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SBI भर्ती 2021: शुरू होने वाली है भारतीय स्टेट बैंक में क्लर्क भर्ती, ऐसे करें तैयारी
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SBI भर्ती 2021: शुरू होने वाली है भारतीय स्टेट बैंक में क्लर्क भर्ती, ऐसे करें तैयारी

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मध्यप्रदेश: रेत खनन विवाद, भाजपा नेता रॉकी गुर्जर की गोली लगने से मौत

मध्यप्रदेश : रेत की ट्रॉली छुड़ाने पहुंचे भाजपा नेता को कंपनी के गार्ड ने मारी गोली, मौत

मध्यप्रदेश:  ग्वालियर सेंट्रल जेल में कैदियों के लिए आज श्रीमदभगवत गीता का किया जा रहा आयोजन

मिसाल : ग्वालियर में निजी अस्पतालों ने कोविड-19 मरीजों के लिए अपने संसाधन निशुल्क किए

कोविड-19 के मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज बहुत मंहगा होता है, लेकिन ग्वालियर के कुछ निजी अस्पतालों ने अपने संसाधन पैरा मेडिकल स्टाफ सहित प्रशासन को सौंप दिए हैं। इससे प्रशासन को कोविड-19 के मरीजों के लिए करीब 500 बिस्तर मिल गए हैं। इस समय ग्वालियर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा प्रतिदिन 900 तक पहुंच गया है।

ग्वालियर के कलेक्टर कौशैलेन्द्र विक्रम सिंह ने शनिवार को बताया कि आपदा के समय ग्वालियर के 12 निजी अस्पतालों ने जनहित में अपने अस्पताल और डॉक्टरों को प्रशासन को सौंप दिया है। इन अस्पतालों में निशुल्क कोविड केयर मिलेगी। छह अस्पताल शुरु हो चुके हैं और जल्दी ही दूसरे भी शुरू हो जाएंगे।

सिंह ने बताया कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत यहां कोविड-19 के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इन अस्पतालों में भर्ती हो रहे संक्रमित मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को बतौर नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही मजबूत रेफरल सिस्टम भी विकसित किया है, जिससे गंभीर मरीज को तत्काल सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए ग्वालियर शहर में स्थित सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन युक्त बिस्तर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।

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उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर में सरकार द्वारा संचालित 14 स्वास्थ्य संस्थाओं सहित 57 निजी अस्पतालों में 2,154 बिस्तर खाली हैं। इसके साथ भविष्य में संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है और नर्सिंग कॉलेज एवं संस्थाओं में संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए पैरामेडीकल स्टाफ, चिकित्सक व ऑक्सीजन सहित पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त बिस्तरों का इंतजाम किया गया है।

सिंह ने बताया कि इसके अलावा, संक्रमित मरीजों के लिए सरकारी सुविधा के रूप में जेएएच के सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल व जिला चिकित्सालय ग्वालियर के अलावा ईएसआई अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हजीरा, मिलिट्री अस्पताल, आयुर्वेदिक अस्पताल, आईटीएम अस्पताल, व्हीआईएसएम अस्पताल, रामसिंह धाकरे मेमोरियल अस्पताल, सर्वधर्म अस्पताल, टाईम अस्पताल, सोफिया अस्पताल, रामनाथ सिंह चिकित्सालय और रामकृष्ण अस्पताल मे मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इस सुविधा में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल है।
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कोरोना वायरस कोरोना वायरस

मप्र में कोरोना: लॉकडाउन 26 अप्रैल तक बढ़ा, कुंभ से लौटने वाले होंगे क्वारंटाइन, इंदौर में जामनगर से आ रही ऑक्सीजन

मप्र में भी कोरोना की दूसरी लहर लगातार कहर बरपा रही है। इसे देखते हुए इंदौर, भोपाल, उज्जैन व खरगोन में लॉकडाउन 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक कर दिया गया है। इस बीच कुंभ से लौटने वालों को क्वारंटीन करने का निर्णय लिया गया है। वहीं इंदौर में जामनगर से ऑक्सीजन पहुंची। 

