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मध्य प्रदेश

गुरूवार, 22 अगस्त 2019

सही ट्रेनिंग मिले तो 'फर्राटा किंग' उसैन बोल्ट का रिकॉर्ड तोड़ सकता हूंः गुर्जर

सोशल मीडिया के माध्यम से सुर्खियां बटोरने वाले मध्य प्रदेश के धावक रामेश्वर गुर्जर ने उम्मीद जताई कि अगर उन्हें सही प्रशिक्षण मिला तो वह जमैका के स्टार घावक उसैन बोल्ट के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। 

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में 19 साल के गुर्जर 100 मीटर की दौड़ नंगे पांव दौड़ते हुए 11 सेकेंड में पूरी करते हुए दिख रहे हैं। वह राज्य के शिवपुरी जिले के नरवार गांव के किसान परिवार से आते हैं। 

उनके वीडियो को देखने के बाद राज्य के खेल मंत्री जीतू पटवारी ने उन्हें भोपाल बुलाया था। गुर्जर ने शनिवार को भोपाल में मंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'उसेन बोल्ट ने रिकार्ड 9.58 सेकेंड में 100 मीटर की दौड़ को पूरा किया था। मुझे उम्मीद है कि सुविधाएं और उचित प्रशिक्षण मिलने के बाद मैं उस रिकार्ड को तोड़ दूंगा।' 
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कमलनाथ सरकार से नाराज आचार्य देव मुरारी बापू की धमकी, कहा- सीएम निवास के बाहर करूंगा आत्महत्या 

मध्यप्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा संतों की विभिन्न मांगों को ठुकराए जाने से नाराज होकर वृंदावन के संत आचार्य देव मुरारी बापू ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बापू ने कहा कि वह सोमवार को यहां मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्महत्या करेंगे।

वह सरकार से अपने लिए मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड में एक पद की मांग भी कर रहे हैं। कथा वाचक बापू ने यहां रविवार को प्रेस कांफ्रेंस करने के बाद बताया, मैंने पिछले साल नवंबर में मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को समर्थन देकर उसके पक्ष में प्रचार किया था। 

संतों के समर्थन के बिना मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकती थी। लेकिन कांग्रेस सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा, ‘मैंने कमलनाथ से मांग की थी कि 15 अगस्त तक मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड में मेरी नियुक्ति की जाए, ताकि मैं गौ सेवा कर सकूं। लेकिन, यह मांग भी अनसुनी कर दी गई।’

बापू ने कहा, ‘इससे मैं आहत हूं और कल (सोमवार) 12 बजे दोपहर मैं यहां मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्महत्या करूंगा, क्योंकि इस सरकार द्वारा संतों की मांगें नहीं मानने से मेरा मान-सम्मान गिरा है।’ 
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कमलनाथ और शिवराज के बीच ट्विटर पर छिड़ी जंग, मध्यप्रदेश के हालात को लेकर हुई बहस

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ गई है। शिवराज ने एक के बाद एक लगातार कई ट्वीट कर राज्य सरकार को घेरा। जिसपर कमलनाथ ने पलटवार किया। शिवराज ने कहा, "सतना में मासूम की अपहरण बाद हत्या की घटना हृदय विदारक है। आत्मा हिल गई। पहले भी सतना में दो मासूम भाइयों की अपहरण के बाद हत्या हुई थी, लेकिन सरकार उसके बाद भी नहीं चेती"। 

"प्रदेश में कानून-व्यवस्था कहीं नहीं है। सरकार अब तो आंखें खोलो। कितने माता-पिता के बच्चे ऐसे छिनते रहेंगे? क्या आमजन, क्या पत्रकार, क्या पुलिस! सब डरे हुए हैं। अपराधी खुलकर खेल रहे हैं। इंदौर में पत्रकार को चाकू के दम पर लूट लिया गया। चारों तरफ हाहाकार मचा है। अपराधियों में कानून का जरा भी भय नहीं रह गया है। कमलनाथ जी मेरा मध्यप्रदेश ऐसा तो नहीं था! आपने प्रदेश को बर्बाद कर दिया।"
 





शिवराज ने कहा, "इंदौर में जिन 11 नागरिकों का जीवन डॉक्टर्स की लापरवाही के कारण अंधकारमय हो गया, उन्हें मात्र रु. 50,000 की सहायता राशि देकर क्या कमलनाथ सरकार कोई उपकार कर रही है? उस व्यक्ति की मानसिक अवस्था के बारे में तो सोचें जिसके साथ इतनी बड़ी त्रासदी गैरज़िम्मेदाराना रवैये के चलते हुई!"

