बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
20 जून से गुरु कुंभ राशि में चलेंगे उल्टी चाल, जानें 12 राशियों पर कैसा होगा प्रभाव
Myjyotish

20 जून से गुरु कुंभ राशि में चलेंगे उल्टी चाल, जानें 12 राशियों पर कैसा होगा प्रभाव

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

दिल्ली: तीसरी लहर पर केजरीवाल सरकार की तैयारी- 5000 हेल्थ असिस्टेंट को दी जाएगी ट्रेनिंग, करेंगे ये काम

दुनिया के कई देशों में आ चुकी तीसरी लहर और भारत में आने की प्रबल आशंका को लेकर दिल्ली सरकार इन दिनों मिशन मोड पर काम कर रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि तीसरी लहर से लड़ने के लिए दिल्ली सरकार 5000 हेल्थ असिस्टेंट को ट्रेनिंग देगी जो डॉक्टरों के साथ काम करेंगे।

केजरीवाल के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें-
  • दिल्ली को तीसरी लहर से बचाने की तैयारियां चल रही हैं।
  • पिछले कुछ दिनों में मैं कई अस्पतालों में गया जहां ऑक्सीजन के प्लांट लगाए जा रहे हैं, ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर की व्यवस्था, ऑक्सीजन स्टोरेज की व्यवस्था के साथ कई तरह की तैयारियां तीसरी लहर को लेकर चल रही हैं।
  • बीती लहरों में जिस तरह मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी हुई, वैसी तीसरी लहर में न हो इसके लिए एक योजना बनाई जा रही है।
  • इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने बहुत बड़ा और महत्वकांक्षी प्लान बनाया है, 5000 हेल्थ असिस्टेंट्स तैयार करने का। इन्हें टेक्निकल भाषा में कम्यूनिटी नर्सिंग असिस्टेंट्स कहते हैं।
  • 5000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी जो दो हफ्ते की होगी। यह ट्रेनिंग आईपी यूनिवर्सिटी दिलवाएगी।
  • इन लोगों को इसके बाद दिल्ली के नौ मेडिकल इंस्टीट्यूट में बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • ये 5000 ट्रेन्ड असिस्टेंट्स डॉक्टरों और नर्सों के सहायक के रूप में काम करेंगे, निर्णय लेना इनके हाथ में नहीं होगा। जो काम इन्हें डॉक्टर देंगे वो काम करेंगे।
  • इनको बेसिक नर्सिंग, लाइफ सेविंग, पैरामेडिक, फर्स्ट एड, होम केयर में ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • बेसिक चीजों की ट्रेनिंग दी जाएगी जैसे ऑक्सीजन कैसे नापते हैं, ब्लड प्रेशर कैसे नापते हैं, वैक्सीन कैसे लगाते हैं, पेशेंट केयर, डायपर चेंज करना, सैंपल कलेक्शन करना, कॉन्संट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर कैसे काम करता है, मास्क कैसे लगाना जैसे कामों में ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • इस तरह के असिस्टेंट होने से डॉक्टर आराम से काम कर सकेंगे और मरीजों की बेहतर देखभाल भी हो सकेगी।
  • हम इन पांच हजार लोगों को ट्रेन करके छोड़ देंगे फिर जब इनसे काम पड़ेगा तो इन्हें बुलाया जाएगा। जितने दिन इनसे काम कराया जाएगा उतने दिन की इन्हें सैलरी दी जाएगी।

