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अमृतसर

मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

कोरोना और कर्फ्यूः पंजाब सरकार ने जुवेनाइल कैदियों को दी 21 दिन की छुट्टी, लीव ऑफ ऐबसैंस

कोरोना के संकट को देखते हुए पंजाब की जेलों से भीड़ कम करने के उद्देश्य से करीब 6000 कैदियों को पैरोल और अंतरिम जमानत के फैसले के बाद जुवेनाइल कैदियों को भी लीव आफ ऐबसेंस देने का फैसला किया गया है। कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी ने बताया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की जुवेनाईल जस्टिस मानीटरिंग कमेटी ने उन सजायाफ्ता और दोषी बच्चों को 21 दिनों तक छुट्टी (लीव ऑफ ऐबसैंस) देने की हिदायतें जारी की है, जिन्होंने संगीन अपराध नहीं किए हैं।

इसका पालना करते हुए पंजाब के संबंधित जिलों के जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी), बाल सुधार घर और विशेष घरों में रखे गए उन बच्चों की रिहाई के लिए काम कर रहे हैं, जो इस शर्त के मुताबिक योग्य हैं। उल्लेखनीय है कि पंजाब में लड़कों के लिए लुधियाना, फरीदकोट और होशियारपुर में तीन और जालंधर में लड़कियों के लिए एक बाल सुधार घर है। होशियारपुर में लड़कों के लिए एक विशेष घर और सुरक्षा की एक जगह मौजूद है। कुल 300 की क्षमता वाले इन स्थानों में कुल 174 बच्चे मौजूद हैं।

कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी ने आगे बताया कि सभी बाल घरों और वृद्ध आश्रमों के निवासियों को वायरस को फैलने को रोकने के उपायों के प्रति जागरूक किया गया है। पंजाब सरकार ने कोविड-19 के संकट के मद्देनजर राज्य के सभी लाभपात्रियों जिनमें 6 माह से 6 साल तक की उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और माताओं को पौष्टिक आहार सप्लाई करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह सप्लाई आंगनवाड़ी वर्करों द्वारा लाभपात्रियों के घर-घर जाकर की जाएगी।

यह जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने बताया कि लोगों की परेशानियों को दूर करने के उद्देश्य से बाल विकास और प्रोजैक्ट अफसरों की निगरानी में पौष्टिक आहार का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग जरूरतमंद लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए सभी जिलों के प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 24.69 लाख लाभपात्री बुजुर्गों, दिव्यांग व्यक्तियों, विधवाओं, बेसहारा -महिलाओं और आश्रित बच्चों के बचत खातों में पैंशनें डालने का काम पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि मार्च महीने के लिए पैंशनों का वितरण, जिसकी कुल राशि 185.23 करोड़ रुपए बनती है, अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी।
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एसजीपीसी ने माझा, दोआबा,मालवा व हरियाणा में बनाया सेवा जोन

कोरोना वायरस के कारण लोगों की मदद के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपनी सेवाओं को जोन स्तर पर बांट दिया है। एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने अलग-अलग जोन के लिए एसजीपीसी के अधिकारियों और पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। एसजीपीसी मुख्यालय तेजा सिंह समुंद्री हाल में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि जब तक यह संकट है, तब तक एसजीपीसी इन सेवाओं को जारी रखेगी।
लौंगोवाल ने कहा कि लंगर सेवा में निरंतरता बनाए रखने के लिए पंजाब को माझा, दोआबा, मालवा के साथ-साथ हरियाणा में भी जोन स्थापित किए गए हैं। माझा जोन के इंचार्ज वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह मेहता के साथ एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह और लौंगोवाल के निजी सचिव महिंदर सिंह के साथ सचिव सुखदेव सिंह भुराकोना होंगे। दोआबा जोन की जिम्मेदारी एसजीपीसी के महासचिव हरजिंदर सिंह धामी, महिंद्र सिंह आहली और सुखमिंदर सिंह के कंधों पर होगी। मालवा जोन की निगरानी गोबिंद सिंह लौंगोवाल खुद करेंगे। उनके साथ परमजीत सिंह, सुखविंदर सिंह ग्रेवाल और दर्शन सिंह रहेंगे।
कथा वाचक व चीफ सेक्रेटरी ने लंगर में 21-21 हजार का योगदान डाला
गोबिंद सिंह लौंगोवाल द्वारा लंगर में योगदान डालने की अपील के बाद कथावाचक ज्ञानी जसवंत सिंह, एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने 21-21 हजार रुपये की राशि का योगदान दिया। अमृतसर निवासी गुरदीप सिंह ने श्री गुरु राम दास लंगर के लिए 50 हजार रुपये की राशि भेंट की।
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पंजाब में कोरोना से तीसरी मौत, तीन नए केस आए सामने, पीड़ितों की कुल संख्या पहुंची 41