वहीं, इंदौर में शनिवार को 60 टन ऑक्सीजन की खेप मिली। मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इसे लेकर रिलायंस का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे मुश्किल वक्त में इससे बहुत मदद मिलेगी। ये 60 टन है और हमें 100 ऑक्सीजन चाहिए। 

कुंभ मेला समाप्त होने के बाद लोग अपने-अपने राज्य लौट रहे हैं। लेकिन राज्य सरकारों ने कुंभ से लौटने वाले लोगों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी हरिद्वार कुंभ से लौटने वालों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट को जरूरी कर दिया है। उन्हें क्वारंटीन रखने का भी निर्देश दिया गया है। 

इधर, भाेपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया, इस सप्ताह सख्ती ज्यादा रहेगी। फालतू  घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कोविड से जुड़े लोगों के लिए ही आवागमन में विशेष रियायतें मिलेंगी और शहर से बाहर आने-जाने वालों को छूट दी जाएगी। 

इंदौर में इसलिए बढ़ाया लॉकडाउन
इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि अस्पतालों में बेड की कमी को देखते हुए लॉकडाउन को सात दिन के लिए बढ़ाया जा रहा है। यह ठीक वैसा ही रहेगा जैसा पिछला सप्ताह बीता है। अतिरिक्त सख्ती नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि जामनगर रिफाइनरी से इंदौर के लिए ऑक्सीजन की विशेष खेप रवाना हो चुकी है। यह शनिवार रात या रविवार सुबह तक इंदौर पहुंच जाएगी। 

सूबे में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला इंदौर है। यहां की स्थिति इतनी खराब है कि अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। ऑक्सीजन के अभाव में मरीज वाहन में बैठकर इंतजार कर रहे हैं। इंदौर के जिलाधिकारी मनीष सिंह ने कहा कि शहर में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

आंकड़े बढ़ने की वजह से ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो गई है। हर रोज 58 से 60 टन ऑक्सीजन ले रहे हैं। लेकिन ऑक्सीजन प्लांट में अब इसका उत्पादन नहीं हो रहा है। अनावश्यक ऑक्सीजन की खपत पर रोक लगाई जा रही है। 

उज्जैन में शादियों के चलते खुलेंगी कुछ दुकानें
उज्जैन में अक्षय तृतीया पर बिन मुहूर्त की शादियों को देखते हुए खरीदी के लिए इस बार कुछ दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। इसके तहत सुबह 8 से दोपहर 12 तक खरीदी के लिए दुकानें खुल सकेंगी। 


 
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मध्यप्रदेश में दो दिन का लॉकडाउन: शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह 6 बजे तक सबकुछ रहेगा बंद

मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर विस्फोटक होती जा रही है। एक दिन में यहां पर महामारी रोकने के लिए राज्य सरकार ने सभी शहरी इलाकों में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक पूर्ण लॉकडाउन लागू कर दिया है। इससे पहले शहरी क्षेत्रों में नाइट कर्फ्यू लागू रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में दो दिन तक सबकुछ बंद करने का फैसला किया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह कभी नहीं चाहते कि राज्य में पूर्ण बंदी लागू हो, लेकिन बेकाबू हालात के मद्देनजर सरकार ने यह फैसला लिया है।  बता दें कि इससे पहले प्रदेश के कई जिलों में पूर्ण बंदी की गई है। छिंदवाड़ा, शाजापुर समेत अन्य जगहों पर लॉकडाउन लगाया गया है। छिंदवाड़ा में अगले 7 दिन तक पूर्ण लॉकडाउन लागू है।