उन्होंने आगे कहा कि "इंदौर सीएमएचओ ने 5 दिनों तक आला अधिकारियों से इस मामले को छुपा कर रखा! अस्पताल प्रबंधन के साथ ही शासन-प्रशासन की तरफ से भी यह बहुत बड़ी चूक है। राज्य सरकार से अनुरोध है कि सभी पीड़ितों को उचित सहायता राशि व प्रतिमाह रु.12,000 पेंशन दी जाए जिससे उनका जीवन सुखमय व्यतीत हो सके"।

सीएम कमलनाथ का पलटवार

शिवराज सिंह पर पलटवार करते हुए सीएम कमलनाथ ने ट्वीट किया, "शिवराज जी, यह वही मध्यप्रदेश है जो आपने मुझे बर्बादी की कगार पर लाकर सौंपा था। कानून व्यवस्था की बदतर स्थिति में, अपराधों में, दुष्कर्म में, बेरोजगारी में, कुपोषण में, युवाओं की बेरोज़गारी में नंबर वन बनाकर छोड़ा था।"

कमलनाथ ने कहा, मात्र 8 माह में ही, मैं आपके द्वारा सौंपी इस बदहाल व्यवस्था को दुरुस्त करने में पूरी तत्परता से लगा हूं। आपकी सरकार के समय लगे दागों को धोने में लगा हूं। आप विश्वास रखें, अगले 5 वर्ष में ऐसा मध्यप्रदेश बनाऊंगा कि आपको, अपने 13 वर्ष के कार्यकाल पर शर्म आयेगी"।
 



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मध्यप्रदेश : बीमार बच्ची के रोने से शौहर की नींद में पड़ा खलल, पत्नी को दिया तलाक

मध्यप्रदेश में 21 वर्षीय महिला ने यह आरोप लगाते हुए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है कि उसकी एक साल की बीमार बच्ची के देर रात रोने से नींद में खलल पड़ने पर शौहर ने उसे तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि बड़वानी जिले के सेंधवा कस्बे में मायके में रह रही उज्मा अंसारी (21) ने अपने इंदौर निवासी पति अकबर और ससुराल वालों के खिलाफ इस आशय की शिकायत की है। उज्मा और अकबर (25) की शादी दो साल पहले हुई थी। 

विवाहिता ने सेंधवा के पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में कहा, मेरी बच्ची की तबीयत चार अगस्त को ठीक नहीं थी। वह रात में उठकर रोने लगी। इससे मेरे पति की नींद खुल गई। वह मुझे बच्ची को मार डालने को कहने लगे। इस बात पर हम दोनों की बहस सुनकर मेरे ससुर और जेठ हमारे कमरे में आ गए। फिर इन सभी ने मेरे साथ मारपीट की तथा मेरी बेटी को पलंग से नीचे फेंक दिया। 

शिकायत में कहा गया, "मेरे पति ने इन सबकी (ससुराल वालों की) उपस्थिति में तीन बार तलाक बोल दिया और मेरी मां को फोन कर कहा कि वह मुझे ले जायें। मुझे और मेरी बच्ची को घर से बाहर निकाल दिया गया। 21 वर्षीय महिला ने शिकायत में अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना और बेटी पैदा होने पर मारपीट करने के आरोप भी लगाए हैं।

बड़वानी के पुलिस अधीक्षक डीआर टेनीवार ने बताया, चूंकि महिला के आरोपों से जुड़ा तमाम घटनाक्रम इंदौर का है। इसलिए हमने उसकी शिकायत को जांच के लिए इंदौर पुलिस को भेज दिया है। उधर, इंदौर के रावजी बाजार पुलिस थाने के प्रभारी सुनील गुप्ता ने कहा, महिला की शिकायत हालांकि हमारे पास अब तक नहीं पहुंची है। लेकिन हम उससे संपर्क कर मामले की वस्तुस्थिति जांचेंगे। इसके आधार पर उचित कदम उठाएंगे 

