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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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7 दिसंबर 2019

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शिमला

रविवार, 8 दिसंबर 2019

शिमला में 10 साल पहले आ गई थी पहली इलेक्ट्रिक कार, पढ़ें पूरा मामला

शिमला में पहली इलेक्ट्रिक कार दस साल पहले आ गई थी। तिब्बती युवा तेंजिग संगरप ने यह कार सबसे पहले लाई थी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। सीएम जयराम ठाकुर इन दिनों सचिवालय जाने के लिए इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल कर रहे हैं। तेंजिंग संगरप ने ईंधन रहित इलेक्ट्रिक कार में सफर कर जागरूकता का संदेश देने के लिए उन्हें बधाई दी।  

49 साल के तेंजिग संगरप की माल रोड शिमला पर लिफ्ट की बाईं ओर यूएस क्लब से नीचे हिमाचली हैंडलूम और तिब्बती वस्तुओें की दुकान है। तेंजिग कहते हैं कि वर्ष 2009 में उन्होंने यह कार चंडीगढ़ से साढे़ तीन लाख रुपये में खरीदी थी। इस कार को बनाने वाली कंपनी को अब देश की एक बड़ी कार कंपनी ने खरीद लिया है। उन्होंने यह कार वर्ष 2009 से 2014 के बीच करीब पांच साल चलाई।

वह इसे प्रदेश उच्च न्यायालय के साथ की एक पार्किंग में खड़ा करते, यहीं चार्ज करते। वर्ष 2014 में यहां भूस्खलन होने के बाद कार ले जाना मुश्किल हो गया। फिर यहां इसे चार्ज करने की समस्या आडे़ आई। वर्ष 2014 में अपने एक रिश्तेदार के पास नई दिल्ली भेज दी। अब यह वहां चल रही है। तेंजिन संगरप ने बताया कि इस कार में वह अपनी तीनों बेटियों, पत्नी, पत्नी की सहेलियों को बच्चों सहित इस कार में बैठाकर स्कूल ले जाते थे। 

एक बार इस कार में आठ लोग बैठे थे तो लोग उनके बाहर निकलते समय हैरान हो गए कि इसमें इतने लोग आ कहां से गए। चढ़ाई में भी यह कार ठीक से चलती थी। बस बैटरी ज्यादा खाती थी, उतराई में चलने पर इस कार से बैटरी चार्ज होती थी। इसमें चार्ज करने के उपकरण लगे थे। लोग बड़े अचरज से इस छोटी सी कार को चलते हुए देखते थे। 
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हिमाचल विधानसभा सत्र: आक्रामक तेवरों से विपक्ष पर पलटवार करेगा सत्ता पक्ष

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाजपा रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक तेवरों में नजर आएगी। सत्तारूढ़ भाजपा विधायक दल में लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा उपचुनाव में जीत का उत्साह नजर आएगा। कांग्रेस जहां सरकार को कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, सड़कों की खस्ताहालत जैसे मुद्दों पर घेरेगी, वहीं भाजपा कांग्रेस की पिछली तमाम सरकारों के कामकाज पर हमेशा की तरह सवाल उठाती नजर आएगी और अपने दो साल के  कार्यकाल के अनेक कामकाज गिनाएगी।

शीत सत्र में अपने इस गरम रुख की रणनीति भाजपा रविवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में धर्मशाला में होने जा रही विधायक दल की बैठक में बनाएगी। जयराम सरकार के दो साल के कार्यकाल में यह दूसरा शीतकालीन सत्र होगा। हिमाचल की तेरहवीं विधानसभा का यह सातवां सत्र होगा। संख्या बल में भाजपा विधायक कांग्रेस विधायकों के दोगुने हैं। वर्तमान में प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 44, कांग्रेस के 21, एक माकपा विधायक और दो निर्दलीय विधायक हैं। पिछले सत्र में भाजपा विधायकों के इस दोगुने संख्या बल के कारण भी खूब गरमाहट रही।

कांग्रेस कई मुद्दों पर सरकार का घेराव करती रही तो भाजपा विधायक भी हमलावर रुख में रहे। इस बार कांग्रेस के वरिष्ठ आक्रामक नेता वीरभद्र सिंह के अस्वस्थ होने के कारण सत्र में नहीं शामिल हो पाने की भी सूचना है। ऐसे में कांग्रेस के हर वार पर भाजपा पलटवार की मुद्रा में दिखेगी। इस साल के शुरू में भाजपा ने प्रदेश में लोकसभा की चारों सीटों पर क्लीन स्वीप किया। इसी तरह ही हाल ही के विधानसभा उपचुनाव में पच्छाद और धर्मशाला में कांग्रेस को चित किया। भाजपा विधायकों में इस दोहरी जीत का उत्साह सदन में साफ  दिखेगा। 
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केंद्रीय सूचना मंत्रालय के इंस्टीट्यूट भी सीबीआई जांच की जद में

छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई की जांच की जद में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के चार इंस्टीट्यूट भी आए हैं। इन्हें साल 2013-14 से साल 2016-17 के बीच करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति मिली है। यह राशि इस मियाद के दौरान दो हजार विद्यार्थियों में बांटी गई। खास बात यह है कि कुछ इंस्टीट्यूट में किसी साल एक से दस बच्चे ही रहे, इसके बावजूद छात्रवृत्ति लाखों में दी गई, जबकि इसी दौरान कुछ अन्य शैक्षणिक संस्थानों में हजारों रुपये की राशि दी गई।

सीबीआई यह तस्दीक करना चाह रही है कि उक्त राशि इन सेंटरों के विद्यार्थियों तक पहुंची थी या फिर यहां भी खेल हो गया। दरअसल, मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने सबसे पहले उन संस्थानों को अपने रडार पर लेना शुरू किया, जिनको करोड़ों की छात्रवृत्ति वितरित हुई। इनमें हिमाचल के अलावा पंजाब और चंडीगढ़ के कई बड़े संस्थान जांच टीम के रडार पर आ गए। प्रदेश के कई सरकारी संस्थान ऐसे भी थे, जिन्हें करोड़ों की छात्रवृत्ति तो मिली, लेकिन जांच टीम ने इन्हें पहले चरण में बख्श दिया।

अब पहले चरण की जांच पूरी होने पर इन सरकारी संस्थानों के केंद्राें में वितरित हुई छात्रवृत्ति की भी स्कैनिंग की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कुछ संस्थान तो ऐसे हैं, जहां रिकार्ड में छात्र ही नहीं थे, लेकिन उन्हें लाखों के हिसाब से छात्रवृत्ति का भुगतान हो गया। जाहिर है इसमें दस्तावेजों में गड़बड़ी हो सकती है। ऐसे में इस वितरण प्रक्रिया को भी जांचा जा रहा है।
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नेरचौक में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण पर संकट के बादल

बल्हघाटी के नेरचौक में हिमाचल के प्रस्तावित पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अत्यधिक खर्चे और बड़े विमान को उतारने में तकनीकी बाधाएं देखते हुए सरकार अब द्रंग विधानसभा में बड़ा एयरपोर्ट बनाने पर विचार कर रही है। यह साइट घोघरधार और बासाधार के बीच में विकल्प के तौर पर चिह्नित की गई है। यह संकेत रविवार को सीएम ने मंडी में अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिए। उन्होंने कहा कि अगर बल्ह में ज्यादा दिक्कतें आईं तो फिर इसके स्थान को बदला जा सकता है। 

सीएम ने कहा कि घोघरधार और बासाधार के बीच चौड़ी हवाई पट्टी बनाने की संभावनाएं हैं और यहां लागत भी कम आएगी। हालांकि सरकार चाह रही है कि एयरपोर्ट फोरलेन की कनेेक्टिविटी के साथ बने। सीएम ने कहा कि बल्ह की प्रस्तावित साइट वाली भूमि ज्यादा उपजाऊ है। यहां भू-अधिग्रहण पर ही करीब ढाई हजार करोड़ रुपये खर्च हो जाएंगे। सारी बातें ध्यान में रखकर ही केंद्र से मदद मांगी जा रही है। सीएम ने कहा कि कैबिनेट ने 2100 मीटर वाले स्थान की मंजूरी दे दी है और 3100 मीटर की संभावनाएं रखी हैं।
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मंत्री का जिम्मा मिला तो उसे भी बखूबी निभाऊंगा : बिंदल

धर्मशाला में शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि वैसे तो वह मंत्री पद से ऊपर बैठे हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी मिलती है तो उसे भी वह बखूबी निभाएंगे। सत्र के लिए धर्मशाला जाते हुए वह छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी रुके। यह बात उन्होंने मंदिर में मां की पूजा-अर्चना के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर पूछे सवाल के जवाब में कही। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है।

