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बुध वृषभ राशि में हुए मार्गी, 7 जुलाई तक इन 4 राशि वालों के जीवन में आएंगी अपार खुशियां
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कोरोना : ‘टीका ही बचाएगा’ संदेश लेकर उत्तराखंड पहुंचे अनीश, चारधाम पहुंचकर करेंगे प्रार्थना

कोविड से बचाव के लिए टीका ही सबसे कारगर है। बिना किसी डर और भ्रम के टीका लगवाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें। इसी संदेश के साथ अहमदाबाद के राइडर अनीश...

23 जून 2021

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Digital Edition

कुंभ कोविड जांच फर्जीवाड़ा : एसआईटी ने लिए नलवा लैब प्रतिनिधि के बयान, मैक्स के पार्टनर से आज होगी पूछताछ 

हरियाणा के हिसार की नलवा लैब के प्रतिनिधि से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (एसआईटी) की टीम ने गुरुवार को दोपहर बारह से शाम चार बजे तक चार घंटे पूछताछ की। एसआईटी आज शुक्रवार को मैक्स कॉरपोरेट सोसाइटी के साझेदार शरत और मल्लिका पंत से पूछताछ करेगी। 

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एसआईटी के रोशनाबाद स्थित कार्यालय में चार घंटे तक पूछताछ
कोरोना जांच में हुए घोटाले में नामजद की गई नलवा लैब के संचालक डॉ. नवतेज नलवा से एसआईटी के रोशनाबाद स्थित कार्यालय में चार घंटे तक पूछताछ हुई। इस दौरान उनसे कई सवाल किए गए। किस तरीके से मैक्स कॉरपोरेट सर्विस से अनुबंध हुआ और किस तरीके से जांच की गई। इसके बारे में पूछताछ की गई।

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नलवा लैब हिसार के डॉ. नवतेज नलवा ने बताया कि अभी जांच शुरू हुई है। इससे आगे कुछ नहीं बता सकते। जांच अधिकारी राजेश शाह ने बताया कि नलवा लैब के प्रतिनिधि के बयान दर्ज किए गए हैं। 

मैक्स कॉरपोरेट सर्विस के साझेदारों ने खुद को निर्दोष बताया
कुंभ में कोविड जांच के कथित फर्जीवाड़े के आरोपी मैक्स कॉरपोरेट सर्विस के साझेदारों ने खुद को निर्दोष बताया है। जिला मुख्यालय रोशनाबाद स्थित मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय में साढ़े पांच घंटे तक चली पूछताछ के बाद बाहर आए साझेदारों ने कहा कि उनकी कंपनी ने किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं की है।

कहा कि कंपनी सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर थी। कोविड जांच से उनका कोई लेनादेना नहीं है। नलवा लैब के प्रतिनिधियों से भी शाम पांच से सात बजे तक पूछताछ हुई। वहीं आरोपी डा. लाल चंदानी लैब के प्रतिनिधि बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंचे। 
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शुक्रवार को मैक्स कॉरपोरेट सोसाइटी के साझेदार शरत और मल्लिका पंत से पूछताछ शुक्रवार को मैक्स कॉरपोरेट सोसाइटी के साझेदार शरत और मल्लिका पंत से पूछताछ

उत्तराखंड :  कोविड के नये वैरिएंट के चलते इन तीन राज्यों से आने वाले यात्रियों की सख्ती से होगी कोरोना जांच

महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश से हवाई जहाज के जरिए जौलीग्रांट एयरपोर्ट उतरने वाले सभी यात्रियों की शत-प्रतिशत कोरोना जांच की जाएगी।

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साथ ही देहरादून जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण में तेजी लाने को लेकर अतिरिक्त मोबाइल टीमें तैनात की जाएंगी। इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने संबंधित स्वास्थ विभाग व संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने वर्चुअल माध्यम से आयोजित कोविड-19 समीक्षा बैठक की। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डोईवाला को निर्देश दिए कि देश के कई राज्यों में कोविड के नये वैरिएंट के चिन्हित होने के मद्देनजर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आने वाले व्यक्तियों विशेषकर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, केरल से आने वाली फ्लाइट के सभी यात्रियों की सख्ती से कोरोना जांच की जाए।
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उत्तराखंड : प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज, चारधाम यात्रा और तीसरी लहर की तैयारियों पर हो सकते हैं निर्णय

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को अचानक प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि कोविड महामारी की तीसरी लहर और चारधाम यात्रा पर उच्च न्यायालय के हाल ही में दिए गए निर्देशों के क्रम में यह बैठक बुलाई गई है।

