बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW
विज्ञापन
विज्ञापन
कुंभ 2021 में करें पूर्वजों को प्रसन्न, सम्पूर्ण सफलता हेतु कराएं पितृ पूजन
Astrology

कुंभ 2021 में करें पूर्वजों को प्रसन्न, सम्पूर्ण सफलता हेतु कराएं पितृ पूजन

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

अभिकाष ने बनाया इन बिल्ट हाइड्रोलिक जैक सिस्टम, आसानी से टायर बदलने में मिलेगी मदद

गगरेट के अभिकाष ने इनबिल्ट हाइड्रोलिक जैक सिस्टम बनाया है। खास बात यह है कि रोजमर्रा में काम आने वाले उपकरणों से इसे तैयार किया गया है। ।

10 अप्रैल 2021

विज्ञापन
Digital Edition

समझौता : हिमाचली सेब का शुद्ध जूस पीएगा स्विट्जरलैंड, पहली बार किया विदेशी कंपनी से करार

हिमाचली सेब के शुद्ध जूस का स्वाद अब स्विट्जरलैंड भी चखेगा। हिमाचल प्रदेश स्विट्जरलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी को सेब का कंसंट्रेट (शुद्ध और गाड़ा) जूस बेचेगा। राज्य सरकार का उपक्रम हार्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कारपोरेशन (एचपीएमसी) विदेशी कंपनी को सीजन में करीब सौ मीट्रिक टन जूस उपलब्ध कराएगा। कारपोरेशन ने इसके लिए कंपनी से करार किया है। 

दरअसल, एचपीएमसी बागवानों से हर साल हजारों टन सेब खरीदकर जूस तैयार करता है। छोटे आकार का ऐसा सेब एचपीएमसी बागवानों से निर्धारित मूल्य पर खरीदता है। बागवानों को इस सेब की प्रति किलो 8.50 से 9 रुपये तक कीमत मिलती है। बाजार में इस सेब की मांग नहीं होती।

इस सेब से बने जूस को साल भर एचपीएमसी पैकिंग करके खुले बाजार में बेचता है। इसके अलावा देश की नामी कंपनियों को भी सीजन में कंसंट्रेट जूस बेचा जाता है। इनमें नेस्ले और गोदरेज जैसे कंपनियां प्रमुखता से जूस खरीदती रही हैं। पहली बार विदेशी कंपनी को जूस बेचने के लिए एचपीएमसी ने करार किया है। 

हिमाचली सेब पर ही एचपीएमसी का जूस कारोबार टिका हुआ है। पिछले साल एचपीएमसी ने करीब आठ सौ मीट्रिक टन कंसंट्रेट जूस तैयार किया है, जबकि प्रदेश में सेब की पैदावार पचास फीसदी कम रही है। कारपोरेशन औसतन हर साल करीब 12 सौ मीट्रिक टन कंसंट्रेट जूस तैयार कर लेता है। 

इन उत्पादों की भी बिक्री करता है एचपीएमसी
एपल सिडार विनेगर, फ्रूट ड्रिंक्स कंसंट्रेट, ट्रेटा पैक और बॉटल में जूस और ड्रिंक्स, स्क्वैश, जैम, आचार, फ्रूट वाइन, आड़ू सिरप, नेचुरल मिनरल वाटर, 100 फीसदी एपल जूस। 

एचपीएमसी के महाप्रबंधक भुवन शर्मा कहते हैं कि पहली बार स्विट्जरलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ जूस कारोबार के लिए करार किया गया है। इस कंपनी ने पुणे में जूस उत्पादन शुरू किया है।
... और पढ़ें
एचपीएमसी सेब जूस एचपीएमसी सेब जूस

मौसम की मार: 60 फीसदी कम उग रही गुच्छी, यूरोपियन देशों के लिए होती है निर्यात

हिमाचल प्रदेश के वनों और बगीचों में प्राकृतिक तौर पर उगने वाली गुच्छी इस साल कम होने से सात समंदर पार भी इसका स्वाद फीका रहेगा। इस बार मौसम की मार के चलते गुच्छी 60 फीसदी कम उगी है। प्रदेश के जंगलों में उगने वाली गुच्छी का निर्यात देश के बड़े शहरों के साथ-साथ यूरोपियन देशों में भी होता है। इस बार कम गुच्छी उगने से विदेशों में भी होटलों और रेस्तरां में गुच्छी का स्वाद फीका रहेगा। 

फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, स्विट्जरलैंड जैसे देशों में हिमाचल की गुच्छी का निर्यात होता है। हाई प्रोफाइल पर्यटक इसके स्पेशल पकवानों को काफी पसंद करते हैं। गुच्छी का प्रयोग कई प्रकार की दवाएं बनाने में भी होता है। ऐसे में इसकी भारी मांग है, लेकिन हर साल गुच्छी कम उग रही है। एक अनुमान के मुताबिक सूबे में गुच्छी का 60 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।

जिला कुल्लू में करीब 15 करोड़ का व्यवसाय होता है। कोराना काल में गत वर्ष भी गुच्छी के कारोबार पर असर पड़ा था। इसका उत्पादन बारिश और बर्फबारी पर निर्भर करता है। इस साल फरवरी और मार्च में बारिश कम हुई है। इससे उत्पादन में कमी आई है। इससे गुच्छी के कारोबार से जुड़े कारोबारियों में मायूसी है। 

सौ फीसदी ऑर्गेनिक है गुच्छी
गुच्छी सौ फीसदी आर्गेनिक है। इसमें कीटनाशक और रासायनिक खाद नहीं डाली जाती है। गुच्छी में प्रोटीन की मात्रा भी अधिक है। यह कई बीमारियां दूर करती है। कुल्लू जिले के प्रसिद्ध गुच्छी व्यापारी एवं पूर्व वन मंत्री खीमीराम शर्मा कहते हैं कि यूरोपियन देशों में इसकी सबसे अधिक मांग है। इनमें फ्रांस प्रमुख है। 

पीएम को परोसी जाती है डिश
हिमाचल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के मेन्यू में गुच्छी डिश स्पेशल रहती है। भाजपा के पूर्व सांसद महेश्वर सिंह कहते हैं कि कुल्लू के दौर के समय पीएम के खाने में गुच्छी डिश पहले पायदान पर रहती है।
... और पढ़ें

Coronavirus in Himachal: कोरोना की दूसरी लहर में रिकॉर्ड 12 लोगों की मौत, 827 नए मामले

हिमाचल प्रदेश में दूसरी लहर में कोरोना ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। शनिवार को रिकॉर्ड 12 मौतें और 827 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। सोलन जिले में इस साल के सबसे ज्यादा रिकार्ड 200 कोरोना पॉजिटिव मामले आए हैं। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में 60 लोग संक्रमित पाए गए हैं।  कांगड़ा जिले में कोरोना संक्रमण से पांच मरीजों की मौत हो गई है। निफ्ट संस्थान कांगड़ा के 8 छात्रों सहित जिला कांगड़ा में 144 लोग संक्रमित हुए हैं।

मरने वालों में शाहपुर के बरनाला गांव के 75 वर्षीय बुजुर्ग की टांडा अस्पताल में मौत हुई है। शाहपुर के झुलाड़ गांव के 64 वर्षीय बुजुर्ग की चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, डाडासीबा के जंबाल गांव की 58 वर्षीय महिला और नगरोटा बगवां के ठारु गांव के 59 वर्षीय व्यक्ति की टांडा अस्पताल में मौत हुई। इसके अलावा नगरोटा बगवां के काठी गांव के 71 वर्षीय बुजुर्ग की भी टांडा अस्पताल में मृत्यु हो गई। सभी मृतक कोरोना संक्रमण के साथ अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे।

शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में कोरोना पाजिटिव तीन मरीजों की मौत हो गई। आईजीएमसी में कोटखाई के रहने वाले 45 वर्षीय कोविड पॉजिटिव मरीज को 10 अप्रैल की सुबह 4:15 बजे के करीब दाखिल किया था। कोटखाई में यह व्यक्ति ढाबा चलाता था। मरीज को कफ के अलावा अन्य कई गंभीर बीमारियां भी थीं। मरीजों को कोविड निमोनिया भी था। गंभीर हालत में होने से सुबह करीब 8:45 बजे उनकी मौत हो गई।

