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बुध वृषभ राशि में हुए मार्गी, 7 जुलाई तक इन 4 राशि वालों के जीवन में आएंगी अपार खुशियां
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दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट: कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली सरकार ने बढ़ा-चढ़ाकर की थी ऑक्सीजन की मांग

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली सरकार ने राजधानी के लिए जितनी ऑक्सीजन की मांग की थी उतने की जरूरत नहीं थी। दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की मांग बढ़ा-चढ़ाकर की थी। ये कहना है सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट का।

सुप्रीम कोर्ट ने यह ऑडिट कमेटी पिछले महीने गठित की थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पाया है कि दिल्ली सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान चार गुना ज्यादा ऑक्सीजन की मांग की।

भाजपा साध रही केजरीवाल पर निशाना
ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा लगातार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साध रही है। पूर्व क्रिकेटर और गौतम गंभीर ने भी ट्वीट कर कहा कि, अगर अरविंद केजरीवाल में शर्म बची है तो अभी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करिए और देश से कोरोना की दूसरी लहर के दौरान चार गुना ऑक्सीजन की मांग करने के लिए माफी मांगिए।


अप्रैल मई में हुई थी ऑक्सीजन की किल्लत
अप्रैल और मई माह में दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी और कई अस्पतालों में तो गंभीर कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत तक हो गई थी। इसके चलते केजरीवाल सरकार और केंद्र के बीच वाक युद्ध छिड़ गया था।

उस वक्त दिल्ली हाईकोर्ट के दखल पर केंद्र सरकार ने दिल्ली के ऑक्सीजन आवंटन की मात्रा बढ़ाई थी जिसके लिए उसके दूसरे राज्यों के कोटे में कटौती करनी पड़ी थी। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली को लगभग 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत उस वक्त थी लेकिन दिल्ली सरकार ने अपनी मांग को 1200 मीट्रिक टन तक बढ़ा दिया था।

दिल्ली के कारण 12 अन्य राज्यों को झेलनी पड़ी किल्लत
ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी ने आगे कहा है कि दिल्ली की अधिक मांग की वजह से 12 अन्य राज्यों को ऑक्सीजन की भारी कमी झेलनी पड़ी क्योंकि उनकी जरूरत का ऑक्सीजन दिल्ली को दिया जा रहा था।

दिल्लीभर में अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन की भारी मांग के चलते सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूण और एमआर शाह ने एक 12 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया और ऑक्सीजन वितरण को लेकर ऑडिट रिपोर्ट पेश करने को कहा।

ऑडिट कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि 13 मई को ऑक्सीजन टैंकर अधिकतर अस्पतालों में खाली ही नहीं हो सके क्योंकि वहां पहले ही ऑक्सीजन टैंक 75 प्रतिशत से ज्यादा क्षमता के साथ भरे हुए थे। यहां तक कि सरकारी अस्पताल जैसे एलएनजेपी और एम्स ने भी फुल टैंक होने की बात कही थी।

टास्क फोर्स ने कहा है कि 29 अप्रैल से 10 मई के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन की खपत को लेकर कुछ अस्पतालों द्वारा रिपोर्टिंग में बड़ी गलतियां की गई थीं जिसे सही करना पड़ा। दिल्ली सरकार ने दिखाया कि अस्पतालों द्वारा वास्तविक मांग 1140 मीट्रिक टन की थी। जब इस रिपोर्ट में सुधार किया गया तो यह जरूरत घटकर 209 मीट्रिक टन पर आ पहुंची।

टास्क फोर्स की सिफारिशें
  • टास्क फोर्स की सिफारिश है कि बड़े शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई की ऑक्सीजन जरूरत को पूरा करने के लिए ऐसी स्ट्रैटेजी बने जिससे यहां की जरूरत की 50 प्रतिशत ऑक्सीजन का उत्पादन स्थानीय स्तर पर ही हो जाए। या फिर आसपास के इलाकों से मिल जाए।
  • दूसरी सिफारिश है कि सभी 18 मेट्रो शहरों को ऑक्सीजन के लिहाज से आत्मनिर्भर बनाया जाए जिसके लिए कम से कम 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन स्टोरेज की सुविधा शहर में ही हो।

