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अमेरिका में रिसर्च छोड़कर वापस आए डॉ संदीप, बच्चों को विज्ञान के प्रति कर रहे जागरूक

डॉ. संदीप सिंह अमेरिका में पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च छोड़कर वापस अपने देश आ गए हैं और ग्रामीण बच्चों को विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

13 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

मुख्यमंत्री ने किया देश के पहले ओडीओपी वर्चुअल फेयर का उद्घाटन, कहा-व्यापक संभावनाओं का प्रदेश है यूपी

कोविड काल में सुस्त बाजार की मार से परेशान लघु उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वर्चुअल बाजार’ का उपहार दिया है। ऑनलाइन ओडीओपी मेले में घर बैठे ही उद्यमियों के उत्पाद स्थानीय उपभोक्ताओं के साथ ही सात समंदर पार से भी खरीदार आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को देश के पहले ‘ओडीओपी वर्चुअल फेयर’ का औपचारिक उद्घाटन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश व्यापक संभावनाओं का प्रदेश है। हर जिले के कुछ उत्पाद वहां की पहचान हैं।

पांच दिवसीय वर्चुअल फेयर के उद्घाटन के अवसर पर फिक्की की चेयरपर्सन संगीता रेड्डी और ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त गायत्री कुमार सहित उद्योग जगत और विदेश में भारत के विभिन्न प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद जैसी योजना स्थानीय विशिष्टताओं को वैश्विक मंच देने का प्रयास है। भदोही की कालीन, वाराणसी की साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, अलीगढ़ का हार्डवेयर, गोरखपुर का टेराकोटा समेत सभी 75 जिलों की अपनी खूबी है।

योगी ने शिल्पियों और उद्यमियों के विकास और प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के उद्देश्य से फिक्की से मिल रहे सहयोग की प्रशंसा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में लघु उद्यमियों और हस्त शिल्पियों के प्रोत्साहन के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने कई प्रयास किए हैं। उनका कारोबार निर्बाध ढंग से चलाने के उद्देश्य से वर्चुअल फेयर का आयोजन किया जा रहा है। यह अभिनव प्रयास निश्चित ही शिल्पकारों के लिए उपयोगी होगा। योगी ने कहा कि वर्चुअली बायर-सेलर मीट शिल्पियों और निर्यातकों के लिए निश्चित ही उपयोगी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहा है और अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया।

35 देशों के खरीदार ले रहे भाग
इससे पहले प्रदेश के एमएसएमई विभाग के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि यह ग्लोबल फेयर प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ की संकल्पना को साकार करने वाला है। इस वर्चुअल फेयर में 35 देशों के 1000 से अधिक खरीदार प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रदेश के लगभग 700 शिल्पी और विक्रेता मेले में अपनी स्टाल लगा चुके हैं। इस संख्या में बढ़ोत्तरी जारी है। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए ग्लोबल अवसर है। सिद्धार्थनाथ ने कहा कि ओडीओपी योजना मुख्यमंत्री की अभिनव सोच का प्रतिबिंब है। इसने क्षेत्रीय विशेषताओं को वैश्विक पहचान दी है। उद्योग संगठन फिक्की की चेयरपर्सन संगीता रेड्डी ने कहा कि ओडीओपी की परिकल्पना बेहतरीन है। इसके प्रोत्साहन के लिए जो प्रयास हो रहे हैं, वो अत्यंत सराहनीय हैं। वर्चुअल फेयर से जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स को लाभ होगा। फिक्की इस आयोजन को सिर्फ  पांच दिन ही नहीं, बल्कि पूरे एक साल जारी रखेगा।

उद्यमियों से की सीधे बात
इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाराणसी की उद्यमी शैलजा अरोड़ा और आगरा के अनुराग मित्तल से भी बात की। दोनों उद्यमियों ने कहा ओडीओपी योजना से आसान शर्तों पर उपलब्ध ऋण की मदद से हम लोग तकनीक रूप से सक्षम हुए हैं। इससे उत्पाद और उत्पादन दोनों में ही गुणात्मक सुधार हुआ है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