पंजाब में सोमवार तक कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। अमृतसर में रविवार देर रात एक व्यक्ति की मौत के बाद सोमवार शाम छह बजे पटियाला के अस्पताल में भर्ती महिला ने भी दम तोड़ दिया। वह लुधियाना की रहने वाली थी। इसके साथ ही, सोमवार को प्रदेश में कोरोना के पॉजिटिव केसों की संख्या भी 38 से बढ़कर 41 पर पहुंच गई। वहीं फिरोजपुर में कोरोना के एक संदिग्ध 31 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। उसके सैंपल जांच के लिए अमृतसर भेजे गए हैं। पंजाब में कर्फ्यू की अवधि भी 14 अप्रैल तक बढ़ा दी गई। 

मोहाली के नया गांव में सोमवार को एक 65 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उसे पीजीआई में भर्ती किया गया है। वहीं, दुबई से लौटा एक पटियाला निवासी भी पाजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में दाखिल किया गया है। सेहत विभाग इन मरीजों के संपर्क में रहे लोगों की तलाश कर रहा है। उधर, हरियाणा में अंबाला के सिविल अस्पताल और जालंधर से सामने आए मामले में मरीज के पारिवारिक सदस्यों की जांच कर ली गई है। उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। 

राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सेहत विभाग द्वारा अब तक 1051 संदिग्धों की जांच के लिए सैंपल लिए गए जिनमें से 881 की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। फिलहाल 129 लोगों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल राज्य सरकार और सेहत विभाग के लिए विदेश से लौटे ऐसे एनआरआई बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं, जिन्होंने सरकार के आदेश के बावजूद अब तक अपनी स्वास्थ्य जांच नहीं कराई है और राज्य में इधर-उधर छिप रहे हैं। सरकार ने इनकी तलाश का काम राज्य पुलिस को सौंपा है।
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पंजाब में कोरोना से आठवीं मौत, 11 नए मामले आए सामने, संक्रमितों की संख्या पहुंची 79

पंजाब में सोमवार को कोरोना से सक्रंमित एक मरीज ने दम तोड़ दिया। सूबे में कोरोना से यह आठवीं मौत है। वहीं 11 नए केस आने के साथ ही राज्य में पीड़ितों की संख्या बढ़कर 79 हो गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को एसएएस नगर मोहाली में चार, फतेहगढ़ साहिब में 2, रोपड़ में 2 और अमृतसर, कपूरथला व लुधियाना में 1-1 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। 

अमृतसर में 65 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। वहीं मोहाली में जिन चार लोगों को पॉजिटिव पाया गया है, उनमें से एक व्यक्ति दिल्ली में तब्लीगी जमात में हिस्सा लेकर लौटा है जबकि बाकी तीनों इसी जमाती के संपर्क में थे। इनके अलावा सोमवार को लुधियाना, कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब में भी जो चार व्यक्ति पॉजिटिव पाए गए हैं, वह भी तब्लीगी जमात में हिस्सा लेकर लौटे हैं। रोपड़ और अमृतसर में जो तीन नए केस सामने आए हैं, वे संक्रमितों के संपर्क में थे।

2384 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे 
राज्य में सोमवार तक 2384 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 1994 लोगों के सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। राज्य में कोरोना का शिकार हुए 79 लोगों में से अब तक आठ की मौत हो चुकी हैं। राज्य में अब तक केवल चार मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए हैं। 