दिल्ली को लेकर पेश अपनी अंतरिम रिपोर्ट में टास्क फोर्स ने ये भी कहा है कि दिल्ली की वास्तविक ऑक्सीजन मांग और बेड की संख्या की गणना में विसंगति पाई गई है। इस डाटा में विसंगति इसलिए पाई गई क्योंकि मांग की न सही से समझ थी और न ही सही गणना की गई।

इस बीच दिल्ली सरकार ने टास्क फोर्स को जानकारी दी है कि ऑक्सीजन की मांग अस्पतालों द्वारा हस्ताक्षरित फॉर्म के आधार पर की गई थी और इस विषय में देखा जाएगा।
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oxygen in delhi oxygen in delhi

ग्राउंड रिपोर्ट :  जानकारी के अभाव में टीकाकरण केंद्रों से वापस लौट रहे युवा, स्टॉक की भी किल्लत

राजधानी में तीन दिन पहले 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए सीधे केंद्र पर जाकर वैक्सीन लगवाने की सुविधा (वॉक इन वैक्सीनेशन) शुरू हो चुकी है। व्यवस्था शुरू होने के बाद टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ भी बढ़ने लगी है। केंद्रों पर वैक्सीन लगाने के काफी अच्छे इंतजाम है, लेकिन टीकाकरण के नए नियमों की जानकारी के अभाव में कुछ युवा मायूस भी लौट रहे हैं। कुछ केंद्रों पर काफी जल्दी ही स्टॉक खत्म हो रहा है। इससे दोपहर बाद आने वाले लोगों को वैक्सीन नहीं लग रही है। विभिन्न केंद्रों से पेश है संवाददाता अभिषेक पांचाल की रिपोर्ट -

लोकनायक अस्पताल : यहां काफी भीड़, बेहतर इंतजाम
दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल में टीकाकरण के लिए काफी बेहतर इंतजाम हैं। यहां वैक्सीन लगवाने आए लोगों की काफी संख्या थी। अस्पताल की नई इमारत का पूरा एक तल वैक्सीनेशन के लिए आरक्षित रखा गया है। चार केंद्रों पर टीका लगाया जा रहा है। यहां वॉक इन वैक्सीनेशन और ऑनलाइन पंजीकरण दोनों प्रकार की व्यवस्था है। जो लोग सीधा केंद्र पर आकर टीका लेने आए थे उनको टोकन वितरित किए गए। यहां सिविल डिफेंस के कई कर्मचारी पूरी प्रक्रिया संभाल रहे हैं। लोग एक-एक करके आते रहे और उनका पंजीकरण करके टीका लगता रहा।

केंद्र पर तैनात एक नर्सिंग अधिकारी ने बताया कि 18 से 44 आयु वर्ग के लिए टोकन वितरित किए गए थे। टोकन पर लिखे समय के अनुसार लोगों को बुलाया जा रहा है। टीका लगने का नंबर आने के बाद आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज की जांच कर सीधा केंद्र पर ही पंजीकरण किया जा रहा है। इसके बाद वैक्सीन लगाई जा रही है। ऑनलाइन पंजीकरण वालो के लिए भी अलग से केंद्र बना हुआ है। इनका पहले की व्यवस्था के तहत टीकाकरण हो रहा है। अधिकारी ने बताया कि वॉक इन वैक्सीनेशन की सुविधा के बाद रोजाना काफी संख्या में लोग आ रहे हैं। इनमें करीब 90 फीसदी युवा है। 45 साल से अधिक उम्र के काफी कम लोग ही अब वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं।

