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खुशखबरीः रेलवे स्टेशनों पर भी लोग करा सकेंगे 16 तरह के मेडिकल टेस्ट, लगेंगी कियोस्क मशीनें

अब लोग रेलवे स्टेशनों पर 16 तरह के मेडिकल टेस्ट करा सकेंगे। अकेले पंजाब में 12 स्टेशनों पर ‘हेल्थ एटीएम कियोस्क’ मशीनें लगाई जाएंगी।

23 फरवरी 2020

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लुधियाना

रविवार, 23 फरवरी 2020

पंजाब बोर्ड: 8वीं और12वीं के रोल नंबर ऑनलाइन, ऐसे हासिल करें छात्र, 26 फरवरी तक गलती सुधार का मौका

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 8वीं और 12वीं की परीक्षाएं 3 मार्च से शुरू होने जा रही हैं। बोर्ड ने परीक्षाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी चरण में रेगुलर विद्यार्थियों के रोल नंबर स्कूलों की लॉग इन आईडी पर अपलोड कर दिए गए हैं। वहीं, री -अपीयर या इप्रूवमेंट चांस के तहत परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के रोल नंबर भी ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके हैं।

पीएसईबी की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया है कि रेगुलर विद्यार्थियों को रोल नंबर देने के लिए स्कूल प्रिंसिपलों को स्कूल की लॉग इन आईडी से रोल नंबर डाउनलोड करने होंगे। जबकि री-अपीयर और इंप्रूवमेंट चांस वाले विद्यार्थियों को अपने रोल नंबर बोर्ड की वेबसाइट
www.pseb.ac.in से हासिल करने होंगे। 

बोर्ड ने साफ किया है कि विद्यार्थियों और स्कूलों को डाक के माध्यम से रोल नंबर नहीं भेजे जाएंगे। वहीं, बोर्ड ने साफ किया है कि यदि किसी के रोल नंबर स्लिप में किसी भी तरह की खामी रहती है तो उक्त लोग बोर्ड के मुख्यालय में आकर 26 फरवरी तक अपनी गलती दुरुस्त करवा सकते हैं। 29 और एक मार्च को वैसे शनिवार और रविवार की छुट्टी रहेगी। लेकिन परीक्षा को चलते इस दौरान बोर्ड की परीक्षा शाखाएं खुली रहेंगी।

स्लिप दिखाकर लेने होंगे रोल नंबर
इसके अलावा बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि 12वीं की परीक्षा देने के लिए जिन विद्यार्थियों ने फीस भरी है। लेकिन उन्हें उनका रोल नंबर प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे विद्यार्थी अपने योग्यता सर्टिफिकेट की अटेस्टेड कॉपी, दो फोटो और जमा करवाई गई फीस की रसीद लेकर बोर्ड के मुख्य दफ्तर में संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड की ओर से उन्हें तुरंत रोल नंबर जारी कर दिए जाएंगे।
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जाली आईडी से लोन पर कार खरीदकर बेचने वाला गिरफ्तार, पुलिस ने उसके पास से तीन कारें की बरामद

खुद के नाम की जाली आईडी तैयार करके बैंक से कार लोन लेने और कार के जाली कागजात तैयार कर बेचने वाले एक आरोपी को सीआईए थ्री की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के दो साथी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से तीन कारें बरामद की हैं। मामले में पुलिस ने गांव अकालगढ़ के रहने वाले परमवीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके साथी डुगरी निवासी परमजीत सिंह और शिमलापुरी निवासी रविंदर सिंह उर्फ हैप्पी की तलाश में जुटी है।
सीआईए थ्री के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर यशपाल शर्मा ने बताया कि पुलिस पार्टी ने दाना मंडी शिमलापुरी के पास नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी परमवीर सिंह ने अपनी डुगरी सरपंच कालोनी स्थित बाबा दीप सिंह नगर निवासी अवतार सिंह जग्गी नाम की जाली आईडी बना रखी है। उसी आईडी पर आरोपी ने बैंक से लोन करवाकर एक कार खरीदी है। कारों के जाली कागजात तैयार कर उसे सस्ते भाव में बेच देते हैं।
आरोपी के साथ शामिल परमजीत ने मनप्रीत नाम की जाली आईडी और रविंदर हैप्पी ने भी जाली आईडी बनाई है। तीनों मिल बैंकों से कार लोन करवाते हैं और कारों के जाली कागजात तैयार कर उसे आगे लोगों को सस्ते भाव में बेच देते हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी परमवीर सिंह ने बताया कि वह पहले मुंबई में कारों का बिजनेस करता था। उसने लुधियाना आकर अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर यह धंधा शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर वाली एक और दो अलग-अलग कारें बरामद की हैं। पुलिस आरोपी परमवीर से पूछताछ कर उसके साथियों का पता लगाने में जुटी है।
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कार चालक की गिरफ्तारी न होने पर भड़के लोग, चक्काजाम