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चारधाम यात्रा की तैयारियों पर चर्चा होगी
सचिवालय में होने वाली इस बैठक में चारधाम यात्रा की तैयारियों पर चर्चा होगी और इसके संबंध में निर्णय लिया जाएगा। राज्य सरकार एक जुलाई से चरणबद्ध ढंग से यात्रा शुरू करने का निर्णय ले चुकी है। 11 जुलाई से राज्य के लोगों के लिए यात्रा खोलने की तैयारी है, लेकिन गुरुवार को एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यात्रा टालने या यात्रा तिथि को आगे बढ़ाने को कहा है।

न्यायालय राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए
इसके अलावा कोविड महामारी की तीसरी लहर की संभावना के दृष्टिगत भी न्यायालय ने राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। कैबिनेट में इन दोनों ही मसलों पर सरकार नए निर्णय ले सकती है।

इसके अलावा कैबिनेट में शिक्षा, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यटन और लोनिवि से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। कैबिनेट में प्राइवेट स्कूलों की फीस का कानून का प्रस्ताव भी आ सकता है।

मंत्रिमंडलीय उपसमितियों की सिफारिशें भी रखी जा सकती हैं
शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों की फीस का ड्राफ्ट तैयार कर शासन को पहले ही भेज दिया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी प्रस्ताव के कैबिनेट में आने के पहले ही संकेत दे चुके हैं। इसके अलावा मंत्रिमंडलीय उपसमितियों की सिफारिशें भी कैबिनेट के समक्ष रखी जा सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने उपनल कर्मचारियों के मानदेय, खनन और अधिप्राप्ति नियमावली के संबंध में मंत्रिमंडलीय उपसमितियां बनाई थी, जिन्होंनेे अपनी सिफारिशें तैयार कर सरकार को सौंप दी है।
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उत्तराखंड: एक जुलाई से लागू होने जा रहे हैं ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम, पढ़ें जरूरी खबर...

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है। एक जुलाई से देशभर में ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम लागू होने जा रहे हैं। अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ जाकर टेस्ट देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सड़क और परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी नए नियमों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति जिसने किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से टेस्ट पास किया है, उसे लाइसेंस के लिए अप्लाई करते वक्त आरटीओ में होने वाले ड्राइविंग टेस्ट से मुक्त रखा जाएगा। यानी उसे आरटीओ में ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना पड़ेगा। उसका ड्राइविंग लाइसेंस प्राइवेट ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के सर्टिफिकेट पर ही बना दिया जाएगा।

ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम एक जुलाई से लागू हो जाएंगे, जो उन निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर्स को ही काम करने की इजाजत देंगे, जिन्हें राज्य परिवहन प्राधिकरण(एसटीए)की ओर से या फिर केंद्र सरकार की तरफ से मान्यता दी गई हो। इन प्रशिक्षण केंद्रों की मान्यता पांच साल के लिए होगी, इसके बाद उन्हें सरकार से नवीनीकरण करवाना होगा।
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उत्तराखंड: राज्य गठन से पहले के पांच औद्योगिक क्षेत्रों की अधिसूचना जारी, उद्योगों को नक्शा पास कराने में मिलेगा लाभ

ड्राइविंग लाइसेंस
राज्य गठन के 20 सालों के बाद देहरादून जिले के पांच औद्योगिक क्षेत्रों की सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। उत्तर प्रदेश के समय स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों की अधिसूचना से संबंधित रिकॉर्ड न मिलने पर सरकार ने अधिकारिक तौर पर औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा दिया है। इससे अब उद्योगों को नक्शा पास कराने में आसानी होगी। 

राज्य गठन से पहले पूर्ववर्ती राज्य उत्तर प्रदेश के समय 80 व 90 के दशक में देहरादून जिले के पटेलनगर, विकासनगर, रानीपोखरी, लांघा रोड छरबा, रगवाड़ में उद्योग विभाग के माध्यम से मिनी औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए गए। उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीरियल एरिया डेवलपमेंट एक्ट 1976 और उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीरियल एरिया डेवलपमेंट एक्ट 1991 के तहत औद्योगिक क्षेत्र बनाए गए थे। लेकिन उत्तराखंड राज्य बनने के बाद इन औद्योगिक क्षेत्रों को अधिसूचित करने का रिकॉर्ड नहीं मिला।

उत्तर प्रदेश के उद्योग विभाग से लगातार संपर्क करने के बाद रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हुआ। अधिसूचना का रिकॉर्ड न मिलने से इन क्षेत्रों में नए उद्योग लगाने या विस्तारीकरण का नक्शा पास कराने की सबसे बड़ी दिक्कत थी। औद्योगिक संगठनों की ओर से लगातार सरकार से इन औद्योगिक क्षेत्रों को अधिसूचित करने की मांग उठाई जा रही थी। अब सरकार ने अधिसूचना जारी की उद्योगों को बड़ी राहत दी है।

