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दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

खुफिया तंत्र फेल: राज्यसभा सांसद की कोठी में छिपाकर रखा गया था ट्रैक्टर, सोनीपत से लाया गया था किराए पर

राहुल गांधी समेत कांग्रेसी नेता बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत ट्रैक्टर से संसद तक पहुंचे थे। ट्रैक्टर को हरियाणा के सोनीपत से किराए पर मंगाया था। ट्रैक्टर को कंटेनर में छिपाकर दिल्ली लाया गया था। कंटेनर को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद व जाने-माने वकील केटीएस तुलसी की सरकारी कोठी में रखा गया था। करीब डेढ़ किमी चलकर ट्रैक्टर संसद तक पहुंच गया और दिल्ली पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। आतंकी हमले के इनपुट्स के बीच इसे सुरक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ी सेंध माना जा रहा है। 

नई दिल्ली के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में जल्द ही कई पुलिस अधिकारियों व कर्मियों पर गाज गिर सकती है। इस घटना के बाद नई दिल्ली डीसीपी दीपक यादव बहुत नाराज बताए जा रहे हैं। 

नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कंटेनर को सोनीपत, हरियाणा से किराए पर मंगाया गया था। कंटेनर में टैक्टर को छिपाकर लाया गया था। कंटेनर चालक सुनील ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वह धौला कुंआ के रास्ते 3, मोतीलाल नेहरू मार्ग में रहने वाले राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी के आवास पर पहुंचा था। यहां पर ट्रैक्टर को सोमवार सुबह कंटेनर से उतारा गया और इसके बाद कांग्रेसी नेता ट्रैक्टर से संसद तक पहुंचे। ट्रैक्टर मोतीलाल नेहरू मार्ग से संसद के गेट नंबर दो तक पहुंच गया। रास्ते में ट्रैक्टर को किसी ने भी नहीं रोका और न ही किसी पुलिसकर्मी की ट्रैक्टर पर नजर पड़ी। 

वोट क्लब चौकी इंचार्ज राजकिरण को जैसे ही सूचना मिली उन्होंने रेसक्रॉस रोड पर ट्रैक्टर को रोका। बताया जा रहा है कि यहां पर दिल्ली पुलिसकर्मी व राहुल गांधी की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों की काफी तीखी बहस हुई थी। यहां से 10 से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया और मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। सभी को देर शाम छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि नई दिल्ली जिला डीसीपी दीपक यादव सुरक्षा में हुई सेंध को लेकर अपने अधिनस्थ पुलिसकर्मियों से बहुत ज्यादा नाराज हैं। इस मामले में जल्द ही कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है। 

दिल्ली पुलिस का खुफिया तंत्र फेल हुआ
ट्रैक्टर को कंटेनर में छिपाकर अति सुरक्षित इलाके में ले आया गया और दिल्ली पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसे दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग की नाकामी माना जा रहा है। गनीमत है कि ये राजनीति ड्रामा है। अगर इसकी जगह आतंकी होते तो कुछ भी हो सकता था। बिना अनुमति के व्यवसायिक वाहन को नई दिल्ली इलाके में प्रवेश नहीं है। फिर कंटेनर नई दिल्ली इलाके में कैसे आ गया। 

कंटेनर ड्राइवर सुनील को हिरासत में लिया गया
तीन, मोती लाल नेहरू मार्ग तुगलक रोड थाना इलाके में आता है। ऐसे में तुगलक रोड थाना पुलिस ने कंटेनर के ड्राइवर सुनील को हिरासत में ले लिया था। बिना अनुमति के नई दिल्ली इलाके में प्रवेश करने पर कंटेनर का चालान किया जा सकता है। दूसरी तरफ संसद मार्ग थाना पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। इस मामले में  संसद मार्ग थाना पुलिस जल्द ही मामला दर्ज कर सकती है। ट्रैक्टर को नई दिल्ली इलाके में लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है और संसद के इलाके समेत नई दिल्ली में धारा 144 लगी हुई है। 
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ट्रैक्टर चलाते राहुल गांधी ट्रैक्टर चलाते राहुल गांधी