महिला के आरोपों पर उसके पति की प्रतिक्रिया फिलहाल नहीं मिल सकी है। गौरतलब है कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 के जरिए एक साथ तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध खत्म करने की प्रथा पर वैधानिक रोक लगाई गई है। यह विधेयक पिछले महीने संसद से पारित होने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी से कानून में तब्दील हो चुका है। इस कानून में मुजरिम के लिए तीन साल तक के कारावास का प्रावधान है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

कैसे उत्तर प्रदेश के रहने वाले बाबूराम यादव से मध्यप्रदेश के बाबूलाल गौर बने पूर्व सीएम

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का बुधवार सुबह भोपाल के निजी अस्पताल में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। गौर का राजनीतिक सफर दिलचस्प भरा रहा है। अपने जीवन यापन के लिए उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से गौर ने मध्यप्रदेश की ओर रुख किया था। बाबूलाल का भाजपा के बड़े नेता के रूप में मध्यप्रदेश की राजनीति में प्रमुख स्थान रहा है। 

बाबूलाल गौर का जन्म उत्तर प्रदेश के नौगीर गांव में दो जून, 1930 में हुआ था। गौर के पिता राम प्रसाद यादव भी पहलवान थे। बाबूलाल का असली नाम बाबूराम यादव था। स्कूल की एक घटना के बाद उनका नाम बाबूलाल गौर पड़ गया। दरअसल उनकी कक्षा में दो बाबूराम यादव और भी थे। तो जब भी टीचर किसी बाबूराम को बुलाती थी तो सबको दुविधा होने लगती थी।

तब उनकी टीचर ने कहा कि जो भी उनकी बात को गौर से सुनेगा वो उसका नाम बाबूराम गौर रख देंगी। तब उन्होंने टीचर के सवाल का सही जवाब दिया और उनका नाम बाबूराम यादव से बाबूलाल गौर पड़ गया। इसके बाद जब बाबूराम भोपाल गए तो लोगों ने उन्हें बाबूलाल गौर कहना शुरू कर दिया। तब से उनका नाम बाबूलाल गौर पड़ गया।
 

कैसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर?

बाबूलाल उस वक्त 16 साल के थे, जब उन्होंने संघ की शाखाओं में जाना शुरू किया। वह साल 1946 से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए। इसके बाद वह दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों में आयोजित होने वाले संघ के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने लगे। उन्होंने आपातकाल के दौरान 19 माह की जेल भी काटी थी।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर काम

बाबूलाल पहली बार 1974 में भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में निर्दलीय विधायक चुने गए थे। वह 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। आपातकाल के बाद 1977 में उन्होंने विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और 2018 तक लगातार आठ बार विधानसभा में रहे। वह बीमारी के चलते 2018 में विधानसभा की चुनाव नहीं लड़ पाए। 
 

अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा

1993 के विधानसभा चुनाव में बाबूलाल गौर ने सबसे अधिक वोटों से जीत पाई थी। इसके बाद 2003 के विधानसभा चुनाव में 64 हजार, 212 मतों के अंतर से जीतकर उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह अपने जीवनकाल में मध्यप्रदेश के स्थानीय शासन, विधि एवं विधायी कार्य, संसदीय कार्य, जनसंपर्क, नगरीय कल्याण, शहरी आवास तथा पुनर्वास एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्री रहे थे। इसके अलावा वह सितंबर 2002 से 2003 तक मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे थे।

शराब की कंपनी से नेता बनने तक

बाबूलाल शुरुआत में शराब की कंपनी में नौकरी करते थे, लेकिन संघ में सक्रिय रहने के कारण उन्होंने कपड़े की मिल में काम करना शुरू कर दिया। वह इस दौरान ट्रेड यूनियन की गतिविधियों में भी शामिल रहे थे। हालांकि 1956 में पार्षद का चुनाव लड़ने पर वह हार गए थे। फिर 1972 में उन्हें संघ की ओर से विधानसभा का टिकट मिला। 

कैसे पहली बार विधानसभा पहुंचे?