राज्य गठन से पहले दून जिले में लगे थे 2321 उद्योग
उत्तराखंड राज्य गठन से पहले देहरादून जिले में 2321 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित थे। जिसमें कुल 88 करोड़ का पूंजी निवेश हुआ था। इन उद्योगों में 7232 लोगों को रोजगार मिला था। वर्तमान में कुल उद्योगों की संख्या 8889 हो गई है। जिसमें लगभग 1416 करोड़ का पूंजी निवेश हुआ है और 55 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।

सीडा से पास हो सकेंगे उद्योगों के नक्शे
देहरादून जिले के अंतर्गत पांच औद्योगिक क्षेत्रों को अधिसूचित करने से राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (सीडा) अब उद्योगों के नक्शे पास कर सकेगा। अभी तक अधिसूचना से संबंधित दस्तावेज न होने से उद्योगों को नक्शा पास कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नक्शा पास कराने के लिए सबसे पहले उद्योगों को औद्योगिक क्षेत्र की अधिसूचना से दस्तावेज मांगे जाते थे। वहीं, सरकार की नीतियों के तहत प्रोत्साहन व सब्सिडी का लाभ भी उद्योगों को नहीं मिलता था।

औद्योगिक क्षेत्र                                  क्षेत्रफल
राजकीय औद्योगिक क्षेत्र पटेलनगर       10 एकड़
मिनी औद्योगिक क्षेत्र विकासनगर         04 एकड़
मिनी औद्योगिक क्षेत्र रानीपोखरी          2.55 एकड़
मिनी औद्योगिक क्षेत्र लांघा रोड छरबा   2.55 एकड
मिनी औद्योगिक क्षेत्र रगवाड़               3.22 एकड़

पहले चरण में सरकार ने राज्य गठन से पूर्व के देहरादून जिले में पांच औद्योगिक क्षेत्रों को नोटीफाई किया है। इससे उद्योगों को नक्शा पास कराने में आसान होगी। साथ ही सरकार से मिलने वाले प्रोत्साहन व सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की सूचनाएं एकत्रित की जा रही हैं। जिससे उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया जा सके।
-सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग

लंबे समय से चली आ रही उद्योगों की मांग को सरकार ने पूरा किया है। अधिसूचना का रिकॉर्ड न होने से उद्योग नक्शा पास कराने और सरकार की ओर से मिलने वाले लाभ से वंचित थे। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। 
-राकेश भाटिया, अध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

सरकार ने पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश के समय स्थापित पांच औद्योगिक क्षेत्रों को नोटिफाई किया है। यह फैसला स्वागत योग्य है। लेकिन कई क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्र के अधीन लाने से छोड़ा गया है। जबकि वहां पर सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। 
-पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
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उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में मिले 118 नए संक्रमित, तीन की मौत, 250 मरीज हुए ठीक

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 118 नए मामले सामने आए हैं। वहीं तीन मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा आज 250 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, गुरुवार को 22580 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, अल्मोड़ा में सात, बागेश्वर तीन, चमोली में पांच, चंपावत में पांच, देहरादून में 49, हरिद्वार में छह, नैनीताल में 10, पौड़ी में 11, पिथौरागढ़ में दो, रुद्रप्रयाग में छह, टिहरी में सात, ऊधमसिंह नगर में चार और उत्तरकाशी में तीन मामले सामने आए हैं।

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प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या तीन लाख 39 हजार 245 हो गई है। इनमें से तीन लाख 23 हजार 627 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 27397 पहुंच गई है। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक चुल 7074 लोगों की जान जा चुकी है।

ब्लैक फंगस के छह नए मामले, पांच मरीजों की मौत
प्रदेश में ब्लैक फंगस के मामले और मौतें थम नहीं रही है। गुरुवार को छह नए मामले आए और पांच मरीजों की मौत हुई है। अब तक कुल मामले 478 हो गए हैं। जबकि 88 मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में छह नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। मरीजों को इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है। जबकि एम्स ऋषिकेश में चार और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक मरीज ने इलाज के दौरान दमतोड़ा है। कुल मरीजों की संख्या 479 पहुंच गई है, इनमें से 88 मरीजों की मौतें हुई है। इसमें 226 मामले दूसरे राज्यों के है। वर्तमान में एम्स ऋषिकेश में 315, हिमालयन हॉस्पिटल में 45, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में 33, श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल में 30 और दून मेडिकल कॉलेज में 30 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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नैनीताल: सैलानियों के पहुंचने से सरोवर नगरी में बढ़ी रौनक, होटलों में ऑन द स्पॉट बुकिंग शुरू, तस्वीरें...