शिमला की रहने वाली 50 वर्षीय महिला को 9 अप्रैल को दाखिल किया था। इसे डीडीयू से रेफर किया था। महिला को कफ फीवर और डायबिटीज की भी समस्या थी। इसके अलावा उसे कोविड निमोनिया भी था लेकिन गंभीर स्थिति में होने के चलते इसकी भी मौत हो गई। देर शाम 4:30 बजे के करीब 88 साल के बुजुर्ग को आर्मी कैंट जतोग से रेफर किया था। मरीज को सांस लेने में समस्या आ रही थी। इसके अलावा उसे हाइपरटेंशन डायबिटीज के अलावा अन्य कई गंभीर बीमारियां भी थी। शाम के वक्त मरीज की मौत हो गई।

ऊना जिले के तीन लोगों की कोरोना से टांडा में मौत हो गई है। छह अप्रैल को हरोली के बाथड़ी की 63 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बुखार और सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। महिला जांच में कोरोना संक्रमित निकली। उसे डीसीएचसी हरोली रेफर किया गया। यहां से उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। शुक्रवार को टांडा में महिला ने दम तोड़ दिया। महिला अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थी। 

ऊना के वार्ड दो की 56 वर्षीय महिला 23 मार्च को बुखार की शिकायत लेकर क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंची। यहां वह कोरोना संक्रमित निकली। वह होम आइसोलेट थीं। 26 मार्च को महिला को डीसीएचसी शिफ्ट किया गया। यहां से उसे टांडा मेडिकल रेफर किया गया। शुक्रवार को महिला ने टांडा में दम तोड़ दिया। महिला अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थी। 

गनू मंडवाडा का 78 वर्षीय बुजुर्ग क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में खांसी और सांस लेने में तकलीफ के साथ 31 मार्च को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचा था। जांच में बुजुर्ग कोरोना संक्रमित निकला। उसे डीसीएचसी हरोली भेजा गया। यहां से उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया। यहां उपचार के दौरान शनिवार को बुजुर्ग की मौत हो गई। 

हमीरपुर जिले में जलाड़ी पंचायत के मण गांव की एक 50 वर्षीय महिला की मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई है। महिला की रैपिड एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शुक्रवार रात को एक बजे मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में दाखिल हुई थी और उसे सांस लेने में तकलीफ थी। महिला को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर से टांडा रेफर करने की प्रक्रिया चल रही थी। इस बीच शनिवार दोपहर करीब सवा तीन बजे महिला की मौत हो गई। 

हमीरपुर जिले में इस साल के सबसे ज्यादा कोरोना मामले शनिवार को सामने आए हैं। शनिवार को एक पंचायत के 29 लोगों समेत 95 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। शिक्षक के कोरोना संक्रमित आने पर बड़ा स्कूल को बंद कर दिया गया है। स्टाफ को घर में ही रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही पूरे स्टाफ के कोरोना सैंपल लिए गए हैं। उधर, गलोड़ स्वास्थ्य खंड की पन्याली पंचायत के 29 लोग एक साथ कोरोना संक्रमित निकले हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी हाल ही में गांव में आयोजित भागवत कथा में गए थे। 

बिलासपुर जिले में आठ बच्चों समेत कोरोना के 75 नए मामले सामने आए हैं। चंबा जिले में डलहौजी के दो होटलों के पांच कर्मचारियों सहित 9 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। मंडी जिले में कोरोना संक्रमण के 87 नए मामले सामने आए हैं। कांगड़ा 144, हमीरपुर 95, ऊना 87, सिरमौर 55, शिमला 46, कुल्लू 22, लाहौल-स्पीति में 7 कोरोना मामले आए हैं।
जिला कोरोना पॉजिटिव मामले
 
सोलन 200
कांगड़ा 144
हमीरपुर 95
बिलासपुर 75
ऊना 87
सिरमौर 55
शिमला 46
मंडी 87
कुल्लू 22
चंबा 9
लाहौल-स्पीति 7
... और पढ़ें

