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बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान, अधिकारियों ने गांवों में शुरू की नई पहल, तस्वीरें

मेरठः 14 महीने बाद काले तेल का जिन्न फिर बोतल से बाहर, गिरफ्तारी के बाद जेल पहुंचा माफिया

आखिरकार 14 महीने बाद काले तेल के कारोबार का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। अमर उजाला के खुलासे के बाद मेरठ छोड़कर भाग गए तेल माफिया अब पुलिस की गिरफ्त में आने लगे हैं। बुधवार को पुलिस ने तेल कारोबारी पंकज माहेश्वरी को सुपरटेक पामग्रीन से गिरफ्तार किया था। उसकी आगरा स्थित फर्म से 84 हजार लीटर मिलावटी तेल और केमिकल बरामद हुआ है। इसका मामला सिकंदरा थाने में दर्ज कराया गया था।

पिछले साल 19 अगस्त को काले तेल के कारोबार का खुलासा हुआ था। इसके बाद सितंबर में भी नकली तेल पकड़ा गया। साल्वेंट से नकली पेट्रोल बनाने और केरोसिन मिलाकर डीजल बनाने का धंधा बेरोकटोक चल रहा था। जब इस पूरे खेल का खुलासा अमर उजाला ने किया और पुलिस प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई की तो तेल माफिया ने अपने ठिकाने बदल दिए। मेरठ में मिलावटी तेल बनना लगभग बंद हो चुका है। लेकिन सूत्रों के अनुसार अब मिलावटी तेल बाहर के जनपदों से मेरठ के पेट्रोल पंपों पर फिर से बिकना शुरू हो गया है।

आगरा से पंजाब-हरियाणा तक फैला है जाल
मेरठ में भले ही नकली तेल बनना बंद हो गया हो लेकिन आगरा, सहारनपुर और दादरी में नकली तेल बनाया जा रहा है। यहां से भारी मात्रा में फिर से नकली तेल की सप्लाई शुरू हो गई है। आशंका है कि मेरठ के कई पेट्रोल पंपों पर इसकी आपूर्ति की जा रही है। मेरठ में सख्ती के बाद अन्य माफिया आगरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर के दादरी और पंजाब से लेकर हरियाणा में अपना काला कारोबार चला रहे हैं। 

पुराना तेल कारोबारी है पंकज माहेश्वरी
आगरा में नकली तेल बनाने के धंधे में शामिल पंकज माहेश्वरी मेरठ का निवासी है। आगरा पुलिस ने सितंबर में इसके यहां छापा मारा था तब से यह फरार चल रहा था। दो दिन पूर्व ही मेरठ के सुपरटेक पामग्रीन स्थित आवास से पुलिस पंकज को पकड़ कर ले गई। पंकज व उसके भाइयों की मेरठ व मुजफ्फरनगर में थोक व फुटकर की केरोसिन बिक्री की दुकानें थी, जिनका लाइसेंस इन्होंने लिया हुआ था। आरएल वीरेंद्रा एंड संस के नाम से इनकी फर्म थी लेकिन भाइयों के आपसी विवाद में दुकानें बंद हो गईं। 

आपूर्ति विभाग में कराता था सेटिंग 
पंकज माहेश्वरी का तेल का कारोबार भले ही मेरठ में बंद हो गया हो लेकिन उसकी आपूर्ति विभाग में खासी पकड़ थी। सूत्रों के अनुसार तमाम तेल कारोबारियों की सांठगांठ वह आपूर्ति विभाग में कराता था, जिसका कमीशन उसे मिलता था। नकली तेल के कारोबारियों के साथ भी पंकज माहेश्वरी के बेहतर संबंध थे। 

काले तेल के कारोबार में आया था नाम 
मेरठ में जब तेल के काले कारोबार को लेकर हल्ला मचा था, तब पंकज का नाम भी सामने आया था। इसके नाम से आईजी ऑफिस में शिकायत की गई थी। इसी आधार पर कई अन्य तेल कारोबारियों के यहां पुलिस ने छापा मारा था। हालांकि इन मामलों में कार्रवाई तो दूर की बात, अभी तक जांच भी पूरी नहीं हो पाई है। 

