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मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
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हरियाणाः 36 मिनट देरी से शुरू हुआ विशेष सत्र सवा घंटे में निपटा, पांच मिनट सदन में रहे राज्यपाल

हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र सोमवार को 36 मिनट देरी से शुरू हुआ और कार्यवाही सवा घंटे के भीतर ही निपट गई।

20 जनवरी 2020

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सिरसा

मंगलवार, 21 जनवरी 2020

आपका एक नंबर कम होने के कारण नहीं मिलेगी नौकरी, चाहिए तो खाते में डलवाओ एक लाख रुपये

शहर की रहने वाली एक महिला के पास फोन आया कि उसने आरोही स्कूल में निकली शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा दी थी, जिसमें वह एक नंबर से रह गई है और अगर वह अपना नाम मेरिट सूची में डलवाना चाहती है तो खाते में एक लाख रुपये डलवा दे। पैसे डलवा दिए तो शिक्षक पद पर चयन कर लिया जाएगा। फोन करने वाले युवक ने आवेदक को कहा कि वह तीन किस्तों में यह पैसे उसके पास भेज दें। वहीं, फोन करने वाले ने महिला को उसकी पूरी शैक्षणिक योग्यता की भी जानकारी दी।
शहर निवासी अरुण रानी ने बताया कि उसके पास फोन आया कि आपने आरोही स्कूल में अंग्रेजी टीजीटी के पद पर निकली भर्ती के लिए परीक्षा दी थी। इसमें वह एक नंबर से रह गई है। अगर उसे अपना चयन करवाना है तो कुछ प्रक्रिया है, वह पूरी करनी पड़ेगी, जिससे चयन हो जाएगा। पूरी बात सुनकर अरुण रानी ने कहा कि वह उसके पति विवेक को फोन कर लें। इसके बाद कॉलर ने उसके पति विवेक को फोन कर कहा कि उसकी पत्नी का टीजीटी परीक्षा में चयन के लिए एक नंबर कम है। अगर वह एक नंबर बढ़वाना चाहते हैं तो खाता नंबर बता रहे हैं, उसमें रुपये डाल दें। विवेक ने बताया कि उसने भांप लिया कि यह कोई धोखाधड़ी का ही मामला है। विवेक ने कॉलर से कहा कि वह पैसे नहीं देगा तो उक्त ने विवेक की पत्नी की पूरी शैक्षणिक योग्यता तक की जानकारी दे दी और यह भी बता दिया कि उसकी पत्नी के परीक्षा में कितने नंबर आए थे।
अमर उजाला भिवानी में लगी खबर पढ़कर हुए चौकन्ना
विवेक ने कहा कि उसे क्या करना होगा। तब उक्त कॉलर ने कहा कि वह पहले 25 हजार रुपये उसके खाते में डाल दें, जिससे उसका कट ऑफ में नाम आ जाएगा और अंतिम सूची लगने के बाद 25 हजार रुपये और डाल दें। कॉलर ने कहा कि भर्ती होने के बाद बाकी पैसे उसके खाते में डाल दें। जब विवेक ने यह बात अपने दोस्तों को बताई तो उन्होंने बताया कि यह धोखाधड़ी का मामला है। वहीं, विवेक ने बताया कि फोन आने के अगले ही दिन उसने अमर उजाला से भिवानी सेंटर से लगी खबर पढ़ी और बताया कि उसके साथ भी ऐसा ही मामला हुआ है। वह जल्द ही इसकी शिकायत शिक्षा विभाग में करेगा, जिससे अन्य लोगों को भी इस ठगी से बचाया जा सकेगा।
लोगों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए। यह निदेशालय स्तर का मामला होता है। हालांकि, मेरे पास अभी इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है।
- राजेश चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी
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शीत लहर की चपेट में उत्तर भारत, हरियाणा में भारी ओलावृष्टि, पंजाब में आंधी-बारिश की चेतावनी

हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत पूरा उत्तर भारत शीत लहर की चपेट में है। पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत हरियाणा के कई इलाकों में गुरुवार को हुई बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। इधर, सोनीपत के गोहाना क्षेत्र के दर्जनभर गांवों में ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो गईं। मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने हरियाणा में 20 जनवरी तक घने कोहरे छाने की चेतावनी जारी करते हुए 17 और 18 जनवरी को भी छिटपुटबारिश की संभावना जताई है।  
 
हरियाणा में आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं ने शाम तक ठंड इस कदर बढ़ा दी कि कोल्ड डे जैसी स्थितियां फिर सामने आ गईं। शीत लहर के चलते हिसार और रोहतक में दिन का तापमान सामान्य से आठ डिग्री नीचे पहुंच गया। पश्चिमी विक्षोभ के चलते हरियाणा के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद हुई बारिश जहां फसलों को संजीवनी दे गई। वहीं गोहाना क्षेत्र के गांवों में दोपहर बाद सात-आठ मिनट में डेढ़ से दो इंच तक ओलावृष्टि हुई।

