बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW
विज्ञापन
विज्ञापन
UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात
Safalta

UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

अभिकाष ने बनाया इन बिल्ट हाइड्रोलिक जैक सिस्टम, आसानी से टायर बदलने में मिलेगी मदद

गगरेट के अभिकाष ने इनबिल्ट हाइड्रोलिक जैक सिस्टम बनाया है। खास बात यह है कि रोजमर्रा में काम आने वाले उपकरणों से इसे तैयार किया गया है। ।

10 अप्रैल 2021

विज्ञापन
Digital Edition

हिमाचल: अनियंत्रित होकर खड्ड में जा गिरी कार, एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच की मौत

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के उपमंडल सुंदरनगर की दुर्गम ग्राम पंचायत सोझा के सरोर गांव के निकट मंगलवार शाम को एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार कार करीब 400 फीट गहरी ढांक में लुढ़कने के बाद सौल खड्ड में जा गिरी।

इस हादसे में कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गई है।  मृतकों में चार एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं और अपने एक दोस्त के साथ कार में सवार होकर मंदिर में जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कार अनियंत्रित होकर खड्ड में  गिर गई। इनमें से दादी और पोती का शव बरामद कर लिया गया है। जबकि अन्य की तलाश जारी है।

सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंच कर राहत कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान सुरेंद्र कुमार(40) उसकी माता और बेटा-बेटी निवासी हाड़ा ग्राम पंचायत हाड़ा बोई के रूप में हुई है।

जबकि कार चालक की पहचान प्रेमलाल निवासी बाली बटाली ग्राम पंचायत सोझा के रूप में हुई है। डीएसपी गुरबचन सिंह ने बताया सूचना मिलने पर पुलिस दल मौका के लिए रवाना हो गया है। उधर, शिमला के  ठियोग से सटी बगाघाट पंचायत के समीप एक कार गहरी खाई में जा गिरी।

हादसे में पिता और दो बेटियों की मौत हो गई है। पत्नी गंभीर रूप से घायल है और आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।

 
... और पढ़ें
मंडी में कार हादसा। मंडी में कार हादसा।

दो सड़क हादसों में पिता-दो बेटियों समेत पांच की मौत, महिला घायल

हिमाचल प्रदेश के शिमला और चंबा जिले में मंगलवार को दो अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई है। शिमला के  ठियोग से सटी बगाघाट पंचायत के समीप एक कार गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में पिता और दो बेटियों की मौत हो गई है। पत्नी गंभीर रूप से घायल है और  आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह 11 बजे कार सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। इस हादसे में राजेश्वर (39) पुत्र संत राम, निवासी वार्ड नंबर-2 प्रेमघाट ठियोग की मौत हो गई। राजेश्वर की बेटियों सान्या और सरन्या की भी मौत हो गई है। हादसे में राजेश्वर की पत्नी किरण बुरी तरह से घायल हो गई हैं। सिविल अस्पताल ठियोग में प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें आईजीएमसी रेफर किया गया है। डीएसपी ठियोग कुलविंद्र सिंह ने बताया कि हादसे के कारणों की छानबीन की जा रही है।  उधर, भरमौर-पठानकोट मार्ग पर कांदू के पास टिप्पर सड़क से नीचे लुढ़क गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है।  एसपी चंबा अरूल कुमार ने हादसे की पुष्टि की है। 
... और पढ़ें

हिमाचल में बारिश-बर्फबारी के आसार, दो दिन ओलावृष्टि का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में 18 अप्रैल तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 13 से 18 अप्रैल तक मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ भागों में बारिश-बर्फबारी के आसार जताए हैं। वहीं, मैदानी व निचले भागों में 15 से 17 अप्रैल तक बारिश की संभावना है।

मैदानी व मध्यम ऊंचाई वाले भागों में 16 और 17 अप्रैल को ओलावृष्टि व अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और शिमला के लिए ये अलर्ट जारी किया गया है। 19 अप्रैल को मौसम साफ रहने की संभावना है।वहीं, मंगलवार को शिमला समेत प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ रहा। 

न्यूनतम तापमान में  एक से दो डिग्री की कमी
प्रदेश के न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज हुई है। ऊना में सबसे अधिक 15.6, कांगड़ा में 14.4, बिलासपुर 14.5, नाहन 16.9, हमीरपुर 14.2, चंबा 9.9, शिमला 13.5, धर्मशाला 14.6, सोलन 12.7, मंडी 11.0, मनाली 5.2, डलहौजी 10.7, कल्पा 1.4 और केलांग माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।