आगरा में कोर्ट में पेशी के बाद भेजा गया जेल 
पेट्रोल में केरोसिन की मिलावट करने के आरोपी व्यापारी पंकज माहेश्वरी को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। उसे जेल भेज दिया गया। सिकंदरा के औद्योगिक क्षेत्र स्थित उसकी फैक्टरी से पुलिस को पेट्रोलियम पदार्थों का अवैध भंडारण भी मिला था। मामले में पूर्ति निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने 26 सितंबर को थाना सिकंदरा में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराते हुए खंदारी के फ्रैंड्स आशियाना निवासी पंकज और शाहगंज की विष्णु कॉलोनी निवासी राजेश शर्मा को नामजद किया था। सिकंदरा थाना के प्रभारी निरीक्षक  अरविंद कुमार ने बताया कि गोदाम और फैक्टरी में तकरीबन 84 हजार लीटर केमिकल बरामद करने के बाद इसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। फैक्टरी पर ताला लगा दिया गया था। 
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हादसे का इंतजार: रेलवे लाइन के किनारे सरकारी जमीन पर लग रहा अवैध पैठ बाजार, देखें तस्वीरें

यूपी: करोड़ों की जमीन का खेल, अमर उजाला ने किया खुलासा, अधिकारियों में मचा हड़कंप

मेरठ में मवाना तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो बिजेंद्र के खिलाफ शुक्रवार को अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद तहसील में हड़कंप मच गया। कानूनगो के तमाम काले कारनामों की फाइलें टटोली जाने लगीं। इसी बीच तहसीलदार ने सबसे पहले हस्तिनापुर पांडवान की करीब सौ बीघा जमीन, जिस पर शांति देवी की फर्जी वसीयत का केस चल रहा था उस पर कार्रवाई तय की। 

इस मामले में एसडीएम मवाना द्वारा नोटिस जारी कर 26 अक्तूबर को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। लेकिन तहसीलदार ने शुक्रवार को ही उक्त जमीन सरकार में निहित करने का आदेश जारी कर दिया। 

भू-माफिया को संरक्षण देने में तहसील मवाना के कर्मचारी और अधिकारियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। जमीनों की दाखिल खारिज में जमकर खेल किया गया। तमाम मामलों की शिकायत पीड़ितों के साथ बार एसोसिएशन ने भी की। लेकिन किसी भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले डेढ़ दशक से जमे रजिस्ट्रार कानूनगो ने जैसा चाहा वैसा किया। तहसीलदार और एसडीएम तक सभी उसके इशारे पर काम करते रहे।  

एक के बाद एक परतें खुलने के बाद कई गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। इनमें से एक में हस्तिनापुर निवासी शांति देवी पत्नी स्वर्गीय बाबूराम की मृत्यु के बाद न केवल फर्जी तरीके से वसीयत तैयार की गई, बल्कि उस वसीयत को तैयार करते वक्त एक अन्य महिला का फोटो चस्पा कर दिया गया। शांति देवी के पति स्वतंत्रता सेनानी थे, जिस कारण उन्हें हस्तिनापुर पांडवान में सरकार की तरफ से कृषि भूमि दी गई थी। लेकिन शांति देवी की मृत्यु के बाद फर्जी वसीयत कराने वालों के नाम जमीन का दाखिल खारिज कर दिया गया। 

गंभीर बात ये रही कि दाखिल खारिज करते वक्त वसीयत की फोटो कॉपी जमा कराई गई, मूल प्रति को नहीं देखा गया। क्योंकि मूल प्रति से शांति देवी का फोटो स्पष्ट हो जाता। जबकि इस जमीन पर ब्रह्मचंद पुत्र चंद्रभान निवासी कुंडा काबिज था। इस मामले को लेकर तहसीलदार न्यायालय में वाद चल रहा है। लेकिन इसी बीच इस जमीन का दाखिल खारिज ब्रह्मचंद के नाम पर कर दिया गया।

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जमीन जमीन

यूपी: पांच करोड़ की लागत से तैयार हुआ ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, अब बिजली कनेक्शन अटका

बजट के अभाव में लंबे समय तक अटका रहा ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनकर तैयार तो हो गया। लेकिन इसका बिजली कनेक्शन अटक गया है। आवेदन के बाद भी बिजली विभाग ने कनेक्शन नहीं दिया है। बिजली विभाग कनेक्शन देने से पहले संबंधित विभाग की एनओसी मांग रहा है। अब कार्यदायी संस्था परिवहन विभाग और व्यावसायिक शिक्षा विभाग के बीच हुए एमओयू के कागज खंगालने में लगी है।

कोरोना काल को छोड़ दें तो सामान्य दिनों में आरटीओ में हर माह 5-6 हजार डीएल बनाए जाते हैं। जो बिना ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक के ही खाली औपचारिकता पूरी कर बनाए जाते हैं। लंबे समय से की जा रही मांग के बाद शासन ने मेरठ को ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का तोहफा दिया था। तीन साल पहले करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से साकेत आईटीआई की जमीन पर इसका निर्माण शुरू हुआ था।