इससे सब्जियां व सरसों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। खेतों और सड़कों पर पहाड़ों की बर्फबारी का नजारा दिखाई दिया। लोगों का कहना था कि उन्होंने अपने जीवन में कभी ऐसी ओलावृष्टि नहीं देखी है। इसके अलावा सोनीपत में 2 एमएम तो गोहाना में 3 एमएम बारिश भी हुई। कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. अनिल सहरावत का कहना है कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। 
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शहरवासियों को स्वच्छता पर फीडबैक देने के लिए 200 सक्षम युवाओं को जागरूकता के लिए उतारेगा नप

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 चार जनवरी से शुरू हो चुका है। यह सर्वेक्षण 31 जनवरी तक चलेगा। सिटीजन फीडबैक देने में सिरसावासी अभी तक रुचि कम दिखा रहे हैं। लोगों की कम रुचि को देखते हुए नगर परिषद के ईओ अमन ढांडा ने बुधवार को अपने कार्यालय में स्वच्छता शाखा की बैठक ली। ईओ ने सीएमएमयू व स्वच्छता शाखा को निर्देश दिए कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने के लिए समक्ष युवाओं की ड्यूटी लगाएं। ईओ अमन ढांडा ने सीएमएमयू शाखा से सक्षम युवाओं का डाटा भी लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सक्षम युवाओं को फील्ड में सिटीजन के साथ-साथ स्टूडेंट्स को जागरूक करने के कॉलेजों से संपर्क करें। ईओ ने कर्मचारियों को कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण टीम 20 जनवरी के आसपास कभी भी आ सकती है। वहीं नगर परिषद ने बकरियांवाली प्लांट को भी चलाने की भी जानकारी दी।
सिरसा में 74 लोगों ने ही दिया फीडबैक, ऐलनाबाद की संख्या पहुंची 471
सिटीजन फीडबैक के करीब एक हजार अंक निर्धारित किए गए हैं। कुल चार हजार अंकों का सर्वेक्षण है। जिसमें से सर्विस लेवल, डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन व सटिफिकेशन के एक एक हजार अंक है। तीसरे लीग में स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 का फाइनल रिजल्ट सिटीजन फीडबैक के भी अंक मिलने हैं। सिरसा शहर की सफाई व्यवस्था के लिए फीडबैक देने के लिए 14 जनवरी तक करीब 74 लोगों ने ही एप्प डाउनलोड करके अपना फीडबैक दिया है। जबकि ऐलनाबाद इस मामले में सिरसा से आगे हैं। ऐलनाबाद के करीब 471 लोगों ने सिटीजन फीडबैक के लिए वोटिंग की है। लेकिन सबसे खराब स्थिति मंडी डबवाली, रानियां और कालांवाली की है। रानियां में 39 लोगों ने, डबवाली में सात व कालांवाली में तीन लोगों ने सिटीजन फीडबैक दिया है।
हरपथ पर 548 शिकायतें पेंडिंग होने पर ईओ ने जताई नाराजगी
ईओ अमन ढांडा ने मीटिंग के दौरान हरपथ पर शहर के गड्ढों को लेकर आई 548 शिकायतें पेंडिंग होने पर निजी कंपनी के कर्मचारियों को बुलाया। निजी कंपनी के कर्मचारियों ने शिकायतें पेंडिंग होने पर कहा कि बिल पास न होने पर उन्होंने काम बंद कर दिया। इस पर ईओ ने कर्मचारियों को लताड़ लगाई कि आपने बिना बताए काम कैसे बंद कर दिया। तब वे बिल पास न होने की बात से पलट गए। ईओ ने दोनों कर्मचारियों को पेंडिंग शिकायतों का रिकॉर्ड लाने व इनका निपटारा जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए।
प्रथम व द्वितीय लीग में सिरसा की स्थिति
31 दिसंबर को जारी प्रथम व द्वितीय स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम में एक लाख से दस लाख की जनसंख्या वाले शहरों में सिरसा शहर को प्रथम लीग में 154वां स्थान हासिल किया है। लेकिन दूसरे लीग में सिरसा शहर 225वें स्थान पर लुढ़क गया। सिरसा शहर ने हरियाणा में प्रथम लीग में 12वां स्थान हासिल किया। जबकि दूसरे लीग में 16वें स्थान तक पहुंच गया। कुल 384 शहरों को शामिल किया गया था। डबवाली उपमंडल को 50 हजार से एक लाख जनसंख्या वाले शहरों में शामिल किया गया। डबवाली ने प्रथम लीग में आल इंडिया में 76 वां स्थान हासिल हुआ। जबकि हरियाणा में आठवां स्थान मिला। वहीं द्वितीय लीग में स्वच्छता में यह 88 वें स्थान पर पहुंच गया। हरियाणा में नौंवे स्थान पर पहुंच गया। इसमें 94 शहरों को शामिल किया गया था।
हमारे शहर ऐलनाबाद व रानियां की स्थिति
ऐलनाबाद शहर प्रथम लीग में आल इंडिया रैंक 48 था। हरियाणा में 6 वां रैंक रहा। वहीं द्वितीय लीग में आल इंडिया रैंक 161 था। जबकि हरियाणा में 16 वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं रानियां शहर की आल इंडिया रैंकिंग प्रथम लीग में 185 थी। हरियाणा में 20 वें स्थान पर थी। वहीं द्वितीय लीग में आल इंडिया रैंकिंग 135 थी। हरियाणा में 16 वां स्थान था। 25 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में कालांवाली का प्रदर्शन खराब रहा है। कालांवाली की प्रथम लीग में 693 शहरों में आल इंडिया रैंक 667 था। जबकि हरियाणा में 33 वां रैक आया। वहीं द्वितीय लीग में आल इंडिया रैंक 510 आया। लेकिन हरियाणा में 27 वां रैंक आया।
इस शहर के लोग जागरूक हैं। हम लोगों को ज्यादा से ज्यादा फीडबैक देने के लिए जागरूक करेंगे। मेरी लोगों से अपील है कि फीडबैक कैसा भी हो, लेकिन लोगों को इसमें हिस्सा लेकर वोटिंग करना चाहिए।
- अमन ढांडा, ईओ, नगर परिषद सिरसा।
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ट्रैक्टर चोरी मामले में ओढां पुलिस ने 3 आरोपियों को दी क्लीन चिट, पीड़ित पक्ष पहुंचा मंत्री के दरबार

