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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020
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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020

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Digital Edition

कोरोना महामारी के बीच लॉकडाउन से हुआ देवभूमि हिमाचल की प्रकृति का शृंगार

कोरोना महामारी के बीच जहां मानव जाति पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं लॉकडाउन के दौरान देवभूमि हिमाचल की प्रकृति का शृंगार हो गया। लॉकडाउन के दौरान लोगों की चहल-पहल और गाड़ियों के शोर व उससे निकलने वाले प्रदूषण में कमी का असर वन्यजीवों से लेकर जलवायु तक पर पड़ा है। प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव विंग ने इस मियाद के दौरान विशेषज्ञों की मदद से तैयार रिपोर्ट में भी लॉकडाउन के वन्यजीवों और उनकी दिनचर्या पर असर को दर्ज किया है। रोहतांग दर्रा साफ हो गया। यहां का 10पीएम 60 से घटकर 35 पहुंच गया। प्रदेश की नदियां, झीलें सब साफ हो गईं।

पर्यावरण विभाग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों के एक समूह के अनुसार लॉकडाउन में शिमला से लेकर प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक में विभिन्न प्रकार की चिड़ियों की साइटिंग हुई है। इनमें कई ऐसी चिड़ियां हैं, जो सामान्य समय में आबादी वाले क्षेत्रों में नहीं दिखीं। चिड़ियों की पहचान करने वाले कई विशेषज्ञों ने अपने घरों से चालीस तरह की चिड़ियों की साइटिंग दर्ज की है। तेंदुए भी शहरी आबादी के आसपास दिखे। पीसीसीएफ वन्यजीव डॉ. सविता कहती हैं कि ऐसा इसलिए है क्योंकि शहर जंगलों से घिरे हैं, लेकिन शहरों में वाहनों और लोगों की आवाजाही से वे कभी-कभी ही उन इलाकों में जाते थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान शांति की वजह से वे अपना ही क्षेत्र समझकर इन इलाकों में आ रहे थे। लॉकडाउन में खाने की कमी के चलते बंदरों ने भी जंगलों का रुख किया है।
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शिमला शहर का शानदार नजारा शिमला शहर का शानदार नजारा

विश्व पर्यावरण दिवस: 30 साल बाद रोहतांग में 60 से घटकर 35 पहुंची 10 पीएम की मात्रा

मानव जीवन में हाहाकार मचा रही कोरोना महामारी के बीच विश्व भर में पर्यावरण ने अपने स्वास्थ्य को सुधार लिया। लोग घरों से नहीं निकले, वाहन नहीं चले, उद्योग बंद रहे, जिसका सीधा लाभ पर्यावरण को मिला। मई और जून में सैलानियों से गुलजार रहने वाले विश्वविख्यात पर्यटन स्थल रोहतांग दर्रे में सन्नाटा पसरा है। 30 साल बाद पहली बार 2020 में रोहतांग दर्रे का वातावरण स्वच्छ हुआ है और 10 पीएम 60 से घटकर करीब 35 तक पहुंच गया है। बात सिर्फ रोहतांग दर्रे की ही नहीं, बल्कि पूरे देश का पर्यावरण स्वच्छ हो गया है। इस समय यहां न तो बर्फ की परत काली पड़ रही है और न ही ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार बढ़ी है। 

अमूमन समर सीजन में रोहतांग में पहुंचने वाले हजारों वाहनों के धुएं से भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन हो रहा है। इसके चलते अब रोहतांग समेत आसपास के ग्लेशियरों का रंग भी काला पड़ने लगा। पर्यावरण विशेषज्ञ ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में ग्लेशियरों के सिकुड़ने और बदरंग होने के लिए रोहतांग में पहुंच रहे हजारों पर्यटक वाहनों को कारण मान रहे हैं। जीबी पंत राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा में तैनात वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेसी कुनियाल ने बताया कि 2014 को एनजीटी ने जब रोहतांग दर्रे पर वाहनों की सीमित संख्या करने के आदेश दिए तो रोहतांग के प्रदूषण में 15 से 20 फीसदी तक कमी आई थी।