प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी
बता दें कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 4043 नए मामले सामने आए हैं। प्रदेश के 4 बड़े शहरों में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज निकल रहे हैं।  इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में 50 फीसदी संक्रमित मरीज पाए गए हैं। प्रदेश का इंदौर शहर सबसे ज्यादा संक्रमित है। यहां पर बड़ी संख्या में नए मरीज सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के कई शहरों में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। सरकार ने भिलाई स्टील प्लांट से ऑक्सीन को लेकर समझौता किया है।
 


सरकारी दफ्तर 5 दिन ही खुलेंगे
कोरोना की भयंकर स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों को सप्ताह में पांच दिन खोलने का आदेश जारी किया है।  सरकारी दफ्तर की टाइमिंग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। यानी अगले आदेश तक शनिवार और रविवार को सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे।
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मध्यप्रदेश:  ग्वालियर की सेंट्रल जेल में 45 साल से अधिक उम्र के कैदियों को लगाया जा रहा टीका

मध्यप्रदेश में ग्वालियर की सेंट्रल जेल के कैदियों को कोवड-19 का टीका लगाया जा रहा है। केंद्रीय जेल अधीक्षक मनोज साहू ने कहा, हम 45 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का कोरोना टीकाकरण कर रहे हैं।

बता दें कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्यों में स्थिति बहुत बुरी है, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में स्थिति संकटपूर्ण है। हमने महाराष्ट्र की सीमा को सील किया है और छत्तीसगढ़ से आने-जाने पर भी प्रतिबंध लगेगा। 

महाराष्ट्र से सटे जिलों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब मालवाहक, आवश्यक सेवा और आपातकालीन आवाजाही को ही अनुमति दी गई है। शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की स्थिति को लेकर की समीक्षा बैठक के बाद कहा कि राज्य में सभी लोगों का मास्क पहनना बेहद जरूरी है।
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10 साल की बेटी को मारा: पत्नी का कत्ल किया फिर बेटे का गला काट खुद लगा ली फांसी

जेल के कैदियों को टीका लगाते हुए स्वास्थ्यकर्मी

मध्यप्रदेश के मुरैना से रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के पलिया कॉलोनी में एक पति अपनी पत्नी, बेटा व बेटी की निर्मम हत्या करने के बाद खुद भी फांसी के फंदे से लटक गया। बुधवार देर रात हुई इस वारदात से हर कोई सन्न है। 45 साल के सत्यदेव शर्मा ने 42 साल की पत्नी उषा, 12 साल के बेटे अश्विनी और 10 साल की बेटी मोहिनी की हंसिया व चाकू की मदद से गला रेतकर हत्या कर दी। 

पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि किराना कारोबारी सत्यदेव शर्मा बुधवार को ही अपने ससुराल विजयपुर से पत्नी व बच्चों को लेकर मुरैना लौटे थे। दिन के समय परिवार वाले पड़ोसियों से अच्छे से हंस-बोल रहे थे। तब ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा कि दंपती में विवाद है। सत्यदेव के पड़ोसी और जाने वाले घटना के बारे में सुनकर हैरान हैं। वह सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि समृद्ध होने के बाद भी ऐसी क्या बात हो गई कि सत्यदेव ने अपने परिवार को मौत के घाट उतार दिया।

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होली पर मातम: भिंड में जहरीली शराब पीने से पांच लोग मरे, पुलिस बोली- बीमारी से हुई मौत

भिंड के लहार क्षेत्र के असनेट गांव में होली के मौके पर उस वक्त मातम छा गया जब जहरीली शराब पीने के कारण यहां के रहने वाले पांच लोगों की मौत हो गई। इसी गांव के दो लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालांकि, स्थानीय पुलिस जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो जाने की बात से इनकार कर रही है। दरअसल, पुलिस का कहना है कि जहरीली शराब से मौत के मामले में न तो किसी ने की शिकायत की है और न ही शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। लहार के एसडीओपी अवनीश बंसल ने कहा, ‘असनेहट गांव में मैं खुद जांच करने के लिए गया था। मुझे किसी ने नहीं बताया कि मौतें शराब पीने से हुई हैं। बीमार होने से मौत बताई गई हैं। वहीं, जिन मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ है, उनकी रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।’