बाबूलाल अपना पहला चुनाव हार गए थे। जिसके खिलाफ उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की। उनके याचिका जीतने के बाद 1974 में एक बार फिर उपचुनाव कराए गए, जिसमें उन्हें जीत मिली। वह इस तरह पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कभी पलटकर नहीं देखा और सत्ता के मुकाम पर चढ़ते गए।
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देश भर में सबसे अधिक वोट पाकर लोकसभा चुनाव जीते इंदौर सांसद को मप्र हाईकोर्ट का नोटिस

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इस बार के लोकसभा चुनावों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान इंदौर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद शंकर लालवानी को सोमवार को नोटिस जारी किया। लालवानी तीन महीने पहले संपन्न चुनावों के दौरान देशभर में सबसे ज्यादा वोट पाकर संसद के निचले सदन पहुंचे हैं।

उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ की न्यायमूर्ति वंदना कसरेकर ने इंदौर क्षेत्र में पराजित कांग्रेस उम्मीदवार पंकज संघवी की ओर से दायर याचिका पर लालवानी से पांच हफ्ते में जवाब मांगा। वर्ष 1951 के जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत दायर याचिका में लोकसभा सांसद के रूप में लालवानी के निर्वाचन को चुनौती देते हुए इसे शून्य घोषित करने की गुहार की गयी है।

संघवी के वकील अभिनव धनोदकर ने बताया कि मेरे मुवक्किल ने अपनी याचिका में इंदौर क्षेत्र में मई में संपन्न लोकसभा चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। याचिका में कहा गया है कि मतदान और मतगणना के वक्त ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर निर्वाचन आयोग की तय प्रक्रिया तथा नियम-कायदों का पालन नहीं किया गया जिसका चुनावों में लालवानी को अनुचित फायदा मिला।'

सांसद की दौड़ में पहली बार शामिल होने के बावजूद लालवानी ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर इंदौर क्षेत्र में 10 लाख 68 हजार 569 मत हासिल कर विजय हासिल किया और इस सीट पर अपनी पार्टी का 30 साल पुराना कब्जा बरकरार रखा था। उन्होंने अपने नजदीकी प्रतिद्वन्द्वी कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी को पांच लाख 47 हजार 754 वोटों के विशाल मतों के अंतर से हराया था। ... और पढ़ें

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैलाश जोशी की तबीयत बिगड़ गई है। जोशी को भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। 

इससे पहले भी जोशी की तबीयत बिगड़ी थी तब सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी और उनका हाल जाना था।

बता दें कि सन 1955 में कैलाश जोशी हाटपीपल्या नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए। सन् 1962 से निरन्तर बागली क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य रहे। सन 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना से ही उसके सदस्य बने। 

आपातकाल के समय में एक माह भूमिगत रहने के बाद दिनांक 28 जुलाई, 1975 को विधान सभा के द्वार पर गिरफ्तार होकर 19 माह तक मीसा में नजरबंद रहे। 24 जून, 1977 को कैलाश जोशी मध्यप्रदेश के इतिहास में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हुए। हालांकि 1978 में अस्वस्थता के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री पद त्याग दिया था। 
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पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का निधन, मध्यप्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर का बुधवार सुबह भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी उम्र 89 वर्ष थी।डॉक्टरों ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।वह वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और वे पिछले 14 दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। मध्यप्रदेश सरकार ने गौर के निधन के बाद राज्य में तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता गौर 2004-2005 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और अपनी परंपरागत गोविंदपुरा विधानसभा सीट से 10 बार चुनाव जीत थे। गौर का जन्म दो जून 1930 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ था।





