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पर्सनलाइज्ड रिपोर्ट से जानें क्या वर्ष 2021 में आपको मिलेगा मनचाहा साथी ?
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प्रेमी के भेजे सिंदूर को बहन ने मांग में सजाया, भाई ने मौत के घाट उतारा, बोला- 'अब जी सकेंगे इज्जत की जिंदगी'

मौके पर पहुंची पुलिस व रोते बिलखते परिजन। मौके पर पहुंची पुलिस व रोते बिलखते परिजन।

पेंशनर जीवित प्रमाण-पत्र: एक बार दस्तावेज लिंक कराइए और फिर घर बैठे दें सबूत

अब पेंशनरों को अपने जिंदा रहने का सबूत देने के लिए कोषागार या बैंक जाने की बाध्यता नहीं रह गई है। घर बैठे कोई भी पेंशनर साल में कभी भी जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकता है। जानकार और संसाधनों से युक्त पेंशनर के लिए तो कोई दिक्कत ही नहीं। वे घर से ही आधार समेत सभी जरूरी दस्तावेज शासन की वेबसाइट के जरिए लिंक कर सकते हैं।

जिनके पास संसाधन नहीं हैं, उन्हें भी सिर्फ एक बार कोषागार कार्यालय जाकर अपने आधार समेत कुछ जरूरी दस्तोवज लिंक कराने होंगे। इसके बाद उन्हें भी आने वाले किसी भी साल कोषागार या बैंक जाकर जीवित प्रमाण पत्र नहीं जमा करना होगा। वे अपने नजदीक के जन सेवा केंद्र या फिर किसी भी साइबर कैफे पर 25 रुपये खर्च कर अपना प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।

दरअसल, वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिटायरमेंट के बाद पेंशन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। पेंशन जीवन के अंतिम पड़ाव में बुर्जगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उनकी जरूरतें पूरी करने में और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता करती है। अब तक पेंशनरों को सेवानिवृत्ति के बाद हर साल बैंक जाकर अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करना होता था। इसके बाद ही उन्हें पेंशन दी जाती थी।

इस व्यवस्था में तमाम वृद्ध और शारीरिक रूप से कमजोर पेंशनर्स के लिए मुश्किल होती थी। उनकी इन्हीं मुश्किलों को आसान करने के लिए प्रदेश सरकार ने पूरी व्यवस्था ही ऑनलाइन कर दी जिससे अब कोषागार या बैंक तक जाने की अनिवार्यता खत्म हो गई है।  

 
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आरईपीएल को मिला गोरखपुर के 18 गांवों के विकास के लिए 'मास्टर प्लान' का जिम्मा, गीडा सीईओ ने किया करार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के धुरियापार के 18 गांवों के औद्योगिक विकास की महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी नोएडा की फर्म रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (आरईपीएल) को दी गई है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने गुरुवार को इसके लिए कंपनी के साथ करार किया।

जिले के दक्षिणांचल में स्थित धुरियापार व आसपास के 18 गांवों में औद्योगिक विकास के लिए गीडा प्रशासन ने योजना तैयार की है। इसके तहत धुरियापार एवं आसपास के गांवों की 5500 एकड़ जमीन के विकास के लिए जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित महायोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में गीडा प्रशासन ने महायोजना तैयार करने के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया था।

इन कंपनियों में वॉयनिस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज लिमिटेड और टेकमेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी योजना प्रस्तुत की। गीडा ने इनमें से नोएडा की फर्म रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड को चुना। गीडा सीईओ संजीव रंजन और फर्म के बीच अनुबंध किया गया।
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एक नवंबर को गोरखपुर आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आगमन की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की हुई बैठक

गीडा सीईओ ने आरईपीएल के साथ किया करार।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नवंबर को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एयरफोर्स की हवाई पट्टी पर आएंगे। वह बिहार में चुनावी जनसभा के बाद शाम 4:00 बजे के करीब हेलीकॉप्टर से गोरखपुर एयरफोर्स पहुंचेंगे। वहां से राजकीय विमान से दिल्ली प्रस्थान करेंगे।

