अलवर के जिला अस्पताल में कैंसर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। साल 2023 की तुलना करें तो 2024 में लगभग डबल कैंसर के मरीजों की जिला अस्पताल में ओपीडी रही। कैंसर रोग विशेषज्ञ सुखवीर तंवर बताते हैं कि साल 2021 से अलवर जिला अस्पताल में मेरा पदस्थापन हुआ। इससे पहले यहां कैंसर के मरीजों का इलाज नहीं होता था, जिससे लोगों को पता चला कि जिला अस्पताल में भी कैंसर का इलाज शुरू हो गया है। इसलिए 2021 में 1,068 कैंसर के रोगी आ पाए। लेकिन मुख्य कारण आज के समय का खान-पान व लोग गुटका, बीड़ी, सिगरेट और शराब आदि का ज्यादा सेवन करने लगे हैं।
साथ ही केमिकल युक्त सब्जियां और तले हुए फास्ट फूड भी इसका कारण है। इसलिए गत वर्ष की तुलना करें तो कैंसर के रोगियों में ज्यादा ही इजाफा हुआ है, जिसमें ज्यादातर 35 वर्ष से 50 वर्ष के बीच के रोगी इसके शिकार हैं। फिलहाल, जिला अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा और रेडियोथैरेपी की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके लिए हमने डिमांड नोटिस बनाकर भेज रखा है। अगर यह सुविधा भी यहां शुरू हो जाए तो मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
साल 2021 में कैंसर के मरीजो कि संख्या1068 ओपीडी रही वही साल 2022 में 2883 ओपीडी रही साल 2023 में संख्या बढ़कर 9129 की ओपीडी पर पहुंच गई और अब गत वर्ष 2024 में कैंसर की ओपीडी बढ़कर 15787 हो गई जो कि गत वर्ष की तुलना दोगुना रही। साल 2024 में मुंह में कैंसर के 4070 मरीज रहे स्तन कैंसर के 1079 व फेफड़ों में कैंसर के 304 व बच्चेदानी के मुंह में कैंसर के 13 व अन्य 1717 मरीज रहे।
2024 में सर्जरी के लिए 201 मरीजों को जयपुर रेफर किया गया। इसके अलावा रेडियोथैरेपी के 233 मरीजों को भी रेफर किया गया था। कैंसर से संबंधित सभी जांचें की सुविधा भी अलवर में उपलब्ध है, जिनमें एफएनएसी, बायोप्सी पीएपी स्मीयर सीटी/एमआरआई, अस्थि मज्जा आकांक्षा और कीमोथेरेपी जांच कराने की सुविधा शामिल है।