवे को छोड़कर जो पहले से अनुमत है) जनता के लिए बंद रहेंगे।
  • निषिद्ध क्षेत्र/कर्फ्यू क्षेत्र में भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और केवल आवश्यक गतिविधियों को ही अनुमति प्रदान की जाएगी।
  • चिकित्सा आपात स्थिति और आवश्यक वस्तुओं तथा सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के अलावा इन क्षेत्रों के अंदर या उसके बाहर आवागमन पर रोक सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिधि नियंत्रण लागू होगा। धारा 144 सीआरपीसी के तहत जिला प्राधिकारी द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे।
  • लॉकडाउन 5.0 के तहत सभी दुकानों को सुरक्षा सावधानियों के साथ खोलने की अनुमति दी गई है। नाई की दुकानें, सैलून एवं ब्यूटी पार्लर प्रत्येक ग्राहक की सेवा के बाद पूर्ण सुरक्षा सावधानियों, कीटाणुशोधन एवं सफाई के साथ खोली जा सकती है।
  • मेट्रो रेल सेवाएं, सभी विद्यालय/महाविद्यालय/शैक्षणिक/प्रशैक्षणिक/ कांचिग संस्थान आदि भी आगामी आदेश तक बंद रहेंगे।
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अशोक गहलोत अशोक गहलोत

पाकिस्तान से विस्थापित हिंदू महिलाएं जोधपुर में आजीविका के लिए बना रही हैं मास्क

कोविड-19 के मद्देनजर पाकिस्तान के विस्थापित हिंदू समुदाय के लिए कपड़े के मास्क की सिलाई यहां एक संगठित विनिर्माण केंद्र में तब्दील हो गई है, जहां 70 से अधिक महिलाएं काम करती हैं।

इससे विस्थापित समुदाय की महिलाओं को आजीविका का न सिर्फ एक उपयुक्त साधन मिला है, बल्कि इसने ऐसे समय उम्मीद की किरण भी दिखाई है, जब कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते असंगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर बुरा असर पड़ा है।

समुदाय के हितों के लिए संघर्ष करने वाली ‘यूनिवर्सल जस्ट एक्शन सोसाइटी’ के सचिव हिंदू सिंह सोढा ने कहा कि हमें नहीं पता था कि हमारे समुदाय के सदस्यों को हमारी खुद की महिलाओं द्वारा मास्क उपलब्ध कराने की पहल उनके लिए आजीविका का उपयुक्त साधन बन जाएगी।

सोढा ने कहा कि शुरू में समुदाय के सदस्यों के लिए 12 हजार मास्क बनाने की योजना थी, लेकिन जल्द ही मेडिकल स्टोर, उद्योगों और अन्य क्षेत्रों से मास्क के लिए मांग शुरू हो गई। सोसाइटी और समुदाय के नेताओं की मदद से यह पहल संगठित विनिर्माण केंद्र के रूप में तब्दील हो गई और रोजगार का अच्छा साधन बन गई। महिलाएं सूती कपड़े से तीन परत वाले अच्छे मास्क बना रही हैं।

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राजस्थान में 31 के बाद भी जारी रहेगा ‘नाइट कर्फ्यू’, इन जगहों पर दिन में रहेगी छूट

राजस्थान सरकार ने 31 मई के बाद भी नाइट कर्फ्यू जारी रखने का फैसला किया है। सीएम अशोक गहलोत ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि नाइट कर्फ्यू में किसी तरह की छूट न दी जाए।मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को सक्रिय संक्रमित मरीजों की संख्या के अनुसार निषिद्ध क्षेत्र को पुनर्निर्धारित करने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित क्षेत्र में केवल कर्फ्यू जारी रह सके।

साथ ही सीएम ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य नियमों का सख्ती से पालन किया जाए फिर चाहें वह वीआईपी के लिए ही क्यों न हो। उन्होंने कहा, राजस्थान महामारी अध्यादेश के तहत तय जुर्माना नियमों में भी कोई राहत नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने निजी अस्पतालों को भी अपनी जिम्मेदारी समझने और कोरोना मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने को कहा।

वहीं राजस्थान सरकार उसके दायरे में आने वाले स्मारकों को एक जून से खोलने की तैयारी कर रही है। इसके तहत कंटेनमेंट जोन और कर्फ्यू वाले इलाकों को छोड़कर अन्य जगहों के स्मारकों को मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। पहले सप्ताह में ये सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगे और दूसरे हफ्ते में सुबह 9 से दोपहर 1 और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक इन्हें खोला जाएगा।

इसके बाद तीसरे हफ्ते से इन्हें सप्ताह के सब दिन खोला जाएगा। राजस्थान में शनिवार को एक मरीज की मौत हुई और 49 नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 8,414 हो गई।  
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राजस्थान: भाजपा के वरिष्ठ नेता भंवर लाल शर्मा का निधन, पीएम मोदी ने प्रकट किया शोक