पंजाब में अब तक यह स्थिति 
अब तक नवांशहर और मोहाली में 19-19 लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, अमृतसर में 9, होशियारपुर में 7, जालंधर और लुधियाना में 6-6 कोरोना से पीड़ित मिले हैं। मानसा, रूपनगर में 3-3, फतेहगढ़ साहिब में 2 और पटियाला, फरीदकोट, पठानकोट, बरनाला और कपूरथला में 1-1 व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है। 
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

भाई खालसा व उनके सहयोगी के पांच परिजन फोर्टिस में दाखिल

श्री हरमंदर साहिब के पूर्व हजूरी रागी भाई निर्मल सिंह की मौत के बाद उनके व सहयोगी भाई दर्शन सिंह खालसा के परिवार को निजी फोर्टिस अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया है। इस अस्पताल में निर्मल सिंह की चाची, उनके सहयोगी रागी भाई दर्शन सिंह खालसा, उनकी पत्नी, बेटा जगप्रीत सिंह और पोता तालबीर सिंह शामिल है। रविवार बाद दोपहर दो बजे सिविल सर्जन डॉ. प्रभदीप कौर जौहल की अगुवाई में विभाग की टीम गुरुनानक देव अस्पताल पहुंची और पांचों को कवर कर एंबुलेंस से फोर्टिस अस्पताल ले गए।
30 मार्च को कोरोना पॉजिटिव निर्मल सिंह खालसा को गुरुनानक देव अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में दाखिल करवाया गया था। निर्मल सिंह ने आइसोलेशन वॉंर्ड से फोन पर अपने पुत्र व पिता से बात की थी। उन्होंने कहा था कि यहां उनका इलाज नहीं हो रहा। चार घंटे से कोई डॉक्टर उनके पास नहीं आया। मैं खुदकुशी कर लूंगा। दो अप्रैल तड़के साढ़े चार बजे निर्मल सिंह की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद यह ऑडियो वायरल हुई। बात पंजाब सरकार तक जा पहुंची। इसी बीच निर्मल सिंह से संबंधित पांच लोग भी कोरोना संक्रमित पाए गए, जिन्हें गुरुनानक देव अस्पताल में ही एडमिट करवाया गया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से अपील की कि उन्हें किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पंजाब सरकार को भेजी। इसके बाद सरकार ने सभी को फोर्टिस अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया।
सभी मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजे सरकार : कारज सिंह
गुरुनानक देव अस्पताल पहुंचे श्री हरमंदिर साहिब के रागी कारज सिंह ने कहा कि यहां किसी का इलाज नहीं हो सकता। निर्मल सिंह की मृत्यु के बाद जो ऑडियो वायरल हुआ था उसके बाद एसजीपीसी ने शासन व प्रशासन तक बात पहुंचाई है। एसजीपीसी ने मांग की कि परिवार के अन्य सदस्यों को निजी अस्पताल भेजा जाए, सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है। सरकार से गुजारिश से है कि जो और पॉजिटिव मरीज गुरुनानक देव अस्पताल में उपचाराधीन हैं उनका उपचार भी निजी अस्पताल से करवाया जाए। कारज सिंह ने कहा कि गुरुनानक देव अस्पताल के डॉक्टर शर्म महसूस न करें। यदि यहां उपचार नहीं हो सकता तो कोरोना संक्रमितों को निजी अस्पतालों में रेफर कर दें।
हमने निर्मल सिंह को स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट दिया : प्रिंसिपल सुजाता शर्मा
मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा ने कहा कि भाई निर्मल सिंह गुरु रामदास अस्पताल वल्ला से 30 मार्च को यहां शिफ्ट किए गए थे। निर्मल सिंह चाहते थे कि उन्हें फोर्टिस अस्पताल में भेजा जाए, पर फोर्टिस ने उन्हें दाखिल करने से इंकार कर दिया। हमने उन्हें आइसोलेशन वॉर्ड में वेंटिलेटर में रखकर ट्रीटमेंट दिया था। वो काफी घबराए हुए थे। फैमिली से बात करवाने को कहा, तो डॉक्टर ने उनकी बात करवा दी। उनके उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई। निर्मल सिंह को आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट दिया गया। वॉर्ड में मेडिसिन, टीबी एंड चेस्ट एवं एनेस्थीसिया विभाग से संबंधित तीन सीनियर डॉक्टर उनका ट्रीटमेंट कर रहे थे। लापरवाही का कहीं कोई सवाल ही नहीं उठता।
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कोरोना वायरस: पंजाब सरकार का निर्णय- इलाज से मना करने वाले निजी अस्पतालों के लाइसेंस होंगे रद्द

