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वायरल हुआ प्रधान के मृत पति का ऑडियो, बताए जिंदा जलाए जाने वालों के नाम

दलित प्रधान पति की हत्या की घटना के बाद शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। मृत्यु पूर्व के बताए जा रहे इस ऑडियो क्लिप में प्रधान पति ने उन पांच लोगों पर अपहरण करके जिंदा फूंक देने की बात कही है जिनके खिलाफ परिवारीजनों ने नामजद केस दर्ज कराया है।

शुक्रवार दोपहर बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। वारयल ऑडियो में एक व्यक्ति किसी से यही पूछता हुआ सुनाई पड़ रहा है कि बाबू के के रहन जलावै मा। इस पर एक व्यक्ति कराहता हुआ कहता है कि केके तेवारी, राजेश मिसिर, रवि व संतोष। कराहता हुआ व्यक्ति एक नाबालिग का भी नाम लेता है जिसका उल्लेख यहां नहीं किया जा सकता। फिर सवाल होता है कि ये सब पकड़ि के लई गयेन हैं चौरहवा से तो कराहता हुआ व्यक्ति जवाब में हां कहता है।

परिवार वालों का कहना है कि बातचीत का यह ऑडियो तब का है जब गंभीर रूप से झुलसे अर्जुन को इलाज के लिए सुल्तानपुर ले जाया जा रहा था। परिवार वालों का यह भी कहना था कि अर्जुन की ओर से दिए गए बयान की ऑडियो क्लिप पुलिस को दे दी गई है।
 
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वायरल हुआ प्रधान के मृत पति का ऑडियो वायरल हुआ प्रधान के मृत पति का ऑडियो

कोविड काल में प्रदेश को मिले 45,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने कहा है कि सरकार ने कोविड-19 के दौरान 40 से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। इससे 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इनमें से करीब 1.35 लाख रोजगार से जुड़ी परियोजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो गया है।

टंडन लोकभवन में आयुक्त सभाकक्ष में अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार के साथ पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने बीते छह महीने में निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए प्रयासों व प्राप्त उपलब्धियों साझा किया। टंडन ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों में जापान, अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जर्मनी व दक्षिण कोरिया आदि की कंपनियों के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने में 6,700 करोड़ रुपये के निवेश परियोजनाओं के लिए 426 एकड़ (326 भूखंडों) भूमि का आवंटन किया गया है। इससे 1,35,362 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। निवेश से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी कार्यवाही चल रही है।

अन्य निवेश परियोजनाओं में करीब 10 देशों निवेश प्रस्ताव भी शामिल हैं। हीरानंदानी ग्रुप, सूर्या ग्लोबल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एमजी कैप्सूल्स, केशो पैकेजिंग, माउंटेन व्यू टेक्नालोजी जैसे निवेशक  अपने प्रोजेक्ट लगाएंगे। इसी तरह कोविड-19 के बाद 14,900 करोड़ रुपये के निवेश-प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित कर अब तक 43 प्रतिशत एमओयू क्रियान्वयन में सफलता मिली है।

उन्होंने बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिए 52 प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। प्रदेश ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में 12 अंक की छलांग लगाकर देश में दूसरे स्थान पर आ गया है। नीतियों में सुधार, भूमि आवंटन व पिछड़े क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन के कई नए कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा इन्वेस्टर्स समिट से जुड़े एमओयू के क्रियान्वयन को लेकर भी फोकस काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों खासकर पूर्वांचल और मध्यांचल में कई निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
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देवबंद में फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, उलमा बोले- पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं

फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी किए जाने के विरोध में सहारनपुर में शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद नगर के मोहल्ला बड़जियाउलहक के मैदान में विरोध प्रदर्शन हुआ। इसमें बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। उलमा ने फ्रांस के राष्ट्रपति की निंदा की। साथ ही फ्रांस के उत्पादों के बहिष्कार का एलान किया गया। 

