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हिमाचल के ऊना की शीतल सैनी बनीं सेना में लेफ्टिनेंट

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला मुख्यालय की शीतल सैनी सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं। टक्का रोड अरनियाला ऊना की शीतल को दिल्ली में हुए समारोह में लेफ्टिनेंट रै...

14 अक्टूबर 2021

Digital Edition

हिमाचल: प्रदेश में इतने दिनों तक साफ रहेगा मौसम, बर्फबारी के बाद जनजातीय भागों में बढ़ी शीतलहर, मनाली-लेह हाईवे ठप

हिमाचल प्रदेश में दो दिन बारिश-बर्फबारी के बाद मंगलवार सुबह से मौसम खुल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 23 अक्तूबर तक कुछ भागों को छोड़कर अन्यों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। उधर, जनजातीय जिले किन्नौर व लाहौल-स्पीति बर्फबारी के बाद शीतलहर की चपेट में हैं। केलांग का न्यूनतम तापमान माइनस में चला गया है। बर्फबारी से मनाली-लेह के साथ ग्रांफू-काजा नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद हैं। इन जगहों पर फंसे सैलानियों व ट्रैकरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। शिंकुला, जंस्कर, कोकसर से लोसर और लोसर से चंद्रताल, कुंजुम पास मार्ग भी आगामी आदेशों तक बंद कर दिए हैं।

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रिज मैदान शिमला में लगी पट्टिकाएं दे रहीं गांधी की शिमला यात्राओं की गलत सूचनाएं

22 और 23 अक्तूबर को मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ भागों में बारिश की संभावना है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने सभी लोगों और सैलानियों से सतर्क रहने की अपील की है। सभी पंचायत प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, ट्रैकरों और पैदल यात्रियों से प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के दूरभाष नंबर 94594-61355, 01900-202509, 510, 517 और 1077 टोल फ्री पर सूचित करने की अपील की गई है।  

कहां कितनी बर्फबारी-बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान कोकसर में 15.25, सुमदो 13.5, गोंधला 8 और हंसा में 38.1 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं, किन्नौर के सांगला में 66.4, रिकांगपिओ 54.4, कल्पा 50.2, सराहन 26 और शिमला के रामपुर-टिंडर 25.5-25.5, मनाली और खदरला 24-24, रोहडू 23, नारकंडा 22, बंजार और कुमारसेन 20-20, कोठी 19, कोटखाई और बजौरा 17-17, सिओबाग और भुंतर 16-16, केलांग 14, कुफरी और संगड़ाह 11-11 और सराहन में 26 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 

केलांग में माइनस में पहुंचा तापमान
बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है।
न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) 
केलांग             -1.3
कल्पा              0.4
कुफरी             8.0 
मनाली             4.8
डलहौजी         10.7
शिमला           11.2
धर्मशाला         15.0
सोलन             9.4
चंबा               12.3
मंडी              11.6
हमीरपुर         13.1
कांगड़ा         14.2
नाहन           16.7 
बिलासपुर     14.0
ऊना           16.5
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हिमाचल में बर्फबारी के बाद बढ़ी शीतलहर। हिमाचल में बर्फबारी के बाद बढ़ी शीतलहर।

रिज मैदान शिमला में लगी पट्टिकाएं दे रहीं गांधी की शिमला यात्राओं की गलत सूचनाएं

 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हिमाचल यात्राओं संबंधी रिज मैदान शिमला में लगी पट्टिकाएं लोगों को गलत सूचनाएं देकर भ्रमित कर रही हैं। गांधी की हिमाचल यात्राओं संबंधी विवाद को लेकर मुख्य सचिव रामसुभग सिंह के पास एक शिकायत पहुंची है। महात्मा गांधी पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के राज्य संग्रहालय शिमला की ओर से प्रकाशित पुस्तक ‘गांधी इन शिमला’ के अनुसार गांधी ने हिमाचल की नहीं, बल्कि शिमला की दस और एक डगशाई की यात्रा की। तब हिमाचल प्रदेश तो अस्तित्व में ही नहीं था।

