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राजस्थान

गुरूवार, 22 अगस्त 2019

बेटे की हुई थी पीट-पीटकर हत्या, पिता को मिल रही थी धमकियां परेशान होकर की आत्महत्या

पिछले महीने राजस्थान के भिवाड़ी में कथित तौर पर अपनी मोटर साइकिल से एक महिला को टक्कर मारने के बाद उस व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला गया। उसके पिता को कथित तौर पर धमकी भरी कॉल मिल रही थी। जिसके बाद मृतक के पिता ने आत्महत्या कर ली है। 

अलवर पुलिस के एसपी ने बताया कि हमें सूचना मिली कि मृतक हरीश जाटव के पिता रत्तिराम ने धमकी भरे कॉल से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। सूचना के बाद हम मौके पर पहुंचे और रत्तिराम को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस जांच में जुटी हुई है। 


गौरतलब है कि पिछले महीने मृतक हरीश जाटव भिवाड़ी से लौट रहा था। लौटते वक्त रास्ते में उसकी बाइक की टक्कर एक महिला से हो गई। जिसके बाद वहां उसकी पिटाई कर दी गई। पिटाई से उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद अगले दिन टक्कर लगने वाली महिला हकीमन और हरीश जाटव के पिता ने अलवर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। 

जिस पर अलवर पुलिस अधीक्षक पारीस देशमुख ने बताया था कि मृतक के पिता का आरोप था कि उमर शेर नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने मिलकर उसके बेटे की पिटाई कर दी जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। वहीं हकीमन के पति का आरोप था कि हरीश ने शराब के नशे में उसकी पत्नी को अपनी तेज रफ्तार बाइक से टक्कर मार दी जिसके बाद हकीमन बेसुध हो कर गिर पड़ी। 
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पहलू खान मामला: पुलिस जांच में कमियों के चलते छह लोग संदेह का लाभ पाकर हुए बरी

अलवर की अपर जिला सत्र न्यायालय ने बुधवार को 2017 के पहलू खान मॉब लिंचिग मामले में छह आरोपियों को पुलिस जांच में गंभीर कमियों के चलते संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। न्यायाधीश ने अपने निर्णय में पुलिस जांच में कई तरह की कमियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी कमियों के कारण मामले में संदेह पैदा हुए और आरोपियों को संदेह का लाभ लेने का अवसर मिला।

अदालत ने बुधवार को अपने निर्णय में पहलू खान हत्या मामले के छह बालिग आरोपियों विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश और भीम सिंह राठी को संदेह का लाभ देकर बरी किया। न्यायालय ने जांच में लापरवाही को इंगित किया है। अदालत ने अपने निर्णय में बताया कि छह आरोपियों के नाम पहलू खान और अन्य शिकायतकर्ताओं के पर्चा बयान में दर्ज नहीं थे। आरोपियों की पहचान वीडियो के आधार पर की गई थी लेकिन जांच अधिकारी रमेश सिनसिवार ने वीडियो जिस उपकरण से बनाया गया था उसे जब्त नहीं किया।

जिन लोगों पर आरोप लगे थे उनकी पहचान शिकायतकर्ताओं द्वारा नहीं की गई जिसे सीआरपीसी की धारा 161 के तहत किया जाना चाहिए था। इसके साथ-साथ सिनसिनवार द्वारा अस्पताल में पहलू खान के दर्ज किए गए बयान के बाद अस्पताल के चिकित्सक से यह प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया जिससे यह प्रमाणित हो सके कि पहलू खान बयान देने की स्थिति में थे या नहीं।

जांच अधिकारी ने बयान दर्ज होने के 16 घंटे बाद बयान पुलिस थाने में पेश किये जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के बहरोड थाना क्षेत्र में 1 अप्रैल 2017 को पहलू खान, उनके दो पुत्रों और अन्य लोगों द्वारा गोवंश के परिवहन के दौरान की गई मारपीट के समय सिनसिनवार बहरोड के थानाधिकारी थे। पहलू खान की 3 अप्रैल 2017 को उपचार के दौरान मौत हो गई।
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भीड़ हिंसा: पहलू खान की हत्या में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी किया

राजस्थान के अलवर की अदालत ने अप्रैल 2017 के बहुचर्चित पहलू खान भीड़ हत्या (मॉब लिंचिंग) मामले में सभी छह बालिग आरोपियों को बुधवार को बरी कर दिया। अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। अपर लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह खटाणा ने अलवर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय (संख्या एक) के बाहर संवाददाताओं को बताया कि अदालत ने छह आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। 