सावन में बारिश को तरसे: दिल्ली-एनसीआर में दिनभर उमस ने लोगों के छुड़ाए पसीने, आज के लिए येलो अलर्ट जारी

दिल्ली-एनसीआर में सावन में भी बारिश की झड़ी नहीं लग रही है। बारिश कम होने के कारण उमस भरी गर्मी से परेशान लोग तेज बारिश के लिए तरस रहे हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को तेज बारिश की संभावना जताई थी। लेकिन दिनभर आसमान में बादलों ने डेरा जमाए रखा, केवल बूंदाबांदी होकर रह गई। वहीं बारिश नहीं होने के कारण दिनभर उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। मंगलवार को भी विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। 

मौसम विभाग ने इस मानसूनी सीजन में सोमवार व मंगलवार को तेज बारिश होने की संभावना जताई थी। लेकिन एक बार फिर से विभाग की भविष्यवाणी गलत साबित हई। सोमवार की बारिश के लिए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया था। दिन भर लोग बारिश का इंतजार करते रहे लेकिन बारिश नहीं हुई। 

सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 33.1 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 87 फीसदी दर्ज की गई। विभाग के अनुसार बारिश कम होने के कारण उमस भरी गर्मी परेशान कर रही है। विभाग ने मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस कारण अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के बीच रहेगा। 

पूर्वानमान: आसमान में बादल छाए रहेंगे बारिश होने व तेज हवाएं चलने की संभावना
अधिकतम तापमान: 33.1 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान: 28.3 डिग्री सेल्सियस
27 जुलाई को सूर्यास्त: शाम 7 बजकर 15 मिनट
28 जुलाई को सूर्योदय: सुबह 5 बजकर 41 मिनट
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दिल्ली विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2021-22: पीजी, एमफिल और पीएचडी में दाखिले की रेस शुरू

दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्नातकोत्तर (पीजी), एमफिल, पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की रेस सोमवार शाम पांच बजे शुरू हो गई। दाखिले के लिए सोमवार को दाखिला पोर्टल लांच कर दिया गया। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के आधे घंटे के भीतर ही देश-विदेश से लगभग 4,727 हिट हुए।

दाखिला पोर्टल (https://admission.uod.ac.in/) के माध्यम से विभिन्न कोर्सेज में आवेदन किया जा सकता है। इन पाठ्यक्रमों में आवेदन 21 अगस्त तक किया जा सकता है। बीते साल की तरह इस बार भी दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। दाखिले से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर जारी किए गए इंर्फोमेशन बुलेटिन से प्राप्त की जा सकती है।

डीयू प्रशासन ने पंजीकरण करने से पूर्व इंर्फोमेशन बुलेटिन को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी है। एंट्रेस आधारित कोर्सेेज के लिए सामान्य-ओबीसी श्रेणी में 750 रुपये का भुगतान कर आवेदन कर सकते हैं। जबकि एससी-एसटी व पीडब्ल्यूडी आवेदकों को आवेदन शुल्क के रूप में 300 रुपये का भुगतान करना होगा।

डीयू दाखिला डीन प्रो राजीव गुप्ता ने बताया कि पीजी के 133 कोर्सेज व एमफिल-पीएचडी के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत शाम पांच बजे हो गई। महज आधे घंटे के भीतर ही 4,727 हिट प्राप्त हुए।

इनमें से मोबाइल से 75.6 फीसदी ने पोर्टल पर हिट किया। 23.6 फीसदी ने कंप्यूटर के माध्यम से और 0.8 ने टैबलेट के माध्यम से हिट किया। सबसे अधिक हिट दिल्ली-एनसीआर, गुवाहाटी, मुंबई, शिलांग व मणिपुर से प्राप्त हुए। इतने कम समय में पोर्टल पर 8,700 लॉग इन किए गए। जबकि 14,903 ने पंजीकरण पेज को देखा। शाम होते-होते काफी आवेदकों ने पोर्टल पर अपलोड भी करना शुुरू कर दिया।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय एंट्रेस टेस्ट (डीयूईटी) आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक प्रोग्राम में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को अलग से आवेदन करना होगा। दाखिले में आवेदकों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए विभागों के अनुसार नोडल ऑफिसर की सूची भी जारी की गई है। डीयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दाखिला सूची बाद में जारी की जाएगी।
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किसान नेता बोले: मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा किसानों का आंदोलन, लड़ाई चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो

कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर पिछले आठ महीने से आंदोनरत किसानों के तेवर और मजबूत होते दिख रहे हैं। सरकार से वार्ता के 11 दौर के बाद भी सुलह का कोई रास्ता अब तक नहीं निकल सका है। किसानों ने मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का दावा किया है तो दूसरी तरफ सरकार भी किसान संसद में होने वाली तमाम गतिविधियों पर पैनी निगाह रख रही है। कोरोना काल में इतने लंबे विरोध का असर किसानों के साथ साथ अन्य वर्गों पर भी पड़ रहा है। सभी को इंतजार है कि दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म हो। इससे कृषि और देश की अर्थव्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौटेगी। 

संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि पहली बार शांतिपूर्ण तरीके से कोई भी आंदोलन इतने दिन तक चला। किसानों के हितों को दरकिनार कर बनाए गए कानून को निरस्त करने की मांग के समर्थन में सभी वर्ग के लोग शामिल हुए हैं। यह एतिहासिक आंदोलन का रूप ले चुका है। इसमें धर्म, संप्रदाय, क्षेत्र से जाति से उपर उठकर किसानों समेत देश के सभी वर्गों के हितों के लिए हक मांगा जा रहा है। इन कानूनों से कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम लोग पर इसका बोझ और बढ़ेगा। कानूनों की वापसी तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। 

किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा किसानों के आठ महीने के आंदोलन में कई उतार चढ़ाव देखे हैं। मौसम चाहे बारिश, सर्दी या गर्मी का हो, हर मौसम के रंग और विपरीत हालातों में भी किसानों अपनी मांगों के समर्थन में संघर्षरत हैं। सरकार ने किसानों को कभी आंदोलनजीवी तो कभी दूसरे नाम देकर तौहीन की है। इस संघर्ष में 550 से अधिक किसानों की जानें चली गईं, लेकिन उनकी सुध किसी ने नहीं ली। मांगे पूरी होने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। 

किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि जंतर मंतर पर किसानों की बात पूरे देश में पहुंचा रहे हैं। सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को झूठ फैलाया है। तीनों कानून किसानों के लिए आत्मघाती है। आठ महीने हो गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए सरकार हठधर्मिता पर अड़ी। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद ही किसानों का आंदोलन खत्म होगा। लड़ाई चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो, मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 

संयुक्त किसान मोर्चा के लीगल सेल के प्रेम सिंह भंगू ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में बदलाव से कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा। इससे महंगाई में बढ़ोतरी होने से देश का सभी वर्ग प्रभावित होगा। आंदोलन में शामिल किसानों को बदनाम करने की कई बार कोशिशें हुईं, लेकिन के दायरे में रहकर किसानों का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।   

बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा कि किसानों को जिस नाम से पुकारा गया है, यह उचित नहीं है। अगर अनाज पैदा करने वालों को ऐसे नाम से पुकारा जा रहा है तो उन्हें सोचना चाहिए कि खेतों में पैदा होने वाले अनाज के बजाय हवा खाएं या पानी पीकर जिंदा रहें। 
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गफ्फार मार्केट: उत्तरी नगर निगम ने 75 दुकानों को खाली करने का दिया नोटिस, दुकानदार बोले- पहले जगह दो, फिर हटेंगे

किसान नेता
गफ्फार मार्केट की एमसीडी बिल्डिंग के 75 दुकानदारों को उत्तरी नगर निगम ने दुकानें खाली करने का नोटिस दे दिया है। लेकिन दुकानदार दुकानें खाली करने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि जबतक उन्हें दूसरी जगह दुकानें नहीं दी जाएंगी, वह दुकानें खाली नहीं करेंगे। 28 जुलाई को इस मामले में निगम और दुकानदारों के बीच महत्वपूर्ण बैठक होनी है।