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 रिज मैदान पर गांधी की प्रतिमा के साथ लगी पट्टिका में शिमला के बजाय हिमाचल लिखा है, जबकि इसमें शिमला की भी सब यात्राएं नहीं दर्शाई हैं। तिथियां भी गलत हैं। इससे पर्यटक और आमजन भ्रमित होते हैं। किताब के लेखक विनोद भारद्वाज ने यह मामला एक कार्यक्रम में भी मुख्य सचिव के सामने उजागर किया है। मुख्य सचिव ने राज्य भाषा एवं संस्कृति विभाग को इस गलती दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। अब इन पट्टिकाओें को हटाया जाएगा। इनकी जगह सही सूचना पट्ट दिखेंगे।

 गांधी की प्रतिमा के साथ ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हिमाचल यात्रा का विवरण’ शीर्षक  से दो पट्टिकाएं लगी हैं। इनमें उल्लेख है कि महात्मा गांधी ने 12 मई 1921, 11 मई 1931, 13 जुलाई 1931, 25 अगस्त 1931, 29 जून 1940, 27 सितंबर 1940, 23 जून 1945 और 2 मई 1946 को हिमाचल की यात्राएं कीं। इन पट्टिकाओें मेें 1939 में दो बार की शिमला यात्राओं का जिक्र तक नहीं है, जबकि भारद्वाज के अनुसार शिमला शहर में गांधी दस बार आए। ग्यारहवीं बार गांधी डगशाई आए थे। हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक पंकज ललित ने कहा है कि मुख्य सचिव के निर्देश पर इन पट्टिकाओं को बदला जाएगा।

कब-कब शिमला आए गांधी
  • 12 से 17 मई 1921 : वायसरॉय लॉर्ड रीडिंग से खिलाफत आंदोलन, पंजाब में अशांति, सविनय अवज्ञा और स्वराज पर चर्चा की। आर्य समाज मंदिर लोअर बाजार में महिला सम्मेलन में गए। ईदगाह मैदान में जनसभा की।
  • 13 से 17 मई 1931 : गांधी-इरविन समझौते से उत्पन्न समस्याओं पर वायसरॉय लॉर्ड विलिंग्डन, गृह सचिव एच. डब्ल्यू एमर्सन आदि से चर्चा। रिज मैदान पर सार्वजनिक सभा।
  • 15 से 22 जुलाई 1931 : वायसरॉय लॉर्ड विलिंग्डन से लंदन में प्रस्तावित गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर चर्चा।
  • 25 से 27 अगस्त 1931 : वायसरॉय लॉर्ड विलिंग्डन से भेंट। दूसरा समझौते पर हस्ताक्षर।
  • 4 से 5 सितंबर 1939 : अंग्रेजी हुकूमत की ओर से दूसरे विश्वयुद्ध में हिंदुस्तान को शामिल करने पर वायसरॉय लिनलिथगो से बातचीत।
  •  26 से 27 सितंबर 1939 : वायसरॉय लिनलिथगो के निमंत्रण पर द्वितीय विश्वयुद्ध से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा।
  • 29 से 30 जून 1940 : वायसरॉय लिनलिथगो के निमंत्रण पर द्वितीय विश्वयुद्ध से उत्पन्न स्थिति पर फिर चर्चा।
  •  27 से 30 सितंबर 1940 :  वायसरॉय लिनलिथगो के निमंत्रण पर द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद भारत की आजादी पर मंत्रणा।
  •  24 जून से 16 जुलाई 1945 : वायसरॉय लॉर्ड वेवल की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक शिमला कॉन्फ्रेंस में वायसरॉय के आग्रह पर गांधी की बतौर सलाहकार शिरकत। महात्मा गांधी ने यहां 23 दिन के प्रवास के दौरान कांग्रेस जनो, वायसरॉय, स्थानीय नेताओं और आम जन से भेंट की।
  •  2 मई से 14 मई 1946 कैबिनेट मिशन के आमंत्रण पर शिमला आगमन
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सिरमौर: हाईवे पर अज्ञात वाहन ने तीन मजदूरों को मारी टक्कर, हालत गंभीर

