विज्ञापन
विज्ञापन
शीघ्र ही बुक करें शरद पूर्णिमा पर माँ लक्ष्मी पूजन, मिलता है सुख - समृद्धि का आशीर्वाद
Puja

शीघ्र ही बुक करें शरद पूर्णिमा पर माँ लक्ष्मी पूजन, मिलता है सुख - समृद्धि का आशीर्वाद

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

विज्ञापन
Digital Edition

प्रेमी के भेजे सिंदूर को बहन ने मांग में सजाया, भाई ने मौत के घाट उतारा, बोला- 'अब जी सकेंगे इज्जत की जिंदगी'

मौके पर पहुंची पुलिस व रोते बिलखते परिजन। मौके पर पहुंची पुलिस व रोते बिलखते परिजन।

बच्चों को स्कूल भेजने पर अभिभावकों की 'ना', यहां एक हजार विद्यार्थियों में से किसी के अभिभावक ने नहीं दी है अनुमति

कोरोना संकटकाल में 19 अक्तूबर से कक्षा नौंवी से बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल संचालन सोशल डिस्टेंसिंग के बीच शुरू हो गया है। अभिभावकों की अनुमति लेकर बच्चे 50 फीसदी की उपस्थिति के साथ कक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। मगर केंद्रीय विद्यालय नंबर एक एयरफोर्स में अभिभावकों की अनुमति न मिलने से स्कूल के संचालन पर संशय की स्थिति बनी हुई है। जबकि शासन की ओर से एक नवंबर से विद्यालय के संचालन की अनुमति दी गई है।

स्कूल प्रबंधन की ओर से लगातार बच्चों के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मगर अभिभावक कोरोना संक्रमण की दवाई नहीं बनने तक बच्चों को स्कूल भेजने से हाथ खड़े कर ले रहे हैं।

प्रधानाचार्य एसके श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल का संचालन 19 से शुरू किया गया है। मगर विद्यालय में पढ़ने वाले एक हजार विद्यार्थियों में से किसी के अभिभावक की अनुमति न मिलने की वजह से कोई भी बच्चा विद्यालय नहीं आ रहा है। जिस वजह से स्कूल प्रबंधन का पूरा फोकस ऑनलाइन पढ़ाई पर टिका है। बच्चों की दुविधा का निवारण भी ऑनलाइन ही किया जा रहा है। बिना अभिभावकों की अनुमति के बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा।

वहीं केंद्रीय विद्यालय फर्टिलाइजर के प्रधानाचार्य रमेश कुमार मल्ल ने बताया कि उनके यहां अभिभावकों की अनुमति मिल चुकी है। विद्यालय का संचालन 19 अक्तूबर से शुरू किया गया था। अभी छुट्टियां चल रही हैं। एक नवंबर से विद्यालय फिर से खुलेंगे।
... और पढ़ें

एक हजार रुपये लेकर नेपाल में प्रवेश दिला रहा था शख्स, गिरफ्तार

gorakhpur news
भारत-नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर के पगडंडी से नेपाल में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कराने के आरोप में नेपाल रूपनदेही जिले की पुलिस ने एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कोरोना के कारण भारत नेपाल की सभी सीमाएं सील है। आवाजाही पर रोक लगी है।

उसके बाद भी लोग अनाधिकृत रूप से नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं। जिसमें युवक एक हजार रुपए लेकर सरहद पर पहुंचे लोगों को नेपाल में पगडंडियों से प्रवेश दिला रहा था।

गुरुवार की रात करीब दस बजे रूपनदेही जिले की भैरहवा पुलिस सरहद के पगडंडियों पर गस्त कर रही थी। इस दौरान सिद्धार्थ नगरपालिका एक बेलहिया में एक युवक कुछ लोगों को पगडंडियों से लाकर नेपाल में अनाधिकृत रूप से प्रवेश दिला रहा था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

प्रवेश कर रहे लोगों को वापस भारत की तरफ भेज दिया। नेपाल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्र के लोग डर गए हैं। इससे पूर्व अनाधिकृत रूप से सरहद पार पकड़े जाने पर कुछ जुर्माना या कुछ दिनों के लिए क्वारंटीन की प्रकिया से गुजरना पड़ता था।

