फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   snakebite cases deaths immediate reporting bilaspur himachal

हिमाचल प्रदेश : सर्पदंश के हर मामले और मौत की देनी होगी तत्काल सूचना, अस्पतालों को जारी हुए निर्देश

Fri, 18 Sep 2026 10:27 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर। Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 18 Sep 2026 10:27 AM IST
सार

बिलासपुर में सर्पदंश के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और निजी चिकित्सकों को सर्पदंश के संदिग्ध या संभावित मामलों के साथ-साथ इससे होने वाली मौतों की तत्काल सूचना देनी होगी। मामलों की जानकारी आईएचआईपी-आईडीएसपी पोर्टल पर भी दर्ज करनी होगी। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
snakebite cases deaths immediate reporting bilaspur himachal
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

सर्पदंश के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। अब जिले के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल, स्वास्थ्य संस्थान, मेडिकल कॉलेज अथवा निजी चिकित्सक के पास सर्पदंश का संदिग्ध या संभावित मामला सामने आने पर इसकी तत्काल सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। सर्पदंश से होने वाली मौतों की जानकारी भी समयबद्ध तरीके से देना अनिवार्य किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को सर्पदंश के मामलों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


आईएचआईपी-आईडीएसपी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी जानकारी
प्रदेश सरकार ने सर्पदंश को राज्य में अधिसूचित रोग घोषित किया है। इसके तहत सर्पदंश के मामलों और इससे होने वाली मौतों की जानकारी स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को देना आवश्यक है। इसके अलावा प्रत्येक मामले की जानकारी आईएचआईपी-आईडीएसपी पोर्टल पर भी दर्ज करनी होगी।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सर्पदंश के मामलों की समय पर रिपोर्टिंग होने से जिले में इस बीमारी की स्थिति पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी। आंकड़ों के आधार पर यह पता लगाया जा सकेगा कि जिले के किन क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं अधिक सामने आ रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

चिन्हित होंगे सर्पदंश के हॉटस्पॉट
लगातार मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग अधिक प्रभावित क्षेत्रों को संभावित सर्पदंश हॉटस्पॉट के तौर पर चिन्हित कर सकेगा। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को सर्पदंश से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष गतिविधियां चलाने में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा आंकड़ों के आधार पर स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की जरूरत का आकलन किया जा सकेगा। आवश्यकता के अनुसार अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता और वितरण की व्यवस्था की जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि दवा की पर्याप्त उपलब्धता और मरीज को समय पर उपचार मिलने से सर्पदंश के गंभीर मामलों में उपचार की व्यवस्था बेहतर की जा सकेगी।

झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं
सीएमओ डॉ. शशि दत्त शर्मा ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या किसी स्थानीय उपचार के भरोसे समय बर्बाद न करें। सांप के काटने के बाद प्रभावित व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान या अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। सर्पदंश को चिकित्सा आपात स्थिति माना जाता है। समय पर उचित चिकित्सकीय उपचार मिलने से गंभीर जटिलताओं और मृत्यु के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश के प्रत्येक संदिग्ध और संभावित मामले के साथ-साथ इससे होने वाली मौत की सूचना समय पर दर्ज करना जरूरी है। इससे जिले में सर्पदंश की वास्तविक स्थिति का आकलन करने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में विभाग को मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed