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पूर्व ओलंपियन शिवपाल सिंह प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग
सुभाष गुप्ता
Updated Thu, 16 Jul 2026 08:03 PM IST
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चंदौली में युवा संघर्ष मोर्चा के संयोजक शैलेंद्र पांडे एडवोकेट ने अंतरराष्ट्रीय जैवलिन खिलाड़ी एवं ओलंपियन शिवपाल सिंह के प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मामले में पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की और सूक्ष्म स्तर पर जांच किए बिना शिवपाल सिंह के साथ ऐसा व्यवहार किया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। शैलेंद्र पांडे ने आरोप लगाया कि मानवाधिकारों की अनदेखी करते हुए शिवपाल सिंह की चहनिया चौराहे पर परेड कराई गई और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के साथ इस प्रकार का व्यवहार युवाओं के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवपाल सिंह चंदौली जनपद के गौरव हैं। वे भारत का प्रतिनिधित्व ओलंपिक सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 'मन की बात' कार्यक्रम में उनका उल्लेख किया था और उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित कर चुकी है। उन्होंने 2019 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (दोहा) में रजत पदक, वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स (चीन) में स्वर्ण पदक जीता तथा 2018 एशियन गेम्स और टोक्यो ओलंपिक-2020 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। शैलेंद्र पांडे ने कहा कि ऐसे खिलाड़ी को अपराधी की तरह सार्वजनिक रूप से पेश करना न केवल उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है, बल्कि जिले की छवि को भी प्रभावित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बलुआ पुलिस की कार्यप्रणाली पिछले कुछ समय से सवालों के घेरे में रही है और इस मामले में सामाजिक तथा न्यायिक, दोनों प्रकार का दंड 24 घंटे के भीतर दिए जाने से आमजन में रोष है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर त्रुटि हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। इससे आमजन का न्याय व्यवस्था और कानून पर विश्वास भी मजबूत होगा।
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