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब-कालाअंब नेशनल हाईवे-7 पर एक अज्ञात वाहन ने तीन मजदूरों को टक्कर मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। हादसे को अंजाम देने के बाद चालक फरार है। घायलों को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया गया है। उधर, सूचना मिलते ही माजरा पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक हादसा टोकियों गांव के समीप पेश आया। बताया जा रहा है कि तीन मजदूर बेहड़ेवाला स्थित जूता कंपनी में ड्यूटी के लिए पैदल जा रहे थे कि अचानक अज्ञात वाहन ने तीनों को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में सलमान खान पुत्र अहमद अली निवासी सैनवाला मुबारकपुर, सुरेश देवी पत्नी महेंद्र सिंह निवासी टोकियों सैनवाला व पूनम यादव पुत्री रघु यादव निवासी लखीमपुर खीरी (यूपी) घायल हुए हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों की मदद से तीनों को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया।  सिविल अस्पताल की चिकित्सक डॉ. मोनीषा बताया कि घायलों को अस्पताल में उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया है। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी है। उधर, माजरा पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है।
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हिमाचल: प्रदेश में पहली फूल मंडी खोलने पर पेच, सरकार ने निर्वाचन आयोग से मांगी मंजूरी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में पहली फूल मंडी शुरू करने की मंजूरी निर्वाचन आयोग से मांगी है। फूल मंडी बनने से पुष्प उत्पादकों को घर के पास ही अच्छे दाम मिल सकेंगे। सरकार ने परवाणू में फूल मंडी का मामला लिखित में भारत निर्वाचन आयोग से उठाया है। इस बारे में आयोग से जवाब आने का इंतजार किया जा रहा है। 

हिमाचल मार्केटिंग बोर्ड ने परवाणू में पहली फूल मंडी विकसित की है। इस मंडी में शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और मंडी के फूल उत्पादक फूलों की आसानी से बिक्री कर सकेंगे। इस मंडी के काम करने से प्रदेश के फूल उत्पादकों को घरों के पास फूल मंडी की सुविधा मिलनी है और फूलों के अच्छे रेट भी मिलने की उम्मीद की जा रही है। 

अक्तूबर में चालू करनी थी फूल मंडी
हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड ने अक्तूबर में परवाणू में पहली फूल मंडी खोलने का फैसला लिया था, लेकिन इस बीच उपचुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता के चलते सरकार को फूल मंडी चालू करने के लिए निर्वाचन आयोग से लिखित में मामला उठाया है। 

हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर कहते हैं कि परवाणू फूल मंडी में किसान फूलों को बेच सकें, इसके लिए निर्वाचन आयोग को लिखित में मामला उठाया है। अभी आयोग से जवाब का इंतजार है।
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हिमाचल: अगले साल बढ़ेगा वार्षिक बजट, 60 हजार करोड़ रुपये का होगा

फूल मंडी(सांकेतिक)
हिमाचल प्रदेश में अगले सालाना वार्षिक बजट बढ़ जाएगा। इसी के साथ अगले वित्तीय वर्ष यानी 2022-23 का बजट परिव्यय भी 60 हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच सकता है। प्रदेश सरकार के योजना विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों से वित्तीय वर्ष 2021-22 के वास्तविक बजट और 2021-22 के संभावित बजट व्यय का विवरण मांग लिया है। विभागीय मांगों में पंजाब के छठे वेतन आयोग के तहत देय लाभों को भी शामिल किया जा रहा है। इसके लिए योजना विभाग को बाकायदा एक प्रारूप भी जारी किया है, जिसे भरकर दिया जाना है। प्रदेश सरकार के वित्त और योजना विभाग के अधिकारियों की इस बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त एवं योजना प्रबोध सक्सेना की अध्यक्षता में निरंतर बैठकें हो रही हैं।

