मौसम: पहाड़ों पर बर्फ से दिल्ली में 18 साल की सबसे सर्द रात, यूपी में बारिश से आफत; आज भी आंधी-तूफान के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।
विस्तार
मैदान से लेकर पहाड़ तक भारी बारिश व बर्फबारी के चलते यूपी से लेकर नेपाल तक हालात खराब हैं। यूपी में बारिश के चलते मकान-दीवार गिरने से रविवार को 32 लोगों की जान चली गई। दो दिनों में 90 लोगों की मौत हो चुकी है। बारिश व बर्फबारी का असर दिल्ली के मौसम पर भी दिखा और 18 साल में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात सबसे सर्द रही। न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 6 सितंबर, 2008 को न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री था। दिल्ली की हवा भी सुधरी और वायु गुणवत्ता सूचकांक 50-100 के स्तर पर रहा।
पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल में रोहतांग, किन्नौर और स्पीति में बर्फबारी से कई जगह रास्ते बंद हो गए। किन्नौर में एनएच-पांच कई घंटे तक बंद रहा। उत्तराखंड में बर्फबारी के चलते चारों धामों की यात्रा रविवार को भी बंद रही।
आज आंधी-तूफान के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है। उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी है। एनसीआर में आमतौर पर बादल छाए रहने व कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारों की उम्मीद है।
गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की पहाड़ियों में बर्फबारी
उत्तरकाशी में गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की पहाड़ियों सहित गोमुख ट्रैक व नेलांग-जादूंग घाटी में एक से चार फीट तक बर्फ गिरी।
- बारिश के कारण गंगोत्री हाईवे पर धरासू और यमुनोत्री हाईवे चामी और बर्नीगाड में मलबा आने के कारण बंद हो गया है। साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर दूसरे दिन भी अस्थायी रोक जारी रही।
कैलाश यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं को निकाला
रोहतांग दर्रा समेत कुल्लू, किन्नौर व स्पीति की चोटियों पर बर्फबारी हुई। वहीं, चोरी-छिपे किन्नौर कैलाश यात्रा पर गए और फंसे राजस्थान व गुजरात के नौ श्रद्धालुओं को प्रशासन ने रेस्क्यू कर लिया।
उत्तरकाशी : बर्फबारी में 136 पर्वतारोही फंसे
लगातार बर्फबारी से गंगोत्री ग्लेशियर की चोटियों सहित उच्च हिमालयी पास पर ट्रैकिंग के लिए गए 136 पर्वतारोही बेस कैंप व अन्य स्थानों पर फंसे हुए हैं। सभी सुरक्षित हैं।
नेपाल : 49 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
नेपाल में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन प्राधिकरण ने 77 में से 49 जिलों में अचानक बाढ़ व भूस्खलन का खतरा जताते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है। इनमें आधे से अधिक जिले बाढ़ के उच्च जोखिम में हैं।
- नेपाल में बारिश के चलते गोरखपुर बस्ती मंडल में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। सिद्धार्थनगर में बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से 91 व बानगंगा 8 सेमी ऊपर 93.50 मीटर पर बह रही थी
- नेपाल के मनांग में 7,126 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप में हिमस्खलन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। 10 लोग अब भी लापता हैं