गांव पन्नीवाला मोटा से ट्रैैैक्टर चोरी की घटना को एक दिन मेें ट्रेस कर वाहवाही लूटने वाली ओढां पुलिस की कार्रवाई पर पीड़ित पक्ष ने सवाल उठाए हैं। पीड़ित पक्ष से लोगों ने बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह से मिलकर ओढां पुलिस पर अन्य आरोपियों को मामले से निकालने के आरोप लगाए हैं। लोगों की सुनने के बाद बिजली मंत्री ने एसएचओ ओढां से मामले की जानकारी मांगी तो वे सफाई देते नजर आए। चौ. रणजीत सिंह ने एसएचओ से कहा कि इस मामले की अच्छी तरह से जांच करें अन्यथा इस संबंध में वे एसपी से बात करेंगे। जिसके बाद एसएचओ ने कहा कि वे उक्त पक्ष को दोबारा बुलाएंगे।
यह था मामला
बीती 12 जनवरी की रात को पन्नीवाला मोटा में महेंद्र नामक व्यक्ति के घर से ट्रैैक्टर चोरी हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर केवल एक दिन में घटना को ट्रेस करते हुए पन्नीवाला मोटा निवासी हरविंद्र सिंह को गांव मिठड़ी के निकट ट्रैक्टर सहित काबू कर लिया। लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। उसने कहा कि इस मामले में 4 लोग थे, जबकि पुलिस ने एक व्यक्ति को ही चोर बनाया। पुलिस की कार्रवाई से असंतुुष्ट पीड़ित व्यक्ति लोगों को साथ लेकर बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह से मिला। उक्त लोगों ने मंत्री को अवगत करवाया कि पुलिस ने इस मामले की सही जांच न कर लीपापोती की है। उन्होंने बताया कि चोरी में मुख्य आरोपी के अलावा पन्नीवाला मोटा, एक सालमखेड़ा व एक मौजगढ़ सहित 3 और लोगों की संलिप्तता थी। लेकिन पुलिस ने मात्र एक व्यक्ति को चोर दिखाकर बाकी 3 को छोड़ दिया। लोगों ने ये भी बताया कि आरोपियों को उन्होंने मौजगढ़ से पकड़ा था, जबकि पुलिस सूचना देने के बाद आई थी। लोगों ने कहा कि उन्होंने इस मामले में 4 लोगों को एक बाइक सहित पकड़वाया था। जिसके बाद एएसआई रामकुमार ने उन्हें सुबह बुलाने की बात कही। लेकिन सुबह उनके पास कोई सूचना नहीं आई। लोगों ने ओढां पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बिजली मंत्री से कहा कि इस मामले में ओढां पुलिस ने 3 आरोपियों को आनन-फानन में बेकसूर कहकर छोड़ दिया। लोगों की सुनने के बाद चौ. रणजीत सिंह ने एसएचओ कृष्ण कुमार से फोन पर मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एक आरोपी द्वारा ट्रैक्टर चुराना संभव नहीं है। जब पीड़ित पक्ष 3 लोगों की और संलिप्तता बता रहा है तो उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। इस बात पर एसएचओ सफाई देते नजर आए। मंत्री ने एसएचओ को कहा कि इस मामले में वे उचित जांच कर पीड़ित पक्ष को संतुष्ट करवाएं अन्यथा वे एसपी से बात करेंगे। जिसके बाद एसएचओ ने पीड़ित पक्ष को फोन कर दोबारा थाने में बुलाया।
मामले की जांच हमने सही ढंग से की है। इसमें एक ही आरोपी था। पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों के नाम बताए थे, उनसे पूछताछ की गई थी, लेकिन उनकी संलिप्तता सामने नहीं आई। मैंने तो अपनी तरफ से जांच सही की है। अधिकारी चाहे तो किसी अन्य से भी जांच करवा सकते हैं।
- एएसआई रामकुमार, जांच अधिकारी
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डीसी के समक्ष पार्षदों ने रखी सीवरेज, पानी, स्ट्रीट लाइट्स व कच्ची गलियों की समस्याएं, डीसी ने खुद की नोट