दिसंबर 2018 में यह इंस्टीट्यूट परिवहन विभाग के सुपुर्द किया जाना था। लेकिन शासन में कई बार धनराशि की किस्त अटकने से इसके निर्माण में दो साल अधिक लग गए। अब इंस्टीट्यूट की इमारत और ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तो बनकर तैयार हो गया है। लेकिन बिजली कनेक्शन का मामला फंस गया है।

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आईटीआई परिसर में बनकर तैयार नया भवन

युवती से छेड़छाड़ पर पथराव, फायरिंग से गांव में फैली दहशत, पुलिस ने पड़ितों को थाने से भगाया

मुजफ्फरनगर में खतौली थाना क्षेत्र के गांव आदमपुर मोचड़ी में युवती के साथ छेड़छाड़ कर दी गई। विरोध करने पर आरोपियों ने पथराव कर दिया। आरोप है कि फायरिंग भी की गई। जिससे गांव में दहशत फैल गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत किए जाने पर पुलिस ने थाने से भगा दिया।

गांव आदमपुर मोचड़ी निवासी महिला ने बताया कि उसकी पुत्री घर के बाहर काम कर रही थी, तभी गांव के कुछ युवक आए और छेड़छाड़ करने लगे। उसने परिजनों से इसके बारे में बताया। विरोध करने पर आरोपी युवकों ने पीड़ित परिवार के मकान पर पथराव कर दिया। आरोप है कि फायरिंग भी की गई। वहीं शोर-शराबा होने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ देख आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। 

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पीड़ितों ने बताया कि जब वे थाने पहुंचे और इसकी शिकायत इंस्पेक्टर से की तो इंस्पेक्टर ने पीड़ित परिवार के लोगों को धमकाते हुए थाने से भगा दिया। पीड़ित लोगों ने पुलिस के आला अधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

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मेरठः सरकारी बोर्ड पर जातीय विशेष शब्दों को लेकर थाने पर की शिकायत के बाद हटवाया

हस्तिनापुर क्षेत्र के बस्तोरा नारंग निवासी कुछ लोगों ने शुक्रवार को थाने पर पहुंचकर थानाध्यक्ष से शिकायत की कि गांव में लगे सरकारी बोर्ड पर गांव के ही कुछ युवकों ने जातीय विशेष शब्द लिखे हैं जिससे गांव में आक्रोश है जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हटवाया और ग्राम पंचायत बस्तोरा नारंग लिखवाया।
   
शुक्रवार को क्षेत्र के बस्तोरा नारंग निवासी दर्जनों लोग इंद्रजीत जाटव के निर्देशन में थाने पर पहुंचे जिनमें, जयपाल सिंह, मनोज, देशराज कश्यप पीतम हरीश मनोज कुमार महेंद्र रविंदर आदि शामिल थे जिन्होंने पहुंचकर थाना अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह से गांव में लगे एक सरकारी बोर्ड पर जातीय विशेष शब्दों और महापुरुष के लिखे जाने का विरोध किया और कहा कि यह बोर्ड सरकारी है जिसे प्राइमरी स्कूल में उखाड़ कर गांव में ही गाड़ दिया गया है। 

जिसका दूसरी जाति के लोगों में आक्रोश है मामले की सूचना पर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि तुरंत बस्तोरा नारंग गांव में जाकर बोर्ड पर लिखे शब्दों को हटवा दिया गया है और ग्राम पंचायत बस्तोरा नारंग लिखवाने के लिए कह दिया गया है। इस मामले में कोई विवाद ना हो इसलिए शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष के लोगों से सहमति पत्र भी लिखवाया गया है। उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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यूपी: मुठभेड़ में दबोचा गया हरियाणा का लुटेरा गिरोह, एक कार समेत असलहा बरामद

मुजफ्फरनगर में गांव तावली के पास लूट के इरादे से पहुंचे हरियाणा के लुटेरे गिरोह को पुलिस ने मुठभेड़ में धर दबोचा। लुटेरों के पास से मुरादनगर से चोरी पिकअप के साथ ही एक कार, दो पिस्टल, तमंचे और अन्य असलाह बरामद किए गए हैं।

शाहपुर थाना पुलिस शुक्रवार तड़के क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान गांव तावली के पास पिकअप और कार में सवार बदमाशों की सूचना पर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें कांस्टेबल रजनीश हाथ में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी की तो बदमाश गाड़ी छोड़कर भागने लगे। 

