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शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के समय करें पंच दान, होगा हर समस्या का समाधान - 4 दिसम्बर, 2021
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शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के समय करें पंच दान, होगा हर समस्या का समाधान - 4 दिसम्बर, 2021

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उमर ने उठाए सवाल: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए अलग-अलग कानून क्यों, अब जमीन और अपनी पहचान के लिए लड़ाई

रामबन में नेकां उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर में कुछ ठीक नहीं है। चिनाब घाटी के दौरे के अंतिम दिन उमर ने डाक बंगला रामबन में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। उमर ने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद भाजपा सरकार ने सूचित किया गया था कि एक राष्ट्र एक कानून लागू करने के लिए अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया गया, और तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों यानी जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया।
 
उन्होंने सवाल किया कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए दो अलग-अलग संविधान क्यों हैं? उन्होंने केंद्र और भाजपा पर तंज कसते हुए पूछा कि आप यहां क्या गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि लड़ाई अब जम्मू-कश्मीर की पहचान और जमीन के लिए है। इसका दूसरा हिस्सा लद्दाख सुरक्षित है, जबकि जम्मू-कश्मीर में सभी को जमीन और नौकरी हासिल करने की इजाजत है।
 
केंद्र ऐसे समय में गैर-गंभीर मुद्दे उठा रही है जब कश्मीर 5 अगस्त 2019 के बाद की समस्याओं की चपेट में है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने नेशनल कांफ्रेंस की आवाज कमजोर बनाने के कोशिश की, लेकिन अब सभी मुख्यधारा की पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर के सामूहिक मुद्दों पर हाथ मिलाया है। अब सीटों की गिनती नहीं होगी। यह लड़ाई सत्ता या मुख्यमंत्री पद के लिए नहीं है। अगर ऐसा करेंगे तो लोग कभी माफ नहीं करेंगे।
 
अगर यह पहले हुआ होता तो जम्मू-कश्मीर के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होता। उमर ने कहा कि केंद्र सरकार ने दावा किया कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास के नए युग की शुरुआत होगी। चिनाब घाटी की यात्रा के दौरान सरकार की उपलब्धियों को जमीन पर देखने की कोशिश की, लेकिन वहां पिछली सरकार की शुरू की गईं परियोजनाओं के अलावा कुछ मिला ही नहीं।
 
भाजपा ने राज्य में मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिए एक सुनियोजित साजिश रचने के अलावा कुछ नहीं किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक आधार पर चुनाव लड़ने के लिए लोगों को बांटने की सुनियोजित साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वह पार्टी के खिलाफ कोई निराधार आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि पार्टी के नेताओं की ओर से दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर : बिना आरटीपीसीआर, क्वारंटीन के ही घर पहुंच गए सात विदेश से लौटे यात्री

कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट पर अलर्ट के बीच विदेश से लौटे सात यात्री जम्मू-कश्मीर में बिना आरटीपीसीआर टेस्ट और क्वारंटीन के ही घर पहुंच गए। यूके और यूएई से लौटे इन सातों लोगों को प्रशासन ने तलाश कर घर में ही क्वारंटीन कर दिया है। 

प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार विदेश यात्रा से लौट रहे लोगों को पेड या फिर प्रशासनिक क्वारंटीन में सात दिन तक रहना होगा। इसके बाद दोबारा आरटीपीसीआर जांच में निगेटिव आने के बाद ही वे घरों को जा सकेंगे। लेकिन कठुआ जिले में सात मामलों में सामने आई लापरवाही ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल नेशनल सर्विलांस कमेटी की ओर से ऐसे यात्रियों का डाटा प्रदेश सर्विलांस और फिर जिला सर्विलांस को मुहैया करवाया जाता है। अमूमन इसमें एक दिन का समय लग रहा है, लेकिन इस अवधि में विदेश यात्रा कर लौट रहे लोग सीधा घरों को पहुंच रहे हैं। जब सात लोगों की सूचना मिली तो  स्वास्थ्य विभाग की टीमें दिनभर इनकी तलाश में जुटी रहीं।