19 नवंबर से होगी बीएड काउंसलिंग

लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2020  की काउंसलिंग अब 19 नवंबर से होगी। विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर शासन ने अपनी मुहर लगा दी है। मंगलवार को इसका विस्तृत कार्यक्रम जारी हो सकता है। प्रदेश भर के बीएड कालेजों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली काउंसलिंग 19 अक्तूबर से शुरू होनी थी।

माना जा रहा है कि अभी भी स्नातक अंतिम वर्ष के रिजल्ट जारी न होने की वजह से कार्यक्रम एक महीने के लिए आगे बढ़ाया गया है। काउंसलिंग स्थगित होने का यह दूसरा मौका था। पहले यह काउंसलिंग 21 सितंबर से शुरू होनी थी जिसे बदलकर 19 अक्तूबर किया गया था। प्रवेश परीक्षा का आयोजन 9 अगस्त को हुआ था। प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट 5 सितंबर को जारी किया गया था। दो लाख से ज्यादा सीट के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में कुल 4,31,904 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और 3,57,701 अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा दी थी।
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केजीएमयू से पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति डिस्चार्ज, पुलिस जिला जेल लेकर रवाना हुई

केजीएमयू में करीब आठ माह से भर्ती रहे गैंगरेप के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया। छुट्टी मिलने के बाद पूर्व मंत्री की अभिरक्षा में लगी पुलिस ने उन्हें जिला जेल में दाखिल कर दिया। केजीएमयू द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड गायत्री के भर्ती होकर इलाज कराने के दावे पर कोई ठोस सुबूत नही दे पाए।

जेल अधीक्षक आशीष तिवारी बताते हैं कि गायत्री प्रजापति के उपचार के संबंध केजीएमयू को कई बार पत्र भेजा गया। जिसके बाद केजीएमयू मेडिकल बोर्ड ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है।  गैंगरेप के मामले में गायत्री प्रजापति 17 मार्च 2017 को पुलिस ने गिरफ्तार जिला जेल भेजा था।
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स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को देंगे जिम्मेदारी, हर महीने 6,000 मिलेंगे : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास से ग्राम स्वराज्य अभियान कार्यक्रम के तहत 75 हजार से अधिक सामुदायिक भवनों व शौचालयों का शिलान्यास-लोकार्पण किया। उन्होंने सामुदायिक शौचालयों के जरिए 59 हजार महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का एलान किया।

प्रदेश की ग्राम पंचायतों में बनने वाले इन शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को मिलेगी। उन्हें हर महीने 6000 रुपये देने का फैसला हुआ है। मुख्यमंत्री ने 377 पंचायत भवनों व 18847 सामुदायिक शौचालयों का लोकार्पण तथा 21 हजार पंचायत भवनों व 35 हजार शौचालयों का एक साथ शिलान्यास किया। इनके निर्माण में 7053.45 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक शौचालय बहू-बेटियों की सुरक्षा और सफाई के लिहाज से मील का पत्थर साबित होंगे। इनकी साफ-सफाई में करीब 59000 महिलाओं को गांव में रोजगार मिलेगा। यह महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन और सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा कदम होगा।

इस मौके पर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह व पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल व प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री व सूचना संजय प्रसाद आदि उपस्थित रहे।
 

 
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यूपी में बंद हो सकती हैं 2000 मेगावाट की तापीय इकाइयां, उत्पन्न हो सकता है जबर्दस्त बिजली संकट

