विज्ञापन
विज्ञापन
दीर्घकाल से चल रहें मुकदमें होंगे समाप्त, आज ही बुक करें कामाख्या देवी मंदिर में विजय दशमी की विशेष पूजा !
Navratri Special

दीर्घकाल से चल रहें मुकदमें होंगे समाप्त, आज ही बुक करें कामाख्या देवी मंदिर में विजय दशमी की विशेष पूजा !

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

अमेरिका में रिसर्च छोड़कर वापस आए डॉ संदीप, बच्चों को विज्ञान के प्रति कर रहे जागरूक

डॉ. संदीप सिंह अमेरिका में पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च छोड़कर वापस अपने देश आ गए हैं और ग्रामीण बच्चों को विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

13 अक्टूबर 2020

विज्ञापन
Digital Edition

लखनऊ विकास प्राधिकरण के वीसी हटाए गए, डीएम संभालेंगे पदभार

उप्र सरकार ने अचानक एक अहम फैसला लेते हुए एलडीए वीसी शिवाकांत दिवेदी को उनके पद से हटा दिया। उनकी जगह डीएम लखनऊ को यह जिम्मेदारी दी गई है। डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश लखनऊ डीएम के साथ एलडीए वीसी का भी पद संभालेंगे।
 
गौरतलब है कि शिवाकांत द्विवेदी को इसी साल जनवरी की शुरुआत में एलडीए का वीसी बनाया गया था। पीसीएफ निदेशक पद से उन्हें पूर्व वीसी प्रभु एन सिंह की जगह लाया गया था। शिवाकांत द्विवेदी प्रोन्नत आईएएस अधिकारी हैं। शासन द्वारा उनको हटाये जाने के पीछे एलडीए के मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफ़ज़ाल अंसारी के अवैध कब्जों को हटवाने में रवैया उचित नहीं माना जा रहा है। इसके अलावा एलडीए में कामों को लेकर धीमी गति से भी शासन खुश नहीं था, ऐसी चर्चा है।
... और पढ़ें
DM Abhishek Prakash Neलिया LDA वीसी का चार्ज DM Abhishek Prakash Neलिया LDA वीसी का चार्ज

तोहफा : यूपी से बिहार के लिए शुरू हुई बस सेवा 

उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने दीपावली से पहले यूपी से बिहार के बीच बस सेवा शुरू कर लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। निगम ने बृहस्पतिवार को राजधानी के आलमबाग बस अड्डे से गया के लिए बस सेवा का शुभारंभ कर दिया। इसके साथ ही जल्द ही गोरखपुर समेत पांच जिलों से बिहार के लिए 85 बसें चलायी जाएंगी। इसके लिए रूट, समय सारणी और किराए को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि अभी इसमें कुछ संशोधन की संभावना है।
 
मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) पीआर बेलवारियार के अनुसार, दोनों राज्यों से अनुमति मिलने के बाद बस संचालन का खाका तैयार कर लिया गया है। किराए और परमिट पर समझौता होने के बाद संचालन पर सहमति बन गई है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर क्षेत्र से छपरा, सिवान, मोतिहारी, रक्सौल, पटना, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर व गोपालगंज, वाराणसी से डेहरी, भभुआ, बक्सर, गया, पटना, औरगांबाद, आजमगढ़ से बक्सर वाया फेफना, बयानी, बलिया से छपरा और गाजियाबाद से पटना, किशनगंज, नालंदा व बक्सर के लिए बसें चलायी जाएंगी।

लखनऊ से गया तक किराया 685 रुपये 
चारबाग डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय ने बताया कि बृहस्पतिवार को बिहार के गया वाया औरंगाबाद के लिए साधारण सेवा की बस का शुभारंभ किया गया है। आलमबाग से एक यात्री का किराया 685 रुपये तय किया गया है। कुछ दिन बाद इसमें मामूली संशोधन भी हो सकता। बस रोज सुबह साढ़े आठ बजे चलेगी और 606 किलोमीटर की दूरी तय कर रात नौ बजे गया पहुंचेगी। 
... और पढ़ें

अयोध्या से होगी यूपी की खूबियों की ब्रांडिंग, सरकार की ये है रणनीति

देशी पर्यटकों के लिहाज से यूपी देश का सबसे पसंदीदा स्थल बन चुका है। अगले कुछ वर्षों में इसका शुमार देश ही नहीं दुनिया के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में होने लगेगा। इसमें सर्वाधिक अहम भूमिका अयोध्या की होगी। देश-दुनिया में भगवान श्रीराम की स्वीकार्यता के मद्देनजर भव्य राम मंदिर और दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम की प्रतिमा बनने के साथ अयोध्या दुनिया में रामभक्तों और अन्य लोगों का आस्था का केंद्र बनेगा।