सीएमओ कठुआ डॉ. अशोक चौधरी ने बताया कि विदेश यात्रा कर लौटने वालों की पहचान की जा रही है। इन्हें क्वारंटीन करवाने के साथ ही सात दिन बाद अनिवार्य आरटीपीसीआर जांच भी करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में यूके और यूएई से लौटे सात लोग मिले हैं। इनमें से तीन कट्टल ब्राह्मणा हीरानगर और चार गोविंदसर में एक ही परिवार से हैं। 

छह होटल और पीएचसी खरोट बने क्वांटीन सेंटर
जिला प्रशासन ने छह होटलों को पेड कोविड केयर सेंटर घोषित कर दिया है। यह सुविधा विदेश से लौटने वालों के लिए रहेगी। होटल हाल मार्क, होटल ग्रैंड प्लाजा, तांगड़ी पैलेस, त्रिकुटा होटल, हाईवे रसोई और होटल रत्न को कोविड केयर सेंटर घोषित करते हुए जिला मजिस्ट्रेट कठुआ ने रेट भी तय कर दिए हैं। हाल मार्क, ग्रैंड प्लाजा में जहां प्रतिदिन प्रति कमरा एक हजार रुपये निर्धारित किया गया है, वहीं अन्य में आठ सौ रुपये प्रति कमरा प्रतिदिन चुकाने होंगे। इनमें खान पान शामिल नहीं होगा। जिला मजिस्ट्रेट ने खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक नियंत्रक पंकज सोनी को इसका नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। 

डीसी कठुआ राहुल यादव ने बताया कि जो लोग विदेश यात्रा के बाद घरों को पहुंच चुके हैं उन्हें वहीं पर क्वारंटीन कर दिया गया है। विदेश से लौटने वालों को पीएचसी खरोट में तैयार या फिर पेड क्वारंटीन में सात दिन तक रहना होगा। जिसके बाद जांच में निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट के बाद ही उन्हें घरों को जाने की अनुमति दी जाएगी।
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तैयारी : जम्मू और श्रीनगर में अगले साल शुरू हो सकता है मेट्रोलाइट रेल का निर्माण

जम्मू-कश्मीर के दोनों राजधानी शहरों जम्मू और श्रीनगर में मेट्रोलाइट रेल परियोजना का काम 2022 में शुरू करने की तैयारी है। डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को मंजूरी के लिए केंद्र आवास एवं शहरी विकास विभाग के पास भेजा जा चुका है। इसकी जल्द मंजूरी मिल सकती है। मेट्रालाइट रेल परियोजना में सड़कों के ऊपर गलियारा बनाया जाएगा, जहां से सार्वजनिक परिवहन की बड़ी सौगात मिलेगी। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मेट्रोलाइट रेल परियोजना से जम्मू और श्रीनगर में यातायात की समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। पहले मेट्रो रेल परियोजना के लिए डीपीआर तैयार की गई थी। मेट्रो ट्रेन का रूट जमीन पर तैयार होता है। इसके लिए कई सुरंगें बनाई जानी थीं। मेट्रो रेल परियोजना पर 10599 करोड़ की अनुमानित लागत आनी थी। 

तकनीकी विशेषज्ञों और केंद्रीय टीम के सर्वे में जम्मू और श्रीनगर शहरों को सुरंगों से रेल रूट के लिए उपयुक्त नहीं पाया। इसी के चलते सरकार प्रदेश सरकार ने मेट्रोलाइट रेल परियोजना के विकल्प पर काम करते हुए डीपीआर तैयार करवाई है। मेट्रोलाइट रेल परियोजना में सड़कों के ऊपर ऊंचे गलियारे (ऐलिवेटेड तरीके) से रेल लाइन बिछाई जाएगी और इस पर 7942 करोड़ की राशि खर्च होगी। 

जम्मू-कश्मीर सरकार के योजना और निगरानी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को आइकॉनिक की श्रेणी में रखा है। इसमें बताया गया है कि जम्मू में 23 किलोमीटर लंबी मेट्रोलाइट रेल परियोजना पर 3593 करोड़ और श्रीनगर में 25 किलोमीटर लंबे ट्रैक के लिए कुल 4352 करोड़ की लाग आएगी। मेट्रो ट्रेन परियोजना की डीपीआर में जम्मू मेट्रो पर 4825 करोड़ व श्रीनगर मेट्रो परियोजना पर 5734 करोड़ की राशि खर्च होनी थी। 

