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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में लगेंगे पांच आधुनिक प्रोजेक्टर, मेडिकल छात्रों को मिलेगी बेहतर शिक्षण सुविधा
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6500 ल्यूमेन ब्राइटनेस और 4के तकनीक से लैस होंगे नए प्रोजेक्टर, जेम पोर्टल पर खरीद प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में मेडिकल छात्रों, डॉक्टरों और कर्मचारियों को शिक्षण एवं प्रशिक्षण के दौरान बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। संस्थान में पांच पुराने प्रोजेक्टरों को हटाकर उनकी जगह आधुनिक प्रोजेक्टर लगाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल कक्षाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सेमिनार, बैठकों, कार्यशालाओं और शोध संबंधी प्रस्तुतियों में किया जाएगा। नए प्रोजेक्टरों में कम से कम 6,500 ल्यूमेन की ब्राइटनेस होगी। इससे कमरे में पर्याप्त रोशनी होने के बावजूद स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली तस्वीर, वीडियो, ग्राफिक्स और प्रेजेंटेशन स्पष्ट नजर आएंगे। इनमें 4के सिग्नल को सपोर्ट करने वाली तकनीक भी होगी, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीर और वीडियो प्रदर्शित किए जा सकेंगे। नए प्रोजेक्टर वाई-फाई और वायरलेस स्क्रीन शेयरिंग की सुविधा से लैस होंगे। इससे लैपटॉप या अन्य उपकरणों से सीधे प्रेजेंटेशन चलाना आसान होगा। लेजर तकनीक वाले इन प्रोजेक्टरों की लाइट सोर्स लाइफ भी लंबी होगी। इससे बार-बार लैंप बदलने की आवश्यकता कम होगी और उपकरणों का लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। एम्स प्रबंधन ने पांच आधुनिक प्रोजेक्टरों की खरीद के लिए जेम पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नए उपकरणों का उपयोग मेडिकल शिक्षा, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, शोध प्रस्तुतियों और संस्थान की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में किया जाएगा।
2016 में बने प्रोजेक्टर होंगे रिप्लेस
एम्स में वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे पांच पुराने प्रोजेक्टरों की जगह नए उपकरण लगाए जाएंगे। रिकॉर्ड के अनुसार पुराने प्रोजेक्टर वर्ष 2016 में निर्मित क्रिस्टी एपी सीरीज के हैं। नए उपकरणों की आपूर्ति के साथ पुराने प्रोजेक्टरों को हटाने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। बड़े हॉल में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान नए प्रोजेक्टरों से पीछे बैठे विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भी स्क्रीन पर प्रदर्शित सामग्री स्पष्ट दिखाई देने में मदद मिलेगी। इनमें ऑप्टिकल जूम के साथ स्क्रीन को स्वत: या मैनुअल तरीके से सही करने की सुविधा भी होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में मेडिकल छात्रों, डॉक्टरों और कर्मचारियों को शिक्षण एवं प्रशिक्षण के दौरान बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। संस्थान में पांच पुराने प्रोजेक्टरों को हटाकर उनकी जगह आधुनिक प्रोजेक्टर लगाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल कक्षाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सेमिनार, बैठकों, कार्यशालाओं और शोध संबंधी प्रस्तुतियों में किया जाएगा। नए प्रोजेक्टरों में कम से कम 6,500 ल्यूमेन की ब्राइटनेस होगी। इससे कमरे में पर्याप्त रोशनी होने के बावजूद स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली तस्वीर, वीडियो, ग्राफिक्स और प्रेजेंटेशन स्पष्ट नजर आएंगे। इनमें 4के सिग्नल को सपोर्ट करने वाली तकनीक भी होगी, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीर और वीडियो प्रदर्शित किए जा सकेंगे। नए प्रोजेक्टर वाई-फाई और वायरलेस स्क्रीन शेयरिंग की सुविधा से लैस होंगे। इससे लैपटॉप या अन्य उपकरणों से सीधे प्रेजेंटेशन चलाना आसान होगा। लेजर तकनीक वाले इन प्रोजेक्टरों की लाइट सोर्स लाइफ भी लंबी होगी। इससे बार-बार लैंप बदलने की आवश्यकता कम होगी और उपकरणों का लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। एम्स प्रबंधन ने पांच आधुनिक प्रोजेक्टरों की खरीद के लिए जेम पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नए उपकरणों का उपयोग मेडिकल शिक्षा, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, शोध प्रस्तुतियों और संस्थान की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में किया जाएगा।
2016 में बने प्रोजेक्टर होंगे रिप्लेस
एम्स में वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे पांच पुराने प्रोजेक्टरों की जगह नए उपकरण लगाए जाएंगे। रिकॉर्ड के अनुसार पुराने प्रोजेक्टर वर्ष 2016 में निर्मित क्रिस्टी एपी सीरीज के हैं। नए उपकरणों की आपूर्ति के साथ पुराने प्रोजेक्टरों को हटाने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। बड़े हॉल में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान नए प्रोजेक्टरों से पीछे बैठे विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भी स्क्रीन पर प्रदर्शित सामग्री स्पष्ट दिखाई देने में मदद मिलेगी। इनमें ऑप्टिकल जूम के साथ स्क्रीन को स्वत: या मैनुअल तरीके से सही करने की सुविधा भी होगी।
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