स्कूल से बाहर निकल रहे तीन वर्षीय छात्र को कुचलने के मामले में बुधवार को भड़के परिजनों ने लुधियाना राजपुरा रोड पर चक्का जाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि इस मामले में अब तक पुलिस आरोपी गाड़ी चालक को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वहीं स्कूल प्रबंधकों की लापरवाही के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। धरने की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह परिजनों को समझाकर रास्ता खुलवा दिया। इसके बाद परिजन स्कूल गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार ने धरना समाप्त कर दिया।
हैबोवाल निवासी रवि श्रीवास्तव का तीन वर्षीय इकलौता बेटा विदित श्रीवास्तव सरस्वती मॉडर्न स्कूल में पढ़ता था। उसे स्कूल छोड़ने के लिए परिजनों में ऑटो लगा रखा था। मंगलवार को विदित स्कूल से बाहर निकलकर ऑटो में बैठने जा रहा था। उस समय एक इंडेवर कार ने उसे कुचल दिया। कार के दोनों चक्के विदित के ऊपर से निकल गए। आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया। विदित को तुरंत डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। स्कूल के बाहर लगे सीसीटीवी में यह पूरा हादसा कैद हो गया। पुलिस ने कार का नंबर भी बरामद कर लिया है। डिवीजन नंबर आठ पुलिस ने इस मामले में अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विदित के पति रवि का कहना था कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी कार चालक को काबू नहीं किया है। हादसे में स्कूल प्रबंधकों की लापरवाही साफ है। गेट के बाहर गार्ड की तैनाती नहीं की गई जोकि बच्चों को देख सके।
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लुधियाना: शिवसेना नेता अमित अरोड़ा पर हमला, कार पर लगी गोली, बाल-बाल बचे

शिवसेना के नेता अमित अरोड़ा पर शनिवार देर रात अज्ञात हमलावरो ने हमला कर दिया। हालांकि इस हमले में अमित अरोड़ा बाल-बाल बच गए। हमलवारों की तरफ से चलाई गई गोली उनके दफतर के बाहर खड़ी गाड़ी पर लगी। घटना की सूचना मिलते पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच  जांच शुरू कर दी है। वही शिवसेना ने हमले के बाद धरना लगा दिया है।

अमित अरोड़ा ने बताया कि शनिवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे वह सेक्टर 32 चौक चंडीगढ़ रोड पर अपने कार बाजार स्थित दफतर में बैठे थे। मौके पर उनके साथ तीन चार लोग व गनमैन भी मौजूद थे। तभी वहां गोली चलने की आवाज आई। गोली उनके दफतर के बाहर खड़ी एंडेवर गाड़ी पर लगी। हालांकि वह अक्सर गाड़ी में बैठकर फोन पर बातचीत करते रहते है लेकिन आज वह अपने दफ्तर मेें बैठे थे। उन्हें आशंका है कि उन पर आतंकी हमला हुआ है क्योंकि उन्हें लंबे समय से आतंकवादियों की ओर से जान से मारने की धमकियां मिल रही है। 

बीते सप्ताह उन्होंने पुलिस डिवीजन नंबर दो के तात्कालीन एसएचओ को दो संदिग्धों की जानकारी देकर उठवाया था लेकिन एसएचओ ने उनके मोबाइल फोन रखकर उन्हें छोड़ दिया। आज हुए हमले के बारे में उन्होंने पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल को भी मामले की पूरी जानकारी दे दी है।