यू-ट्यूब पर देखा नुस्खा: पपीते के पत्तों का काढ़ा पीने से भाई-बहन की मौत, एक अस्पताल में भर्ती

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ के जोघों में एक प्रवासी महिला के दो बच्चों की पपीते के पत्तों का काढ़ा पीने से मौत हो गई, जबकि एक गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ भर्ती है। बताया जा रहा है कि बच्चों को कुछ समय से बुखार था और उन्होंने यू ट्यूब पर नुस्खा देखकर पपीते के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

डीएसपी नवदीप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बदायूं के खजूरिया गांव की राम देवी पत्नी स्व. किशनपाल पिछले सात साल से जोघों में रहकर मजदूरी कर परिवार पाल रही है। महिला की दो बेटियां और एक बेटा था। इनमें एक बेटी और एक बेटे की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी पीजीआई में भर्ती है। प्रवासी महिला के भतीजे सचिन ने बताया कि बच्चों को कुछ समय से बुखार था और उन्होंने यू ट्यूब पर इसके इलाज के लिए पपीते का काढ़ा बनाकर पीने का नुस्खा देखा था।

इसके बाद बच्चे भी पपीते के पत्ते लाए और कूटकर काढ़ा बनाकर पी लिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। तीनों को नालागढ़ अस्पताल लाया जा रहा था कि शिवानी (10) की रास्ते में मौत हो गई। उसके भाई सचिन (18) और बहन खुशबू (14) को बेहोशी की हालत में पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में सचिन की भी मौत हो गई, जबकि खुशबू की हालत नाजुक बनी हुई है। फरवरी में महिला के पति किशनपाल की शुगर की बीमारी से मौत हो गई थी।

शिवानी का अंतिम संस्कार जोघों में कर दिया गया, जबकि बेटे का शव पीजीआई से लाकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। उधर, बीएमओ नालागढ़ केडी जस्सल ने बताया कि पपीते के पत्तों का काढ़ा पीने से मौत नहीं हो सकती। औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते पपीते के पत्तों पर जहरीले केमिकल हो सकते हैं। बिना धोए पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से तबीयत बिगड़ सकती है।
... और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट: उच्च शिक्षा या योग्यता का होना नौकरी पाने के लिए अवगुण या दोष नहीं

सांकेतिक तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि उच्च शिक्षा या योग्यता को नौकरी पाने के लिए अवगुण या दोष नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया, जिसमें बीई या बीटेक डिग्रीधारकों को कनिष्ठ अभियंता (जूनियर इंजीनियर) के पद पर नियुक्ति नहीं देने के लिए कहा था। इसके साथ ही जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एस. रवींद्र भट्ट की पीठ ने बीई या बीटेक डिग्रीधारकों को हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में जूनियर इंजीनियर के पदों पर नौकरी के लिए आवेदन करने की इजाजत दे दी है। 

मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अहम सवाल था कि क्या डिग्रीधारक भी जूनियर इंजीनियर पद के लिए आवेदन कर सकते हैं? पीठ ने नियमों का बारीकी से गौर करने के बाद पाया कि नियुक्तियों में बड़ी हिस्सेदारी सीधी भर्तियों की होती है। वहीं, प्रमोशन से भरे जाने वाले उच्च पद यानी सहायक अभियंता के लिए सीधी भर्तियां 36 फीसदी तक ही होती हैं। बाकी 64 फीसदी में विभिन्न उप कोटा फीडर कैडर के लिए निर्धारित किए गए हैं और इनमें सबसे अधिक हिस्सेदारी जूनियर इंजीनियरों की होती है।

पीठ ने आदेश में कहा, यह दिखाता है कि इस नियम को बनाने का मकसद डिग्रीधारकों को जूनियर इंजीनियर के पद पर विचार करने से दूर रखना नहीं है। पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल अभिनव मुखर्जी की इस दलील को स्वीकार कर लिया कि बोर्ड को जूनियर इंजीनियर पद के लिए न केवल डिप्लोमाधारकों को बल्कि डिग्रीधारकों को भी नियुक्त करने का अधिकार है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर पुनीत शर्मा एवं अन्य की याचिका को स्वीकार कर लिया। 