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
प्रदेश में करीब 2000 मेगावाट क्षमता की तापीय बिजली इकाइयों के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। ये वह इकाइयों हैं जो पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अथॉरिटी (ईपीसीए) द्वारा 2015 में तय पर्यावरणीय मानकों को पूरा नहीं कर पाई हैं हैं और मानक से ज्यादा फ्लू गैस का उत्सर्जन कर रही हैं। ईपीसीए अगर इन इकाइयों को बंद करने का आदेश देता है तो प्रदेश में बिजली का जबर्दस्त संकट खड़ा हो सकता है।

आने वाले समय में हवा की गुणवत्ता और खराब होने के मद्देनजर ईपीसीए ने यूपी और हरियाणा सरकार को उन तापीय बिजली इकाइयों को बंद करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दे दी है जो 2015 में तय किए पर्यावरणीय मानकों को पूरा नहीं करते हैं। प्रदेश में सार्वजनिक, निजी व सयुंक्त क्षेत्र में कुल मिलाकर 13000 मेगावाट से ज्यादा क्षमता की ताप बिजली इकाइयां हैं। इनमें बहुत सी इकाइयां काफी पुरानी हैं और ईपीसीए द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय मानकों को पूरा नहीं करती हैं। इनमें अनपरा ए बिजली घर की 210-210 मेगावाट क्षमता की तीन और अनपरा बी की 500-500 मेगावाट की दो, ओबरा की 200-200 मेगावाट की पांच इकाइयां, पारीछा की 110-110 मेगावाट की दो और हरदुआगंज की 110 मेगावाट की एक इकाई शामिल हैं।

ईपीसीए ने इन बिजलीघरों में प्रदूषण रोकने के लिए फ्यूल गैस डिसल्फराइज्ड सिस्टम (एफजीडीएस) और सेलेक्टिव कैटलिटिक रिड्यूसर (एससीआर) लगाने को कहा है। राज्य विद्युत उत्पादन निगम इन इकाइयों में एफजीडीएस व एससीआर लगवाने की योजना तैयार कर रहा है। सूत्रों के  अनुसार कुछ इकाइयों में काम शुरू भी कराया गया है लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी धीमी है। अगर ईपीसीए इन इकाइयों को बंद करने का आदेश देता है तो प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में 2000 मेगावाट की कमी हो जाएगी और इससे बिजली का जबर्दस्त संकट पैदा हो सकता है।

उधर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व पावर कार्पोरशन के  अध्यक्ष अरविंद कुमार का कहना है कि तापीय इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र लगवाने के मामले में यूपी अन्य प्रदेशों के मुकाबले काफी आगे है। इस पर काम चल रहा है। जहां तक ईपीसीए के  आदेश का सवाल है तो एनसीआर केसंदर्भ में हैं। एनसीआर में प्रदेश सरकार का कोई बिजलीघर नहीं है। एनटीपीसी के  बिजलीघर हैं। अलबत्ता ईपीसीए ने एनसीआर क्षेत्र की वायु गुणता कुप्रभावित होने से रोकने के लिए पिछले साल की तरह कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसमें ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत गाजियाबाद व नोएडा में डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल बंद करने के आदेश के मद्देनजर दोनों जगह 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने को कहा गया है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपरिहार्य परिस्थितियों में ही शटडाउन लेने को कहा गया है।
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यूपी: पहले दिन सहमति पत्र लेकर स्कूल पहुंचे बच्चे, शिक्षकों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ली क्लास, तस्वीरें

यूपी में सोमवार से सात महीने बाद कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूल खुल गए हैं। पहले दिन बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। कई जिलों में क्लासरूम लगभग खाली ही नजर आ रहे थे। रायबेरली में बच्चों के स्कूल के अंदर प्रवेश से पहले उनसे सहमति पत्र लिया गया जिसमें अभिभावकों ने लिखकर दिया था कि उन्हें पूरे एहतियात के साथ अपने बच्चों को स्कूल भेजने में कोई दिक्कत नहीं है।

पहले दिन बच्चों को थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन के बाद क्लासरूम में जाने दिया गया। इस दौरान स्कूल प्रबंध ने ख्याल रखा कि बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग में रहें। शिक्षकों ने खुद भी इस प्रोटोकॉल का पालन किया।