प्रधानमंत्री एयरपोर्ट की हवाई पट्टी पर करीब पांच मिनट रुकेंगे। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस, एयरफोर्स व एयरपोर्ट के अधिकारियों की गुरुवार को एयरपोर्ट परिसर में मीटिंग हुई। इस दौरान तैयारियों पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री के आगमन का अभी कोई प्रोटोकॉल नहीं आया है। जिला प्रशासन का कहना है कि प्रधानमंत्री के एयरफोर्स की हवाई पट्टी पर पांच मिनट रुकने की सूचना है। वह बिहार से हेलीकॉप्टर से आएंगे और फिर तुरंत राजकीय वायुयान से दिल्ली प्रस्थान करेंगे।
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गोरखपुर: धान की खरीद में गड़बड़ी मिली तो केंद्र प्रभारी पर होगा मुकदमा, कमिश्नर ने दी चेतावनी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि किसी भी क्रय केंद्र पर किसानों को परेशान किए जाने या फिर गड़बड़ी की शिकायत मिली तो केंद्र प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। धान क्रय की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने कहा कि कहीं भी किसानों को परेशान न किया जाए।
 
कमिश्नर ने कहा कि केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्था की जाए और खरीदारी सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि मंडल के सभी 430 केंद्रों पर धान की खरीद शुरू करा दी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित हो कि वहां कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपाय किए जाएं।

कमिश्नर ने कहा कि धान खरीदने के 72 घंटे के भीतर किसान को उसकी फसल की कीमत दे दी जाए। उन्होंने डीएम को निर्देश दिया कि हर केंद्र पर एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो धान खरीद पर नजर रखेगा। धान की नमी को लेकर मानक का पालन किया जाए।

उन्होंने मंडी समितियों की निगरानी का निर्देश दिया ताकि किसानों को कम कीमत न मिले। बैठक में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, सीईओ गीडा/संभागीय खाद्य नियंत्रक संजीव रंजन, आरएमओ, सभी डिप्टी आरएमओ आदि उपस्थित रहे।
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22 लाख रुपये लूट की घटना में उलझी है पुलिस, जानिए किस वजह से नहीं सुलझ रही ये गुत्थी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कैंट इलाके के सिंघड़िया के आदर्श नगर कॉलोनी में 27 अक्तूबर को विदेश भेजने वाली संस्था गल्फ इंस्टीट्यूट में घुसकर 22 लाख रुपये लूट की घटना में पुलिस उलझ गई है। पुलिस ने कार्यालय और घर से 29 लाख रुपये की रकम, फर्जी स्टांप, मोहर बरामद होने की वजह से विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी किए जाने की कहानी तो स्पष्ट हो गई है लेकिन लूट हुई या कुछ और इसको पुलिस अभी तक नहीं सुलझा पाई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों के साथ जालसाजी हुई है, उनमें से कुछ लोगों ने मारपीट की है। अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी  है। इस पूरे प्रकरण में अगर लूट नहीं हुई है तो पुलिस को इसके साक्ष्य दिखाने होंगे, यही कारण है कि 48 घंटे से पुलिस गुत्थी को सुलझा नहीं पा रही है।

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की शाम में पुलिस को संस्था के संचालक संतोष सिंह ने 22 लाख रुपये लूट की सूचना दी थी। आरोप था कि कार्यालय में आए चार लोगों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उस दिन का रुपया लूट ले गए थे।

पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ लूट का केस दर्ज कर छानबीन तो शुरू कर दी लेकिन उसी दिन जांच के दौरान कार्यालय से नौ लाख रुपये और संतोष सिंह के घर से 20 लाख रुपये के अलावा फर्जी स्टांप, पासपोर्ट व अन्य सामान बरामद होने की वजह से पुलिस को एक बड़े गिरोह का खुलासा होने की उम्मीद जग गई।