इन बैठकों में जहां पंजाब के छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बारे में मंत्रणा हो रही है, वहीं अब अगले साल के शुरू में पेश किए जाने वाले बजट पर भी चर्चा हो रही है। इस संबंध में जो प्रारूप जारी किया गया है, उसमें राज्य योजना और केंद्रीय योजना इन दो अलग-अलग मदों में वांछित बजट को विभाजित किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के मंजूर आउटले या संभावित आउटले की जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा आगामी वित्तीय वर्ष के सामान्य विकास योजना, अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम, जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम और पिछड़ा क्षेत्र विकास कार्यक्रम जैसी अलग-अलग मदों में जानकारी चाही गई है। 21 अक्तूबर से इस संबंध में विभागों के साथ नियमित बैठकों के दौर भी शुरू हो जाएंगे। 
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उपचुनाव हिमाचल: चुनावी मुद्दों में जिन्न की तरह प्रकट होकर महंगाई अब गायब

हिमाचल प्रदेश में लोकसभा की एक और विधानसभा की तीन सीटों के उपचुनाव में महंगाई जिन्न की तरह प्रकट होकर अब गायब है। राजनीतिक दल एक-दूसरे के खिलाफ छींटाकशी कर रहे हैं। न विपक्ष इस मुद्दे को उठाए रखना सही मान रहा है और न सत्तारूढ़ दल जनता को माकूल जवाब देना चाह रहा है। गैस सिलिंडर, सीमेंट, सरिया, राशन, पेट्रोल-डीजल समेत दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं महंगी हो गई हैं। गैस सिलिंडर एक हजार रुपये पार हो गया है। ब्रेड से लेकर दालों, खाद्य तेल आदि के दाम हर महीने बढ़ रहे हैं। पिछले दिनों प्याज की कीमत 50 और टमाटर की 70 रुपये हो गई है। सीमेंट के रेट दस रुपये प्रति बैग बढ़े हैं। अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सरिया के रेट 400 रुपये प्रति क्विंटल हो चुके हैं। बजरी, रेत, ईंटों के दाम बढ़े हैं। डीजल भी महंगा हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मंडी में विपक्ष मुख्यमंत्री को रावण जैसी उपमाएं देने, कारगिल लड़ाई जैसे मुद्दों पर विवादित बयान देकर खुद ही महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान हटा रहा है। उसे मुद्दा समझ नहीं आ रहा है या समझना नहीं चाह रहा है। सत्तारूढ़ दल को और क्या चाहिए, उसका काम तो और भी आसान हो रहा है कि महंगाई मुद्दा ही नहीं बन पा रहा है। जनता सोशल मीडिया पर ही महंगाई को लेकर भड़ास निकाल रही है। तरह-तरह के कार्टून और वीडियो बना रही है। कांग्रेस नेता अगर महंगाई की बात करते भी हैं तो भाजपा नेता पलटकर जवाब देते हैं कि महंगाई तो कांग्रेस के वक्त में भी थी। कांग्रेस के  सवाल इसके बाद खत्म हो रहे हैं।

हमारे देश में पैदा नहीं होता पेट्रोल-डीजल : गणेश 
भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख गणेश दत्त ने कहा कि भाजपा महंगाई का कतई समर्थन नहीं करती है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय मानकों से तय होती हैं। पेट्रोल-डीजल हमारे देश में पैदा नहीं होता है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भी अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं। मोदी सरकार राशन पर सब्सिडी दे रही है। गरीबों को हिमाचल में भी सस्ता राशन मिल रहा है। महंगाई तो कांग्रेस के वक्त में भी रही है। उस वक्त की बातें कांग्रेस को याद नहीं आ रही है। 