कुछ निजी अस्पतालों द्वारा अपनी सेवाएं बंद करने को गंभीरता से लेते हुए पंजाब मंत्रिमंडल ने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सीएम ने सुझाव दिया कि स्वास्थ्य विभाग को कोविड-19 से पीड़ित मरीजों का इलाज करने से इनकार करने वाले अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर देने चाहिए। 

उन्होंने इस तरह की कार्रवाई को कायराना बताते हुए कहा कि ऐसे नाजुक समय में वह छिपकर नहीं बच सकते। मुख्यमंत्री ने सूबे में कोरोना के चलते कर्फ्यू और लॉकडाउन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई मीटिंग के दौरान फैसला किया गया कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज प्रबंधों में धीरे-धीरे विस्तार किया जाना चाहिए ताकि गेहूं की कटाई और खरीद, राज्य और देश में बढ़ रहे रुझान के साथ-साथ सामुदायिक फैलाव (स्टेज-3) की आशंकाओं और महामारी के कारण मरीजों की संख्या बढ़ने पर निपटा जा सके। 

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने कैबिनेट को बताया कि एक बार जब तेजी के साथ जांच करने वाली किटें और केंद्र सरकार के अंतिम दिशा-निर्देश आ गए तो राज्य में तेजी से जांच शुरू कर दी जाएगी ताकि पॉजिटिव मामलों की पहचान की जा सके। सभी प्रभावित स्थानों पर लक्षणों और गैर-लक्षणों के मामलों की तेजी से जांच की जाएगी जबकि गैर-प्रभावित स्थानों पर लक्षणों वाले मामलों की जांच भी इसी तरह ही की जाएगी। विभाग द्वारा प्रभावित स्थानों पर सामुदायिक जांच शुरू की जा चुकी है।
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कोरोना से जंग: कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- विदेश यात्रा की सूचना न देने वालों के जब्त होंगे पासपोर्ट

पंजाब में कोविड-19 संकट के चलते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अहम फैसला लेते हुए विदेश यात्रा के बारे जानकारी नहीं देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसके तहत उन्होंने ऐसे लोगों के पासपोर्ट जब्त करने के आदेश दिए हैं। 

पंजाब में कोरोना के चलते कर्फ्यू और लॉकडाउन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई कैबिनेट की पहली बैठक में सीएम ने कहा कि विदेश यात्राओं का खुलासा करने के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पुलिस और सेहत विभाग से यात्रा के बारे में तथ्य छिपाए हैं, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे लोगों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाएंगे।

कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के सेवामुक्त होने वाले मुलाजिमों का तीन माह का सेवाकाल बढ़ाए जाने के फैसले को भी मंजूरी दे दी। सेहत विभाग इन दिनों कोरोना के खिलाफ जंग में फ्रंटलाइन पर डटा है। यह प्रस्ताव मुख्य सचिव करण अवतार सिंह द्वारा पेश किया गया था। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रस्ताव को विस्तृत मंजूरी के लिए बाद में मुख्यमंत्री को सौंप दिया जाएगा। 

इसके साथ ही, कैबिनेट ने कोविड-19 के खिलाफ जंग में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वर्गों को विशेष तौर पर आभार व्यक्त करने के लिए तीन प्रस्ताव पारित किए। इनमें सरकारी कर्मचारी जिन्होंने अपने वेतन का एक हिस्सा दान दिया है, सभी एनजीओ और धार्मिक संगठन जिन्होंने लोगों को प्रेरित कर सामाजिक दूरी बनाने में योगदान दिया और राहत कार्य किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पुलिस, स्वास्थ्य, सैनिटेशन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का तहेदिल से धन्यवाद करती है।
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आतंकी दविंदर सिंह भुल्लर को 42 दिन की पैरोल, घर में रहने के साथ रहेंगी कई और बंदिशें

कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
दिल्ली बम धमाकों के मामले में सजा काट रहे आतंकी प्रोफेसर दविंदर सिंह भुल्लर को पेरोल पर रिहा कर दिया गया है। शनिवार को अमृतसर केंद्रीय जेल से रिहा किए 59 कैदियों में भुल्लर भी शामिल था। भुल्लर को 42 दिन की पेरोल दी गई है।

कड़ी सुरक्षा के बीच भुल्लर को उसके रंजीत एवेन्यू स्थित निवास भेजा गया। पेरोल के दौरान भुल्लर को किसी भी व्यक्ति से मिलने की इजाजत नहीं होगी। न ही वह घर से बाहर जा सकेगा।

इमरजेंसी में घर से बाहर जाने से पहले उसे नजदीक के थाने को सूचित करना होगा। थाने की मंजूरी मिलने पर ही वह घर से बाहर निकल सकेगा। बता दें कि भुल्लर को दिल्ली बम धमाकों में फांसी की सजा हुई थी। सिख संगठनों व एसजीपीसी के प्रयासों के बाद केंद्रीय ग्रह मंत्रालय ने भुल्लर की फांसी को उम्रकैद में बदल दिया था।

कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से घबराई पंजाब सरकार ने प्रदेश की अलग-अलग जेलों से छह हजार कैदियों को पेरोल पर रिहा करने का निर्णय किया है। अमृतसर केंद्रीय जेल से अब तक 529 कैदियों को पेरोल पर रिहा किया जा चुका है।
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भाई दर्शन सिंह खालसा के सात परिजन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती

भाई निर्मल सिंह खालसा के सहायक भाई दर्शन सिंह खालसा की कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सेहत विभाग के अधिकारियों ने उनके परिवार के सात सदस्यों को आईसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया है। इनमें दर्शन सिंह खालसा के बेटे जगप्रीत सिंह, उनकी बहू नवप्रीत कौर, पत्नी, दो बेटे, पोता तालबीर सिंह और पोती गुरईश कौर शामिल हैं।
वहीं दर्शन सिंह खालसा के समधी और एसजीपीसी कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य जत्थेदार सुखविंदर सिंह झबाल ने आरोप लगाया कि आइसोलेशन वार्ड में दाखिल उनके दामाद जगप्रीत सिंह ने बताया कि वहां पर इलाज की कोई सुविधा नहीं है। जब उन्होंने वहां तैनात स्टाफ से तालबीर और गुरईश कौर की जांच के लिए कहा तो उन्हें बताया गया कि उनके पास बुखार की जांच के लिए थर्मामीटर तक नहीं है। वार्ड में गंदगी फैली हुई है। झबाल ने आरोप लगाया कि उनके समधी दर्शन सिंह खालसा की रिपोर्ट के बारे में परिवार को कोई भी जानकारी नहीं दी गई।
अस्पताल में हर सुविधा उपलब्ध : सोनी
मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने बताया कि कोरोना से पीड़ित मरीजों के इलाज में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अस्पताल में 400 से अधिक पीपीई किटें, 9000 से अधिक एन-95 मास्क, सवा लाख से अधिक तिहरी परत वाले मास्क व 30 वेंटिलेटर मौजूद हैं। नए सामान की सप्लाई निरंतर जारी है। सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को सामान खरीदने के अधिकार दिए गए हैं। एक सवाल के जवाब में सोनी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश अनुसार सेहत विभाग के उन कर्मचारियों को ही पीपीई किटें दी जा रही है जो कोरोना के इलाज में योगदान डाल रहे हैं।
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पद्मश्री खालसा के अंतिम संस्कार में डाली थी रुकावट, अब वेरका नगर में शबद कीर्तन नहीं करेंगे रागी