जवाबी कार्रवाई में सचिन निवासी ग्राम इस्माइला थाना सांपला जिला रोहतक और अश्वनी उर्फ भोलू उर्फ मारुति निवासी दोधवा थाना सदर गोहाना, जिला सोनीपत घायल हो गए। वहीं, चार अन्य बदमाशों मंजीत, विक्रम, विक्की उर्फ वीरा निवासी दोधवा थाना गोहाना, जिला सोनीपत व मोनू निवासी लाइन पार थाना बहादुरगढ़ जिला झज्जर को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। बदमाशों के पास से एक पिकअप, एक एसेंट कार, दो पिस्टल, दो तमंचे-कारतूस आदि बरामद किए गए।

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काले तेल का जिन्न फिर बोतल से बाहर, यूपी के इन जिलों में जमा है माफिया का धंधा

आखिरकार 14 महीने बाद काले तेल के कारोबार का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। अमर उजाला के खुलासे के बाद मेरठ छोड़कर भाग गए तेल माफिया अब पुलिस की गिरफ्त में आने लगे हैं। पुलिस ने तेल कारोबारी पंकज माहेश्वरी को सुपरटेक पामग्रीन से गिरफ्तार किया था। उसकी आगरा स्थित फर्म से 84 हजार लीटर मिलावटी तेल और केमिकल बरामद हुआ है। इसका मामला सिकंदरा थाने में दर्ज कराया गया था।

पिछले साल 19 अगस्त को काले तेल के कारोबार का खुलासा हुआ था। इसके बाद सितंबर में भी नकली तेल पकड़ा गया। साल्वेंट से नकली पेट्रोल बनाने और केरोसिन मिलाकर डीजल बनाने का धंधा बेरोकटोक चल रहा था। जब इस पूरे खेल का खुलासा अमर उजाला ने किया और पुलिस प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई की तो तेल माफिया ने अपने ठिकाने बदल दिए। मेरठ में मिलावटी तेल बनना लगभग बंद हो चुका है। लेकिन सूत्रों के अनुसार अब मिलावटी तेल बाहर के जनपदों से मेरठ के पेट्रोल पंपों पर फिर से बिकना शुरू हो गया है।

आगरा से पंजाब और हरियाणा तक फैला है जाल
मेरठ में भले ही नकली तेल बनना बंद हो गया हो लेकिन आगरा, सहारनपुर और दादरी में नकली तेल बनाया जा रहा है। यहां से भारी मात्रा में फिर से नकली तेल की सप्लाई शुरू हो गई है। आशंका है कि मेरठ के कई पेट्रोल पंपों पर इसकी आपूर्ति की जा रही है। मेरठ में सख्ती के बाद अन्य माफिया आगरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर के दादरी और पंजाब से लेकर हरियाणा में अपना काला कारोबार चला रहे हैं।

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एक्सक्लूसिव: सामने आया करोड़ों का खेल, रजिस्ट्रार कानूनगो की खुली पोल, 2500 बीघा जमीन से जुड़ा है मामला

मेरठ के मवाना तहसील क्षेत्र में लंबे समय तक तैनात रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी आम होती जा रही है। हस्तिनापुर थाने में सवा दो साल तक एसओ रहे धर्मेंद्र सिंह के फार्म हाउस के बाद अब तहसील में एक दशक से तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो बिजेंद्र कुमार द्वारा भू-माफिया से मिलकर खादर क्षेत्र में 2500 बीघा से ज्यादा जमीन को पहले कब्जा कराने और बाद में दूसरों के नाम पर दाखिल खारिज कराने का मामला सामने आया है। भू-माफिया के साथ मिलकर बंदरबांट की गई। इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है। 

बिजेंद्र कुमार के खिलाफ शिकायत है कि उसने भू-माफिया के साथ मिलकर ग्राम गजूपुरा स्थित झील की करीब 2500 बीघा से ज्यादा जमीन का दूसरों के नाम पर दाखिल खारिज करा दिया है। राजस्व अभिलेखों में इस जमीन को जिनके नाम किया गया है, उनमें बड़ी संख्या में दिल्ली के रहने वाले लोग हैं। 

इसके अलावा ऐसे भी मामले हैं, जिनमें जमीन का हस्तांतरण मृतक आश्रित के नाम पर होना था लेकिन उसे दूसरों के नाम पर कर दिया गया। यही नहीं, गंगा नदी की जमीन को भी पहले भू-माफिया के नाम पर बिकवाया गया और बाद में इसका दाखिल खारिज करा दिया गया। नगर पंचायत हस्तिनापुर की पांडवान स्थित जमीन पर भी बड़ा खेल किया गया है। अवैध ढंग से बिक्री और दाखिल खारिज के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है।

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