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डर्बी निकाय चुनाव: उत्तराखंड के गौरव ने लंदन में बजाया जीत का डंका, 13 साल से जीत रहे पेग को हराकर बने काउंसलर

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के ग्राम चामी के मूल निवासी गौरव पांडे ने लंदन के डर्बी शहर में हुए निकाय चुनाव में काउंसलर पद पर जीत हासिल की है।

7 मई 2021

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Digital Edition

उत्तराखंड में कोरोना : कर्फ्यू में सड़क पर उतरे कैबिनेट मंत्री, लिया व्यवस्थाओं का जायजा, सख्ती के निर्देश

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को शहर में कोविड से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सड़कों पर बहुत ज्यादा संख्या में आवाजाही पर नाराजगी जताई और पुलिस अधिकारियों को सख्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में भी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। 

उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 8390 नए संक्रमित मिले, 118 की मौत, एक्टिव केस 71 हजार पार

जोशी ने किशननगर स्थित आत्माराम धर्मशाला में बनाए गए कोविड टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद वो सर्वे चौक स्थित तीलू रौतेली महिला छात्रावास भवन पहुंचे और कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सड़कों पर आवाजाही पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को अपने साथ ले जाकर वास्तविक स्थिति दिखाई।
 
उत्तराखंड मे कोरोना : कोविड रोकथाम को लेकर 10 मई को बड़ा फैसला लेगी सरकार - सुबोध उनियाल

प्रिंस चौक पहुंचकर उन्होंने अपने सामने बाहर घूम रहे लोगों से कारण पुछवाए। उन्होंने सहारनपुर चौक पर भी अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को अनावश्यक घूमने वालों पर सख्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन, दवाओं, आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी व ओवर रेटिंग न हो इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, एसडीएम सदर गोपाल राम बिनवाल, पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल, सीओ सिटी समेत अन्य अधिकारी व पार्षद मौजूद रहे।
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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

उत्तराखंड : निजी प्रयोगशालाओं में आरटीपीसीआर जांच महंगी, शासन ने दरों में किया संशोधन

निजी प्रयोगशालाओं में या घर पर कोरोना संक्रमण की आरटीपीसीआर जांच कराना महंगा हो गया है। शासन ने निजी प्रयोगशालाओं की जांच की दरें दोबारा से निर्धारित की हैं। इस संबंध सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज पांडेय ने स्वास्थ्य महानिदेशक को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि संशोधित दरों से अधिक वसूले जाना या उक्त प्रावधानों का पालन न करना महामारी अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा।

उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 8390 नए संक्रमित मिले, 118 की मौत, एक्टिव केस 71 हजार पार

जारी आदेश के मुताबिक, अब निजी प्रयोगशालाओं में  कोरोना की आरटीपीसीआर जांच पूर्व निर्धारित दरों से 200 रुपये महंगी हो गई है। गत 20 जनवरी को प्रदेश सरकार ने ये निर्धारित की थीं। तब निजी चिकित्सालय द्वारा निजी प्रयोगशालाओं में सैंपल की जांच की दर और किसी व्यक्ति द्वारा प्रयोगशाला पर जाकर कोविड 19 की जांच कराने की दर 500 रुपये निर्धारित की गई थी।

उत्तराखंड मे कोरोना : कोविड रोकथाम को लेकर 10 मई को बड़ा फैसला लेगी सरकार - सुबोध उनियाल

स्वास्थ्य विभाग ने इस बढ़ाकर अब 700 रुपये कर दिया है। इसी तरह निजी प्रयोशालाओं द्वारा कोविड संभावित व्यक्तियों के घर पर जाकर स्वयं आरटीपीसीआर सैंपल एकत्र कर जांच के लिए होम कलेक्शन की दर 700 रुपये निर्धारित थी। जिसे बढ़ाकर अब 900 रुपये कर दिया गया है। इसमें जीएसटी भी शामिल है। राज्य सरकार द्वारा निजी प्रयोगशालाओं को सरकारी चिकितिसलय से सैंपल की दर (400 रुपये) में कोई संशोधन नहीं है। सरकारी अस्पतालों में आरटीपीसीआर की जांच निशुल्क है।

कंटेनमेंट जोन से बाहर मिले 29 लोगों पर हुई कार्रवाई 

मसूरी में कोरोना संक्रमण के कारण बनाए कंटेनमेंट जोन की गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने शनिवार को 29 लोगों पर कार्रवाई की। आरोपी लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम व 188 आईपीसी के तहत कार्रवाई की गई है। 

