विज्ञापन
विज्ञापन
कुंडली के यह योग दिलाते है राजयोग, फ्री जन्मकुंडली बनवाएं और जानें क्या आपकी कुंडली में है यह योग ?
Kundali

कुंडली के यह योग दिलाते है राजयोग, फ्री जन्मकुंडली बनवाएं और जानें क्या आपकी कुंडली में है यह योग ?

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

दिव्यांग दिवस 2020 स्पेशल : मुश्किलें तमाम, फिर भी पाया मुकाम, बनाई खास पहचान

चुनौतियां कितनी भी हों, मगर जुनून और हौसला है तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। इसका बेमिसाल उदाहरण हैं दिव्यांग प्रतिभाएं, जिन्होंने शारीरिक कष्ट व आर्थिक...

3 दिसंबर 2020

आपकी आवाज़

अपने शहर के मुद्दे और शिकायतों को यहां शेयर करें
विज्ञापन
Digital Edition

Coronavirus In Uttarakhand: 618 नए संक्रमित मिले, 10 मरीजों की हुई मौत 

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। बीते 24 घंटे के भीतर प्रदेश में 618 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं, 10 मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार आज 560  मरीजों को स्वस्थ होने के बाद घर भेजा गया।

कुल संक्रमितों का आंकड़ा 76,893 पहुंच गया है। इसमें 69,831 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बता दें कि प्रदेश में मरने वाले संक्रमित मरीजों की संख्या 1,273 हो गई है। वर्तमान में 4,994 सक्रिय मरीज अस्पतालों व होम आइसोलेशन में उपचार ले रहे हैं। 


बीते 24 घंटे के भीतर देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 239 मरीज मिले हैं। अल्मोड़ा में 39,  बागेश्वर में 13, चमोली में 40, चंपावत में सात, हरिद्वार में 48, नैनीताल में 93, पौड़ी में 34, पिथौरागढ़ में 33, रुद्रप्रयाग में 13, टिहरी में 20, ऊधमसिंह नगर में 21 और उत्तरकाशी में 18 संक्रमित मिले हैं।

प्रदेश में बीते 24 घंटे में 10 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इनमें सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में तीन, दून मेडिकल कॉलेज में दो, श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल में दो, एचएनबी बेस अस्पताल श्रीनगर में एक, जिला अस्पताल गोपेश्वर में एक, साई हॉस्पिटल हल्द्वानी में एक मरीज ने दम तोड़ा है।
... और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड: कई शहरों में घूम रहे वाहनों में लगे इन 'जुगाड़' को देख आरटीओ टीम भी हुई हैरान, तस्वीरें...

हिम तेंदुए की गणना के लिए गई टीम

उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 2.6 रही तीव्रता

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में देर रात भूकंप के झटके महसूस किये गए। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 2.6 रही। भूकंप 3.10 बजे आया।
बता दें कि मंगलवार को सुबह हरिद्वार में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र बहादराबाद ब्लॉक के औरंगाबाद क्षेत्र का डालूवाला कलां गांव था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई, हालांकि उससे कोई नुकसान नहीं हुआ।

कुछ समय पहले वैज्ञानिकों ने हिमालय क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका व्यक्त की थी और कहा था कि हिमालय पर्वत शृंखला में सिलसिलेवार भूकंपों के साथ बड़ा भूकंप कभी भी आ सकता है। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर आठ या उससे भी अधिक हो सकती है। वैज्ञानिकों का दावा है कि हिमालय के आसपास घनी आबादी वाले देशों में इससे भारी तबाही मच सकती है। हालांकि ये भूकंप कब आएंगे इसका अनुमान फिलहाल नहीं लगाया गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले 100 साल में इनके आने की आशंका है। 