उन्होंने कहा कि फैसले की प्रति अभी हमें नहीं मिली है। फैसले का अध्ययन करने के बाद हम निश्चित रूप से उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। न्यायाधीश डॉ सरिता स्वामी ने सात अगस्त को दोनों पक्षों की बहस और अंतिम जिरह सुनने के बाद अपना फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में कुल नौ आरोपियों में तीन नाबालिग हैं, जिनका मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है। बालिग आरोपियों में विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार और भीम राठी शामिल थे, जिन्हें अदालत ने बरी कर दिया।

बचाव पक्ष के वकील हुकुम चंद शर्मा ने अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो इस मामले की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, पहलू खान पक्ष के वकील कासिम खान ने कहा कि अदालत के फैसले की प्रति मिलने के बाद हम इसका अध्ययन करेंगे और आगे अपील करेंगे। हमें उम्मीद है कि हमें न्यााय मिलेगा। पहलू खान के बेटे इरशाद ने कहा कि वह अदालत के इस फैसले से खुश नहीं हैं और आगे अपील करेंगे। 

इस बहुचर्चित घटना के समय राज्य के गृहमंत्री रहे और फिलहाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने अदालत का फैसला आने के बाद कहा कि मैं शुरू से ही इस मामले में स्पष्ट था कि कानून की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। इस मामले को एक विशेष (राजनीतिक) रंग देकर देश भर में उठाया गया मानों हम इस तरह की हत्याओं के पक्षकार हैं। 

इस मामले में सीबीसीआई ने नामजद छह व्यक्तियों को सुधीर यादव, हुकमचंद यादव, ओम यादव, नवीन शर्मा, राहुल सैनी और जगमाल सिंह को आरोपी नहीं माना था। जिसके बाद वीडियो फुटेज और अन्य प्रमाणों के आधार पर नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल थे। 

गौरतलब है कि एक अप्रैल, 2017 को हरियाणा के नुहं मेवात जिले के निवासी पहलू खान अपने बेटों के साथ जयपुर के पशु हटवाड़ा से दो गाय खरीद कर अपने घर लौट रहे थे। शाम के समय बहरोड़ पुलिया के पास भीड़ ने उन्हें रोक लिया और पहलू व उसके बेटों की पिटाई की गई। इस मारपीट में पहलू खान बुरी तरह घायल हो गया था। सूचना पर पुलिस ने पहलू खान को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। 
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राजस्थान के मंत्री धारीवाल ने कहा: राजीव गांधी भाजपा-संघ दोनों को मानते थे देश के लिए खतरा

राजस्थान के संसदीय कार्य और शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि राजीव गांधी को भाजपा और संघ का चरित्र इसलिए अखरता था क्योंकि ये दोनों शुरू से दलित और अल्पसंख्यक विरोधी थे।

जयपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राजीव गांधी महान मानवतावादी व्यक्ति थे।


उन्होंने कहा कि ‘राजीव गांधी सबसे ज्यादा परेशान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचाराधारा से थे। उनकी यह पक्की सोच थी कि यह देश अगर सबसे ज्यादा नुकसान उठायेगा, इस देश में सांप्रदायिक तनाव से सबसे अधिक नुकसान होगा तो वह आरएसएस की नीतियों की वजह से होगा।’ 

उन्होंने कहा कि ‘1929 में जब महात्मा गांधी ने पूरे देशवासियों से 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का आह्वान किया और लोगों से अपने-अपने घरों पर तथा जहां जहां भी लोग जाते हों वहां तिरंगा झंडा लहराने की अपील की तब भी उस दिन संघ की शाखाओं में भगवा ध्वज की वंदना हो रही थी।’ 

साथ ही उन्होंन कहा कि ‘राष्ट्रीय ध्वज की जगह ये लोग केसरिया झंडा ही फहराना चाहते हैं। गोलवलकर (माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक तथा विचारक) ने राष्ट्रीय ध्वज का जबरदस्त अपमान किया था। संघ ने शुरू से कहा है और उसका आज से नहीं 1925 से यही कहना है कि राष्ट्रगान जन गण मन देशभक्ति की वो भावनाएं नहीं जगाता जो राष्ट्रगीत करता है। ये लोग राष्ट्रगान के भी खिलाफ थे।’ 

उन्होंने कहा कि संघ के लोग खुलेआम कहते थे कि तिरंगा में तीन रंग कैसे एक ही रंग होना चाहिए मतलब भगवा रंग होना चाहिए।