बिंदल ने कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा सत्र महत्वपूर्ण होता है। प्रतिपक्ष को अपनी आवाज बुलंद करने का सुनहरा अवसर मिलता है। प्रदेश के गंभीर मुद्दों को शीतकालीन सत्र में उठाने का अवसर है। बिंदल ने कहा, विपक्ष ने नियम 62, 130 और 101 के तहत नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की ई-विधानसभा बेहतरीन है और पूरे भारत ने इसे स्वीकार किया है। लोकसभा में इसकी प्रस्तुति हुई है। अमेरिकी संसद ने भी ई-विधानसभा की सराहना की है।
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46 ग्राम चिट्टे के साथ तीन गिफ्तार, एक पर है हत्या का केस

पतलीकूहल थाना के तहत आने वाले डोहलूनाला में पुलिस ने एक कार से 46 ग्राम चिट्टा पकड़ा है। पुलिस ने चिट्टे की इस खेप के साथ पंजाब में हत्या के मामले में शामिल आरोपी, नग्गर एरिया में मुख्य चिट्टा सप्लायर सहित तीन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। कार को भी जब्त किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को पुलिस ने डोहलूनाला में टोल प्लाजा के पास नाका लगाया था। इस दौरान पुलिस ने एचपी 05-1637 हुंडई ब्लैक ईऑन कार को तलाशी के लिए रोका। रजत वर्मा पुत्र राजेश कुमार निवासी गांव दवाड़ा, पतलीकूहल, चरनजीत सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी फेज एक गरा रोड, पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 7, जालंधर, पंजाब और अर्चित सूद पुत्र सतीश कुमार सूद निवासी गांव शिम, पतलीकूहल से 46 ग्राम चिट्टे की खेप बरामद की है।

पुलिस पूछताछ करने पर यह पाया गया कि इसमें अभियुक्त रजत पतलीकूहल और नग्गर क्षेत्र में चिट्टे का एक प्रमुख सप्लायर है। इस क्षेत्र में आरोपी चिट्टा सप्लाई कर रहा था। पुलिस आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। अन्य आरोपी चरणजीत जालंधर में एक हत्या के मामले में शामिल था।

मामले की पुष्टि पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने डोहलूनाला टोल प्लाजा के पास एक कार से 46 ग्राम चिट्टा पकड़ा है। तीन आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। कहा कि नशे की सप्लाई में इस्तेमाल कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। आरोपियों से कड़ी पूछताछ चल रही है।
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खाली पड़े पद न भरने पर बेरोजगार कला अध्यापकों का सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा

सरकार के ढुलमुल रैवये से गुस्साए बेरोजगार कला अध्यापकों ने बिलासपुर में आक्रोश रैली निकाली और प्रदर्शन किया। प्रदेश के सैकड़ों बेरोजगार कला अध्यापक मांगों के समर्थन में बिलासपुर पहुंचे थे। बेरोजगार कला अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने विभिन्न श्रेणी के अध्यापकों के 3636 पद भरने को मंत्रिमंडल बैठक में मंजूरी दी है, लेकिन हैरानी की बात है कि राज्य के मिडल तथा हाई स्कूलों में कला अध्यापकों के 1400 से अधिक पद खाली हैं।

बावजूद इसके कला अध्यापकों के पदों को भरने के बारे में मंत्रिमंडल ने कोई फैसला नहीं लिया। इससे पता चलता है कि सरकार जानबूझ कर लंबे अरसे से खाली पड़े कला अध्यापकों के पदों को भरने पर कोई फैसला नहीं ले रही है। बेरोजगार कला अध्यापकों ने कहा कि सरकार से बार-बार आग्रह के बावजूद मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है।

बिलासपुर में बेरोजगार कला अध्यापक संघ की अगुवाई में प्रदेश के सैकड़ों कला अध्यापकों ने लुहणू मैदान से बिलासपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर तक सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली। चेतावनी दी गई कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अगर कला अध्यापकों के पद भरने का फैसला नहीं लिया गया तो कला अध्यापक उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस दौरान बेरोजगार कला अध्यापक संघ के उपाध्यक्ष नरेश कुमार, महासचिव प्रेमदीप, रजनीश चंदेल, बलवंत सिंह, संजू कुमारी और सोमा देवी मौजूद रहे।
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अदरक को डायथेन, बेविस्टीन के घोल से उपचार कर रोग से बचाएं

