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IPL 2020: आईपीएल के मैदान में बल्लेबाजी का हुनर दिखाएगा उत्तराखंड का ये क्रिकेटर

इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन में उत्तराखंड के अनुज रावत राजस्थान रॉयल्स टीम की ओर से खेलते नजर आएंगे। अभी तक दिल्ली की टीम से रणजी खेलने वाले अनुज क...

20 सितंबर 2020

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Digital Edition

उत्तराखंड एक्सक्लूसिव: जानवरों से फसलों को बचाने के लिए गांव-गांव तैनात होंगे प्रहरी

वन्य जीवों से फसलों को होने वाला नुकसान प्रदेश की एक बड़ी समस्या है। इससे निजात पाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने राजस्व गांवों में फसल रक्षक तैनात करने का फैसला किया है। स्थानीय स्तर पर युवाओं को यह काम दिया जाएगा और सरकार इन्हें एक निर्धारित मानदेय भी देगी। इसके लिए कैंपा फंड की मदद ली जाएगी।

प्रदेश में बंदर, जंगली सुअर, लंगूर आदि फसलों को खासा नुकसान पहुंचातें हैं। इनका आतंक इतना बढ़ गया है कि कई स्थानों पर लोगों ने खेती करना तक छोड़ दिया है। मैदानी इलाकों में हाथी, सांभर, नील गाय आदि फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और इस वजह से मानव वन्यजीव संघर्ष में भी इजाफा होता है।

इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने यह योजना बनाई है। यह योजना कैंपा और जायका की मदद से योजना के तहत 40 हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने की तैयारी है। इसी में फसल सुरक्षा को शामिल किया गया है, सरकार के मुताबिक करीब 10 हजार लोगों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

Uttarakhand Weather: चौथे साल भी गर्म रहा सितंबर का महीना, कम बारिश बन रही वजह

उत्तराखंड में पिछले तीन साल की तरह इस बार भी सितंबर का महीना काफी गर्म रहा। हालांकि पिछले साल की तुलना में अधिकतम तापमान में मामूली कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ओर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 20 सितंबर सबसे गर्म दिन रहा, जबकि अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री के रिकॉर्ड  डिग्री स्तर तक पहुंच गया।

पिछले साल तीन सितंबर को अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री तक पहुंचा था। इसके अलावा 2018 में छह सितंबर को 34.5 और 2017 में 18 सितंबर को 34.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था।

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2010 से 2016 के बीच केवल एक बार 2015 में तापमान 34 डिग्री के स्तर तक पहुंचा था। वैसे सितंबर में सबसे अधिक तापमान का ऑल टाइम रिकॉर्ड वर्षों पुराना है। चार सितंबर 1974 को सबसे अधिक 36.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था।
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हरिद्वार कुंभ 2021: प्रयागराज की तर्ज पर कुंभ क्षेत्र को भगवा रंग में रंगने की तैयारी, ऐसे सजेगा शहर

प्रयागराज की तर्ज पर हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र को भी महाकुंभ-2021 से पहले भगवा रंग में रंगने की तैयारी है। कुंभ क्षेत्र के सभी भवनों को भगवा रंग से रंगने के साथ दीवारों पर आध्यात्मिक और पौराणिक कथाओं से जुड़ी वॉल पेंटिंग भी कराई जाएगी। खास बात यह है कि बाजारों में सभी प्रतिष्ठानों के बोर्ड एक ही साइज और रंग के होने के साथ लिखावट भी एक ही तरह की होगी। कुंभ मेला प्रशासन ने अपनी इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए व्यापारी संगठनों से सहयोग मांगने की पहल शुरू कर दी है। 

 प्रयागराज में कुंभ का भ्रमण करने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर मेला प्रशासन ने महाकुंभ को भव्य रुप देने की तैयारी शुरू कर दी है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से हुई बातचीत में हरिद्वार को भगवा रंग में रंगने और आध्यात्मिक वॉल पेंटिंग कराने का अनुरोध किया था। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए मेला प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है।


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कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि कुंभ मेले के दौरान हरकी पैड़ी से जुड़े तमाम रास्तों में प्रत्येक दुकान के बोर्ड का कलर, साइज और लिखावट एक ही रंग के कराने की योजना है। सबकुछ एक जैसा होने से बाजार का नजारा देखने लायक होगा। उन्हाेंने बताया कि मेला प्रशासन जल्द ही व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी योजना को अंतिम रूप देगा। उन्होंने कहा कि रंग कौन सा होगा, यह फैसला व्यापारियों को लेना है।