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शांति धारिवाल शांति धारिवाल

गिरफ्तारी से बचने के लिए देहरादून में जा बसा आरएएस अधिकारी, रिश्वत मामले में छह साल बाद पकड़ा गया

राजस्थान में रिश्वत लेने के मामले में एक आरएएस अधिकारी अशोक कुमार शर्मा गिरफ्तारी से बचने के लिए देहरादून में जा बसे। हलाांकि उन्हें अब इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक उन्हें इस मामले में एसीबी ने छह साल बाद पकड़ा है। इन दिनों वह रिटायर भी हो गए हैं। जब उनपर रिश्वत के यह आरोप लगे थे तब वह एसडीएम थे। पुलिस के मुताबिक शर्मा हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कांति गांव के रहने वाले हैं।   

शर्मा को मंगलवार को श्रीगंगानगर स्थित एसीबी मामलों की विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसीबी के अनुसार आरएएस अफसर शर्मा के खिलाफ हनुमानगढ़ के टिब्बी तहसील निवासी शिव भगवान बंसल ने 2011 में बीकानेर स्थित एसीबी मामलों की विशेष अदालत में परिवाद पेश किया था।

उन पर आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर भट्टा संचालकों से 20-20 हजार की रिश्वत मांगी थी। मामले में जांच के बाद रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय भेजी गई। इसके बाद उनपर 2013 में मुकदमा दर्ज कर दोबारा जांच की गई। वहीं इस बीच वह सेवानिवृत्त हो गए और देहरादून जाकर छिप गए।   
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राजस्थान: जयपुर के 10 थाना क्षेत्र में 21 अगस्त तक धारा 144 लागू

असामाजिक तत्वों के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के प्रयासों को लेकर राजस्थान पुलिस ने जयपुर के 10 पुलिस स्टेशनों के तहत 19 अगस्त 2019 से 21 अगस्त 2019 तक धारा -144 लागू कर दी है। 


इससे पहले 14 अगस्त को राजस्थान की राजधानी जयपुर में दो पक्षों के बीच टकराव और विवाद हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा कारणों से राजधानी के 10 थाना क्षेत्रों पर पांच दिनों के लिए धारा 144 लगा दी थी। 

इलाके की मोबाइल और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई थी। पुलिस ने रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा के इंतजाम भी किए थे।

गौरतलब है कि महीने के शुरुआत में जयपुर के गलता गेट ईदगाह सहित कुछ इलाकों में सोमवार रात को दो पक्षों में तनाव और पत्थरबाजी की घटनाएं हुई थीं। अगले दिन हालात सामान्य रहे, लेकिन रात में शहर के गंगापोल इलाके में तनाव बढ़ गया था। 

पथराव की घटना के बाद चारदीवारी और आसपास के 10 थाना क्षेत्रों में पांच दिन के लिए धारा 144 लगा दी गयी थीं। इन थाना क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया गया था। 
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आईएसआई एजेंट के साथ भारत में घुसे चार आतंकी, पूरे देश में हाईअलर्ट

राजस्थान-गुजरात सीमा से सोमवार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) एजेंट के साथ चार लोगों के एक समूह ने भारत में प्रवेश किया है। जिला अधिकारियों को जैसे ही इसके बारे में जानकारी मिली उन्होंने राजस्थान-गुजरात समेत पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह सभी लोग अफगानिस्तानी पासपोर्ट के जरिए भारत के अंदर दाखिल हुए हैं।



राजस्थान के सिरोही के पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा ने जिले के सभी पुलिस स्टेशनों को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा, 'आईएसआई एजेंट के साथ चार लोगों के एक समूह ने भारत में प्रवेश कर लिया है जिसकी वजह से राजस्थान और गुजरात सीमा सहित पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया गया है। यह आतंकी किसी भी समय आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं।'



पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की सख्ती से जांच करे जैसे कि होटल और बस स्टेशन। जिससे कि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके। पुलिस को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह विशिष्ट क्षेत्रों में चेकप्वाइंट लगाए और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर नजर रखे।

इसके अलावा पुलिसकर्मियों को पूरी तरह से अलर्ट रहने और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने को कहा गया है। इससे पहले नौ अगस्त को खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के जेहादी आतंकी जम्मू-कश्मीर और उसके बाहर बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

