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CoronaVirus in Himachal: नेरचौक में तीन संक्रमितों की मौत

हिमाचल प्रदेश में तीन और कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई है। बुधवार सुबह नेरचौक मेडिकल काॅलेज मंडी में कुल्लू भूंतर निवासी 76 वर्षीय बुजुर्ग, मनाली के सजला निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग के अलावा मंडी के धर्मपुर क्षेत्र के सजाओ पीपलू निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जीवानंद चौहान ने सुबह तीनों मौत की पुष्टि की है।

इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 20817  के पार हो गया है। 2521 सक्रिय मामले हैं। कोरोना से 17974 लोग ठीक हो चुके हैं। हिमाचल में कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर 86 फीसदी तक पहुंच गई है। राज्य में 296 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। 
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

हिमाचल में अब निजी स्कूल वसूल सकेंगे पूरी फीस

हिमाचल प्रदेश के लाखों अभिभावकों की जेब ढीली होने वाली है। हिमाचल सरकार ने निजी स्कूलों को पूरी फीस वसूलने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली की शर्त हटा दी है। सनावर स्कूल मामले में हाईकोर्ट से आए फैसले का तर्क देते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। कोरोना के चलते सरकार ने लॉकडाउन के समय निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के निर्देश दिए थे। बीते दिनों निजी स्कूलों का पूरी फीस लेने का दबाव बढ़ने पर शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए कैबिनेट से मांग की थी।

मंगलवार को सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले का पालन करने की बात कहते हुए पूरी फीस वसूली को मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट ने कुछ माह पहले जिला सोलन के निजी स्कूल मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि निजी स्कूलों को सरकार कोई आर्थिक मदद नहीं देती। निजी स्कूलों को भी अपने खर्चे पूरे करने हैं। ऐसे में सरकार फीस नहीं लेने के लिए स्कूलों को बाध्य नहीं कर सकती है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि निजी स्कूल पूरी फीस कब से ले सकेंगे? क्या बीते महीनों की फीस भी पूरी ली जाएगी? इसको लेकर एक-दो दिन के भीतर लिखित आदेश जारी कर उच्च शिक्षा निदेशालय स्थिति स्पष्ट करेगा।
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फिलहाल दिल्ली के लिए नहीं चलेंगी एचआरटीसी बसें, फिर ठुकराया हिमाचल का प्रस्ताव

त्योहारी सीजन के दौरान दिल्ली के लिए एचआरटीसी की बस सेवा शुरू होने की संभावना नहीं है। दिल्ली सरकार को बस सेवा शुरू करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव को एक बार फिर स्वीकृति नहीं मिल पाई है। फिलहाल एचआरटीसी की वोल्वो सेवा शुरू करने की भी कोई तैयारी नहीं है। निगम की बसों का संचालन अंबाला तक ही हो पाएगा। दिल्ली के लिए सीधी बस सेवा की लोगों की ओर से लंबे समय से भारी मांग की जा रही है लेकिन दिल्ली सरकार की अनुमति न मिलने के कारण मामला लटकता जा रहा है।

मौजूदा समय में एचआरटीसी प्रबंधन वोल्वो बस सेवा शुरू करने की भी कोई तैयारी नहीं कर रहा है जबकि पर्यटन कारोबारी वोल्वो बस सेवा शुरू करने की मांग उठा रहे हैं, ताकि बाहरी राज्यों से टूरिस्ट वोल्वो बसों के जरिए पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकें। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर का कहना है कि दिल्ली के लिए एचआरटीसी बस सेवा शुरू करने के लिए भेजा गया प्रस्ताव टर्न डाउन हो गया है। 
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स्कूलों में नहीं होंगी प्रार्थना सभाएं, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी बस सुविधा

दो नवंबर से प्रदेश में नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शुरू होने वाली नियमित कक्षाओं के दौरान प्रार्थना सभाएं नहीं होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बस सुविधा बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग जल्द ही परिवहन निगम के साथ चर्चा करेगा। स्कूल स्तर पर बनाए गए माइक्रो प्लान के आधार पर नियमित कक्षाएं लगाई जाएंगी। अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में सुबह-शाम की शिफ्ट में भी शिक्षक कक्षाएं लगा सकेंगे।

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि स्कूल खुलने पर हाजिरी पर जोर नहीं रहेगा। जो विद्यार्थी स्वेच्छा से स्कूल आना चाहता है, वह आ सकेगा। अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। स्कूलों में शिक्षक 100 फीसदी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर स्कूल अपने माइक्रो प्लान के तहत कक्षाओं को लगाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से भी एसओपी जारी होंगे। इस दौरान घर पर रहने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई पहले की तरह ऑनलाइन ही जारी रहेगी।

माइक्रो प्लान शिक्षकों को अभिभावकों के साथ मिलकर बनाए गए हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों के बीच पर्याप्त शारीरिक दूरी रखनी होगी। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षण संस्थान खुलने पर बसों की संख्या को बढ़ाने के लिए परिवहन निगम से बात की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि 75 फीसदी अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में हैं। लाखों अभिभावकों के साथ ई-पीटीएम कर इस बाबत सुझाव लिए हैं। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, चंडीगढ़ में शुरू की गई व्यवस्था को भी स्टडी किया गया है।

आवश्यकता के लिए गाड़ी खरीदी, मोह के लिए नहीं : गोविंद
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा है कि नई एसयूवी आवश्यकता के लिए खरीदी गई है, मोह के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के समय में गाड़ी की खरीद मंजूर हुई थी। राज्य मंत्रिमंडल ने इनोवा क्रिसटा खरीदने को मंजूरी दी थी। पुरानी इनोवा गाड़ी ढाई लाख किलोमीटर चल पड़ी है। वह अब कंडम हो गई है। सरकार से मंजूर हुई इनोवा क्रिसटा से सस्ती गाड़ी खरीदी है। भारत में बनी टाटा कंपनी की गाड़ी खरीदी है, इनोवा क्रिसटा या होंडा जैसी गाड़ी नहीं ली है। 
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खनन माफिया पर नकेल कसने को आधा दर्जन चेक पोस्ट तैयार

सांकेतिक
हिमाचल में खनन माफिया पर कड़ी निगरानी रखने को पहले चरण में खनन विभाग ने आधा दर्जन चेक पोस्ट बना ली हैं। ऊना जिले की सीमा पर पांच और सोलन के बद्दी में एक चेक पोस्ट बनाई गई है। इनमें होमगार्डों की तैनाती की जाएगी। खनन की आड़ में खनिज की चोरी और टैक्स चोरी रोकने के लिए एक-एक वेइंग ब्रिज भी स्थापित किया गया है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। ये चेक पोस्ट अब शीघ्र ही काम करना शुरू कर देंगे।

उल्लेखनीय है कि खनिज की चोरी से सरकार के खजाने को हर साल करोड़ों की चपत लग रही है। अभी तक प्रदेश में खनिज की चोरी रोकने के लिए प्रदेश की सीमा में कोई चेक पोस्ट नहीं थी। ऊना, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों से सबसे ज्यादा खनिज चोरी होता है। इन जिलों में खनन माफिया भी काफी सक्रिय है। इन जिलों के साथ दूसरे राज्यों की सीमाएं भी लगती हैं।  राज्य के जियोलॉजिस्ट पुनीत गुलेरिया कहते हैं कि ऊना जिले में पांच और जिला सोलन के बद्दी में एक चेक पोस्ट तैयार कर दी गई है। इनमें खनन  विभाग के कर्मचारी और होम गार्ड तैनात रहेंगे। इन चेक पोस्टों में सीसीटीवी कैमरे और वेइंग ब्रिज भी हैं।
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अब आसान  होगी लावारिस शवों की शिनाख्त, हिमाचल पुलिस ने की बड़ी पहल

हिमाचल में हर साल लावारिस हालत में मिलने वाले अज्ञात शवों की शिनाख्त कर परिजनों तक पहुंचाने के लिए पुलिस ने बड़ी पहल की है। हिमाचल पुलिस ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज कुमार को पत्र लिखकर आधार डाटा के सीमित एक्सेस देने की गुजारिश की है।  दलील दी गई है देश की बड़ी आबादी का आधार बन चुका है। जिसका पूरा डाटा प्राधिकरण के पास है। ऐसे में अगर वह सीमित एक्सेस देता है तो लावारिस हालत में मिलने वाले शवों की पहचान कर उन्हें उनके अपनों तक पहुंचाया जा सकता है। साथ ही गुमशुदा हुए छोटे बच्चों और मानसिक बीमारी से ग्रस्त लोगों को भी अपनों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में हर साल सौ से ज्यादा लावारिस शव मिलते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों तक से भटककर हिमाचल पहुंचने बच्चे व मानसिक रूप से बीमार लोग पहुंच जाते हैं। चूंकि आधार पोर्टल पर पहले से ही बायोमीट्रिक जानकारी दर्ज है। ऐसे में अगर सीमित एक्सेस मिले तो ऐसे मानवीय दृष्टिकोण वाले मामलों में पुलिस बेहतर मदद कर सकती है। बताया कि इसमें जानकारी सार्वजनिक होने को लेकर समस्या है लेकिन इसीलिए हिमाचल पुलिस ने सीमित एक्सेस मांगा है ताकि निजता बनी रहे और मरने वाले व्यक्ति की धार्मिक आस्था के अनुसार उसका अंतिम संस्कार भी किया जा सके।
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Shimla News Today 28 Oct: शिमला समाचार | सुनिए शहर की ताजातरीन खबरें

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के भी होंगे कोरोना टेस्ट, प्रशासन ने लिया फैसला

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अब शिक्षकों के कोरोना टेस्ट के रैंडम सैंपल लिए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सरकार और प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहता। वर्तमान में मार्गदर्शन के लिए स्कूल में आ रहे विद्यार्थियों को मास्क, सैनिटाइजर और हैंड सैनिटाइजर करवाने के साथ-साथ तापमान जांच कर ही स्कूलों में प्रवेश दिया जा रहा है। इसी प्रकार से स्कूल के शिक्षकों को भी इसी सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। साथ ही इस सब की शिक्षा विभाग भी स्कूलों से प्रतिदिन रिपोर्ट प्राप्त कर रहा है।

वहीं, प्रदेश सरकार की ओर से दो नवंबर को शिक्षक संस्थानों को भी खोला जा रहा है। शिक्षकों की सैंपलिंग से विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए एक कड़ा कदम उठाया गया है। वहीं, शिक्षकों के अनुसार सरकार के इस कदम से विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ उनके परिवार के सदस्यों की भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उच्च शिक्षा उपनिदेशक पीसी राणा ने कहा कि निदेशालय की ओर से संबंध में अभी कोई भी निर्देश नहीं हैं, लेकिन जिला प्रशासन और सरकार की ओर से शिक्षकों के कोविड-19 की जांच के लिए निर्देश हो सकते हैं। 

शिक्षकों की भी होगी रैंडम सैंपलिंग : डीसी
डीसी ऊना राघव शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की रैंडम सैंपलिंग की जाएगी। शिक्षकों के कोविड-19 की जांच से विद्यार्थियों की सुरक्षा पक्की होगी। 

रैंडम सैंपलिंग के लिए हुई डीसी के साथ बैठक : सीएमओ
वहीं, सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा ने कहा कि मंगलवार को जिला उपायुक्त ऊना राघव शर्मा के साथ स्वास्थ्य विभाग की बैठक हुई थी। जिसमें निर्णय लिया गया कि सुरक्षा के आधार पर विभिन्न उद्योगों के श्रमिकों और दुकानदारों के रैंडम सैंपल किए जाएंगे। इसके साथ सरकार के निर्देशानुसार सभी विभागों के अधिकारियों और स्टाफ कर्मचारियों के भी रैंडम सैंपल लिए जाएंगे। 
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