मेला प्रशासन इस कार्य में उनका पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा गंगा घाट की तरफ बने व्यवसायिक भवनों और मकानों की दीवारों पर यूनिफार्म कलर कराया जाएगा। इसके लिए सभी पक्षों से बात की जा रही है। पहले शासन की फसाड पॉलिसी के तहत पूरे शहर को एक रंग देना था, लेकिन उस पर काम नहीं हो पाया है। अब कुंभ में छोटे तौर पर इसका प्रयोग किया जाएगा। 
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Sri Dev Suman University Exam: कहीं कक्ष में मिले बैग तो कहीं दो विवि के छात्र बैठे एक साथ

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के दौरान सोमवार को उस वक्त कॉलेजों में हड़कंप मच गया जब कुलपति प्रो. पीपी ध्यानी औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान किसी परीक्षा केंद्र पर कक्ष के भीतर ही छात्रों के बैग रखे मिले तो कहीं सीसीटीवी ही नहीं चल रहे थे। एक परीक्षा केंद्र पर दो विवि के छात्रों की परीक्षाएं एक ही कक्ष में होती हुई पाई गई। कुलपति ने इन गड़बड़ियों पर सख्त आपत्ति जताते हुए तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।

श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी सोमवार को सबसे पहले चकराता रोड स्थित आईटीएम कॉलेज पहुंचे। यहां पहली पाली की परीक्षा में उन्होंने पाया कि कक्ष के भीतर ही छात्रों के बैग भी रखे हुए हैं।


इस पर उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को फटकार लगाते हुए दोबारा इस तरह की लापरवाही न करने की हिदायत दी। साथ ही चेतावनी भी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पर परीक्षा केंद्र रद्द कर दिया जाएगा। 

दूसरी पाली में कुलपति डॉ. ध्यानी साईं इंस्टीट्यूट पहुंचे। यहां का नजारा देखकर वह हैरान रह गए। एक ही कक्ष में गढ़वाल विवि और श्रीदेव सुमन विवि के छात्र बैठकर परीक्षा दे रहे थे।
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उत्तराखंड: टिहरी झील में 187 दिन बाद मंगलवार से शुरू होगा रोमांच का सफर, कर सकेंगे बोटिंग

औचक निरीक्षण करते कुलपति
कोरोना संक्रमण के कारण पिछले 187 दिन से वीरान पड़ी टिहरी झील में मंगलवार से रोमांच का सफर शुरू होगा। अनलॉक-4 की गाइड लाइन के अनुसार जिला प्रशासन ने झील में सशर्त बोटिंग गतिविधि शुरू करने की मंजूरी दे दी है। फिलहाल झील में स्पीड और सामान्य बोटें ही चलेंगी। 
42 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली टिहरी झील में कोरोना संक्रमण के कारण 17 मार्च 2020 से बोटों का संचालन बंद था। हालांकि 12 जुलाई को सिर्फ एक दिन के लिए झील में बोटों का संचालन हुआ था, जिसके बाद बोट यूनियन ने सालभर का लाइसेंस शुल्क 60 हजार माफ करने, आगामी एक वर्ष तक लाइसेंस शुल्क माफ करने की मांग को लेकर बोटों का संचालन बंद कर दिया था। 


झील में 99 बोटों का संचालन होता है। स्पीड बोट, पॉवर बोट, जेड अटैक, जेड स्की, डॉलफिन राइड, हॉटडाग, फ्लाई, बनाना राइडिंग, वाटर स्कूटर के अलावा झील में पैरा सिलिंग जैसी जलक्रीड़ा भी होती हैं। अनलॉक-4 की गाइड लाइन के तहत मंगलवार से प्रशासन ने झील में सशर्त बोटिंग गतिविधि शुरू करने की मंजूरी दे दी है। 
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रुड़की: कृषि अध्यादेशों के विरोध में किसानों ने भरी हुंकार, अब सरकार से आर-पार की लड़ाई को खोला मोर्चा

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जेएम कार्यालय पर नारेबाजी की। वहीं धरना देते हुए प्रधानमंत्री से इन विधेयकों को वापस कराने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधेयकों को वापस नहीं किया गया तो 25 सितंबर को जगह-जगह चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों की इच्छा से भूमि अधिग्रहण करने की भी मांग की है।