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भंवर लाल शर्मा का शुक्रवार को निधन हो गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया। इसके साथ ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया आदि ने भी शर्मा के निधन पर शोक जताया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट में लिखा कि श्री भंवर लाल शर्मा जी के निधन से व्यथित हूं। राजस्थान में पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका अत्यंत मूल्यवान थी। सरलता और निस्वार्थ भाव उनक स्वभाव था। उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।
 

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट में लिखा कि श्री भंवर लाल शर्मा जी के निधन से व्यथित हूं। राजस्थान में पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका अत्यंत मूल्यवान थी। सरलता और निस्वार्थ भाव उनक स्वभाव था। उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।

वसुंधरा राजे ने भी जताया दुख
शर्मा के निधन पर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी शोक जताया है। उन्होंने भी ट्वीट करके कहा कि भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री भंवर लाल शर्मा जी के निधन का समाचार सुन मन व्यथित है। जनसंघ के स्तंभकार, उन्होंने अपने लम्बे राजनीतिक सफर में हमेशा गरीबों व वंचितों की आवाज उठाई तथा समाजसेवा को अपने जीवन का परम ध्येय माना। इस ट्वीट के साथ राजे ने एक तस्वीर भी साझा की है।



मुख्यमंत्री गहलोत ने भी शर्मा के निधन पर ट्वीट कर कहा कि बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मंत्री भंवर लाल शर्मा के निधन का समाचार दुखद है। इस कठिन समय में मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
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राजस्थान में संक्रमण से दो की मौत, 91 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 8158 हुई

भाजपा के वरिष्ठ नेता भंवर लाल शर्मा (फाइल फोटो)
कोरोना वायरस से देश में सबसे ज्यादा प्रभावित पांच राज्यों में से एक राजस्थान में कोरोना वायरस से शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई जिससे राज्य में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 182 हो गई है। वहीं 91 नए मामले सामने आने के बाद इस घातक वायरस से संक्रमित मरीजों की अब तक की कुल संख्या 8,158 पर पहुंच गई है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में शुक्रवार को कोरोना वायरस से जयपुर और झुंझुनू में एक-एक मरीज की मौत हुई है। इससे राज्य में मृतकों की कुल संख्या 182 हो गई है। केवल जयपुर में कोविड-19 से मरने वालों का आंकड़ा 86 हो गया है जबकि जोधपुर में 17 और कोटा में 16 रोगियों की मौत हो चुकी है।

अन्य राज्यों के आठ रोगियों की भी यहां मौत हुई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे।

वहीं, राज्य में शुक्रवार सुबह 10 बजे तक संक्रमण के 91 नए मामले सामने आए। इनमें झालावाड़ में 42, नागौर तथा जयपुर में 12-12, चूरू में छह और उदयपुर तथा धौलपुर में पांच-पांच नए मामले शामिल हैं। राज्य में अब तक संक्रमितों की कुल संख्या 8,158 हो चुकी है।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ 61 वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर तथा जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया था। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और कई थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
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राजस्थानः कोरोना के डर से 14 घंटे तक पड़ा रहा बच्ची का शव, फिर एसडीओ ने किया अंतिम संस्कार

देश की जनता में कोरोना महामारी का खौफ इस तरह बैठ चुका है कि अब परिजन अपनों की मौत के बाद उनसे दूरी बनाने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सामने आया है, जहां चार माह की बच्ची की मौत के बाद  गांव के लोग उसके शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। दरअसल कोरोना संक्रमण के डर के कारण परिजन भी बच्ची के शव के पास जाने तक को तैयार नहीं थे। लगभग 14 घंटे तक शव यूंही घर में पड़ा रहा। आखिर में इलाके के एसडीओ महिपाल सिंह ने पहल करते हुए मासूम के शव को उठाया और उसे शमशान घाट ले गए। यहां एसडीओ ने गड्ढे खोदकर अपने हाथों से बच्ची का अंतिम संस्कार किया।

बच्ची का परिवार मुंबई से लौटा था घर 

जानकारी के मुताबिक यह दर्दनाक मामला भीलवाड़ा जिले के करेड़ा उपखंड के चावंडिया गांव का है। यहां बुधवार रात चार माह की एक बच्ची की मौत हो गई थी। बच्ची के पिता कोरोना पॉजिटिव होने के कारण जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है। अधिक दस्त के कारण जान गंवाने वाली इस बच्ची का परिवार पिछले दिनों मुंबई से अपने घर वापस आया था। यहां आने पर उन्हें करेड़ा के क्वारंटाइन सेंटर में रखकर उनके सैंपल लिए गए थे।