फ्रांस में हजरत मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी के बाद से दुनिया भर में मुस्लिम समाज में आक्रोश बना हुआ है। जुमा की नमाज के बाद फ्रांस के विरोध में हुए जलसे में दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम कारी उस्मान मंसूरपुरी के बेटे व प्रसिद्ध आलिम मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने कहा कि मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। गुस्ताख रसूल फ्रांस ने अपनी इस्लाम और मुस्लिम दुश्मनी की नापाक शक्ल को पेश किया है। दुनिया भर का मुसलमान फ्रांस की इस हरकत का विरोध कर रहा है। कहा कि मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

पूर्व विधायक माविया अली ने कहा कि ये कोई राजनीतिक मामला नहीं है, हमारी आन-बान-शान हजरत मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी का मामला है। इसमें हर मुसलमान को चाहिए कि वे घरों से बाहर निकले और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराए। क्योंकि मोहम्मद साहब से बढ़कर मुसलमानों के लिए न कुछ था और न ही कुछ हो सकता है। 

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दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मौलाना मुफ़्ती आरिफ कासमी और अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने संयुक्त रूप से कहा कि तारीख गवाह है जब जिस मुल्क और जिस शख्स ने हजरत मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी की उसको उसकी सख्त सजा मिली है। आज जान बूझकर इस्लाम और मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे मुसलमानों को घबराना नहीं चाहिए। जरूरत इस बात की है कि एकजुट होकर गुस्ताख रसूल फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर पुरजोर तरीके से कार्रवाई की मांग करें।

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दलित प्रधान पति की हत्या के बाद गांव में दहशत का माहौल, पत्नी बोली- दिया जाए शस्त्र लाइसेंस

परिवार के मुखिया व अपने पति की हत्या से क्षुब्ध महिला ग्राम प्रधान ने शस्त्र लाइसेंस व सुरक्षा के साथ तीन बीघा जमीन व विभिन्न मदों से मिलने वाली आर्थिक सहायता तत्काल दिलाने की मांग की है। ग्राम प्रधान ने कहा कि पति की हत्या से उनके परिवार का सहारा छिन गया है।

बंदोइया गांव में गुरुवार रात हुई महिला ग्राम प्रधान के पति की हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। शुक्रवार शाम ग्राम प्रधान के पति का शाम पोस्टमॉर्टम के बाद गांव पहुंचा तो परिवारीजनों के सब्र का बांध टूट गया। महिला ग्राम प्रधान छोटका का कहना था कि गांव के कुछ लोग उसके परिवार को गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाकर लगातार परेशान कर रहे थे। मन नहीं भरा तो शिकायतकर्ताओं ने उसके पति को जलाकर मार डाला। महिला ग्राम प्रधान ने कहा कि उसका पति ही परिवार का मुखिया और सहारा थ। पति की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। 

ग्राम प्रधान ने प्रशासन से परिवार को शस्त्र लाइसेंस व सुरक्षा, किसान दुर्घटना बीमा का पांच लाख रुपये, एससीएसटी एक्ट में मिलने वाली 8.12 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, जीवन यापन के लिए तीन बीघा जमीन का आवंटन दिलाने के साथ घटना में नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कराने की मांग की। महिला ग्राम प्रधान का कहना था कि दबंगों ने उसके परिवार का चैन सुकून छीनने के बाद जीने का सहारा भी छीन लिया।
 
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सोनभद्र : मां अमिला देवी के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा ट्रैक्टर पलटा, महिला की मौत, करीब दो दर्जन घायल

दलित प्रधान पति की हत्या के बाद गांव में दहशत का माहौल
सोनभद्र जिले के चकरिया गांव में स्थित अमिला देवी मंदिर के समीप शुक्रवार को अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली पलट गई। इस हादसे में शैल कुमारी देवी ( 63) की मौत हो गई। वहीं करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्ताल भेजवाया। सीएमएस डॉ. पीबी गौतम की देखरेख में घायलों का इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब सवा दस बजे कूरा कला गांव निवासी अभय नारायण सिंह अपने परिवार एवं गांव के कुछ लोगों के साथ ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार होकर अमिला देवी के दरबार में पूजन-अर्चन करने के लिए जा रहे थे। अभी श्रद्धालु मंदिर से करीब दो किमी पहले पहुंचे ही थे कि ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे गड्ढे में पलट गई। 