बाबूलाल गौर 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वे 1946 में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़ गए थे।  गौर आपात काल के दौरान 19 माह की जेल भी काट चुके हैं। 1974 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा बाबूलाल गौर को गोवा मुक्ति आन्दोलन में शामिल होने के कारण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का सम्मान प्रदान किया गया था। वे शिवराज सिंह चौहान की सरकार में कैबिनट मंत्री भी रहे। गौर पहली बार 1974 में भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जनता समर्थित उम्मीदवार के रूप में निर्दलीय विधायक चुने गए थे।

पूर्व सीएम गौर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया। उन्होंने लिखा कि बाबूलाल गौर जी का लम्बा राजनीतिक जीवन जनता-जनार्दन की सेवा में समर्पित था। जनसंघ के समय से ही उन्होंने पार्टी को मज़बूत और लोकप्रिय बनाने के लिए मेहनत की।


मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश के विकास के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे। बाबूलाल गौर जी के निधन से गहरा दुःख हुआ। ईश्वर शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करे। ओम शान्ति!

मध्यप्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल गौर के निधन के बाद राज्य में तीन दिवसीय शोक की घोषणा की। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
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लंबे समय से बीमार मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर का निधन, अस्पताल में ली आखिरी सांस

बाबूलाल गौर की अंतिम यात्रा
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का बुधवार सुबह भोपाल के निजी अस्पताल में 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वो काफी समय से बीमार थे और उनका इलाज भी जारी था।
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मध्यप्रदेश : मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी गंवाने वाले मरीजों की संख्या 15 हुई

घातक बैक्टीरिया के संक्रमण के चलते इंदौर के एक परमार्थिक अस्पताल में बिगड़े मोतियाबिंद ऑपरेशनों के दो और पीड़ित मरीज मंगलवार को सामने आए। इसके बाद ऑपरेशन से संबंधित आंख की रोशनी गंवाने वाले मरीजों की तादाद बढ़कर 15 पर पहुंच गई।

शहर के बाणगंगा इलाके में रहने वाले मिश्रीलाल चौधरी (68) ने संवाददाताओं को बताया, मैंने पांच अगस्त को अपनी दाहिनी आंख का इंदौर नेत्र चिकित्सालय में मोतियाबिंद का ऑपेरशन कराया था। मेरी पट्टी छह अगस्त को खुली थी। तब से मुझे इस आंख से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।

चौधरी ने बताया कि मोतियाबिंद ऑपेरशन बिगड़ने के बाद परमार्थिक अस्पताल के प्रबंधन ने उन्हें इस सर्जरी के बदले वसूली फीस भी लौटा दी थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीण जड़िया ने बताया कि चौधरी की आंख में गंभीर संक्रमण है। इसके मद्देनजर उन्हें मंगलवार शाम की उड़ान से चेन्नई के लिए रवाना किया गया।

तमिलनाडु की राजधानी के शंकर नेत्रालय में इलाज के जरिए उनकी आंख की रोशनी लौटाने की कोशिश की जाएगी। इस बीच, बालमुकुंद वैष्णव (58) नाम के मरीज को इंदौर के चोइथराम अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां राज्य सरकार बिगड़े मोतियाबिंद ऑपरेशनों के अन्य पीड़ितों का इलाज करा रही है। 

58 वर्षीय मरीज के बेटे आशुतोष वैष्णव ने बताया कि उनके पिता मेडिकल प्रैक्टिशनर हैं और उन्होंने पांच अगस्त को इंदौर नेत्र चिकित्सालय में अपनी एक आंख का मोतियाबिंद ऑपरेशन कराया था। इसके बाद उन्हें इस आंख से दिखायी देना बंद हो गया और संक्रमण बढ़ने से आंख में मवाद भर गई। 

चोइथराम अस्पताल के मैनेजिंग ट्रस्टी अश्विनी वर्मा ने बताया, बालमुकुंद वैष्णव की आंख बुरी तरह संक्रमित है। डॉक्टरों की राय के मुताबिक संक्रमण को मस्तिष्क तक पहुंचने से रोकने के लिए उनकी आंख निकालनी पड़ सकती है। वरना उनकी जान को खतरा हो सकता है 
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वीडियो: मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह की भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली गुल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उस वक्त अजीब सी स्थिति पैदा हो गई जब राज्य के ऊर्जा मंत्री की संवाददाता सम्मेलन में बिजली गुल हो गई। 

भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय में ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। संवाददाता सम्मेलन में जब मंत्री जी पत्रकारों से रू-ब-रू थे उसी दौरान वहां बिजली गुल हो गई। 



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सीएम कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को अदालत ने 6 दिन की ईडी हिरासत में भेजा

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को अदालत ने 6 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। रतुल पुरी को 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोप में मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया था। पुरी मोजरबेयर के पूर्व कार्यकारी निदेशक भी रह चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रतुल पुरी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

मुकदमा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से दायर 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले मामले में दर्ज किया गया था। जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को पुरी को 20 अगस्त तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था।

वकील पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट

रतुल पुरी की गिरफ्तारी के खिलाफ उनके वकील दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे। आज कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। सूत्रों का कहना है कि ईडी के पास 4 हजार करोड़ रुपये के एनपीए केस से जुड़ी काफी महत्वपूर्ण जानकारी है। साथ ही ईडी को पुरी के दुबई कनेक्शन की भी जानकारी मिली है। जिसमें पता चला है कि करीब 100 मिलियन डॉलर की रकम गलत तरीके से दुबई में निवेश की गई थी।  

इस मामले में मोजरबेयर का कहना है, "प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण है। मोजरबेयर ने कानूनी के अनुसार काम किया था। यह मामला अब, जब मोजरबेयर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में है, राजनीति से प्रेरित है।" 

अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से संबंधित धनशोधन के एक मामले में रतुल पुरी की अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और पुरी के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश जारी किया। 
 

क्या बोले कमलनाथ?

इस मामले पर मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है, "मेरा उस व्यापार से कोई कनेक्शन नहीं है जो वो कर रहे हैं। मेरे लिए, ये पूरी तरह से छवि खराब करने वाली कार्रवाई है। मुझे पूरा विश्वास है कि अदालतें इसमें सही रुख अपनाएंगी।" 

बता दें रतुल पुरी 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले की जांच के दायरे में भी हैं। लेकिन अब ईडी ने उन्हें बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। इससे पहले ईडी ने अदालत में ये बात भी कही थी रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड के मामले में जांच से बच रहे हैं। हालांकि पुरी ने अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट रद्द करने के लिए कोर्ट में याचिका भी दायर की थी।

जांच एजेंसी ने पुरी की इस याचिका का विरोध कर कहा है कि उसने कई बार पुरी को बुलाया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। पुरी के वकील विजय अग्रवाल ने दावा किया है कि पुरी जांच में सहयोग करना चाहते हैं लेकिन एजेंसी उनके प्रति निष्पक्ष नहीं रही है।

अग्रवाल ने बाताया, "वो ईडी के साथ जांच में शामिल होना चाहते हैं लेकिन ईडी ने उन्हें ईमेल भेज दोपहर एक बजे बुलाया, जो कि ठीक नहीं है। कोई व्यक्ति इतने कम समय के नोटिस में जांच में कैसे शामिल हो सकता है। फिलहाल अदालत ने पुरी की याचिका पर अपना आदेश 21 अगस्त कर के लिए सुरक्षित रख लिया है।" 
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मध्यप्रदेश में फैल रहा अंधविश्वास, पुनर्जीवन के भ्रम में नमक में दबाए जा रहे शव

सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी संदेश के चलते मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में अंधविश्वास का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। तालाब में डूबकर मरे दो भाइयों के शव को एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इस भ्रम में खड़े नमक में रात भर दबाकर रखा गया कि ऐसा करने से वे दोबारा जिंदा हो जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि हैरान कर देने वाला यह वाक्या जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर सांवेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया। सांवेर, प्रदेश के लोक स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट का चुनाव क्षेत्र है।

उन्होंने बताया कि तालाब में रविवार को नहाने के दौरान दो सगे भाई-कमलेश (20) और हरीश (18) डूब गये थे। उन्हें तालाब से बाहर निकालकर सांवेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि मृत युवकों के परिजनों ने सोशल मीडिया पर वायरल एक सन्देश का हवाला देते हुए दोनों शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब दो क्विंटल खड़े नमक से रात भर के लिये ढक दिया। इस संदेश के जरिये अफवाह फैलायी जा रही है कि डूबकर मरा व्यक्ति खड़े नमक में दबाये जाने से दोबारा जिंदा हो सकता है। 