प्रदेश भर में दिसंबर से जनवरी तक अदरक निकालने का कार्य किया जाता है। अदरक को रोग रहित रखने के लिए नौणी विवि के विशेषज्ञों ने यह कार्य समय पर करने की सलाह दी है। अदरक को जमीन से निकालने के बाद रोग रहित गट्ठियों को डायथेन एम-45 250 ग्राम और बेविस्टीन 100 ग्राम को 100 लीटर पानी के घोल में 60 मिनट तक डुबोकर उपचार करना होगा।

इसके बाद इसे छांव में सुखाकर ही भंडारण करें। फूलों की खेती करने वाले किसान भी कांट-छांट का कार्य शुरू कर दें। कारनेशन को खेतों में लगाने का कार्य करें। गुलाब में कांट-छांट का कार्य करें। गुलदाउदी के खेतों में गला-सड़ा हुआ गोबर मिलाएं। लिलियम की रोपाई हरितगृह में करें। 

कैंकर से ग्रस्त टहनियों को काट दें बागवान
बागवान सेब, नाशपाती, गुठलीदार फल आदि के तौलिये बनाने का कार्य जारी रखें। गली-सड़ी गोबर की खाद और उर्वरक का उपयोग पौधों की आयु अनुसार करें। पौधों की सुसुप्तावस्था में जाने के बाद काट-छांट तथा सिधाई का कार्य आरंभ करें।

सभी कैंकर ग्रस्त टहनियों तथा तनों को अच्छी तरह काट दें या किसी धारदार चाकू से स्वस्थ भाग तक साफ करें। कटे, छीले भाग पर चैबटिया पेस्ट, या बोर्डो पेंट या फिर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का पेंट कर सकते हैं। नए पौधे लगाने को बनाए गड्ढे भरने का कार्य पूरा कर लें, ताकि पौधों को लगाने के लिये मिट्टी को बैठने के लिए 3-4 सप्ताह का समय मिल जाए।

यह करें पशु संबंधित कार्य
सर्दी के मौसम में पशुओं के थनों को दोहन से पूर्व गुनगुने पानी से धोकर साफ कपड़े से सुखाएं। थनैला रोग से बचाव को दोहन के बाद पशु के थनों को आयडोफोर घोल में डुबोएं। इसके अलावा पशुओं के लिए प्रयोग होने वाले बिछावन सामग्री को प्रतिदिन बदलें। दिन के समय में गौशाला का दरवाजा और खिड़कियां उचित वेंटिलेशन सहित फर्श के सुखाने के लिए खुला रखें।

आपके सवालों के जवाब
सवाल : अदरक की निकाली गई फसल को बीमारियों से बचाने के लिए क्या करना चाहिए, इसके बीच को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है? - पूर्ण चंद निवासी वाकनाघाट
जवाब : तैयार अदरक की फसल को निकालने का कार्य शुरू कर लें। इसे रोगों से बचाने के लिए निकाली गई फसल को डायथेन एम-45 250 ग्राम और बेविस्टीन 100 ग्राम को 100 लीटर पानी के घोल में 60 मिनट तक डुबोकर उपचार करें। इसके बाद इसे छांव में सुखाकर इसका भंडार कर सकते हैं।

सवाल : गाय को थनैला रोग क्यों लगता है और इसके बचाव को लिए क्या करना चाहिए ? - हरिदत्त निवासी देवली की सैर
जवाब : थनैला रोग अधिक नमी और गौशाला का फर्श गीला रहने के कारण अधिकतर लगता है। इसके लिए गाय से दूध निकालने से पहले और बाद में गुनगुने पानी से धोकर साफ कपड़े से सुखाएं। बाद में थनों को आयडोफोर घोल में डुबोएं।
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छोटी काशी में जुटेंगे देश भर के फुटबाल खिलाड़ी

राष्ट्रीय हीरो डॉ. बीसी रॉय को समर्पित राष्ट्रीय फुटबाल प्रतियोगिता 10 दिसंबर को छोटी काशी मंडी के पड्डल मैदान में होगी। इसमें 18 राज्यों की टीमें भाग लेंगी। प्रदेश फुटबाल संघ के मीडिया प्रभारी सत्यदेव शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता के मुकाबले पड्डल मैदान मंडी तथा एमएलएसएम कॉलेज सुंदरनगर के खेल मैदान में होंगे। अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) ने प्रतियोगिता के आयोजन का जिम्मा प्रदेश तथा जिला फुटबाल संघ को सौंपा है।