अटल बाल विद्यालय, मंदिर मार्ग :ऑनलाइन पंजीकरण वालों को ही टीका
मंदिर मार्ग के अटल बाल विद्यालय को भी टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। यहां भी दोनों प्रकार से टीका लगाया जा रहा है (ऑनलाइन और सीधा केंद्र पर पंजीकरण)। इस स्कूल में दो टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। एक में ऑनलाइन पंजीकरण वालों के लिए व्यवस्था की गई है और दूसरे में सीधा केंद्र पर आकर वैक्सीन लेने वालों के लिए है। इस केंद्र पर कुछ ही लोग मौजूद हैं, उनमें से भी अधिकतर बिना ऑनलाइन पंजीकरण वाले हैं। जिनको यहां से वापस भेजा जा रहा है। इस स्कूल में दोपहर के समय में ही वॉक इन वैक्सीनेशन बंद कर दिया गया था, लेकिन यहां काफी युवा ऐसे आ रहे थे जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया था और वह सीधा इस केंद्र पर आकर वैक्सीन लगवाना चाहते थे। इन सभी को टीका का स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर वापस भेजा दिया गया, जो लोग ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से आ रहे थे सिर्फ उन्हें ही वैक्सीन लगाई गई।

स्कूल में टीकाकरण की व्यवस्था देख रहे एक डॉक्टर ने बताया कि सरकार के नियम के मुताबिक,  सेंटर पर मौजूद कुल वैक्सीन के स्टॉक का 50 फीसदी ही ऑफलाइन पंजीकरण के तहत लगाया जाएगा। इसके लिए टोकन दिए जाएंगे और जो लोग पहले आएंगे उनको यह सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि सुबह के समय में ही वॉक इन टीकाकरण वालों के लिए निर्धारित 50 फीसदी स्टॉक खत्म हो गया था। ऐसे में जो लोग इस समय आ रहे है, उन्हें इस सुविधा के तहत वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अब अधिकतर युवा ही वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं। 45 से अधिक वालों की संख्या काफी कम है।

आरएमएल अस्पताल : यहां केवल कोवाक्सिन, उसकी भी केवल दूसकी खुराक
केंद्र सरकार के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के वैक्सीन केंद्र पर टीका लगवाने वाले सिर्फ चार से पांच लोग ही मौजूद मिले। इसके अलावा यहां सिविल डिफेंस के कर्मचारी और डॉक्टर हैं। यहां कोवाक्सिन की दूसरी डोज ही लगाई जा रही है। केंद्र पर तीन लोगों ने वैक्सीन लगवाई है और वह निरीक्षण कक्ष में बैठे। कुछ युवा भी वैक्सीन लगवाने आए थे, जिन्हें वापस भेजा गया।

टीकाकरण केंद्र पर मौजूद एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में शुरू से ही सिर्फ कोवाक्सिन लगाई जा रही है। फिलहाल वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक नहीं है। इसलिए सिर्फ दूसरी खुराक वालों को ही ऑनलाइन पंजीकरण के माध्मय से स्लॉट दिया जा रहा है। यहां अभी वॉक इन वैक्सीनेशन की सुविधा नहीं है। केंद्र पर टीका लगाने आए करोग बाग निवासी प्रवीण ने बताया कि उन्हे यह जानकारी थी कि 21 जून से दिल्ली के अस्पतालों में सीधा वैक्सीन केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराने के बाद टीका लगवा सकते हैं। इसलिए ही वह यहां आए थे, लेकिन जब उन्होंने टीका लगवाने के विषय में जानकारी ली तो उनसे कहा गया कि यहां सिर्फ कोवाक्सिन की दूसरी डोज लगाई जा रही है।
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दिल्ली : ड्रेस कोड का हवाला देकर नहीं लगाई वैक्सीन, युवक ने दूसरी जगह लगवाया टीका

वैक्सीन लगवाने गए एक युवक को ड्रेस कोड का हवाला देकर सुरक्षा कर्मचारियों ने टीकाकरण केंद्र से लौटा दिया। युवक से कहा गया कि वह हाफ पेंट में वैक्सीन नहीं लगवा सकते। इसके लिए उन्हें कपड़े बदलकर आना होगा। हैरानी की बात यह है कि इसी पहनावे में दूसरे टीकाकरण केंद्र पर युवक को वैक्सीन लगा दी गई। मामले के तूल पकड़ने से पहले की प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने मना करने वाले कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा। साफ किया कि टीकाकरण कराने के लिए किसी विशेष ड्रेस कोड की अनिवार्यता नहीं है। 

दिल्ली के ब्रहमपुरी निवासी ईशू नेगी (21) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। दूसरी लहर में कोरोना से खराब हुए हालातों को देखते हुए वह शास्त्री पार्क के सर्वोदय बाल विद्यालय में बुधवार सुबह वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे। उन्होंने उस समय हाफ पेंट और टी-शर्ट पहनी हुई थी। टीकाकरण केंद्र के अंदर दाखिल होते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। पूछने पर उन्होंने युवक को बताया कि इस ड्रेस में वह वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं जा सकते। उन्हें पूरा पेंट और शर्ट पहनकर आना होगा। 

यह बात सुनने के बाद ईशू मायूस होकर घर लौटने लगा, लेकिन फोन पर किसी से बात करने के बाद उन्होंने दूसरे टीकाकरण केंद्र का रुख कर लिया। वहां उनको बिना किसी बंदिश के इसी ड्रेस में प्रवेश करने दिया गया और टीका भी लगाया गया।
 
ईशू ने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्होंने अपने कुछ परिचित लोगों को दी। इसके तुरंत बात ही उनके परिचित लोगों ने इस मामले को तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को बताया। इस मामले में संबंधित जिले के एसडीएम का कहना है कि वैक्सीन लेने के लिए कोई विशेष ड्रेस कोड नहीं है।

उन्होंने युवक को वापस भेजने वाले सुरक्षा कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा है और उनसे पूछा कि है कि कर्मचारियों ने युवक को क्या पहनने को कहा और ऐसा क्यों हुआ। युवक का कहना है कि इस मामले मे उचित कदम उठाया जाए, ताकि केंद्रों पर ऐसी परेशानी की नौबत न आए।
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बरसो रे बदरा: आज दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना, दोपहर बाद करवट ले सकता है मौसम

बीते कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे दिल्ली-एनसीआर वासियों का इंतजार आज खत्म हो सकता है। अगले 24 घंटों में दिल्ली के विभिन्न इलाकों सहित एनसीआर में तेज हवा चलने के साथ हल्की बारिश की संभावना है। यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो शनिवार को भी लोगों को बारिश के कारण गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।
 
मौसम विभाग ने गुरुवार को भी हल्की बारिश की संभावना जताई थी। ऐसे में सुबह के समय कुछ देर के लिए बादलों ने डेरा डाला, लेकिन बिन बरसे ही बदरा चले गए। इसके बाद दिनभर कड़ी धूप खिले रहने के बाद शाम करीब चार बजे तेज आंधी चलने के साथ फिर से बादल छा गए, लेकिन दूसरी बार भी लोगों के हाथ निराशा लगी। बादल छंटने के बाद शाम तक धूप खिली रही और लोगों का गर्मी व उमस से बुरा हाल रहा। 
   
प्रादेशिक मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से एक अधिक 38.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य के बराबर 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का अधिकतम स्तर 75 फीसदी और न्यूनतम 46 फीसदी रहा। दिल्ली के विभिन्न इलाकों की बात करें तो पालम में 40, लोदी रोड में 39.6, गुरुग्राम में 40.8, जफरपुर में 40.3 और पीतमपुरा में 40.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। 

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में दोपहर बाद 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इससे अधिकतम तापमान 38 व न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। इसके अगले दिन भी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, इसे मानसून की बारिश नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि, दो दिन पहले ही मौसम विभाग ने मानसून के आगमन में करीब एक सप्ताह और इंतजार बताया है। 
 
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दिल्ली में दर्दनाक हादसा: राहगीरों को कुचल पुलिस बूथ में घुसी बेकाबू बस, एक की मौत, तीन पुलिसकर्मी घायल

काले बादल
उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में बृहस्पतिवार रात एक बेकाबू कलस्टर बस दो राहगीरों को कुचलने के बाद ट्रैफिक पुलिस के बूथ में जा घुसी। हादसे में एक राहगीर की मौत हो गई जबकि तीन पुलिसकर्मियों समेत कुल चार लोग जख्मी हो गए। सभी को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दो की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं फिलहाल मृतक शख्स की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी पहचान के प्रयास कर रही है।

हादसे के बाद कलस्टर बस का चालक मौके पर बस छोड़कर फरार हो गया। सराय रोहिल्ला थाना पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। कुछ लोगों ने दावा किया है कि बस के ब्रेक फेल होने की वजह से हादसा हुआ है। पुलिस बस का मैकेनकल इंस्पेक्शन करवाने की तैयारी कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से मामले की जांच की जा रही है।

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसा सराय रोहिल्ला इलाके में कमल टी-प्वाइंट के पास हुआ। डीटीसी की कलस्टर बस देशबंधु गुप्ता रोड की ओर से आ रही थी। बस में चालक और अन्य स्टाफ के अलावा पांच-छह सवारियां मौजूद थी। अचानक कमल टी-प्वाइंट के पास बस बेकाबू हो गई। बस ने दो राहगीरों को कुचलने के बाद वहां सड़क किनारे बने ट्रैफिक पुलिस के बूथ को उड़ा दिया। हादसे में दोनों राहगीरों के अलावा तीन ट्रैफिक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। 

घायल एएसआई गोविंद, हवलदार ऋषिपाल और एसआई किशन कुमार व दोनों राहगीरों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक राहगीर को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि राम कुमार (50) का अस्पताल में इलाज जारी है।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि गोविंद और ऋषिपाल करोलबाग ट्रैफिक सर्किल में तैनात है। वहीं एसआई किशन रोहिणी सर्किल में तैनात हैं। हादसे के समय किशन दोनों से मिलने इनके बूथ पर आए हुए थे। खबर मिलने के बाद क्राइम टीम के अलावा पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर जाम की स्थिति भी बनी रही। पुलिस ने जाम खुलवाकर ट्रैफिक को गति दी। पुलिस आरोपी बस चालक की तलाश कर रही है।
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दिल्ली: रॉबर्ट वाड्रा की कार का पुलिस ने काटा चालान, खतरनाक ड्राइविंग की लगाई धारा

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा की कार का दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस ने लापरवाही और खतरनाक ढंग से चलाने के मामले में चालान किया है। मोटर वाहन अधिनियम (खतरनाक ड्राइविंग) की धारा 184 के तहत चालान किया गया है। 
 

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा अपनी कार और सुरक्षा गाड़ियों के काफिले के साथ कार्यालय जा रहे थे। इस दौरान उनकी कार ने अचानक ब्रेक लिया, जिससे उनके पीछे चल रही सुरक्षा गाड़ी उनकी कार से टकरा गई। इस पर वह अपनी कार की चाबी लेकर अपने कार्यालय चले गए। इस दौरान मौके पर मौजूद यातायात और हजरत निजामुद्दीन थाना पुलिस ने उनकी कार का चालान कर दिया।
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दाढ़ी काटने का मामला: ट्विटर इंडिया के एमडी को कर्नाटक हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, गिरफ्तारी पर पांच दिन की रोक

बुलंदशहर निवासी बुजुर्ग की लोनी में दाढ़ी काटने के मामले में वायरल वीडियो को लेकर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को पूछताछ के लिए गुरुवार को लोनी थाने पहुंचना था। लेकिन वह थाने नहीं पहुंच सके क्योंकि उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी थी।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए गाजियाबाद पुलिस को कहा है कि आप इस तरह सख्ती नहीं बरत सकते। आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ कीजिए। मनीष माहेश्वरी ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट में कहा कि वह कंपनी के निदेशकों में शामिल नहीं हैं। कंपनी के निदेशक विदेश में बैठे हैं। वह यहां सेल्स एंड मार्केटिंग का काम देखते हैं ऐसे में उनकी जिम्मेदारी इसकी नहीं है कि ट्विटर पर कैसा कंटेंट डाला जा रहा है। उनका पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को उनसे सख्ती न बरतने के निर्देश दिए हैं साथ ही वर्चुअल माध्यम से पूछताछ के लिए कहा है।

कर्नाटक के कोर्ट ने आदेश दिया है कि सोमवार तक टि्वटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी की गिरफ्तारी नहीं होगी। इस बीच पुलिस को एमडी से कोई बयान दर्ज कराना है तो वह वर्चुअल बयान दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ने वर्चुअल बयान लेने से मना करते हुए सोमवार तक इंतजार करने की बात कही है।

वहीं सुबह से ही उनके आने का इंतजार मीडियाकर्मी लोनी थाने के बाहर कर रहे थे और उनका जमावड़ा लग गया था। मीडियाकर्मियों के जमावड़े के चलते लोनी थाने के बाहर ट्रैफिक जाम हो गया था। लोनी बॉर्डर थाने पर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष से सवाल जवाब करने के लिए आईओ और सीओ अतुल कुमार सोनकर मौजूद रहे।

गिरफ्तारी से बचने के लिए माहेश्वरी के वकील ने कर्नाटक हाईकोर्ट में डाली याचिका
एक ओर जहां गाजियाबाद थाने में मनीष माहेश्वरी का इंतजार चल रहा है तो दूसरी तरफ गिरफ्तारी से बचने के लिए माहेश्वरी के अधिवक्ता ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। लोनी थाना प्रभारी अखिलेश मिश्र ने बताया कि टि्वटर के एमडी मनीष माहेश्वरी के अधिवक्ता शशांक जैन से फोन पर बात हुई थी। कर्नाटक हाईकोर्ट में अधिवक्ता ने प्रोडक्शन के लिए याचिका डाली थी।



क्या है पूरा मामला:
ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को आज लोनी बॉर्डर थाने में पेश होकर भड़काऊ ट्वीट डिलीट न करने के संबंध में अपना पक्ष रखना है। पुलिस ने 21 जून को ट्विटर इंडिया के एमडी को नोटिस भेजकर 24 जून की सुबह साढ़े 10 बजे तक लोनी बॉर्डर थाने में पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय पर पेश न होने पर एमडी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गत 5 जून को बुलंदशहर के अनूपशहर निवासी बुजुर्ग तांत्रिक सूफी अब्दुल समद के साथ मारपीट कर उनकी दाढ़ी काटी गई थी। 14 जून को घटना की वीडियो वायरल होने पर कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने 15 जून को ट्विटर समेत 9 लोगों के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने का केस दर्ज किया था। इसमें आरोप था कि पुलिस द्वारा खंडन करने के बाद भी ट्विटर ने भड़काऊ ट्वीट डिलीट नहीं किया।

गाजियाबाद साइबर सेल ने 16 जून अमेरिका स्थित ट्विटर मुख्यालय को नोटिस भेजकर भड़काऊ ट्वीट करने वाले आरोपियों की डिटेल समेत 12 बिंदुओं पर जानकारी मांगी तो साथ ही 17 जून को लोनी बॉर्डर पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के भीतर थाने आकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। ट्विटर इंडिया के एमडी की तरफ से गत 18 जून को गाजियाबाद पुलिस के पास स्पष्टीकरण भेजा गया, जिसमें उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रक्रिया पूरी करने का प्रस्ताव रखा। पुलिस ने उसे खारिज करते हुए दूसरा नोटिस भेजकर 24 जून को पेश होने के निर्देश दिए थे।
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दिल्ली में दम तोड़ता कोरोना: गुरुवार को सामने आए 109 नए मामले, आठ की मौत, संक्रमण दर 0.14 फीसदी

राजधानी में गुरुवार को कोरोना के 109 मामले आए और आठ की मौत हो गई। 131 मरीज स्वस्थ हुए। इस दिन की संक्रमण दर 0.14 फीसदी रही। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कुल संक्रमितों की संख्या 14,33,475 हो गई है। इनमें से 14,06,760 स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमण से अबतक कुल 24,948 मौतें हुई हैं। मृत्युदर 1.74 प्रतिशत है। फिलहाल 1767 सक्रिय मामले हैं। इनमें से अस्पतालों में 111 रोगी भर्ती हैं। होम आइसोलेशन में 523 मरीजों का इलाज चल रहा है। कोविड केयर केंद्रों में 18 और कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में छह रोगी हैं।

विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 77,382 जांच की गई। कुल जांच में आरटीपीसीआर प्रणाली से 54,581 और रैपिड एंटीजन से 22,801 टेस्ट हुए। इस दिन 0.14 प्रतिशत सैंपल संक्रमित मिले, यानी अब एक हजार जांच पर एक ही व्यक्ति पॉजिटिव मिल रहा है। दिल्ली में अभी तक 2 करोड़ 10 लाख नमूनों की जांच हो चुकी हैं। कम होते मामलों के साथ कंटेनमेंट जोन की संख्या भी घटकर 2277 रह गई है। 