सोची-समझी चाल के तहत भाजपा दबा रही महंगाई का मुद्दा : चौहान 
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि एक सोची-समझी चाल के तहत महंगाई के मुद्दे को सत्तारूढ़ दल उठने नहीं दे रहा है। कांग्रेस नेता जनसभाओं में इस मुद्दे को उठा रहे हैं, मगर बीच में ऐसे शिगूफे छोड़े जा रहे हैं, जो इस मुद्दे को दबा रहे हैं। भाजपा के लोग कहें कि मोदी जब मुख्यमंत्री थे तो महंगाई पर क्या कहते थे। भाजपा नेता का यह बयान अजीबोगरीब है कि पेट्रोल-डीजल हमारे देश में पैदा नहीं होता तो इसलिए रेट बढ़ गए हैं। क्रूड ऑयल के रेट कितने थे, इसका सबको पता है। मोदी सरकार ने इस पर एक्साइज ड्यूटी इकट्ठा करने पर जोर दिया। महंगाई को जनता पर छोड़ दिया। नियंत्रण कहीं भी नहीं है। 
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कृषि: हिमाचल के तीन दिन में केंद्रों में बिका महज 6477 क्विंटल धान

हिमाचल प्रदेश में बीते तीन दिनों में हिमाचल में 107 किसानों से महज 6477 क्विंटल धान की खरीद हुई है। 10 मंडियों में धान की खरीद हो रही है। सरकार की ओर से प्रतिदिन 25 स्लॉट बुक किए जा रहे हैं। ऐसे में 750 किसानों से धान की खरीद होनी चाहिए थी। हिमाचल प्रदेश में बीते दो दिन से बारिश हो रही है। धान खरीद मंडियों के रखरखाव की उचित व्यवस्था और कई जगह शेड न होने से किसानों का धान बारिश में भीग रहा है। ऑनलाइन पंजीकरण के बावजूद मंडियों में किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। नालागढ़ में तो एक माह बाद धान खरीद की तारीख मिल रही है। प्रदेश सरकार और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया किसानों से खरीद कर रहा है। कृषि विभाग के पोर्टल पर प्रदेश के 7 हजार से ज्यादा किसानों ने धान बेचने के लिए आवेदन किया है।

बारी बारी करके किसानों को धान लाने के लिए कहा जा रहा है। शनिवार से खाद्य आपूर्ति विभाग और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ऑनलाइन किसानों के खाते मेें पैसे भेजना शुरू कर देगा। कृषि विभाग ने खाद्य आपूर्ति विभाग को 54 हजार मीट्रिक टन धान की स्टोरेज क्षमता करने के लिए कहा है। खरीद इससे ज्यादा ही होगी। हिमाचल में पांवटा, कालाअंब, हरिपुर, नालागढ़, रियाली (फतेहपुर), अनाज मंडी फतेहपुर, त्योड़ा (इंदौरा), ऊना, टकराला और टाहलीवाल मंडियों में धान की खरीद की जा रही है। कोरोना के चलते मंडियों में भीड़ न हो, इसके चलते सरकार ने प्रतिदिन 25 स्लॉट बुक करने का फैसला लिया है।

जिला     धान की खरीद
सिरमौर - 212 क्विंटल
ऊना    - 871.50 क्विंटल
कांगड़ा - 2604 क्विंटल
सोलन  - 878 क्विटल
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उपचुनाव: दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र टशीगंग में दूसरी बार डाले जाएंगे लोकसभा सीट के लिए वोट

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र टशीगंग में  दूसरी बार मंडी लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव में वोट डाले जाएंगे। इससे पहले 19 मई 2019 को यहां लोकसभा के लिए वोटिंग हुई थी। यह मतदान केंद्र चीन की सीमा से मात्र 10 किलोमीटर दूर 15255 फीट (4650 मीटर) की ऊंचाई पर है। चुनाव आयोग ने इसे मॉडल पोलिंग बूथ घोषित किया है। यहां 65 मतदाता अपना वोट डालेंगे। भले ही इन दिनों यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही हो, लेकिन यहां भी चुनावी हलचल गर्म है। 30 अक्तूबर को एक लोस और तीन विस सीटों के लिए मतदान होगा। 