पंथ प्रसिद्ध रागी सिंह निर्मल सिंह खालसा के अंतिम संस्कार का विरोध करने के कारण सिखों की आलोचना झेल रहे वेरका निवासियों के सामने धार्मिक संकट खड़ा हो गया है। शिरोमणि रागी संस्था अमृतसर के अध्यक्ष भाई ओंकार सिंह ने वेरका नगर में किसी भी धार्मिक व अन्य मौकों के कार्यक्रमों में शबद कीर्तन करने का बायकाट करने की घोषणा कर दी है।

वहीं श्री हरमंदिर साहिब के साथ जुड़ी शिरोमणि रागी सभा के रागी भाई कुलदीप सिंह ने कोरोना वायरस से वातावरण ठीक होने के बाद उस स्थान पर गुरुबाणी कीर्तन कर रागी निर्मल सिंह खालसा को श्रद्धांजलि भेंट करने की घोषणा की जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया है।

भाई ओंकार सिंह ने कहा कि जिस प्रकार वेरका निवासियों ने भाई खालसा के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट के दरवाजे बंद कर लिए उससे रागी सिंह के दिलों को गहरी चोट पहुंची है। वेरका निवासियों का कृत्य सिख धर्म के विरुद्ध है। श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी के साथ इस प्रकार के दुर्व्यवहार से दुनिया भर के रागी सिंहों में रोष है। ओंकार सिंह ने कहा कि वेरका के पार्षद मास्टर हरपाल सिंह वेरका और नवदीप सिंह हुंदल ने जिस मानसकिता का परिचय दिया है, उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

रागी सिंह सभी के सांझे हैं। बिना किसी भेदभाव सभी के घरों में कीर्तन कर उनके परिवार की चढ़ती कला की अरदास की जाती है। वेरका निवासियों की इस मानसिकता के कारण शिरोमणि रागी संस्था को भरे मन से यह निर्णय करने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि रागी सिंह वेरका नगर के किसी भी समागम में गुरुबाणी कीर्तन नहीं करेंगे। यह निर्णय श्री हरमंदिर साहिब के साथ जुड़े सभी रागी सिंहों ने सर्वसम्मति से किया है।

वेरका निवासियों ने खालसा की यादगार के लिए दो करोड़ की भूमि दी दान
भाई निर्मल सिंह खालसा के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट के दरवाजे बंद कर विरोध करने वाले वेरका निवासियों ने अपनी गलती का अहसास करते हुए वेरका नगर की पंचायत जमीन का नौ कनाल दो मरले का हिस्सा भाई खालसा के नाम कर दिया है। हरपाल सिंह वेरका ने कहा कि दान की गई जमीन की कीमत दो करोड़ रुपये है।

इस जमीन पर भाई खालसा के नाम पर एक संगीत अकादमी या म्यूजियम की स्थापना की जा सकती है। प्रशासन या कोई निजी संस्था इस जमीन पर भाई निर्मल सिंह खालसा के नाम पर कोई यादगार भी बना सकती है। भाई निर्मल सिंह के नाम पर स्थापित की जाने वाली किसी भी संस्था में उन्होंने वेरका के बच्चों को तरजीह देने की बात भी की।
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Coronavirus in Punjab: पंजाब में कोरोना पीड़ितों की संख्या पहुंची 66, एक ही दिन नौ नए मामले आने से हड़कंप

पंजाब में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार को कोरोना पॉजिटिव नौ और मामले सामने आने के बाद राज्य में इस घातक वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। इनमें से अब तक 5 लोगों की मौत भी हो चुकी है जबकि सुखद खबर यह भी है कि राज्य में अब तक तीन मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं।

शनिवार को सामने आए नए मामलों में से तीन अमृतसर, तीन मोहाली और एक-एक जालंधर पठानकोट व फरीदकोट से हैं। सेहत विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, राज्य में अब तक सामने आए 1824 संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 1520 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। फिलहाल 239 लोगों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। राज्य में अब तक पॉजिटिव लोगों में से 2 की हालत गंभीर और 2 अन्य की हालत अति गंभीर बताई गई है।

सेहत विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक कोरोना पीड़ितों के सबसे अधिक मामले नवांशहर में 19 और 14 पीड़ितों की संख्या के साथ दूसरे नंबर पर मोहाली है। हालांकि मोहाली के दो मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौट गए हैं। होशियारपुर के सात मरीजों में से एक व्यक्ति स्वस्थ हुआ है।