इसका खुलासा 2014 से 2016-17 तक किए शोध में हुआ है। इसमें टीएसपी की मात्रा 100 से घटकर 80 और 10 पीएम माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की मात्रा 75 से 60 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक आंकी गई, जबकि कोरोना से चलते टीएसपी की मात्रा करीब 50 और 10 पीएम की मात्रा करीब 35 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पहुंची है। ग्लेशियरों के सिकुड़ने से चिंतित इसरो की मदद से रोहतांग के समीप कोठी में एक ऑब्जर्वेटरी स्थापित किया था। 2010 से 2018 तक हुए अध्ययन में बात सामने आई है कि रोहतांग के साथ धुंधी ग्लेशियर में एयरोसोल की मात्रा खतरनाक पाई गई थी। डॉ. जेसी कुनियाल ने बताया कि कोरोना से पर्यावरण को नई संजीवनी मिली है।
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Coronavirus: जुलाई में भी स्कूल बंद ही चाहते हैं कई अभिभावक

कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश के कई अभिभावक जुलाई में भी स्कूलों को बंद ही रखने के पक्ष में हैं। कुछ अभिभावकों ने बोर्ड कक्षाएं जुलाई से एहतियात बरतते हुए शुरू करने की वकालत की है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने वेबिनार से अभिभावकों, प्रिंसिपलों और उपनिदेशकों की राय जानी। ऑनलाइन स्टडी को लेकर भी सुझाव दिए गए। निदेशक ने बताया कि पहले चरण में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों और स्कूल प्रिंसिपलों के साथ चर्चा की गई। अगले चरण में निजी स्कूलों के साथ चर्चा की जाएगी। सभी सुझावों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। इन सुझावों को लेकर एक्जिट प्लान तैयार किया जाएगा। प्रदेश में अभी 15 जून तक स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने जुलाई में स्कूलों को खोलने की घोषणा की है। ऐसे में 15 जून के बाद दोबारा स्कूलों को बंद करना तय है।

मार्च से बंद चल रहे स्कूलों को खोलने के लिए सरकार ने कई विकल्प तैयार किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने वीरवार को सभी जिलों के साथ सुबह 11 बजे से दो बजे तक पंद्रह-पंद्रह मिनट तक वेबिनार से चर्चा की। ऑनलाइन स्टडी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें और अधिक सुधार लाने को सुझाव लिए गए। दूरदर्शन से पढ़ाई के बारे में पूछा गया। क्या बदलाव ऑनलाइन पढ़ाई में किए जा सकते हैं, इसको लेकर भी अभिभावकों से पूछा गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई अभिभावक जुलाई में भी स्कूल खोलने के हित में नहीं हैं। कुछ अभिभावकों ने बच्चों की कम संख्या वाले स्कूलों को खोलने की पैरवी की। कुछ ने बोर्ड कक्षाओं को जुलाई से शुरू करने की मांग की। सभी अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहुत अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत बताई। छोटे बच्चों के स्कूलों को फिलहाल न खोलने का अधिकांश अभिभावकों ने सुझाव दिया। अभिभावकों ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर डर और चिंता जताई।
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हिमाचल: रोहतांग में बर्फबारी, शिमला में बारिश, दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल में येलो अलर्ट के बीच गुरुवार को प्रदेश में मौसम के कई रंग दिखे। रोहतांग सहित मनाली की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी हुई। शिमला में झमाझम बारिश के बाद मौसम साफ हो गया। मैदानों में धूप खिलने से गर्मी दोबारा बढ़ गई। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में भारी बारिश-ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सरकार से सतर्क रहने की अपील की है। आठ जून तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।

13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा सहित मनाली की ऊंची चोटियों पर गुरुवार को हल्का हिमपात हुआ। घाटी के निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। रोहतांग पास, मकरवे, शिकरवे, सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक, लद्दाखी पीक, पतालसू पीक, देउ टिब्बा, हनुमान टिब्बा, मांगण कोट, शेतीधार, हामटा पास, चंद्रखणी पास, शेगड़ी शकेरी पीक, शलीण धार, शिरघन तुंग पर ताजा हिमपात हुआ।

 सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र की नैना टिक्कर, बाग-पशोग सिरमौरी मंदिर व सराहां पंचायतों के कई गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। टमाटर, शिमला मिर्च व खीरा आदि नकदी फसलें ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई हैं। राजगढ़ क्षेत्र में सैरजगास पंचायत के मटनाली, धनेच और शिलांजी पंचायत के चाखल, खरमांजी व धंदेल, ग्राम पंचायत दीदग व छोगटाली के ऊपरी क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि से टमाटर, शिमला मिर्च व फ्रांसबीन और आड़ू, प्लम, खुमानी व सेब की फसल तबाह हो गई।
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हिमाचल कैबिनेट: जल रक्षकों का मानदेय बढ़ा, भरे जाएंगे 36 पद, छठे वित्त आयोग के गठन को मंजूरी

रोहतांग से जाते भेड़पालक
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में हुई कैबिनेट बैठक में छठे राज्य वित्तायोग के गठन को मंजूरी दी गई। जल शक्ति विभाग में जल रक्षकों, पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटरों के मानदेय में 300 रुपये प्रति माह की वृद्धि का फैसला लिया गया है। जल रक्षकों को अब 3300 रुपये, पैरा फिटर, पैरा पंप ऑपरेटरों को 4300 रुपये प्रति माह का मानदेय मिलेगा। इसके अलावा राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 3/2 बिस्वा भूमि पाने वाले आवासहीन व्यक्तियों और परिवारों की मौजूदा प्रतिवर्ष आय की पात्रता 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दी है। 

छठा वित्तायोग पंचायतों और स्थानीय शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। आयोग राज्य के संचित कोष से पंचायतों और शहरी निकायों के कर निर्धारण, डयूटी, टोल और शुल्क ग्रांट इन एड देने के साथ-साथ अन्य सभी मामले जिनमें पंचायत और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, इसके बारे में राज्यपाल को सिफारिश करेगा।

मंत्रिमंडल ने वर्ष 2020-21 के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से ई-टेंडर आधारित अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत स्कूल बैग की खरीद, आपूर्ति और वितरण को मंजूरी दी। इससे 2,56,514 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। राज्य आपदा शमन कोष गठित करने तथा आपदा शमन व्यय पूरा करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा 2011 के नियमों के तहत वित्त प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी। 
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Coronavirus: हिमाचल में 22 नए पॉजिटिव मरीज, जानें कौन से जिले में कितने मामले

हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को कांगड़ा चार, मंडी तीन, कुल्लू एक, सिरमौर सात, शिमला एक और हमीरपुर में चार कोरोना पॉजिटिव केस आए। कांगड़ा में दिल्ली से 28 मई को अपने वाहन से कांगड़ा लौटे बैजनाथ क्षेत्र के 30 वर्षीय व्यक्ति और 17 वर्षीय युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, बैजनाथ क्षेत्र का तीसरा मरीज 29 मई को फ्लाइट के जरिये यूएसए से हवाई यात्रा कर धर्मशाला आया था। इन तीनों की रिपोर्ट गुरुवार को पॉजिटिव आई है। उधर, मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल में भी दो नए मामले आए हैं। तीसरा संक्रमित नेरचौक अस्पताल में भर्ती है। कोरोना पॉजिटिव निकले तीनों व्यक्ति होम क्वारंटीन थे।

