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Bilaspur News: बजट के अभाव में री रडोह पुल का लटका काम
शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2025 11:16 PM IST
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2.22 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति का इंतजार पुल बनने से लाभान्वित होगी 70 हजार की आबादी
संवाद न्यूज एजेंसी बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के मुख्यालय अनंदघाट को बरठीं से जोड़ने वाले बड़गांव पंचायत के री रडोह पुल का निर्माण बजट की कमी के कारण अटका है। यह पुल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाला पहला डबल लेन पुल है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू हुआ था। इसे अक्तूबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था। अब तक पुल का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन री गांव की ओर से अप्रोच बनाने का काम अधूरा है। री रडोह पुल झंडूता, घुमारवीं और बड़सर विधानसभा क्षेत्रों की करीब 70 हजार की आबादी को सीधा लाभ पहुंचाएगा। इसके अलावा यह पुल झंडूता क्षेत्र को पंजाब की सीमा से जोड़ेगा। पुल बनने के बाद झंडूता और बरठीं के बीच की दूरी 12 किलोमीटर से घटकर 6 किलोमीटर हो जाएगी। वर्तमान में झंडूता से पंजाब की सीमा तक की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है, जो पुल के निर्माण के बाद मात्र 35 किलोमीटर रह जाएगी। पुल के निर्माण से न केवल आवागमन में आसानी होगी, बल्कि स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। झंडूता, बरठीं और घुमारवीं क्षेत्र के दर्जनों गांवों के बीच संपर्क मजबूत होगा। ग्रामीणों ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य रोकने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून में सीर खड्ड में पानी का बहाव इतना तेज हो जाता है कि उसे पार करना नामुमकिन हो जाता है। अप्रोच न होने के कारण ग्रामीणों को झंडूता तहसील तक पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। पुल बनने के बाद यह दूरी घटकर मात्र 4 किलोमीटर रह जाएगी। ग्रामीणों ने अपनी भूमि पुल निर्माण के लिए दान दी थी, और निर्माण कार्य के दौरान उनकी फसल भी बर्बाद हो गई। इसके बावजूद उन्हें अभी तक पुल का लाभ नहीं मिल पाया। पुल के निर्माण में अब तक लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अमरोआ की ओर से अप्रोच का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन री गांव की ओर कार्य अधूरा है। ग्रामीण शमशेर सिंह, उषा देवी, कमला देवी ने इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की मांग की। पुल का डबल लेन डिजाइन होने के कारण इसकी लागत में वृद्धि हुई है। री गांव की ओर से अप्रोच बनाने के लिए 120 मीटर लंबी और 11 मीटर ऊंची सड़क का निर्माण किया जाना है। इसके लिए लगभग ढाई करोड़ रुपये की आवश्यकता है। विभाग ने 2.22 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा है। -केके चौहान, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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