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सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस जन्माष्टमी मथुरा में कराएं राधा-कृष्ण युगल पूजा, 24 अगस्त को
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14 अगस्त 2019

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लखनऊ

गुरूवार, 22 अगस्त 2019

यूपी: अवध के जिलों में काल बनी बारिश, एक ही परिवार के तीन लोगों समेत नौ की मौत

अवध के जिलों में मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने नौ लोगों को जान ले ली। इनमें किसी की मौत बिजली गिरने तो किसी की दीवार व मकान ढहने से हुई।

सबसे ज्यादा नुकसान रायबरेली और अमेठी में हुआ। यहां एक ही परिवार के तीन लोगों समेत छह लोगों की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गये। फुरसतगंज के ब्रह्मनी गांव में पक्के मकान का बरामदा बुधवार भोर भरभराकर ढह गया।

मलबे में दबकर किसान कमलाकर सिंह की मां सरस्वती सिंह (75), बेटी बीना (30), पोता राज (15) पुत्र बृजेंद्र सिंह की मौत हो गई। जबकि कमलाकर और उसकी नातिन गौरी (4) घायल हो गईं। ऊंचाहार के चडनई गांव में छप्पर गिरने से छोटेलाल (22) की मौत हो गई। यहीं के भदोखर के राजापुर गांव में छप्पर ढहने से गुरुचरन (60) की मौत हो गई। परशदेपुर के सुरैय्या मुवक्किलपुर गांव में छप्पर गिरने से पार्वती (60) की मौत हो गई।
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महिलाओं की पसंद बन रही ‘अंतरा’, पूरी तरह सुरक्षित, इन लेडीज पर भी नहीं पड़ता दुष्प्रभाव

लखनऊ में चौक निवासी सबीना (बदला नाम) निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। वह एक बच्चे की मां हैं और दूसरा नहीं चाहती हैं। पति ने सास से बात करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नसबंदी नहीं कराई जा सकती है। ऐसे में सबीना ने विकल्प के रूप में ‘अंतरा’ को चुना।

इसके बारे में वह साथी शिक्षिका से सुन चुकी थीं। सबीना ने अवंतीबाई महिला चिकित्सालय में यह गर्भनिरोधक इंजेक्शन लगवाया। हर तीसरे माह वह इंजेक्शन लगवाती हैं। उन्हें कोई समस्या नहीं है। सबीना की तरह तमाम महिलाएं अंतरा को पसंद कर रही हैं। राजधानी में इसका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है।

दिसंबर 2018 में गर्भनिरोधक के रूप में अंतरा इंजेक्शन की शुरुआत हुई। इसमें न अस्पताल में देर तक रुकने की जरूरत पड़ती है और न ही रोज-रोज दवा खाने का झंझट है। घूमने के लिए निकलते वक्त भी यह इंजेक्शन लगवाया जा सकता है। यह राजधानी के सभी महिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है।
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बेकाबू ट्रक ने कार को मारी टक्कर, मां-बेटे की मौत, परिवार के तीन अन्य सदस्य की हालत नाजुक

काकोरी के मोहान रोड पर मंगलवार को ट्रक की टक्कर से कार सवार मां हुसैन जहां (60) व बेटे कमाल अहमद (45) की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उनकी हालत नाजुक है। वहीं ट्रक चालक मौके से भाग गया है।
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यहां देखें, योगी के 56 सदस्यीय मंत्रिमंडल का जातीय गणित, किस जाति को कितना प्रतिनिधित्व

लगभग 28 महीने बाद योगी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये कहीं न कहीं जातीय समीकरणों को दुरुस्त करने के साथ उन्हें संदेश देकर साधे रखने की भी कोशिश की गई है। ब्राह्मण और वैश्यों का प्रतिनिधित्व बढ़ाकर अगड़ों को महत्व देने का संदेश तो दिया ही गया है, पहली बार गुर्जर, गड़रिया, जाटव और कहार को प्रतिनिधित्व देकर इन जातियों की भी नाराजगी दूर करने का प्रयास हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में गुर्जर और कश्यप समाज के लोग रहते हैं।

कुर्मी और जाटों के साथ पिछड़ों और अनुसूचित जातियों का प्रतिनिधित्व बढ़ाकर भाजपा की चुनावी लड़ाई को 60 बनाम 40 बनाने को ही जमीन पर उतारा गया है। ऑपरेशन क्लीन के चलते विवादों में घिरे चेहरों को किनारे करने की कोशिशों को कुछ हद तक अमली जामा पहनाने के बावजूद ध्यान रखा गया है कि जातीय गणित गड़बड़ाने न पाए।

विस्तार के बाद 56 सदस्यीय मंत्रिमंडल में अगड़ों और पिछड़ों व अनुसूचित जाति के बीच 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी की रणनीति पर काम किया गया है। अब अगड़ी जातियों के 28 मंत्री हो गए हैं। पिछड़ी जातियों के 19, अनुसूचित जातियों के सात चेहरों के साथ एक सिख तथा एक मुस्लिम चेहरा यानी गैर अगड़े भी कुल 28 चेहरे ही मंत्रिमंडल में हैं।

अगड़ों में नौ ब्राह्मण, 8 ठाकुर, 5 वैश्य 2 भूमिहार, 3 खत्री और 1 कायस्थ हैं। पिछड़ों में 4 कुर्मी, 3 जाट, 2 लोध, 2 मौर्य तथा गुर्जर, गड़रिया, कहार, निषाद, नोनिया चौहान, सैनी, यादव व राजभर समाज का एक-एक चेहरा है।

अनुसूचित जाति से जीएस धर्मेश को शामिल कर पहली बार जाटव बिरादरी को प्रतिनिधित्व देने के साथ तथा इसी जिले की फतेहपुर सीकरी से विधायक जाट बिरादरी के चौधरी उदयभान को मंत्री बनाकर आगरा और आसपास के जातीय समीकरणों को और मजबूत बनाने की कोशिश की गई है। कमल रानी वरुण को लेकर पासी समाज की हिस्सेदारी बढ़ाकर भाजपा के परंपरागत मतदाताओं के बीच पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश की गई है।
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शपथ ग्रहण के दौरान विजय कश्यप के साथ योगी आदित्यनाथ। शपथ ग्रहण के दौरान विजय कश्यप के साथ योगी आदित्यनाथ।

अखिलेश यादव बोले, सरकार की नाकामियों से ध्यान बंटाने के लिए किया गया मंत्रिमंडल विस्तार

सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हर मोर्चे पर असफल होती भाजपा सरकार अधिकारियों के तबादले और कैबिनेट का विस्तार कर जनता का ध्यान बांटना चाहती है।

उन्होंने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि प्रदेश सरकार बने ढाई वर्ष हो गए हैं। अब मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व को पता चला कि उनके मंत्री अकर्मण्य हैं। बेकारी, महंगाई की मार से नौजवान, किसान, गरीब सभी परेशान हैं। महिलाओं और बच्चियों के साथ रोज दुष्कर्म हो रहे हैं।

हत्या, लूट से हाहाकार मचा है। भाजपा ने प्रदेश की छवि खराब कर उसे हत्या प्रदेश बना दिया। दुनिया भर में यूपी की बदनामी करा दी।
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ये हैं टीम योगी के 18 नए सदस्य, यहां देखें- ऐसा रहा इनका सियासी सफर

योगी कैबिनेट के पहले विस्तार में 18 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। इन सभी ने अपनी क्षमताओं से खुद को साबित किया है। जानें, इन मंत्रियों के बारे में:

कैबिनेट मंत्री
रामनरेश अग्निहोत्री : सपा के गढ़ में लगाई थी सेंध
रामनरेश अग्निहोत्री मैनपुरी के भोगांव से विधायक हैं। वह पहली बार 2017 में विधायक चुने गए। मैनपुरी सपा का गढ़ माना जाता है, जहां विधानसभा चुनाव में सेंध लगाने में अग्निहोत्री पूरी तरह से कामयाब रहे। विधायक बनने से पहले क्षेत्र में वे एक प्रतिष्ठित व्यापारी की पहचान बना चुके थे।

