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शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के समय करें पंच दान, होगा हर समस्या का समाधान - 4 दिसम्बर, 2021
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उत्तराखंड सत्ता-संग्राम: शिशु राज्य को बुजुर्ग सीएम ने संभाला, बालिग राज्य की कमान युवा मुख्यमंत्री के हाथ

उत्तराखंड की सत्ता का ताला खोलने के लिए एक प्रमुख चाभी युवा वोट बैंक की है। मौजूदा वक्त में युवा वोटरों की संख्या लगभग 57 फीसदी बताई जाती है। विचित्र संयोग है कि जब उत्तराखंड शिशु राज्य था, तब इसे संभालने की जिम्मेदारी बुजुर्ग मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी के हाथों में रही। अब जबकि उत्तराखंड 21 साल का वयस्क राज्य हो चुका है तो बागडोर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में है। 

आज प्रदेश युवा हो रहा है। युवाओं के मुद्दे, उनकी राजनीति में पैठ और उनका बढ़ता वोट बैंक राजनीतिक पार्टियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इस बदलते उत्तराखंड में भाजपा, कांग्रेस, आप सहित तमाम पार्टियां युवाओं को रिझाने की रणनीति तैयार कर रही हैं। निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में पार्टियों के घोषणापत्रों में युवाओं के मुद्दे सुर्खियों में नजर आएंगे।

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नित्यानंद स्वामी ने 73 साल की उम्र में अंतरिम सरकार की कमान संभाली थी। उसके बाद 2002 में जब अंतरिम सरकार के बाद पहली बार सरकार चुनी गई तो एनडी तिवारी ने प्रदेश की कमान संभाली। उस वक्त उनकी उम्र 77 साल थी। उम्र के आंकड़े से भले तिवारी बुजुर्ग थे लेकिन उन्होंने शिशु उत्तराखंड के पालन-पोषण(विकास) में कोई कसर नहीं छोड़ी। भविष्य के उत्तराखंड को देखते हुए उन्होंने तमाम ऐसे फैसले लिए, जिनके लिए वह आज भी याद किए जाते हैं। 

वक्त गुजरता गया। आज उत्तराखंड युवा है। युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कंधों पर इस युवा प्रदेश को आगे बढ़ाने का जिम्मा है। युवा मतदाताओं की संख्या भी पिछले चुनाव के मुकाबले इस साल ज्यादा है। उनके मुद्दे भी बेहद संवेदनशील और ध्यान देने योग्य हैं। लिहाजा, राजनीतिक पार्टियों के लिए इस बार के विधानसभा चुनाव में युवाओं को रिझाने की खास चुनौती है। माना जा रहा है कि पार्टियां युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर  काम करने जा रही हैं।

करीब 57 फीसदी युवा बदलेंगे सियासत की तस्वीर
युवाओं के नजरिए से पिछले पांच साल में ही उत्तराखंड में कई बदलाव देखने को मिले हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कुल 75 लाख 99 हजार 688 मतदाता थे। इनमें 18 से 39 आयु वक् के मतदाताओं की संख्या 42 लाख 85 हजार 621 थी। यानी प्रदेश में 2017 के चुनाव में 57.18 प्रतिशत युवा मतदाता थे। उस साल 18 से 19 साल के नए मतदाताओं की संख्या दो लाख 54 हजार 137 थी। आगामी चुनाव को देखते हुए मतदाताओं का आकलन करें तो प्रदेश में 78 लाख 46 हजार मतदाता हैं। इनमें इस बार 18 साल आयु पूरी करने वाले करीब 77 हजार नए मदाता शामिल हैं। राज्य में एक लाख 40 हजार नए मतदाता शामिल हुए हैं। सभी आंकड़ों के लिहाज से प्रदेश में इस बार भी युवा मतदाताओं की संख्या करीब 57 प्रतिशत होगी। पांच जनवरी को निर्वाचन विभाग अंतिम सूची का प्रकाशन करेगा।
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PM Modi Dehradun Visit: रैली में एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य, सीएम और चुनाव प्रभारी ने लिया तैयारियों का जायजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देहरादून में चार दिसंबर को होने वाली रैली को भव्य बनाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी ने आज परेड मैदान का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।