क्या है प्रक्रिया और कौन कर सकता है ट्रेनिंग-
  • 17 जून से इसके लिए ऑनलाइन आवेदन दिया जा सकता है। 28 जून से ट्रेनिंग शुरू होगी।
  • 500-500 लोगों का बैच होगा जिसकी दो हफ्ते ट्रेनिंग होगी।
  • इस ट्रेनिंग के लिए 12वीं पास युवा योग्य हैं।
  • आवेदनकर्ताओं की उम्र 18 वर्ष या उससे ज्यादा होनी चाहिए। पहले आओ पहले पाओ (फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व) के आधार पर ट्रेनिंग होगी।
केजरीवाल ने आगे कहा कि इस पूरे कदम से दिल्ली को तीसरी लहर से लड़ने में बड़ी मदद मिलेगी। मैं प्रार्थना करता हूं कि दिल्ली में थर्ड वेव आए ही न लेकिन आती है तो हम इसका मुकाबला मजबूती के साथ करेंगे।

... और पढ़ें
अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

केंद्र के नए परिवहन कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट जा सकती है दिल्ली सरकार

पुराने वाहनों को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन आने के बाद दिल्ली सरकार ने कहा है कि इसे लेकर अगर उसे सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा तो वह जाएगी। दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि केंद्रीय ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है कि गाड़ी की डेट एक्सपायर होने के बाद भी अगर वह पूरी तरह से फिट है तो सड़क पर चलाई जा सकती है। लेकिन यह स्थिति दिल्ली के लिए अजीब स्थिति है।

कैलाश गहलोत ने आगे कहा कि, एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों की उम्र क्रमशः 10 और 15 साल होगी। जब ये साल पूरे हो जाते हैं तो वाहनों का रजिस्ट्रेशन अपने आप निलंबित हो जाता है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि, जनता के सवालों को ध्यान में रखते हुए हमने ट्रांसपोर्ट विभाग को निर्देश दिया है कि इस मामले में संज्ञान ले। अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली सरकार और ट्रांसपोर्ट मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट या एनजीटी में आवेदन डालेंगे ताकि वो केंद्र के कानून का निरीक्षण करें।



 
... और पढ़ें

ग्राउंड रिपोर्ट: पहले ही दिन महिलाओं-बच्चों ने किया ऐतिहासिक धरोहरों का दीदार

दिल्ली खुशमिजाज लोगों का शहर है, यहां के लोग सैर सपाटा करने में हमेशा आगे रहते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने बुधवार को अपने सभी स्मारकों और संग्रहालयों को आम लोगों के लिए खोल दिया। लोगों को इस बात की जानकारी हुई तो अपने बच्चों के साथ लोग ऐतिहासिक धरोहर स्थलों का दीदार करने के लिए घर से निकल पड़े।

बुधवार को इन जगहों पर भीड़भाड़ कम थी, लेकिन करीब सभी जगहों पर नौजवानों के अलावा औरतें और बच्चे भी घूमने के लिए पहुंचे हुए थे। अमर उजाला संवाददाता आदित्य पाण्डेय ने ऐसे ही कई ऐतिहासिक धरोहर स्थलों का जायजा लिया, पेश है रिपोर्ट।

पहले ही दिन युवाओं ने पुराने किले मे बिताया समय
स्थान : पुराना किला, मथुरा रोड
समय : दोपहर 1.00 बजे
दोपहर में पुराना किला घूमने के लिए करीब 50 लोग पहुंचे थे। प्रवेश द्वार के बाईं तरफ टिकल लेने के लिए दो क्यूआर कोड लगाए गए थे। यहां करीब दर्जनभर लोग टिकट लेने के लिए खड़े थे। क्यूआर कोड बोर्ड के सामने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए पीले निशान लगाए गए थे। यहां तैनात गार्ड लोगों को सामाजिक दूरी का पालन कराते भी नजर आए। स्कैन मशीन में लोगों का सामान स्कैन करने के बाद किले में प्रवेश कराया जा रहा था। गार्ड ने बताया कि एक बार सुबह आठ बजे और दोबारा दोपहर बारह बजे किले में सैनिटाइजेशन किया गया है। शाम को एक बार फिर से सैनिटाइजेशन किया जाएगा।

