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हिमाचल कैबिनेट बैठक: नवंबर से नौवीं से जमा दो कक्षा के स्कूल खोलने का हो सकता है फैसला

हिमाचल में नवंबर से नौवीं से जमा दो के विद्यार्थियों के लिए नियमित तौर पर स्कूल खोलने का फैसला 27 अक्तूबर को हो सकता है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक के लिए शिक्षा विभाग ने कई विकल्पों सहित प्रस्ताव भेजा है। बीते दिनों हुईं ई-पीटीएम में मिले अभिभावकों के सुझावों और स्कूलों से भेजे गए माइक्रो प्लान के आधार पर सरकार स्कूलों को खोलने का फैसला लेगी।

उधर, कॉलेजों में फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के प्रमोट करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट बैठक में मुहर लगेगी। परीक्षाएं लेने के लिए अब समय बचा नहीं है। ऐसे में असेसमेंट आधार पर ही विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट करना लगभग तय है।कैबिनेट बैठक के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने के लिए कई विकल्प बनाकर सरकार को प्रस्ताव भेजा है। पहले विकल्प के तहत बोर्ड कक्षाओं दसवीं और जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को नवंबर से स्कूल बुलाने की बात कही गई है।

नौवीं से जमा दो की कक्षाएं भी नवंबर से नियमित तौर पर शुरू करने का विकल्प दिया गया है। अधिक संख्या वाले विद्यार्थियों के स्कूलों में सुबह और शाम या एक-एक दिन छोड़कर कक्षाएं लगाने का विकल्प भी प्रस्ताव में शामिल है। पहली से आठवीं के स्कूलों को खोलने के लिए भी प्रस्ताव भेजा है। इसमें कम संख्या वाले विद्यार्थियों के स्कूलों में नवंबर से कक्षाएं शुरू करने की बात कही गई है। ऑनलाइन कक्षाओं को जारी रखने का प्रस्ताव भी भेजा है।

उधर, कॉलेजों में विद्यार्थियों को प्रमोट करने के लिए पिछली कक्षा के परीक्षा परिणाम के पचास फीसदी अंक, वर्तमान कक्षा की आंतरिक परीक्षा के तीस फीसदी अंक और शिक्षकों की असेसमेंट के 20 फीसदी अंकों को आधार बनाकर परिणाम तैयार किया जाएगा। यूजीसी के निर्देशानुसार एक नवंबर से नया शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाना है। प्रदेश में बीते करीब दो माह से विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रोविजनल आधार पर दाखिले देकर उनकी ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू कर दी गई है। ऐसे में अब परीक्षाएं लिए जाने की अब संभावना बहुत कम है। ऐसे में कैबिनेट बैठक में प्रमोट करने का फैसला होने के आसार अधिक हैं।
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विद्यार्थी(सांकेतिक) विद्यार्थी(सांकेतिक)

कंडक्टर भर्ती परीक्षा: चार सॉल्वरों को भेजा था प्रश्नपत्र एसआईटी ने आयोग से तलब किया परीक्षा रिकॉर्ड

कंडक्टर भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र व्हाट्सएप से बाहर भेजने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से परीक्षा संबंधी सभी रिकॉर्ड तलब कर लिया है। वहीं पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी अभ्यर्थी मनोज ने दो दोस्त सॉल्वरों को प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर भेजा था। दो दोस्तों ने आगे दो और सॉल्वरों को पेपर भेजा था। यानी मनोज के अलावा आगे कुल चार युवकों को पेपर व्हाट्सएप के जरिये गया था। आरोपियों में एक एचआरटीसी कंडक्टर और दूसरा रेलवे का को पायलट भी शामिल है। 

पुलिस के अनुसार मनोज कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसने परीक्षा केंद्र से अपने चचेरे भाई और एक दोस्त को मोबाइल से पेपर हल करने को भेजा था। मुकेश को जितने सवालों के जवाब आते थे, उसने वे मनोज को व्हाट्सऐप से बता दिए थे। कंडक्टर अनिल ने पेपर आगे दो लोगों को भेजा था। इनमें से एक दोस्त ने पेपर के कुछ सवाल हल करके वापस भेज दिए, जबकि दूसरे दोस्त ने पेपर मीडिया में वायरल कर दिया। इस पूरे प्रकरण में कथित रूप से मनोज के अलावा चार युवक शामिल हैं। इनमें से एक युवक एचआरटीसी में दो साल से कंडक्टर की नौकरी कर रहा है, जबकि दूसरा रेलवे में को पायलट के रूप में हाल ही में चयनित हुआ है। चारों आरोपियों पर केस दर्ज हो गया है। ऐसे में दो युवकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। पुलिस के समक्ष युवक उनका भविष्य बचाने को गिड़गिड़ा रहे हैं।

उधर, एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।उधर, एसआईटी ने आवेदन करने वालों के दस्तावेजों से लेकर परीक्षा के पूरे प्रोटोकाल और नकल रोकने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की चयन आयोग से जानकारी मांगी है। सूत्रों का कहना है कि चूंकि पिछले साल सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान हुई हाईटेक उपकरणों वाली नकल की घटना सामने आने के बाद गृह विभाग ने कर्मचारी चयन आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग को सभी बड़ी परीक्षाओं में जैमर का इस्तेमाल करने को कहा था। एसआईटी जानने का प्रयास करेगी कि आखिर क्यों जैमर नहीं लगे। बता दें कि मामले की जांच का जिम्मा डीजीपी संजय कुंडू ने डीआईजी बिलम गुप्ता की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) को दिया है। 

 
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फर्जीवाड़ा: हमीरपुर में एक घर में बनाए 122 वोट, कुल्लू में बसा दी 200 लोगों की बस्ती

हिमाचल में होने वाले पंचायती राज चुनाव में जीत हासिल करने की खातिर राजनीतिक दलों ने फर्जीवाड़ा करना भी शुरू कर दिया है। नगर परिषद हमीरपुर में जहां एक ही परिवार में 122 लोगों के मत पहचान पत्र बना दिए, वहीं कुल्लू नगर परिषद में रातोंरात 200 लोगों की बस्ती ही बसा दी। हमीरपुर में 3 पार्षदों ने तहसीलदार के समक्ष आपत्तियां दर्ज करवाईं हैं, वहीं कुल्लू में भी लोगों ने बस्ती के विरोध में तहसीलदार के पास शिकायत दर्ज करवा दी है। 

जानकारी के अनुसार हमीरपुर नप के वार्ड 9 में एक ही घर में 122 लोगों के मत पहचान पत्र बनाए गए, जबकि वार्ड 10 में एक घर में 39 से अधिक मतपत्र बनाए हैं। वार्ड 6 में एक ही घर में 32 फर्जी मतदाता पत्र बनाए हैं। इससे मतदाता सूचियां बनाने वाले कर्मचारियों पर भी सवाल हैं।

वार्ड तीन के पार्षद अनिल सोनी, वार्ड 6 के पार्षद अश्वनी शर्मा, मनोनीत पार्षद संदीप भारद्वाज और पूर्व पार्षद अजय शर्मा ने तहसीलदार हमीरपुर के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई है। तहसीलदार अशोक पठानिया ने बताया कि अपात्रों को सूची से बाहर किया जाएगा। उधर कुल्लू नप में फर्जी वोटरों के लिए रातोंरात 200 लोगों की बस्ती बसाने के आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो वायरल हुआ है।

विभिन्न संगठनों और कुछ वर्तमान पार्षदों ने मामला चुनाव आयोग और उपायुक्त कुल्लू के समक्ष उठाया है। बुधवार को पूर्व नप अध्यक्ष ऋषभ कालिया की अगुवाई में शहर वासियों ने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें फर्जी वोटरों के नाम सूची से हटाने की मांग की है। कालिया ने कहा कि मंगलवार रात वार्ड नौ में रहने वाले बाहरी राज्यों के करीब 200 लोगों को वार्ड छह में बसाया गया है।


जनता ने जवाब मांगा है कि लॉकडाउन में प्रवासियों को राशन वितरित किया था, तो क्या उस समय भी यह बस्ती यहां थी। वार्ड नौ के पार्षद तरुण विमल ने कहा कि बाहरी राज्यों से आए लोगों के फर्जी कागजों के आधार पर वोट बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर डीसी डॉ. ऋचा वर्मा ने कहा कि शिकायत मिली है। इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
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हिमाचल: 15 सूत्रीय जानकारी के साथ विभागों को भेजना होगा भर्ती प्रस्ताव

कार्मिक विभाग ने सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, एमडी और सदस्य सचिवों को निर्देश जारी किए हैं कि वह राज्य लोक सेवा आयोग को भर्ती के लिए भेजे जाने वाले प्रस्ताव के साथ 15 सूत्रीय जानकारी भी भेजें। कहा गया है कि लगातार आयोग की ओर से इस संबंध में आपत्ति जताई जाती रही है कि संबंधित विभाग पूरी जानकारी नहीं भेजते। कार्मिक विभाग ने कहा है कि सभी विभाग जब भी भर्ती का प्रस्ताव भेजेंगे तो उसे आयोग के फार्म 23 में भेजा जाएगा।

इसके अलावा आरक्षण, सीलिंग, दिव्यांग कोटा के अलावा भर्ती नियम की जानकारी संलग्न करनी होगी। इसके अलावा अगर प्रस्ताव भेजने के छह महीने के भीतर कोई और प्रस्ताव भी भेजा गया हो तो उसकी जानकारी देनी होगी, साथ ही बताना होगा कि छह महीने के भीतर ही क्यों दोबारा प्रस्ताव भेजा गया। कोशिश यह है कि भर्ती प्रस्ताव भेजने के दौरान अगले छह महीने से एक साल तक रिक्त होने वाले पदों को शामिल कर प्रस्ताव भेजा जाए। इसके अलावा हर विभाग अवर सचिव से ऊपर के स्तर के अधिकारी का नाम, कार्यस्थल का पता और टेलीफोन नंबर भी देगा ताकि उससे प्रस्ताव पर चर्चा की जा सके। 
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पुरानी पंचायत का आरक्षण स्टेटस ही होगा नई पंचायतों के रोस्टर का आधार

हिमाचल सरकार
हिमाचल सरकार ने नई गठित पंचायतों और उनके वार्डों का आरक्षण स्टेटस निर्धारित कर दिया है। नई गठित पंचायतों का आरक्षण स्टेटस वही होगा, जो उस पंचायत का था जिससे काटकर अलग बनाई गई है। अगर दो से अधिक वार्डों को मिलाकर एक वार्ड बना हो तो उसमें आरक्षण का स्टेटस उस वार्ड से तय होगा, जिसकी जनसंख्या अधिक थी। 

इसमें यह तय हुआ है कि ऐसे वार्डों और ग्राम पंचायतों का 2010 और 2015 दोनों वर्षों का स्टेटस उसी तरह से निर्धारित होगा। सचिव पंचायतीराज और पंचायतीराज विभाग के निदेशक की ओर से इस बारे में सभी उपायुक्तों और जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में सरकार ने कई नई ग्राम पंचायतें बनाई हैं।

जिला शिमला के कुपवी और जिला मंडी के बालीचौकी में नई पंचायत समितियों का भी गठन किया गया है। इसके नतीजे में वार्डों की सीमाओं के पुनर्निधारण के साथ कुछ नए वार्डों का भी गठन किया गया है। आरक्षण के चक्रानुक्रम को निर्धारित करने के लिए ऐसे वार्डों और ग्राम पंचायतों का पूर्व आरक्षित स्टेटस निर्धारित करना जरूरी है।