बता दें कि अरोड़ा पर फरवरी, 2016 में आतंकी हमला हुआ था। लेकिन बाद में उन पर ही पुलिस ने फर्जी हमला करवाने का मामला दर्जकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन जब टार्गेट किलिंग में एनआईए की जांच के दौरान यह पाया गया कि अमित अरोड़ा पर वाकई हमला सही में आतंकी हमला था तो उन्हें क्लीन चिट मिली थी। उसके बाद भी अमित अरोड़ा खुद को जान से मारने की धमकियां मिलने के बारे पुलिस को शिकायत देते आ रहे है।
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होनहार बेटियों के नाम पर रखे सड़कों के नाम

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम के तहत जिले की शिक्षा और खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाली 12 लड़कियों के नाम पर संपर्क सड़कों के नाम रखने की मुहिम की शुरुआत की गई है। इससे पहले जिला प्रशासन द्वारा इन लड़कियों की उपलब्धियों को दर्शाती विशेष फोटोग्राफी व टेबल कैलेंडर तैयार करवाए गए हैं। लड़कियों के नाम पर सड़कों के नाम रखने से उनमें प्रत्येक क्षेत्र में जीत हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।
डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि प्राथमिकता के तहत 12 लड़कियों जिनमें सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल डूडीयां की लवप्रीत कौर, जिसने बारहवीं में 99.55 प्रतिशत, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खेड़ी चहलां की रमन कौर, जिसने दसवीं में 98.30 प्रतिशत, सरकारी स्कूल बलरांकी मनदीप कौर, जिसने दसवीं में 98.30 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल ढंडियाल की सिमरन कौर, जिसने दसवीं में 98 प्रतिशत, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल डूडीयां की गगनदीप कौर, जिसने बारहवीं में 97.11 प्रतिशत, सरकारी स्कूल कन्या संगरूर की दृष्टि, जिसने बारहवीं में 95.33 प्रतिशत शामिल हैं। इसके अलावा खेल क्षेत्र में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कन्या संगरूर की छात्रा लवदीप कौर, जिसने हॉकी में राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल किया, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कन्या धूरी की सोमा कौर व अर्शप्रीत कौर जिन्होंने बेसबॉल में राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल किया, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अकबरपुर की गगनदीप कौर, जिसने मुक्केबाजी अंडर 17 में राज्य स्तर पर तीसरा, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कन्याधूरी की छात्रा अर्शप्रीत कौर, जिसने मुक्केबाजी में राज्य से तीसरा स्थान हासिल किया है और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कन्या धूरी की मनजिंदर कौर, जिसने योगा में राज्य स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया। इन सभी के नाम पर सड़कों का नामकरण हो रहा है।
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रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देने वाला गिरफ्तार, खुद को रेलवे का अफसर बताकर करता था ठगी

थाना सदर मानसा की पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 50 नौजवानों से लाखों रुपये की ठगी के आरोप में एक व्यक्ति धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है।
कुछ दिन पहले मजदूर मुक्ति मोर्चा के नेता भगवंत सिंह समाओ समेत ठगी का शिकार हुए नौजवानों ने आरोप लगाया था कि खुद को रेलवे का अफसर बताने वाले आरोपी की बातों में उन्होंने अपनी जमीन, गहने, भैंसें व अन्य सामान बेचकर उसको लाखों रुपये दे दिए थे। किसी को इस ठगी का पता न चले इसके लिए आरोपी ने नौजवानों से चार माह तक रेलवे ट्रैक पर काम भी करवाया। नौजवानों के मुताबिक इसका भेद तब खुला जब यह व्यक्ति फील्ड में अपने कोट पर नेम प्लेट लगाकर रखता था और स्टेशन पहुंचते ही उसे उतार देता था।
नौजवानों ने बताया कि रेलवे के एक ठेकेदार व्यक्ति ने उनसे अफसर बनकर नौकरी दिलाने के लिए लाखों रुपये ठगे हैं। जिसकी जांच पुलिस विभाग की अपराध शाखा द्वारा की गई। पुलिस को गांव मूसा वासी अवतार सिंह ने बताया कि वह आरोपी भिंदर सिंह के संपर्क में तब आया जब वह एक निजी बैंक में नौकरी करता था। भिंदर सिंह के रिश्तेदार ने आश्वासन दिलाया कि आरोपी उसे रेलवे में पक्की नौकरी दिला देगा। इसके बाद उसने भिंदर सिंह को एक लाख 41 हजार रुपये दे दिए। लेकिन बाद में न तो उसे नौकरी दी गई और न ही उसके पैसे वापस लौटाए। उन्होंने कहा कि खुद को रेलवे का अधिकारी बताने वाला भिंदर सिंह असल में रेलवे का ठेकेदार है जिसने उसे नौकरी का झांसा देकर 19 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी पर रखा था।
डीएसपी सब डिवीजन हरजिंदर सिंह गिल ने बताया कि थाना सदर मानसा की पुलिस ने अवतार सिंह के बयान पर भिंदर सिंह वासी रायपुर जिला मानसा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बहणीवाल पुलिस चौकी के इंचार्ज एएसआई अवतार सिंह ने बताया कि उक्त आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जिससे पूछताछ की जाएगी।
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लुधियाना: पैसों के लिए डाल रहे थे दबाव, युवक ने जहर निगला, अस्पताल में हुई मौत

