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तस्वीरें: विजय जुलूस के लिए नाथ पंथ के पारंपरिक परिधान में निकले गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ, शोभायात्रा से पहले की गो-सेवा

गोरखनाथ मंदिर से निकली शोभायात्रा। गोरखनाथ मंदिर से निकली शोभायात्रा।

मोबाइल पर बात करते हुए घर से बाहर निकला था युवक, अब इस हाल में मिला शव

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रामपुर कारखाना के नौतन हथियागढ़ गांव के पास छोटी गंडक नदी में रविवार की दोपहर एक युवक का शव मिला। उसकी शिनाख्त कुशीनगर जिले के कृष्णमोहन यादव (24) पुत्र सुरेंद्र यादव के रूप में हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। वह कल शाम को घर से निकला था।
 
जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर जिले के कसया थानाक्षेत्र के भैंसहा गांव के सुरेंद्र यादव के दो बेटे हैं। बड़े बेटे कृष्णमोहन यादव के मोबाइल फोन पर शनिवार की शाम को साढ़े छह बजे के करीब किसी का फोन आया। वह बात करते हुए घर से बाहर निकला। गांव के दक्षिण तरफ छोटी गंडक नदी के तरफ गांव वालों ने जाते देखा था।

घर से निकलने के बाद कृष्णमोहन वापस नहीं लौटा। देर रात तक परिजनों ने खोजबीन की मगर कहीं पता नहीं चला। कसया थाने पर परिजनों ने बेटे के गुमशुदगी की जानकारी दी। सुबह नदी किनारे लोगों ने ढूंढना शुरू किया तो गांव से करीब एक किलोमीटर दूर नदी के किनारे उसका मोबाइल मिला। जो स्विच ऑफ था, खोलने पर पता चला कि उस पर साढ़े ग्यारह बजे रात तक फोन आया था।
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गोरखपुर में हैं तो जरूर पढ़ लें ये खबर, कल से दो दिन तक इन रास्तों पर नहीं कर सकेंगे सफर

दुर्गा मूर्तियों के विसर्जन के चलते 26 अक्तूबर को सुबह आठ बजे से 27 अक्तूबर को मूर्ति विसर्जन तक महानगर की यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। इस दौरान कई रास्तों पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

इन रास्तों पर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा
  • नौसड़ चौराहा से ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा की तरफ
  • दुर्गाबाड़ी, अलीनगर, बक्शीपुर, टीपी नगर, राप्ती नदी पुल पर
  • घोष कंपनी से नखास और घोष कंपनी से रेती चौक की ओर  
  • अलहदादपुर तिराहा से घंटाघर की ओर
  • नार्मल टैक्सी स्टैंड से पांडेयहाता, घंटाघर रोड पर
  • हुमायूंपुर रेलवे ओवरब्रिज से गंगेज चौराहा, अलीनगर, बक्शीपुर, घंटाघर की ओर
  • अग्रसेन तिराहा से बक्शीपुर चौराहा की ओर
  • विजय चौक से अलीनगर, चरनलाल चौक की ओर
  • खूनीपुर, साहबगंज से बक्शीपुर की ओर
  • घसीकटरा, मिर्जापुर, लालडिग्गी से बक्शीपुर रोड पर
  • लालडिग्गी से गीता प्रेस रोड, रेती चौक की ओर
  • फलमंडी चौराहा से राजघाट की ओर
  • जटाशंकर तिराहा से अलीनगर की ओर
  • मदीना मस्जिद चौराहा से शाहमारूफ की ओर
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तस्वीरें: सीएम योगी ने कन्याओं के पांव पखारने के बाद लगाया तिलक, कहा- 'रामराज्य में जाति, मत और मजहब की कोई जगह नहीं'

gorakhpur news

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना की हुई शुरुआत, खुद केस दर्ज करेंगे विवेचना

मानव तस्करी सहित अन्य मामलों में अब गोरखपुर की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना खुद एफआईआर दर्ज करेगा और विवेचना भी करेगी। गोरखपुर में थाने की शुरुआत कर दी गई है। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने पुलिस लाइन स्थित पुलिस अस्पताल के पास भवन को स्वरूप दे दिया है।