अनुच्छेद 370 हटने से बौखलाया हुआ है पाकिस्तान

19 अगस्त को रक्षा सूत्रों ने बताया कि उन्हें घाटी में फिदायीन हमले के इनपुट हैं वहीं, पकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) को भी सक्रिय किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के सामने पाकिस्तानी जफरवाल क्षेत्र में कुछ आतंकियों को सक्रिय किया गया है। उन्हें बैट के साथ हमले करने के लिए निर्देश मिले हैं। इनपुट के अनुसार सांबा क्षेत्र में बैट हमले की योजना है।

बसंतर के सामने पाकिस्तानी जफरवाल क्षेत्र में लैहरी कलां लॉचिंग पैड स्थापित है, जहां आतंकियों की हलचल देखी गई है। उन्हें सीमा की रेकी करवा कर घुसपैठ के साथ हमले करने के कडे़ निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, बीएसएफ के अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा कड़ी है और सतर्कता के चलते घुसपैठ कर पाना आसान नहीं है। 
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राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह  

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राजस्थान से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। सोमवार को नामांकन पत्र वापसी के अंतिम दिन राज्यसभा की एक सीट के उपचुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की गई।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी के निधन के बाद एक सीट खाली हो गई थी। निर्विरोध चुने जाने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बधाई दी।


पिछले मंगलवार को मनमोहन सिंह ने राज्यसभा की सदस्यता के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन दाखिल करने के लिए मनमोहन सिंह के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी मौजूद थे। भाजपा या किसी और दल ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। अब मनमोहन सिंह 3 अप्रैल 2024 तक राज्यसभा के सदस्य रहेंगे। इससे पहले  वे तीन दशक तक असम से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। उनका कार्यकाल 14 जून को ही समाप्त हुआ था।  ... और पढ़ें

राजस्थान में बारिश से 15 जून से अब तक 49 लोगो की मौत: एसडीआरएफ

मनमोहन सिंह
राजस्थान के आपदा प्रबन्धन, सहायता और नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार राज्य में बारिश से हुए हादसों में 15 जून से अब तक 49 लोगो की मौत हो गई है। विभाग के ओएसडी (प्रथम) ब्रिजेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य में 15 जून से अब तक बारिश से हुए हादसों में लगभग 20 जिलों में 49 लोगों की मौत हो गई है।

उन्होंने बताया कि इनमें से करीब 20 लोगों की मौत दीवार ढहने और मकान गिरने के कारण हुई है वहीं 6-7 लोगो की मौत आकाशीय बिजली गिरने और अन्य लोगों की मौत पानी के बहाव में बहने से हुई है।

उन्होंने बताया कि राज्य में कहीं भी बाढ़ जैसे हालात नहीं है। कोटा और बांरा में सेना को ऐहतियात के तौर पर बुलाया गया था। बारिश के कारण जलमग्न कई स्थानों से सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की मदद से करीब 500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

मौसम विभाग के प्रवक्ता के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान नागौर के डेगाना में 12 सेंटीमीटर, मकराना में 11 सेंटीमीटर, नावा में 10 सेंटीमीटर, झुंझुनूं के बुहाना में 10 सेंटीमीटर, और अन्य कई स्थानों पर सात सेंटीमीटर से तीन सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

उन्होंने बताया कि रविवार सुबह से शाम तक कोटा में 10 मिलीमीटर और चूरू में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों के कुछ स्थानों और पश्चिमी हिस्सों के एक दो स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। ... और पढ़ें

जयपुर में दर्दनाक हादसा, तेज गति कार ने सात पैदल श्रद्धालुओं को मारी टक्कर, तीन की मौत

राजस्थान के पाली जिले के सेंदड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक तेज गति कार ने रामदेवरा जा रहे सात पैदल श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी जिनमें से तीन महिला श्रद्धालुओं की इलाज के दौरान मौत हो गई। दुर्घटना में चार लोग घायल हो गए।

थाना अधिकारी प्रेमाराम ने रविवार को बताया कि ब्यावर- अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालपुरा घाटा के पास एक तेज गति से जा रही कार ने रामदेवरा जा रहे सात पैदल श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी जिससे सुगरी मेहरात (40), पूजा रावत (18) और पताशी मेहरात (58) की उपचार के दौरान मौत हो गई जबकि सुल्तान, गन्नी, काजन और पार्वती घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि टक्कर मारने के बाद घटनास्थल से फरार हुए कार चालक देवकरण (65) को दो किलोमीटर दूर गिरफ्तार किया गया। उस पर आईपीसी की धारा 279, 304 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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राजस्थानः भिवाड़ी बना नया पुलिस जिला, अमनदीप कपूर होंगे पहले एसपी