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने कहा कि यदि लोकसभा के उपचुनाव में मौसम खराब रहा तो टशीगंग में टीम को पहुंचाने में चॉपर की भी मदद भी ली जा सकती है। यहां शत-प्रतिशत मतदान करवाने का लक्ष्य रहेगा। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार टशीगंग में मतदान केंद्र स्थापित किया गया था। विधानसभा के बाद यहां पंचायत चुनाव के लिए मतदान हुआ। पहली बार इस बूथ पर संसदीय सीट के लिए मतदान होगा।

15 घरों की आबादी वाले टशीगंग गांव में भले ही 65 मतदाता हो, लेकिन मौसम खराब हुआ तो यहां मतदान करवाना प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए चुनौती से कम नहीं है। इससे पहले 4443 मीटर की ऊंचाई पर स्थित स्पीति का ही हिक्किम दुनिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र था। स्पीति की किब्बर पंचायत के अंतर्गत टशीगंग गांव के 42 मतदाता विस चुनाव में अपने मत का इस्तेमाल कर चुके हैं। 

बताया जा रहा है कि टशीगंग में इन दिनों सुबह-शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां दिन-प्रतिदिन तापमान गिरने लगा है। बर्फबारी होने पर पोलिंग बूथ में चुनाव करवाना तो दूर पोलिंग टीमों का बूथों तक पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है। इन दिनों लोकसभा उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता टशीगंग गांव तक पहुंचकर वोट की अपील कर रहे हैं। 
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समीक्षा बैठक: पुलिस को शराब, आबकारी विभाग को नकदी के लेनदेन पर निगरानी के निर्देश

हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासु की अध्यक्षता में उपचुनाव के लिए सोमवार को राज्य नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। इसमें पुलिस के अलावा आबकारी एवं कराधान तथा आयकर विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में विभाग की ओर से तैयार राज्य निर्वाचन सुरक्षा योजना पर चर्चा की गई। सीमावर्ती क्षेत्रों, जिलों अथवा राज्य की सीमाओं पर जांच व रोकथाम के व्यापक प्रबंध करने, अंतर जिला व अंतर राज्यीय नाकों और अन्य प्रवेश स्थलों पर 24 घंटे निगरानी तथा पड़ोसी राज्य अथवा जिलों से शराब, ड्रग्स, नकदी, अवैध शस्त्र इत्यादि की संभावित खपत पर नियंत्रण व निगरानी के लिए उन जिलों अथवा राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।

संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में हिस्ट्रीशीटर, घोषित भगोड़े तथा अन्य अपराधियों के विरुद्ध निवारक उपाय करने व लंबित गैर जमानती वारंट के निष्पादन के निर्देश दिए गए। शस्त्र जमा करवाने, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती के लिए कार्य योजना, उड़नदस्तों व अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा दैनिक आधार पर विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक आरटीओ चेकपोस्ट और सीमाओं पर सभी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखें।

कांगड़ा, सोलन, शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति तथा चंबा जिले के सभी शराब भंडारों व भट्टियों को चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी के अधीन रखने तथा पुलिस कर्मियों की समुचित व्यवस्था कर बिना वैध लाइसेंस के किसी भी तरह की शराब की आपूर्ति पर नजर रखने को कहा गया। आयकर विभाग को निर्देश दिए गए कि हवाई अड्डों, होटल, वित्तीय दलालों रोकड़ संदेशवाहकों और अन्य संदिग्ध एजेंसियों अथवा व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखें।

विभाग को संबंधित जिलों की प्रवर्तन एजेंसियों व जिला निगरानी सेल के साथ समन्वय बनाने तथा 10 लाख से अधिक संदिग्ध प्रकृति के जमा अथवा निकासी के मामलों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक एपी एंड टी जेपी सिंह, अतिरिक्त निदेशक अन्वेषण आयकर अंकुर आल्या, नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी हितेश शर्मा, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीलम दुल्टा तथा उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी एचएल धीमान भी उपस्थित थे।
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