पहली बार लोगों को निमंत्रण पत्र दे रही पार्टी
पार्टी ने अपने सभी पदाधिकारियों को देहरादून तलब किया और उन्हें ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने का जिम्मा दिया है। भाजपा ने रैली में एक लाख से अधिक भीड़ जुटाने का लक्ष्य बनाया है। पहली बार पार्टी मोदी की रैली में लोगों को निमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित कर रही है। 

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प्रदेश महामंत्री संगठन ने लिया फीडबैक
पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने प्रदेश पार्टी कार्यालय में पार्टी के मोर्चों के पदाधिकारियों की बैठक ली और रैली की तैयारियों को लेकर फीड बैक लिया। उन्होंने रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी क्षमता के साथ जुटने के निर्देश दिए।

चुनाव 2022: देहरादून में पीएम मोदी की रैली को लेकर भाजपा ने झोंकी ताकत, बांटे जा रहे तीन लाख निमंत्रण पत्र, तस्वीरें

रैली को लेकर चल रहा है प्रचार अभियान
पार्टी ने प्रधानमंत्री की रैली के लिए प्रचार अभियान छेड़ा है। सोशल मीडिया, पोस्टर बैनर और नुक्कड़ नाटक को प्रचार का प्रमुख माध्यम बनाया गया है।  

पोस्टर बैनरों से पटा दून शहर
देहरादून शहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक व सह प्रभारी रेखा वर्मा समेत सभी प्रमुख नेताओं के पोस्टरों से पट गया है। 
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उत्तराखंड: प्रदेश में बेरोजगारी दर 11 महीने में सबसे कम, सीएमआईई ने जारी किए आंकड़े

उत्तराखंड में नवंबर महीने में पिछले 11 महीनों में सबसे कम बेरोजगारी दर दर्ज की गई। पिछले दो माह में राज्य की बेरोजगारी दर 3.3 फीसदी से घटकर 3.1 फीसदी हो गई। पिछले दो महीने में 0.2 प्रतिशत बेरोजगारी दर कम हुई है।

यह खुलासा हर महीने बेरोजगारी दर के आंकड़े जारी करने वाली सेंटर फॉर मानिटरिंग इंडिया इकानॉमी प्राइवेट लिमिटेड (सीएमआईई) ने किया है। एजेंसी की वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने में अगस्त महीने में सबसे अधिक 6.2 प्रतिशत बेरोजगारी दर थी, जो लगातार कम हुई है।

27 राज्यों में छह सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में उत्तराखंड
सीएमआईई ने 27 राज्यों की बेरोजगारी दर के जो आंकड़े जारी किए हैं, उनमें उत्तराखंड पांच सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में शामिल है। नवंबर माह में सबसे कम बेरोजगारी दर उड़ीसा की 0.6 प्रतिशत, गुजरात की 1.4 प्रतिशत, मध्य प्रदेश की 1.7 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ की 1.8 प्रतिशत, कर्नाटक 2.8 प्रतिशत के बाद उत्तराखंड की 3.1 प्रतिशत बेरोजगारी दर आंकी गई है।

हरियाणा में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर
नवंबर महीने के आंकड़ों के मुताबिक, 27 राज्यों में हरियाणा राज्य की सबसे अधिक 29.3 प्रतिशत बेरोजगारी दर रही, जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल में भी 13.6 फीसदी बेरोजगारी दर आंकी गई है। सीएमआईई के मुताबिक, नवंबर महीने में हरियाणा के बाद सबसे अधिक जम्मू और कश्मीर की 21.4 और राजस्थान की 20.4 प्रतिशत बेरोजगार थे।

राष्ट्रीय स्तर पर भी आई कमी
राष्ट्रीय स्तर पर भी नवंबर माह में बेरोजगारी दर में 0.8 फीसदी की कमी आई। अक्तूबर महीने में देश में 7.8 फीसदी बेरोजगार थे। नवंबर महीने तक यह घटकर सात फीसदी रह गए।
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चुनाव 2022: आज देहरादून में पीएम मोदी, 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को जनसभा के जरिये उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव का आगाज करेंगे। मौसम की उलटबासी के बीच पार्टी ने रैली स्थल परेड मैदान में एक लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य बनाया है। लक्ष्य हासिल करने के लिए पार्टी ने मंत्रियों से लेकर प्रदेश पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को मोर्चे पर उतारा हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री को सुनने के लिए लोगों में खासा उत्साह है। दूरदराज के लोग अपने साधनों से देहरादून पहुंच रहे हैं। वह 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।

