इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5: रितेश पाल बने विनर, कभी भाई के सैलून में करते थे काम, अब मां के लिए बनाएंगे घर
India's Best Dancer Season 5: डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' सीजन 5 के विजेता रितेश पाल बने हैं। शो जीतने के बाद उन्होंने सपना देखा है। अपनी मां के लिए घर बनवाएंगे।
विस्तार
19 साल के रितेश पाल ने आखिरकार 'इंडियाज बेस्ट डांसर' सीजन 5 की ट्रॉफी जीत ली। छह साल पहले इसी शो में उन्हें रिजेक्शन मिला था। सीजन 2, 3 और 4 में भी नाकामी मिली। एक वक्त परिवार ने डांस छोड़कर भाई के सैलून में काम करने तक को कहा। लेकिन रितेश ने कोशिश नहीं छोड़ी। अमर उजाला से खास बातचीत में रितेश ने अपने संघर्ष, रिजेक्शन, परिवार के विरोधऔर जीत के बाद के सपनों के बारे में बात की...पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश।
'घर वाले कहते थे- डांस छोड़ो, भाई के सैलून में काम करो'
रितेश कहते हैं, 'जब मैंने ऑडिशन देना शुरू किया था, तब परिवार का थोड़ा कम साथ मिला था। बाद में जब उनको मेरी ग्रोथ दिखाई दी तो उन्होंने मेरा साथ देना शुरू किया। लेकिन जब तीन-चार साल हो गए और लगातार रिजेक्शन मिलने लगे तो उनका भी धैर्य जवाब देने लगा था। उन्होंने मुझसे कहा कि भाई के साथ काम कर, हमारा पार्लर है, भाई की मदद कर। डांस से तो कुछ होने वाला नहीं है। घर वाले मुझे कहते थे कि डांस छोड़ और सैलून पर ध्यान दे'।
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने डांस छोड़ा नहीं। मैं छह दिन डांस करता था और रविवार को भाई के सैलून में उसकी मदद करने जाता था। वहां से मुझे अपनी जेब खर्च के लिए पैसे मिल जाते थे। उस समय मैं ये भी समझता था कि घर वाले अपनी जगह गलत नहीं सोच रहे हैं। उनको लग रहा था कि मैं इतने साल से कोशिश कर रहा हूं और कुछ हो नहीं रहा। लेकिन मेरे मन में डांस छोड़ने का सवाल ही नहीं था। मैं बस यही सोचता था कि एक दिन तो मेरा भी नंबर आएगा।'
'मेरे से ज्यादा धैर्य मेरे गुरु मनीष सर में था'
परिवार के साथ के अलावा गुरु मनीष का भरोसा भी रितेश के लिए बड़ा सहारा रहा। रितेश कहते हैं, 'मेरे गुरु मनीष सर में मुझसे चार गुना ज्यादा धैर्य था। वह हमेशा कहते थे- मैं तुझे आगे लेकर जाऊंगा। जिस दिन तू किसी शो में जाएगा, विनर बनकर आएगा। वह कहते थे कि अगर एक दिन जीतना है तो अभी रिजेक्शन झेलने पड़ेंगे। कई बार मैं भी सोचता था कि कब होगा, लेकिन सर का भरोसा देखकर फिर कोशिश करता था। अगर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया होता तो शायद मेरे अंदर भी इतना धैर्य नहीं रहता। उनकी वजह से मैं लगातार लगा रहा।'
'शायद उस समय हमारा समय नहीं आया था'
रितेश तीन बार रिजेक्ट हुए, लेकिन उन्होंने इसे अपनी मंजिल का अंत नहीं माना। वह कहते हैं, 'कहते हैं न कि समय से पहले किसी को कुछ नहीं मिलता। शायद उस समय हम किसी चीज के लिए तैयार नहीं थे। किसी न किसी चीज से थोड़ी-बहुत चूक हो जाती थी। कभी लगता था कि शायद ये चीज और अच्छी करनी चाहिए थी, कभी कुछ और कमी रह जाती थी।
हर बार रिजेक्शन के बाद बुरा तो लगता था, लेकिन मैं ये नहीं सोचता था कि अब डांस छोड़ देता हूं। लगता था कि शायद इस बार नहीं हुआ तो अगली बार हो जाएगा। शायद हमारा समय भी नहीं आया था। अब लगता है कि सीजन 5 हमारे नसीब में था।'
जिस सीजन के लिए ऑडिशन नहीं देना था, उसी के बने विनर
सीजन 5 के लिए रितेश खुद ऑडिशन देने नहीं जा रहे थे। वह अगले सीजन का इंतजार कर रहे थे। रितेश बताते हैं, 'मैं तो सीजन 6 का इंतजार कर रहा था। तभी फोन आया कि एक बार ऑडिशन दे दो। मैंने सोचा कि चलो, एक बार फिर कोशिश कर लेते हैं। जो होगा देखा जाएगा। मैं ऑडिशन देने आया और पहले राउंड में ही मेरा चयन हो गया।
मेरे लिए भी हैरानी की बात थी ...क्योंकि मैं तो सीजन 6 के बारे में सोच रहा था। मैंने सोचा ही नहीं था कि सीजन 5 में मेरा चयन हो जाएगा। फिर जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ता गया। मुझे लगा कि शायद इस बार कुछ अच्छा हो सकता है। लेकिन विनर बन जाऊंगा, ये मैंने नहीं सोचा था।'
प्रतीक उतेकर के साथ काम करने की थी इच्छा
रितेश की प्रतीक उतेकर के साथ काम करने की पुरानी इच्छा थी। शो में उन्हें यह मौका मिला। वह कहते हैं, 'मैं प्रतीक सर को बहुत पहले से जानता हूं और उनका काम देखता आया हूं। मन में इच्छा थी कि किसी शो में उनके साथ काम करूं। यहां वह पूरी हो गई। उन्होंने मुझे इंडियन डांस, किरदार और एक्सप्रेशन पर काम करना सिखाया। पहले मैं सिर्फ स्टेप्स और मूवमेंट पर ध्यान देता था, लेकिन उनके साथ काम करके समझ आया कि किरदार को महसूस करना भी उतना ही जरूरी है।'
इनामी राशि से मां के लिए घर बनाएंगे
जीत के बाद रितेश का पहला सपना अपने लिए कुछ खरीदने का नहीं है। वह अपनी मां के लिए घर बनाना चाहते हैं। रितेश कहते हैं, 'मुझे एक घर बनाना है, जिसका नाम 'हरि दर्शन' रखना है। मुझे ये नाम बहुत पसंद है। वह घर मैं अपनी मम्मी को देना चाहता हूं। अभी तक मैंने इस बारे में बहुत ज्यादा कुछ प्लान नहीं किया है कि अपने लिए क्या करूंगा।
मेरे लिए मम्मी के लिए करना और अपने लिए करना अलग नहीं है। मैं उनके लिए कुछ करता हूं तो मुझे लगता है कि वो मेरे लिए ही है। मैंने इतने साल डांस किया है तो उसका एक सपना ये भी था कि जब मैं कुछ बनूं, जब मैं जीतूं, तो सबसे पहले अपनी मम्मी के लिए कुछ करूं। इसलिए अभी मेरी पहली इच्छा यही है कि उनका अपना घर हो।'
अब इंटरनेशनल स्टेज और फिल्मों का सपना
ट्रॉफी जीतने के बाद रितेश अब अगले सपने की ओर बढ़ना चाहते हैं। वह कहते हैं, 'मुझे एक बार इंटरनेशनल स्टेज पर डांस करना है। वहां जाकर परफॉर्म करना है। ये मेरा एक बड़ा सपना है। मैं चाहता हूं कि बाहर के लोग भी मेरा डांस देखें और मुझे वहां परफॉर्म करने का मौका मिले। इसके अलावा मुझे एक्टिंग भी करनी है। फिल्मों में काम करना है। अभी डांस मेरी पहली चॉइज है, लेकिन आगे एक्टिंग में भी काम करना चाहता हूं। अब डांस के साथ एक्टिंग में भी आगे बढ़ना है।'