दुर्घटना में ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार दो दर्जन से अधिक घायल श्रद्धालु मदद की गुहार लगाने लगे। राहगीरों ने घायलों की मदद करने के साथ ही पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। लेकिन जंगली क्षेत्र होने के चलते एंबुलेंस घंटे भर बाद पहुंची। तब तक घायल चीखते-चिल्लाते रहे। 
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ऐसा है यूपी में सरकारी अस्पतालों का हाल, न डॉक्टर, न ही दवाएं, मरीज कहां कराएं इलाज

मेरठ में सरकारी अस्पतालों में दवाओं का टोटा है। मेडिकल कॉलेज में 389 और जिला अस्पताल में 15 तरह की दवाओं की कमी है। साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या भी कम होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मेडिकल में 839 तरह की दवाएं रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से इन दिनों 450 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में 240 तरह की दवाएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 225 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में हर तीन माह में दवाओं का 10 लाख रुपये बजट मिलता है, जो इस तिमाही नहीं आया है। इनके अलावा स्वास्थ्य विभाग में अभी (सीएमओ के अंतर्गत) पर्याप्त दवाएं हैं। 

दूसरी तरफ, कोरोना महामारी चलते हुए सात माह हो गए, मगर चिकित्सकों की भरपाई नहीं हो सकी। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर 103 चिकित्सक मानकों से कम चल रहे हैं। सरकारी चिकित्सालयों में हर साल 15 लाख से ज्यादा मरीज आते हैं। इन्हें ठीक से उपचार नहीं मिल रहा है। जिस कारण बड़ी संख्या में मरीज प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर होते हैं। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के अंतर्गत आने वाले चिकित्सकों में 20 चिकित्सक मानकों से कम हैं। सीएचसी-पीएचसी और अर्बन हेल्थ सेंटर आदि पर 182 चिकित्सक होने चाहिए, लेकिन 162 हैं। इनमें अधिकांश जगह सिर्फ एमबीबीएस डॉक्टर हैं, विशेषज्ञ नहीं। 12 सर्जन होने चाहिए, मगर है सिर्फ एक। महिला जिला अस्पताल में जहां 24 महिला चिकित्सक होनी चाहिए, लेकिन सिर्फ 10 हैं।

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अमेठी : दलित ग्राम प्रधान के पति की हत्या मामले में तीन गिरफ्तार, परिवार का अंतिम संस्कार से इनकार

दलित ग्राम प्रधान के पति की हत्या ने शुक्रवार शाम तब नया मोड़ ले लिया जब उसके परिवार ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिवार पर मौके पर मौजूद प्रशासनिक अफसरों के अलावा तमाम लोगों के समझाने बुझाने का कोई असर नहीं दिखा। परिवार वालों का कहना था कि जब तक उनकी पुत्री दिल्ली से नहीं आ जाती वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

बंदोइया की दलित महिला ग्राम प्रधान के पति अर्जुन का शव शुक्रवार शाम चार बजे के बाद गांव पहुंचा। शव के गांव पहुंचने के साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अमला अंतिम संस्कार कराने के लिए परिवार वालों से बात शुरू की। शुरू में परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार भी हो गए। परिवार वालों के तैयार होने के बाद अर्जुन का शव दफनाने के लिए कब्र भी खोद दी गई। हालांकि इसी बीच अचानक परिवार के लोग एक बार फिर फूट पड़े। परिवार वालों ने यह कहते हुए शव को दफनाने से इंकार कर दिया कि जब तक उनकी दिल्ली में रह रही पुत्री पुनीता घर नहीं आ जाती वे किसी को इसकी अनुमति नहीं देंगे। 

अंतिम संस्कार न होने से प्रशासन परेशान, परिवार को समझाने की कोशिश
परिवार वालों के यह कहते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने दोबारा परिवार वालों को समझाने की कोशिश शुरू की। उन्होंने परिवर वालों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया लेकिन परिवार के लोग तैयार नहीं हुए। परिवार द्वारा अंतिम संस्कार से इंकार करने के बाद प्रशासनिक अमला परेशान है।
 
 
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