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VIDEO: लाल निशान से 95 सेमी ऊपर राप्ती, गांवों में घुसने लगा बाढ़ का पानी
श्रावस्ती/इकौना/तुलसीपुर। तराई व नेपाल के पहाड़ों पर चार दिन तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी ने रौद्र रूप अपना लिया है। राप्ती खतरे के लाल निशान 127.70 मीटर से 95 सेमी ऊपर बह रही है। राप्ती का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। जमुनहा व इकौना तहसील के 15 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से घुस रहा है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं, तटवर्ती गांवों के फसल लगे खेत भी बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए हैं, इससे किसान नुकसान को लेकर भयभीत हैं।
बंगाल की खाड़ी में आए अर्नब तूफान के चलते तराई में चार दिनों तक हुई झमाझम बारिश से राप्ती नदी उफना गई है। बाढ़ का पानी तेजी से जमुनहा व इकौना तहसील क्षेत्र के गांवों में घुस रहा है। रविवार की सुबह तक इकौना तहसील के जंगरावलगढ़ी, पुरुषोत्तमपुर, कोलभार मजगांवा, कोडरी दीगर, रामनगरा आदि गांवों में राप्ती नदी की बाढ़ का पानी भर गया। वहीं, इन गांवों के हजारों बीघा खेत भी बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए। बाढ़ आने से जहां किसान फसल नुकसान को डरे हुए हैं तो वहीं अन्य ग्रामीण कच्चे मकान गिरने को लेेकर डरे हुए हैं। जमुनहा तहसील क्षेत्र के वीरपुर सहित पांच से अधिक गांवों में तेजी से बाढ़ का पानी घुस रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों के रास्तों पर तीन फीट से अधिक पानी बह रहा है, इससे आवागमन भी प्रभावित हो गया है।
बारिश व बाढ़ से गिरे सात फूस के घर
इकौना तहसील क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश व बाढ़ का पानी गिरने से 12 से अधिक फूस के घर व 15 से अधिक घरों की दीवार ढह गई। अकेले जंगरावलगढ़ी गांव में सात घर विलास निषाद, राम कुमार विश्वकर्मा, वंशराज निषाद, अज्ञाराम निषाद, तुलसी राम यादव, बलीकरण पासवान व होलीराम के कच्चे घर गिर गए और सभी खुले आसमान के नीचे आ गए। वहीं, 10 से अधिक घरों की दीवार गिर गई। प्रधान प्रतिनिधि महेश कुमार मिश्रा ने बताया पीड़ित परिवारों को उनके मवेशी सहित ऊंचे स्थान पर ठहराने की व्यवस्था की जा रही है। घरों और रास्तों पर बाढ़ का पानी भरा होने से जहरीले जीवों और संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूर संचार सेवाएं ध्वस्त होने से अधिकारियों को सूचित नहीं किया सका है।
मल्हीपुर-भिनगा मार्ग पर बढ़ा खतरा
बीते साल आई बाढ़ में कटे मल्हीपुर-भिनगा मार्ग के एक बार फिर कटने की संभावना बन गई है। राप्ती की बाढ़ का पानी तेजी से मल्हीपुर-भिनगा मार्ग से टकरा रहा है और मार्ग को धीरे-धीरे काटने लगा है। बताते चलें कि बीते साल मार्ग कट गया था। जिम्मेदारों ने मिट्टी पटवाकर आवागमन बहाल करवाया था। ऐसे में अगर फिर से मार्ग कट गया तो स्थानीय लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट जाएगा और उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा।
पहले घटरा और फिर तेजी से बढ़ा जलस्तर
दिन- समय- जलस्तर
रविवार- सुबह चार बजे- 128.25 मीटर
रविवार- छह बजे- 128.25 मीटर
रविवार- सुबह 10 बजे- 128.30 मीटर
रविवार- सुबह 11 बजे- 128.40 मीटर
रविवार- सुबह 12 बजे- 128.50 मीटर
रविवार- सुबह एक बजे- 128.55 मीटर
रविवार- सुबह दो बजे- 128.60 मीटर
रविवार- सुबह तीन बजे- 128.65 मीटर
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