धर्मपुर क्षेत्र का 25 वर्षीय युवक बुधवार को निगेटिव होकर घर लौटी युवती का चचेरा भाई है। दूसरे टेस्ट में इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि अन्य परिजनों की रिपोर्ट निगेटिव है। वहीं, 38 वर्षीय संधोल क्षेत्र का व्यक्ति इंदौर से ग्रीन जोन से लौटा था। वह अपने घर में क्वारंटीन था। यह जोगिंद्रनगर के उसी युवक के साथ आया था, जो मंगलवार को पॉजिटिव पाया गया था। जबकि तीसरा व्यक्ति गुम्मा का है। वह सैनिक बताया जा रहा है और छुट्टी लेकर आया था। प्रशासन संबंधित इलाकों को कंटेनमेंट और बफर जोन में तबदील कर रहा है।

 इसके अलावा कुल्लू में एक महिला कोरोना पॉजिटिव निकली है। जानकारी के अनुसार मंडी जिला की 29 वर्षीय महिला जो तीन मई को अपनी नौ साल की बेटी के साथ आईजीएमसी शिमला से बजौरा पहुंची थी। यहां उसकी जांच की गई लेकिन कोई लक्षण नहीं पाए गए। महिला को एहतियातन भुंतर में होम क्वारंटीन किया गया। अब लक्षण दिखने के बाद बुधवार को महिला फ्लू ओपीडी में आई थी जहां उसका कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद महिला व उसकी  बच्ची को आईसोलेशन में रखा जा रहा है। महिला के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है। कुल्लू में अब तक तीन केस आए हैं। दो सक्रिय हैं और एक ठीक हो गया है। 

वहीं सिरमौर जिले में सात नए मामले आए हैं। पॉजिटिव पाए गए मरीजों में से दो दिल्ली और चार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लौटे थे। इनमें से चार नाहन के रहने वाले हैं जबकि दो कोलावाला भूड क्षेत्र के हैं। वहीं, एक महिला का सैंपल नाहन मेडिकल कॉलेज में लिया गया था। महिला का कुछ दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था। रैंडम सैंपलिंग के तहत वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। महिला के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है। उधर चंबा जिले से भी देर शाम दो पॉजिटिव मरीज आए हैं। दिल्ली से लौटा डलहौजी निवासी तिब्बती मूल का 47 वर्षीय व्यक्ति और हरियाणा के सोनीपत से लौटा चुराह क्षेत्र का 18 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। दोनों को कोविड केयर सेंटर बलोह शिफ्ट किया जा रहा है। उधर रात नौ बजे शिमला से एक और हमीरपुर से चार पॉजिटिव मामले आए हैं। राजधानी शिमला से सटे शोघी में क्वारंटीन किया गया व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। कांगड़ा जिले के पालमपुर का संक्रमित 25 मई को दिल्ली से लौटा था। गुरुवार को इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसकी पुष्टि जिला निगरानी आफिसर डॉ. राकेश भारद्वाज ने की है। मरीज को मशोबरा कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट कर दिया है। जिले में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या नौ हो गई है। 

 
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हमने नहीं मांगा, करीबी से नाम जोड़े जाने पर दिया राजीव बिंदल ने इस्तीफा: जयराम

स्वास्थ्य विभाग में कथित घोटाले के आरोपों पर गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला। सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े हर मसले पर जवाब दिया। स्वास्थ्य विभाग में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार से इंकार करते हुए जयराम ने कहा कि प्रदेश का हर स्वास्थ्य व पुलिस कर्मी और हर कोरोना वॉरियर लोगों की सेवा में जुटा है। कुछ लोग सियासत के लिए उनकी मेहनत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. राजीव बिंदल से कभी भी उन्होंने इस्तीफा नहीं मांगा था। मीडिया और कुछ अन्य लोगों ने जब उनका नाम मामले में फंसे करीबी से जोड़ा तो उन्होंने नैतिकता के आधार पर निष्पक्ष जांच को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया है।

हालांकि, यह जरूर स्पष्ट किया है कि यह पार्टी हाईकमान के अधिकार क्षेत्र का मसला है। विपक्ष के इस्तीफा मांगने के सवाल पर मुख्यमंत्री बोले- हम लोगों की जान बचाने को काम कर रहे हैं। कुछ लोग सियासत करने से बाज नहीं आ रहे। कहा कि वह भ्रष्टाचार पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। सचिवालय में हुए सैनिटाइजर घोटाले की बात हो या फिर दो लोगों के बीच की कॉल रिकॉर्डिंग का मुद्दा, उन्होंने अपने अधीन आने वाले स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के खिलाफ भी कार्रवाई करने से गुरेज नहीं किया। मामले की जांच विजिलेंस कर रही है। गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा। 
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हिमाचल के सिरमौर में एक साथ सात नए कोरोना मरीज