पुलिस डीएसपी भैरहवा खड़क बहादुर ने बताया कि अजय भारती निवासी मदरा जनपद महराजगंज को एक हजार रुपए लेकर अनाधिकृत रूप से लोगों को नेपाल में प्रवेश दिलाने के आरोप में गिरफ्तार कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सीमा पर एक गिरोह काम कर रहा है, जो रुपए लेकर लोगों को सरहद पार करा रहे हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।
... और पढ़ें

पेंशनर जीवित प्रमाण-पत्र: एक बार दस्तावेज लिंक कराइए और फिर घर बैठे दें सबूत

अब पेंशनरों को अपने जिंदा रहने का सबूत देने के लिए कोषागार या बैंक जाने की बाध्यता नहीं रह गई है। घर बैठे कोई भी पेंशनर साल में कभी भी जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकता है। जानकार और संसाधनों से युक्त पेंशनर के लिए तो कोई दिक्कत ही नहीं। वे घर से ही आधार समेत सभी जरूरी दस्तावेज शासन की वेबसाइट के जरिए लिंक कर सकते हैं।

जिनके पास संसाधन नहीं हैं, उन्हें भी सिर्फ एक बार कोषागार कार्यालय जाकर अपने आधार समेत कुछ जरूरी दस्तोवज लिंक कराने होंगे। इसके बाद उन्हें भी आने वाले किसी भी साल कोषागार या बैंक जाकर जीवित प्रमाण पत्र नहीं जमा करना होगा। वे अपने नजदीक के जन सेवा केंद्र या फिर किसी भी साइबर कैफे पर 25 रुपये खर्च कर अपना प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।

दरअसल, वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिटायरमेंट के बाद पेंशन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। पेंशन जीवन के अंतिम पड़ाव में बुर्जगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उनकी जरूरतें पूरी करने में और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता करती है। अब तक पेंशनरों को सेवानिवृत्ति के बाद हर साल बैंक जाकर अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करना होता था। इसके बाद ही उन्हें पेंशन दी जाती थी।

इस व्यवस्था में तमाम वृद्ध और शारीरिक रूप से कमजोर पेंशनर्स के लिए मुश्किल होती थी। उनकी इन्हीं मुश्किलों को आसान करने के लिए प्रदेश सरकार ने पूरी व्यवस्था ही ऑनलाइन कर दी जिससे अब कोषागार या बैंक तक जाने की अनिवार्यता खत्म हो गई है।  

 
... और पढ़ें

ठंड शुरू होते ही बढ़ने लगे हड्डी रोग के मरीज, जानिए कैसे कर सकते हैं बचाव

सर्दियां शुरू होते ही अस्पतालों में हड्डी रोग के मरीज बढ़ने लगे हैं। पहले के मुकाबले इन दिनों जिला अस्पताल में हड्डी के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में विभिन्न जोड़ों में दर्द के साधारण मरीजों समेत गठिए के रोगी भी शामिल हैं। गठिए की बीमारी से ग्रस्त लोगों की ठंड बढ़ते ही परेशानी बढ़ने लगती है। जिला अस्पताल के ऑर्थो सर्जन, विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि हड्डी रोगी मरीजों को ठंड से बचाव करना होगा।

बताया कि लोगों को घुटने की कैप, ग्लव्स और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि जोड़ पर सीधी ठंडी हवा नहीं लगे। क्योंकि जोड़ों पर ठंडी हवा लगने से हड्डी रोग के मरीजों का दर्द बढ़ता है। तेज दर्द होने पर मरीज बेचैन होने समेत अनिद्रा का शिकार हो सकता है।

डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अधिक ठंड होने पर पचास वर्ष की आयु से अधिक के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस आयु वर्ग के लोगों में हड्डियों व जोड़ों में अधिक दर्द की शिकायत रहती है। घुटने में दर्द व हड्डी रोग के मरीजों को क्यू ड्रिल आइसोमेट्रिक क्वाड्राइसेप्स व्यायाम भी सुझाया जाता है। ठंड अधिक होने पर नसों में रक्त स्त्राव की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और इस कारण दर्द अधिक बढ़ने लगता है।   