पॉलिसी के हिसाब में गड़बड़ी का नाम लेकर भाई रणधीर सिंह नगर निवासी कमल छाबड़ा ने साथियों के साथ न्यू शिमलापुरी निवासी गुरदीप सिंह को फिरोज गांधी बाजार से अगवा कर लिया। अगवा करने के बाद आरोपी गुरदीप को डाबा रोड ले गए और मारपीट की। इसे बर्दाश्त न करते हुए गुरदीप ने जहर निगल लिया। 

इससे उसकी तबीयत खराब हो गई। वहीं लोग उसे डीएमसी अस्पताल छोड़कर चले गए। डीएमसी में एक दिन बाद पीड़ित की मौत हो गई। सूचना पर थाना डिवीजन पांच की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गुरदीप की पत्नी शरणजीत कौर की शिकायत पर कमल और उसके साथियों पर मामला दर्ज कर लिया है।

शरणजीत कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पति का फिरोज गांधी मार्केट में दफ्तर है। उनके साथ एक बुजुर्ग अंकल रहते हैं। उनकी पॉलिसी का 50 लाख रुपये का कोई हिसाब है। आरोपी उसी हिसाब को लेकर उसके पति गुरदीप पर दबाव डाल रहे थे। 19 फरवरी को गुरदीप अपने दफ्तर में थे। इसी दौरान आरोपी उनके पति को अगवा कर अपने साथ डाबा एरिया ले गए। 

वहां आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसको काफी जलील किया। इसके बाद गुरदीप ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। गुरदीप ने इसकी जानकारी अपनी पत्नी को दी। जब शरणजीत कौर ने आरोपियों से बात की तो उन्होंने बताया कि वह उसे डीएमसी छोड़कर आ गए हैं। वह अस्पताल पहुंचीं और आरोपियों के बारे में पुलिस को जानकारी दी। पुलिस आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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लुधियाना पुलिस के सामने चुनौती बने लुटेरे, 12 करोड़ का सोना लूटने वालों का अभी तक नहीं लगा कोई सुराग