जम्मू शहर में 22 व श्रीनगर में 24 स्टेशन बनेंगे
मेट्रोलाइट रेल परियोजना के जम्मू में कुल 22 स्टेशन बनेंगे। बाड़ी ब्राह्मणा से लेकर बनतालाब तक मेट्रोलाइट का कॉरिडोर बनेगा। श्रीनगर शहर में इंदिरा नगर से एचएमटी स्टेशन तक मेट्रोलाइट का कॉरिडोर बनेगा और कुल 24 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। 

मेट्रोलाइट रेल परियोजना प्रदेश के दोनों राजधानी शहरो में यातायात और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए बेहद अहम है। तकनीकी कारणों से मेट्रो रेल की जगह अब मेट्रोलाइट रेल परियोजना बनाने का फैसला लिया गया है। अंतिम डीपीआर मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के पास भेजी गई है। उम्मीद है कि केंद्रीय मंत्रालय से डीपीआर को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। 
- डॉ. राघव लंगर, मंडलायुक्त जम्मू
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अलर्ट : जम्मू-कश्मीर में आज से बारिश-बर्फबारी की चेतावनी, तीन दिन तक बिगड़ा रहेगा मौसम  

जम्मू-कश्मीर में आज से मौसम खराब हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने तीन दिन तक बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी है। पांच दिसंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी।

बर्फबारी से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात बाधित होने की आशंका है।जिला प्रबंधनों को आपात प्रबंधन मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। छह दिसंबर की दोपहर बाद मौसम में सुधार आएगा। बर्फबारी और बारिश से ठंड भी बढ़ेगी। 

मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार खराब मौसम की सूरत में साधना टॉप, जोजिला, सिंथन टॉप, मुगल रोड, रामबन-बनिहाल, पीर पंजाल के बीच सड़क मार्ग पर यातायात बाधित हो सकता है। इसमें कई पर्वतीय क्षेत्रों में दो से तीन और छह से सात इंच बर्फ गिर सकती है। पिछले कई हफ्ते से मौसम साफ चल रहा है, लेकिन सर्दी में भी इजाफा हुआ है।

कश्मीर के लगभग सभी जिलों में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चल रहा है। श्रीनगर में बीती रात का न्यूनतम तापमान माइनस 2.4, पहलगाम में माइनस 4.1 और गुलमर्ग में माइनस 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू में दिनभर मौसम साफ रहने के साथ पारा 26.0 और बीती रात का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

संभाग के बनिहाल में बीती रात का न्यूनतम तापमान 1.8, बटोत में 5.9, कटड़ा में 10.9 और भद्रवाह में 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह में बीती रात का न्यूनतम तापमान माइनस 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम खराब रहेगा। 
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जम्मू-कश्मीर : विस चुनाव की सुगबुगाहट के बीच गुपकार में बढ़ने लगी दरार, नेकां का पीडीपी-कांग्रेस पर हमला

अनुच्छेद 370 हटने के बाद नए जम्मू-कश्मीर में अगले साल पहले विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच दो साल पहले वजूद में आए गुपकार गठबंधन (पीएजीडी) में दरार बढ़ने लगी है। 

गठबंधन के प्रमुख घटक नेकां और पीडीपी के बीच उठापटक शुरू हो गई है। सरकार गिरने के बाद से पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती गठबंधन में भी अलग-थलग पड़ती दिख रही हैं। वह अपनी खोई जमीन को तलाशने में खामोशी से लगी हुई हैं। 

प्रधानमंत्री, गृह मंत्री व उप राज्यपाल के लगातार परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव के संकेतों से सभी राजनीतिक दलों ने सरगर्मी बढ़ा दी। खासकर गुपकार गठबंधन में शामिल नेकां और पीडीपी अपनी गतिविधियां बढ़ाते हुए पीरपंजाल व राजोरी -पुंछ में अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं। महबूबा मुफ्ती पहले जम्मू संभाग में डटीं। 