शहर की समस्याओं के समाधान के लिए डीसी अशोक कुमार गर्ग ने सोमवार को शहर के सभी 31 पार्षदों की बैठक बुलाई। लेकिन इस बैठक में केवल 18 ही पार्षद पहुंचे। लेकिन जितने भी पार्षद पहुंचे थे, उन्होंने शहर की कच्ची गलियों, सीवरेज, पानी, स्ट्रीट लाइट्स, सफाई व डंपिंग प्वाइंट की समस्याएं डीसी के समक्ष रखी। पार्षदों ने कहा कि जो भी गलियां बनती है, उसमें जनस्वास्थ्य विभाग पाइप लाइन डालने के लिए उखाड़ देता है, कई कई महीने बाद गलियां टूटी रहती है। जनता को जवाब हमें देना पड़ता है। इस पर डीसी ने नाराजगी जताई। डीसी ने पार्षदों व सभी अधिकारियों का एक व्हॉट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान किया जा सके। मीटिंग में एसडीएम जयबीर यादव, ईओ अमन ढांडा, कार्यकारी अभियंता, सुमित सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके शर्मा उपस्थित थे।
मीटिंग शुरू होते ही डीसी ने पार्षदों से उनकी समस्याएं पूछी। वार्ड नंबर पांच की पार्षद सुमन शर्मा ने कहा कि उसके वार्ड में सीवरेज समस्या है। जेई को कई बार कॉल की तो उसने कहा कि लेबर नहीं है। काम बीच में अटका पड़ा है। जनता हमसे जवाब मांगती है कि काम क्यों नहीं शुरू हो रहा। वार्ड नंबर 19 की पार्षद नीतू सोनी ने कहा कि रेडक्रॉस भवन में आधार कार्ड बनाने का काम है। लेकिन कर्मचारी छुट्टी कर जाते हैं। यह काम स्थायी तौर पर चलना चाहिए। साथ ही सार्वजनिक शौचालय भी नहीं है। भवन में जगह भी है। इतना ही नहीं बुजुर्गों से घरों में पेंशन पहुंचाने के लिए 118 रुपये लिए जाते हैं। यह बंद होना चाहिए। सफाई कर्मचारियों की कमी है। पूरे वार्ड की सफाई नहीं हो पाती। वार्ड 13 की पार्षद कौशल्या देवी ने कहा कि भादरा पार्क में शौचालय नहीं है। लाइट भी नहीं है, नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। कॉलोनी में बिजली के तार भी ढीले हैं। ढाई साल से बिजली घर के चक्कर काट रही हैं।
वार्ड 17 की पार्षद रीना सेठी ने कहा कि मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई 31 जनवरी को रिटायर हो रही हैं। नप में अब कोई भी सफाई निरीक्षक नहीं है। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद कोई भी सफाई निरीक्षक नहीं होगा। तब डीसी ने कहा कि आप में से कितने सीएसआई के काम से संतुष्ट हैं तो सभी 18 पार्षदों ने उनके कार्य पर संतोष जताया। वार्ड 30 के पार्षद प्रतिनिधि कर्मजीत सिंह ने हाथ उठाकर कहा कि उनके वार्ड में एक महीने से झाडू़ नहीं लगा। ईओ की कोठी भी उसी वार्ड में है। तभी वार्ड तीन के पार्षद सुनील बहल भी बोल पड़े कि एक महीने से हुडा सेक्टर में भी सफाई नहीं हुई। पार्षद रीना सेठी ने कहा कि शहर के मुख्य जगहों पर डपिंग प्वाइंट बनाए हुए है। जो कि शहर की सुंदरता पर दाग है। डीसी ने कहा कि डंपिंग प्वाइंट खत्म किए जाने है। शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है। ईओ अमन ढांडा ने कहा कि स्वीपिंग से जो कूड़ा इकट्ठा होता है वहीं डंपिंग प्वाइंट में जाता है। वार्ड 15 के पार्षद विकास जैन ने कहा कि डंपिंग प्वाइंट पर कूड़ा खाने के लिए गाय इकट्ठी हो जाती हैं। कुछ लोग अपनी दुधारू गाय को छोड़ जाते हैं।
डीसी बोले ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है शिकायतकर्ता को नहीं