सोमवार को भाकियू टिकैत के बैनर तले सैकड़ों किसान गुड़ मंडी मंगलौर पर एकत्र हुए। इसके बाद वे वाहनों से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर पहुंचे और वहां धरना शुरू कर दिया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी व जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी विधेयक लाकर उनके अस्तित्व को समाप्त करना चाहती है ताकि उद्योगपतियों को बढ़ावा दिया जा सके।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मंडियों को समाप्त करना चाह रही है ताकि प्राइवेट आढ़तियों को लाभ पहुंचाया जा सके। यदि मंडी बंद हो जाती है तो प्राइवेट आढ़ती औने-पौने दामों में किसानों की फसलों को खरीदेंगे। इससे किसानों को प्राइवेट आढ़तियों के अलावा अन्य कोई विकल्प अपनी फसलें बेचने को नहीं बचेगा। 

उन्होंने कहा कि सरकार भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों से बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन इसके बाद न तो भूमि का उचित मुआवजा दिया जाता है और न ही फसलों का। इसकी बानगी देवबंद रेलवे लाइन में अपनी जमीन देने वाले भिस्तीपुर के चार गांवों के किसानों के साथ हुआ है। उन्होंने मांग की कि किसानों की भूमि उनकी इच्छा से अधिग्रहण की जानी चाहिए।

इसके बाद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल को ज्ञापन सौंपा, जो कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम भेजा गया है। इसमें किसानों की मांगों को पूरा करने की मांग की गई है। इस दौरान जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि यदि मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया तो संगठन के उच्च पदाधिकारियों से वार्ता कर 25 सितंबर को जगह-जगह चक्का जाम किया जाएगा।
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रुड़की: नारसन बॉर्डर पर पंजीकरण साइट ठप, हरियाणा के युवकों ने किया हंगामा, बैरिकेडिंग भी तोड़ी 

स्मार्ट सिटी देहरादून की पंजीकरण साइट नहीं चलने से नाराज हरियाणा के पांच युवकों ने नारसन बॉर्डर पर हंगामा कर दिया। यही नहीं, उन्होंने बॉर्डर पर लगी बैरिकेडिंग भी तोड़ दी, जिससे अन्य कार चालकों में अफरातफरी मच गई। किसी तरह पुलिस ने उन्हें शांत कराया। इसके बाद आधार कार्ड देखकर युवकों और अन्य लोगों को एंट्री दी गई।

बाहरी राज्यों से आने वालों को स्मार्ट सिटी देहरादून की साइट पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। जो लोग खुद रजिस्ट्रेशन कर नहीं आते हैं, उन्हें बॉर्डर पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद ही प्रवेश दिया जाता है। रविवार रात करीब तीन बजे अचानक साइट ठप हो गई, जिससे रजिस्ट्रेशन खिड़की पर लंबी लाइन लग गई।

काफी देर तक साइट नहीं चलने पर हरियाणा के पांच युवकों ने हंगामा कर दिया। युवकों ने बैरिकेडिंग भी तोड़ दी, जिससे वहां पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। शोर सुनकर बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मी पहुंचे और युवकों को हंगामा करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

इसके बाद युवक शांत हुए। वहीं, साइट नहीं चलने पर बाहरी राज्यों के लोगों को आधार कार्ड दिखाने के बाद पर्ची देकर एंट्री कराई गई। उधर, अपर तहसीलदार कृष्णा नंद पंत ने बताया कि किन्हीं तकनीकी कारणों से साइट नहीं चल पाई थी। इसके चलते कुछ युवकों ने हंगामा कर दिया था। बाद में आधार कार्ड से एंट्री की प्रक्रिया शुरू की गई।
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हरिद्वार: तीर्थ पुरोहितों ने शुरू किया धरना, बोले- गंगा के सम्मान के लिए करेंगे संघर्ष

हरकी पैड़ी पर बह रही अविरल धारा को नहर (स्कैप चैनल) घोषित करने वाले अध्यादेश को खत्म करके गंगा नाम देने की मांग को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने धरना शुरू कर दिया है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि अविरल धारा का नाम पहले की तरह गंगा घोषित करने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इस मामले में सरकार पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। 

