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देश में 28 बार फैला बर्ड फ्लू, लेकिन राजस्थान में पहली बार दस्तक, अब तक 522 पक्षियों की मौत

कोरोना महामारी के साथ-साथ अब देश में बर्ड फ्लू का खौफ पसरने लगा है। अब तक राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केरल में पक्षियों की मौत के मामले सामने आए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि देश में पिछले नौ साल के दौरान अब तक 28 बार बर्ड फ्लू फैल चुका है, लेकिन राजस्थान में इस खौफनाक वायरस ने पहली बार दस्तक दी है। इसके चलते राज्य में अब तक 522 पक्षियों की मौत भी हो चुकी है, जिनमें 250 कौओं के अलावा कबूतर, कोयल, बत्तख, किंगफिशर और मेगपाई आदि पक्षी शामिल हैं। 


राजस्थान में बर्ड फ्लू पहली बार
बता दें कि देश में बर्ड फ्लू का पहला मामला साल 2006 के दौरान सामने आया था। तब से अब तक देश में कुल 28 बार बर्ड फ्लू फैल चुका है, जिससे अलग-अलग राज्यों में कुल 74 लाख 30 हजार पक्षियों की मौत हो चुकी है। हालांकि, राजस्थान में पहली बार बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है। ऐसे में प्रशासन मुस्तैद हो गया है। साथ ही, चिड़ियाघर में भी एहतियात बरती जा रही है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने चिड़ियाघर में पक्षियों के पिंजरों में दवा का छिड़काव कराया। साथ ही, विजिटर्स ट्रैक पर भी दवा का छिड़काव कराने की बात कही जा रही है।




मेगपाई पक्षी ने भी गंवाई जान
गौरतलब है कि बर्ड फ्लू का असर कौओं और बत्तख के अलावा दूसरे पक्षियों पर भी दिखने लगा है। दरअसल, इस खौफनाक वायरस के चलते सकतपुरा में मेगपाई पक्षी ने भी दम तोड़ दिया। एक वन्य जीव प्रेमी ने बताया कि यह पक्षी अचानक गिर गया था और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया।

वन विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
बता दें कि बर्ड फ्लू के संक्रमण को देखते हुए वन मंडल कोटा के कर्मचारियों को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें वन क्षेत्रों के जलाशयों पर नियमित रूप से गश्त करने और किसी पक्षी के बीमार दिखने या उसकी मौत होने पर तुरंत सूचना देने के लिए कहा गया है। साथ ही, मंडल स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर 9829267941 है। इस नंबर पर पक्षियों से संबंधित सूचनाएं दी जा सकती हैं।
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अलवर में उग्र हुआ किसान आंदोलन, बैरिकेड्स तोड़े तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

राजस्थान के चार शहरों में पारा माइनस से नीचे, मध्यप्रदेश में शीतलहर

राजस्थान: कांग्रेस संगठन में पायलट समर्थकों को मिलेगी जगह, दिल्ली में डोटासरा-पायलट की बैठक

राजस्थान कांग्रेस में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब पार्टी संगठन में पायलट समर्थकों को जगह मिलने के आसार हैं। कांग्रेस संगठन की नियुक्तियों में भी सचिन पायलट कैंप के नेताओं को ठीक संख्या में जगह मिलेगी।  दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा और सचिन पायलट के बीच लंबी चर्चा हुई है। 24 नवंबर को दिल्ली में हुई बैठक में पायलट समर्थकों को संगठन में नियुक्तियां देने के फॉर्मूले पर रणनीति बनी। इन्हें प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारी बनाया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर सत्ता संगठन में पायलट समर्थकों को जगह देने पर पहले से ही सहमति बन चुकी है। कांग्रेस संगठन में पिछले साल जुलाई से भंग पड़े जिला और ब्लॉक में हजारों नेताओं को पद दिए जाने हैं। उन पदों पर पायलट समर्थकों को भी अच्छी संख्या में जगह मिलेगी।