 अधिकतम तापमान
क्षेत्र               अधिकतम तापमान
बिलासपुर          35.0
कांगड़ा               33.5
सुंदरनगर            32.6
हमीरपुर            32.0
सोलन              31.4
चंबा                31.1
नाहन              30.0
भुंतर              30.0
धर्मशाला         26.4
शिमला           23.0
 
... और पढ़ें

एमसी चुनाव: धर्मशाला-मंडी में भाजपा और पालमपुर में कांग्रेस के चुने गए मेयर, डिप्टी मेयर

हिमाचल के शक्तिपीठों में उमड़े श्रद्धालु
चार नगर निगमों के सात अप्रैल को हुए चुनाव और नतीजे घोषित होने के छह दिन बाद तीन नगर निगमों को मेयर और डिप्टी मेयर मिल गए, जबकि सोलन नगर निगम में एक-दो दिन के भीतर फैसला हो जाएगा। मंगलवार को धर्मशाला और मंडी नगर निगम में भाजपा के मेयर और डिप्टी मेयर चुने गए, जबकि पालमपुर नगर निगम में बहुमत प्राप्त कांग्रेस को कमान मिली है। 

धर्मशाला में 17 में 8 पार्षद जीतने के बाद पूर्ण बहुमत से एक कदम दूर खड़ी भाजपा को आखिरकार निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने से यहां पूर्व डिप्टी मेयर एवं मैक्लोडगंज से पार्षद बने ओंकार नैहरिया को निर्विरोध मेयर चुन लिया गया। यहां उनके सामने कांग्रेस का कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं था। इसके अलावा डिप्टी मेयर के लिए भाजपा की ओर से निर्दलीय पार्षद सर्वचंद गलोटिया और कांग्रेस से पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी के बीच टक्कर थी।

गलोटिया 11 मत हासिल कर डिप्टी मेयर चुने गए, जग्गी को छह मत मिले। मिनी सचिवालय धर्मशाला के कैबिनेट हॉल में पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद मेयर-डिप्टी मेयर का चुनाव हुआ। उधर, मंडी नगर निगम की पहली महापौर वार्ड-13 थनेहड़ा की पेशे से अधिवक्ता दीपाली जसवाल निर्विरोध चुन ली गईं। उपमहापौर के लिए वार्ड-2 पुरानी मंडी के वीरेंद्र भट्ट भी निर्विरोध चुने गए। नगर निगम कार्यालय के सभागार में महापौर एवं उपमहापौर पद के लिए चुनाव एडीसी जतिन लाल की देखरेख में हुए।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से हरी झंडी मिलने के बाद भाजपा से दो पार्षदों का नाम मेयर और डिप्टी मेयर के लिए प्रस्तावित हुआ। यहां 15 में से 11 सीटों पर भाजपा पार्षद जीतकर आए हैं। उपमहापौर बने वीरेंद्र भट्ट पुरानी मंडी वार्ड से दूसरी बार चुनाव जीते हैं। उधर, पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस की पार्षद बनीं पूनम बाली महापौर और आनीष नाग उपमहापौर बने। यहां 15 में से 11 पार्षद कांग्रेस के जीते हैं, इस कारण दोनों पदों पर सर्वसम्मति से फैसला कर लिया गया। यहां पहले एडीसी राहुल कुमार ने सभी विजेता 15 पार्षदों को शपथ दिलाई। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर, विधायक आशा कुमारी और पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल इस दौरान मौजूद थे।
... और पढ़ें

हिमाचल में हल्दी, लहसुन और अदरक पर जलवायु परिवर्तन के असर का होगा अध्ययन

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक हल्दी, लहसुन और अदरक पर जलवायु परिवर्तन के असर का अध्ययन करेगा। सिरमौर से इसकी पहल की जाएगी। अध्ययन में इन फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक बदलावों से किसानों को अवगत करवाया जाएगा। बीते वर्ष कृषि योजनाओं के प्रोत्साहन के लिए पांवटा साहिब और पच्छाद ब्लाक में नाबार्ड ने 19.50 करोड़ की राशि खर्च की। क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीक्लचर प्रोजेक्ट में जलवायु परिवर्तन से कम हो रहे उत्पादन का अध्ययन किया गया।