राजस्थान सरकार ने अलवर में भिवाड़ी को नया पुलिस जिला बनाया है। आईपीएस अमनदीप सिंह कपूर भिवाड़ी के पहले पुलिस अधीक्षक (एसपी) होंगे। राज्य सरकार ने नये पुलिस जिले के बारे में शुक्रवार देर रात अधिसूचना जारी की। इसके अनुसार जिला पुलिस अलवर के कार्यक्षेत्र का पुनर्निर्धारण करते हुए पुलिस जिला अलवर व पुलिस जिला भिवाड़ी के थाने तय किए गए हैं। 

इसके अनुसार पुलिस जिला भिवाड़ी में भिवाड़ी फैज तृतीय तथा चौपानकी थाने भी शामिल होंगे। नवसृजित थानागाजी सर्किल में थानागाजी, नाराणपुर व प्रतापगढ़ थाने शामिल किये गये हैं। वहीं राज्य के कार्मिक विभाग ने कल एक आदेश जारी किया जिसके तहत पुलिस उपायुक्त (अपराध) जयपुर अमनदीप सिंह कपूर को भिवाड़ी (अलवर) का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।

उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले थानागाजी सामूहिक दुष्कर्म मामले के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अलवर जिले में एक नया पुलिस थाना बनाने की घोषणा की थी।
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भिवाड़ी भीड़ हिंसा मामले में लोगों ने हरीश जाटव के पिता के शव के साथ किया प्रदर्शन

पिछले महीने राजस्थान के भिवाड़ी में कथित तौर पर अपनी मोटर साइकिल से एक महिला की टक्कर के बाद उस व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जिसके बाद उसके पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। 

जिसके बाद से ही मृतक हरीश जाटव के पिता रत्तिराम जाटव को कथित तौर पर धमकी भरी कॉल मिल रही थी। जिससे परेशान होकर मृतक के पिता ने आत्महत्या कर ली थी।


मृतक के पिता के आत्महत्या करने से आक्रोशित लोगों ने अलवर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित हरीश जाटव के परिवार सहित शव के साथ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई।

बता दें कि 16 अगस्त को हरीश जाटव के पिता ने धमकी भरी कॉल से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद अलवर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर हरीश के पिता रत्तिराम को अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि पिछले महीने मृतक हरीश जाटव भिवाड़ी से लौट रहा था। लौटते वक्त रास्ते में उसकी बाइक की टक्कर एक महिला से हो गई। जिसके बाद वहां उसकी पिटाई कर दी गई। पिटाई से उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद अगले दिन टक्कर लगने वाली महिला हकीमन और हरीश जाटव के पिता ने अलवर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। 

जिस पर अलवर पुलिस अधीक्षक पारीस देशमुख ने बताया था कि मृतक के पिता का आरोप था कि उमर शेर नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने मिलकर उसके बेटे की पिटाई कर दी जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। वहीं हकीमन के पति का आरोप था कि हरीश ने शराब के नशे में उसकी पत्नी को अपनी तेज रफ्तार बाइक से टक्कर मार दी जिसके बाद हकीमन बेसुध हो कर गिर पड़ी।  
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राजस्थान में जानलेवा बारिश से तबाही, 16 की मौत, 2 हजार बीघा फसलें नष्ट

राजस्थान के कई शहरों में भारी बारिश जानलेवा साबित होने लगी है। बीते चौबीस घंटे के दौरान 15 इलाकों में भारी बारिश हुई है। कई शहरों में 5 से लेकर 13 इंच तक बारिश हुई। कोटा, बारां, बूंदी, पाली, भीलवाड़ा में बाढ़ के हालात बन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और गांव-शहर पानी में डूब रहे हैं। जानलेवा बारिश की वजह से अलग-अलग जगह 16 लोगों की मौत हो गई। बारां जिले के छीपाबड़ौद-कवाई में लोगों को पानी से बचाने के लिए सेना की मदद लेनी पड़ रही है।

पाली शहर में 13 इंच से ज्यादा बारिश होने से 30 से अधिक मुहल्ले में पानी भर गया। यहां एनडीआरएफ-सिविल डिफेंस के जवानों को बुलाया गया है। भारी बारिश के चलते बूंदी, पाली, अजमेर, भीलवाड़ा में शुक्रवार को स्कूल बंद रहे और शनिवार को भी छुट्टी की घोषणा की गई है। जयपुर में गुरुवार से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। यहां शुक्रवार को 23.91 मिमी बारिश दर्ज की गई। झालावाड़ व टोंक जिले में तीन-तीन, बारां व सवाई माधोपुर जिले में एक-एक, पाली में दो, जोधपुर में तीन, बूंदी में तीन लोगों की मौत हो गई।