इसके लिए डॉक्टर मरीजों को अक्सर व्यायाम, प्राणायाम सुझाते हैं। निरंतर व्यायाम करने से दर्द में आराम मिलता है। इस संबंध में फिजियोथैरेपिस्ट, डॉ. रविंद्र ओझा ने बताया कि ठंड में मरीजों की संख्या हर वर्ष अधिक रहती है।
... और पढ़ें

यूपी: यहां पुलिसकर्मियों की कमी से जूझ रहा है विभाग, अपराध रोकने में हो रही है नाकामयाब

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की 31 लाख आबादी की सुरक्षा 2372 पुलिसकर्मियों के भरोसे है। पद के सापेक्ष सुरक्षाकर्मियों की कमी से विभाग जूझ रहा है। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पद के सापेक्ष 571 पुलिसकर्मियों की कमी है, जिससे अपराध रोक पाने के मकसद में पुलिस कामयाब नहीं हो पा रही है।
 
जनपद में करीब 450644 आवासीय मकान हैं, जिसमें लगभग 3100946 लोग रहते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए एसपी सहित 2372 पुलिसकर्मी तैनात हैं। पद के सापेक्ष पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं है, यहां 178 एसआई, 85 हेड कांस्टेबल, 308 कांस्टेबल की कमी है।

गौरतलब है कि जिले में महिला थाना समेत 19 थाने हैं। किसी भी थाने में मानक के अनुरूप सब इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल की तैनाती नहीं है, जिससे छोटी-छोटी घटनाओं को पुलिस नजरंदाज कर देती है, वहीं ये घटना बाद में बड़ी वारदात का रूप ले लेती है। जनपद में 351 उप निरीक्षक के पद सृजित हैं, जिसके सापेक्ष मात्र 173 की तैनाती है। इसी तरह हेड कांस्टेबल के 367 की जगह 282 तैनात हैं।

इसके अलावा 2200 कांस्टेबल के सापेक्ष 1892 की ही तैनाती गई है। ऐसे में छोटे मामलों में विवेचना भी सब इंस्पेक्टर को ही करनी पड़ती है। इससे विवेचना के निस्तारण में देरी होती है। इसके साथ ही सुरक्षाकर्मियों पर काम का दबाव रहता है। इसका असर कानून व्यवस्था पर पड़ता है और लाख कोशिश के बावजूद अपराध नियंत्रण में बौनी साबित होती है। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की कमी को दूर करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही और सुरक्षाकर्मियों की भी मांग की गई है। (संवाद)

एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि नए मानक के निर्धारण में फोर्स की कमी है। भर्तियां हो रही हैं, निकट भविष्य में कमी दूर हो जाएगी।
... और पढ़ें

दिवाली पर चीन के सामान को बॉय-बॉय, देसी झालरों से सज गया है बाजार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अबकी दिवाली पर घर, आंगन देशी झालरों से गुलजार होगा। कानपुर, लखनऊ, गुजरात समेत हरिद्वार से झालर बाजार में आ चुकी हैं। चीन की झालरों से अबकी दुकानदारों ने किनारा कर लिया है। दुकानदारों का कहना है कि, जब देशी झालरों की बनावट और उनकी मजबूती उच्च श्रेणी की है तो चीन के झालरों की जरूरत ही क्या।

शहर के कोतवाली, बक्शीपुर, गोलघर, विजय चौक, राप्ती नगर, असुरन, शाहपुर, के पास स्थित इलेक्ट्रिक बाजार में इस बार देशी झालरों की भरमार देखी जा सकती है। गुणवत्ता के साथ इनका साइज भी चीन की झालरों से बड़ा है और खूबसूरत भी है।
 
भारतीय झालर हैं टिकाऊ और मजबूत
व्यापारियों ने बताया कि चीन की झालरों की तुलना में देशी झालरें अधिक टिकाऊ और मजबूत हैं। इनकी सुंदरता भी आकर्षक है। देशी झालर चार-पांच वेरायटी में आ रही हैं। इनकी कीमत 45 रूपये से शुरू होकर 100 रुपये तक है। लंबाई 20 से 25 फीट है, वहीं चीन की झालर पांच से सात फीट तक ही होते थे। ऐसे में सभी नजरिए से देशी झालर चीन से बेहतर हैं।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X