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हरियाणा

रविवार, 29 मार्च 2020

कोरोना वायरस को लेकर राष्ट्रपति ने की वीडियो कॉन्फ्रेंस, हरियाणा की तैयारियों का लिया जायजा

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हरियाणा में कोरोना वायरस से लड़ने की प्रदेश सरकार की रणनीति और तैयारियों का जायजा लिया। राष्ट्रपति शुक्रवार को विभिन्न राज्यों के राज्यपालों व यूटी के प्रशासकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुखातिब थे। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने भी राष्ट्रपति को हरियाणा की तैयारियों से अवगत करवाया।

इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सभी राज्य सरकारों से कहा है कि कोरोना की बीमारी से निपटने के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, सामाजिक व धार्मिक संगठनों का भरपूर सहयोग लें।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी कोरोना बीमारी की स्थिति की समीक्षा करते हुए राज्यपालों से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने हरियाणा में कोरोना बीमारी से निबटने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह खुशी की बात है कि हरियाणा में कोरोना बीमारी से पीड़ित किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है।

इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा इस आपदा से निबटने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रदेश में अब तक 3206 आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं। 13000 लोगों को क्वारंटीन करने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा कोरोना बीमारी की स्थिति में गरीब व जरूरतमंद लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने बारे भी अवगत करवाया ।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों से अवगत करवाते हुए।
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किसानों तक रेल, सड़क मार्ग से पहुंचेगी खाद, कॉलेजों का तकनीकी स्टाफ तीन महीने के लिए अनुबंधित

हरियाणा में कोरोना से जारी जंग के बीच किसान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसानों को खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। बंद के दौरान सरकार ने रेल, सड़क मार्ग के जरिये पूरे प्रदेश में किसानों को खाद पहुंचाने का निर्णय लिया है। कीटनाशक भी किसानों को मुहैया कराए जाएंगे।

खाद का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड पानीपत करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि संजीव कौशल ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने खाद वितरण के लिए समुचित प्रबंध करने के लिए सभी डीसी को पत्र लिखा है। एनएफएल पानीपत को खाद उत्पादन करने के साथ ही वितरण के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय भी स्थापित करना होगा। खाद की किल्लत न हो और किसान हाहाकार न मचाएं इसलिए सरकारी, सहकारी व अन्य बिक्री केंद्रों को सुबह 10 बजे से एक बजे तक खोला जाएगा। किसानों की मांग ज्यादा होने पर जरूरत अनुसार रोस्टर तैयार कर निजी दुकानें भी खाद बिक्री के लिए अधिकृत की जाएंगी।

केंद्र सरकार ने बीज व कीटनाशकों को तो लॉकडाउन में छूट दे दी थी, लेकिन खाद को उसमें शामिल नहीं किया था। हरियाणा सरकार ने इसे आवश्यक सेवाओं में शामिल करते हुए उत्पादन व आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। चूंकि, हरियाणा में खाद की मांग लाखों टन में रहती है। मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल के शुरुआती समय में खाद किल्लत के कारण थानों तक में बिक चुकी है। स्टॉक कम होने के कारण बिक्री केंद्रों पर मारपीट के कई मामले सामने आए थे। सरकार नहीं चाहती कि कोरोना महामारी के समय पुराना इतिहास दोहराया जाए।
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हरियाणः लॉकडाउन न मानने पर 598 गिरफ्तार, डीजीपी बोले- आपात कार्यों में लगे वाहन निर्बाध चलेंगे

शुक्र है... शुक्रवार को कोरोना का कोई पॉजिटिव मामला हरियाणा में दर्ज नहीं हुआ। हद है कि लोग लॉकडाउन के नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं। जिस वजह से हरियाणा के विभिन्न जिलों में 400 एफआईआर दर्ज हो गई है। जिसमें 598 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 4356 वाहनों के चालान किए गए हैं। जिसमें से सैकड़ों वाहन जब्त किए गए हैं।

दूसरी ओर, हरियाणा के मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने हरियाणा के सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वह विदेश से आने वाले सभी लोगों की सूची अपडेट करें और उन पर लगातार चिकित्सीय निगरानी रखें। इसके अलावा, उन्होंने सभी संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने संबंधित अधिकार क्षेत्र में स्थापित किए गए कोविड-19 अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लें।

246 लोग कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए
हरियाणा में इस वक्त कोरोनावायरस से ग्रस्त मरीजों की संख्या भले ही 19 है। मेडिकल सर्विलांस में रहने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 11693 हो गई है। इतना ही नहीं 246 लोग ऐसे हैं जो कोरोना पॉजिटिव 19 लोगों के संपर्क में आए हैं। इनकी सेहत को लेकर भी हरियाणा सरकार बहुत ज्यादा चिंतित हैं। 184 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में रखकर उनका इलाज किया जा रहा है। 573 सैंपल में से 430 सैंपल नेगेटिव आ चुके हैं कि 126 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। 645 मरीज ऐसे हैं जो अपना 28 दिन का मेडिकल सर्विलांस पूरा कर चुके हैं।
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हरियाणा आने की फिराक में पंजाब के एनआरआई, बढ़ा सकते हैं मुश्किल, चौकस रहने के निर्देश

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्य के सभी अतिरिक्त उपायुक्तों और जिला विकास पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पंजाब के साथ लगते अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, फतेहाबाद व सिरसा जिलों में पंजाब के अप्रवासी भारतीयों के आने की भी संभावना है। इन जिलों में भी सरपंच विशेष ध्यान रखें और किसी को भी आने की अनुमति न दी जाए। यदि कोई आता भी है तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जाए। सरपंचों को गांव में ठीकरी पहरा व चौकीदारों के माध्यम से विशेष मुनादी करवानी होगी।

उन्होंने कहा कि जहां-जहां से प्रवासी श्रमिक हरियाणा से उत्तर प्रदेश व राजस्थान जैसे अपने मूल राज्यों में लॉकडाउन के दौरान पैदल जा रहे हैं, उनके लिए स्कूलों, पंचायत भवनों व अन्य सरकारी भवनों को शैल्टर होम के रूप में परिवर्तित करके उनके ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था की जाए और इससे पहले इन भवनों को सैनिटाइज किया जाए।

डिप्टी सीएम वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी अतिरिक्त उपायुक्तों और जिला विकास पंचायत अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को इस बात के भी निर्देश दिए कि विदेशों से या दूसरे राज्यों या शहरों से पिछले 15 दिनों में गांवों में आए व्यक्तियों के बारे में मुख्यालय को सूचित किया जाए। अगर ऐसे व्यक्ति आते हैं तो पूरे गांवों का अच्छी प्रकार से सोडियम क्लोराइड स्प्रे से सैनिटाइजेशन करवाया जाए तथा ऐसे व्यक्तियों की तुरंत सूचना जिला प्रशासन को देकर क्वारंटीन किया जाए।

इसी प्रकार, जो पंचायतें कोरोना वायरस को रोकने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी, उन पंचायतों को देश के समक्ष एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा और उन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि सोनीपत जिले के राई खण्ड व फरीदाबाद जिले के गांव की पंचायतों के सभी सरपंचों ने अपने 6 महीने का मानदेय हरियाणा कोविड रिलीफ फंड में देने की घोषणा की है।
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दुष्यंत चौटाला दुष्यंत चौटाला

छोटे कारोबारियों का ढाई लाख का कर्ज किया जाए माफ, आपातकाल वेतन योजना भी हो लागू: कांग्रेस

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश में आपातकाल वेतन योजना को लागू की जाए। जिसके अंतर्गत कर्मचारियों को 3 महीने के वेतन में पांच-पांच हज़ार रुपये सरकार अपनी ओर से दे। साथ ही कारोबारियों के लिए जीएसटी दरों को कम किया जाए और संकट की इस घड़ी में छोटे कारोबारियों ढाई लाख का कर्ज भी माफ किया जाए।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजे पत्र में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने मांग करते हुए कहा कि सरकार को छोटे मध्यम व्यापार की सहायता करने के लिए आपातकालीन वेतन योजना स्थापित करके अगले तीन महीनों तक इनके सभी कर्मचारियों को कम से कम पांच हज़ार प्रति माह का योगदान देना चाहिए।

इन छोटे व्यवसायों के लिए राज्य जीएसटी को आधा कर दिया जाए और इनके स्वयं के लिए एक चौथाई राज्य जीएसटी राशि रखने की अनुमति हो। राज्य जीएसटी भुगतानों को तीन महीने के लिए टाला जाए। जीएसटी रिटर्न में देरी हो जाने की वजह से जुर्माने से छूट मिलनी चाहिए। 6 महीने के लिए व्यक्तिगत आयकर को भी हटाया जाए। इसके लिये राज्य सरकार केंद्र सरकार से आग्रह करे।

छोटे व्यापारी का 2.5 लाख तक का कर्ज माफ होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छोटे मध्यम व्यापार खासकर होटल, रेस्तरां और खुदरा उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हैं। सेवा उद्योग से संबंधित व्यवसायों का समर्थन करने के लिए सरकार को विशेष पैकेजों की घोषणा करनी चाहिए। किराना दुकानदारों, केमिस्ट, सब्जी वालों व दूध जैसी जरूरतें पूरी करने वालो को भी मासिक भत्ता मिलना चाहिए।
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लॉकडाउन: हरियाणा में पर्याप्त है भंडार, नहीं होगी आटे की किल्लत, अफसरों की ड्यूटियां तय

लॉकडाउन के दौरान हरियाणा के किसी भी जिले में आटे की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए पुख्ता इंतजाम कर लिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने जिलों में किसी भी प्रकार से आटे की किल्लत न होने दें। इसके लिए सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों व आसपास के जिलों में स्थित आटा मिल संचालकों के संपर्क में रहकर यह सुनिश्चित करें कि आटे की निर्बाध सप्लाई किराना दुकानों तक लोगों के लिए पहुंच रही है।

उल्लेखनीय है कि पिछले एक-दो दिनों से प्रदेश में आटा किल्लत को लेकर कई तरह की अफवाह फैलाई जा रही है। मगर इन अफवाहों पर सरकार ने पूर्णतया विराम लगाते हुए सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में आटे की किसी भी प्रकार से कोई कमी नहीं है। प्रदेश की आटा मिलों के साथ-साथ सभी आटा चक्की भी खुली रहेंगी।

प्रदेश की सभी राशन डिपो पर भी लोगों के लिए आटे की सप्लाई पहुंच चुकी है और मार्च महीने का राशन लगभग बंट चुका है। अप्रैल महीने का राशन और आटा भी 5 अप्रैल तक सभी राशन डिपो पर पहुंच जाए। इसके लिए भी सरकार ने सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों की ड्यूटी लगाई है। सभी जिलों के डीसी भी इस व्यवस्था पर नजर रखेंगे कि राशन डिपो पर लाभार्थियों को आटा राशन बिना किसी रुकावट के प्राप्त हो।
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Coronavirus: हरियाणा में स्कूल खुलने पर ही ली जाएगी नए सत्र की फीस, सरकार ने जारी किया सर्कुलर

हरियाणा में कोई भी निजी स्कूल लॉकडाउन के दौरान किसी अभिभावक पर नए शैक्षणिक सत्र की फीस और शुल्क लेने का दबाव नहीं बनाएगा। हालात सामान्य होने के बाद ही अभिभावकों से फीस या अन्य शुल्क लिए जाएंगे। हरियाणा शिक्षा विभाग ने तुरंत प्रभाव से सर्कुलर जारी कर सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को इसे सुनिश्चित करने को कहा है ।

दरअसल, हरियाणा में बहुत से निजी स्कूल लॉकडाउन के बावजूद अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं कि वे नए शैक्षणिक सत्र के दौरान अपने बच्चों की फीस और अन्य शुल्क बैंकों के माध्यम से जमा करवाएं।। इस तरह की कई शिकायतें हरियाणा शिक्षा विभाग के पास पहुंची हैं। जिसके बाद शिक्षा निदेशालय ने सर्कुलर जारी कर यह कहा है कि प्रदेश में कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों पर इस तरह का दबाव नहीं बनाएगा।

सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। इस स्थिति में कोई भी घर से बाहर नहीं निकल रहा है। इसलिए जब स्थिति सामान्य हो जाएगी और स्कूल खुलने लग जायेंगे। तभी बच्चों से फीस और अन्य शुल्क लिए जाएंगे।
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कोरोनाः पलायन देख सरकार को सताई प्रवासी श्रमिकों की चिंता

सांकेतिक तस्वीर।
कोरोना के डर से हो रहे श्रमिकों के पलायन को देखते हुए सरकार को अब श्रमिकों की चिंता सता रही है। सीएम मनोहर लाल ने सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रवासी श्रमिकों के लिए जिलों में सेफ कैंप बनाकर, इन श्रमिकों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाए। 