सांकेतिक तस्वीर।
एक के बाद एक लूट की बड़ी वारदातों को अंजाम देनेवाले लुटेरों के हौसले काफी बुलंदियों पर है। पुलिस महानगर में हो चुकी पांच बड़ी लूट की वारदातों में से अभी तक एक भी सुलझा नहीं पाई है। क्राइम ब्रांच थ्री के बिल्कुल सामने स्थित इंफो इंडिया लिमिटेड ब्रांच में हथियारों के बल पर 12 करोड़ की लूट को अंजाम देकर पुलिस को खुला चैलेंज देने वाले लुटेरों का अभी तक कोई सुराग नहीं है। लुटेरे वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके है और पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करने के बाद शिमलापुरी, डाबा और लोहारा इलाके में ही सर्च अभियान चलाने में लगी है।
12 करोड़ का सोना लूटने वाले लुटेरे मारुति की सियाज कार में सवार होकर आए थे। लुटेरे सीआईए थ्री के बाहर से होकर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की तो उसमें नंबर आ गया। जांच में वह नंबर खन्ना के एक ट्रैक्टर का निकला। पुलिस ने पांच सौ से ऊपर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर ली है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सारी पंजाब की पुलिस सियाज कार को ढूंढने में लगी है, लेकिन सियाज कार का कुछ पता नहीं।
लुधियाना पुलिस ने टोल प्लाजा पर कैमरे चेक किए तो पंजाब के किसी भी टोल पर ऐसी सफेद रंग की कार नजर नहीं आई है जिस पर लूट की वारदात को अंजाम देते वक्त लगाया गया नंबर लिखा हो। अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि जिस दिन लूट की वारदात हुई थी उस दिन पंजाब में बाहरी राज्यों से सफेद रंग की कितनी सियाज कारें आई थीं और लुधियाना में कितनी दाखिल हुई थीं।
पड़ोसी राज्यों से सियाज कार चोरी की लिस्ट मंगवा रही पुलिस
पुलिस सियाज कार पंजाब में ढूंढ रही है ऐसा भी हो सकता है कि लुटेरे कार को किसी अन्य स्टेट से चोरी कर लाए हो और वारदात के लिए उन्होंने ट्रैक्टर का जाली नंबर लगा लिया हो। वारदात को अंजाम देने के बाद किसी ओर स्टेट का नंबर लगाकर वह फरार होने में कामयाब हो गए हो। अब पुलिस ने आसपास के राज्यों की एजेंसियों से संपर्क कर सफेद रंग की सियाज कार खरीद करने वालों की लिस्ट मांगी है।
सूबे में 5 वर्ष में बिकीं सफेद रंग की करीब 6 हजार सियाज कारें
जांच के दौरान पता चला कि कंपनी ने इस मॉडल की कारें पांच सालों में काफी बिक्री की है। जब पुलिस ने पंजाब की एजेंसियों से पता करवाया तो पता चला कि छह हजार के करीब सफेद रंग की कारें बिक्री हुई है। पुलिस कार मालिकों से संपर्क भी साधने में जुटी है। मगर कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस जांच में यह भी पता चला था कि पंजाब में कुछ समय में कोई सियाज कार चोरी या फिक लूटी ही नहीं गई है। चंडीगढ़ से जो सिजायज कार चोरी हुई थी वह भी मिल गई थी।
लूट की इन वारदातों का खुलासा नहीं
घुमारमंडी में पर्ल बिल्डिंग स्थित पीके ज्वैलर्स मालिकों से दो करोड़ का सोना लूटने के मामले में पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। दरेसी इलाके में व्यापारी के परिवार को गन प्वाइंट पर लेकर लाखों रुपये के सोने की लूट मामले में भी पुलिस के हाथ खाली है।फिरोजगांधी मार्केट में व्यापारी से साढ़े तीन लाख रुपये की लूट को अंजाम देने वालों का अभी तक कुछ पता नहीं।
गिल रोड पर फैक्टरी दफ्तर में मुलाजिमों को बंधक बनाकर आठ लाख रुपये लूटने के मामले में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला।
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सहेली से मिलने जा रही महिला का पर्स लूटा

राजपुरा रोड से ऑटो में सवार होकर सहेली मिलने के लिए जा रही एक महिला का बाइक सवार दो लुटेरोें ने पर्स छीन लिया। सूचना मिलने के बाद थाना डिवीजन आठ की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने राजपुरा रोड निवासी महिला विजय की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
महिला की शिकायत के मुताबिक वह रुपी मिस्त्री वाली गली में अपनी सहेली से मिलने के लिए जा रही थी। जब वह गली में दाखिल हुई तो पीछे से आ रहे दो बाइक सवार आरोपियों ने उसका पर्स छीन लिया। आरोपियों के साथ धक्कामुक्की में विजय नीचे गिर गई और आरोपी फरार हो गए। विजय के मुताबिक पर्स में सोने की दो चूड़ियां, ब्रेसलेट, बालियां, मोबाइल फोन, 32 हजार रुपये घर और लॉकर की चाबियां के साथ साथ अन्य कीमती सामान है। पुलिस आसपास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रही है।
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पिता ने कहा, ‘बेटा नेपाल से भारत पढ़ने भेजा था, मरने के लिए नहीं’