इसमें बालिका के पिता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जबकि बालिका, उसकी मां और बाकी परिजनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें होम क्वारंटाइन के लिए घर भेज दिया था। लेकिन इस दौरान बुधवार रात को बच्ची की तबीयत अचानक खराब हो गई। 

सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ने बताया कि बच्ची की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने गाड़ी भेज उसे अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। अस्पताल से बच्ची के शव को वापस गांव भेज दिया गया। लेकिन बच्ची के परिजन बच्ची का फिर से जांच चाहते थे और उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया को तैयार होने की बात कही। इसके चलते बुधवार रात से गुरुवार दोपहर तक बच्ची का शव घर में पड़ा रहा।
  

सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीओ महिपाल सिंह 

इसकी सूचना मिलने पर एसडीओ महिपाल सिंह और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर दो घंटे से अधिक समय तक परिजनों से समझाइश करते रहे, लेकिन वो उसके अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद एसडीओ बच्ची के घर में प्रवेश कर उसका शव ले आए। और फिर शव को लेकर लेकर शमशान घाट पहुंच गए। यहां उन्होंने खुद गड्ढा खोदकर शव का अंतिम संस्कार किया।

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सरिस्का बाघ अभयारण्य में दिखे तीन शावक

राजस्थान के अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभ्यारण्य में तीन शावक कैमरे में देखे गए हैं। इन तीन शावकों के साथ ही सरिस्का बाघ अभयारण्य में बाघों की संख्या 20 हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके कहा है कि कोरोना वायरस चिंताओं के बीच बाघिन एसटी -12 ने अच्छी खबर दी है।

सरिस्का बाघ अभयारण्य में अब 2020 में 20 बाघ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा राज्य के इन जंगली जिंदगियों को देखने की है। एक अधिकारी ने बताया कि शावकों को सोमवार को कैमरे ने कैद किया। सरिस्का अभयारण्य में अब 16 वयस्क बाघ है।

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राजस्थान में दो की मौत, संक्रमण के 109 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 7645 हुई

कोरोना वायरस से देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण से दो और लोगों की बुधवार को मौत हो जाने से राज्य में इस वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 172 हो गई है।

इसके साथ ही राजस्थान में संक्रमण के 109 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 7,645 हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि जयपुर में दो और संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। इसके बाद राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 172 हो गई है। केवल जयपुर में कोरोना वायरस संक्रमण से 83 लोगों की मौत हो गई है जबकि जोधपुर में 17 और कोटा में 16 रोगियों की मौत हो चुकी है।

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे। राज्य में बुधवार सुबह नौ बजे तक 109 और संक्रमित मरीज सामने आए। इनमें झालावाड़ में 64, कोटा में 16, नागौर में 12, जयपुर एवं भरतपुर में छह-छह, झुंझुनू में दो, बीकानेर, करौली एवं दौसा में एक-एक नया मामला शामिल है।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ साथ 61 वे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर एवं जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया था। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और अनेक थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
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राजस्थान : मुख्यमंत्री आवास के पास व्यक्ति ने की आत्महत्या करने की कोशिश

शहर के सिविल लाइंस इलाके में मुख्यमंत्री निवास के पास एक व्यक्ति ने जहर खाकर कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने उसे एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार इस व्यक्ति ने सिविल लाइंस रेलवे क्रॉसिंग व मुख्यमंत्री निवास के बीच कहीं जहर खा लिया। इस बीच कथित तौर पर इस व्यक्ति छेना राम द्वारा लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इसके अनुसार वह नागौर जिले के एक गांव का रहने वाला है और पुलिस उस पर दबाव डाल रही है जिससे वह मानसिक दबाव में है। उसने आरोप लगाया है कि छह लोगों ने 18 मई को उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी लेकिन पुलिस उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं कर रही।

इस बारे में उसने पाडू कलां पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन स्थानीय पुलिस व थाना प्रभारी आरोपियों को पकड़ने के बजाय उसे ही मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पत्र के अनुसार वह पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को भी मामले से अवगत करा चुका है।
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राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के 76 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या 7376 हुई

कोरोना वायरस से देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के 76 नए मामले मंगलवार को सामने आए जिससे राज्य में इस घातक वायरस से अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 7,376 हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह नौ बजे तक जयपुर में 16, उदयपुर में 13, झालावाड़ में 12, राजसमंद में 11, झुंझुनू व बीकानेर में पांच-पांच, कोटा में चार, पाली में तीन व धौलपुर में दो नए मामले सामने आए हैं।

राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 167 हो गई है। केवल जयपुर में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 79 तक पहुंच गया है जबकि जोधपुर में 17 और कोटा में 16 मरीजों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी पहले से ही किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थे।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ साथ 61 वे लोग भी हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया था। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और अनेक थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
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