सेफ कैंपों में इन सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाए। जिससे यदि कोई भी व्यक्ति कोरोना के संक्रमण की चपेट में आया हो तो उसकी समय रहते जांच हो सके। उसे क्वारंटीन किया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे श्रमिकों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखें और ऐसे श्रमिकों को यह समझाया जाए कि वे सेफ कैंपों में रहें और इन्हें खाना, चिकित्सा व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राज्य में कार्य करने वाले अधिक से अधिक श्रमिकों को इन सेफ कैंपों में रखा जाए। 

इसके अलावा, विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर इन श्रमिकों को चिकित्सा परीक्षण की सुविधा दी जाए। ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण की श्रृंखला को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने जिलों में और जिले की सीमाओं पर नाकाबंदी करके इन श्रमिकों को आगे बढ़ने से रोका जाए और इन्हें सेफ कैंपों में रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने जिलों में उद्योगपतियों से अनुरोध करें कि वे उनके कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों के रहने और भोजन की व्यवस्था करें और श्रमिकों को किसी भी हाल में जाने के लिए न कहा जाए। मुख्यमंत्री ने गरीब लोगों के लिए चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो लाभार्थी मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना और निर्माण श्रमिक बोर्ड सूची में शामिल नहीं हैं, ऐसे लोगों के पंजीकरण के कार्य में तेजी लाई जाए ताकि इन लोगों को 1,000 रुपये प्रति सप्ताह की वित्तीय सहायता दी जा सके। 

इसके साथ ही, इन लोगों को सभी बुनियादी आवश्यकताएं भी मुहैया करवाने पर जोर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों की अधिकतम भागीदारी को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की घर द्वार पर आपूर्ति के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल वैन की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सोशल डिस्टेंस भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में राशन की दुकानें खुली हैं, यह अच्छी बात है, परंतु बाजारों में भीड़ को कम रखने के लिए और सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक जिले में दुकानें खोलने के बजाय, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करके घर द्वार पर वितरण की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाली सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही भी सुनिश्चित की जाए।
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हरियाणा: साबुन से हाथ धोकर राशन डिपो में घुसेंगे लोग, सोशल डिस्टेंसिंग का भी रखना होगा ध्यान

हरियाणा में राशन वितरण के दौरान डिपो संचालक और लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का प्रोटोकॉल फॉलो करना होगा। इसके लिए विभिन्न दिशा-निर्देश सरकार ने जारी किए हैं। राशन डिपो पर राशन लेने से पहले लोगों को साबुन से हाथ धोकर अंदर जाना होगा। डिपो संचालक साबुन और पानी की व्यवस्था डिपो के बाहर करेंगे।

डिपो संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह डिपो के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा न होने दें। उन्हें तीन- तीन फीट की दूरी पर खड़ा करके राशन वितरित करें। डिपो संचालक राशन वितरण में ऐसी समय सारिणी बनाएं कि 10-10 लोग ही एक बार में राशन लेने पहुंचे। गांव में मुनादी करवाकर वितरण की जानकारी दी जाएगी।

संभव हो सके लाभार्थियों का व्हाट्सएप और एसएमएस ग्रुप बनाकर भी उन्हें राशन वितरण की सूचना दी जा सकती है। डिपो संचालक दुकान परिसर को साफ-सुथरा रखेंगे। काउंटर, दरवाजे के हैंडल इत्यादि चीजों को सैनिटाइज करके रखेंगे। इसके अलावा वे लाभार्थी जो बुजुर्ग हैं, यदि संभव हो सके तो डिपो संचालक उनका राशन उनके घर तक ही पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे।

किराना दुकानदारों को भी यही निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी कहा गया है कि यदि दुकानदारों के लिए रसद की होम-टू-होम डिलीवरी संभव नहीं हो पा रही है। तो राशन की लिस्ट दुकानदार को व्हाट्सएप या एसएमएस से भेज दें। जिसके बाद दुकानदार उस सामान को पैक कर बिल समेत अपनी दुकान के बाहर रख देगा और फिर ग्राहक को उस सामान को ले जाने के लिए व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए ही समय बता देगा।
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लॉकडाउन का असरः देश में चंडीगढ़ की हवा सबसे साफ, इन वजहों से कम हुआ प्रदूषण