शहर कोतवाल देवेंद्र सिंह असवाल ने बताया कि कंटेनमेंट जोन मंलिगार लंढौर में नियमों का उल्लंघन और कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर छह लोगों के खिलाफ धारा 51 आपदा प्रबंधन अधिनियम और 188 आईपीसी के तहत कार्रवाई की गई। मैरीवेल स्टेट बारलोगंज में 15, भट्टा गांव में दुकानदार पर कार्रवाई की गई। लाइब्रेरी के निकट सुमित्रा भवन कंटेनमेंट जोन के उल्लंघन करने पर छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 
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उत्तराखंड :  जो लोग कालाबाजारी में गिरफ्तार हो रहे हैं, उनके खिलाफ लगाई जाएगी रासुका - डीजीपी

डीजीपी अशोक कुमार ने देहरादून में सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शनिवार को एसएसपी कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और मिशन हौसला के तहत काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस समय लोगों की जरूरत ऑक्सीजन और जीवन रक्षक दवाएं हैं। इन्हें ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचाने की प्राथमिकता होनी चाहिए। 

उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 8390 नए संक्रमित मिले, 118 की मौत, एक्टिव केस 71 हजार पार

डीजीपी ने कहा कि यदि देहरादून में सख्ती बरती जाती है तो इसका असर पूरे प्रदेश में होगा। क्योंकि, प्रदेश की राजधानी होने के नाते सभी जिले इसका अनुसरण करते हैं। साथ ही यहां पर संक्रमित लोगों की संख्या भी ज्यादा है। डीजीपी की बैठक के बाद एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने सभी एएसपी, सीओ और थानाध्यक्षों के साथ बैठक की।

उत्तराखंड मे कोरोना : कोविड रोकथाम को लेकर 10 मई को बड़ा फैसला लेगी सरकार - सुबोध उनियाल

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सख्ती बढ़ाने की जरूरत है। जो लोग बेवजह शहर में घूम रहे हैं उनके खिलाफ चालान के साथ मुकदमे की कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उनसे पूछताछ इस स्तर की हो कि उन्हें अपनी गलती का अहसास हो।
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कोविशील्ड वैक्सीन :  उत्तराखंड पहुंची एक लाख डोज, प्रदेश में 18 से 45 आयु वर्ग को 10 मई से लगेंगे टीके

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उत्तराखंड में 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों को 10 मई से कोविड वैक्सीन लगाई जाएगी। शनिवार को कोविशील्ड वैक्सीन की एक लाख डोज उत्तराखंड पहुंच गई है। इस आयु वर्ग के 50 लाख लोगों को वैक्सीन निशुल्क लगेगी। इसके लिए सरकार चार सौ करोड़ की राशि खर्च करेगी। जिसमें 100 करोड़ की राशि स्वास्थ्य विभाग को जारी हो चुकी है। 

उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 8390 नए संक्रमित मिले, 118 की मौत, एक्टिव केस 71 हजार पार

स्वास्थ्य सचिव अमित सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश में 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने के लिए सरकार की ओर से वैक्सीन खरीदी जा रही है। शनिवार को कोविशील्ड वैक्सीन एक लाख डोज को इंडिगो एयरलाइन से जौलीग्रांट पहुंचाया गया। वैक्सीन को राज्य औषधि  भंडार केंद्र चंदरनगर में वॉक इन कूलर में रखा गया है। जहां पर जनपदों को वैक्सीन की आपूर्ति की जा रही है।
 
उत्तराखंड मे कोरोना : कोविड रोकथाम को लेकर 10 मई को बड़ा फैसला लेगी सरकार - सुबोध उनियाल

वैक्सीन आपूर्ति होने से 10 मई से प्रदेश में 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण शुरू किया जाएगा। इस आयु वर्ग 50 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जानी है। टीकाकरण निर्धारित केंद्रों पर होगा। जिसकी जानकारी कोविन पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों को दी जाएगी।

