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कराएं दिवाली की रात लक्ष्मी कुबेर यज्ञ, होगी अपार धन, समृद्धि  व्  सर्वांगीण कल्याण  की प्राप्ति : 27-अक्टूबर-2019
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कराएं दिवाली की रात लक्ष्मी कुबेर यज्ञ, होगी अपार धन, समृद्धि व् सर्वांगीण कल्याण की प्राप्ति : 27-अक्टूबर-2019

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एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में मुक्केबाजी में उत्तराखंड के पौड़ी के लाल जयदीप रावत ने रजत पदक जीतकर विश्व पटल पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

19 अक्टूबर 2019

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देहरादून

शनिवार, 19 अक्टूबर 2019

रुड़की: संदिग्ध बुखार ने ली दो और जानें, 25 के करीब पहुंचा मौत का आंकड़ा

उतराखंड के रुड़की में भगवानपुर तहसील क्षेत्र में संदिग्ध बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को बुखार से पीड़ित दो और लोगों की मौत हो गई। इसके बाद क्षेत्र में मृतकों की संख्या करीब 25 पहुंच गई है।

उधर, छापुर गांव में संदिग्ध बुखार से पीड़ित महिला को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया है।

सिकंदरपुर, मंडावर, चोली शहाबुद्दीन पुर, भगवानपुर, मक्खनपुर और छापुर आदि गांवों में संदिग्ध बुखार का प्रकोप जारी है। सिकंदरपुर भैंसवाल निवासी तंजेब अली (45) तीन दिन से बीमार थे। स्थानीय स्तर पर ही उनका उपचार चल रहा था।
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उत्तराखंड में पान मसाला के साथ मिलने वाले तंबाकू के पैकेट पर रोक

उत्तराखंड में पान मसाला के साथ अलग से मिलने वाले तंबाकू के पैकेट पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। बृहस्पतिवार को औषद्यि प्रशासन आयुक्त नितेश कुमार झा की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में फिलहाल पान मसाला संग मिलने वाले तंबाकू के पैकेट पर एक साल तक प्रतिबंध रहेगा।

आदेश में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम 2011 के तहत प्रदेश में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है, बावजूद इसके प्रदेश में पान मसाला के साथ छोटे-छोटे पैकेट में तंबाकू बेचा जा रहा है। इसी को देखते हुए तंबाकू के पैकेट और निकोटिन युक्त गुटखा के निर्माण, भंडारण व बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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सुमाड़ी में हुआ एनआईटी का शिलान्यास, राज्यपाल, सीएम और एचआरडी मंत्री रहे मौजूद

लंबे इंतजार के बाद श्रीनगर के समीप एनआईटी उत्तराखंड को स्थायी परिसर मिलने जा रहा है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड का आज सुमाड़ी में भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया। इसके बाद अब स्थायी परिसर की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

इस दौरान उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक अतिविशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत भी मौजूद रहे।

यहां शिलान्यास व भूमि पूजन के पश्चात सभी श्रीनगर रवाना हो गए। इसके बाद सभी जीआईएंडटीआई मैदान श्रीनगर पहुंचे और यहां सभी अतिथिगणों , एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी व कुलसचिव कर्नल सुखपाल सिंह का संबोधन हुआ।
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देहरादून और नैनीताल में डेंगू के 111 नए मामले, प्रदेश में 8143 पहुंचा मरीजों का आंकड़ा

प्रदेश में डेंगू का प्रकोप थमा नहीं है। अक्तूबर माह आधा बीत जाने के बाद भी प्रदेश में डेंगू से पीड़ित मरीज इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को देहरादून और नैनीताल जनपद में 111 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। प्रदेश में अब तक डेंगू मरीजों का आंकड़ा 8143 पहुंच गया है।

स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को देहरादून जिला में 55 और नैनीताल में 54 और ऊधमसिंह नगर में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देहरादून जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 4519 और नैनीताल में 2541 हो गई है।

