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एआई का डर बढ़ाने वालों पर बरसे ट्रंप: बोले- चीन से आगे रहना ही होगा; रूस पर हमलों को लेकर जेलेंस्की पर भी सख्त

Sun, 13 Sep 2026 07:17 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 13 Sep 2026 07:17 PM IST
सार

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एआई और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दो अहम संदेश दिए हैं। उन्होंने एआई को लेकर डर बढ़ाने वाली ताकतों की आलोचना की और कहा कि अमेरिका को चीन से आगे रहना ही होगा। वहीं, यूक्रेन के रूस में तेल और ऊर्जा ठिकानों पर बढ़ते ड्रोन हमलों को रोकने के लिए जेलेंस्की से कहा। तो क्या ट्रंप की प्राथमिकता हर मोर्चे पर अमेरिका की बढ़त बनाए रखना है? आइए सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Trump Warns Zelenskyy to Stop Attacks on Russian Oil Sites: Is It a Push to End the War or Something Else
यूक्रेन के रूस पर तेल हमलों से ट्रंप क्यों चिंतित? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एआई की बढ़ती ताकत और रूस-यूक्रेन युद्ध, दोनों मुद्दों पर अपना रुख साफ किया है। एआई को लेकर उद्योग की रफ्तार धीमी करने और ज्यादा कड़े नियम बनाने की मांग के बीच ट्रंप ने कहा कि कुछ ‘बहुत नकारात्मक ताकतें’ तकनीक को लेकर डर बढ़ा रही हैं। दूसरी तरफ रूस में तेल और ऊर्जा ठिकानों पर यूक्रेन के हमलों को लेकर उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को इन्हें रोकने का संदेश दिया है। दोनों मामलों में ट्रंप ने अमेरिकी हित और बढ़त को अहम बताया।
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एआई को लेकर ट्रंप ने चीन का जिक्र क्यों किया?

ट्रंप से पूछा गया था कि क्या एआई उद्योग की रफ्तार धीमी की जानी चाहिए या इस पर ज्यादा कड़े नियम लगाए जाने चाहिए। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका एआई में चीन से आगे है और दुनिया का सबसे उन्नत देश है। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका की यह स्थिति बनाए रखना चाहते हैं, क्योंकि जो एआई में जीत हासिल करेगा, वही जीत हासिल करेगा। ट्रंप के बयान से साफ है कि वह एआई को केवल नई तकनीक नहीं, बल्कि अमेरिका की वैश्विक बढ़त से जुड़ा विषय मानते हैं।
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क्या ट्रंप एआई पर सुरक्षा नियमों के खिलाफ हैं?

ट्रंप ने एआई के लिए सुरक्षा उपायों की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ ‘गार्डरेल’ यानी सुरक्षा सीमाएं लगा सकती है। हालांकि, उनका कहना था कि एआई को लेकर उठाई जा रही कुछ चिंताओं को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ नकारात्मक ताकतें ऐसी बातें उठा रही हैं, जिन्हें उठाया नहीं जाना चाहिए और जिनके होने की संभावना भी नहीं है। यानी ट्रंप एआई को रोकने के बजाय सुरक्षा उपायों के साथ उसके विकास को जारी रखने के पक्ष में हैं।
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रूस के तेल ठिकानों पर हमले को लेकर जेलेंस्की से क्या कहा?

ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से रूस में डीजल ईंधन को नुकसान पहुंचाने वाले हमले रोकने को कहा है। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस की तेल रिफाइनरियों, ईंधन भंडारों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले तेज किए हैं। इन हमलों से रूस में तेल उत्पादन और ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ट्रंप ने कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका की जेलेंस्की से बातचीत भी हुई है।

क्या जेलेंस्की को संदेश युद्ध खत्म कराने की कोशिश का हिस्सा है?

अमेरिका रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए नए सिरे से प्रयास कर रहा है। ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने बयान से करीब एक सप्ताह पहले मास्को और कीव का दौरा किया था। दोनों ने पहले रूसी अधिकारियों से मुलाकात की और फिर कीव में जेलेंस्की से बातचीत की। 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद यह दोनों की यूक्रेन की राजधानी की पहली यात्रा थी।
 

शांति पहल से इतर ट्रंप को और क्या फायदा?

  • यदि रूस की रिफाइनरियां और तेल संरचनाएं क्षतिग्रस्त होती हैं, तो वैश्विक बाजार में डीजल, पेट्रोल और कच्चे तेल की आपूर्ति घट सकती है। आपूर्ति में कमी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। इसका सीधा असर अमेरिका के घरेलू पेट्रोल और डीजल पंपों पर पड़ता है। ये आम नागरिकों की जेब और महंगाई को प्रभावित करते हैं। 
  • अमेरिका को डर रहता है कि रूसी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के जवाब में रूस पश्चिमी देशों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ट्रांजिट रूट या ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बना सकता है, जिससे यूरोप और पश्चिमी सहयोगियों के लिए ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है। वाशिंगटन इस बात को लेकर भी सतर्क रहता है कि संघर्ष अनियंत्रित होकर नाटो और रूस के बीच सीधे टकराव का रूप न ले ले।
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