सचिव ने बताया कि 28 अप्रैल से कोविन पोर्टल और आरोग्य सेतु पर 18 से 45 आयु वर्ग के लाभार्थियों का पंजीकरण शुरू किया गया था। जिसमें पंजीकरण कराने वाले लाभार्थियों को टीकाकरण कराने से पहले आनलाइन अनुमति लेना अनिवार्य है। जिसके बाद ही टीका लगाने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर पर जाना होगा।
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उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 8390 नए संक्रमित मिले, 118 की मौत, एक्टिव केस 71 हजार पार

उत्तराखंड में 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों को 10 मई से कोविड वैक्सीन लगाई जाएगी
उत्तराखंड में 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के  8390 नए संक्रमित मिले हैं, वहीं 118 मरीजों की मौत हुई है। साथ ही एक्टिव केस की संख्या भी 71 हजार से ज्यादा पहुंच गई है।

कोरोना से टूटी सासों की डोर: अपनों ने छोड़ा तो पुलिस ने इंसानियत का रिश्ता जोड़ा, लावारिसों का कर रही अंतिम संस्कार, तस्वीरें...

आज 4771 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। प्रदेश में अब तक 2 लाख 38 हजार 383 संक्रमित मरीज आ चुके हैं, जिसमें से 1 लाख 58 हजार 903 मरीज स्वस्थ हुए हैं।

बेकाबू हो रहे हालात: कोरोना का हॉटस्पॉट बना देहरादून, देश के टॉप-10 संक्रमित जिलों में हुआ शामिल

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून जिले में सबसे अधिक 3430 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं।

हरिद्वार जिले में 812, नैनीताल में 636, ऊधमसिंह नगर में 1159, पौड़ी में 230, टिहरी में 424, रुद्रप्रयाग में 271, पिथौरागढ़ में 208, उत्तरकाशी में 266, अल्मोड़ा में 247, चमोली में 175, बागेश्वर में 237 और चंपावत में 322 संक्रमित मिले।

वहीं, प्रदेश में अब तक 3548 मरीजों की मौत हो चुकी है। साथ ही सक्रिय मरीजों की संख्या 71174 हो गई है।
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उत्तराखंड मे कोरोना : कोविड रोकथाम को लेकर 10 मई को बड़ा फैसला लेगी सरकार - सुबोध उनियाल


बता दें कि राज्य सरकार ने देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले समेत आठ नगर निगमों के संपूर्ण क्षेत्रों में कोविड कर्फ्यू बढ़ाया था। आगामी 10 मई को ये खत्म हो रहा है।

बेकाबू हो रहे हालात: कोरोना का हॉटस्पॉट बना देहरादून, देश के टॉप-10 संक्रमित जिलों में हुआ शामिल

कोविड संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने पूर्ण तालाबंदी की बजाय मिनी लॉकडाउन पर भरोसा जताया था। मंत्रियों से बातचीत के बाद सरकार ने संपूर्ण देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में कोविड कर्फ्यू का फैसला किया था। जरूरी चीजों की दुकानें भी सिर्फ दोपहर 12 बजे तक ही खुल रहीं हैं और राशन की दुकानें एक दिन छोड़कर रहीं हैं। फिलहाल चार दिन तक इस कोविड कर्फ्यू को लागू करने का फैसला किया गया है।
 
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उत्तराखंड : बच्चा कोविड वार्ड एवं उपचार केंद्र बनाए सरकार, तीसरी लहर की चेतावनी पर बाल आयोग ने दिया सुझाव 

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी पर प्रदेश एवं केंद्र सरकार से हर अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से कोविड वार्ड बनाए जाने का सुझाव दिया है।

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आयोग का यह भी कहना है कि पंचायत घर एवं सरकारी स्कूलों को कोविड प्राथमिक उपचार केंद्र बनाया जाए। इससे शहर के अस्पतालों में मरीजों के बढ़ते दबाव को कम किया जा सकेगा। वहीं प्रभावितों को अपने घर के पास स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सकेगा। 

बेकाबू हो रहे हालात: कोरोना का हॉटस्पॉट बना देहरादून, देश के टॉप-10 संक्रमित जिलों में हुआ शामिल

आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के मुताबिक रुद्रप्रयाग में हाल ही में कोरोना से 40 बच्चे संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा नवजात बच्चे भी इससे संक्रमित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर ज्यादा खतरनाक होगी। जो खासकर बच्चों को अधिक प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार कर काम शुरू कर देना चाहिए।

आयोग की ओर से इस संबंध में केंद्र एवं प्रदेश सरकार को बच्चों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का सुझाव दिया गया है। आयोग की अध्यक्ष के मुताबिक केंद्र की ओर से राज्य सरकार को लिखा गया है कि बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