हर तबके को प्रतिनिधित्व- पायलट
बैठक के बाद सचिन पायलट ने कहा- प्रदेशाध्यक्ष के साथ राजस्थान में सत्ता और संगठन में हर तबके को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार और संगठन में हर वर्ग और हर तबके के लोगों का प्रतिनिधित्व हो। राजस्थान के हर तबके को यह लगना चाहिए कि यह हमारी अपनी सरकार है। आने वाले दिनों में राजस्थान में संगठन में और विस्तार होगा। मुझे लगता है कि उसके लिए हम सभी मिलकर काम करेंगे। 

भाजपा पर पायलट का तंज
पायलट ने आगे कहा कि राजस्थान में सत्ता और संगठन में सबकी राय लेकर काम किया जाएगा। हमारा मकसद यह है कि साल 2023 में जब चुनाव हो तो कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ राजस्थान में फिर से कांग्रेस सत्ता में आए। हम मिल बैठकर राजस्थान में संगठन, सरकार और क्षेत्र की बात करेंगे। इस दौरान सचिन पायलट ने केंद्र और भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की खामियों को जल्द ही जनता के बीच रखेंगे। 
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सचिन पायलट सचिन पायलट

बढ़ रही ठंड: राजस्थान के कई शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे किया गया दर्ज

राजस्थान के सीकर, चुरू, हनुमानगढ़, पिलानी, नागौर और श्रीगंगानगर समेत राजस्थान के विभिन्न शहरों में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। मौसम विभाग की मानें तो बादल होने से कुछ शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, राज्य के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया।

राज्य में सबसे कम तापमान सीकर के फतेहपुर में 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सीकर में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस, चुरू में 5.9 डिग्री सेल्सियस, हनुमानगढ़ में 6.7 डिग्री सेल्सियस, पिलानी में 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। 

इसी के साथ ही नागौर में 7.7 डिग्री सेल्सियस, श्री गंगानगर में 9.7 डिग्री सेल्सियस, अजमेर में 10.2 डिग्री सेल्सियस, टोंक में 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सवाई माधोपुर में तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस और जयपुर में 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अन्य स्थानों पर न्यूनतम तापमान 12.2 से 15.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। राज्य में अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस से 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

मौसम विभाव के प्रवक्ता ने आगे बताया कि चित्तौड़गढ़ और कोटा में कोहरा रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान में आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा और तापमान में मामूली बदलाव की संभावना है।
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अलवर में डेंगू का प्रकोप: 17 साल की लड़की की जान गई, इस साल डेंगू की वजह से होने वाली यह पहली मौत

बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में डेंगू का खतरा भी बढ़ने लगता है। हाल ही में अलवर के सामान्य अस्पताल में रोजाना करीब चार से पांच मरीज डेंगू के भर्ती हो रहे हैं। निजी चिकित्सालयों में ज्यादातर बेड पर डेंगू के मरीज ही मिल रहे हैं। इस बीच अलवर शहर की रहने वाली एक 17 वर्षीय लड़की की डेंगू के चलते मौत हो गई। 

पंचवटी कॉलोनी की रहने वाली अनवी जैन की बुखार होने पर तबियत बिगड़ी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति में सुधार नहीं आने पर उसे दिल्ली रेफर किया गया। जहां बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई। जिले में इस साल डेंगू की वजह से होने वाली यह पहली मौत है। डेंगू की वजह से अस्पताल के वार्ड फुल हैं। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू के कारण अनवी के लिवर और हार्ट पर बुरा असर पड़ा था।

चिकित्सालय के ब्लड बैंक में इन दिनों डेंगू की वजह से खून की मांग बढ़ गई है। यहां प्रतिदिन करीब 40 से 50 यूनिट की मांग डेंगू के मरीजों के लिए होने लगी है। अस्पताल के ज्यादातर बेड पर प्लेटलेट्स कम होने के कारण डेंगू के मरीज भर्ती हैं, जिनको ब्लड चढ़ाया जा रहा है। हालांकि डेंगू की स्थिति अभी काबू में है, लेकिन समय रहते यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। 

