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हिमाचल के चंदन देव सिंह कटोच बने राजकोट एम्स के निदेशक

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल पालमपुर के खैरा इलाके के कोठी गांव निवासी डॉ. चंदन देव सिंह कटोच राजकोट (गुजरात) एम्म के निदेशक बने हैं।

25 फरवरी 2021

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Digital Edition

हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र आज से, महंगाई-भ्रष्टाचार पर हंगामे के आसार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है। इसमें कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। कोविड काल में अव्यवस्था के मुद्दे पर भी हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस नेताओं पर विजिलेंस जांच जैसे मामलों पर भी सदन गरमाएगा। सत्र के लिए 900 से ज्यादा सवाल आए हैं।

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट, नगर निगम के चुनाव पार्टी चिह्न पर करवाने समेत कई विधेयक पटल पर रखे जाएंगे। 6 मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर विधानसभा में बजट पेश करेंगे। यह उनके कार्यकाल का चौथा बजट होगा। वीरवार को विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सत्र के दौरान सहयोग की अपील की। शुक्रवार को बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का अभिभाषण होगा। 26 फरवरी से शुरू होने वाला सत्र 20 मार्च तक चलेगा। सत्र में 17 बैठकें होंगी।

इसमें भाजपा भी विपक्ष के सवालों पर हमलावर रुख अपनाएगी। कोविड काल में शुरू होने वाला यह बजट सत्र विशेष रहने वाला है। कोरोना के चलते  विधानसभा परिसर में आने-जाने वालों की संख्या सीमित रहेगी। मंत्रियों, विधायकों को अपने साथ केवल एक-एक पीएसओ या सहायक लाने को कहा गया है। दर्शक दीर्घा के पास भी इस बार नहीं बनेंगे। कांग्रेस विधायक दल ने वीरवार शाम को सत्तारूढ़ दल भाजपा को घेरने की रणनीति बनाई है। भाजपा विधायक दल की बैठक शुक्रवार सुबह संभावित है। 
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (फाइल फोटो) मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (फाइल फोटो)

25 रुपये महंगा हुआ रसोई गैस सिलिंडर, फरवरी में गैस कंपनियों ने तीसरी बार बढ़ाए दाम

रसोई गैस सिलिंडर 25 रुपये महंगा हो गया है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को 891 रुपये चुकाने पड़ेंगे। फरवरी में गैस कंपनियों ने घरेलू गैस सिलिंडर के दाम तीसरी बार बढ़ा दिए हैं। इस माह कुल 100 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू सिलिंडर महंगे होने के बाद बावजूद सब्सिडी की राशि 31 रुपये से ज्यादा नहीं बढ़ी है। उधर, व्यवसायिक सिलिंडर के दाम पांच रुपये घटे हैं। अब 1660 रुपये में व्यवसायिक सिलिंडर मिलेगा।

एक फरवरी को रसोई गैस सिलिंडर का दाम 791 रुपये तय हुआ था। जनवरी के दाम में इस दौरान बदलाव नहीं किया गया था। गैस कंपनियों ने चार फरवरी को दाम 25 रुपये बढ़ाए। 15 फरवरी को घरेलू सिलिंडर के दाम में 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। हिमाचल प्रदेश में 11 दिनों के भीतर रसोई गैस सिलिंडर 75 रुपये महंगा हुआ था। अब वीरवार को घरेलू सिलिंडर के दाम 25 रुपये और बढ़ा दिए गए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को इस माह सिलिंडर लेने के लिए होम डिलिवरी सहित कुल 891 रुपये चुकाने पड़ेंगे।

घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी के तौर पर 31 रुपये लौटाए जाएंगे। बीते कई माह से रसोई गैस सिलिंडरों के दाम बढ़ने के बावजूद सब्सिडी की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। घरेलू सिलिंडर के दाम 100 रुपये बढ़ने के बावजूद अभी भी सब्सिडी 31 रुपये ही है। गैस कंपनियों के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर से ही सब्सिडी तय होती है। इस संदर्भ में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। उधर, व्यावसायिक गैस सिलिंडर इस माह 14 रुपये सस्ता हुआ है। 15 फरवरी को दामों में 9 रुपये की कमी आई थी। अब पांच रुपये दाम कम हुए हैं।
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कम बर्फबारी से सैकड़ों ग्लेशियरों को नहीं मिला सुरक्षा कवच, विशेषज्ञों की चिंता बढ़ी

समुद्रतल से 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में पहली बार बर्फबारी में रिकॉर्ड कमी आंकी गई है। 25 से 30 फीट बर्फ की मोटी चादर से लकदक रहने वाले रोहतांग में इस बार मात्र 8 से 10 फीट बर्फ है। मनाली-लेह मार्ग पर बारालाचा, शिंकुला दर्रा में भी अपेक्षा से बहुत कम हिमपात हुआ है। मौसम के बदले चक्र से पर्यावरण और ग्लेशियर विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। 

हिमालय रेंज में करीब 9500 छोटे-बड़े ग्लेशियर हैं। पिछले दो दशकों से ये ग्लेशियर लगातार पिघलकर सिकुड़ रहे हैं। इस सीजन में बर्फ के फाहे कम गिरने से ग्लेशियरों का दायरा नहीं बढ़ पाया है। इसका असर न केवल पर्यावरण संतुलन पर पड़ेगा बल्कि नदी-नालों के जलस्तर के साथ जल स्रोतों पर भी पड़ेगा। सर्दी में कम बर्फबारी के बाद अब ग्लेशियर वैज्ञानिकों की नजर गर्मी के मौसम पर टिकी है। 

केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में बतौर पर्यावरण विज्ञान और ग्लेशियर के जानकार असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुराग ने कहा कि हिमालय रेंज में कम बर्फबारी होने से ग्लेशियरों का दायरा नहीं बढ़ना घातक है। उन्होंने कहा कि अगर सर्दी में बर्फबारी कम हो रही है और गर्मी में ग्लेशियर तेजी से पिघलते हैं तो इसको रिकवर करने में चार से पांच साल का समय लगेगा। उधर, सीमा सड़क संगठन के कमांडर उमाशंकर ने कहा कि इस बार रोहतांग दर्रा में बर्फबारी कम हुई है। 

सोलंगनाला में बर्फबारी नहीं हुई है। 8 से 10 फीट बर्फ से लकदक रहने वाले कोठी और सिस्सू में इस बार मुश्किल से 25 सेेंटीमीटर बर्फ ही जमी है। रोहतांग दर्रा में भी 7 से 8 फीट बर्फ है। पहले रोहतांग में 25 से 30 फीट बर्फ रिकॉर्ड की जाती थी। - कर्नल नीरज राणा, पर्वतारोहण संस्थान मनाली के उपनिदेेशक 

कहां कितने ग्लेशियर 
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के ताजा सर्वे के मुताबिक हिमालय रेंज में कुल 9500 छोटे-बड़े ग्लेशियर हैं। चिनाब बेसिन में 989, रावी बेसिन में 94, सतलुज बेसिन में 258 और ब्यास बेसिन में 144 ग्लेशियर हैं। 
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हिमाचल के सरकारी स्कूल में मिला प्राचीन महाभारत दर्पण ग्रंथ

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खड्ड में प्राचीन महाभारत दर्पण ग्रंथ मिला है। स्कूल के स्टोर के एक ट्रंक को जब स्कूल प्रशासन ने खोला तो उसमें यह ग्रंथ मिला। इसके काफी पन्नों को चूहों ने कुतर दिया है। काफी बड़े इस ग्रंथ को देखकर स्कूल का स्टाफ भी हैरान है। स्कूल में मिले इस ग्रंथ को सहेज कर रखा गया है और इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई है। अवलोकन के बाद ही यह पता चल पाएगा कि आखिर यह ग्रंथ कब लिखा गया है और इसकी मूल भाषा कौन सी है। खड्ड स्कूल में जब प्रिंसिपल ने इस ग्रंथ को देखा तो इसके महत्व का पता चला। यह काफी पुराना है और इसमें अंकित की गई भाषा न तो हिंदी है और न ही यह संस्कृत।