सोमवार को कई तीर्थ पुरोहित हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस मौके पर तीर्थ पुरोहित सौरभ सिखौला ने कहा कि अब हरकी पैड़ी पर बह रही गंगा की धारा को कांग्रेस सरकार के शासनकाल में नहर घोषित कर दिया गया था। तीर्थ पुरोहित तब से ही इसका विरोध करते आ रहे हैं और पहले की तरह धारा का नाम गंगा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद भी इस मामले में केवल आश्वासन ही मिले हैं।  अनमोल वशिष्ठ ने कहा कि श्रद्धालु गंगा स्नान और अनुष्ठान के लिए हरकी पैड़ी आते हैं। देश के करोड़ों लोगों की आस्था गंगा और हरकी पैड़ी से जुड़ी है।


ऐसे में हरकी पैड़ी पर बह रही गंगा की धारा को नहर कहना न्यायसंगत नहीं है। अनुपम जगता ने कहा कि हरकी पैड़ी के सम्मान के साथ न्याय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि पहले एक सप्ताह तक क्रमिक धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी सरकार ने अध्यादेश निरस्त नहीं किया तो तीर्थ पुरोहित अनिश्चितकालीन के लिए धरने पर बैठ जाएंगे। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हरिमोहन तिवारी ने तीर्थ पुरोहितों को समर्थन दिया। प्रदर्शन में अशोक त्रिपाठी, प्रतीक मिश्रपुरी, वैभव शिवपुरी, सचिन कौशिक, धीरज पंचभैया, आशु झा, संजीव कुएपेवाले, सुनील दत्त चाकलान आदि तीर्थ पुरोहित शामिल रहे।
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देहरादून: 23 को विधानसभा सत्र के वक्त शहर में रूट रहेगा डायवर्ट, ये है डायवर्जन प्लान...

उत्तराखंड विधानसभा के बुधवार को प्रस्तावित मानसून सत्र के मद्देनजर देहरादून में कई जगह रूट डायवर्जन किया गया है। इस दौरान सभी भारी वाहनों को कारगी चौक व डोईवाला से दूधली रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा। सत्र के दौरान धरना, प्रदर्शन आदि के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने को कई जगह पर बैरियर लगाए जाएंगे। विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। 

ये है डायवर्जन प्लान 
- देहरादून से हरिद्वार, ऋषिकेश, टिहरी, चमोली जाने वाले वाहन नेहरू कॉलानी फव्वारा चौक से 6 नंबर पुलिया की ओर डायवर्ट किए जाएंगे।
- धर्मपुर चौक से आईएसबीटी की ओर जाने वाला यातायात माता मंदिर रोड होते हुए पुरानी बाईपास चौकी से आईएसबीटी की ओर जाएगा। 
- मोहकमपुर की ओर से मसूरी जाने वाले वाहन जोगीवाला से रिंग रोड से लाडपुर से सहस्रधारा क्रासिंग से आईटी पार्क से मसूरी मार्ग की ओर जाएंगे।
- मोहकमपुर की ओर से शहर की ओर आने वाले वाहन जोगीवाला से 6 नंबर पुलिया से नेहरू कॉलोनी, आराघर, ईसी रोड होते हुए आएंगे।
- प्रत्येक संभावित जुलूस (अनुमति प्राप्त) केवल बन्नू स्कूल से चलेगा तथा इनके वाहन भी बन्नू स्कूल में पार्क किए जाएगें। 
- जुलूस के बन्नू स्कूल से प्रगति विहार बैरियर की ओर प्रस्थान करने पर रिस्पना से शहर की ओर आने वाले वाहनों को हरिद्वार बाईपास से पुरानी बाईपास चौकी की ओर भेजा जाएगा।   
- डोईवाला से देहरादून की ओर आने वाली सिटी बसें, जोगीवाला से डायवर्ट की जाएंगी जो कैलाश अस्पताल से यूटर्न लेंगी।
- डिफेंस कॉलोनी जाने वाले कमर्शियल वाहनों को नेहरू कॉलोनी थाना कट से पुरानी चौकी बाईपास की ओर डायवर्ट किया जाएगा। 
- स्थानीय लोगों के वाहनों को विशेष परिस्थितियों में ही डायवर्ट किया जाएगा। सामान्य स्थिति में व्यक्तिगत वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जाएगा। 

यहां होगी बैरियर की व्यवस्था 
1. प्रगति विहार बैरियर 
2. शास्त्रीनगर बैरियर
3. बाईपास बैरियर
4. डिफेंस कालोनी बैरियर
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