निगम का कहना है कि एमसीडी मार्केट पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। 23 जुलाई को उत्तरी निगम ने सभी दुकानदारों को 10 दिन के भीतर दुकानें खाली करने का नोटिस भेजा है। दुकानदारों का कहना है कि एमसीडी मार्केट की बिल्डिंग 1975 में बनी है और 1976 में उन लोगों को 99 साल की लीज पर एलॉट की गई है। केवल 45 साल में ही एमसीडी की यह बिल्डिंग जर्जर कैसे हो सकती है। 

एमसीडी मार्केट के अध्यक्ष हरीश चितकारा ने कहा कि वह नगर निगम से मांग कर रहे हैं कि मार्केट की बिल्डिंग की दोबारा जांच कराई जाए। अगर वाकई बिल्डिंग खतरनाक स्थिति में है तो उन्हें आश्वासन दिया जाए कि यहां से हटाने के बाद कहां जगह दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तरी निगम स्टैंडिंग कमेटी ने 16 मार्च 2016 को ही एक प्रस्ताव लाया था कि गफ्फार मार्केट की एमसीडी बिल्डिंग को तोड़ा जाए और इसे फिर से बनाया जाए, इससे रेवेन्यू आएगा। उन्होने कहा कि निगम पहले से इस बिल्डिंग को तोड़ने की योजना बना चुका है। 

दूसरी जगह दुकान नहीं मिली तो कहां जाएंगे
- एमसीडी मार्केट में मोबाइल और मोबाइल एसेसरीज की दुकानें हैं, इतने शॉर्ट नोटिस पर हम दुकानें खाली करके आखिर कहां जाएंगे - तनुज मल्होत्रा, दुकानदार
- कोरोना महामारी में पहले से ही हालत खराब है, अब अगर दुकानें खाली की तो इतनी जल्दी कहां दुकान मिलेगी - लक्की अरोड़ा, दुकानदार
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हैवान पति: पहले दुष्कर्म, फिर शादी की और पहाड़ से धक्का देकर कर दी पत्नी की हत्या, मोबाइल से खुला राज

दिल्ली के डाबड़ी इलाके में एक महिला ने दुष्कर्म करने वाले जिस युवक के साथ शपथ पत्र देकर शादी की, उसी युवक ने टीकाकरण के बहाने उसे नैनीताल ले जाकर उसे पहाड़ से धक्का देकर जान ले ली। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब महरोला के परिवार वालों ने द्वारका अदालत में याचिका देकर पति पर ही बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें महिला की हत्या किए जाने का खुलासा हुआ। डाबड़ी थाना पुलिस नैनीताल में मामले की जांच कर रही है। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला ने पिछले साल एक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। अगस्त में पुलिस ने युवक को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कुछ दिन बाद महिला ने शपथ पत्र देते हुए कहा कि वह आरोपी से शादी कर रही है। जिसकी वजह से युवक जेल से बाहर आ गया और अक्तूबर माह में दोनों ने शादी कर ली। 

कुछ दिनों तक दंपती के बीच संबंध ठीक रहे और फिर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। जून माह में झगड़े के बाद मायके में आकर रहने लगी। युवक ने उसे कई बार मायके से लाने की कोशिश की। लेकिन परिवार वाले महिला को भरपेट खाना नहीं देने और लड़ाई झगड़ा की बात कहकर उसे नहीं जाने दे रहे थे। बाद में युवक पत्नी को मनाकर अपने घर ले गया। 

उसके बाद परिजन महिला से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनकी बात नहीं हो पाई। परिजनों ने द्वारका अदालत में गुहार लगाई। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने जब जांच शुरू की तो अंतिम बार दंपती का लोकेशन नैनीताल का मिला। उसके बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने महिला की हत्या का गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि 11 जून को टीकाकरण के बहाने पत्नी को नैनीताल ले गया जहां उसने पहाड़ से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस आरोपी के निशानदेही पर महिला का शव तलाशने की कोशिश कर रही है। 
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दिल्ली : प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ने पर ड्रोन को मार गिराने के आदेश, गृह मंत्रालय ने एसओपी लागू की