कमलरानी वरुण : दो बार लोकसभा सदस्य भी रह चुकी हैं
घाटमपुर (कानपुर) से विधायक कमलरानी वरुण 1996 और 1998 में लोकसभा सदस्य भी रह चुकी हैं। 61 वर्षीय कमलरानी ने कानपुर विश्वविद्यालय से एमए (समाजशास्त्र) किया। वे लोकसभा की श्रम कल्याण समेत विभिन्न समितियों में भी रह चुकी हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। ... और पढ़ें

अपना दल के आशीष को मंत्री न बनाकर योगी ने दिया दबाव में न आने का संदेश, इस नेता को बढ़ाया आगे

मंत्रिपरिषद के विस्तार में जातीय समीकरण साधने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह संकेत देने की भी कोशिश की है कि भाजपा अब सहयोगी दलों के दबाव में नहीं आएगी। इसके बजाय भाजपा अपने पिछड़े नेताओं को ही आगे बढ़ाएगी, उनके समाज में पकड़ मजबूत करेगी।

माना जा रहा है कि इस रणनीति के तहत सहयोगी अपना दल (एस) के एमएलसी व पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष सिंह पटेल को मंत्रिपरिषद विस्तार में स्थान नहीं मिल पाया है।
 
मंत्री बनाए जाने वालों में आशीष के नाम की चर्चा तो जरूर थी, लेकिन वास्तविकता यह है कि उनके नाम पर सरकार और भाजपा संगठन ने विचार ही नहीं किया था। लोकसभा चुनाव से पहले जिस तरह अपना दल (एस) की संरक्षक अनुप्रिया पटेल ने केंद्र में और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश सरकार में मंत्री होने के बाद भी भाजपा नेतृत्व पर दबाव बनाकर अपनी बात मनवाने की कोशिश की थी, उसके मद्देनजर भाजपा नेतृत्व ने तय किया है कि पार्टी के ही काडर कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाए।
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मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री योगी ने की प्रेस कांफ्रेंस, कही ये बातें

यूपी में भाजपा सरकार बनने के दो साल पांच महीने बाद बुधवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। मंत्रियों को राजभवन में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल संग एनेक्सी में बैठक की और उनके साथ सरकार के कामकाज पर चर्चा की।

इसके बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले करीब ढाई वर्षों में हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में विकास के लिए काम किया। केंद्र की योजनाओं में यूपी ने प्रथम स्थान अर्जित किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यूपी में सबसे ज्यादा घर बनाए गए। एक करोड़ से ज्यादा बिजली कनेक्शन दिए गए। कुंभ का सफल आयोजन किया गया। प्रवासी भारतीय सम्मेलन हुआ।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश की छवि बदली है। अब बड़ी संख्या में निवेशक प्रदेश आ रहे हैं और उद्योग लगाने की पहल कर रहे हैं। विकास को लेकर राज्य के किसी भी नागरिक से कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार विपक्ष के निशाने पर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम इस पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं, किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। हम उनकी आय दोगुनी करने के लिए काम कर रहे हैं।
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योगी मंत्रिमंडल में महिलाओं की संख्या घटी, अब सिर्फ चार मंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद प्रदेश सरकार में अब महिलाओं की भागीदारी घटकर चार हो गई है। मार्च 2019 में मंत्रिमंडल गठन में डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, अनुपमा जायसवाल, स्वाति सिंह, अर्चना पांडेय और गुलाबो देवी को मंत्री बनाया गया था।

लोकसभा चुनाव में प्रयागराज से सांसद निर्वाचित होने के बाद डॉ. जोशी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मंगलवार को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल और भूतत्व एवं खनिकर्म राज्यमंत्री अर्चना पांडेय से इस्तीफा ले लिया गया।