कहा कि उनके आने से हम सभी लोगों में नई ऊर्जा का संचार होगा। वहीं, केंद्रीय मंत्री व उत्तराखंड भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी व केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट देहरादून पहुंच गए हैं। सह चुनाव प्रभारी आरपी सिंह, लॉकेट चटर्जी व अन्य नेताओं ने भी दून में डेरा जमा लिया है। चुनाव प्रभारी ने मुख्यमंत्री के साथ परेड मैदान स्थित रैली स्थल की तैयारियों का जायजा लिया। मंच की व्यवस्था को भी देखा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मिनट टू मिनट कार्यक्रम
12.25 बजे भारतीय वायु सेना के विमान से जौलीग्रांट पहुंचेंगे।
12.30 बजे एमआई-17 हेलीकॉप्टर से देहरादून रवाना होंगे।
12.50 बजे परेड ग्राउंड के खेल परिसर स्थित हेलीपैड पर उतरेंगे।
12.55 बजे खेल परिसर के हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल पर आएंगे।
1.00 से 1.07 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
1.07 बजे प्रधानमंत्री मोदी का मंच पर आगमन होगा।
1.30 से 1.35 बजे योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे।
1.35 बजे से 2.15 बजे तक पीएम जनता को संबोधित करेंगे।
2.55 बजे पीएम वापस दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

उत्तराखंड में बर्फबारी: बदरीनाथ में पांच तो केदारनाथ में जमी आठ इंच बर्फ, तस्वीरों में देखें खूबसूरत वादियां 

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट आ गई है। वहीं, ठंड में भी इजाफा हो गया है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री- यमुनोत्री धाम में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। 

वहीं, मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, छह दिसंबर तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश व बर्फबारी होगी। शनिवार को उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा। पांच व छह दिसंबर को भी प्रदेश में इसी तरह का मौसम रहेगा।

उत्तराखंड: कड़ाके की ठंड से नीती-माणा घाटी में जम गए झरने और गाड़-गदेरे, मैदान में भी बढ़ी ठिठुरन, तस्वीरें

पांच दिसंबर को गढ़वाल मंडल में कुछ जगहों पर बारिश व बर्फबारी होगी। लगातार बादल छाये रहने, बारिश, बर्फबारी के कारण राज्य के ज्यादातर इलाकों में ठंड में इजाफा होगा। विशेषकर सुबह-शाम मौसम में ठंडक बनी रहेगी।

मौसम विशेषज्ञों ने दिन के तापमान में कमी आने पर धूप के बावजूद ठंड बढ़ने की संभावना जताई है। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में दो दिन मौसम खराब रहने के बाद ठंड काफी अधिक बढ़ गई है। ज्यादातर जगहों पर रात को पाला गिर रहा है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में कोहरा रहने से धूप देर से निकल रही है। 
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उत्तराखंड में कोरोना: शुक्रवार को 10 नए संक्रमित मिले, 187 हुई सक्रिय मरीजों की संख्या

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 10 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। पांच मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मरीजों की संख्या 187 हो गई है। जबकि गुरुवार को प्रदेश में 182 सक्रिय मरीज थे।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को 14051 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। 10 जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, देहरादून में छह, नैनीताल में तीन और चंपावत में एक संक्रमित मरीज मिला है। 

उत्तराखंड में कोरोना: बॉर्डर चेकपोस्ट पर शुरू हुई बाहर से आने वालों की आरटीपीसीआर जांच

संक्रमण दर 0.07 प्रतिशत पहुंची
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 344335 हो गई है। इनमें से 330571 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7408 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.00 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.07 प्रतिशत दर्ज की गई है। 
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सिद्धबली महोत्सव: ढोल नगाड़ों के साथ निकली  बाबा सिद्धबली की शोभायात्रा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, तस्वीरें

वैदिक मंत्रोचार के बीच पिंडी और हनुमानजी के महाभिषेक के साथ कोटद्वार का प्रसिद्ध श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाभिषेक में शामिल होकर श्री सिद्धबली बाबा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई।