अब इस बात का पता लगाया जाएगा कि आखिर यह भाषा कौन सी है और किस क्षेत्र की है। ग्रंथ के कवर पेज पर महाभारत दर्पण प्रथम भाग लिखा गया है। इसमें आदि सभा वन पर्व का उल्लेख किया गया है। इस ग्रंथ में महाराजाधिराज श्री उदित नारायण काशीराज द्वारा स्वरचित का उल्लेख भी किया गया है। इसके आगे का पूरा विवरण किस भाषा में है, इसकी जानकारी तभी मिलेगी, जब इसका पूरा अवलोकन किया जाएगा। वर्ष 1928 में जिला ऊना के हरोली क्षेत्र के तहत गांव खड्ड में स्कूल की स्थापना की गई थी। स्कूल के प्रधानाचार्य हरीश साहनी ने बताया कि स्कूल के वर्षों से बंद पड़े स्टोर से जब खराब पड़े सामान को निकाला गया तो उसमें एक ट्रंक से यह ग्रंथ मिला है। हालांकि इसके कुछ पन्ने चूहों ने कुतर दिए हैं लेकिन 75 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बचा हुआ है। अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है कि इसमें अंकित भाषा कौन सी है। 
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तस्वीरें: हिमाचल के ननखड़ी में भीषण अग्निकांड, पांच घर जलकर राख

प्राचीन महाभारत दर्पण ग्रंथ
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के तहत ननखड़ी विकास खंड की अड्डू पंचायत में गुरुवार शाम भीषण अग्निकांड में पांच मकान जलकर राख हो गए हैं। अग्निकांड से लाखों का नुकसान बताया जा रहा है। वहीं पांच परिवार बेघर हो गए हैं। देर शाम तक प्रशासन, पुलिस, ग्रामीण और होमगार्ड के जवान आग पर काबू पाने में जुटे रहे। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम अड्डू गांव के अचानक एक मकान में आग लग गई। आसपास लकड़ी के मकान होने पर देखते ही देखते आग अन्य मकानों में भी फैल गई। इससे गांव में अफरातफरी मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास किए और मामले की सूचना पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग को दी। इसके बाद दमकल विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया। देर रात तक प्रशासन की टीमें गांव में राहत और बचाव कार्यों में जुटी रहीं। अग्निकांड में रविंद्र खूंद पुत्र रूप चंद, सुरेश कुमार पुत्र रूप सिंह, रुमाल सिंह पुत्र गोकल राम, टेक चंद पुत्र साध राम, रूप सिंह पुत्र सागर दास के मकान आग की भेंट चढ़ गए हैं।
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हिमाचल में 40 नए कोरोना मामले, 15 बौद्ध भिक्षु और एक छात्र भी पॉजिटिव, जानें सक्रिय केसों की संख्या

हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को कोरोना वायरस के 40 नए मामले आए हैं। कांगड़ा में 15 बौद्ध भिक्षुओं  और चंबा में केंद्रीय विद्यालय बनीखेत के छात्र के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कांगड़ा जिले में 18, बिलासपुर दो, चंबा एक, ऊना पांच, सोलन पांच, सिरमौर दो, हमीरपुर पांच,  शिमला और कुल्लू में एक-एक नया मामला आया है।

इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 58499 पहुंच गया है। कोरोना सक्रिय मामलों की संख्या 244 हो गई है। अब तक 57260 कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं और 982 की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 19, चंबा पांच, हमीरपुर 12, कांगड़ा 62, किन्नौर छह, कुल्लू 11, मंडी 19, शिमला 16, सिरमौर 23, सोलन 26 और ऊना जिले में 46 है।