पीरपंजाल और राजोरी-पुंछ के साथ जम्मू में भी उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के अलावा जनसभाएं भी कीं। कुछ दिनों बाद नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला पीरपंजाल के दौरे पर आए। डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह के साथ ही रामबन में उन्होंने जनसभाएं कीं। इस दौरान उन्होंने अपने तेवर तल्ख करते हुए गुपकार गठबंधन में सहयोगी पीडीपी पर कड़ा हमला किया। 370 हटने के लिए साफ तौर पर पीडीपी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा के साथ पीडीपी की ओर से किए गए समझौते ने ही इसे हटाने की बुनियाद तैयार की। 

कहा, 2015 में उन्होंने पीडीपी को सरकार बनाने के लिए बिना किसी शर्त के समर्थन देने की पेशकश की थी, लेकिन वह नहीं मानी। नतीजा सबके सामने है। उमर ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद पर भी हमला करते हुए कहा कि 370 पर कांग्रेस ने हाथ खींचे हैं, लेकिन हम पीछे नहीं हटने वाले हैं। 

आजाद ने कहा था कि अनुच्छेद 370 पर बात करना फिजूल है। यह कभी वापस नहीं आएगा। बाद में आजाद ने स्पष्ट किया कि पांच अगस्त 2019 के निर्णय की खिलाफत में हम सभी एकजुट हैं। उनके बयान को कश्मीर घाटी में तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। वह जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल करने और जल्द से जल्द विधानसभा चुनाव करवाने की मांग करते हैं। 
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जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा में आतंकियों की बड़ी साजिश नाकाम, सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए लगाई गई आईईडी बरामद 

सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए हाईवे पर उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके में आतंकियों द्वारा लगाई गई आईईडी को सुरक्षा बलों ने निष्क्रिय कर बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। दहशतगर्दों ने सड़क किनारे दो किलो आईईडी लगाई थी।

विशेष सूचना के बाद शुक्रवार को सेना की टीम ने संदिग्ध आईईडी को खोजने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। इसी बीच सुबह करीब साढ़े 11 बजे बीएसएफ की पेट्रोलिंग पार्टी को कुपवाड़ा-कालारूच हाईवे पर पुलिया के किनारे तार से जुड़ी बैटरी के साथ संदिग्ध धातु दिखी। इसके बाद सेना, बीएसएफ और एसओजी की टीम ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी। 

स्थानीय लोगों को नुकसान न पहुंचे इसके लिए हाईवे पर दोनों तरफ से यातायात रोक दिया गया। सेना के बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल पर पहुंचकर संदिग्ध वस्तु को सड़क से उठाकर जंगल में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जंगल में बम निरोधक दल ने आईईडी को नष्ट कर दिया। इसके बाद यातायात को खोल दिया गया। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाने के लिए आतंकियों ने विस्फोटक सामग्री लगाई थी, जिसे नाकाम कर दिया है।
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आतंक पर उपराज्यपाल सख्त: आतंकी को मारने से खत्म नहीं होगा आतंकवाद, इससे जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र का ही खात्मा जरूरी 

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि किसी आतंकी को मारने से आतंकवाद खत्म नहीं होगा। आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए आतंकवाद से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करना जरूरी है। जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। प्रदेश को जल्द आतंकवाद मुक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

कश्मीर के राजनीतिक रोडमैप पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि परिसीमन के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव करवाए जाएंगे और फिर राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। यह काम देश की संसद ही कर सकती है। 

उपराज्यपाल ने एक साक्षात्कार में कहा कि आतंकवाद से किसी प्रकार का रिश्ता रखने वालों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। देश के संविधान की धारा 311 2(सी) में राज्य के लिए खतरा, आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसी परिस्थितियों में किसी को भी बिना कारण बताए सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में ऐसे मामलों पर एक समिति काम कर रही है। ऐसे दोषी लोग सरकारी नौकरी के अलावा सरकारी मदद नहीं पा सकते हैं। 
 
पाकिस्तान से नहीं, जम्मू-कश्मीर के लोगों से होगी बात
नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के कश्मीर में स्थिरता के लिए पाकिस्तान से बातचीत के सुझाव पर कहा कि भारत सरकार की नीति स्पष्ट है कि हम जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को विश्वास में लेकर उनसे ही बात करेंगे। इसमें तीसरे पक्ष से बात करने की गुंजाइश नहीं दिखती है। 
 
कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा
कश्मीरी विस्थापितों की घर वापसी के लिए अनुकूल माहौल पर सिन्हा ने कहा कि भारत सरकार के छह हजार नौकरी और छह हजार घरों के निर्माण पर वर्षों से गति से काम नहीं हो रहा था। इनमें 132 पदों को छोड़कर सारे भर दिए गए हैं और इनमें भी 80 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है।

कश्मीरी विस्थापितों के लिए लगभग 3500 घर निर्माणाधीन और बाकी टेंडर किए जा रहे हैं, जिसमें अगले डेढ़ साल में आवास बनकर तैयार हो जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में विकास को गति मिलने पर हताश पड़ोसी मुल्क ने कश्मीर में माहौल बिगाड़ने के लिए टारगेट किलिंग का सहारा लिया। लेकिन ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले आतंकियों में लगभग को मार गिराया गया है। हमारे लिए एक निर्दोष व्यक्ति की मौत सौ के बराबर है। 

किसी भी दल को राजनीतिक गतिविधियों से रोका नहीं जा रहा
जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान के तहत किसी भी दल को राजनीतिक गतिविधि करने से नहीं रोका जा रहा है। हाल ही के चुनावों में खुलकर लोग सामने आए। पिछले सात सालों की तुलना में इसी वर्ष सबसे अधिक पर्यटक पहुंचे।

अगले दो-ढाई साल में लोगों के सहयोग से कश्मीर का आगे का भविष्य भय मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, लोकत्रांतिक व्यवस्था के साथ विकसित जम्मू-कश्मीर होगा जो भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा। जम्मू-कश्मीर के लिए अब तक 31 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। जिसमें 15 हजार करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा चुकी है। 
 
370 हटने के बाद अभूतपूर्व बदलाव
अनुच्छेद 370 के हटने के बाद भारत के संविधान के तहत योग्य लोगों को अब नौकरी और शिक्षा में आरक्षण दिया जा रहा है। जाति को खत्म करके भूमि का हकदार बनाया गया है। जनजातीय समुदाय के लिए वन अधिकार अधिनियम लागू किया गया है। बहनों को संपत्तियों का अधिकार दिया गया है। जम्मू कश्मीर में अभूतपूर्व बदलाव आया है।
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आजाद बोले: घाटी में आतंकवादियों को मारने के लिए सुरक्षाबलों को उनके पीछे नहीं भागना चाहिए, इससे नागरिकों को होता है नुकसान  

LG Manoj Sinha ।
राजोरी में पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राजोरी और पुंछ जिले में सेना ने बड़े ऑपरेशन चलाकर आतंकवाद को खत्म करने में सफलता प्राप्त की। घाटी में सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के पीछे भाग कर उन्हें मारना नहीं चाहिए। जब कोई आतंकी किसी मुठभेड़ से भागने का प्रयास करता है तो उसके पीछे सुरक्षाबलों को नहीं जाना चाहिए। भागा हुआ आतंकवादी किसी के घर में अस्थायी रूप से शरण लेता है तो उसे निशाना नहीं बनाना चाहिए। इसकी कीमत आम नागरिक को चुकाना पड़ती है। 

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने राजोरी पुंछ के दौरे के दौरान शुक्रवार को राजोरी के डाक बंगले में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र जम्मू-कश्मीर में अंधा कानून चला रही है और अपनी मनमर्जी से काम कर रही है जो कि नहीं चलेगा। बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ रही है। जब से जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है तब से यहां कारोबार, विकास ठप और बेरोजगारी चरम पर है। 

2024 लोकसभा चुनाव में भी 300 सीटें जीतती नहीं दिख रही कांग्रेस
पुंछ में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्हें 2024 लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस 300 सीटें जीतती नहीं दिख रही है। पुंछ में जनसभा को संबोधित करते करते हुए आजाद ने कहा कि अनुच्छेद-370 की वापसी का फैसला सुप्रीम कोर्ट ही ले सकता है या फिर कांग्रेस पार्टी 300 सीटों के साथ सत्ता में आए लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है।
 