राज्य सरकार अयोध्या से पूरी दुनिया में यूपी की खूबियों की ब्रांडिंग का खाका तैयार करने में जुटी है। इसके लिए एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना बनाई गई है। अयोध्या आने वाले श्रीराम का दर्शन करें, साथ ही यूपी की खूबियों, यहां के हस्तशिल्प और कला की संपन्न विरासत से वाकिफ  हों, इसके लिए वहां बनने वाली नव्य अयोध्या के सभी राज्यों और विदेशों के अतिथिगृह के भूतल पर ओडीओपी के शोकेस (प्रदर्शनी) लगेंगे।

हाल ही में हुई पर्यटन विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि नव्य अयोध्या में बनने वाले सभी राज्यों के अतिथि गृहों के भूतल पर एमएसएमई विभाग की ओर से अनिवार्य रूप से ओडीओपी के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए। सूत्रों के  अनुसार अतिथिगृहों के निर्माण की मंजूरी देते समय ही शर्तों में इसका प्रावधान किया जाएगा।
... और पढ़ें

तस्वीरें: अयोध्या में तीन शताब्दी पहले शुरू हुई थी रामलीला की परंपरा, इन्होंने रखी थी नींव, दूर-दूर से आते थे लोग

कार ने राशन की दुकान में मारी टक्कर
रामनगरी में रामलीला मंचन की परंपरा तीन शताब्दी पहले शुरू हुई थी। इसे ही रामलीला का उद्गम स्थल माना जाता है। अब यह रामलीला विश्व के करीब 70 देशों में प्रचलित है। अपने उद्गम स्थली में ही अयोध्या की रामलीला का क्रेज कम होता जा रहा है। राजेंद्र निवास स्वर्गद्वार में अयोध्यास्थ रामलीला महोत्सव समिति द्वारा रामलीला मंचन कराने की परंपरा अयोध्या में रामलीला मंचन को जिंदा रखने में कामयाब दिखती है। भगवदाचार्य स्मारक सदन की लीला भी इस वर्ष बंद हो चुकी है तो वहीं कोरोना के चलते अयोध्या शोध संस्थान द्वारा वर्ष 2004 से चल रही अनवरत रामलीला भी 6 माह से बंद पड़ी है। हालांकि इस वर्ष फिल्मी कलाकारों की लीला जरूर आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भगवान राम के चरित्र का लीला मंचन कब शुरू हुआ इसका अनुमान लगाना कठिन है लेकिन अयोध्या में रामलीला मंचन की परंपरा लगभग तीन शताब्दी पूर्व शुरु हुई थी। 



 
... और पढ़ें

लखनऊः महिला ने सैनेटाइजर डालकर लगाई आग, मौत, ये थी वजह

लखनऊ के अलीगंज में त्रिवेणी नगर इलाके में महिला ने खुद पर सैनेटाइजर डाल कर आत्मदाह कर लिया। एसीपी अलीगंज के मुताबिक महिला का नाम अंकिता दीक्षित है। रविवार को पारिवारिक कलेश के चलते उसने सैनेटाइजर डाल कर आग लगा ली। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया।

जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद अंकिता के पिता ने शुक्रवार को स्थानीय थाना में ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने अंकिता के पति मनीष दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस  बाकी ससुराल वालों की तलाश कर रही है। एसीपी के मुताबिक अंकिता की चार साल की एक बेटी है।
... और पढ़ें

सुल्तानपुर: सांसद मेनका गांधी ने महिला हेल्प डेस्क का किया शुभारंभ, बताए ये फायदे

सुल्तानपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद मेनका गांधी ने अपने दौरे के तीसरे दिन शुक्रवार को मिशन शक्ति अभियान के तहत कोतवाली नगर में स्थापित महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया। महिला हेल्प डेस्क पर चौबीसों घण्टे महिला सिपाही मुस्तैद रहेंगी। महिलाओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।

इस दौरान सांसद ने जिलाधिकारी से महिलाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग शुरू करने की बात कही। कहा कि महिलाओं के  हाथ में पैसा आने से वे स्वावलंबी और शक्तिशाली बनेंगी। इस मौके पर विधायक सीताराम वर्मा,  जिलाधिकारी रवीश गुप्ता व पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
 