पहले के शोध में भी हुए ऐसे दावे 
कोलकाता स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में पृथ्वी विज्ञान विभाग की प्रोफेसर सुप्रिया मित्रा भी इस शोध को सही मान रही हैं। मित्रा के मुताबिक पहले हुए कुछ शोध भी इस ओर इशारा कर चुके हैं। हालांकि ऐसा भीषण भूकंप कब आएगा इसके बारे में कोई अनुमान लगाना अभी नामुमकिन है। उन्होंने कहा, पहले हुए अध्ययनों में सेटेलाइट तस्वीरों के आधार पर आकलन किया गया लेकिन इस शोध में सबसे हाल के प्रागैतिहासिक भूकंपों के समय और आकार को भूविज्ञान के आधार पर परिभाषित किया गया है। 

दिल्ली भी महसूस करेगी तगड़े झटके
शोध के मुताबिक भूकंप इतने भीषण होंगे कि हिमालय क्षेत्र के दक्षिण में स्थित राजधानी दिल्ली में भी तगड़े झटके महसूस होंगे।

बीते छह महीनों में उत्तर भारत में आए कई हल्के भूकंप
उत्तर भारत में बीते छह महीनों में कई हल्के भूकंप आए हैं जो हिमालय क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका को आधार देते हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो ऐसे कई छोटे भूकंप बड़ी तबाही का संकेत होते हैं।
... और पढ़ें

एक्सक्लूसिव: ऋषिकेश एम्स ने रखा हेली एंबुलेंस सेवा को अटल आयुष्मान योजना में शामिल करने का प्रस्ताव 

अगर उत्तराखंड सरकार ने ऋषिकेश एम्स के प्रस्ताव पर गौर किया तो सुदूर चमोली जिले के किसी गांव के गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति के बीमार पिताजी भी हेली एंबुलेंस से सीधे एम्स पहुंच सकेंगे। एम्स प्रशासन ने अटल आयुष्मान योजना के तहत एयर एंबुलेंस सेवा को योजना में सम्मिलित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। 

एम्स की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्य की जनसंख्या, विषम भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा ग्रसित राज्य में चिकित्सा प्रबंधन अत्यंत संवेदनशील विषय है। आर्थिक तौर से कमजोर और बीमार लोगों के लिए एयर एंबुलेंस सेवा अत्यन्त लाभकारी सिद्ध हो सकती है। लेकिन इस सुविधा का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति को तभी मिल सकता है, जब एयर एंबुलेंस सेवा को अटल आयुष्मान योजना के तहत शामिल किया जाए।

क्योंकि एयर एंबुलेंस का किराया वहन करना आम आदमी की जेब से बाहर है। यदि इस सुविधा को सरकार योजना में शामिल करती है तो राज्य के लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा। स्वास्थ्य सेवाओं में ट्रॉमा, अंग प्रत्यारोपण, प्रसव, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के अलावा आपदाओं के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा संजीवनी साबित हो सकती है। 

एम्स ऋषिकेश देश का पहला संस्थान है, जिसने अस्पताल परिसर में ही हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध कराई है। एम्स ऋषिकेश में 12 अगस्त 20 को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एयर एंबुलेंस हेलीपेड का उद्घाटन किया था। तब सीएम ने कहा था कि हेलीपैड की सुविधा से दूर-दराज के क्षेत्रों में आपदा के दौरान घायल और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को तुरंत हेली एंबुलेंस के जरिये एम्स पहुंचाया जा सकेगा। 
... और पढ़ें

डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2020: उत्तराखंड में 184 केंद्रों पर 27920 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

प्रदेशभर में आयोजित हुई डीएलएड प्रवेश परीक्षा में शुक्रवार को 27920 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 12570 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 40490 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। गढ़वाल मंडल में 24144 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 15816 और कुमाऊं मंडल में पंजीकृत 16346 परीक्षार्थियों में से 12104 ने परीक्षा दी। गढ़वाल में 8328 और कुमाऊं में 4242 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी। राज्य में 184 केंद्रों पर कोविड नियमों के तहत परीक्षा कराई गई।