अगर कोई ड्रोन जैसी वस्तु संवेदनशील क्षेत्र के नजदीक उड़ती है तो उसे तुरंत गोली मारने के आदेश जारी किए गए हैं। ड्रोन जैसी वस्तु संवेदनशील एरिया व उसके पास आती है तो उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए लाल झंडा लहराएं। उसे महत्वपूर्ण स्थान या फिर संवेदनशील क्षेत्र से  सुरक्षित दूरी पर उतरने के संकेत दें। अगर वह निर्देशों का पालन नहीं करता है और भारतीय वायु सेना व वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश लेने का समय नहीं है तो सुरक्षाकर्मी उसे नष्ट करने के लिए गोली मार दें।

इस बार स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए लालकिले के आसपास स्थित इमारतों पर ड्रोन व हल्के वाहनों को मार गिराने में माहिर सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। साथ ही कहा गया है कि ड्रोन व हल्के विमान उड़ने पर कंट्रोल रूम व जिला डीसीपी के जरिए तुरंत भारतीय वायुसेना को सूचना दें। 

गृह मंत्रालय ने जम्मू में हाल ही में ड्रोन हमले और प्रतिबंधित क्षेत्रों में ड्रोन के प्रवेश के कई मामले आने के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले ऐसी उड़ने वाली वस्तुओं के बारे में अतिरिक्त सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

गृहमंत्रालय ने स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है और उसका कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास की इमारतों की पहचान की है, जहां लंबी दूरी के हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, ताकि वह ड्रोन जैसी वस्तु को मार गिरा सकें। 

एसओपी में ये भी कहा गया है कि उत्तरी जिले के डीसीपी, जिनके अधिकार क्षेत्र में लाल किला पड़ता है, ऐसी इमारत की छतों की पहचान कर सकते हैं, जहां से जिले का पूरा हवाई दृश्य देखा जा सकता है। इन छतों पर ड्रोन को गिराने में प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

इन सुरक्षा जवानों को वायरलेस सेट, दूरबीन, स्टिक पर लगे लाल झंडे और लाउड हैलर से लैस किया जाएगा। एसओपी में कहा गया है कि प्रत्येक पहचाने गए रूफ-टॉप वॉचर के साथ एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित पुलिसकर्मी निशानेबाज होना चाहिए, जो लंबी दूरी के हथियार से लैस हो, जो जरूरत पड़ने पर  उड़ने वाली वस्तु को नीचे गिरा सके। 

खाली मैदानों में गश्त करने के निर्देश-
एसओपी में अन्य जिला डीसीपी को कहा गया है कि खासकर ग्रामीण इलाकों में कम इस्तेमाल होने वाली सड़कों और पुलों के लंबे हिस्सों, बड़े मैदानों में पैरा मोटर्स को उड़ाने के ऐसे किसी भी प्रयास पर नजर रखने के लिए विशेष गश्त के निर्देश दिए गए हैं। डीसीपी को कहा गया है कि वह खुफिया तंत्र को भी अलर्ट करें।

बीट कांस्टेबलों को ऐसी वस्तुओं के बारे में उपयुक्त रूप से जानकारी दी जानी चाहिए और जब वह इसे हवा में या महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों/संवेदनशील क्षेत्रों के पास देखते हैं तो इससे निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। एसओपी में ये भी कहा गया है कि सुरक्षा जवानों को छतों से नीचे गोली नहीं चलानी है। इससे लोगों के बड़े पैमाने पर घायल होने का डर रहेगा।
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राहत: दिल्ली सरकार ने निर्माण श्रमिकों को दी पांच-पांच हजार रुपये की कोरोना सहायता राशि

दिल्ली बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड ने 47,996 निर्माण श्रमिकों को पांच-पांच हजार रुपये कोरोना राहत राशि दी। दिल्ली सरकार ने इस साल इससे पहले भी 2,16,602  निर्माण श्रमिकों को कोरोना राहत वितरण राशि के रूप में पांच-पांच रुपये दिए थे। ये राहत राशि उन निर्माण श्रमिकों को दी गई है जिनके आवेदनों को 28 मई से 18 जुलाई के बीच स्वीकृत किया गया था।

उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पिछले साल महामारी के कारण पहला लॉकडाउन लगाने के दौरान दिल्ली सरकार मार्च 2020 के महीने में बोर्ड में पंजीकृत सभी 39,600 श्रमिकों को राहत राशि देने वाली देश की पहली सरकारों में से एक थी। श्रम विभाग ने नवंबर 2020 में श्रम कार्यालयों में निरीक्षण और सामूहिक पंजीकरण अभियान चलाया था। इन निरीक्षणों और पंजीकरण अभियानों के आधार पर श्रम विभाग में कई सुधार किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप आठ महीने के भीतर निर्माण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की संख्या बढ़कर लगभग तीन लाख हो गई। इसके अलावा निर्माण श्रमिकों के रेजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में भी सुधार किया गया है। अब रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन प्रोसेस को ऑनलाइन कर दिया गया है। पहले श्रमिकों को अपना आवेदन जमा करने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था।

नए किए गए सुधारों के बाद श्रमिक अपने सभी क्लेम अब ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाइन कर सकते है। वह शिक्षा, पेंशन, मातृत्व लाभ, विवाह, मृत्यु आदि के लिए क्लेम ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं और दो सप्ताह के भीतर वे डोरस्टेप डिलीवरी के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे। सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए 24/7 हेल्पलाइन भी शुरू की गई।
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Delhi Weather Forecast: दिल्ली में आज हो सकती है बारिश, यलो अलर्ट जारी

उमस और चिपचिपी भरी गर्मी से बेहाल लोगों का इंतजार आज शाम तक खत्म हो सकता है। दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, मंगलवार के लिए विभाग ने तेज आंधी और बारिश की संभावना देखते हुए ऑरेंज अलर्ट बताया है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सुबह से ही धूप के तेवर अन्य दिनों के मुकाबले कड़े रहे। दिन के समय कुछ देर के लिए बादलों और सूरज के बीच लुकाछीपी चली, लेकिन इससे गर्मी से परेशान लोगों को राहत नहीं मिली। सूरज ढलने के बाद भी शाम के समय लोगों का चिपचिपी गर्मी से बुरा हाल रहा। 

प्रादेशिक मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकतम तापमान सामान्य से तीन अधिक 37.3 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य के बराबर 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 89 फीसदी और न्यूनतम 58 फीसदी रहा। दिल्ली के विभिन्न इलाकों की बात करें तो पालम में अधिकतम तापमान 36.2, लोदी रोड में 36, रिज इलाके में 35.6, आयानगर में 36.6, गुरुग्राम में 37 और नोएडा में 36 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। 

मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार की शाम तक तेज बारिश हो सकती है। इससे अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मंगलवार को अधिकतम पारे में दो डिग्री की कमी और दर्ज किए जाने की संभावना है। इससे पारा 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में मानसून ने गत 13 जुलाई को दस्तक दी थी। इसके बाद से दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम भारत के दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में धीमी रफ्तार से बढ़ रहा है। हालांकि, अगले चार दिनों के लिए विभाग ने बारिश की संभावना जताई है।

संतोषजनक से औसत श्रेणी में पहुंची दिल्ली-एनसीआर की हवा
दिल्ली-एनसीआर की हवा पिछले 24 घंटों में संतोषजनक से औसत श्रेणी में दर्ज हुई है। एनसीआर में शामिल गाजियाबाद की हवा 120 एक्यूआइ के साथ सबसे खराब रही है। अगले दो दिनों में आंधी व बारिश को देखते हुए हवा की गुणवत्ता में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 107 रहा। इसके अलावा फरीदाबाद का 100, ग्रेटर नोएडा का 92, गुरुग्राम का 115 और नोएडा का 92 एक्यूआइ रहा। सफर इंडिया के मुताबिक, अगले दो दिनों तक हवा की गुणवत्ता में अधिक बदलाव की संभावन नहीं है। बारिश होने की स्थिति में हवा औसत से लेकर संतोषजनक श्रेणी में बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में हवा में पीएम 10 का स्तर 94 और पीएम 2.5 का स्तर 42 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा। 
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