मंडी गोबिंदगढ़ स्थित रिमट यूनिवर्सिटी में 27 नवंबर 2019 को रात संदिग्ध अवस्था में हुई एक सिविल इंजीनियरिंग के नेपाली छात्र की मौत का मामला तीन महीने बाद फिर गरमा गया है। मृतक हेमंत मंडल के पिता बलराम मंडल नेपाल से आकर बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए कभी प्रशासन तो कभी रिमट यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास भटक रहे हैं। बलराम मंडल ने बताया कि उसे यूनिवर्सिटी प्रशासन अधिकारियों से मिलने तक नहीं दिया गया और गेट से ही उन्हें वापस लौटा दिया गया। बेटे की मौत को तीन महीने हो गए हैं। पुलिस ने हेमंत की मौत के जिम्मेदार यूनिवर्सिटी के होस्टल वार्डन मोहन सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था, किंतु अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई और न ही उन्हें बेटे की मौत का बनता मुआवजा दिया गया है। जिसके लिए सिविल एवं पुलिस प्रशासन ने मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन पर आरोप हैं कि उन्होंने नेपाल के सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल की है, जिसमें मृतक परिवार को बीस लाख रुपये देने की बात कही गई है जबकि बेटे की मौत के बाद पुलिस की मौजूदगी में यूनिवर्सिटी ने 70 हजार रुपये बेटे की फीस वापिस की थी और एक लाख रुपये अलग से दिया और कुछ नहीं। पुख्ता सबूतों को हाथ में लेकर बिलखते हुए पिता बलराम मंडल ने कहा कि मैंने बेटा पढ़ने को भेजा था, मरने को नहीं।
पिता ने कहा कि बेटे ने पेट का दर्द होने पर वार्डन को बताया था किंतु समय पर उसे उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन बाकी स्टूडेंट को भी हेमंत की मौत बारे जुबान न खोलने की धमकी दे चुके हैं। यह भी कहा कि नेपाल से यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट अफसर शैलेंद्र भी उनका फोन नहीं उठा रहा है, जिसके कहने पर ही इस यूनिवर्सिटी में बेटे को दाखिल करवाया था। वह कई दिन से बेटे को इंसाफ देने के लिए भटक रहे बलराम मंडल ने आखिर डिप्टी कमिश्नर फतेहगढ़ साहिब अमृत कौर गिल को लिखित शिकायत देकर इंसाफ की मांग की है। जहां से डीसी ने अमलोह के एसडीएम को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम आनंद सागर ने कहा है कि हेमंत की बिसरा रिपोर्ट अभी नहीं आई है, रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा। बाकी शिकायतों की जांच करवाई जा रही है। पिता ने कहा कि इंसाफ न मिलने पर वह जल्द भारत के प्रधानमंत्री और नेपाल सरकार को पत्र लिखेंगे, ताकि भविष्य में किसी और माता-पिता का नुकसान ना हो।
आखिर क्या है मामला
रिमट यूनिवर्सिटी में गत 27 नवंबर की रात को खाना खाने के बाद संदिग्ध हालात में सिविल इंजीनियरिंग कर रहे नेपाली छात्र हेमंत मंडल पुत्र बलराम मंडल निवासी बरमझिआ जिला सप्तसरी नेपाल की मौत हो गई थी। तबियत बिगड़ते ही स्टूडेंट ने होस्टल के सहायक वार्डन मोहन सिंह को सूचित किया था, किंतु उसे अंदर बनीं डिस्पेंसरी में ही इलाज किया गया। दर्द ज्यादा होने के कारण सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब के डाक्टरों ने हेमंत को मृत घोषित कर दिया था। अस्पताल से छात्र हेमंत की मौत खबर आते ही कैंपस में रह रहे 300 के करीब यूनिवर्सिटी के छात्रों ने हंगामा खड़ा कर दिया और पूर कैंपस में पथराव कर तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए भारी पुलिस फोर्स लगानी पड़ी और पांच दिन तक यूनिवर्सिटी कैंपस पुलिस छावनी में तबदील रहा। पुलिस ने आक्रोष को बढ़ता देख सहायक होस्टल वॉर्डन मोहन सिंह के खिलाफ धारा-304 के तहत मामला दर्ज किया था।
मदद के लिए तैयार हूं: मालिक
यूनिवर्सिटी के चांसलर चंद बंसल का कहना है कि सोशल मीडिया पर जो यह 20 लाख का रुमौर है, यह यूनिवर्सिटी को बदनाम करने की साजिस है। हो सकता है किसी एजेंट ने फैलाया हो। हमने लड़के की फीस वापस की थी और शव को बाकायदा जहाज के जरिये नेपाल ले जाने तक का सारा खर्चा भी किया था। स्टूडेंट को डराने के आरोप बेबुनियाद हैैं। फिर भी हम हमदर्दी के तौर पर यथासंभव मदद देने के तैयार हैं।
मंडी गोबिंदगढ़ में अपने मृत बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए रोते बिलखते पिता बलराम मंडल को सांतवना दे
मंडी गोबिंदगढ़ में अपने मृत बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए रोते बिलखते पिता बलराम मंडल को सांतवना दे- फोटो : GOBINDGARH
नेपाली में सोशल मीडिया पर पीड़ित परिवार को 20 लाख दिए जाने की फैलाई गई खबर की फोटो।
नेपाली में सोशल मीडिया पर पीड़ित परिवार को 20 लाख दिए जाने की फैलाई गई खबर की फोटो।- फोटो : GOBINDGARH
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संदिग्ध हालात में पेड़ से लटका मिला मैकेनिक का शव, वर्कशॉप मालिक पिता-पुत्र समेत तीन पर केस