दिल्ली में कोरोना के 24 जून के आंकड़े
नए मामले-109
मौते-08
सक्रिय मरीज-1767
स्वस्थ हुए-131

अब तक की स्थिति
कुल संक्रमितों की संख्या- 1433475
स्वस्थ हुए- 1406760
मौतें-24,948
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किसान आंदोलन: राकेश टिकैत बोले- हम सात माह से यहां बैठे हैं, सरकार को शर्म नहीं आती

कृषि कानूनों के विरोध में बीते सात महीने से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के कई बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन इसका अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। जनवरी में हुई किसानों और सरकार की बातचीत के बाद से दोनों पक्षों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है।

इस बीच किसान संयुक्त मोर्चे की अगुवाई में तरह-तरह से किसानों ने अपना विरोध जताया है। कोरोना की दूसरी लहर आई अब तीसरी लहर का भी अंदेशा है लेकिन किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। अब किसान अपना आंदोलन एक बार फिर तेज करने की बात कर रहे हैं।

ऐसे में जब भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से गुरुवार को इस बारे में पूछा गया तो वह बोले, यहां चार लाख ट्रैक्टर और 25 लाख लोग हैं। यह ट्रैक्टर इसी देश के हैं और कोई अफगानिस्तान से नहीं आए हैं। पिछले सात महीने से हमारा आंदोलन चल रहा है, सरकार को शर्म नहीं आती? कोरोना की तीसरी वेव आती है तो भी हम यहीं रहेंगे। आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहेगा।

केंद्र सरकार के बाद राज्य सरकार का भी करेंगे इलाज : टिकैत
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रवक्ता राकेश टिकैत बुधवार को ढांसा बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने यहां कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों को संबोधित किया। कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर बड़ी संख्या में देश के किसान सात महीने से बैठे हैं। सरकार के बार-बार आंदोलन को बदनाम करने के मंसूबे फेल हो गए। किसी भी हाल में किसान अपना अधिकार लेने के बाद ही घर वापसी करेंगे।

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान केंद्र को तीनों कानूनों को निरस्त करने के लिए बाध्य करेंगे। ये कानून किसानों की भलाई के लिए नहीं बल्कि पूंजीपतियों के खजाने भरने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा की राजनीति बंद हो चुकी है, इसलिए हरियाणा सरकार किसान नेताओं पर आंदोलन की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगा रही है।

केंद्र के बाद किसानों की विरोधी हरियाणा सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने किसानों को संकेत दिया कि आंदोलन लंबा चलेगा। केंद्र सरकार आंदोलन को लंबा बनाने की तैयारी में है ताकि किसान परेशान होकर घर वापसी कर जाए। आंदोलन कितना ही लंबा हो जाएं, लेकिन किसान भी पूरी तैयारी के साथ हैं। चार साल तक आंदोलन की रूपरेखा किसानों ने तैयार कर रखी है।

टिकैत कहा कि किसानों ने भाजपा सरकार का इलाज कर रखा है और सरकार इस आंदोलन का कुछ नहीं बिगाड़ सकती। सरकार बरगला रही है कि किसान आंदोलन में फंडिंग हो रही है जबकि किसान आंदोलन आम लोगों के सहयोग से चल रहा है। केंद्र सरकार कान खोल कर सुन ले किसानों के लाखों ट्रैक्टर खड़े हैं।

सरकार का इलाज किसी भी महीने की 26 तारीख को किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने किसान आंदोलन की जिम्मेदारी ले रखी है। दिल्ली में केंद्र से निपटने के बाद हरियाणा सरकार का इलाज किया जाएगा। किसानों को अपना पैसा सुरक्षित रखना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अपना पैसा अपने पास ही रखो।

इससे पहले राकेश टिकैत का ढांसा बॉर्डर पहुंचने पर गुलिया खाप के प्रधान विनोद बादली ने स्वागत किया। किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर, जयप्रकाश बेनीवाल, हिम्मल पहलवान, सरजीत गुलिया, बेदन ठेकेदार, चिंटू छारा और सतबीर फौजी सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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