हिमाचल के सिरमौर जिले में गुरुवार को सात नए कोरोना पॉजिटिव सामने आए हैं। इनमें से अधिकतर को कालाअंब में संस्थागत क्वारंटीन थे। पॉजिटिव पाए गए मरीजों में से दो दिल्ली और चार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लौटे थे। इनमें से चार नाहन के रहने वाले हैं जबकि दो कोलावाला भूड क्षेत्र के हैं। वहीं, एक महिला का सैंपल नाहन मेडिकल कॉलेज में लिया गया था। महिला का कुछ दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था। रैंडम सैंपलिंग के तहत वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। महिला के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है।

 चार लोग प्रदेश से बाहर इलाज करवाने गए हैं। पांच लोगों को मौत हो चुकी है। हिमाचल में कोरोना महामारी के बीच गुरुवार को 27 संक्रमित मरीजों के ठीक होने की राहत भरी खबर है। इससे पहले सुबह ही जिला कांगड़ा के नौ मरीजों ने कोरोना से जंग जीती। सभी बैजनाथ कोविड केयर सेंटर से ठीक होकर घर लौटे। इसके अलावा शिमला जिले में 6 लोग, ऊना के दो, बिलासपुर एक और हमीरपुर के नौ मरीज गुरुवार को ठीक हुए हैं।

 कांगड़ा के कोविड केयर सेंटर बैजनाथ में भर्ती छह कोरोना मरीजों की रिपोर्ट गुरुवार को निगेटिव आई है। सभी को अस्पताल से छुट्टी देकर अगले सात दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा। इनमें से तीन धर्मशाला, दो लंबागांव और एक भवारना क्षेत्र से है। इसके साथ ही जिले में 45 कोरोना मरीज स्वस्थ्य हो गए हैं।
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बच्चों के साथ तीन महीने से तंबू में रह रही महिला, पढ़ें पूरा मामला

हिमाचल के सोलन जिले के पंचायत दाड़लाघाट के छामला गांव की एक महिला अपने बच्चों के साथ करीब तीन महीने से घर के बाहर तंबू में रह रही है। लोन की किस्त नहीं चुकाने पर बैंक ने महिला के घर में ताला जड़ दिया है। दुकान की चाबियां भी घर के अंदर ही हैं। अब बिमला के सामने बैंक का कर्ज चुकाने और परिवार का पेट भरने की चुनौती खड़ी हो गई है।

महिला पड़ोसियों से राशन और जरूरत की वस्तुएं मांग कर परिवार का पेट पाल रही है। बीते दिनों तेज आंधी से टेंट भी उड़ गया। ऐसे में परिवार को घर की सीढ़ियों के नीचे शरण लेनी पड़ी है। विमला देवी का कहना है कि वह बैंक का पूरा कर्ज चुकाने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए बैंक से समय मांग रही हैं। बैंक प्रबंधन पर महिला और उसके बच्चों की गुहार का असर नहीं पड़ रहा है।

बैंक शाखा प्रबंधक विकास ने बताया कि विमला देवी के सभी खाते एनपीए है। लोन चुकाने को समय दिया था। नियमानुसार तालाबंदी की कार्रवाई की गई है। बकाया राशि का भुगतान करने पर ही घर और प्रॉपर्टी को रिलीज किया जा सकता है। महिला का कहना है कि बैंक धन्ना सेठों का करोड़ों का कर्ज माफ कर देते हैं, लेकिन उन जैसे छोटे कारोबारियों और गरीबों को लोन चुकाने के लिए थोड़ी सी मोहलत भी देने को तैयार नहीं। 
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