शुक्रवार को सुबह करीब छह बजे ज्योतिषाचार्य देवी प्रसाद भट्ट के सानिध्य में 15 वेदपाठियों के वैदिक मंत्रोचार के बीच मंदिर के महंत दिलीप रावत ने खोह नदी में गंगा पूजन किया। इसके बाद 11 कन्याएं और 11 सुहागिनें गढ़वाल के पारंपरिक ढोल, दमाऊं और मशकबीन की धुन के साथ खोह नदी से जल लेकर मंदिर पहुंची।

मंदिर में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पिंडी पूजन और हनुमानजी की मूर्ति का महाभिषेक किया गया। हवन स्थल पर महंत दिलीप रावत ने सिद्धबली बाबा के पूजन के साथ कलश की स्थापना की। बतौर मुख्य यजमान पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और मेयर हेमलता नेेगी और मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंज बिहारी देवरानी ने सिद्धबली बाबा के पूजन के साथ एकादश कुंडीय यज्ञ में पूर्णाहुति दी। श्रद्धालुओं ने भी हवन कुंड में आहुति डालकर मन्नतें मांगीं।

इसके बाद बड़ी संख्या में मंदिर समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने ढोल, दमाऊं, मशकबीन की धुन पर बाबा के झंडे और त्रिशूल के साथ सिद्धबली बाबा के जयकारे लगाते हुए मंदिर की परिक्रमा की। उन्होंने पुराना सिद्धबली मंदिर जाकर पूजन किया और वहां बाबा के झंडे की स्थापना की। 
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उत्तराखंड: नजूल नीति पर नैनीताल हाईकोर्ट से लगी रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाई, लाखों लोगों को मिलेगा भूमि पर मालिकाना हक

सिद्धबली महोत्सव
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में नजूल नीति को निरस्त करने के नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। उत्तराखंड सरकार की ओर से विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से रुद्रपुर में नजूल भूमि पर बसे 22 हजार परिवारों, हल्द्वानी की करीब 80 फीसदी आबादी के साथ ही प्रदेश में नजूल पर बसे लाखों लोगों को भूमि का मालिकाना हक मिलने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। 

उत्तराखंड: नजूल नीति के लिए अध्यादेश लाएगी सरकार, डेढ़ लाख से अधिक लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

2009 में राज्य सरकार ने नजूल नीति बनाई थी। इसके तहत नजूल भूमि पर रह रहे लोगों के हक में नजराना देकर फ्री होल्ड की कार्यवाही होनी थी। सरकार के इस आदेश को कुछ लोगों की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। नैनीताल हाईकोर्ट ने 2018 में नजूल नीति को गलत बताते हुए निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि जिन लोगों के हक में फ्री होल्ड इस नीति के तहत किया है उसको भी निरस्त कर नजूल भूमि को सरकार के खाते में निहित करें। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि कोई नई नीति सरकार नहीं ला सकती है।

हाईकोर्ट के आदेश को उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर चुनौती दी थी। इसके साथ ही रुद्रपुर निवासी सुनीता ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कहा था कि राज्य सरकार की नीति के तहत उन्होंने भूमि को फ्री होल्ड किया था लेकिन उन्हें बिना सुने हाईकोर्ट ने आदेश पारित कर दिया।  
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उत्तराखंड: नजूल नीति के लिए अध्यादेश लाएगी सरकार, डेढ़ लाख से अधिक लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

नजूल नीति पर सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब उतराखंड सरकार इसी महीने इसका अध्यादेश लाएगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इससे पहले छह दिसंबर की कैबिनेट बैठक में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा।

शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से देवस्थानम बोर्ड के बाद नजूल प्रकरण का भी समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर को कैबिनेट की बैठक में नजूल नीति का प्रस्ताव आएगा।

इसके बाद नौ व दस दिसंबर को होने जा रहे शीतकालीन सत्र में नजूल नीति का अध्यादेश लाया जाएगा। मंत्री भगत ने कहा कि वर्ष 2018 में भी भाजपा की सरकार ही कैबिनेट में नजूल नीति का प्रस्ताव लाई थी, जिसका शासनादेश आने से पहले ही हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी।

अध्यादेश आने के बाद प्रदेश में नजूल भूमि एक्ट लागू किया जाएगा। जिससे उत्तराखंड के लाखों परिवारों को नजूल भूमि पर मालिकाना हक मिल जाएगा। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ मिल सकेगा।