जबकि हरिद्वार में अब तक 363, ऊधमसिंह नगर में 544, पौड़ी में 17, टिहरी में 118, अल्मोड़ा में 24, रुद्रप्रयाग में छह, चमोली में चार, बागेश्वर में तीन, चंपावत व पिथौरागढ़ में दो-दो मरीज डेंगू की चपेट में आए हैं। प्रदेश में डेंगू से पीड़ित आठ लोगों की मौत हुई है। जिसमें देहरादून में छह और नैनीताल में दो की मौत हुई है।
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छात्रवृत्ति घोटाला:  दलालों ने फर्जी दस्तावेजों से तैयार किए वकील और शिक्षक

प्रदेश के दलालों की पहुंच कितनी ऊपर तक है यह दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले से साफ हो गया। दलालों ने कागजों में ही फर्जी अधिवक्ता, वकील, इंजीनियर, फार्मेसी, आईटीआई और पॉलीटेक्निक और मैनेजमेंट के प्रोफेशनल तैयार कर दिए। जांच में यह पता चला कि जिन लोगों का प्रवेश इन प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में हुआ है, उनमें से कई अनपढ़ और कई पांचवीं से अधिक स्कूल का मुंह नहीं देख पाए। 

दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पहले चरण में प्रदेश के बाहर के संस्थानों की जांच चल रही है। 350 निजी संस्थानों में पढ़ने वाले जिले के करीब 4000 छात्रों का एसआईटी सत्यापन कर रही है। 2011 से 2015 के बीच छात्रवृत्ति लेने वाले करीब दो हजार छात्रों का सत्यापन हो चुका है। समाज कल्याण विभाग की ओर से चलने वाली दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अदर बैकवर्ड कास्ट और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को प्रोफेशनल कोर्स करने पर छात्रवृत्ति मिलती है।

दरअसल, प्रोफेशनल कोर्स में अच्छी छात्रवृत्ति मिलती है। इस कारण दलालों ने कई क्षेत्रों में घूम के लोगों के दस्तावेज जमा किए। जिन लोगों के दस्तावेज छात्रवृत्ति के लगाए गए उनमें से कई अनपढ़ तो कुछ पांचवीं के बाद स्कूल ही नहीं गए। ऐसे लोगों को प्रवेश प्रोफेशनल कोर्स में कराया गया। प्रदेश के बाहर के कॉलेजों में इनका प्रवेश दिखाया गया और इनके नाम पर छात्रवृत्ति ली गई। बैंकों में छात्रों के नाम पर खोले गए खाते भी फर्जी मिले। 

इन पाठ्यक्रमों में लगाए गए फर्जी दस्तावेज

दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में अधिकतर छात्रों का दाखिला बीएड में दिखाया गया। सूत्रों की मानें तो इसके अलावा एलएलबी, बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट, मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट, मास्टर ऑफ एजुकेशन, बीबीए, फार्मेसी, पीजीडीएम, आईटीआई, पॉलीटेक्निक जैसे कोर्स में भी फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है।    

जसपुर में 22 छात्रों का सत्यापन 

एसआईटी ने शुक्रवार को भी दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में जसपुर के छात्रों का सत्यापन किया। टीम ने करीब 22 छात्रों का सत्यापन किया। जसपुर की टीम अब तक करीब 300 छात्रों का सत्यापन कर चुकी है।
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दिनदहाड़े शोरूम में घुसा और सेल्स गर्ल को उतार दिया मौत के घाट, चाकू से आखिरी सांस तक किए वार

Diwali 2019: एक ही दिन पड़ रही छोटी और बड़ी दिवाली, 50 साल बाद चार दिन में होंगे आठ महापर्व

देहरादून रेलवे स्टेशन से अगले तीन महीने नहीं चलेंगी सभी 18 ट्रेनें, ये रहेगा पूरा शेड्यूल