पार्षद रीना सेठी ने कहा कि एक पति पत्नी शिकायतकर्ता हैं। गलियां शुरू होते ही वे शिकायत कर दते हैं। उनकी वजह से काम रुक रहे हैं। डीसी बोले कि यदि कोई ठेकेदार काम गलत करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। लेकिन यदि कोई काम की शिकायत करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट करने का कोई नियम नहीं है। वार्ड 23 के पार्षद राजेश गुज्जर ने कहा कि वह व्यक्ति पहले ठेकेदार के काम की शिकायत करता हैं और फिर पैसे लेकर चला जाता है। पार्षदों की छवि खराब कर रहा है। डीसी ने कहा कि यदि कोई किसी की छवि खराब करता है तो उस पर मानहानि का केस दायर करें।
वन विभाग की दखलंदाजी बढ़ गई
वार्ड सात के पार्षद मनोज मकानी ने कहा कि शहर के हिसार रोड पर सीवरेज लाइन डालने का काम चल रहा है। लेकिन वन विभाग ने एनओसी के चलते काम बंद करवा दिया। इससे तीन वार्डों के लोग परेशान हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके शर्मा भी बोले कि वन विभाग की बहुत ज्यादा दखलंदाजी हो गई है। जिस जगह पर पेड़ नहीं तो भी खोदने के पैसे मांगते हैं। विकास कार्य सरकार के हैं। किसी के निजी तो नहीं। पार्षद ने कहा कि उसके वार्ड में सीवरेज की सफाई होने वाली है। वार्ड नंबर एक के पार्षद राजेंद्र कुमार ने कहा कि वार्ड में स्ट्रीट लाइट्स डायरेक्ट चल रही हैं। बिजली वाले आते हैं और काट जाते हैं। गलियां भी कच्ची हैं। डीसी ने ईओ को कहा कि गलियां पक्की करवाओ। इंसान को पीने का पानी, सीवरेज और रास्ते पक्के जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूर मिलनी चाहिए। वार्ड 21 के पार्षद रोहताश ने कहा कि ट्यूबवेल फेल हो गया है। नहरी पानी नहीं है। कई गलियों में पानी के कनेक्शन नहीं है। वार्ड 27 के पार्षद महावीर सिंह ने कहा कि सीवरेज व सफाई व्यवस्था मुख्य समस्या है।
कच्ची गली को कागजों में पक्का दिखाकर ले गया बिल
वार्ड नौ के पार्षद सुनील सहारण ने कहा कि उसके वार्ड में 2017 में एक गली पास हुई थी। लेकिन वह आज भी कच्ची है। ठेकेदार उस गली की पेमेंट भी नप से ले गया। डीसी ने कहा कि विजिलेंस इंक्वायरी करवानी है। तब पार्षद ने कहा कि आप मेरे से ज्यादा समझदार हो सर, जैसे ठीक लगे करवा दें। पार्षद ने कहा कि आटो मार्केट में एक प्राइमरी स्कूल है, उसका फर्श कच्चा है। उसका फर्श पक्का करवा दें, बच्चे ठंड में नीचे बैठते हैं। तब डीसी ने कहा कि सारे शहर के प्राइमरी स्कूल के शौचालय साफ सुथरे होने चाहिए। यह नगर परिषद का दायित्व है, वे सभी स्कूलों के शौचालयों की सफाई करवाएगी। स्कूलों में पीने का पानी, साफ सुथरे शौचालय व वाटर कूलर लगवाए जाएंगे। ये काम नगर परिषद सिरसा करेगी।
एमसी बोले, पार्षद होते हुए भी देनी पड़ रही सीएम विंडो में शिकायत
एमसी विकास जैन ने कहा कि पार्षद होते हुए उन्हें खुद ही एक झरना और हाई मस्ट लाइट्स लगवाने के लिए सीएम विंडो में शिकायत देनी पड़ रही है। डीसी ने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है कि एमसी को शिकायत देनी पड़ रही है। पार्षद जश्न इंसा ने कहा कि उसके वार्ड में सफाई नहीं होती। सोसाइटियां बनी हुई है खुद ही सफाई करवाती है। कॉलोनी में ट्यूबवेल खराब हो गया है। बूस्टिंग स्टेशन नहीं है। बेगू पंचायत जमीन देने के लिए तैयार हैं। डीसी ने कहा कि आप पंचायत से एक किला जमीन देने का प्रस्ताव भिजवाए, वे बूस्टिंग स्टेशन लगवाएंगे। इसके बाद पार्षद सुनील बहल, पार्षद प्रतिनिधि लक्की डावर, पार्षद प्रतिनिधि कर्मजीत सिंह ने सफाई, सीवरेज व गलियों को लेकर समस्याएं रखी।
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जिलावासी डीसी के पास व्हाट्सएप भेजें शिकायत, होगा हल

उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए सराहनीय पहल करते हुए व्हाट्सएप के माध्यम से समस्याओं के निदान करने का निर्णय लिया है। उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि आमजन की समस्याओं का निपटान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी विभाग नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए आपस में तालमेल स्थापित करें।
नागरिकों को सरकारी सुविधाओं का सरलता से व जल्द लाभ मिले इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनके निजी व्हाट्सएप नंबर 80598-65100 पर सूचना दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप के माध्यम से आने वाली किसी भी निजी व सार्वजनिक समस्या के समाधान का संज्ञान वे स्वयं लेंगे और प्राथमिकता के आधार पर इनका निपटान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप पर नंबर पर किसी समस्या या शिकायत के फोटो और वीडियो आदि भी भेजी जा सकती है। व्हाट्सएप पर समस्याओं की सूचना देने से न केवल नागरिकों का समय बचेगा बल्कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।
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निजी काम से परिवार गया था बाहर, चोर मकान से ले गए नकदी और जेवर

शहर में पुलिस प्रशासन की सुस्ती से चोरों की पौ बारह है। एकाएक हो रही घटनाओं ने पुलिस की सिरदर्दी को बढ़ा दिया है। गत दिवस चोरों ने दिन दहाड़े शहर के वार्ड नंबर 15 निवासी दयानंद जांगड़ा के घर में सेंधमारी कर लाखों रुपये के आभूषणों व 40 हजार रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस को दी शिकायत में दयानंद जांगड़ा ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब 12 बजे वह बच्चे के उपचार व निजी कार्य से परिवार सहित सिरसा आया हुआ था। इसी दौरान मौका पाकर चोरों ने उसके घर में ताले तोड़कर अलमारी में रखी करीब 40 हजार रुपये की नकदी, सोने की चूड़ी, एक सोने की चेन, एक सोने का टेवटा, एक सोने का कड़ा, एक सोने की चेन, एक जोड़ी सोने की झुमकी, एक जोड़ी टॉपस व एक सोने की अंगूठी चुराकर ले गए। शाम करीब 5 बजे जब वे वापस लौटे तो परिजनों को घटना के बारे में पता चला। पहले आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने मौके पर आकर स्थिति का जायजा लिया और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाकर तथ्य जुटाए। बता दें कि इससे पूर्व भी ऐलनाबाद शहर में दर्जनों बाइक चोरी व घरों के साथ-साथ दुकानों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार हो रही घटनाओं को लेकर लोगों में पुलिस के प्रति रोष है।
पुलिस लगातार संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखे हुए है। चोरी की घटनाओं को एक ही गिरोह द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। बहुत जल्द गिरोह का पर्दाफाश कर घटनाओं को सुलझाया जाएगा।
-राधेश्याम, थाना प्रभारी, ऐलनाबाद।
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दुष्कर्म पीड़िता के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज

सीसीटीवी में कैद चोरों की तस्वीर।

फीस रिफंड करवाने के लिए विद्यार्थी कॉलेज में 25 जनवरी तक जमा करवाएं दस्तावेज

उच्च्तर शिक्षा विभाग ने सत्र 2019-20 के एडमिशन के समय दाखिला फीस में वृद्धि कर दी थी, लेकिन उच्चतर शिक्षा विभाग ने बढ़ाई हुई फीस को वापिस करने के लिए नेशनल कॉलेज के खाते में करीब एक करोड़ नौ लाख व राजकीय महिला महाविद्यालय के खातों में करीब आठ लाख 12 हजार रुपये की राशि डाली थी, ताकि विद्यार्थियों से ली गई बढ़ी हुई फीस वापिस की जा सके। दोनों कॉलेजों ने फीस रिफंड के लिए विद्यार्थियों से 25 जनवरी तक उनके बैंक खातों की जानकारी, आधार कार्ड व एडमिशन नंबर की जानकारी मांगी है। 25 जनवरी की शाम तक कॉलेज बैंकों में विद्यार्थियों के खातों की जानकारी भेज देंगे, ताकि फीस रिफंड की जा सके।
नेशनल कॉलेज ने नवंबर में 5198 विद्यार्थियों की फीस रिफंड की सूची तैयार कर बैंक को भेजी थी, जिसमें से करीब 500 विद्यार्थियों की फीस खाता गलत व अकांउट फ्रीज होने के कारण रिफंड नहीं हो पाई। बैंक ने करीब 500 विद्यार्थियों की लिस्ट दोबारा कॉलेज के पास भेजी। अकांउट फ्रीज, ज्वाइंट अकांउट या आईएफसी कोड सही न होने के कारण राशि उनके खाते में नहीं डाली जा सकी। इसके बाद 230 विद्यार्थियों ने सही जानकारी देकर अपनी फीस रिफंड करवा ली थी। लेकिन अभी भी कॉलेज के 270 विद्यार्थियों की फीस रिफंड नहीं हुई। इन विद्यार्थियों को दस्तावेज जमा करवाने के लिए 25 जनवरी तक का समय दिया गया है। नेशनल कॉलेज में फीस रिफंड का नोटिस नवंबर में आ गया था। नवंबर के अंत तक कॉलेज प्रशासन ने पहली लिस्ट जारी की थी।
क्यों हुई देरी फीस रिफंड में देरी
राजकीय महिला महाविद्यालय में दिसंबर से लेकर अब तक तीन सूचियों में बीए व बीकॉम की 1250 छात्राओं की फीस रिफंड कर दी है। राजकीय महिला कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के 430 छात्राओं की सूची 25 जनवरी को जारी होगी, सूची जारी करने से पहले कॉलेज ने विद्यार्थियों से उनके बैंक खातों की कॉपी, आधार कार्ड व एडमिशन रोल नंबर की जानकारी मांगी है। राजकीय महिला के खाते में रिफंड राशि दिसंबर में आई, दिसंबर में परीक्षा के चलते छात्राओं को कॉलेज से फ्री कर दिया था। परीक्षा के चलते भी कम छात्राएं कॉलेज पहुंच रही थी। रिफंड राशि खातों में डालने के दौरान आ रही परेशानियों से बचने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा बैंक खातों को दोबारा जांचा। साथ ही छात्राओं से उनके बैैंक खाते व आधार कार्ड की फोटो कॉपी को जमा करवाने के लिए कहा गया। ताकि फीस रिफंड की राशि खाते में आ जाए।
फीस रिफंड के लिए बीए प्रथम वर्ष की छात्राओं की सूूची के लिए 25 जनवरी तक दस्तावेज जमा करवा सकते हैं। 25 जनवरी को छात्राओं की फीस रिफंड की सूची बैंक को भेजी जाएगी।
- नेहरूलाल अरोड़ा, क्लर्क, राजकीय महिला महाविद्यालय।
फीस रिफंड के लिए करीब 270 विद्यार्थियों के खातों की जानकारी ली जा रही है। विद्यार्थियों के खाते सही ना होने के कारण दोबारा दस्तावेज लिए जा रहे हैं।
- कुलदीप अरोड़ा, कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर, नेशनल कॉलेज।
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आपात स्थिति का हवाला देकर फास्टैग लाइनों से दोगुणा चार्ज देकर निकल रहे वाहनचालक