वहीं, लंबे समय बाद स्कूल पहुंचे बच्चे काफी खुश नजर आए। हालांकि, उन्हें एक जगह पर भीड़ लगाने की इजाजत नहीं थी। स्कूलों में प्रवेश के लिए भी मेन गेट के पास गोले बनाए गए थे।
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754 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में सीबीआई ने बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी के ठिकानों पर छापेमारी, ये हैं नामजद

सीबीआई ने सोमवार को बैंक से लोन लेकर धोखाधड़ी करने के मामले में गंगोत्री इंटर प्राइजेज कंपनी के निदेशकों के ठिकानों पर छापे मारे हैं। यह कंपनी बसपा के गोरखपुर की चिल्लूपार सीट से मौजूदा विधायक विनय शंकर तिवारी की बताई जा रही है। सीबीआई की टीम ने विनय तिवारी के लखनऊ आवास और कंपनी के कार्यालय के अलावा नोएडा में छापे मारे। इस दौरान कई अहम दस्तावेज सीबीआई अपने साथ ले गई है। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि बैंक आफ इंडिया की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी कि गंगोत्री इंटरप्राइजेज लिमिटेड के अधिकारियों ने बैंक को 753.24 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज के सहारे बैंक से क्रेडिट लिया और फिर उस पैसे का इस्तेमाल दूसरी जगह किया गया।

प्रवक्ता ने बताया कि उक्त कंपनी के महानगर स्थित कार्पोरेट आफिस है। यह कंपनी सड़कों के निर्माण, पुल और ओवर ब्रिज बनाने का काम करती है। कंपनी ने इसी तरह के काम के नाम पर बैंक से क्रेडिट लिया था। सूत्रों का कहना है कि इन पैसों को दूसरी कंपनी में डायवर्ट कर हेराफेरी की गई। इस धोखाधड़ी में गंगोत्री इंटरप्राइजेज के अलावा रायल एंपायर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड व कंदर्प होटर इंटरप्राइजेज भी शामिल हैं।

फर्जी दस्तावेज भी मिले
सूत्रों का कहना है कि छापे के दौरान विनय तिवारी और अजीत के ठिकानों से सीबीआई को कई अहम दस्तावेज भी मिल हैं। इसमें कुछ फर्जी दस्तावेज भी शामिल है। सीबीआई इन दस्तावेजों की छानबीन करने के लिए अपने साथ ले गई है।

इनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
इस मामले में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, दिल्ली में एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में विजय शंकर तिवारी के अलावा उनकी पत्नी रीता तिवारी और अजीत पांडेय को भी नामजद किया गया है। रीता तिवारी रायल एम्पायर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक है।

हरिशंकर तिवारी के बेटे हैं विनय
विधायक विनय तिवारी गोरखपुर के बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के लड़के हैं। हरिशंकर तिवारी की एक समय पूरे पूर्वांचल में तूती बोलती थी।
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अपने ही अफसरों को नहीं तलाश पा रही यूपी पुलिस, एसटीएफ की ली जा सकती है मदद

प्रदेश के दो वांछित आईपीएस अधिकारियों को पुलिस तलाश नहीं पा रही है। एक अफसर भ्रष्टाचार में तो दूसरा आपराधिक मामले में वांछित है। एक को कोर्ट ने राहत देने से मना कर दिया है और दूसरे को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने गैरजमानती वारंट हासिल कर रखा है। अगर जल्द इन अफसरों की गिरफ्तारी में पुलिस नाकाम रहती है तो एसटीएफ की मदद ली जा सकती है।