वाटर हारवेसटिंग सिस्टम, उठाऊ सिंचाई योजना के जरिये उत्पादन को बढ़ाया गया। अब हल्दी, अदरक और लहसुन पर हो रहे जलवायु परिवर्तन का अध्ययन कर उत्पादन बढ़ाने के तरीके तलाशे जाएंगे। मंगलवार को राजधानी शिमला के कसुम्पटी स्थित नाबार्ड के मुख्य कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक दिनेश रैना ने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान राज्य में कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए 3349.35 करोड़ का वित्तीय परिचालन किया गया।

ई शक्ति कार्यक्रम से स्वयं सहायता समूहों के कामकाज में पारदर्शिता लाई गई है। उन्होेंने बताया कि 31 मार्च 2021 तक नाबार्ड ने सभी जिलों को कवर करते हुए 10.41 करोड़ के कुल अनुदान संवितरण के साथ राज्य में 102 एफपीओ को मंजूरी दी। इसमें से 90 पंजीकृत किए गए हैं। वाटरशेड विकास परियोजनाओं के लिए 3.01 करोड़ रुपये की राशि संवितरण किया गया। 11 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी। ये परियोजनाओं सोलन, मंडी, सिरमौर, कांगड़ा, चंबा और शिमला जिला में कार्यान्वित की जा रही हैं। इससे फसलों के उत्पादन में वृद्धि दर्ज हुई है।

2020-21 में बैंकों को दी 2505 करोड़ की पुनर्वित्त सहायता
प्रदेश के किसानों को कृषि परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए फसली ऋण और निवेश ऋण प्रदान करने के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में नाबार्ड ने ग्रामीण सहकारी बैंकों और ग्रामीण बैंकों को 2505.99 करोड़ की पुनर्वित्त सहायता जारी की। यह राशि बीते वर्ष की तुलना में 53 फीसदी अधिक रही।
... और पढ़ें

भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर 10 घंटे बाधित रही वाहनों की आवाजाही

भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर गंडियार के समीप मंगलवार अल सुबह करीब तीन बजे सरिये से लदा ट्रेलर फंस गया। इसके चलते सड़क के दोनों किनारे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऐसे में चंबा की ओर जाने वाले वाहन चालकों को वापस चौहड़ा डैम से होकर भलेई-सुंडला होते हुए और दूसरी ओर बनीखेत से डलहौजी-लक्कडमंडी होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ा। सड़क बाधित होने के कारण मुसाफिरों को भारी परेशानी हुई। वहीं, सूचना मिलते ही एनएच प्राधिकरण की ओर से मशीनरी मौके पर भेजी गई, जिसके बाद हाइड्रा (बड़ी मशीन) की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे मार्ग यातायात के लिए बहाल किया गया। 

सरिये से लदा ट्रेलर पठानकोट से चंबा की तरफ आ रहा था। जैसे ही ट्राला गंडियार के समीप पहुंचा तो मोड़ काटते समय चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया और ट्रेलर हाईवे पर अनियंत्रित होकर फंस गया। ट्रेलर का पिछला हिस्सा डंगे से नीचे खिसक गया। गनीमत यह रही कि ट्रक नाले की तरफ नहीं पलटा अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। मामले की सूचना पुलिस चौकी बनीखेत को जैसे ही मिली तो टीम मौके पर पहुंची। वहीं, एनएच प्राधिकरण चंबा ने मौके पर जेसीबी मशीनरी भेजी लेकिन, जेसीबी से ट्रेलर न हटने पर हाइड्रा मंगवाया गया। उसके बाद ही ट्रेलर को दोपहर बाद मार्ग से हटाया और वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। दूसरी तरफ कुछ वाहन वाया चौहड़ा और वाया लक्कड़मंडी होकर जिला मुख्यालय पहुंचे।

लोहे से लदे ट्रेलर को हटाने पहुंची जेसीबी पलटी
लोहे से लदे ट्रेलर को हटाने के लिए मौके पर पहुंची जेसीबी ट्राले पर ही पलट गई। गनीमत यह रही कि इस दौरान जेसीबी चालक चोटिल नहीं हुआ अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बाद में कंपनी की ओर से हाइड्रा मशीन मंगवा कर ट्राले को सड़क से हटाया जा सका। एनएच प्राधिकरण चंबा के सहायक अभियंता कनव बड़ोत्रा ने बताया कि इसके बारे में सूचना मिली थी। कहा कि मौके पर मशीनरी भेजी गई। दोपहर डेढ़ बजे मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया जा सका। डीएसपी डलहौजी विशाल वर्मा का कहना है कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कहा कि ट्रेलर को मशीनरी के माध्यम से हटाया गया।
... और पढ़ें

हिमाचल में 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं का आगाज, विद्यार्थियों में दिखा उत्साह

हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच मंगलवार से 10वीं  और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है। पहले दिन परीक्षा देने के लिए विद्यार्थियों में काफी उत्साह दिखा।  परीक्षा केंद्रों में उचित दूरी रखते हुए विद्यार्थियों को बिठाया गया। परीक्षा केंद्रों को परीक्षा से पहले सैनिटाइज किया। मास्क पहनकर ही विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में आने की अनुमति मिली। बता दें बोर्ड परीक्षाओं या दाखिलों की ड्यूटी में नियुक्त किए गए शिक्षकों को स्कूल नहीं आने पर मेडिकल रिपोर्ट देनी होगी।

शिक्षा निदेशक ने कहा है कि अगर कोई शिक्षक कोरोना संक्रमित होता है या किसी को बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत होती है तो उन्हें संबंधित स्कूल में सरकारी अस्पताल से मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा।  जिन शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई है, उन्हें 21 अप्रैल तक अवकाश रहेगा। जिन शिक्षकों की दाखिला प्रक्रिया और परीक्षाओं में ड्यूटी लगी है। उन्हें ड्यूटी देनी होगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कोरोना संक्रमित विद्यार्थियों की बाद में परीक्षा लेने का फैसला लिया है। इनके लिए परीक्षाएं एक या दो माह के बाद होंगी। 

52 परीक्षा केंद्रों में महिला शिक्षकों की होगी नियुक्ति
 देश की पहली महिला शिक्षिका और समाजसेवी सावित्रीबाई फुले के सम्मान में प्रदेश के 52 परीक्षा केंद्रों को सावित्रीबाई फुले महिला परीक्षा केंद्र के नाम से अलंकृत किया गया है। 10वीं और 12वीं  कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के लिए इन चयनित 52 परीक्षा केंद्रों में केंद्र अधीक्षक, उपअधीक्षक के रूप में केवल महिला प्राध्यापकों/अध्यापकों को ही नियुक्त किया गया है। 
... और पढ़ें

कोरोना काल में एमबीए पास प्राकृत उगा रहे स्ट्रॉबेरी, 250 रुपये किलो मिल रहे दाम

आपदा को अवसर में कैसे बदला जाता है, यह हमीरपुर के 24 वर्षीय प्राकृत लखनपाल से सीखने की जरूरत है। प्राकृत ने स्ट्रॉबेरी उगाकर हमीरपुर में अपनी अलग पहचान बना ली है। खेतों में उगाई स्ट्रॉबेरी बाजार में 200 से 250 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से हाथोंहाथ बिक रही है। प्राकृत लखनपाल ने रिटेल मैनेजमेंट में एमबीए किया हुआ है। शौक ने उन्हें सफल बागवान बना दिया। मार्च 2020 में जब देशभर में कोरोना महामारी के कारण जब लॉकडाउन लगा तो कई की नौकरी छूट गई। 

आपदा को अवसर में बदलने की अपील से प्रभावित होकर हमीरपुर के प्राकृत लखनपाल ने स्ट्रॉबेरी की खेती कर खूब मुनाफा कमाया। उन्होंने इंटरनेट के जरिये देश में स्ट्रॉबेरी के बेहतरीन पौधों के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि महाराष्ट्र के सोलापुर में अच्छे उत्पादन वाले स्ट्रॉबेरी के पौधे मिलते हैं। लॉकडाउन के कारण सड़क से इन पौधों को सोलापुर से मंगवाना आसान नहीं था। प्राकृत ने स्ट्रॉबेरी के करीब एक हजार पौधों की डिमांड संबंधित कंपनी को भेजी और हवाई मार्ग से महाराष्ट्र से चंडीगढ़ मंगवाए।

चंडीगढ़ से हमीरपुर तक सड़क के जरिये यह पौधे लाए गए। इसके बाद उन्होंने नवंबर-दिसंबर माह में विकासनगर में अपने खेतों में स्ट्रॉबेरी के पौधे रोपे। यहां एक निजी स्कूल के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी का सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया। साथ ही खरपतवार से फसल को बचाने के लिए स्ट्रॉबेरी के पौधों के आसपास पॉलिथीन का इस्तेमाल किया गया। उधर, प्राकृत के पिता पंकज लखनपाल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उनके बड़े बेटे ने महाराष्ट्र से स्ट्रॉबेरी के पौधे मंगवाए थे, जिनसे वर्तमान में अच्छी पैदावार हुई है। बेटे ने बंजर जमीन पर  नींबू और संतरे समेत विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे भी लगाए हैं।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X