हालांकि उन्होंने कहा कि वह दुआ करेंगे कि कांग्रेस 300 से ज्यादा सीटें जीते। इस हफ्ते की शुरुआत में उन्होंने राजनीतिक दलों से प्रदेश में ऐसा माहौल बनाने का आग्रह किया था जिससे लोगों में यह विश्वास, भरोसा पैदा किया जा सके कि चुनाव कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह अब दलगत राजनीति नहीं करने जा रहे हैं।
 
वह किसी भी पार्टी के खिलाफ भी नहीं बोलने वाले हैं क्योंकि राज्य में एक दूसरे दल के खिलाफ बोलने का माहौल नहीं है। वह सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करते हैं कि एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने की जगह ऐसा माहौल तैयार करें जिससे लोगों को विश्वास हो कि प्रदेश में चुनाव कराए जा सकते हैं।
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सीबीआई की कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर में रिश्वत लेने के आरोप में अधीक्षण अभियंता समेत तीन इंजीनियरों को किया गिरफ्तार, उधमपुर जिले में हैं तैनात   

केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने उधमपुर जिले में कार्रवाई करते हुए रिश्वत लेने के आरोप में अधीक्षण अभियंता समेत लोक निर्माण विभाग के तीन इंजीनियरों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों के पास से एक लाख रुपये का चेक बरामद हुआ है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की पहचान इंजीनियरों की पहचान अधीक्षण अभियंता हिलाल अहमद शेख, कार्यकारी अभियंता टीके कौल और कनिष्ठ अभियंता संजय कौल शामिल है। 

सीबीआई की टीम ने देर रात लोक निर्माण विभाग के उधमपुर स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर छापा मारा। शिकायत के मुताबिक तीनों इंजीनियरों ने एक काम के बदले तीन लाख की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता के साथ डेढ़ लाख में सौदा तय हो गया।

 कार्रवाई करते हुए टीम ने इंजीनियरों से चालीस हजार रुपये और एक चेक बरामद किया है। देर रात हुई कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों की जम्मू ले जाया गया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 
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जम्मू-कश्मीर: कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को बेचने के मामले में दो गिरफ्तार, एनजीओ का दफ्तर सील 

जम्मू-कश्मीर में कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों को बेचने और अवैध रूप से गोद लेने के मामले में पुलिस ने पांपोर के दो आरोपियों को वीरवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापा मारकर इस मामले में शामिल एनजीओ के दफ्तर को सील करने के साथ ही आवश्यक दस्तावेज भी जब्त किया है। 

पुलिस ने बताया कि पुलवामा जिले के बाल कल्याण समिति की शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में दो आरोपियों बेमिना निवासी मोहम्मद आमिन राथर व पांपोर निवासी एजाज अहमद डार को गिरफ्तार किया गया।
 
छानबीन में यह भी पता चला कि दोनों आरोपी पांपोर क्षेत्र के संबूरा में एक ट्रस्ट ग्लोबल वेलफेयर चैरिटेबल ट्रस्ट नाम से चलाते हैं। ट्रस्ट 2020 में बनाया गया। इस पर पुलिस ने ट्रस्ट के कार्यालय में छापा मारकर दस्तावेजों की जांच की। कार्यालयों को सील करने के साथ ही सभी रिकॉर्ड जब्त कर लिए। 

सरकार ने मामले की जांच के दिए हैं आदेश
मामला संज्ञान में आने पर सरकार ने जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग के लिए तथ्य अन्वेषण समिति का गठन कर सभी जिलों में अनाथों की जानकारी जुटाने के भी निर्देश दिए हैं। कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को बेचने और अवैध गोद लेने की खबर ऑनलाइन जारी होने पर समेकित बाल सुरक्षा योजना (आईसीपीएस) की मिशन डायरेक्टर शबनम कामिली ने इसका संज्ञान लिया।
 
उन्होंने सभी बाल कल्याण समिति को कोरोना से अनाथ हुए बच्चों से व्यक्तिगत रूप से मिलने को कहा जो पहले से विभाग की ओर से चिह्नित हैं। इन बच्चों का पूरा ब्योरा केंद्र सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराने के साथ ही आईसीपीएस निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा। समाज कल्याण विभाग की सचिव शीतल नंदा ने भी आईजी कश्मीर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। 
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कोरोना जांच: विदेश से आए सात लोगों ने उड़ाई जम्मू-कश्मीर प्रशासन की नींद, बिना टेस्ट और क्वारंटीन के पहुंच गए घर

कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट पर अलर्ट के बीच विदेश से लौटे सात यात्री जम्मू-कश्मीर में बिना आरटीपीसीआर टेस्ट और क्वारंटीन के ही घर पहुंच गए। कठुआ जिले में यूके और यूएई से लौटे इन सातों लोगों को प्रशासन ने तलाश कर घर में ही क्वारंटीन कर दिया है। वहीं, कर्नाटक में ओमिक्रॉन के दो मामलों की पुष्टि के बाद जम्मू-कश्मीर में अलर्ट जारी किया गया है।

प्रदेश में प्रवेश के सभी मार्गों से लेकर चिकित्सा संस्थानों को कोविड प्रोटोकॉल के सख्ती से पालन के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, विदेश से लौटने वालों के लिए जम्मू एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर टेस्टिंग शुरू हो गई है। इससे पूर्व यहां रैपिड टेस्टिंग की जा रही थी। प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार विदेश यात्रा से लौट रहे लोगों को पेड या फिर प्रशासनिक क्वारंटीन में सात दिन तक रहना होगा।

इसके बाद दोबारा आरटीपीसीआर जांच में निगेटिव आने के बाद ही वे घरों को जा सकेंगे। लेकिन कठुआ जिले में सात मामलों में सामने आई लापरवाही ने सवाल खड़े कर दिए हैं। नेशनल सर्विलांस कमेटी की ओर से ऐसे यात्रियों का डाटा प्रदेश सर्विलांस और फिर जिला सर्विलांस को मुहैया करवाया जाता है। इसमें एक दिन का समय लग रहा है, लेकिन इस अवधि में विदेश यात्रा कर लौट रहे लोग सीधा घरों को पहुंच रहे हैं।



कठुआ प्रशासन को सात लोगाें के आने की सूचना मिली तो टीमों को उनकी तलाश में लगाया गया। सीएमओ कठुआ डॉ. अशोक चौधरी ने बताया कि विदेश यात्रा कर लौटने वालों की पहचान की जा रही है। इन्हें क्वारंटीन करवाने के साथ ही सात दिन बाद अनिवार्य आरटीपीसीआर जांच भी करवाई जाएगी। जिले में यूके और यूएई से लौटे सात लोग मिले हैं। इनमें से तीन कट्टल ब्राह्मणा हीरानगर और चार गोविंदसर में एक ही परिवार से हैं। ब्यूरो/संवाद
 
डीसी कठुआ राहुल यादव ने बताया कि जो लोग विदेश यात्रा के बाद घरों को पहुंच चुके हैं उन्हें वहीं पर क्वारंटीन कर दिया गया है। विदेश से लौटने वालों को पीएचसी खरोट में तैयार या फिर पेड क्वारंटीन में सात दिन तक रहना होगा। जिसके बाद जांच में निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट के बाद ही उन्हें घरों को जाने की अनुमति दी जाएगी।
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जम्मू-कश्मीर: बच्चों को बेचने की घटना के बाद अनाथालयों, नारी निकेतन और बाल आश्रमों की होगी निगरानी

कश्मीर के पांपोर में कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को बेचने और अवैध तरीके से गोद लेने जैसे मामलों में जीरो टॉलरेंस जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। वीरवार को उच्च स्तरीय बैठक कर मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने पांपोर मामले में शामिल अन्य आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए जांच तेज करने के लिए कहा।

गृह विभाग को जम्मू-कश्मीर में चल रहे अनाथालयों, नारी निकेतन और बाल आश्रमों के अलावा गैर सरकारी संगठनों की तरफ से चलाए जा रहे संस्थानों की निगरानी बढ़ाने के भी अधिकारियों को आदेश जारी किए। मुख्य सचिव ने कहा समाज कल्याण विभाग और कानून लागू करने वाली एजेंसियां भविष्य में पांपोर जैसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी प्रशासनिक उपायों पर गौर करे।

डीआईजी कश्मीर ने मुख्य सचिव को बताया कि पांपोर मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और डीएससी रैंक के अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा है। एक सप्ताह में जांच पूरी होगी और विभाग इस मामले की तह तक जाएगा। कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी धाराओं को आरोपियों पर लगाया जाएगा। 

मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों और महिलाओं की खरीद-फरोख्त अमानवीय घटना है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कहा कि यौन शोषण और जबरन श्रम करवाने जैसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति से काम करना होगा। उन्होंने कहा मानव खरीद फरोख्त और नारको व ड्रग से कनेक्शन के मामले आतंकवाद से भी जुड़े होते हैं।

समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग के अलावा डीसी कार्यालय से मजिस्ट्रेट को नारी आश्रमों, बाल आश्रम, संबंधित एनजीओ और ट्रस्ट के रिकॉर्ड की जांच करने के लिए संयुक्त टीमों के गठन के निर्देश भी दिए। समाज कल्याण विभाग की सचिव ने इस अवसर पर सूचना दी कि कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षण को कानून की सख्त धाराओ के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। 

उन्होंने कहा बाल कल्याण कमेटियो को कहा गया हैं कि कोविड अनाथ बच्चों से मिले और इस संबंध में विभाग को रिपोर्ट भी सौंपे। मुख्य सचिव ने समाज कल्याण विभाग को ऐसे केंद्रों में मानव स्रोत और लेखा का पांच वर्ष का ऑडिट करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे सभी केंद्रों की निकटतम पुलिस थानो के माध्यम से जांच करवाए जाने के लिए भी कहा। 

बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में वर्तमान समय में करीब 6000 एनजीओ बच्चों व महिलाओं के कल्याण के लिए काम करने के लिए पंजीकृत हैं। बैठक में गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव के अलावा सीआईडी के विशेष निदेशक, समाज कल्याण और कानून विभाग के प्रशासनिक सचिव व मंडलायुक्तों के अलावा केंद्रीय कश्मीर के डीआईजी व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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Corona Case: जम्मू एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर टेस्टिंग शुरू, यात्रियों के कोरोना टेस्ट फिर शुरू

एयरपोर्ट जम्मू में विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट सुविधा शुरू कर दी गई। इससे पहले यहां रैपिड टेस्ट ही किया जा रहा था। इस नई व्यवस्था से यात्रियों और चिकित्सा स्टाफ में बहस बढ़ गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी जम्मू के पास सीधे तौर पर विदेशों से आने वालों की जानकारी नहीं होती, जिसमें प्रत्येक यात्री से चिकित्सा स्टाफ पूछताछ कर रहा है।

इसमें कई यात्री दिल्ली एयरपोर्ट से भी आरटीपीसीआर टेस्ट करवाकर आ रहे हैं, लेकिन जम्मू में दोबारा टेस्ट के लिए कहा जा रहा है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रैपिड-आरटीपीसीआर दोनों टेस्ट मशीनें उपलब्ध हैं, जिससे दो से ढाई घंटे के बीच रिपोर्ट आ जाती है और यात्री को रिपोर्ट देकर भेज दिया जाता है लेकिन जम्मू एयरपोर्ट पर ऐसी सुविधा नहीं है।

सभी विदेशी यात्रियों के पहले आरटीपीसीआर टेस्ट लिए जाते हैं, जिसके बाद लैब में भेजा जाता है। लैब से रिपोर्ट के लिए न्यूनतम 24 घंटे का समय लग जाता है, जिससे मजबूरन यात्रियों के टेस्ट कर उन्हें होम आइसोलेट के लिए भेजा जा रहा है। वीरवार शाम तक जम्मू एयरपोर्ट पर विदेश से आए 12 यात्रियों के आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए थे। जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार को आएगी। 

एयरपोर्ट प्राधिकरण से कोविड प्रबंधन पर चर्चा
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रेणु शर्मा और अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने वीरवार को जम्मू एयरपोर्ट प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड प्रबंधन पर चर्चा की गई। इसमें मुख्य तौर पर जम्मू एयरपोर्ट पर आधुनिक रैपिड आरटीपीसीआर कोविड परीक्षण मशीन लगाने पर जोर दिया गया, ताकि विदेशी यात्री को दो से ढाई घंटे वहीं बिठाकर रिपोर्ट देकर भेज दिया जाए। इससे यात्रियों की यात्रा सुगम बन सकेगी।
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