झालावाड़ में गुरुवार को कालीसिंध बांध के 17 गेट खोले गए, जबकि छापी के 9 गेट खोले गए। रायपुर क्षेत्र में चंवली बांध पूरी क्षमता से भर गया। यहां पर चादर चल गई। कालीसिंध में आए उफान ने हजारों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। रायपुर क्षेत्र में 2 हजार बीघा फसलें पानी में डूबने से नष्ट हो गईं। तेज बारिश से स्टेट हाईवे 74 बंद है। कई मार्ग ठप हैं। 

धौलपुर में चार साल बाद फिर चंबल का जलस्तर खतरे के निशान से 6.21 मीटर ऊपर 136 पर पहुंच गया है। 20 गांवों का सम्पर्क कट गया है। अजमेर में रावनपुरा गांव तीन दिनों से पानी से घिरा है। लगभग डेढ़ सौ घरों की बस्ती पानी में है। तेज बारिश से जयपुर-भीलवाड़ा राजमार्ग शुक्रवार शाम चार बजे बंद हो गया। प्रशासन ने राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया है। कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर भी यातायात बंद करना पड़ा। पुलिया 13 साल बाद डूबी है, जहां पर 5 फीट पानी बह रहा है। बारां, कोटा से सवाईमाधोपुर व जयपुर का मार्ग अवरुद्ध हो गया। मेवाड़ में प्रतापगढ़ जिले का जाखम बांध छलक गया है। बीकानेर में 64 मिमी दर्ज की गई है।

इसी बीच उदयपुर की पीछोला झील का जलस्तर साढ़े पांच फीट से बढ़कर शाम तक सात फीट के ऊपर पहुंच गया। कई अन्य जलाशयों में भी पानी की प्रवाह तेज हो गई है। 

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पहलू खान मामले की होगी दोबारा जांच, राजस्थान सरकार ने किया एसआईटी का गठन

पहलू खान की हत्या का मामला भीड़ हिंसा को लेकर देश भर में चर्चित रहा। इस मामले में दोषी रहे आरोपियों को 14 अगस्त को अदालत ने बरी कर दिया था। अब राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को पहलू खान भीड़ हिंसा मामले की जांच एसआईटी से कराने का फैसला लिया है। 



पुलिस जांच में रही खामियों का पता लगाने के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। यह फैसला तब लिया गया है जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अलवर की अदालत के फैसले को ‘चौंकाने वाला’ बताया था।

एसआईटी 15 दिन में सरकार को रिपोर्ट देगी कि मामले की जांच में कौन-कौनसी बड़ी खामियां रहीं और इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं। बता दें कि इस मामले में तीन नाबालिगों सहित नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था। 

तीनों नाबालिगों पर बाल न्यायालय में मामला चल रहा है। अन्य छह आरोपियों विपिन यादव, रविंद्र, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार तथा भीम राठी के खिलाफ पुलिस ने आरोप तया किया था। 

प्रियंका गांधी ने शुक्रवार सुबह एक ट्वीट में पहलू खान मामले में निचली अदालत के फैसले को ‘चौंकाने वाला’ बताया। उन्होंने ट्वीट किया कि पहलू खान मामले में निचली अदालत का फैसला चौंका देने वाला है। हमारे देश में अमानवीयता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और भीड़ द्वारा हत्या जघन्य अपराध है। 

अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा भीड़ हिंसा द्वारा हत्या के खिलाफ कानून बनाने की पहल सराहनीय है। आशा है कि पहलू खान मामले में न्याय दिलाकर इसका अच्छा उदाहरण पेश किया जाएगा।

इस मामले में बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी ट्वीट कर पहलू खान मामले में अदालत के फैसले पर हैरानी जताई। मायावती ने वर्तामान कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट कर लिखा कि राजस्थान कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही व निष्क्रियता के कारण बहुचर्चित पहलू खान भीड़ हिंसा मामले में सभी छह आरोपी वहां की निचली अदालत से बरी हो गए, यह अतिदुर्भाग्यपूर्ण है। 

पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के मामले में वहां की सरकार अगर सतर्क रहती तो क्या यह संभव था, शायद कभी नहीं।’ 
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