इसके उलट पूर्व मंत्री और लहार विधायक गोविंद सिंह का कहना है कि लहार क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की जहरीली शराब बेची जा रही है, जिसके चलते पांच लोगों की मौत हुई है। इतना ही नहीं विधायक ने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की मांग भी की है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मध्यप्रदेश में बीते एक साल में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का यह पांचवां मामला है, जो सामने आया है। इनमें से अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया है कि जिले में शराब की बिक्री पर पाबंदी के बावजूद भी अवैध शराब का कारोबार तेजी से चल रहा है। उनका कहना है कि जिले की यूपी सीमा पर स्थित दो गांव में पांच लोगों की मौत जहरीली शराब पीने के कारण हुई है। इधर, इस पूरे मामले की जांच के लिए एसडीओपी लहार और आबकारी अफसर गांव पहुंचे, लेकिन स्थिति स्पष्ट न हो सकी।

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शर्मनाक : जीवाजी यूनिवर्सिटी के छह कर्मचारियों पर कार्रवाई, काम छोड़कर देखते थे अश्लील फिल्में

मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों पर आरोप लगा है कि ये सभी काम छोड़ कर अश्लील साइट देखते हैं। आठ दिन में कर्मचारियों ने 20 घंटे तक अश्लील साइटें देखी हैं। खुलासे के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया है। अब इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। न कर्मचारियों में एक स्थायी कर्मचारी, एक अतिथि संकाय और चार सेवा प्रदाता शामिल हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने लगातार अश्लील साइट देखे जाने की वजह से एनकेएन ने इन आठ कर्मचारियों की आईडी बंद कर दी है। प्रबंधन ने उस डिपार्टमेंट में इंटरनेट भी बंद कर दिया है। साथ ही पूरे मसले पर नेटवर्क प्रभारी से भी जानकारी ली है।  
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हैवानियत : ग्वालियर में 60 साल की वृद्धा से दुष्कर्म, पीड़िता बोली- तेरी मां जैसी हूं, तो दरिंदे ने बाइक से कुचले पैर

मध्यप्रदेश के ग्वालियर से हैवानियत की एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। ग्वालियर के गिरवाई इलाके में 60 साल की एक वृद्धा के साथ 38 वर्षीय हलवाई ने दरिंदगी की। जब पीड़िता ने कहा कि मैं तेजी मां जैसी हूं, तो दरिंदे ने बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट की और बाइक से पैर कुचल दिए। 

बुजुर्ग महिला हलवाई के साथ पूड़ी बेलने और सब्जी काटने के लिए जाती थी। मंगलवार दोपहर में हलवाई दिलीप पाल आपागंज स्थित वृद्धा के घर पहुंचा। उसे काम दिलाने का झांसा देकर गिरवाई ले गया।यहां भगवानपुरा इलाके में उसने वृद्धा को झाड़ियों में ले जाकर दरिंदगी की, महिला रोती रही, चिल्लाती रही, लेकिन उस दरिंदे ने बुजुर्ग महिला की एक ना सुनी। महिला ने जब कि मैं तेरी मां जैसी हूं, तो आरोपी ने उसे बेरहमी से पीटा और जान से मारने के लिए चाकू से जांघ पर वार किए।

जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग महिला ने थाने जाकर पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी, दरिंदा फिर भी नहीं माना। बाद उसने अपने साथी के साथ मिलकर बाइक से वृद्धा के पैर कुचल दिए ताकि उसकी मौत हो जाए और यह सड़क हादसा नजर आए।