टोल प्लाजा पर बिना फास्टैग आधा किलोमीटर लंबी लाइन में लगने की बजाय वाहन चालक आपात स्थिति का हवाला देकर दोगुना चार्ज अदा करके निकल रहे हैं। भावदीन टोल प्लाजा पर अप और डाउन के लिए सिर्फ एक-एक ही कैश लाइन होने के कारण वाहन चालकों को आधे घंटे से भी अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में लोग इंतजार करने की बजाय सीधे फास्टैग की लाइन में जाकर आपात स्थिति की बात कहकर दोगुना चार्ज देकर निकल रहे हैं।
गौरतलब है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नए आदेशों के मुताबिक टोल प्लाजा से 24 घंटे में वापसी पर्ची का विकल्प कैश काउंटरों से हटा दिया था। अब चालकों को टोल क्रॉस करने के लिए हर बार पर्ची कटवानी होगी। इस कारण भी टोल प्लाजा पर लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं, एनएचएआई ने टोल प्लाजा को 100 प्रतिशत फास्टैग करने के लिए 15 जनवरी की अंतिम तिथि दी थी। साथ ही निर्देश थे कि सभी टोल प्लाजा पर 25 प्रतिशत लाइनों को ही कैश के लिए रखा जाए।
फास्टैग ब्लैक लिस्ट होने पर लाइन में लगना पड़ रहा
इसके अलावा फास्टैग लाइन में आ रही गाड़ियों के फास्टैग ब्लैक लिस्ट होने के कारण उन्हें भी कैश की लाइन में ही लगकर टोल क्रॉस करना पड़ रहा। वहीं, स्कैनर भी कुछ गाड़ियों के फास्टैग स्कैन नहीं कर पा रहे हैं, इस कारण फास्टैग लाइन में भी चालकों को इंतजार करना पड़ता है। टोल कर्मचारी फास्टैग रीडर से उन गाड़ियों के फास्टैग स्कैन कर टोल क्रॉस करवा रहे हैं।
शॉर्ट कट व लोकल रास्ते खोजने लगे चालक
टोल प्लाजा पर लगी लंबी लाइनों को देखकर अब वाहन चालक शॉर्ट कट व लोकल रास्तों को तलाशने में जुट गए हैं। पहले ऐसे प्रयास वही वाहन चालक कर रहे थे, जिन्हें टोल का खर्च बचाना था लेकिन अब तो आधे घंटे से अधिक समय टोल पर ही लगने के कारण लोकल रास्तों से निकलने में ही वाहन चालक भलाई समझ रहे हैैं। वाहन चालकों का कहना है कि लोकल रास्ते को छोड़कर जितना समय टोल से बचाते थे, उतना तो अब लाइन में ही लग रहा है। फिर क्यों पैसा खर्च करें।
100 रुपये का हुआ व्यावसायिक गाड़ी का फास्टैग
टोल क्रॉस करने के लिए विभिन्न कंपनियां फास्टैग उपलब्ध करवा रही हैं। सामान्य कार के 250 रुपये व अन्य गाड़ियों के प्रति एक्सल के मुताबिक चार्ज लिया जा रहा है। व्यावसायिक वाहन पर पहले एक्सल के हिसाब से लगने वाले 200 से लेकर 650 रुपये को कम करके केवल 100 रुपये कर दिया गया है। इसमें चालक अब 100 रुपये का भुगतान कर फास्टैग लगवा सकता है, जिसमें न्यूनतम राशि केवल 1 रुपया रखनी होगी। जबकि अन्य कंपनियों के रेट वहीं रहेंगे।
टोल क्रॉस करने के लिए कैश की केवल एक ही लाइन है, साथ ही एनएचएआई ने कैश काउंटर पर 24 घंटे में वापसी पर्ची का विकल्प खत्म कर दिया है। वाहनों के शीशों पर मिट्टी व धुंध पड़ने से कई बार फास्टैग स्कैन नहीं होता है। ऐसे में फास्टैग रीडर से स्कैनिंग करवाई जाती है।
- सतीश सिंह बदौरिया, मैनेजर, भावदीन टोल प्लाजा।
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हरियाणाः दो दिन बाद मिलेगी शीत लहर और कोहरे से राहत, अभी कुछ ऐसे हैं मौसम के मिजाज

चोटियों पर बर्फबारी और हरियाणा में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद शीत लहर और कोहरे का सितम जारी है और अभी जारी रहेगा। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में शुक्रवार को कोल्ड डे जैसी स्थितियां बनी रहीं। करनाल और अंबाला में सुबह साढ़े आठ बजे दृश्यता केवल 30 मीटर रही, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने हरियाणा में दो दिन और शीत लहर के साथ कोहरे का भी प्रकोप जारी रहने की आशंका जताई है। हिसार में सुबह इस सीजन में दूसरी बार सबसे गहरी धुंध पड़ी। इस दौरान हाईवे पर शून्य तो शहर में दृश्यता 50-60 मीटर ही रही। यह धुंध दोपहर 12 बजे तक छाई रही। उसके बाद धूप निकली तो शीत लहर से लोगों को राहत मिली।