परेड ग्राउंड पार्किंग रोड से लाल किले में मिला प्रवेश
स्थान : लाल किला, पुरानी दिल्ली
समय : दोपहर 2.30 बजे
चांदनी चौक जाने वाले रास्ते का सौंदर्यीकरण अभी चल रहा है, इस कारण लाल किले के सामने वाले रोड पर आवागमन बाधित है। इस रोड पर दिल्ली गेट से पुरानी दिल्ली जाने वाली लेन बुधवार को खुली थी, पहले यह लेन बंद थी। दूसरी लेन में लाल किले के मुख्य द्वार के ठीक सामने निर्माण कार्य चल रहा था। इस लेन पर आवागमन बंद था। लाल किला जाने के सामने वाले रास्ते पर बैरीकेडिंग लगी थी। चांदनी चौक की साइड से देखने पर ऐसा लगा कि लाल किला बंद है। लेकिन पुलिस से बातचीत करने पर पता चला कि जामा मस्जिद के सामने वाले कट से परेड ग्राउंड पार्किंग में जाने का रास्ता खुला है। यहां जाने पर देखा कि लाल किला घूमने के लिए लोग पहुंचे हुए हैं। सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि दोपहर तक यहां करीब 50 लोग घूमने पहुंचे थे। 

बच्चों के साथ हुमायूं का मकबरा जाकर की मस्ती
स्थान : हुमायूं का मकबरा, मथुरा रोड
समय : शाम 3.30 बजे
युवाओं के साथ-साथ बच्चे और महिलाएं भी हुमायूं का मकबरा घूमने के लिए पहुंचे। भीड़भाड़ कम थी, लेकिन घास के हरेभरे मैदान में लोग परिवार के साथ बैठकर गपशप करते दिखाई दिए। लोगों ने मोबाइल फोन से सेल्फी और एक दूसरे की फोटो भी खींची। बड़े दिन बाद लोग हरेभरे पेड़ों और फूलों से रूबरू हुए तो इस पल को कैमरे में कैद करना चाहा। बच्चे और महिलाएं परिसर में स्थित फब्बारे के पास चहलकदमी करते भी दिखाई दिए। सीढ़ियों पर बैठकर लोगों को फोटो खिंचवाते भी देखा। यहां सबसे ज्यादा लोग मस्ती करते दिखाई दिए। संकेत अपनी छोटी बच्ची और पत्नी के साथ घूमने आए थे। उन्होंने बताया कि मौका मिला तो घूमने चले आए। पिछले दो साल से ऐसा माहौल बना है कि कोरोना के कारण कभी भी हालात खराब हो जाते हैं और सबकुछ बंद हो जाता है। बच्चे घर में रहकर ऊब चुके हैं।
... और पढ़ें

बुजुर्ग की दाढ़ी काटने का मामला: जांच में नहीं मिला धार्मिक एंगल, नौ पर एफआईआर दर्ज- एसएसपी

गाजियाबाद के लोनी में एक बुजुर्ग को बंधक बनाकर तीन घंटे तक पिटाई करने और उसकी दाढ़ी काटने के मामले में पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया है कि उनकी जांच में घटना का कोई धार्मिक एंगल नहीं मिला। ताबीज को लेकर आक्रोश के चलते आरोपियों  ने ये घटना की।

गाजियाबाद के एसएसपी अमित कुमार पाठक ने मामले के बारे मेें खुलासा करते हुए कहा कि मारपीट में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया गया है, बाकी लोगों के लिए हमारी टीमें प्रयास कर रही हैं।

एसएसपी पाठक ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर जो कंटेट प्रकाशित किया गया वो गैर-जिम्मेदाराना है। जिन लोगों ने जानबूझकर सोशल मीडिया पर अलग एंगल देने के लिए इसको छापा उसमें 7 लोगों, ट्विटर और ट्विटर इंडिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