देहरादून रेलवे स्टेशन से तीन महीने ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। 10 नवंबर से अगले साल सात फरवरी तक दून से किसी भी ट्रेन का संचालन नहीं हो सकेगा। देहरादून स्टेशन के पुनरुद्धार के लिए रेलवे बोर्ड ने मेगा ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति दे दी है। ऐसे में तीन महीने यात्रियों की दिक्कत बढ़नी तय है। कुछ टेनें हरिद्वार, नजीबाबाद और अलीगढ़ स्टेशनों से संचालित होंगी। इसके अलावा अन्य सभी ट्रेनें रद्द रहेंगी।

दून स्टेशन के विस्तार और री मॉडलिंग कार्य के लिए पिछले कई समय से मेगा ट्रैफिक ब्लॉक लेने के लिए ठेकेदार से लेकर रेलवे बोर्ड के स्तर तक पत्राचार चल रहा था। इसके लिए कई बार प्रस्ताव में ट्रेनों के शेड्यूल को लेकर परिवर्तन किया गया।

दिवाली समेत अन्य त्योहारों का सीजन होने के चलते रेलवे बोर्ड मेगा ट्रैफिक ब्लॉक देने पर फैसला नहीं ले पा रहा था। आखिरकार रेलवे ने अब दिवाली बाद के लिए इसकी अनुमति दे दी है। इस दौरान दून से चलने वाली सभी 18 ट्रेनें रद्द रहेंगी।
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सीएम त्रिवेंद्र का एलान, हर साल टॉप 25 मेधावी छात्र-छात्राओं की 50 फीसदी फीस होगी वापस 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हर साल प्रदेश के टॉप 25 मेधावी छात्र-छात्राओें को 50 फीसदी फीस वापस होगी। इसमें मेडिकल या कोई अन्य व्यावसायिक कोर्स कर रहे छात्र-छात्राएं भी शामिल रहेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत शुक्रवार को पटेलनगर स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्रथम वार्षिकोत्सव फोर्निक्स-2019 में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

जयहरीखाल, पौड़ी में अगले साल से एक हाईटेक आवासीय विद्यालय खुल जाएगा। यह छठी कक्षा से शुरू होगा। इसमें मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को भी प्रवेश दिया जाएगा।
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ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों को जानने के लिए बनाई जा रही टेलीस्कोप, जानिए इसकी खासियत

ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों को जानने के लिए बनाई जा रही 30 मीटर टेलीस्कोप (टीएमटी) खगोल वैज्ञानिकों के लिए मददगार तो होगी ही, साथ ही वैज्ञानिकों के दावों पर यकीन करें तो भविष्य में इस टेलीस्कोप के निर्माण में उपयोग की गई तकनीक चिकित्सा के क्षेत्र में भी मील का पत्थर साबित होगी।

उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यशाला में पहुंचे खगोल वैज्ञानिकों का दावा है कि 30 मीटर टेलीस्कोप के निर्माण में प्रयोग की जा रही तकनीक से भविष्य में मेडिकल के क्षेत्र में भी आधुनिक उपकरणों का निर्माण किया जा सकता है। इससे मनुष्य के शरीर के भीतर होने वाले परिवर्तनों का आसानी से पता लगा सकेंगे। 

टीएमटी के एसोसिएट प्रोग्राम डॉयरेक्टर डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि मौजूदा समय में मेडिकल के क्षेत्र में कई ऐसे उपकरणों का प्रयोग हो रहा है, जो पूर्व में किसी न किसी रूप में खगोलीय अध्ययन के लिए बनाए गए थे, उनमें मामूली रूप से परिवर्तन कर मेडिकल संबंधी अध्ययन के लिए बनाया गया है।

बताया कि मौजूदा समय में उपयोग में लाया जा रहा जीपीएस सिस्टम पूरी तरह से आकाशीय तारों पर निर्भर है। डॉ. राम प्रकाश का दावा है कि टीएमटी से होने वाले अध्ययन के बाद जीपीएस सिस्टम से मिलने वाले आंकड़े और भी अधिक सटीक मिलेंगे।
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