इस बारे में यह स्पष्ट किया जाता है कि नए पुनर्गठित वार्ड का गत आरक्षण का स्टेटस वही होगा, जिस वार्ड से ऐसे गठित या पुनर्सीमांकित वार्ड में अधिकतम जनसंख्या ली गई हो। पंचायत चुनाव से पहले ही नवगठित पंचायतों और वार्डों का यह आरक्षण स्टेटस तय कर दिया जाएगा।
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नर्सिंग कॉलेजों, स्कूलों को विकसित करना होगा आधारभूत ढांचा, नहीं तो मान्यता रद्द

हिमाचल में अब नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों को आधारभूत ढांचा विकसित करना होगा। ऐसा न करने पर संस्थान की मान्यता को रद्द कर दिया जाएगा। निजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं अब मेडिकल कॉलेज में प्रैक्टिकल और परीक्षण लेने नहीं आ सकेंगी। इसके लिए प्रबंधन को खुद टीचिंग फैकल्टी के अलावा अन्य व्यवस्था करनी पड़ेगी। सरकार ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से नर्सिंग स्कूल और कॉलेजों के लिए गाइडलाइन तैयार की गई है। इसमें स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आधारभूत ढांचा, सीट और टीचिंग फैकल्टी, लैब आदि शर्तों को अनिवार्य किया गया है। जिन संस्थानों के पास यह आधारभूत ढांचा नहीं होगा, उन कॉलेजों को बंद कर दिया जाएगा।

सरकार नए संस्थान खोलने के बजाय पहले से चल रहे संस्थानों को सुदृढ़ करने जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में 56 नर्सिंग कॉलेज और स्कूल हैं। इनमें करीब 47 निजी नर्सिंग स्कूल हैं, जबकि अन्य सरकारी हैं। हिमाचल के इन नर्सिंग संस्थानों से हर साल करीब 4000 छात्राएं पास आउट होती हैं।

सूबे में हजारों लड़कियों ने नर्सिंग कोर्स किया है, लेकिन उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिली है। अधिकांश लड़कियां निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रही हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि निजी नर्सिंग कॉलेज के पास अपना आधारभूत ढांचा होना अनिवार्य किया है। मेडिकल कॉलेज में निजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं प्रैक्टिकल, प्रेक्टिस के लिए नहीं आएंगी।
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Shimla News Today 22 Oct: शिमला समाचार | सुनिए शहर की ताजातरीन खबरें

व्यास नदी में गिरने से युवती की मौत, बचाने गई छोटी बहन लापता

हिमाचल के जिला कुल्लू के भुंतर में एक प्रवासी युवती की फिसलने से व्यास नदी में गिरने से मौत हो गई। हादसा बुधवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे के आसपास हुआ है। जानकारी के अनुसार भुंतर के राधा कृष्ण मंदिर के पास झोपड़ी में रहने वाली एक प्रवासी युवती शौच करने गई थी। इसी दौरान अंधेरे में उसका पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गई। इस दौरान उसकी छोटी बहन भी साथ थी। बड़ी बहन को बचाने के लिए वह ब्यास नदी में कूद पड़ी। हादसे की सूचना मिलते ही झोपड़ी के अन्य लोगों ने दोनों की तलाश शुरू की तो सर्च अभियान में एक युवती नदी किनारे मिली।

जबकि दूसरी का अभी तक पता नहीं लग पाया है। बचाई गई लड़की को एंबुलेंस से उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू लाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार झोपड़ी में रहने वाली 17 वर्ष अन्नु अपनी 22 वर्षीय बहन अंजलि पुत्री रामदेव कुशीनगर यूपी को बचाने के लिए ब्यास में कूद गई थी। लापता चल रही लड़की की पुलिस के साथ स्थानीय लोग तलाश में जुटे हैं। एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि भुंतर में एक लड़की की  व्यास में गिरने से मौत हो गई है। जबकि दूसरी लड़की लापता होने की सूचना है। 
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