संघ के प्रदेश महासचिव दीपक शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता के सफल आयोजन को विभिन्न कमेटियां बनाई गई हैं। एमएलएसएम कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. सीपी कौशल समन्वयक बनाए हैं। मंडी से नरेंद्र सैणी तथा सुंदरनगर से अनिल गुलेरिया सचिव बनाए गए हैं।

10 दिसंबर को सुंदरनगर कॉलेज में होने वाले मुकाबले में संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर मुख्यातिथि होंगे। एआईएफएफ ने गुजरात के मूलराज सिंह घनश्याम सिंह (एक ही नाम) तथा राजीव चौधरी को मैच कमिश्नर नियुक्त किया है। विभिन्न राज्यों से मैच रेफरी नियुक्त किए गए हैं। पड्डल मैदान में ग्रुप-सी और बी के मुकाबले करवाए जाएंगे। सुंदरनगर एमएलएसएम कॉलेज में ग्रुप-ए तथा बी के मुकाबले होंगे। 

प्रतियोगिता के तहत दिन में चार मैच होंगे। पहला मुकाबला 10 दिसंबर को ग्रुप-ए की मेजबान हिमाचल और सिक्कम के मध्य खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला गुजरात बनाम तमिलनाडु। ग्रुप-सी में राजस्थान बनाम उत्तराखंड तथा दमन-दयू बनाम आंध्र प्रदेश के मध्य मुकाबला होगा। 

 चार भागों में बांटी गई हैं टीमें
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश की 18 टीमों को चार भागों में बांटा गया है। ग्रुप-ए में सिक्किम, गुजरात, तमिलनाडु, त्रिपुरा तथा मेजबान हिमाचल शामिल हैं। ग्रुप-बी में बिहार, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, चंडीगढ़ तथा नागालैंड, ग्रुप-सी में राजस्थान, दमन-दयू, आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड तथा असम, ग्रुप-डी में तेलंगाना, मध्य प्रदेश, दादर एवं नगर हवेली तथा अरुणाचल प्रदेश की टीमें हैं।
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नियामक आयोग अध्यक्ष पर सरकार ने कसी नकेल, लिया ये फैसला

हिमाचल सरकार ने निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग (एचपीपीईआरसी) के अध्यक्ष पर नकेल कस दी है। सरकार ने साफ कहा कि अध्यक्ष व्यक्तिगत तौर पर कोई फैसला नहीं ले सकते, आयोग ही कोई भी फैसला लेने के लिए सक्षम है। आयोग की सचिव पूनम के पत्र का हवाला देते हुए प्रधान सचिव उच्च शिक्षा केके पंत ने शनिवार को यह लिखित आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा है कि पूर्व में अध्यक्ष के जारी व्यक्तिगत आदेशों को आयोग का कोई अधिकारी लागू नहीं करेगा। 

आयोग अध्यक्ष किसी की शक्तियां छीन नहीं सकते हैं। इस पत्र में कहा कि आयोग में जिसे जो शक्तियां दी हैं, उन्हीं के तहत आयोग का कामकाज होगा। आयोग का फंड सचिव और वित्त अधिकारी ही खर्च सकेंगे। आयोग की बैठक में कोई भी फैसला लिया जा सकेगा। इस बैठक में अन्य सदस्यों का मौजूद रहना अनिवार्य है। इस पत्र में कहा गया है कि आयोग के सदस्य डॉ. एसपी कत्याल ने भी मुख्य सचिव गत चार नवंबर, 2019 को पत्र भेजा है। इसमें आरोप है कि अध्यक्ष ने आयोग की सारी शक्तियां छीन ली हैं। इस बारे में अध्यक्ष ने अवैध ऑर्डर कि ए हैं और आयोग के किसी भी अधिकारी को विश्वास में नहीं लिया।

अध्यक्ष कटोच पर लगाए आरोपों की प्रधान सचिव विधि कर रहे जांच  
नियामक आयोग के अध्यक्ष केके कटोच पर सचिव और वित्त अधिकारी की वित्तीय शक्तियां छीनने, सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करने, मनमाने तरीके से आयोग में काम करने, बगैर आयोग की बैठक के ही फैसले लेने, सदस्य के साथ तालमेल नहीं होने जैसे कई आरोप हैं। इन्हीं मामलों में सरकार ने जांच भी बैठाई है। यह जांच प्रधान सचिव विधि को दी गई है। 
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अध्यापक बनने को हजारों युवाओं ने दिया सीटेट