तीन महीने से वीरान पड़े सरोवर नगरी नैनीताल के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की आवाजाही के साथ ही होटल, होम स्टे, नाव संचालकों के चेहरों पर रौनक लौटने लगी है। पर्यटन कारोबारियों को धीरे-धीरे कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है।

बता दें कि कोरोना कर्फ्यू के चलते नैनीताल, भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल, मुक्तेश्वर और रामगढ़ के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की आवाजाही बंद होने से पर्यटन कारोबार से जुड़े छोटे-बड़े कारोबारी बेरोजगार हो गए थे।

उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में मिले 118 नए संक्रमित, तीन की मौत, 250 मरीज हुए ठीक

साथ ही कारोबारियों को बैंक की किस्त, टैक्स, बिजली, पानी के बिल देने सहित घर का खर्चा चलाने में परेशानियां हो रही थीं। अब कोरोना का संक्रमण कम होने के साथ दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब सहित अन्य राज्यों के सैलानी पर्वतीय क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों में आने लगे हैं। इससे पर्यटन कारोबारियों को राहत मिलने लगी है।

हालांकि बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले लोगों को आरटीपीसीआर रिपोर्ट के अनिवार्य रूप से लाने के चलते सैलानियों की पूर्ण रूप से आवाजाही नहीं हो पा रही है। इससे परेशान कारोबारियों ने सरकार से सैलानियों को बिना आरटीपीसीआर रिपोर्ट के उत्तराखंड में आने की अनुमति देने की मांग की है।
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मूर्ति हटाने पर विवाद: ग्रामीणों ने किया पथराव तो पुलिस ने भांजी लाठियां, गांव में भारी तनाव, फोर्स तैनात, तस्वीरें...

उत्तराखंड में रुड़की के कुमराड़ा गांव में तालाब की भूमि से मूर्ति हटाने पर बवाल हो गया। मूर्ति हटाने गई पुलिस-प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। पथराव में इंस्पेक्टर, तीन पुलिसकर्मी और जेसीबी चालक घायल गए।

बवाल बढ़ता देख आसपास के थानों से भी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर ग्रामीणों को दौड़ाया। साथ ही बल प्रयोग कर तालाब की भूमि से मूर्ति हटवाई। मामले में पुलिस ने 26 नामजद और 100 से अधिक अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के कुमराड़ा गांव निवासी कुछ ग्रामीणों ने अपर उपजिलाधिकारी (एएसडीएम) पूरण सिंह राणा से तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मूर्ति स्थापित करने की शिकायत की थी। इस पर प्रशासन ने ग्रामीणों को समझाकर मूर्ति हटाने की बात कही, लेकिन ग्रामीणों ने इनकार कर दिया था। काफी समझाने के बाद भी वे जिद पर अड़े रहे।

बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार सुरेश पाल सैनी के नेतृत्व में कानूनगो राजकुमार और लेखपाल ओमप्रकाश पुलिस टीम को साथ लेकर जेसीबी से मूर्ति हटवाने पहुंचे। इस पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और वे विरोध करने लगे। पुलिस और प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह हंगामा करने लगे।
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भारत-चीन सीमा: जोशीमठ-मलारी हाईवे पर 11वें दिन शुरू हुई वाहनों की आवाजाही, आईटीबीपी और सेना को मिली राहत

भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले जोशीमठ-मलारी हाईवे पर बृहस्पतिवार को 11वें दिन वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। हाईवे खुलने पर नीती घाटी के 14 गांव की दो हजार की आबादी ने राहत की सांस ली है। चीन सीमा क्षेत्र में मुस्तैद आईटीबीपी और सेना के जवानों की दिक्कतें भी दूर हो गई हैं।

रैणी गांव के निचले क्षेत्र में 14 जून को मलारी हाईवे करीब 40 मीटर ध्वस्त होकर धौली गंगा में समा गया था। यहां पैदल आवाजाही के लिए भी रास्ता नहीं बचने से सेना की मुश्किल बढ़ गई थी। ऐसे में नई सड़क बनाने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के पास रैणी गांव के निचले हिस्से में पहाड़ काटने का ही विकल्प था। लेकिन ग्रामीण पुनर्वास और मुआवजा की मांग पर अड़े हुए थे।

उत्तराखंड : 25 से 27 जून तक झमाझम बारिश के आसार, आज उमस और गर्मी से लोग परेशान

बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने रैणी गांव पहुंचकर लोगों को मुआवजे और पुनर्वास का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों की सहमति के बाद ही सड़क का काम शुरू हो पाया था। बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल ने बताया कि सड़क पर सुरक्षा के भी इंतजाम कर दिए गए हैं। अब यहां सेना, आईटीबीपी और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुचारू हो गई है।
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