चार साल पहले गोरखपुर को एचटीयू थाने का आदेश जारी किया गया था। अब इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। इसी के साथ एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट थाने के रूप में अस्तित्व में आ जाएगी। इसके लिए पैसा भी जारी कर दिया गया है। अभी तक एचटीयू के किसी भी कार्रवाई में कैंट थाने में ही एफआईआर दर्ज होती है।

जानकारी के मुताबिक, 2016 में प्रदेश के 23 जिलों में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को थाने का दर्जा दे दिया गया था। इनमें मुजफ्फरनगर, कुशीनगर, बाराबंकी, खीरी, बहराइच, बलरामपुर, बदायूं, सिद्धार्थनगर, उन्नाव, हरदोई, श्रावस्ती, मऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, बिजनौर, जौनपुर, आजमगढ़, फिरोजाबाद, पीलीभीत, सीतापुर, बलिया, बागपत नगर एवं शाहजहांपुर शामिल किए गए थे।

तब पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि इन यूनिट पर मानव तस्करी से जुड़े क्राइम की एफआईआर, उनकी विवेचना और आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसका कार्यक्षेत्र पूरा जिला होगा। तभी से थाने के लिए भूमि की तलाश शुरू हो गई थी। लेकिन चार साल बाद भी बिल्डिंग का निर्माण नहीं हो सका। इसलिए जैसे-तैसे यूनिट चल रही है। चार साल बाद इन सभी 23 थानों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। थाना निर्माण के लिए रकम भी जारी कर दी गई है। हालांकि भवन निर्माण के लिए अभी जमीन फाइनल नहीं हो पाया है।

कैंट में दर्ज कराते थे अपनी एफआईआर
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट अभी तक कभी भी कोई कार्रवाई करती है तो कैंट थाने में उसकी एफआईआर दर्ज कराती है। मुकदमा दर्ज होने के बाद थाना की पुलिस विवेचना करती है। हालांकि अब कुछ मामलों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में ट्रांसफर किया जाने लगा है।
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बेगुनाहों की जिंदगी बिगाड़ने वालों को कब मिलेगी सजा, इंसाफ के लिए दौड़ लगा रहे हैं ये लोग

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पिछले साल प्रकाश में आए फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में असल गुनहगारों को सजा कब मिलेगी, यह सवाल ही बना हुआ है। वहीं, इस मामले में पुलिस की जल्दबाजी और नासमझी के कारण 10 बेगुनाहों की जिंदगी बिगाड़ दी। मामला ऐसा तूफान बनकर आया कि इनका जीवन अस्तव्यस्त हो गया। उन्हें इस पीड़ा से आज भी निजात नहीं मिली है। इंसाफ के लिए वह दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन उनकी जिंदगी में ऐसा झंझावत लाने वालों को शायद ही इसकी परवाह हो।

दरअसल, फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में आरोपित बनाए गए लोगों में से कोई 10 दिन जेल की कोठरी में रहा तो कुछ ने एक महीना सलाखों के पीछे गुजारा। बहुत मुश्किल से जमानत मिली तो जिंदगी परेशानियों की अंधेरी सुरंग में फंस चुकी थी। हालांकि, जिस लाइसेंस को फर्जी बताया गया था उसे प्रशासन ने सही करार दे दिया। असलहे भी लौटा दिए, लेकिन इन्हें परेशानियों से मुक्ति नहीं मिली। इस वजह से जो दर्द और परेशानियां इन्होंने सही, उसका कोई हिसाब-किताब नहीं लगाया गया।

सरकारी नौकरी करने वाले कुछ आरोपित निलंबित कर दिए गए थे। प्राइवेट नौकरी करने वालों की सेवामुक्त करने का जवाब मिल चुका था। इस तरह इनसे इनके जीने का आधार छीना जा चुका था। जग हंसाई और तंगहाली की वजह से किसी की बिटिया की शादी टूट गई तो किसी के बेटे का विवाह नहीं हो पाया। कुछ को मुफलिसी ने ऐसा घेरा कि बच्चों की पढ़ाई छूट गई। सब कुछ पानी की तरह साफ होने के बावजूद मुकदमे से बरी होने के लिए ये लोग आज भी दौड़ लगा रहे हैं। ये सभी बहुत वाजिब सवाल करते हैं कि जिनकी गलती की सजा मुझे मिली उन्हें कब और कौन सजा देगा?
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सीएम योगी ने इन व्यापारियों को दी राहत, अब शादियों में बैंड-बाजा और रोड लाइट को मिल सकती है इजाजत