अध्यापक बनने का सपना संजोए प्रदेश के हजारों युवाओं ने रविवार को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) दी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से आयोजित परीक्षा में शिमला में करीब एक दर्जन परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। शिमला में एडवर्ड स्कूल, चैल्सी, छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार, केवी जाखू के अलावा अन्य परीक्षा केंद्रों में 2000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने सीटेट दिया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिमला आए हजारों युवाओं ने इसमें भाग लिया। सुबह जल्दी ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी पहुंचने शुरू हो गए थे। 

परीक्षा दो सत्रों में हुई। पहले सत्र में कक्षा 1 से 5 तक को पढ़ाने वाले अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे और दूसरे सत्र में कक्षा 6 से 8 को पढ़ाने वाले अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा देने के बाद बाहर आने वाले विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखे। इस दौरान बच्चों के अभिभावक परीक्षा केंद्रों के बाहर उनका इंतजार करते रहे। शिमला के एडवर्ड स्कूल में करीब 200 छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षा देकर निकले युवा अनिकेत, अक्षय, सुदेश और पारस ठाकुर ने बताया कि पूरी मेहनत से परीक्षा की तैयारी की है। उन्हें उम्मीद है कि उनका चयन हो जाएगा।
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ट्यूशन देने वाले सरकारी शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब, होगी विभागीय जांच

विद्यार्थियों को ट्यूशन देने वाले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर विभागीय जांच की तलवार लटक गई है। इसमें कई सरकारी स्कूलों के ट्यूशन देने वाले शिक्षक शिक्षा विभाग की विभागीय जांच के लपेटे में आ सकते हैं, क्योंकि शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों से स्कूल समय के बाद ट्यूशन देने वाले शिक्षकों की सूची देने के लिए निर्देश जारी किए हैं।

इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को सख्त निर्देशों में ट्यूशन देने वाले शिक्षकों की शीघ्र सूची बनाकर देने के लिए कहा है। इसके बाद विभाग ट्यूशन लेने वाले विद्यार्थियों से उक्त शिक्षकों के बारे में पूछताछ की जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि जिले में बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं के मद्देनजर यह आदेश दिए गए हैं।

इसके साथ शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी किए हैं कि अगर कोई भी शिक्षक कमजोर विद्यार्थियों को निशुल्क ट्यूशन देना चाहता है तो उसे पहले स्कूल प्रधानाचार्य और उसके बाद विद्यार्थियों के अभिभावकों से लिखित में स्वीकृति लेनी होगी। इसके बाद वह विद्यार्थियों को ट्यूशन दें पाएंगे। इसके साथ शिक्षकों को सिर्फ विद्यार्थियों के विद्यालय में ही ट्यूशन देने के निर्देश दिए गए हैं। 

शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई : राणा
उच्च शिक्षा उपनिदेशक पीसी राणा ने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों को ट्यूशन देने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट देने के बारे में निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद अगर किसी शिक्षक के खिलाफ कोई शिकायत, सूचना या किसी प्रकार का शक पैदा होता है तो विभाग प्राथमिक के आधार पर जांच भी करेगा। 
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राजभवन के जवाब तलब करने से विवि प्रशासन में मचा हड़कंप

दीक्षांत समारोह में भाजपा संगठन महामंत्री को सम्मानित करने के मामले में राजभवन की ओर से जवाबतलब करने पर विवि प्रशासन में हड़कंप है। सूत्रों के अनुसार शनिवार को राजभवन से वीसी से जवाब मांगने का नोटिस मिल गया है।

अब विवि प्रशासन नोटिस का जवाब तैयार करने की तैयारी कर रहा है। सोमवार तक जवाब देने के लिए तय समयसीमा समाप्त होगी। 24 दिसंबर को विवि कोर्ट की बैठक बुलाई जानी तय है। इसकी अध्यक्षता विवि के कुलाधिपति राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ही करेंगे। 

29 नवंबर को दीक्षांत समारोह में पार्टी विशेष के लिए दिखाया गया प्रेम विवि के कुलपति और प्रशासन के लिए भारी पड़ गया है। कार्यक्रम के लिए तैयार मिनट टू मिनट स्क्रॉल में संगठन महामंत्री को सम्मानित करने का कार्यक्रम शामिल नहीं था। बिना कुलाधिपति की मंजूरी के स्क्रॉल से छेड़छाड़ करने का विवि क्या जवाब देता है, इस पर सबकी नजरें हैं।
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