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राजस्थान: अलवर में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में देर रात पुलिस पहुंची, एक घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा
Sun, 13 Sep 2026 07:23 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 13 Sep 2026 07:23 PM IST
सार
अलवर में रामगढ़ नगरपालिका के कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों की बाड़ेबंदी वाले धवाला रिसॉर्ट में शनिवार देर रात पुलिस पहुंच गई। एक युवक के परिवार से संपर्क नहीं होने की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी।
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धवाला रिसॉर्ट में कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलवर में निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस की बाड़ेबंदी में कथित भाजपा दखल के आरोपों के बीच अब कांग्रेस के सामने अपने पार्षदों और समर्थित निर्दलीय पार्षदों को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। शुक्रवार को बस्सी के तुंगा में एक निर्दलीय प्रत्याशी को बाड़ेबंदी से बाहर लाए जाने के बाद शनिवार देर रात अलवर-जयपुर रोड स्थित धवाला के एक फार्म हाउस/रिसॉर्ट में पुलिस पहुंचने से सियासी माहौल गरमा गया।
बताया जा रहा है कि धवाला में रामगढ़ नगरपालिका के कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों की बाड़ेबंदी की गई थी। रामगढ़ नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 से निर्दलीय प्रत्याशी अंजू कुमारी ने चुनाव लड़ा था। 10 सितंबर को अंजू कुमारी और उनके पति योगेश को कांग्रेस अपने साथ बाड़ेबंदी में ले आई थी। इसी दौरान योगेश के भाई राकेश ने रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दी कि उसके भाई से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उसे आशंका है कि उसे जबरन कहीं ले जाया गया है।
शिकायत के बाद रिसॉर्ट पहुंची पुलिस
रिपोर्ट के बाद पुलिस को बाड़ेबंदी के संभावित स्थान की जानकारी मिली। इसके बाद अकबरपुर थाना क्षेत्र के धवाला स्थित रिसॉर्ट में पुलिस पहुंची। थाना प्रभारी रमेश सैनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के रिसॉर्ट में प्रवेश करते ही वहां हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस के स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंच गए और काफी देर तक पुलिस तथा कांग्रेस नेताओं के बीच गहमागहमी का माहौल बना रहा।
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'अपनी मर्जी से आए'
पुलिस की ओर से बताया गया कि शिकायत मिली है कि योगेश का अपने परिवार से संपर्क नहीं हो रहा है। इस पर योगेश ने पुलिस के सामने कहा कि वह और उसकी पत्नी अंजू कुमारी अपनी मर्जी से कांग्रेस के साथ बाड़ेबंदी में आए हैं और उन्हें किसी ने जबरन नहीं लाया है। इसके बाद करीब एक घंटे तक मौके पर घटनाक्रम चलता रहा।
बाड़ेबंदी पर बढ़ा सियासी तनाव
देर रात तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस वापस लौटी। हालांकि, निकाय चुनाव के बाद पार्षदों की बाड़ेबंदी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। कांग्रेस जहां अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटी है, वहीं पुलिस में दर्ज शिकायतों के बाद बाड़ेबंदी की सुरक्षा और पार्षदों की स्वेच्छा से मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि धवाला में रामगढ़ नगरपालिका के कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों की बाड़ेबंदी की गई थी। रामगढ़ नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 से निर्दलीय प्रत्याशी अंजू कुमारी ने चुनाव लड़ा था। 10 सितंबर को अंजू कुमारी और उनके पति योगेश को कांग्रेस अपने साथ बाड़ेबंदी में ले आई थी। इसी दौरान योगेश के भाई राकेश ने रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दी कि उसके भाई से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उसे आशंका है कि उसे जबरन कहीं ले जाया गया है।
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शिकायत के बाद रिसॉर्ट पहुंची पुलिस
रिपोर्ट के बाद पुलिस को बाड़ेबंदी के संभावित स्थान की जानकारी मिली। इसके बाद अकबरपुर थाना क्षेत्र के धवाला स्थित रिसॉर्ट में पुलिस पहुंची। थाना प्रभारी रमेश सैनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के रिसॉर्ट में प्रवेश करते ही वहां हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस के स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंच गए और काफी देर तक पुलिस तथा कांग्रेस नेताओं के बीच गहमागहमी का माहौल बना रहा।
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'अपनी मर्जी से आए'
पुलिस की ओर से बताया गया कि शिकायत मिली है कि योगेश का अपने परिवार से संपर्क नहीं हो रहा है। इस पर योगेश ने पुलिस के सामने कहा कि वह और उसकी पत्नी अंजू कुमारी अपनी मर्जी से कांग्रेस के साथ बाड़ेबंदी में आए हैं और उन्हें किसी ने जबरन नहीं लाया है। इसके बाद करीब एक घंटे तक मौके पर घटनाक्रम चलता रहा।
बाड़ेबंदी पर बढ़ा सियासी तनाव
देर रात तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस वापस लौटी। हालांकि, निकाय चुनाव के बाद पार्षदों की बाड़ेबंदी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। कांग्रेस जहां अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटी है, वहीं पुलिस में दर्ज शिकायतों के बाद बाड़ेबंदी की सुरक्षा और पार्षदों की स्वेच्छा से मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।