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शादी विवाह के मांगलिक आयोजनों में बैंड-बाजा और रोड लाइट का काम करने वाले लोगों ने गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सीएम योगी ने उन्हें बड़ी राहत दी है। कोरोना महामारी के बीच संक्रमण से बचाव के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करते हुए शादी-विवाह के आयोजनों में अब बैंड-बाजा और रोड लाइट के साथ बरात निकल सकेगी। सीएम योगी ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही इसके लिए स्पष्ट गाइड लाइन जारी करा दी जाएगी।

राज्यमंत्री व्यापार कल्याण बोर्ड उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष पुष्पदंत जैन, उत्तर प्रदेश बैंड बरात श्रृंगार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमार धानक, प्रदेश संयोजक सुनील जायसवाल, जिला मंत्री भाजपा गोरखपुर शंकुतला जायसवाल एवं शुभम जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।

मुलाकात के बाद महेंद्र कुमार धानक ने बताया कि उन्होंने सीएम के समक्ष अपनी समस्या रखी कि विभिन्न जिलो में जिलाधिकारी शादी विवाह में बैंड-बाजा और रोड लाइट की अनुमति यह कहते हुए नहीं दे रहे कि स्पष्ट गाइड लाइन नहीं है। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा इसकी घोषणा की जा चुकी है।

महेंद्र कुमार धानक ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संतोष कुमार गंगवार का पत्र भी सीएम को दिया। गंगवार ने पत्र में लिखा था कि अनलॉक-5 के अंतर्गत विवाह समारोह आदि में बैंड के प्रयोग की घोषणा की जा चुकी है परन्तु शासन द्वारा जारी गाइडलाइन में बैंड आदि के बारे में कोई दिशा-निर्देश नहीं है। इससे बैंड वालों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। महेंद्र कुमार धानक ने आश्वस्त किया कि सीएम ने शीघ्र ही बैंड बाजा और रोड लाइट के लिए गाइड लाइन जारी कराने का आश्वासन दिया।
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मामूली बात को लेकर दो भाईयों में हुआ विवाद, भतीजे ने चाचा पर किया जानलेवा हमला

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चिलुआताल क्षेत्र के बरगदवा चौराहे पर स्थित चावला बेकर्स व सिद्धि विनायक मिष्ठान भंडार के मालिकों के बीच लेन देन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। विवाद इस कदर बढ़ गया कि सिद्धि विनायक के मालिक पर उनके भतीजे ने जानलेवा हमला कर दिया। जिससे सिर में गंभीर चोट आई है। हालत नाजुक होने के कारण उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, दोनों प्रतिष्ठान के मालिक सगे भाई हैं। चावला बेकर्स के मालिक विजय चावला व सिद्धि विनायक के इंद्र चावला हैं। इंद्र चावला ने विजय चावला से कुछ दिनों पहले पुराने लेन देन का हिसाब करने को कहा था, जो आज के दिन ही होना था।

शनिवार की देर रात को इंद्र चावला विजय चावला की दुकान पर गए। इस दौरान विजय चावला के दो बेटे हितेश व करन उनके साथ थे। बात-बात में ही दोनों में कहासुनी शुरू हो गई जिसके बाद इंद्र चावला अपने दुकान पर चले आए।

कुछ देर बाद विजय के लड़के ने इंद्र के लड़के संदीप को फोन करके दुकान के बाहर बुलाया। जहां पर विजय व उनके दोनों पुत्र मौजूद थे, यहां आपस में कहासुनी होने के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

हाथापाई देखकर इंद्र चावला वहां आए तो उन्हें विजय के बेटे ने पटक दिया जिससे इंद्र वहीं अचेत अवस्था में गिर गए और नाक से खून आने लगा। आनन-फानन इंद्र चावला को निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां से डाक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया।

घटना की जानकारी चिलुआताल पुलिस को लिखित तहरीर के माध्यम से इंद्र चावला के पुत्र संदीप ने दे दिया है। प्रभारी निरीक्षक नीरज राय ने बताया कि घायल के पुत्र द्वारा तहरीर दिया गया है। दोषियों के विरुद्ध मारपीट, गाली गलौज व गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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