अधिकतम तापमान सामान्य से चार तो न्यूनतम दो डिग्री कम रहा। वहीं सिरसा में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री लुढ़क कर 2.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि नारनौल में अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री दर्ज किया गया। उधर, शीत लहर के बाद करनाल में दिन का तापमान इस हद तक गिर गया कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर केवल 2.2 डिग्री का रहा।

करनाल का अधिकतम पारा सामान्य से 7 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक दो दिनों के बाद शीत लहर से लोगों को राहत मिल सकती है, हालांकि उत्तरी हरियाणा में कोहरा 21 जनवरी तक छा सकता है। 
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गोली लगने से घायल युवक को हिसार किया रेफर, नहीं हो सके बयान दर्ज

शहर की खन्ना कॉलोनी में वीरवार रात को गोली लगने से घायल हुए युवक साहिल को हिसार रेफर कर दिया गया है। अभी साहिल की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर की ओर से अनफिट करार दिए जाने के कारण पुलिस भी उसके बयान दर्ज नहीं कर पाई है। फिलहाल मामले में पुलिस ने भी कोई केस दर्ज नहीं किया है। पुलिस के मुताबिक घायल साहिल के बयान दर्ज होने के बाद ही केस दर्ज होगा।
यह था मामला
गौरतलब है कि वीरवार रात खन्ना कॉलोनी निवासी साहिल, अर्जुन और उनका एक अन्य साथी आपस में बात कर रहे थे। उसी दौरान दो अज्ञात युवक वहां पर आए और गोली चलाने लगे तभी एक गोली साहिल की पीठ में लग गई और उक्त दोनों युवक वहां से फरार हो गए। साहिल के दोस्तों ने उसे रात को ही सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसे प्राथमिक इलाज के बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मगर परिजन उसे हिसार ले गए। वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और घटना का जायजा लिया। हालांकि, अभी तक किसी ने गोली चलाने वाले युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।
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सवा तीन महीने बाद भी काला पीलिया टेस्ट के फ्री कूपन का अनुबंध नहीं चढ़ा सिरे

सिविल अस्पताल प्रशासन करीब सवा तीन महीने बीतने के बाद भी काला पीलिया के मरीजों के निजी लैब में फ्री टेस्ट करवाने संबंधी कूपन के अनुबंध को सिरे नहीं चढ़ा सका है। अनुबंध नहीं होने के कारण काला पीलिया के मरीजों के पास निजी लैब में पैसे देकर ही टेस्ट करवाने का विकल्प बचा है। कई मरीजों ने तो अनुबंध होने के इंतजार में अभी तक टेस्ट नहीं करवाया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही मरीजों के लिए भारी पड़ रही है। जिले में काला पीलिया के 2 हजार 438 मरीज हैं।
गौरतलब है कि काला पीलिया का सिविल अस्पताल में मुफ्त इलाज किया जाता है। मरीजों की पहले अस्पताल में बनी लैब में जांच होती है। अगर कोई मरीज काला पीलिया पॉजिटिव मिलता है, तो उसका वायर लॉड (आरसीवी-आरएम) टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट के जरिए यह पता लगाया जाता है कि उसमें काला पीलिया की मात्रा कितनी है। सिविल अस्पताल में वायर लॉड टेस्ट को लेकर कूपन दिया जाता है। कूपन लेकर मरीज बाहर निजी लैब में वायर लॉड टेस्ट फ्री में करवा सकते हैं।
8 अक्तूबर 2019 को खत्म हुआ था अनुबंध
जानकारी के अनुसार 8 अक्तूबर 2019 को टेस्ट के लिए मिलने वाले कूपन का रेट अनुबंध खत्म हो गया था। मगर उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुबंधन फाइनल नहीं किया गया है। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को यह जांच निजी तौर पर करवानी पड़ रही हैं। मरीजों की मानें तो यह टेस्ट निजी लैबों में काफी महंगे होते हैं। इस कारण उन्हें अभी भी अनुबंध दोबारा होने का इंतजार है। मरीजों के अनुसार निजी लैब में वायर लॉड टेस्ट की कीमत करीब सात से आठ हजार रुपये है।
नशे का इंजेक्शन ज्यादा फैलता है काला पीलिया
डॉ. मनीष ने बताया कि काला पीलिया के अधिकतर मरीज रानियां क्षेत्र से हैं। यह रोग नशा करने वालों को जल्दी चपेट में लेता है क्योंकि नशा करने वाले लोग एक दूसरे की इस्तेमाल की गई सिरिंज से इंजेक्शन लगाते हैं। नशा मुक्ति केंद्र के डॉ. पंकज शर्मा का कहना है कि ऐसा करने वालों के बचने का मौका भी बेहद कम होता है।
काला पीलिया के फ्री टेस्ट के रेट अनुबंध को लेकर हमारे पास कोई सूचना नहीं है। यही कारण है कि मरीजों को फ्री टेस्ट के कूपन नहीं मिल रहे हैं। जैसे ही अनुबंध होगा, मरीजों को कूपन दे दिए जाएंगे।
- डॉ. अनिशा कांसल, नोडल अधिकारी, आईडीएसपी
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