इसके बाद बुधवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में कमला रानी वरुण को कैबिनेट मंत्री, जबकि भाजपा की प्रदेश महामंत्री नीलिमा कटियार को राज्यमंत्री बनाया गया है। कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह और गुलाबो देवी पहले से मंत्रिमंडल में शामिल हैं।
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योगी कैबिनेट में 18 नए चेहरे, कुल 23 मंत्रियों ने ली पद व गोपनीयता की शपथ, तस्वीरें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिपरिषद के पहले विस्तार में 18 नए चेहरों को अपनी टीम में शामिल किया है। साथ ही मौजूदा मंत्रिपरिषद के पांच सदस्यों को पदोन्नति मिली है। इनमें से चार को कैबिनेट मंत्री व एक को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। कैबिनेट मंत्री के रूप में दो, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में पांच तथा राज्यमंत्री के रूप में 11 नए चेहरों को योगी की नई टीम में जगह मिली है।

राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने छह कैबिनेट, छह राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व 11 राज्यमंत्रियों (कुल 23) को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन समेत सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

इन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में डॉ. महेंद्र सिंह, सुरेश राणा, अनिल राजभर, भूपेंद्र सिंह चौधरी, रामनरेश अग्निहोत्री, कमलरानी वरुण शामिल हैं। इनमें राम नरेश अग्निहोत्री व कमलरानी नया चेहरा हैं।

इन्हें बनाया गया राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
बतौर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शपथ ग्रहण करने वालों में डॉ. नीलकंठ तिवारी, कपिलदेव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, अशोक कटियार, श्रीराम चौहान, रविंद्र जायसवाल शामिल हैं।

11 विधायक बने राज्यमंत्री
राज्यमंत्री के रूप में अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ला, डॉ. गिर्राज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रामशंकर सिंह पटेल, अजित सिंह पाल और विजय कश्यप ने शपथ ली।


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योगी मंत्रिमंडल विस्तार: 18 नए मंत्री सरकार में शामिल, पांच का हुआ प्रमोशन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिपरिषद के पहले विस्तार में 18 नए चेहरों को अपनी टीम में शामिल किया है। मौजूदा मंत्रिपरिषद के पांच सदस्यों को पदोन्नति मिली है। इनमें से चार को कैबिनेट मंत्री व एक को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। जबकि कैबिनेट मंत्री के रूप में दो, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में पांच तथा राज्यमंत्री के रूप में 11 नए चेहरों को योगी की नई टीम में जगह मिली है।

अभी तक बतौर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्रिपरिषद में शामिल डॉ. महेंद्र सिंह, सुरेश राणा, भूपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर को प्रोन्नति देते हुए कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि राज्यमंत्री का पदभार संभाल रहे डॉ. नीलकंठ तिवारी को प्रोन्नति के बाद राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छह कैबिनेट, छह राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व 11 राज्यमंत्रियों (कुल 23) को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

यहां देखें- नए बनाए गए मंत्रियों का पूरा प्रोफाइल

राजभवन में बुधवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने पहले कैबिनेट, फिर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और इसके बाद राज्यमंत्रियों के नामों का एलान किया। इसके बाद सभी को बारी-बारी से शपथ ग्रहण के लिए बुलाया गया। समारोह में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन समेत सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। 

राजेश अग्रवाल व धर्मपाल समेत पांच मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर, सरकार ने देर रात जारी की अधिसूचना ... और पढ़ें

70 लाख सलाना चढ़ावा आने के बाद भी मुफलिसी का शिकार रामलला, साल में एक ही बार बनते हैं वस्त्र

रामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला भले ही करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र हों पर मुफलिसी उनका पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रही। पिछले 27 वर्षों से मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर में विराजमान रामलला को कभी परिधानों के लिए इंतजार करना पड़ता है तो कभी वहां बरसात का पानी टपकने लगता है।

यह स्थिति तब है जब रामलला का सालाना चढ़ावा 70 लाख रुपये है। इसके बावजूद खर्च के लाले पड़े हैं। रामलला के खाते में भी सवा दो करोड़ रुपये नकद व चार करोड़ की एफडी है। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि जितना धन ठाकुर जी की पूजा व्यवस्था के लिए मिलता है वह नाकाफी है। जबकि सुरक्षा के नाम पर भी अब तक करोड़ों खर्च हो चुके हैं।

विवादित परिसर में स्थित रामलला की सुबह-शाम आरती होती है, भोग और शृंगार किया जाता है लेकिन, सालभर में सिर्फ एक ही बार उनके वस्त्र सिलवाए जाते हैं। हर दिन के हिसाब से सात वस्त्रों के दो सेट अलग-अलग रंगों के होते हैं। हर एक रंग के वस्त्र, दुपट्टा, बिछौना और पर्दे का सेट 11 मीटर कपड़े से तैयार किया जाता है।

अगर किसी वजह से वस्त्र फट जाएं तो इन्हें बदलने और उसका खर्च उठाने के लिए कमिश्नर से अनुमति लेनी पड़ती है। पुजारी के मुताबिक, रामजन्मभूमि मंदिर में औसत करीब 6 लाख रुपये मासिक चढ़ावा आता है लेकिन मंदिर की व्यवस्था के लिए प्रतिमाह 93 हजार रुपये मिलते थे। इसमें प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास को रामलला की सेवा के लिए 13 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक मिलता है।

मंदिर की व्यवस्था में 8 अन्य सहयोगी हैं। इनमें 4 सहायक पुजारी और 4 कर्मचारी हैं। सबके वेतन भी अलग-अलग हैं। इस बार विवादित परिसर के रिसीवर, मंडलायुक्त ने मासिक खर्च में करीब नौ हजार की वृद्धि की है जिसके बाद अब प्रतिमाह एक लाख रुपये मिलने लगेंगे।
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एटीएम बूथ के अंदर कार्ड बदलकर निकाले २४हजार

एटीएम बूथ में मदद का झांसा दे कार्ड बदलकर महिला के खाते से निकाले 24 हजार रुपये
सरोजनीनगर इलाके में एयरपोर्ट वीआईपी तिराहे के पास एक्सिस बैंक के एटीएम बूथ में मदद का झांसा देकर दो जालसाजों ने जुबैदा बानो का कार्ड बदल लिया।
इसके बाद 24 हजार रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर मेसेज आने के बाद पीड़िता ने थाने पर तहरीर दी। पुलिस बूथ के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
बंथरा कस्बा निवासी दोस्त मोहम्मद की पत्नी जुबैदा बानो के मुताबिक, उनका बचत खाता कानपुर रोड, बाग नंबर-2 स्थित यूनियन बैंक में है।
बुधवार दोपहर वह एक्सिस बैंक के एटीएम पर बूथ पर रुपये निकालने गई थी। जैसे ही उन्होंने मशीन में कार्ड लगाया वैसे ही दो अज्ञात युवक पहुंचे।
उनमें से एक बूथ के बाहर दरवाजे के पास खड़ा रहा। जबकि दूसरा युवक अंदर आ गया और मदद का झांसा देकर एटीएम कार्ड ले लिया।
कई बार कोशिश के बावजूद भी जब रुपया निकला तो दोनों युवक चले गए। कुछ देर बाद ही जुबैदा के मोबाइल पर 24 हजार रुपये निकलने का मेसेज आया तो होश उड़ गए। बैंक में जाने पर पता चला कि एटीएम कार्ड बदल लिया गया है। ... और पढ़ें