अलवर के सामान्य चिकित्सालय के पीआरओ डॉ. सुनील चौहान ने बताया कि इन दिनों अस्पताल में डेंगू के मरीज भर्ती हो रहे हैं लेकिन अभी स्थिति सामान्य ही है। इसलिए समय रहते ही मरीज को इलाज ले लेना चाहिए। जिससे की ज्यादा परेशानी न हो। अस्पताल में डेंगू की जांच निशुल्क हो रही है।
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अलवर: पत्नी के घूंघट न निकालने से गुस्साया शख्स, तीन साल की बेटी को पटककर मार डाला, पुलिस कर रही तलाश

राजस्थान के अलवर शहर में अपनी पत्नी के घूंघट न निकालने से गुस्साए एक शख्स ने अपनी ही तीन साल की बेटी को जमीन पर पटक कर मार डाला। शहर के बहरोर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि मोनिका यादव नामक महिला ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है।

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि मंगलवार को मेरे पति प्रदीप यादव ने घूंघट निकालने को लेकर झगड़ा किया था। बहस के दौरान जब मैंने घूंघट निकालने से मना किया तो उसने हमारी बेटी को मुझसे छीन लिया और उसे कमरे से बाहर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

मोनिका यादव ने आरोप लगाया है कि इसके बाद प्रदीप और उसके परिजनों ने बच्ची को चुपचाप दफन कर दिया। 

पुलिस ने इस मामले को लेकर कहा, 'महिला का कहना है कि उसका पति अक्सर घूंघट निकालने का दबाव बनाया करता था। मंगलवार को इसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। फिर आरोपी ने बेटी को थप्पड़ मारा और महिला ने इस पर आपत्ति जताई तो उसे जमीन पर पटक दिया।'

वहीं, आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। बहरोर पुलिस थाने के एसएचओ प्रेम प्रकाश ने कहा कि आरोपी फरार है। हम उसके साथ उन लोगों की तलाश भी कर रहे हैं जिन्होंने बच्ची को दफनाने में मदद की थी। एसएचओ ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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अलवर: जिले में डकैती के मामले में तीन पुलिस कांस्टेबल किए गए निलंबित

सांकेतिक तस्वीर
राजस्थान के अलवर जिले में डकैती के एक मामले में लिप्त तीन पुलिस कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है। तीनों कांस्टेबलों में से एक ने पीड़ित को मामला सुलझाने के लिए मजबूर किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता को लूटने के आरोप में कांस्टेबल और अन्य दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

अलवर के एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा कि 27 जुलाई को राहुल मेव ने दो कांस्टेबल नरेंद्र जाटव, गंगाराम के साथ और एक अन्य साथी अनीश मेव के साथ गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में साहिल खान को लूटा था।

चारों आरोपी एसयूवी कार में सवार थे। चारों ने मोटरसाइकिल पर जा रहे साहित खान से पैसे की मांग की। साहिल के मना करने पर चारों आरोपियों ने उसका अपहरण कर 27 हजार रुपये लूट लिए और मोबाइल वॉलेट में 13,000 रुपये भी ट्रांसफर करवाए।

साहिल खान ने पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने जांच के दौरान अनीश मेव की पहचान की और उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच गोविंदगढ़ थाने के एक सिपाही रामजीत ने शिकायतकर्ता को धमकी दी और मामले को लेकर आरोपी से समझौता करने को कहा। आरोपियों के दबाव में खान ने एक पत्र के माध्यम से पुलिस स्टेशन को सूचित किया कि उसने आरोपी के साथ मामला सुलझा लिया है और उसे आगे की कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।

