एम्बुलेंस की वर्ना कार से टक्कर के बाद दो युवकों ने एम्बुलेंस चालक को बंधक बना लिया। अस्पताल के सामने विवाद के बाद आरोपियों ने चालक के साथ मारपीट की और उसे जबरन एम्बुलेंस में बैठाकर रानीकामठ ग्राउंड ले गए। यहां चालक की जेब से 12 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया। इसके बाद आरोपी एम्बुलेंस में रखी बैटरी और छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर भी निकालकर वर्ना कार से फरार हो गए। देहात थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अस्पताल के सामने शुरू हुआ विवाद, चालक को जबरन एम्बुलेंस में बैठाया
पुलिस के अनुसार घटना 1 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे की है। एम्बुलेंस चालक मुन्ना उर्फ अनिल पवार एम्बुलेंस लेकर विवांता अस्पताल की ओर जा रहा था। इसी दौरान एम्बुलेंस की एक वर्ना कार से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद कार सवार युवकों ने विवांता अस्पताल के सामने एम्बुलेंस चालक को रोक लिया। दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि युवकों ने चालक के साथ मारपीट की और उसे जबरन एम्बुलेंस में बैठा लिया। इसके बाद आरोपी चालक को सीएम राइज स्कूल के पास रानीकामठ ग्राउंड की ओर ले गए। वहां भी उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने चालक की जेब से 12 हजार रुपये और ओप्पो कंपनी का मोबाइल निकाल लिया।
पढ़ें: 10 की मौत के बाद बंडा अस्पताल पहुंचे सांसद-विधायक और अफसर, मरीजों का जाना हाल
एम्बुलेंस से बैटरी और ऑक्सीजन सिलेंडर भी निकाला
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने एम्बुलेंस में रखी बैटरी और छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर भी निकाल लिया। इसके बाद दोनों आरोपी सामान को वर्ना कार में रखकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद चालक ने देहात थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद देहात थाना पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। चालक द्वारा बताए गए हुलिए और घटना से जुड़े सुरागों के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा। उनकी पहचान अभिषेक पिता दिमाकचंद चौकसे (25), निवासी रानीकामठ और सतिन पिता नारद डेहरिया (28), निवासी चमन मोहल्ला, गुरैया के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार पूछताछ और पहचान की कार्रवाई में दोनों के घटना में शामिल होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
2.71 लाख रुपये का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल करीब 2.35 लाख रुपये कीमत की वर्ना कार, करीब 35 हजार रुपये कीमत का ओप्पो मोबाइल और 1 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य सामान की बरामदगी और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जीएस राजपूत, उपनिरीक्षक महेश अहिरवार, सहायक उपनिरीक्षक संदीप राजपूत, आरक्षक सूरज, शेरसिंह, अर्जुन और पन्नालाल तथा साइबर सेल के आरक्षक नितिन ठाकुर और आदित्य रघुवंशी की विशेष भूमिका रही।