देहरादून में 30 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित
डीएलएड प्रवेश परीक्षा शुक्रवार को जिले के 31 केंद्रों में संपन्न हुई। ओस दौरान कोरोना संकट का असर भी नजर आया। कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों में करीब 30 प्रतिशत अनुपस्थित रहे। कई कक्षों में आधी से ज्यादा सीटें भी खाली नजर आई।

 सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों को मास्क प्रयोग, सैनिटाइज व थर्मल स्कैनिंग जांच के बाद प्रवेश दिया गया।  कक्षों में सीटें भी उचित दूरी पर लगाई गई थी। जिले के 31 केंद्रों में कुल 5978 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए थे, जिनमें 4148 ने परीक्षा दी।

जबकि, 1830 परीक्षा देने नहीं पहुंचे। इनमें अधिकांश विकासनगर, कालसी, ऋषिकेश व अन्य दूर के क्षेत्रों के थे। गांधी इंटर कॉलेज में दो कक्षों में आधे से भी कम परीक्षार्थी नजर आए। परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने प्रश्न-पत्र को औसत बताया। हालांकि, बीच-बीच में कई प्रश्न खासे कठिन रहे।
... और पढ़ें

देहरादून: कल से आईएमए परेड के कारण रूट रहेगा डायवर्ट, ये है रूट प्लान और समय...

भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में होने वाली पासिंग आउट परेड के मद्देनजर क्षेत्र में रूट डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। 12 दिसंबर को होने वाली परेड के कार्यक्रम पांच दिसंबर से ही शुरू हो जाएंगे। इसके मद्देनजर एक निर्धारित समय में आईएमए क्षेत्र पूरी तरह से जीरो जोन रहेगा। यातायात पुलिस के अनुसार भारी वाहनों की आवाजाही के लिए भी प्लान बनाया गया है।

ये रहेगा डायवर्जन प्लान:
- बल्लूपुर से आने वाला यातायात रांगणवाला चौकी आईएमए के पास से डायवर्ट कर मीठी बैरी से होते हुए प्रेमनगर की ओर मुख्य मार्ग पर जाएगा।
- प्रेमनगर की ओर से आने वाले यातायात को आईएमए एमटी सेक्शन गेट की ओर डाइवर्ट कर रांगणवाला बैरियर की ओर निकाला जाएगा। ये वाहन रांगणवाला बैरियर से बल्लूपुर पंडितवाड़ी की ओर जा सकेंगे।
- विकासनगर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को हरबर्टपुर चौक से धर्मावाला चौक की ओर डाइवर्ट किया जायेगा। यह यातायात धर्मावाला चौक से शिमला बाई पास होते हुए शहर की ओर आ सकेगा।
- देहरादून से विकासनगर हरबर्टपुर जाने वाले भारी वाहनों को शिमला बाईपास से डायवर्ट कर विकासनगर धर्मावाला की ओर भेजा जाएगा।

यह रहेगा समय 
 - पांच और आठ दिसंबर को सुबह सात बजे से दोपहर 12.30 बजे तक परेड होनी है। इसके लिए सभी भारी वाहन सुबह 6.45 बजे से दोपहर 12.45 तक डायवर्ट किए जाएंगे। 
- नौ दिसंबर को शाम साढ़े चार बजे से साढ़े सात बजे तक परेड होनी है, जिसके लिए सभी भारी वाहन शाम सवा चार बजे से 7.45 बजे तक डायवर्ट किए जाएंगे। 
- 10 व 11 दिसंबर को परेड सुबह सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक और शाम साढ़े चार बजे से साढ़े सात बजे तक परेड का आयोजन किया जाएगा। इसके मद्देनजर सभी भारी वाहन सुबह दोनों पालियों में कार्यक्रम से 15 मिनट पहले और खत्म होने के 15 मिनट बाद तक डायवर्ट किए जाने हैं। 
- 12 दिसंबर को सुबह सात बजे से साढ़े सात बजे तक होने वाली परेड के लिए सुबह 6.45 से दोपहर 12.45 तक रूट डायवर्ट रहेगा।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X