करीब चार लाख हेक्टेयर है नजूल भूमि
देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के अलावा नैनीताल जिले के तराई क्षेत्र में सबसे अधिक नजूल भूमि है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रदेश में 392,204 हेक्टेयर नजूल भूमि है। इस भूमि के बहुत बड़े हिस्से पर डेढ़ लाख से अधिक लोग काबिज हैं। कहीं भूमि लीज पर है तो कहीं इस पर दशकों से कब्जे हैं। सरकार नीति के तहत इस भूमि को फ्री होल्ड कराना चाहती है।

नजूल भूमि नीति में कब क्या हुआ
- 2009 में सरकार ने नजूल भूमि फ्री होल्ड नीति बनाई।
- इसके तहत भूमि फ्री होल्ड करने की कवायद शुरू की।
- सरकार की नीति के प्रावधानों को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
- हाईकोर्ट ने नीति पर रोक लगाई और कब्जे हटाने के आदेश दिए।
- मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसमें यथास्थिति बनाने के आदेश हुए।
- 2018 में भाजपा सरकार ने भी नई नजूल नीति लाने की कोशिश की।
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विश्व दिव्यांगता दिवस: देख नहीं सकते लेकिन इनकी अंगुलियों पर थिरकते हैं हारमोनियम और तबले, तस्वीरें

महक उठती धरा स्पर्श से, छू लेते गगन जो चाह ले, लड़खड़ाते कदम गर बढ़ गए, समंदर भी इनको राह दे, विकलांग नहीं दिव्यांग है ये प्रसिद्ध शायर की यह चंद लाइन अजरानंद अंध विद्यालय के इन छात्रों पर सटीक बैठती है। जिनकी अंगुलियों के इशारे पर हारमोनियम, तबला, गिटार बजते हैं और कंप्यूटर का की बोर्ड चलता है। 

चुनौतियां कितनी भी हों, मगर जुनून और हौसला है तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। इसका बेमिसाल उदाहरण हैं दिव्यांग प्रतिभाएं, जिन्होंने शारीरिक कष्ट व आर्थिक तंगी के सामने हार नहीं मानी। उन्होंने हर मुश्किल हालात का सामना करते हुए खुद को साबित किया।

विश्व दिव्यांग दिवस पर विशेष: गीता सोनी के ज्ञान से संवर रही कईं जिंदगियां

आज ये प्रतिभाएं किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। दिव्यांग दिवस पर अजरानंद अंध विद्यालय में पढ़ाई कर रहे इन बच्चों से आज आपका परिचय कराते हैं। विद्यालय में छात्रों के लिए अलग-अलग कक्ष बने हुए हैं।

इसके साथ ही छात्र यहां पर कंप्यूटर की शिक्षा भी ग्रहण करते हैं। कंप्यूटर में टोकन सॉफ्टवेयर यूएसए से आया है। जिससे छात्रों को कंप्यूटर क्लास लेने में दिक्कत नहीं होती है। वहीं ब्रेल प्रेस स्वीडन से लाकर लगाई गई है। 
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उत्तराखंड: अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर प्रियंका ने पति और सास-ससुर पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, मुकदमा दर्ज

अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर प्रियंका चौधरी ने पति और सास-ससुर के खिलाफ दहेज में 50 लाख रुपये और स्कॉर्पियो की मांग को लेकर प्रताड़ित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

आर्यनगर कॉलोनी निवासी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर प्रियंका चौधरी सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर विजय सिंह की पुत्री हैं। शादी डॉट काम के माध्यम से उनका रिश्ता जड़ौदा कला, नजफगढ़, नई दिल्ली निवासी हाईकोर्ट के अधिवक्ता संदीप लांबा के साथ हुआ था।

50 लाख रुपये और स्कॉर्पियो की मांग की
ससुरालवालों की रजामंदी पर 08 जून 2019 को उनका विवाह काशीपुर के एक रिजॉर्ट में हुआ। शादी से पहले ही उसने अपनी नौकरी, खेलने और अन्य आदतों के बारे में संदीप को बता दिया था। तब उनका कहना था कि उसके खेलते रहने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। शादी में परिवार वालों ने 40 लाख रुपये खर्च किए थे। विवाह के बाद पति संदीप लांबा, ससुर जगदीश प्रसाद लांबा और सास कमला लांबा ने दहेज में 50 लाख रुपये और स्कॉर्पियो की मांग को लेकर उत्पीड़न शुरू कर दिया। 