चंद्रावतीगंज पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को दोनों युवकों के शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद इन्हें अंतिम संस्कार के लिये परिजनों को सौंप दिया गया। इनकी अंत्येष्टि हो चुकी है। 

बहरहाल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सगे भाइयों के शवों को नमक में दबाकर रखे जाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। 

घटना के बारे में पूछे जाने पर मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीण जड़िया ने बताया कि, 'मुझे मामले की जानकारी मिली है। डॉक्टरों ने मुझे बताया है कि ग्रामीणों की भारी भीड़ के दबाव के चलते वे लाचार थे। इसलिए वे दोनों युवकों के शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नमक में दबाये जाने की अंधविश्वासपूर्ण घटना रोक नहीं सके।' 

जड़िया ने कहा कि मामले में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीमएओ) से जवाब तलब कर उचित कदम उठाये जाएंगे। 
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भांजे रतुल पुरी की गिरफ्तारी पर बोले कमलनाथ: मेरा उनके व्यापार से कोई मतलब नहीं

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को मंगलवार को 354 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले पर मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है, "मेरा उस व्यापार से कोई कनेक्शन नहीं है जो वो कर रहे हैं। मेरे लिए, ये पूरी तरह से छवि खराब करने वाली कार्रवाई है। मुझे पूरा विश्वास है कि अदालतें इसमें सही रुख अपनाएंगी।" 
 

पुरी मोजरबेयर के पूर्व कार्यकारी निदेशक भी रह चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रतुल पुरी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से दायर 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले मामले में दर्ज किया गया था। जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को पुरी को 20 अगस्त तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था।

वकील पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट

रतुल पुरी की गिरफ्तारी के खिलाफ उनके वकील दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे हैं। आज कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। सूत्रों का कहना है कि ईडी के पास 4 हजार करोड़ रुपये के एनपीए केस से जुड़ी काफी महत्वपूर्ण जानकारी है। साथ ही ईडी को पुरी के दुबई कनेक्शन की भी जानकारी मिली है। जिसमें पता चला है कि करीब 100 मिलियन डॉलर की रकम गलत तरीके से दुबई में निवेश की गई थी। आज ईडी की टीम हाईकोर्ट में दलील रखेगी। जिससे रतुल पुरी समेत अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

मोजरबेयर ने क्या कहा?

इस मामले में मोजरबेयर का कहना है, "प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण है। मोजरबेयर ने कानूनी के अनुसार काम किया था। यह मामला अब, जब मोजरबेयर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में है, राजनीति से प्रेरित है।" 

बता दें रतुल पुरी 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले की जांच के दायरे में भी हैं। लेकिन अब ईडी ने उन्हें बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। इससे पहले ईडी ने अदालत में ये बात भी कही थी रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड के मामले में जांच से बच रहे हैं। हालांकि पुरी ने अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट रद्द करने के लिए कोर्ट में याचिका भी दायर की थी।

जांच एजेंसी ने पुरी की इस याचिका का विरोध कर कहा है कि उसने कई बार पुरी को बुलाया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। पुरी के वकील विजय अग्रवाल ने दावा किया है कि पुरी जांच में सहयोग करना चाहते हैं लेकिन एजेंसी उनके प्रति निष्पक्ष नहीं रही है।

अग्रवाल ने बाताया, "वो ईडी के साथ जांच में शामिल होना चाहते हैं लेकिन ईडी ने उन्हें ईमेल भेज दोपहर एक बजे बुलाया, जो कि ठीक नहीं है। कोई व्यक्ति इतने कम समय के नोटिस में जांच में कैसे शामिल हो सकता है। फिलहाल अदालत ने पुरी की याचिका पर अपना आदेश 21 अगस्त कर के लिए सुरक्षित रख लिया है।"  ... और पढ़ें
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