Hindi News
›
Video
›
Delhi NCR
›
Noida News
›
The business which began with Ganesh idols expanded to 201 products including products made from cow dung
{"_id":"68d6b6ffa1c8f42f6f0d2ed7","slug":"video-the-business-which-began-with-ganesh-idols-expanded-to-201-products-including-products-made-from-cow-dung-2025-09-26","type":"video","status":"publish","title_hn":"गणेश प्रतिमा से शुरु हुआ कारोबार 201 उत्पादों तक पहुंचा, गाय के गोबर से बना रहीं उत्पाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गणेश प्रतिमा से शुरु हुआ कारोबार 201 उत्पादों तक पहुंचा, गाय के गोबर से बना रहीं उत्पाद
गाय के गोबर से सबसे पहले बनीं गणेश लक्ष्मी की प्रतिमा ने उरई की गिरजा महिला बाल विकास सेवा संस्थान को 15 साल में विदेश तक पहुंचा दिया है। एक उत्पाद से शुरु किया गया कारोबार अब 201 तक पहुंच चुका है। देश में उत्पादों की बढ़ती मांग को यह संस्था पूरा कर नहीं पा रही है। उनका कहना है कि विदेश से कई अब तक ऑर्डर मिल चुके हैं,लेकिन देश में ही उत्पादों की काफी मांग है। संस्था की अध्यक्ष राधा पांडेय ने बताया कि मां ने 10 साल पहले गाय के गोबर से गणेश लक्ष्मी को बनाया था। तब लोग कहते थे कि कोई कुछ नहीं खरीदेगा,लेकिन मां के विश्वास को कोई तोड़ नहीं पाया। उन्होंने कार्य को शुरु रखा। उनके साथ महिलाओं का कारवां जुड़ता चला गया। घर के सजावटी सामान से लेकर गले के माले,कान की बालियां जैसे कई उत्पादों को भी बनाना शुरु कर दिया गया। इसके साथ ही ईंटें, कागज, अगरबत्ती, मोबाइल स्टैंड, मूर्तियां और यहां तक कि सौंदर्य प्रसाधन जैसे साबुन और टूथपेस्ट भी बनाए जा रहे हैं। उत्पादों की मांग इतनी होती कि अब महिलाओं से वर्क फार्म होम काम कराना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 650 से अधिक गाय पाली हुई हैं। उनके गोबर से बायो गैस,पेंट से लेकर अन्य कई कार्य किए जा रहे हैं। सबसे अधिक गाय के गोबर से बनीं मैट को लोग उपयोग करने के लिए खरीद रहे हैं। मैट से उनकी कमर में दर्द की शिकायत दूर हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था में महिलाएं ही काम कर रही हैं। राधा ने बताया कि उनके साथ 150 से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। जो हर माह 10 से 15 हजार रुपये कमा रही हैं। महिलाएं संस्था के जरिए स्वदेशी को भी बढ़ावा दे रही हैं। गाय के गोबर से बनी राखियों की मांग को वह पूरी नहीं कर पाई थी। उन्हें करीब 7 हजार राखियों का ऑर्डर मिला था।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।