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गुरु पूर्णिमा 2021: गुरुओं के आशीर्वाद से फलक पर चमके देवभूमि के ये ‘सितारे’, बनाया अलग रास्ता, तस्वीरें

चुनौतियों भरे सफर में आशीर्वाद स्वरूप मिले गुरुमंत्र से आज देवभूमि के ‘सितारे’ विश्व फलक पर चमक रहे हैं। यह ‘सितारे’ आज अपने-अपने क्षेत्र की बड़ी शख्स...

24 जुलाई 2021

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Uttarakhand Board Result 2021: रिजल्ट आज, 2020 में छात्राओं ने मारी थी बाजी, टॉप 20 में भी था दबदबा

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से 2020 में संचालित 10वीं और 12वीं की परीक्षा में छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया था। छात्राओं का रिजल्ट जहां शत प्रतिशत था वहीं टॉप 20 सूची में भी छात्राओं का ही दबदबा नजर आया था। 

2020 की बात करें तो हाईस्कूल में 74950 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 53511 छात्र उत्तीर्ण हुए थे। वहीं 72205 छात्राओं में से 59680 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं थीं। इसमें छात्रों का परीक्षा परिणाम 71.39 प्रतिशत और छात्राओं का 82.65 प्रतिशत रहा था।

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संस्थागत में 72723 छात्रों में से 52682 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। 71071 छात्राओं में से 59191 छात्राएं पास हुईं थीं। इसमें छात्रों का रिजल्ट 72.44 प्रतिशत और छात्राओं का 83.28 प्रतिशत रहा था।

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Uttarakhand Board Result 2021: आज इस समय जारी होगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, यहां करें चेक

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के 10वीं और 12वीं का परीक्षाफल आज सुबह 11 बजे जारी होगा। परीक्षाफल शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय  बोर्ड ऑफिस में घोषित करेंगे। कोविड को देखते हुए इस वर्ष परीक्षा के बजाय विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया है।

CBSE Results 2021: 15.42 प्रतिशत बढ़ा दून रीजन का रिजल्ट, 98.64 फीसदी विद्यार्थी हुए पास

बोर्ड सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि परीक्षा परिणाम छात्रों के नवीं, हाईस्कूल और 11वीं के अंकों को देखकर तैयार किया गया है। परीक्षाफल से असंतुष्ट छात्र एक महीने में परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते है।

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इस वर्ष हाईस्कूल में एक लाख 48 हजार 350 छात्र और इंटरमीडिएट में एक लाख 22 हजार 198 छात्र पंजीकृत थे। छात्र-छात्राएं परीक्षाफल वेबसाइट www.ubse.uk.gov.in, uaresults.nic.in या फिर https://results.amarujala.com पर देख सकते हैं। 
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CBSE Results 2021: 15.42 प्रतिशत बढ़ा दून रीजन का रिजल्ट, 98.64 फीसदी विद्यार्थी हुए पास

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शुक्रवार को 12वीं का रिजल्ट घोषित किया। देहरादून रीजन का परिणाम बीते दो सालों की तुलना में इस बार 15.42 फीसदी अधिक रहा। जबकि 98.64 फीसदी छात्रों ने परीक्षा पास की। सीबीएसई के देहरादून रीजन में उत्तराखंड के सभी 13 और उत्तरप्रदेश के आठ जिलों के स्कूल आते हैं।

CBSE Results 2021: ऑनलाइन बना रिजल्ट तो पकड़ में आया फर्जीवाड़ा, उत्तराखंड-यूपी के 18 स्कूलों के 31 बच्चों को नोटिस

इस साल कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा के लिए देहरादून रीजन में उत्तराखंड के 486 और यूपी के 336 स्कूलों के 71063 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इसमें से 67421 नियमित और 3642 प्राइवेट छात्र थे।