वहीं, चंबा के स्वास्थ्य खंड समोट के तहत केंद्रीय विद्यालय बनीखेत में छात्र की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव आए छात्र को व्यवस्था के तहत आइसोलेट कर दिया है। स्कूल प्रबंधन ने दो दिनों तक स्कूल सील कर दिया है। 

उधर, जिला कांगड़ा में गुरुवार को 15 बौद्ध भिक्षुओं समेत 18 लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सीएमओ कांगड़ा डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि धर्मशाला के सिद्धबाड़ी स्थित मठ के 12 बौद्ध भिक्षु कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वहीं अन्य मठ के भी तीन बौद्ध भिक्षु कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।  बौद्ध भिक्षुओं को प्रोटोकॉल के तहत आइसोलेट किया गया है। 
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सुजानपुर में चार दिन चलेगा होली मेला, शोभायात्रा भी निकलेगी

राष्ट्रस्तरीय होली महोत्सव सुजानपुर के आयोजन को लेकर अटकलें समाप्त हो गई हैं। होली मेेला 26 से 29 मार्च तक आयोजित होगा। इसमें शोभायात्रा के अलावा सांस्कृतिक संध्याएं भी होंगी। इस वर्ष मेले की विषय-वस्तु (थीम) स्वर्णिम हिमाचल पर आधारित होगी।  गुरुवार को मेला आयोजन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त देवश्वेता बनिक ने कहा कि मेले के शुभारंभ पर 26 मार्च को बेनी प्रसाद द्वार से मुरली मनोहर मंदिर तक शोभा यात्रा निकाली जाएगी और मंदिर में पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यातिथि मेला मैदान में पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और शाम को सांस्कृतिक संध्या में भाग लेंगे। 28 मार्च को परंपरागत रंगों वाली होली खेली जाएगी और हवन-पूजन का आयोजन भी किया जाएगा।

कोविड-19 की सावधानियों के चलते इस बार सादगीपूर्ण ढंग से होली मनाई जाएगी और यथासंभव निश्चित दूरी सहित अन्य दिशा-निर्देशों की अनुपालना भी सुनिश्चित की जाएगी। समापन अवसर पर 29 मार्च को शोभा यात्रा निकाली जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि जिले में वर्ष का यह पहला बड़ा एवं महत्वपूर्ण आयोजन हो रहा है। महोत्सव के दौरान बेबी शो, डॉग शो, रंगोली, खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र होंगी। होली महोत्सव की परंपरा को दर्शाती झांकी भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मेला आयोजन समिति ने इस बार हमीरपुर सहित बाहरी जिलों के नए कलाकारों के लिए भी ऑडिशन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया है। कोविड-19 के दृष्टिगत मेला मैदान में झूलों की समय सीमा एवं दुकानों की संख्या सीमित करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मोबाइल शौचालय भी यथासंभव स्थापित किए जाएं। 
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ई-परिवहन सेवाएं शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना हिमाचल, अब ये काम होंगे ऑनलाइन

 हिमाचल प्रदेश के लोगों को अब ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण-पत्र एवं परमिट आदि परिवहन सुविधाएं ऑनलाइन मिलेंगी। देश में ई-परिवहन सेवाएं देने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को राज्य परिवहन विभाग की ई-परिवहन व्यवस्था का शुभारंभ किया। कांगड़ा और शिमला के बाद अन्य 10 जिलों में भी लोग इन सुविधाओं का ऑनलाइन लाभ ले सकेंगे। अब वाहन मालिकों को एसडीएम या आरएम कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक ई-विधानसभा, ई-बजट और अब ई-कैबिनेट की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि व्यापार में सुगमता में प्रदेश 16वें स्थान से सातवें स्थान पर पहुंच गया है।