... और पढ़ें

आज फैसला नहीं तो दीवाली तक बोनस का इंतजार 

केंद्र ने अपने कर्मचारियों के लिए दशहरा त्योहार से पहले बोनस का एलान कर दिया लेकिन प्रदेश के कर्मचारियों को बोनस देने पर अभी फैसला बाकी है। दशहरे से पहले केवल एक कार्यदिवस बाकी है। ऐसे में बोनस पर निर्णय दीवाली के आसपास ही होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रदेश सरकार अराजपत्रित कर्मचारियों को कभी दशहरा व कभी दीवाली के पहले बोनस देती रही है। इस बार केंद्र ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सुस्त पड़े बाजार में खरीदारी बढ़ाने के लिए दशहरा त्योहार के पहले ही बोनस का एकमुश्त भुगतान का एलान किया है। उम्मीद की जा रही थी कि प्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार की तरह अपने कर्मचारियों के बोनस का भुगतान दशहरा से पहले कर देगी। कर्मचारी दशहरे से पहले ही केंद्र की तरह बोनस का पूरा नकद भुगतान चाहते हैं।

पर, शासन स्तर पर बृहस्पतिवार को इस संबंध में कोई फैसला नहीं हो पाया। अब शासन स्तर पर दशहरा से पहले केवल शुक्रवार एक ही कार्यदिवस बाकी है। ऐसे में यदि शुक्रवार को भी इस पर फैसला नहीं हुआ तो कर्मचारियों को दीवाली तक बोनस का इंतजार करना पड़ सकता है। बोनस के दायरे में समूह घ, ग के सभी तथा समूह ख के अराजपत्रित कर्मी आते हैं। प्रदेश में करीब 14.24 लाख कर्मचारियों को एक माह का बोनस मिलता है। बोनस भुगतान पर करीब 967 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च आता है।

पूरा बोनस नकद दें या कम, इस निर्णय पर नजर
प्रदेश के वित मंत्री सुरेश कुमार खन्ना बोनस भुगतान का पहले ही स्पष्ट संकेत कर चुके हैं। लेकिन यह तय होना बाकी है कि इसका भुगतान केंद्र सरकार की तरह दशहरा के पहले हो या दीवाली से पहले। इसके अलावा यह भी बड़ा निर्णय होना है कि कर्मचारियों को बोनस का पूरा एकमुश्त भुगतान किया जाए या पूर्व की तरह दो तिहाई हिस्सा जीपीएफ में व एक तिहाई नकद दिया जाए अथवा कोई अन्य फॉर्मूला तय किया जाए।

पिछले वर्ष एक चौथाई हिस्सा ही मिला था नकद
तदर्थ बोनस के रूप में एक महीने के वेतन के रूप में अधिकतम 7000 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। सरकार 30 दिन की परिलब्धियां 6908 रुपये मानकर भुगतान करती है। पिछले कई वर्ष से सरकार बोनस का कुछ हिस्सा जीपीएफ में जबकि कुछ नकद देती रही है। पिछले साल बोनस का 75 प्रतिशत हिस्सा जीपीएफ में व 25 प्रतिशत नकद भुगतान किया गया था।

 
... और पढ़ें

बच्चों पर नई बीमारी का खतरा, बुखार समेत दिखाई दें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

कोरोना के प्रकोप के बीच अब मासूमों पर नया खतरा मंडरा रहा है। देश में पीडियाट्रिक मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस) ने दस्तक दे दी है। कोविड-19 की चपेट में आने वाले बच्चों में इसका खतरा ज्यादा दिख रहा है। इसके चलते ऐसे बच्चों की देखभाल बेहद सावधानी से करने की जरूरत है।

दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, मुंबई सहित कई महानगरों में केस मिलने के बाद से राजधानी के बाल रोग विशेषज्ञ भी सतर्क हैं। भारतीय बाल रोग एकेडमी ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इस बीमारी के लक्षण भी कुछ हद तक कोरोना से मिलते-जुलते हैं। 

राजधानी में अब तक करीब तीन हजार बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। ये ठीक होकर घर लौट चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घर जाने के बाद यदि बच्चों के अंगों में सूजन, तेज बुखार, उल्टी और सांस लेने में समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि ये लक्षण मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम के हैं। सामान्य बच्चों में भी ये लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में उनकी भी निगरानी करने की जरूरत है।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X