रिपोर्ट में बताया गया कि महिला को मरा समझकर आरोपी भाग गए। मंगलवार पूरी रात वृद्धा झाड़ियों में पड़ी रही। सुबह वहां से गुजर रहे युवकों की मदद से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर वृद्धा को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
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ग्वालियर में भीषण सड़क हादसा : ऑटो रिक्शा और बस की टक्कर, 12 आंगनबाड़ी सेविका समेत 13 की मौत

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है। ग्वालियर में मंगलवार की सुबह बस और ऑटो में भीषण भिड़ंत हो गई, इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिवार वालों को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया है। 

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पुलिस ने शवों को निकालने का काम किया। बता दें मृतकों में 12 महिलाएं हैं और एक ऑटो चालक शामिल है। जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र इलाके में बस और ऑटो के बीच भारी टक्कर हो गई। 

बताया जा रहा है कि मृतक महिलाएं आंगनबाड़ी के लिए खाना बनाने का काम करती थी। यह सभी अपना काम खत्म करके दो ऑटो रिक्शा से वापस घर लौट रही थीं, लेकिन एक ऑटो रास्ते में खराब हो गया और ये सभी एक ही रिक्शा में बैठ गईं।ऑटो रिक्शा जैसे ही आगे बढ़ा तो वो आगे एक बस से टकरा गया और ऑटो में बैठी महिलाओं की मृत्यु हो गई।

 मुख्यमंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवार वालों को चार लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। 
 


ग्वालियर के जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित सांघी ने बताया कि मंगलवार सुबह आंगनबाड़ी केंद्र में खाना बनाने वाली 12 महिलाएं काम करने के बाद एक ऑटो रिक्शा में सवार होकर वापस अपने घर जा रही थीं। तभी सुबह करीब सात बजे शहर के पुरानी छावनी इलाके में एक बस ने सामने से ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी।








उन्होंने बताया कि हादसे में नौ महिलाओं और ऑटो चालक (पुरुष) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तीन घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।मृतकों के शवों की शिनाख्त की जा रही है और उसके बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा।
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मध्यप्रदेश : नोटरी के जरिए हुए विवाह और तलाक मान्य नहीं, हाईकोर्ट की फटकार के बाद सरकार का फैसला

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में धोखाधड़ी से शादी करने का मामला सामने आया है। एक शख्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए एक महिला से दोस्त की और उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। शख्स ने महिला को अपना नाम अरमान झा बताया। 

अरमान ने लड़की के घरवालों को बताया कि वो अनाथ है। हालांकि अरमान ने लड़की से शादी हिंदू रीति-रिवाज से की लेकिन लड़की के परिजनों को इस बात से तसल्ली नहीं हुई तो अरमान ने नोटरी वकील के स्टांप पर विवाह को नोटराइज्ड भी कराया। बाद में किसी ना किसी तरह से लड़की के परिजनों को इस धोखे के बारे में पता चला तो उन्होंने इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 

जब ये मामला मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने मामले को लेकर राज्य सरकार को फटकारा, जिसके बाद सरकार ने नोटरी से होने वाले विवाह और तलाश को अवैध करार कर दिया। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब तीन तरह से ही की गई शादी को अवैध माना जाएगा। 

ये तीन तरीके हैं- कोर्ट मैरिज, पंडित की उपस्थिति में हिंदू विवाह अधिनियम के तहत की गई शादी (जिसका प्रमाण पत्र नगर निगम द्वारा तैयार किया जाता है) और तीसरा, आर्य समाज द्वारा संस्था की ओर से कराया गया विवाह। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने नोटरी वकीलों के विवाह और तलाक के दस्तावेज को नोटराइज्ड करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। 

इसके बाद राज्य सरकार के विधि और विधायी कार्य विभाग ने एक आदेश जारी किया है और इस आदेश के अनुसार नोटरी वकीलों की ओर से विवाह और तलाक संबंधी दस्तावेज को नोटरी करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद अब सिर्फ तीन तरीकों से ही किए गए विवाह को मान्यता मिलेगी।
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