स्कूलों के 64531 में से 63654 छात्रों ने परीक्षा पास की। देहरादून रीजन के क्षेत्रीय निदेशक रणबीर सिंह ने पास हुए सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बोर्ड परिणाम बनाने में पूरी पारदर्शिता एवं गाइडलाइन का पालन किया गया है। खबर लिखे जाने तक मिली जानकारी के अनुसार, गढ़वाल में ऋषिकेश की बेटी शताक्षी गुप्ता ने सबसे ज्यादा 99.60 फीसदी अंक हासिल किए हैं। जबकि काशीपुर के लिटिल स्कॉलर स्कूल के छात्र राघव जिंदल ने कुमाऊं में सर्वाधिक 99.8 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वहीं, हल्द्वानी के तीन विद्यार्थियों सेंट थेरेसा के परमेंदर सिंह भाटिया को 99.60, बिड़ला स्कूल हल्द्वानी के निविक साहू को 99.60 और लावन्या नौटियाल को 99.60 फीसदी अंक मिले हैं।

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इसी तरह अल्मोड़ा जिले में आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत की अंजलि कैड़ा को 98.8, जवाहर नवोदय विद्यालय बागेश्वर की श्रेया पांडे को 98.4, होली विजडम स्कूल मानेश्वर,चंपावत के आत्मन उप्रेती को 98.4, बीयर शिवा स्कूल पिथौरागढ़ के दिव्यांशु को 97.6 फीसदी अंक मिले हैं। हालांकि अभी तक सीबीएसई की ओर से सूची जारी न होने के कारण टॉपर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। 

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पिछले तीन साल का रिजल्ट प्रतिशत
2019    73.57 फीसदी
2020    83.22 फीसदी
2021    98.64 फीसदी
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उत्तराखंड: दो अगस्त से खुलेंगे केवल कक्षा नौ से 12वीं तक के स्कूल, एसओपी जारी

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच प्रदेश में दो अगस्त से केवल कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए ही स्कूल खुलेंगे। जबकि कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों के लिए भौतिक रूप से कक्षाएं 16 अगस्त से शुरू होंगी। इस दौरान बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी।

Uttarakhand Board Result 2021: 31 जुलाई को सुबह 11 बजे घोषित होंगे परिणाम, यहां देख सकेंगे नतीजे

शासन में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हर स्कूल में सामाजिक दूरी, मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। इसका पालन कराने के लिए हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।

स्कूल खोलने का फरमान : 10 लाख बच्चों की कैसे होगी सुरक्षा श्रीमान, तैयारियों का होगा इम्तिहान

सचिव विद्यालयी शिक्षा राधिका झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। बता दें कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने शत प्रतिशत क्षमता के साथ दो अगस्त से सभी कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने का निर्णय लिया था, लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया गया है।
 
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कांवड़ यात्रा स्थगित: कांवड़ियों को बॉर्डर पर दिया जा रहा गंगाजल, पहले दिन 300 से ज्यादा लेकर लौटे, तस्वीरें...

हरिद्वार जिला प्रशासन की ओर से कांवड़ियों को बॉर्डर पर ही बोतलों में गंगाजल उपलब्ध कराने का काम शुरू हो गया है। हालांकि, पहले दिन सिर्फ भगवानपुर के काली नदी और मंडावर चेक पोस्ट पर ही लोग गंगाजल लेने पहुंचे। नारसन और खानपुर बॉर्डर पर गंगाजल के टैंकर तो खड़े हैं, लेकिन कोई गंगाजल नहीं आया। भगवानपुर के बॉर्डर पर कांवड़ियों ने इस मुहिम की सराहना की।

कांवड़ मेला प्रतिबंधित होने के बाद भी सावन में दूसरे राज्यों के श्रद्धालु गंगाजल और कांवड़ लेने हरिद्वार का रुख कर रहे हैं। नारसन, भगवानपुर के काली नदी और मंडावर चेक पोस्ट व खानपुर क्षेत्र के बॉर्डर पर पुलिस-प्रशासन को कांवड़ियों को लौटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

ऐसे में जिला प्रशासन ने शुक्रवार से बॉर्डर पर ही गंगाजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कर दी। सुबह ही सभी बॉर्डर और चेक पोस्ट पर गंगाजल से भरे टैंकर पहुंचा दिए गए। पहले दिन भगवानपुर के काली नदी और मंडावर चेक पोस्ट पर पंजाब, हरियाणा के 306 शिवभक्तों को टैंकर से निकालकर बोतलों में 500 एमएल गंगाजल दिया गया। प्रशासन की इस मुहिम से बाहरी राज्यों के श्रद्धालु खुश हैं। हालांकि, उन्हें हरिद्वार से जल न भरकर ले जाने का दुख भी है। वहीं, नारसन बॉर्डर पर शाम तक कोई भी गंगाजल लेने नहीं पहुंचा।
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उत्तराखंड: बाहर से आने वालों के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता होगी खत्म- मुख्यमंत्री

बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए उत्तराखंड सरकार आरटीपीसीआर की रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइन में आरटीपीसीआर जांच की बंदिश हटा दी जाएगी।

उत्तराखंड में कोरोना: 41 नए संक्रमित मिले, एक भी मरीज की मौत नहीं

प्रदेश में चार अगस्त तक कोविड कर्फ्यू लागू है। मंगलवार को प्रदेश सरकार कोविड कर्फ्यू के संबंध में नई मानक प्रचालन प्रक्रिया जारी करेगी। पिछले हफ्ते की एसओपी में सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले उन लोगों के लिए आरटीपीसीआर की रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी थी, जिन्हें कोविड वैक्सीन की डबल डोज लगाए 15 दिन हो चुके हैं। 

पड़ोसी राज्य हिमाचल में आरटीपीसीआर की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। पर्यटन राज्य होने के नाते राज्य सरकार पर भी पर्यटन कारोबारियों का आरटीपीसीआर की अनिवार्यता खत्म करने का दबाव है। शुक्रवार को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और लोगों के राज्य में प्रवेश पर आरटीपीसीआर की अनिवार्यता को खत्म किया जाएगा। इसकी गाइडलाइन जारी होगी।
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CBSE Results 2021: उत्तराखंड के बागेश्वर की 100 फीसदी छात्राएं हुईं पास, छात्रों में कम दिखा उत्साह, तस्वीरें...  

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में देहरादून रीजन में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की 100 फीसदी छात्राओं ने पास होकर प्रदेश का मान बढ़ाया। बोर्ड परीक्षा में बागेश्वर की सभी 131 छात्राएं सफल हुईं। जबकि रुद्रप्रयाग के 99.07 फीसदी छात्रों ने सफलता पाकर दूसरे नंबर पर अपनी जगह बनाई। जिले की 98.57 फीसदी छात्राओं ने परीक्षा में सफलता हासिल की। उधर, यूपी के जेपी नगर जिले की 97.91 फीसदी छात्राओं ने सफलता प्राप्त की।

CBSE Results 2021: 15.42 प्रतिशत बढ़ा दून रीजन का रिजल्ट, 98.64 फीसदी विद्यार्थी हुए पास

बता दें कि सीबीएसई ने शुक्रवार को 12वीं का रिजल्ट घोषित किया। देहरादून रीजन का परिणाम बीते दो सालों की तुलना में इस बार 15.42 फीसदी अधिक रहा। जबकि 98.64 फीसदी छात्रों ने परीक्षा पास की। सीबीएसई के देहरादून रीजन में उत्तराखंड के सभी 13 और उत्तरप्रदेश के आठ जिलों के स्कूल आते हैं।

CBSE Results 2021: ऑनलाइन बना रिजल्ट तो पकड़ में आया फर्जीवाड़ा, उत्तराखंड-यूपी के 18 स्कूलों के 31 बच्चों को नोटिस

बिना परीक्षा के निकले रिजल्ट को लेकर छात्रों का उत्साह कम देखने को मिला। जहां एक ओर बोर्ड परीक्षा में बाजी मारने वाले छात्र स्कूल में आकर अपने मित्रों व शिक्षकों के साथ जश्न मनाते थे, लेकिन इस बार शहर के कुछ एक स्कूलों में गिने चुने छात्र ही पहुंचे। जबकि, अधिकतर स्कूलों में बच्चे आए ही नहीं। स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि कोरोनाकाल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चे जश्न मनाने के लिए स्कूल नहीं आए।  ... और पढ़ें

CBSE Results 2021: ऑनलाइन बना रिजल्ट तो पकड़ में आया फर्जीवाड़ा, उत्तराखंड-यूपी के 18 स्कूलों के 31 बच्चों को नोटिस

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड का रिजल्ट ऑनलाइन बनाया तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। 12वीं कक्षा के बोर्ड रिजल्ट बनाने के दौरान सीबीएसई को ऐसे बोर्ड की जानकारी मिली जिसे मान्यता नहीं मिली थी।  देहरादून रीजन में ही उत्तराखंड और यूपी के करीब 18 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने 31 छात्रों को ऐसे फर्जी बोर्ड से जारी मार्कशीट के आधार पर प्रवेश दिया और 12वीं का परिणाम बना डाला।