खान को पुलिस ने थाने में बुलाया और तब उसने खुलासा किया कि वह दबाव में था और कांस्टेबल रामजीत ने उसे धमकी दी थी। उसके आरोप के सही पाए जाने के बाद कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ अनीश मेव को भी गिरफ्तार किया गया। बचे दो आरोपी नरेंद्र व गंगाराम क्रमश: शिवाजी पार्क थाना और एनईबी थाने में पदस्थापित हैं। पुलिस ने बताया कि तीनों कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है।
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अलवर: 24 घंटे पर पुलिस पर दूसरा हमला, एसएचओ और एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मी घायल

राजस्थान में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे। दरअसल, अलवर जिले में बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया, जिसमें एसएचओ और एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटे के दौरान पुलिस टीम पर यह दूसरा हमला है। इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। 

यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, अलवर जिले के किशनगढ़ बास के बख्तला गांव में पुलिस टीम हत्या के आरोपियों को पकड़ने गई थी। उस दौरान रिटायर्ड एएसआई और उसके परिजनों ने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस घटना में तिजारा कोतवाल जितेंद्र नरवरिया और एएसआई राजाराम सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी राममूर्ति जोशी सहित आसपास के थानों की टीमें गांव पहुंच गईं। उन्होंने घेराबंदी करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। 

तीन महीने पहले हुई थी हत्या
पुलिस के मुताबिक, दाईका गांव में करीब तीन महीने पहले एक महिला की हत्या हुई थी। इस मामले में आरोपी पप्पू खान और उसके परिजनों की तलाश की जा रही है, जिनके बख्तला गांव में रहने वाले रिटायर्ड एएसआई रहमुद्दीन के घर में छिपे होने की सूचना मिली थी। रहमुद्दीन को पप्पू खान का रिश्तेदार बताया जा रहा है। इसके बाद तिजारा थाना इंचार्ज जितेंद्र नावरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने दबिश दी तो उन पर लाठियों से हमला किया गया। जानकारी के मुताबिक, एक दिन पहले यानी सोमवार (28 जून) को भी पुलिस टीम पर हमला हुआ था। उस दौरान मालाखेड़ा में बदमाशों ने क्यूआरटी के जवान के पैर में गोली मार दी थी।
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पदकों के लिए प्रायोजक खोज रहा इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) का दीक्षांत समारोह 23 सितंबर को प्रस्तावित है। उसी दिन इविवि का स्थापना दिवस भी है। दीक्षांत समारोह में इविवि प्रशासन टॉपर्स को अपनी तरफ से पदक प्रदान करेगा। साथ ही पदक बांटने के लिए प्रायोजक भी खोजे रहे हैं और इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। अगर किसी व्यक्ति को नाम विशेष या किसी की स्मृति पर पदक देना है तो वह कमेटी के समक्ष अपना प्रस्ताव रख सकता है। 

दीक्षांत समारोह के सिलसिले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विभिन्न मेडल और छात्रवृत्ति प्रायोजित करने के प्रस्तावों को आमंत्रित किया गया है। हालांकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के अवसर पर पूर्व में भी मेडल और छात्रवृत्ति के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते रहें हैं। विश्वविद्यालय के सहायक जनसंपर्क अधिकारी डॉ. चित्तरंजन कुमार के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने किसी प्रियजन या किसी विद्वान की स्मृति में उनके नाम से छात्रों के लिए मेडल और छात्रवृत्ति का प्रस्ताव विश्वविद्यालय को भेज सकता है। इससे जुड़े सभी विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। 

इन प्रस्तावों पर विचार करने के लिए कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने तीन सदस्यीय मेडल कमेटी का गठन किया है। प्रो वंदना सिंह को कमेटी का अध्यक्ष और प्रो. आशीष खरे एवं प्रो. आरके सिंह को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी मेडल एवं छात्रवृत्ति प्रायोजित करने से जुड़े सभी प्रस्तावों पर विचार करके अंतिम निर्णय लेगी। इससे संबंधित पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत सूचना इलाहाबाद विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। कुलपति के निर्देश पर दीक्षांत समारोह के लिए अलग-अलग कमिटियों का गठन किया जा रहा है। फिलहाल मेडल के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
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चप्पल से पिटाई: वायरल हुआ वीडियो, पुजारी ने जहर गटक कर की खुदकुशी की कोशिश

