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Bilaspur News: हादसे में युवक की मौत, चालक को संदेह का लाभ, अदालत ने किया बरी
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अभियोजन तेज और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप साबित नहीं कर सका
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बरमाणा थाना क्षेत्र के दली के पास वर्ष 2014 में ट्रक और मारुति वैन की टक्कर में युवक की मौत के मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट घुमारवीं कैंप एट बिलासपुर मोनिका सोम्बल की अदालत ने ट्रक चालक को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि हादसे के समय आरोपी ट्रक को तेज और लापरवाही से चला रहा था और इसी वजह से दुर्घटना हुई।
मामला 23 जून 2014 का है। पुलिस के अनुसार सुबह करीब चार बजे दली के पास ट्रक नंबर एचपी-31बी-0541 और मारुति वैन नंबर एचपी-36-2686 की टक्कर हो गई थी। हादसे में वैन सवार अनिल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद बरमाणा थाना में एफआईआर दर्ज कर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और चालान अदालत में पेश किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज करवाए। हालांकि निर्धारित अवसर मिलने के बावजूद पूरा साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका। इसके चलते अदालत ने 14 अगस्त 2026 को अभियोजन साक्ष्य बंद कर दिया।
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मृतक के भाई ने बताया कि उसे फोन पर हादसे की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचने पर उसे ट्रक के गलत दिशा से आने की बात बताई गई थी। जिरह में उसने स्वीकार किया कि उसने हादसा अपनी आंखों से नहीं देखा था और वह यह नहीं बता सका कि दुर्घटना किसकी गलती से हुई।
अदालत ने कहा कि कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह पेश नहीं हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अनिल कुमार की मौत की पुष्टि हुई, लेकिन आरोपी की तेज और लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग साबित नहीं हुई। अदालत ने माना कि केवल दुर्घटना और मौत होना धारा 279 और 304-ए आईपीसी के तहत दोष साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। आवश्यक तथ्य संदेह से परे साबित न होने पर आरोपी को दोनों धाराओं के आरोपों से बरी कर दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बरमाणा थाना क्षेत्र के दली के पास वर्ष 2014 में ट्रक और मारुति वैन की टक्कर में युवक की मौत के मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट घुमारवीं कैंप एट बिलासपुर मोनिका सोम्बल की अदालत ने ट्रक चालक को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि हादसे के समय आरोपी ट्रक को तेज और लापरवाही से चला रहा था और इसी वजह से दुर्घटना हुई।
मामला 23 जून 2014 का है। पुलिस के अनुसार सुबह करीब चार बजे दली के पास ट्रक नंबर एचपी-31बी-0541 और मारुति वैन नंबर एचपी-36-2686 की टक्कर हो गई थी। हादसे में वैन सवार अनिल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद बरमाणा थाना में एफआईआर दर्ज कर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और चालान अदालत में पेश किया गया।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज करवाए। हालांकि निर्धारित अवसर मिलने के बावजूद पूरा साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका। इसके चलते अदालत ने 14 अगस्त 2026 को अभियोजन साक्ष्य बंद कर दिया।
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मृतक के भाई ने बताया कि उसे फोन पर हादसे की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचने पर उसे ट्रक के गलत दिशा से आने की बात बताई गई थी। जिरह में उसने स्वीकार किया कि उसने हादसा अपनी आंखों से नहीं देखा था और वह यह नहीं बता सका कि दुर्घटना किसकी गलती से हुई।
अदालत ने कहा कि कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह पेश नहीं हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अनिल कुमार की मौत की पुष्टि हुई, लेकिन आरोपी की तेज और लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग साबित नहीं हुई। अदालत ने माना कि केवल दुर्घटना और मौत होना धारा 279 और 304-ए आईपीसी के तहत दोष साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। आवश्यक तथ्य संदेह से परे साबित न होने पर आरोपी को दोनों धाराओं के आरोपों से बरी कर दिया गया।