एसएसपी के बयान के बाद सामने आया एडीजी का बयान
इस मामले में यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का भी बयान आया है। उन्होंने कहा, इस घटना को लेकर सोशल मीडिया में प्रभाव रखने वाले लोगों ने बिना किसी फैक्ट चेक के वीडियो ट्वीट किए। गाजियाबाद पुलिस को जांच में पता चला कि यह घटना पांच जून की है। आरोपी और पीड़ित दोनों एक दूसरे को जानते थे और यह आपसी रंजिश का मामला है।

एडीजी प्रशांत ने आगे बताया कि, अब्दुल समद सैफी जो ताबीज बनाने का काम करता है उसने आरोपी परवेश को भी ताबीज बेचा था। जब ताबीज से कोई फल नहीं मिला तो आरोपियों ने बुजुर्ग की पिटाई कर दी। 14 जून को मामले में केस दर्ज किया गया और दो लोगों की गिरफ्तारी हुई। एक की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी।

एडीजी ने बताया कि 15 जून को पुलिस ने स्पष्टीकरण दे दिया था कि यह आपसी रंजिश का मामला है। मामले में लिप्त दोनों पक्ष हिंदू और मुस्लिम थे। इसके बाद भी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरों ने अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया जिससे प्रदेश में सांप्रदायिक एकता को नुकसान पहुंचा। ट्विटर ने भी सांप्रदायिक ट्वीट्स को डिलीट करने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया। उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
... और पढ़ें

सागर हत्याकांड: पुलिस को मिली एक और सफलता, जूडो कोच सुभाष गिरफ्तार

गाजियाबाद के एसएसपी अमित पाठक
दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में मारपीट के बाद हुई सागर धनखड़ की मौत मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस ने इस हत्याकांड में सुभाष नाम के जूडो कोच को गिरफ्तार किया है। इस मामले में यह 11वीं गिरफ्तारी है। इस मामले में पुलिस पहले ही ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है, जो 25 जून तक न्यायिक हिरासत में है।

11 जून को भी गिरफ्तार हुआ था एक आरोपी
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने चार मई को छत्रसाल स्टेडियम में जूनियर पहलवान सागर धनखड़ हत्या मामले में 11 जून को पहलवान अनिरुद्ध(23) को गिरफ्तार किया था। आरोपी पहलवान पीड़ितों का शालीमार व मॉडल टाउन से अपहरण करने और छत्रसाल स्टेडियम में सागर व अन्य पीड़ितों के साथ मारपीट करने समेत हर वारदात में ओलंपियन सुशील कुमार के साथ था। अपराध शाखा ने सागर धनखड़ हत्या मामले में ये दसवीं गिरफ्तारी की।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार पहलवान अनिरुद्ध नाहरी, सोनीपत का रहने वाला है। वह भारत में सीनियर व जूनियर चैंपियनशिप में कई पदक जीत चुका है। सागर धनखड़ हत्या मामले की जांच कर रही अपराध शाखा की टीम को सूचना मिली थी कि अनिरुद्ध दिल्ली आएगा।

एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी, एसआई रॉबिन त्यागी व रजनीश की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी पहलवान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पहलवान पिछले करीब पांच-छह वर्षों से छत्रसाल स्टेडियम में रह रहा था। वह सुशील कुमार का खास है और उसे दाहिना हाथ कहा जाता है। 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में ये बात सामने आई है कि अनिरुद्ध सुशील कुमार के साथ हर वारदात में शामिल था। सुशील कुमार हथियार लेकर शालीमार बाग व मॉडल टाउन से पीड़ितों का अपरहण करके लाया था और फिर छत्रसाल स्टेडियम में लाकर उनकी पिटाई की। अनिरुद्ध सुशील कुमार के साथ हर पल साथ था। उसने फरारी के दौरान भी सुशील कुमार की मदद की थी। 
... और पढ़ें

बुजुर्ग की दाढ़ी काटने का मामला: कौन हैं वो नौ लोग जिनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज

बुलंदशहर के बुजुर्ग को बंधक बनाकर मारपीट करने व दाढ़ी काटने के मामले में पुलिस ने ट्विटर पर भी केस दर्ज किया है। आरोप है कि बिना सत्यता जाने घटना का वीडियो ट्विटर पर चला, यह ट्रेंड कर गया। पुलिस ने इस मामले में धार्मिक भावनाएं आहत करने की धारा लगाई है।

ट्विटर के साथ ही उन लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है, जिन्होंने घटना का बताया जा रहा वीडियो ट्वीट किया। आरोपियों में पत्रकार राणा अय्यूब व जुबैर शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों को भी ट्रेस कर रही है।

सोमवार को घटना की वीडियो वायरल हुई तो मंगलवार को पीड़ित की एक और वीडियो ट्विटर पर ट्रेंड कर गई। इसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पीड़ित से धर्म विशेष के नारे लगवाए। इसे माहौल बिगाड़ने की साजिश मानते हुए पुलिस ने वीडियो वायरल करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि आपत्तिजनक वीडियो ट्रेंड होने पर पत्रकार राणा अय्यूब, जुबैर समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बिना सत्यता जांचे वीडियो ट्रेंड करने पर पुलिस ने ट्विटर को भी केस में आरोपी बनाया है।

इन पर दर्ज हुई एफआईआर
गाजियाबाद पुलिस ने मोहम्मद जुबैर, राना अय्यूब, सलमान निजामी, मशकूर उस्मानी, डॉ. शमा मोहम्मद, सबा नकवी, ट्विटर आईएनसी और ट्विटर कम्यूनिकेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सहित एक वेबसाइट के खिलाफ सांप्रदायिक तनाव पैदा करने, धार्मिक टिप्पणी करने, पवित्र मानी गई वस्तु को नुकसान पहुंचाने तथा संप्रदायों के बीच घृणा व शत्रुता पैदा करने की धाराएं लगाई गई हैं।

धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप
अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों ने मामले को सांप्रदायिक रूप देते हुए वीडियो वायरल किया। अपने ट्विटर हैंडल से वीडियो वायरल करने वाले नौ लोगों को चिन्हित करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। एसपी ग्रामीण का कहना है कि कुछ लोगों ने वीडियो वायरल कर धार्मिक भावनाएं भड़काने का काम किया है। आरोपियों को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज की जा रही है। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
... और पढ़ें

कमाल: योग में तीन साल की वान्या का जलवा, आसन देख दांतों तले अंगुलियां दबा लेते हैं लोग

प्रियंका गांधी का आग्रह: राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े घोटाले की जांच करवाए सुप्रीम कोर्ट, बैनामे और रजिस्ट्री में गवाहों के नाम समान

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संबंधित जमीन सौदे में लगे भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर बुधवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय को अपनी निगरानी में इस मामले की जांच करानी चाहिए।

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा कि दो करोड़ रुपये मूल्य की जमीन सिर्फ पांच मिनट के बाद प्रधानमंत्री द्वारा बनाए गए श्रीराम मंदिर निर्माण ट्रस्ट की ओर से 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली गई। यानी जमीन की कीमत 5.5 लाख रुपये प्रति सेकंड की दर से बढ़ गई। यह सारा पैसा हिंदुस्तान की जनता द्वारा मंदिर निर्माण के लिए दान के रूप में दिया गया था।

उन्होंने दावा किया कि जमीन की खरीदी-बिक्री से संबंधित बैनामे और रजिस्ट्री में गवाहों के नाम समान हैं। एक गवाह मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं, जो आरएसएस के पूर्व प्रांतीय कार्यवाहक रहे हैं और दूसरे गवाह भाजपा नेता एवं अयोध्या के महापौर हैं।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी के मुताबिक, खबरों में कहा गया है कि राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की ओर से भी ट्रस्ट के संचालन में मनमानी तथा अपारदर्शिता का आरोप लगाया गया है।
 
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

विज्ञापन