आयोग ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावकों को जागरूक करने के साथ ही इस मामले में काउंसिलिंग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले युवाओं को फिर बच्चों को इसके बाद बुजुर्गों को वैक्सीन लगनी चाहिए थी।  
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देहरादून : राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज फरार, अस्पताल और पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

दून अस्पताल से शनिवार को एक कोविड संक्रमित के भागने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस दून अस्पताल पहुंची और उसकी तलाश शुरू की। कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने उसे मोती बाजार से पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि दून हॉस्पिटल में टी-एस्टेट निवासी एक 71 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति भर्ती था।

शनिवार सुबह 7:30 बजे वह किसी को बिना बताए वह हॉस्पिटल से चला गया। तलाश करने पर करीब 11:30 बजे मोती बाजार में मिला। इस दौरान किस किस से संपर्क में आया इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है। व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है। पूर्व में भी कई बार हॉस्पिटल से भागने की कोशिश कर चुका है।

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टिहरी में कोविड केयर सेंटर से फरार हुए थे 20 मरीज

वहीं पिछले माह श्रीदेव सुमन अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में भर्ती 20 कोरोना संक्रमित मरीजों के फरार होने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस फरार चल रहे कोरोना संक्रमितों की तलाश में जुट गई थी, लेकिन मोबाइल से भी पुलिस किसी की भी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाई थी।

नरेंद्रनगर श्रीदेव सुमन अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है

सुरक्षा की दृष्टि से अब कोविड केयर सेंटर में दो पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। अस्पताल से कोरोना संक्रमितों के भागने पर स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्य प्रणाली पर कई तरह के सवाल उठा रहे थे।

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कोरोना संक्रमितों की देखभाल के लिए जिला प्रशासन की ओर से नरेंद्रनगर श्रीदेव सुमन अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। कोविड केयर सेंटर में बीते दिन 38 लोग भर्ती थे, लेकिन पिछले माह 20 लोग वहां से फरार हो गए थे। मरीजों के गायब होने का पता अस्पताल प्रशासन को रात में उस वक्त चला जब वहां भोजन परोसने कर्मचारी पहुंचे थे। अधिक भोजन वापस बचने पर वार्ड में भर्ती संक्रमितों की गिनती की गई, तो 20 लोग वहां से नदारद मिले थे।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में मच गया था हड़कंप

संक्रमित मरीजों के फरार होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। सूचना पर देर रात एसडीएम युक्ता मिश्रा और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा था। जो लोग फरार हुए उनमें दो उत्तराखंड, चार उत्तर प्रदेश, सात राजस्थान, तीन हरियाणा और चार लोग उड़ीसा के रहने वाले थे।
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उत्तराखंड : अब मोबाइल एप से भी पता चलेगी ऑक्सीजन की उपलब्धता, राज्य सरकार ने सभी जिलों से मांगा डाटा

अब केंद्र या राज्य के स्तर से जिलों को मिलने वाली ऑक्सीजन की उपलब्धता एक मोबाइल एप के माध्यम से पता चल सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार के स्तर से एक एप तैयार किया जा रहा है। इस एप के लिए शासन ने सभी जिलों से डाटा मांगा है।

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नोडल अधिकारी डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को पत्र भेजा। इसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश स्तर पर ऑक्सीजन का उत्पादन होने के साथ ही केंद्र सरकार की ओर से भी निर्धारित कोटा के तहत ऑक्सीजन दी जा रही है।

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लिहाजा, इस पूरी ऑक्सीजन को ट्रैक में रखने के लिए ही यह एप तैयार किया जा रहा है। इसमें सभी जिलों से डाक या ई-मेल के माध्यम से डाटा मांगा गया है। इसमें उन्हें बताया है कि उनके जिले में कुल कितनी ऑक्सीजन आई। टैंकर के माध्यम से और सिलिंडर के माध्यम से कितनी आई।

किस अस्पताल में ऑक्सीजन की कितनी डिमांड है और कितनी ऑक्सीजन पहले से उपलब्ध है। इसी प्रकार, सिलिंडर रिफिल करने की क्या क्षमता है और कितने सिलिंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने जल्द से जल्द यह डाटा मुख्य विकास अधिकारियों से मांगा है।
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