पुलिस ने उस दिशा में काम शुरू कर दिया, एसएसपी ने भी मामले को संदिग्ध तो माना लेकिन घटना असल में क्या हुई है, इसके लिए भी पुलिस को जांच करने का आदेश दे दिया है। यही वजह है कि पुलिस एक-एक पहलू पर जांच कर रही है। एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ का कहना कि जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
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घर के बाहर बदमाशों ने युवक पर बरसाई थी गोलियां, पिता ने कहा- दोस्तों ने आईपीएल सट्टेबाजी में करवाया वारदात

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पीपीगंज इलाके के किस्तुराजा पब्लिक स्कूल के पास व्यापारी पुत्र संदीप को गोली मारने के मामले में उसके तीन दोस्तों अखिलेश, मिथिलेश और रामू निषाद के खिलाफ साजिश और हत्या की कोशिश की धारा में केस दर्ज किया गया है।

संदीप के पिता ने आशंका जताई है कि आईपीएल सट्टेबाजी और पुराने विवाद को लेकर दोस्तों ने शूटरों की मदद से वारदात को अंजाम दिलाया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। उधर, लखनऊ में भर्ती संदीप की सेहत अब भी स्थिर बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक, पीपीगंज के वार्ड नंबर 11 में बीते मंगलवार को घर के बाहर मोबाइल फोन पर बातचीत करने के दौरान संदीप अग्रहरि को गोली मारी गई थी। पिता दीप चंद्र अग्रहरि की तहरीर पर दर्ज केस के मुताबिक, संदीप का उसके दोस्त अखिलेश, मिथिलेश और रामू से कई दिनों से विवाद चल रहा था। घटना के दो दिन पहले भी आईपीएल सट्टेबाजी को लेकर मारपीट की कोशिश की गई थी।
 
उधर, मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बुधवार को दस लोगों को हिरासत में लिया था। इसमें से सात से अब भी पूछताछ जारी है। एसपी नार्थ अरविंद पांडेय खुद मामले की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
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बनी हुई सड़क का मुख्यमंत्री से शिलान्यास मामले में जेई पर गिरी गाज, डूडा परियोजना निदेशक ने की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के वार्ड संख्या-दो सेमरा में पहले से बनी हुई सड़क का मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास करने के मामले में लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता डीके सिंह को काम से हटा दिया गया है। साथ ही चेतावनी भी दी गई है।

नगर निगम क्षेत्र की जिन सड़कों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास किया था, उनमें से 60 सड़क और नालियों को बनाने की जिम्मेदारी जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को मिली हुई है। शिलान्यास के बाद काम शुरू भी हो गया।

इस बीच जांच में पता चला कि वार्ड संख्या-दो सेमरा वार्ड में 55.50 लाख रुपये से स्वीकृत 550 मीटर सड़क का 250 मीटर हिस्सा नगर निगम पहले ही बना चुका है। इस काम का आगणन पीडब्लूडी के जेई डीके सिंह ने किया था। ऐसे में पहले से बनी सड़क का दोबारा बजट जारी होने के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के अवर अभियंता सिंह को चेतावनी दी गई है। उन्हें काम से हटा दिया गया है। कार्यदायी संस्था जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने सड़क व नाली निर्माण के सभी कार्यों का दोबारा आगणन कराया है। अनुमोदन के लिए फाइल डीएम को भेजी गई है।

डूडा के परियोजना अधिकारी विकास सिंह ने बताया कि सभी 60 कार्यों का दोबारा आगणन तैयार किया गया है। अनुमोदन की फाइल डीएम को भेजी जा चुकी है। परियोजना निदेशक ने जेई के खिलाफ कार्रवाई की है। सभी कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए लगातार निरीक्षण किया जाएगा।
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