दूरभाष से लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन -1100 शुरू की है। सरकार ने कोविड महामारी के दौरान प्रदेश के बाहरी राज्यों में फंसे लगभग ढाई लाख लोगों की सुरक्षित प्रदेश में वापसी करवाई। ऑनलाइन परिवहन सेवाओं में अगर दिक्कतें आ रही हों तो लोग 0177-2654185 नंबर पर संपर्क कर सकेंगे। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। परिवहन एवं उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि शिमला और कांगड़ा जिले में दो पायलट परियोजनाएं शुरू की गई थीं, जिनमें खामियां सुधारने के बाद पूरे प्रदेश में इस प्रणाली को क्रियान्वित किया गया है। प्रधान सचिव, परिवहन केके पंत ने बताया कि प्रदेश में लगभग 18 लाख वाहन पंजीकृत हैं। 

लर्नर व ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण संबधित सेवाएं शर्त
  •  सबसे पहले ई-परिवहन व्यवस्था पर जाएं और आवश्यक सेवा का चयन करें
  •  स्कैन की गई तस्वीर और हस्ताक्षर 20 केबी से कम आकार के होने चाहिए
  •  स्कैन निवास प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज 199 केबी से कम आकार के मान्य होंगे
  •  स्कैन किए गए संबंधित प्रपत्र वाहन मालिक हस्ताक्षर के साथ 199 केबी आकार के स्वीकार होंगे
  •  ऑनलाइन फार्म भरने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद जमा होगी फीस
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MC Shimla Budget 2021: 222.41 करोड़ का बजट पेश, जानें बड़ीं घोषणाएं

हिमाचल प्रदेश के शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल ने गुरुवार को 222.41 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह तीन साल का सबसे छोटा बजट रहा। साल 2019 में 297 करोड़ जबकि बीते साल 2020 में 225 करोड़ का बजट पेश किया था। हालांकि एमसी इसे सरप्लस बजट बता रहा है। इस बार आय को व्यय से 24.46 लाख ज्यादा दिखाया है।  मेयर ने कहा कि अम्रुत से इस बार कम पैसा मिलने के कारण पिछले साल से थोड़ा छोटा बजट पेश किया गया है। मेयर सत्या कौंडल ने वीरवार सुबह 11:08 मिनट से बजट पढ़ना शुरू किया। यह भाषण 12:15 मिनट तक चला। बीच में कई जगह आंकड़ों में मेयर उलझी भी। लेकिन बिना रुके उन्होंने पूरा बजट पढ़ा। 

कहां किस पर खर्च होगा कितना पैसा
सड़कों, रेलिंग, रास्तों, सीढ़ियों के निर्माण और रखरखाव पर 21.10 करोड़ खर्च होंगे, स्ट्रीट लाइटों पर 80 लाख, भवनों, आवासों के निर्माण और रखरखाव पर 4.2 करोड़ खर्चेेंगे, पार्किंगों के रखरखाव पर 1.30 करोड़, नालों के चैनलाइजेशन पर 1.35 करोड़ खर्च होंगे, शौचालयों के रखरखाव पर 1.20 करोड़, एक करोड़ से बनेंगे खेल मैदान और पार्क सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर दस करोड़, अम्रुत के निर्माण कार्यों पर खर्च होंगे 53 करोड़, राजीव आवास योजना के तहत आवास निर्माण पर खर्च होंगे 6.42 करोड़, शहर में अगले एक साल में कुल 112 करोड़ रुपये से होंगे नए काम होंगे। 

आनलाइन होंगी आठ और सेवाएं
नगर निगम की आठ सेवाएं ऑनलाइन की जाएंगी। पेड़ काटने, कुत्तों का पंजीकरण, अनसेफ भवन, पेंशन, लैंड एंड इस्टेट मैनेजमेंट, लीगल डिपार्टमेंट, ई ऑफिस, पर्सनल स्टाफ से जुड़ी सेवाएं आनलाइन होंगी। हालांकि, इन पर पिछले साल से काम चल रहा है। मेयर ने अप्रैल से इन्हें शुरू करने की घोषणा की।
 
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