ससुराल वालों ने स्टेडियम में आकर अभद्रता की
आरोप है कि पति ने उसके खेल में भी अड़चन डालने का प्रयास किया और उस पर अनर्गल आरोप लगाते हुए मानसिक उत्पीड़न किया। प्रियंका का कहना है कि कई बार खेल के दौरान पति और ससुराल वालों ने स्टेडियम में आकर अभद्रता की। उनके व्यवहार से तंग आकर प्रियंका अपने मायके काशीपुर लौट आई।

पति और ससुरालियों ने उसके मायके आकर भी अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। महिला हेल्पलाइन में काउंसलिंग के बाद भी दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं हुआ। एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रियंका की तहरीर पर पुलिस ने पति संदीप लांबा, ससुर जगदीश प्रसाद लांबा और सास कमला लांबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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आर्मी कैडेट कॉलेज: चीन की मंदारिन भाषा अब भारतीय सेना में पाठ्यक्रम का हिस्सा

भारत-चीन सीमा पर अक्सर होने वाले सैन्य विवाद अब आसानी से सुलझाए जा सकेंगे। इसके लिए अब चीन की मंदारिन भाषा को भारतीय सेना में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) ने बाकायदा इस सेमेस्टर से इस भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। 

भारत-चीन सीमा पर सीमा विवाद के चलते हर अंतराल बाद भारत व चीन के सैनिकों के बीच संघर्ष (झड़प) होने की खबरें सामने आती हैं। पिछले साल जून में गलवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच हुई हिसंक झड़प में कई सैनिक शहीद भी हुए थे। इसी तरह अरुणाचल से सटे चीन बॉर्डर पर भी दोनों देशों की सेना कई मर्तबा आमने-सामने की स्थिति में आ जाती है।

आईएमए ग्रेजुएशन सेरेमनी: भारतीय सैन्य अकादमी की मुख्यधारा में शामिल हुए 68 कैडेट, मिली जेएयू की डिग्री

वहीं, उत्तराखंड के बाड़ाहोती व आसपास की सीमा में भी चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ की खबरें आती रहती हैं। लिहाजा दोनों देशों के बीच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना ने अब चीन की मंदारिन भाषा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।

आर्मी कैडेट काॅलेज में प्रशिक्षण व पढ़ाई कर रहे कैडेटों को इस सेमेस्टर से चीनी (मंदारिन) भाषा सिखाई जा रही है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर कई छोटे-मोटे गतिरोध आपसी बातचीत से ही मौके पर खत्म किए जा सकते हैं।
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उत्तराखंड चुनाव 2022: 16 दिसंबर को देहरादून पहुंचेंगे राहुल गांधी, जनसभा को करेंगे संबोधित 

भाजपा की ओर से चार दिसंबर को राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के जवाब में कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की रैली कराने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि आगामी 16 दिसंबर को राहुल गांधी की रैली का आयोजन राजधानी देहरादून में किया जाएगा।

कांग्रेस पार्टी की ओर से बांग्लादेश निर्माण के युद्ध में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राज्यभर में पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों को प्रियदर्शनी सैन्य सम्मान देकर सम्मानित किया जा रहा है। इसी कड़ी में देहरादून में आयोजित होने वाली रैली में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित करेंगे। बताया कि पार्टी की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

चुनाव 2022: देहरादून में पीएम मोदी की रैली को लेकर भाजपा ने झोंकी ताकत, बांटे जा रहे तीन लाख निमंत्रण पत्र, तस्वीरें

तैयारी में जुटी कांग्रेस
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा के तमाम बड़े नेता पहले ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के किसी बड़े नेता का अभी तक एक भी दौरा नहीं हुआ है। वहीं, अब चुनावी दौरे पर राहुल गांधी देहरादून आएंगे। 

हालांकि, कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रचार को पहले ही धार देना शुरू कर दिया था। इसकी कमान राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने खुद संभाली हुई है। वे लगातार राज्य में दौरे कर रहे हैं। 
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