अन्य जिलों में मरीजों का आकंड़ा

जिला            पीड़ितों की संख्या
अमृतसर            8 
लुधियाना में       6
मानसा में          3 
पटियाला           1 
रोपड़                 1
फरीदकोट          1
 पठानकोट         1
 
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ट्रक ने रिक्शा को मारी टक्कर, चालक की मौत

ट्रक की टक्कर से रिक्शा चालक की मौत
तरनतारन। कस्बे के समीप रिक्शा को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में बुजुर्ग रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई। रिक्शे पर सवार दो महिलाएं घायल हो गईं। दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भिखीविंड चेला कॉलोनी निवासी रिक्शा चालक हरदेव सिंह (57) सवारियां ढोकर अपने परिवार का गुजारा करता था। हरदेव सिंह वीरवार को गाव वरपाल निवासी वरिंदर कौर और भिखीविंड निवासी जतिंदर कौर को गाव पूहला से लेकर भिखीविंड को आ रहा था। रास्ते में खाद्य पदार्थों से भरे ट्रक ने रिक्शे में टक्कर मार दी। रिक्शा सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराया। हादसे दौरान रिक्शा चालक हरदेव सिंह की मौके पर मौत हो गई। दोनों महिलाएं गंभीर घायल हो गई, जिनको कस्बे के निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया।
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Coronavirus: कोरोना से पद्मश्री निर्मल सिंह खालसा की मौत, चार घंटे की मशक्कत के बाद अंतिम संस्कार

कोरोना महामारी से पंजाब में वीरवार को पांचवी मौत हुई। कोरोना महामारी से पंजाब में वीरवार को पांचवी मौत हुई। श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व हजूरी रागी पद्मश्री निर्मल सिंह खालसा नहीं रहे। वहीं एक नया केस होशियारपुर जिले के गढ़शंकर में  सामने आ गया। इसके साथ की संक्रमित मरीजों की संख्या 47 हो गई है। इनमें 19 नवांशहर जिले, 10 मोहाली, 7 होशियारपुर, 5 जालंधर, 3 लुधियाना, एक पटियाला और दो व्यक्ति अमृतसर जिले से हैं। एक मरीज ठीक होकर घर जा चुका है और महामारी से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।

वीरवार को कोरोन संक्रमण होने से श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व हजूरी रागी पद्मश्री निर्मल सिंह खालसा का देहांत हो गया। इनसे पहले नवांशहर जिले के 70 वर्षीय बुजुर्ग पाठी की कोरोना से 18 मार्च को मौत हो गई थी। 29 मार्च की रात को अमृतसर के गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में दाखिल होशियारपुर जिले के गांव मोरांवाली के एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया था। 30 मार्च को पटियाला में भर्ती लुधियाना के अमरपुरा की 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। 31 मार्च को मोहाली के नया गांव निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वह पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन था।

कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित पदमश्री भाई निर्मल सिंह ने वीरवार सुबह साढ़े चार बजे उन्होंने गुरु नानक देव हस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अंतिम सांस ली। निर्मल सिंह खालसा की मौत के समाचार में पंथक हलका स्तब्ध है। उन्हें तीन दिन पहले खांसी-जुकाम व हलका बुखार होने पर गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। इससे पहले खालसा कुछ दिन एसजीपीसी द्वारा संचालित श्री गुरु राम दास मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे। वहां के डॉक्टरों को ही इलाज के दौरान उनके कोरोना वायरस से पीड़ित होने का पता चला था। फिर उन्हें गुरु नानक देव हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया।

जहां तीन दिन पहले उनके सैंपल सरकारी मेडिकल कॉलेज में बनी लैब में भेजे गए। बुधवार को मिली रिपोर्ट में उनके कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हो गई और वीरवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं खालसा की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके घर को क्वारंटीन कर दिया गया। आसपास का एरिया सील कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, निर्मल सिंह खालसा को श्री गुरु राम दास जी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाने वाले दो लोगों को भी क्वारंटीन कर दिया गया है। इनमें से एक पंजाबी अखबार का पत्रकार बताया जा रहा है।
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