लेसा की बिजली चोरीः 100 रुपये की बिजली बेच कर वसूल रहे 35 रुपये

लेसा में सप्लाई की एक तिहाई बिजली चोरी, लेसा सिस गोमती में 65 फीसदी लॉसेस के जिम्मेदार इलाकाई इंजीनियर डटे
यूपी पावर कॉर्पोेरेशन लेसा के सिस एवं ट्रांसगोमती जोन को हर माह जितनी बिजली सप्लाई करता है, उसकी एक तिहाई चोरी हो रही है।
यह चुनिंदा खंडीय इलाकोें में हो रहा है। ऐसे खंडों का एग्रीगेट टेक्निकल कॉमर्शियल लॉसेस (एटीएंडसी लॉसेस) 65 फीसदी तक है, पर इसमें बिजली चोरी के आंकड़े का कोई जिक्र नहीं है। बल्कि इसे समग्र तकनीकी वाणिज्यिक क्षति का नाम दिया गया है।
उधर, जिन इलाकाई इंजीनियरों की लापरवाही से पावर कॉर्पोरेशन की रकम डूब रही है, वे सभी डटे हैं। बड़े अफसरों ने कई को लेसा से बाहर स्थानांतरित करने की संस्तुति की, पर कुछ नहीं हुआ।
सबसे खराब हालात सेस खंड-दो मोहान रोड, सेस खंड-चार मलिहाबाद, सेस खंड-तीन मोहनलालगंज, चौक और अपट्रॉन खंडों के हैं।
हालांकि, सर्किल-चार के अधीक्षण अभियंता डीके त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें एक माह ही जिम्मेदारी संभाले हुआ और बिजली चोरी पर अंकुश लगाने को अभियान शुरू कराया है।
वहीं, वृंदावन खंड, जिसमें कोई ग्रामीण इलाका नहीं है, वहां भी 41 फीसदी बिजली चोरी, तकनीकी, वाणिज्यिक क्षति है।
यहां चोरी हो रही बिजली
उपकेंद्र के सूत्रों ने बताया कि सेस खंड दो एवं तीन में बहुमंजिला वाणिज्यिक इमारतों में बिजली चोरी हो रही है।
इनमें एक से तीन किलोवाट के कनेक्शन दिखाने के लिए दिए और सीधे पोल से बिजली चोरी की जा रही है। ये इलाके पारा, मोहान रोड, काकोरी मोड़, सरोसा, आलमनगर, हरदोई रोड, दुबग्गा, मोहनलालगंज हैं। यहां प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
आंकड़ों का खेल
मुख्य अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता तक ऐसी बिजली चोरी पर पर्दा डालने को लाइन हानियों के आंकड़ों में खेल करते हैं। खंडीय इलाके में होने वाली बिजली चोरी को बड़े अभियंता तकनीकी लाइन हानि का नाम देते हैं। इनमें वाणिज्यिक हानि को शामिल कर उसे एग्रीगेट टेक्निकल कॉमर्शियल लॉसेस कहते हैं।
17 खंड की हानियां 38 फीसदी से नीचे
लेसा सिस एवं ट्रांसगोमती में 26 वितरण खंड हैं। इनमें 17 की हानियां 38 फीसदी से नीचे हैं। सबसे कम 13-13 फीसदी कानपुर रोड, रहीमनगर, महानगर की हैं। अधिकतर खंडों की लाइन हानियां 18 से 38 फीसदी के बीच हैं। 38 फीसदी हानि यूनिवर्सिटी खंड की है।
औसतन 38 फीसदी लोग भर रहे बिल
लेसा के ट्रांसगोमती के बीकेटी खंड में जुलाई में औसतन 100 उपभोक्ताओं के बिजली बिल जारी किए गए। इनमें से महज 38 लोगों ने इसे भरा। बीकेटी में जुलाई में कुल 63,344 उपभोक्ताआें के बिल बनाए गये, जिसमें से 24,045 ने बिल को जमा किया है। इस कारण यहां थ्रू रेट 4.51 रुपये प्रति यूनिट है।
लापरवाहों पर कार्रवाई होगी
प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ, संजय गोयल ने बताया कि बिजली चोरी, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों की समीक्षा चल रही है। जिन खंडों में 65 फीसदी तक हानियां है, वहां होने वाली बिजली चोरी के खिलाफ अभियान मुख्यालय की टीम से चलाया जाएगा। ... और पढ़ें
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