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देवी दुर्गा का आठवां स्वरुप है महागौरी, इनके आशीर्वाद मात्र से ही दूर हो जातें है समस्त कष्ट !
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कल से खुलेंगे ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के पट, नई व्यवस्था के तहत भक्तों को मिलेगा प्रवेश

बांकेबिहारी मंदिर बांकेबिहारी मंदिर

यूपीः कोरोना से मरने वालों में 56 फीसदी को नहीं थी कोई बीमारी, आईसीएमआर की रिपोर्ट में खुलासा

कोरोना वायरस देश में बुजुर्गों या अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को सबसे ज्यादा शिकार बना रहा है। उत्तर प्रदेश में कम उम्र के लोगों के लिए भी वायरस जानलेवा साबित हो रहा है। प्रदेश में अब तक 56 फीसदी ऐसे लोगों ने अपनी जान गंवाई जिन्हे कोरोना से पहले कोई बीमारी नहीं थी। 

प्रदेश में जितनी मौतें हुई हैं उनमें करीब 44 फीसदी 30 से 59 वर्ष के लोग थे। यह खुलासा शुक्रवार को हुई केंद्र और राज्य सरकार की बैठक में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद
(आईसीएमआर) की ओर से पेश आंकड़ों में हुआ। 

सबसे अधिक 37 फीसदी मौत लखनऊ, मेरठ, बनारस, कानपुर नगर, गोरखपुर में हुई हैं। मेरठ जिले में मृत्युदर 2.4 फीसदी है जिसमें कई सप्ताह से बदलाव नहीं हो रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार यूपी में कोरोना का पहला पीक गुजर चुका है। अब स्थिति नियंत्रण में है लेकिन मौत रोकने के लिए जिला और अस्पताल स्तर पर पुनः समीक्षा की जरूरत है। रिपोर्ट के अनुसार अमरोहा, फतेहपुर, मथुरा, आजमगढ़ बहराइच, संभल, रायबरेली, सिद्धार्थनगर, अमेठी और कासगंज में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। 
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यूपीः हाईकोर्ट का आदेश- पार्कों और खेल के मैदानों से हटाया जाए अतिक्रमण, तीन महीने में मांगी रिपोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी सार्वजनिक पार्कों और खेल के मैदानों से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट तीन माह में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आदेश पारित करते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि पर्यावरण संरक्षण राज्य का वैधानिक दायित्व है। रोजगार और राजस्व पर लोक स्वास्थ्य, जीवन एवं पर्यावरण को वरीयता दी जानी चाहिए।

राम भजन सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने कहा है कि सभी पार्कों का स्थानीय निकायों की मार्फत ठीक से रखरखाव किया जाए ताकि आम लोग पार्कों का उपयोग कर सकें। कोर्ट ने कहा कि पार्कों में किसी को भी कूड़ा  डालने, इकट्ठा करने या अन्य उपयोग में लाने की अनुमति न दी जाए।

कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को सभी पार्कों, खेल मैदानों का सही रखरखाव करने के लिए सक्षम प्राधिकारियों को दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया है। याची का कहना है कि उसके आवास के सामने सेक्टर 11 विजय नगर ,गाजियाबाद में स्थित नगर निगम के पार्क का अतिक्रमण कर लिया गया है। उसका उपयोग वाहन खड़ा करने के लिए किया जा रहा है, जबकि जिलाधिकारी ने कहा कि पार्क के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि निगम या प्राधिकरण पार्क के रखरखाव करने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य है। वे अपने वैधानिक दायित्व से बच नहीं सकते।

कोर्ट ने कानून एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पार्कों, खेल मैदानों के अतिक्रमण पुलिस से हटवाए जाएं और उनका रखरखाव किया जाए। कोर्ट ने कहा कि पार्क में कूड़ा फेंकना कानूनन अपराध है। ऐसा करने वाले पर अर्थ दंड और एक माह के जेल की सजा दी जा सकती है।

पार्कों, खेल मैदानों की देखभाल स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी

हाईकोर्ट ने कहा कि स्थानीय निकायों की वैधानिक जिम्मेदारी है कि वह पार्कों खेल मैदानों की देखभाल करें। देश के स्वस्थ पर्यावरण के लिए यह जरूरी भी है। संविधान का अनुच्छेद 21 प्रदूषण मुक्त जीवन का अधिकार देता है। विकास के नाम पर उद्योग लगाकर इस अधिकार में कटौती नही की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 51ए नागरिकों के कर्तव्य बताता है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह पार्कों, खेल मैदानों की स्वच्छता का ध्यान रखे। 
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भक्तों के लिए अच्छी खबर, जल्द खुलेंगे बांकेबिहारी मंदिर के पट, अदालत ने दिया आदेश

Allahabad High Court
ठाकुर बांकेबिहारी के भक्तों के लिए अच्छी खबर है। वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए फिर से खुलेंगे। याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने शुक्रवार को पूर्व आदेश के अनुसार मंदिर खोलने के निर्देश दिए। इस आदेश से मंदिर खोलने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे साधु-श्रद्धालु और दुकानदारों को राहत मिली है। 

कोरोना के कारण 22 मार्च से बंद बांकेबिहारी मंदिर के पट बंद थे। सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत के आदेश पर 15 अक्तूबर को मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, लेकिन भीड़ उमड़ने के कारण मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने 19 अक्तूबर से फिर मंदिर बंद करने के आदेश दे दिए। इससे श्रद्धालुओं में रोष पैदा हो गया। 


हिमांशु गोस्वामी, प्रदीप गोस्वामी और छह अन्य ने अदालत में मंदिर को खोलने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह और अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में मंदिर खोलने के लिए याचिका दायर की। जज ने सुनवाई की तारीख चार नवंबर तय की। 
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