थाना निहाल सिंह वाला के गांव मानूके में गुरुवार को खेतों में 24 वर्षीय एक वर्कशाप मैकेनिक का शव पेड़ से लटका बरामद किया गया। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर उसी वर्कशाप के मालिक पिता पुत्र समेत एक अन्य मैकेनिक के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया है।

जानकारी देते थाना निहाल सिंह वाला के प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह निवासी मानूके ने पुलिस को दर्ज करवाए बयान में कहा कि उसका भाई कुलविंदर सिंह उर्फ पिंदू (24) गांव मानूके में ही एक वर्कशाप में बतौर मैकेनिक नौकरी करता था।

पिछले करीब पांच साल से कुलविंदर सिंह उसी वर्कशाप पर नौकरी कर रहा था। दो दिन पहले कुलविंदर सिंह बिना किसी को कुछ बताए साइकिल पर वर्कशाप से कहीं चला गया और उसके बाद उसका कुछ पता नही चल रहा था। परिवार अपने स्तर पर उसकी तलाश कर रहा था तो इसी दौरान गुरुवार की सुबह कुलविंदर सिंह का शव गांव निवासी किसान तार सिंह के खेत में पेड़ से लटकता मिला।

कुलविंदर का शव आधा जमीन पर पड़ा था और उसके शरीर व गर्दन पर काफी चोट के निशान थे। जिससे साफ लग रहा था कि कुलविंदर सिंह को मारपीट कर हत्या करने के बाद उसका शव पेड़ से लटका खुदकुशी साबित करने का प्रयास किया गया है। मामले की सूचना पुलिस को देने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की तो मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि कुलविंदर सिंह की वर्कशाप के मालिक रंजीत सिंह व उसके पुत्र जसपाल सिंह समेत उसी वर्कशाप में काम करने वाले स्वर्ण सिंह ने कुलविंदर सिंह की हत्या कर उसका शव पेड़ पर टांग दिया। जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

जांच अधिकारी के अनुसार फिलहाल तीनों आरोपी फरार है, वहीं पीड़ित परिवार द्वारा हत्या के पीछे कोई भी कारण नहीं स्पष्ट किया गया। जबकि कुलविंदर सिंह का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसका विसरा रिपोर्ट के लिए सैंपल लैब में भेज दिया है। जांच अधिकारी ने यह भी बताया कि कुलविंदर सिंह के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस के पास उसकी गुमशुदगी की लिखित शिकायत नहीं की थी।
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एसएचओ पांच दिन के पुलिस रिमांड पर, एसटीएफ ने करवाया डोप टेस्ट, रिपोर्ट आना बाकी