आईपीएस अफसर अरविंद सेन पर पशुधन विभाग के नाम पर हुई ठगी में अभियुक्तों का साथ देने का आरोप है। इस पर शासन ने अरविंद को निलंबित कर दिया और उन्हें मौका दिया गया कि वे न्यायालय से अपने पक्ष में कोई फैसला करा लें। उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया भी और उन्हें 15 अक्तूबर तक फौरी राहत मिली भी, जो अब खत्म हो चुकी है। मियाद बीतने के बाद से पुलिस उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है, लेकिन वे पकड़ से दूर हैं।

 इसी तरह महोबा के एसपी रहते हुए मणिलाल पाटीदार क्रशर व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में वांछित हैं। यह घटना हुए एक माह से ज्यादा हो गए, लेकिन पाटीदार की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ भी दोनों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। लेकिन आईपीएस अफसरों का मामला होने से कोई भी कुछ बोलने से बच रहा है।
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लखनऊ वन सिटीजन एप लांच, हाउस टैक्स जमा करने सहित शिकायतें भी घर बैठे कर सकेंगे

नगर निगम से जुड़ जनसमस्याओं के त्वरित निस्ताण को लेकर नगर निगम ने लखनऊ वन सिटीजन एप शुरू कर दिया है। सोमवार को नगर निगर विकास मंत्री ने एप सुविधा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एप से शहरवासी घर बैठे ही शिकायत दर्ज कर सकेंगे। उन्हें इधर उधर दौड़ना नही पड़ेगा। निदेशक स्थानीय निकाय कार्यालय में उसको लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें महापौर संयुक्ता भाटिया, सचिव नगर विकास अनुराग यादव और नगर आयुक्त अजय द्विवेदी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

एप से मिलने वाली सुविधाओं के बावत नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि एप पर गृहकर जमा करने की सुविधा भी दी गई है। एप के जरिए शहरवासी सड़क, सफाई, मार्ग प्रकाश, मृत पशु निस्तारण, सीवर, पेयजल और पार्क आदि से संबंधित शिकायतों को दर्ज कर सकेंगे। एप पर  दर्ज होने वाले शिकायतों के निस्तारण के लिए एक अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां पर एक अलग टीम नियुक्त की गई है। एप पर आने वाले शिकायतों संबंधित अधिकारियों को आटोमैटिक ट्रांसफर हो जाएंगी और शिकायत कर्ता को भी जानकारी चली जाएगी। निस्तारण के बाद उसकी रिपोर्ट भी शिकायत कर्ता को प्रमाण के साथ दी जाएगी। एप आने वाले शिकायतों की निगरारी अधिकारी किसी भी  समय कर सकेंगे।

यह सेवाएं भी एप पर
नगर आयुक्त बताया कि चार कैटगिरी बनाई गई है उनमें नगर निगम से संबंधित , मेरे आसपास, हेल्प लाइन और स्मार्ट सिटी शामिल हैं। इनके जरिए आसानी से से शिकायत कर्ता संबंधित कैटगिरी पर जाकर जरूरत के हिसाब से आप्शन सेलेक्ट कर सकता है। मेरे आसपास आप्शन में नगर में संचालित 180 सामदुुयिक केंद्र, 189 सार्वजकिन शौचालय, होटल, अस्पताल, स्कूल, पार्क, एटीएम व यातायात सबंधी जानकारी की जानकारी मिलेगी। हेल्प् लाइन आपप्शन पर एंबुलेंस सेवा, महिला सहायता, नगर निगम कॉल सेंटर व आपात सेवाओं के नंबर मिलेंगे। इसी तरह स्मार्ट सिटी आप्शन पर आय-जाति व निवास प्रमाण पत्र से संबंधित किए गए आवेदन की जानकारी, ई वाहन और ई अस्पताल की जानकारी मिल सकेगी।

एप का उपयोग करने वालों को गृहकर में  छूट का विचार
नगर आयुक्त ने बताया कि एप उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महापौर ने गृहकर में तीन से दस प्रशितत तक छूट दिए जाने का सुझाव दिया है। जिस पर आवश्यक कार्यवाही कर आगे अमल किया जाएगा।
 
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