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि डिग्रीधारक यह नहीं कह सकते कि उनके पास उच्च शिक्षा या योग्यता है, इसलिए वे जूनियर इंजीनियर पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश को कुछ बीई व बीटेक डिग्रीधारकों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
... और पढ़ें

Weather Update: हिमाचल में दो दिन मौसम साफ, 12 को बारिश-अंधड़ का येलो अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में रविवार और सोमवार को मौसम साफ रहेगा। 12 अप्रैल को मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों किन्नौर व लाहौल स्पीति में बारिश-अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी जिलों में 16 अप्रैल तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है।

अन्य क्षेत्रों में अगले सप्ताह मौसम मिलाजुला बना रहेगा। मध्य पर्वतीय जिलों में 13 और 14 अप्रैल को मौसम साफ रहने और 15 व 16 अप्रैल को दोबारा बादल बरसने की संभावना है। उच्च पर्वतीय जिलों में अगले पूरे सप्ताह मौसम खराब रहने के आसार हैं।

शनिवार को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहा। अधिकतम तापमान में सामान्य से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई। मैदानी जिलों में गर्मी बढ़ना शुरू हो गई है। दिन के समय पारा अधिक होने से पसीने छूट रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों के मौसम में भी बीते दो दिनों से बदलाव आया है।

दिन और रात के तापमान में पूरे प्रदेश में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। उधर, शुक्रवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान -1.9, कल्पा में 2.2, मनाली में 8.0, चंबा में 8.3, कुफरी में 9.5, शिमला में 11.8, धर्मशाला में 12.8, ऊना में 12.4, बिलासपुर में 14.0 और नाहन में 17.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। 

अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
ऊना 34.8
बिलासपुर 34.5
कांगड़ा 32.3
नाहन 31.9
सोलन 31.6
चंबा 31.0
भुंतर 30.2
धर्मशाला 26.4
शिमला 24.1
डलहौजी 17.4
कल्पा 16.5
केलांग 8.7 
... और पढ़ें

अभी 72 घंटे और बंद रहेगा मनाली-लेह मार्ग, लाहौल में फंसे लोगों को करना होगा इंतजार

पिछले दिनों हुई ताजा बर्फबारी से मनाली-लेह मार्ग यातायात के लिए छह दिनों से बंद है। हाईवे तीन को बहाल करने का काम बीआरओ ने शुरू कर दिया है लेकिन अगले 72 घंटे अभी बारालाचा दर्रा बंद रहेगा। ऐसे में लाहौल में फंसे 250 लोगों को अभी इंतजार करना होगा।

यह मार्ग बर्फबारी के चलते दारचा से आगे अवरुद्ध है। इस मार्ग को अटल टनल रोहतांग के रास्ते सरचू तक बीआरओ ने दो महीने पहले यातायात के लिए खोल दिया था, लेकिन दो बार बर्फबारी होने से मार्ग फिर से यातायात के लिए बंद है।

बीआरओ के अधिकारियों के मुताबिक इस बार गत वर्ष के मुकाबले कम बर्फबारी हुई है, जिससे मार्ग बहाल करने में जल्दी होगी। दारचा से आगे इस मार्ग के दोबारा बंद हो जाने से लेह की ओर निकलने वाले भारतीय सेना के वाहनों सहित रसद व सैन्य सामग्री की सप्लाई रुक गई है। लाहौल में अभी सैकड़ों मजदूर भी फंसे हुए हैं।

उनकी लाहौल प्रशासन और तोद घाटी के लोग मदद कर रहे हैं। मार्ग बहाल होने से भारतीय सेना को कारगिल सहित देश की सरहद तक पहुंचने में आसानी होगी। 38 सीआरपीएफ के कमांडर कर्नल उमा शंकर ने कहा कि दारचा से आगे बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध है। मौसम साफ रहने की स्थिति में तीन दिनों में मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
... और पढ़ें

सूही मेला: बैंडबाजे के साथ फूलों से सजी पालकी में निकली सूही माता की शोभायात्रा

Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X