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए थाना डिविजन दो के एसएचओ अमनदीप सिंह को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसटीएफ की टीम आरोपी एसएचओ अमनदीप सिंह से पूछताछ करने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ की टीम इस मामले में कई बड़े अहम खुलासे करने की तैयारी में है, लेकिन एसएचओ से पूछताछ के दौरान अभी तक क्या निकल कर सामने आया इसके बारे में कोई भी एसटीएफ का अधिकारी स्पष्ट नहीं कर रहा है।

सभी अधिकारी सिर्फ यहीं कह रहे है कि अभी सिर्फ जांच की जा रही है। उधर, बर्खास्त हेड कांस्टेबल बलबीर सिंह से भी एसटीएफ की टीम पूछताछ करने में जुटी है ताकि यह भी पता चल सके कि उसके अमनदीप सिंह के अलावा किन-किन अधिकारियों से संबंध थे और वह किन लोगों से संपर्क रखता था।

लुधियाना पुलिस के कई मुलाजिम रडार पर
एसटीएफ द्वारा एसएचओ अमनदीप सिंह गिल को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए जाने पर लुधियाना पुलिस में खलबली मची हुई थी। अमनदीप के संपर्क में रहने वाले कई पुलिस मुलाजिम और अधिकारी यह जानने में जुटे थे कि एसटीएफ ने एसएचओ से कितनी रिकवरी की है। हर व्यक्ति अपने सूत्र से फोन पर संपर्क कर जानने की कोशिश में था कि एसटीएफ की टीम ने कितनी मात्रा में हेरोइन और क्या क्या बरामद किया है।
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विदेश में टीआर दिलाने का झांसा दे चार लाख की धोखाधड़ी

विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने महिला और उसके पति व पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता कुलविंद्र सिंह पुत्र बख्शीश सिंह निवासी गांव झज्ज ने बताया कि जुलाई 2019 को नरेंद्र सिंह और उसकी पत्नी गुरबखश कौर ने बताया कि उनका बेटा रिशव कुमार ट्रेवल एजेंट का कार्य करता है। वह उसे विदेश भेजकर वहीं बढ़िया काम पर लगा देगा। उन्होंने रशिया भेजने के लिए चार लाख का खर्च बताया। इसके बाद उन्होंने दो लाख साठ हजार रुपये कैश और एक लाख 40 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। 1 अक्तूबर 2019 को उन्होंने उसे बुलाया और कहा कि आपका वीजा लग गया है। अधिक खर्च आने का बहाना बनाकर उन्होंने 80 हजार रुपये की और मांग की। इसके बाद उन्हें 20 अक्तूबर 2019 को रशिया भेज दिया गया। विश्वास दिलाया गया कि रशिया में उनका साथी रिहायश और खाने का प्रबंध करवा देगा। साथ ही जल्द टीआरसी (टैंपरेरी रेजीडेंट सर्टिफिकेट) दिला देगा।
एयरपोर्ट से लेने आए व्यक्ति न उन्हें होटल छोड़कर 300 डालर ले लिए। इसके बाद वह नहीं लौटा। होटल स्टाफ ने उनके रहने का पूरा बिल 40 रुपये उनसे वसूल लिया। जब उन्होंने रिशव से संपर्क किया तो उसने कहा कि उनकी कंपनी का एक व्यक्ति आएगा और उन्हें वह ले जाएगा। जब उनके परिजनों ने रिशव के घरवालों से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि 4 नवंबर 2019 को उनके बेटे को कार्य पर भेज देगा। रिशव के माता-पिता ने कहा कि अगर फिर भी उसे कार्य नहीं मिला तो अपने खर्च पर कुलविंद्र सिंह को 5 नवंबर को भारत बुला लेंगे। छह नवंबर को पूरा पैसा वापस कर देंगे। जब 9 नवंबर 2019 को पारिवारिक सदस्य पंचायत के साथ रिशव के घर उसके माता गुरबखश कौर और पिता नरिन्द्र सिंह से पैसे वापस लेने संबंधी बात करने गए तो उन्होंने पैसे देने से इंकार दिया।
कुलविन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी दो कनाल जमीन बेचकर रिशव कुमार को पैसे दिए थे। अब न तो उनके पास पैसा रहा और न ही जमीन बच पाई है। पुलिस ने उक्त बयान के तहत रिशव धीमान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
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