लॉकडाउन का प्रदूषण पर जबरदस्त असर पड़ा है। हवा पूरी तरह से साफ हो चुकी है। आसमान भी नीला दिख रहा है। शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से चार बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक चंडीगढ़ का एयरक्वालिटी (एक्यूआई) इंडेक्स 17 दर्ज किया गया है, जो पूरे 101 शहरों में सबसे कम रहा है। सीपीसीबी हर रोज देश के 101 शहरों की एयर क्वालिटी का मूल्यांकन करता है। इसमें देश के सभी प्रमुख शहर शामिल हैं। चंडीगढ़ के पर्यावरण विशेषज्ञों ने माना है कि शनिवार के दिन की हवा की गुणवत्ता पिछले एक साल में सबसे साफ रही है।

उनका यह भी कहना है कि जब तक लॉकडाउन चलेगा, तब तक हवा की गुणवत्ता अच्छी बनी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को देश भर में लॉकडाउन का एलान किया था। इसके बाद से सड़कों पर निजी वाहनों का चलना, निर्माण कार्य, इंडस्ट्री और ढाबे बंद हो गए हैं। इससे पूरे देश के साथ-साथ चंडीगढ़ की हवा में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लॉकडाउन नहीं होता तो इस समय एयरक्वालिटी इंडेक्स 100 के आसपास रहता। यह आकलन विशेषज्ञों ने अपने पूर्वानुमान के हिसाब से बताया है।

इन वजहों से कम हुआ पॉल्यूशन
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण के सिर्फ एक कारण नहीं होते बल्कि कई फैक्टर एक साथ काम करते हैं। एक्यूआई में आए इस बदलाव के पीछे लॉकडाउन के अलावा बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश का भी योगदान रहा है। चंडीगढ़ में भी लगातार दो दिन बारिश हुई है। इससे पहले भी मार्च में रुक-रुक कर बारिशें होती रही हैं। 
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कर्फ्यू: कंधे पर सामान-मासूम बच्चे, जेब में सिर्फ 200 रुपये, चंडीगढ़ में घरों के लिए निकले मजदूर

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते चंडीगढ़ में कर्फ्यू लगा है, जिसके कारण सबसे ज्यादा दिक्कत दिहाड़ीदार मजदूरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूर पलायन कर रहे हैं। इसी तरह चंडीगढ़ से भी लोग पलायन करने लगे हैं। पिछले बुधवार से ही भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है, जिस वजह से एक तिहाई आबादी घरों में रहने के लिए मजबूर है।

लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत दिहाड़ीदार मजदूरों को हो रही है, इसलिए वे पैदल ही अपना सामान और बच्चों को लेकर घरों और गांवों की ओर निकल पड़े हैं। शनिवार सुबह सड़क पर दिखे मजदूरों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हम मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के लिए जा रहे हैं। हमारी जेब में सिर्फ दो सौ रुपये हैं। अगर हम अपने घर नहीं जाएंगे तो हम यहां क्या खाएंगे? जो पैसे जेब में हैं, उन्हें भी रास्ते में बच्चों के खाने पर खर्च करुंगा।
 
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पानीपतः पत्नी और दो बच्चों को लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर राशन डिपो होल्डर ने की खुदकुशी

पानीपत मॉडल टाउन के राज नगर में राशन डिपो चालक ने शुक्रवार रात अपनी पत्नी व दो बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद खुद अपनी कनपटी पर गोली मारकर खुदखुशी कर ली। सूचना मिलते ही मॉडल टाउन पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को सामान्य अस्पताल में रखवाया।

मिली जानकारी के अनुसार, अनिल उर्फ काला उम्र 36 साल डिपो होल्डर पुत्र नफे सिंह निवासी राजनगर, थाना मॉडल टाउन पानीपत ने अज्ञात कारणों से अपनी पत्नी पूनम व दो बच्चों लड़की प्राची (8) व लड़का अंशु (5) को गोली मार दी। खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

शनिवार को स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम में घटना की सूचना दी। मॉडल टाउन पुलिस व एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाइसेंसी पिस्तौल को अपने कब्जे में लेकर शवों को सामान्य अस्पताल पहुंचाया और पोस्टमार्टम के लिए शव गृह में रखवाया। पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जा रही है।
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