राजस्थान के अलवर जिले के सदर थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा चप्पल से अपनी पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुजारी ने शुक्रवार को कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि महिला ने मंदिर के पुजारी जगदीश की तीन चार लोगों की मौजूदगी में चप्पल से पिटाई कर दी थी।

इस घटना का वीडियो बृहस्पतिवार को वायरल होने के बाद जगदीश ने शुक्रवार को कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि पुजारी को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत स्थिर है। उन्होंने बताया कि पुजारी के बेटे की शिकायत पर सदर थाने में महिला और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं महिला ने भी पुजारी के खिलाफ मंदिर में उसके साथ छेड़खानी का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस मामलों की जांच कर रही है।
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अलवर में दर्दनाक हादसा : खड़े ट्रक में खेल रहे थे चार बच्चे, अचानक लगी आग में झुलसकर मौत

राजस्थान के अलवर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर है। यहां के रामगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक खड़े ट्रक में आग लगने से उसमें खेल रहे चार बच्चों की जलकर मौत हो गई।

थानाधिकारी रामनिवास मीणा ने रविवार को बताया कि चौमा गांव में एक खड़े ट्रक के भीतर चार बच्चे खेल रहे थे। ट्रक में संभवत: शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिसमें चारों बच्चे बुरी तरह झुलस गए थे। तीन बच्चों की मौत शनिवार रात उपचार के दौरान हो गई थी, जबकि एक ने रविवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

उन्होंने बताया कि मृतक बच्चों की पहचान अमान (8), शाहरुख (8), अज्जी (5), फैजान (6) के रूप में की गई है। परिजनों के आग्रह पर चारों के शव बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंप दिए गए। फिलहाल इस संबंध में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
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बेकाबू कोरोना: राजस्थान में ऑक्सीजन की मांग पांच गुना तक बढ़ी, हर रोज 31,425 सिलेंडर की खपत

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बीते तीन महीने में लगभग पांच गुना बढ़कर 31,425 सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने इस बारे में जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को पूरा करने की भरसक कोशिश कर रही है। इसके तहत अलवर में 1,000 ऑक्सीजन सिलेंडर की क्षमता का नया संयंत्र लगाया गया है, जबकि राजसमंद में 1,200 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शर्मा ने बताया कि राज्य में तीन महीने पहले ऑक्सीजन की खपत लगभग 6,500 सिलेंडर प्रतिदिन थी, जो फिलहाल बढ़कर 31,425 सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में हो रही निरन्तर वृद्धि के कारण आपातकालीन चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ती मांग को पूरा करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि ऑक्सीजन के प्रबन्ध के लिए राज्य सरकार ने युद्ध स्तर पर प्रयास किए हैं। आपात स्थिति को देखते हुए जामनगर (गुजरात) से ऑक्सीजन टैंकरों की वायु मार्ग से आपूर्ति की गई है। साथ ही अलवर जिले में 1,000 सिलेंडर प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का नया संयंत्र लगाया गया है।

1,200 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता का प्लांट शुरू
महाजन ने बताया कि अगले सप्ताह तक 1,200 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र दरीबा (राजसमंद) में हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा प्रारम्भ किया जा रहा है। इसके अलावा 500 सिलेंडर का उत्पादन शीघ्र ही शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऑक्सीजन टैंकर में जीपीएस सिस्टम लगाये गये हैं और वाहनों की निगरानी राज्य नियंत्रण कक्ष से की जा रही है।
महाजन ने बताया कि ऑक्सीजन की औद्योगिक प्रयोजन से आपूर्ति पूर्णतः बंद करते हुए समस्त आपूर्ति को चिकित्सा उद्देश्य से सुनिश्चित किया गया है।
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