CBSE Results 2021: 89.64 फीसदी रहा देहरादून रीजन का परीक्षा परिणाम

कोरोनाकाल के चलते इस बार बोर्ड की परीक्षा नहीं हो सकी। स्कूल ने बोर्ड की ओर से तय फॉर्मूले के अनुसार अपने स्तर से छात्रों का मूल्यांकन कर बोर्ड को परिणाम भेज दिया। इसके बाद सीबीएसई की ओर से जांच की गई तो 31 विद्यार्थी ऐसे मिले जिन्होंने ऐसे बोर्ड से दसवीं पास कर 11वीं में प्रवेश लिया जो बोर्ड मान्य ही नहीं थे। पोर्टल में दी गई जानकारी का सत्यापन होने पर यह गड़बड़ी पकड़ी गई है।

बोर्ड ने ऐसे छात्रों को नोटिस भेजने के साथ स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक रणबीर सिंह ने बताया कि देहरादून रीजन के कई नामी स्कूलों में यह फर्जीवाड़ा सामने आया है।
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उत्तराखंड: डोबरा चांठी पीआईयू तैयार करेगी बदरीनाथ का मास्टर प्लान, 400 करोड़ से बनेगा स्प्रिचुअल टाउन

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) बदरीनाथ धाम को स्प्रिचुअल स्मार्ट हिल टाउन बनाने की योजना पर काम करेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने लोनिवि की एक अलग परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) बनाई है। मास्टर प्लान पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। करीब 400 करोड़ की लागत से बदरीनाथ में स्प्रिचुअल टाउन बनाने की योजना है। 

उधर, लोक निर्माण विभाग ने डोबरा चांठी परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) को बदरीनाथ शिफ्ट किया है। ये इकाई अब बदरीनाथ धाम को स्प्रिचुअल स्मार्ट हिल टाउन बनाने की योजना पर काम करेगी। इस डिविजन का मुख्यालय जोशीमठ को बनाया गया है। टिहरी में कार्यरत कार्मिक जोशीमठ व बदरीनाथ कार्यरत होंगे। इस संबंध में अनुसचिव लोनिवि दिनेश कुमार पुनेठा ने आदेश जारी कर दिया है। पीआईयू में नए पद नहीं बनाए जाएंगे। पीआईयू मुख्य अभियंता पौड़ी के नियंत्रण में होगा। गोपेश्वर के अधीक्षण अभियंता अपने पदीय दायित्वों के साथ मुख्य परियोजना प्रबंधक के रूप में काम करेंगे। वह परियोजना के पर्यवेक्षण व अन्य विभिन्न प्रक्रियाएं के लिए जवाबदेह होंगे।

प्रमुख अभियंता की अध्यक्षता में एक परियोजना सलाहकार समिति बनेगी। इसमें मुख्य अभियंता पौड़ी, मुख्य अभियंता एडीबी सदस्य तथा अधीक्षण अभियंता गोपेश्वर इसके सदस्य सचिव होंगे। समिति परियोजना की समीक्षा, निरीक्षण व तकनीकी मार्गदर्शन के लिए उत्तरदायी होगी। प्रमुख सचिव या सचिव लोनिवि मुख्य परियोजना समन्वयक होंगे। जोशीमठ लोनिवि के उपलब्ध भवनों से ही कार्यालयों का संचालन होगा।

दूसरी बार टला केदारनाथ का दौरा
मुख्यमंत्री को शुक्रवार को केदारनाथ धाम जाना था। उन्हें वहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण करना था। उनका हेलीकॉप्टर देहरादून से केदारनाथ के लिए उड़ा, लेकिन खराब मौसम के कारण वह केदारनाथ नहीं जा पाए। इससे पहले भी खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री का दौरा टल चुका है।

बर्फबारी से पहले पूरे होने हैं पुनर्निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ में चल रहे अधिकतर पुनर्निर्माण कार्यों को बर्फबारी शुरू होने से पहले पूरा किया जाएगा। वह पुनर्निर्माण कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। अब तक चार समीक्षा बैठकें ले चुके हैं। 
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