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हरियाणाः रेवाड़ी में दो बच्चों को लेकर नहर में कूदी पुलिसकर्मी की पत्नी, महिला-बेटे का शव मिला

हरियाणा से बड़ी खबर आ रही है। रेवाड़ी में एक पुलिसवाले की पत्नी अपने दो बच्चों को लेकर नहर में कूद गई।

21 अगस्त 2019

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करनाल

बुधवार, 21 अगस्त 2019

हल्दी मांगकर किया तीन हवाई फायर, दुकानदार से लूटे 30 हजार

शहर में मनी राम मंडी के समीप रात को करीब नौ बजे जेएमडी सुपर स्टोर से नकाबपोश दो बदमाशों ने पिस्तौल दिखाकर तीस हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। दुकानदार का कहना है कि बदमाशों ने पहले हल्दी मांगी थी। इसके बाद उन्होंने पिस्तौल से तीन हवाई फायर किए और रुपये लूटकर भाग गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरी और लूट की वारदात के बाद शहर के दुकानदार दहशत में हैं। जब बदमाशों ने हवाई फायर किया था तो वहां अफरा-तफरी मच गई।
जेएमडी सुपर स्टोर के संचालक अरविंद ने बताया कि वह रात को करीब 9 बजे दुकान पर बैठा था। अचानक दो नकाबपोश युवक आए उन्होंने कहा कि हल्दी दो। वह उनसे पूछने ही वाला था कि कितनी देनी है। इसी दौरान उन्होंने पिस्तौल से तीन हवाई फायर कर दिए। पिस्तौल देखकर वह डर गया। उन्होंने कहा कि रुपये दो और वह गल्ले से करीब 30 हजार रुपये लूटकर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। लूट की वारदात के बाद सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर ली और वह मौके पर एकत्रित हो गए। सभी दुकानदारों ने एक सुर में कहा कि अब वह कैसे दुकानदारी करें। अब तो दुकानों में घुसकर लूट होने लगी है। दुकानदारों ने कहा कि इससे पहले भी शहर में कई लूट की वारदात हो चुकी है।
एक दुकानदार से पिस्तौल के बल पर लूट करने की सूचना मिली है। मौके पर जाकर जांच की गई। बताया गया कि बदमाशों ने हवाई फायर भी किया था। इस मामले की जांच की जा रही है।
सचिन कुमार, घरौंडा थाना प्रभारी। ... और पढ़ें

यमुना में उफान : इंद्री, करनाल और घरौंडा में अलर्ट, कंट्रोल रूम स्थापित

हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश और हथिनीकुंड बैराज से 8.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना में उफान आ गया है। शनिवार की रात से यमुना में पानी का बहाव तेज होने से ग्रामीणों की धड़कने भी तेज हो गई हैं। रविवार दिनभर इंद्री, करनाल और घरौंडा खंड के ग्रामीण यमुना के जलस्तर पर नजरें गढ़ाए हुए थे। रविवार सुबह यमुना में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी आने से जलस्तर बढ़ता गया और दोपहर बाद तक फसलें जलमग्न हो गईं। यमुना बीच के टापू में यूपी के कुंडा घाट गांव के कुछ किसान और चरवाहे अपने पशुओं के साथ रविवार शाम तक फंसे नजर आए। रविवार शाम तक हथिनीकुंड बैराज से 7.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित कर हेल्प लाइन नंबर जारी कर दिए हैं। साथ ही कई विभागों को भी चौकन्ना रहने को कहा गया है। देर शाम हथिनीकुंड बैराज से 8.29 लाख क्यूसेक पानी आधे घंटे के लिए छोडे़ जाने के कारण यमुना से लगते गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया। जो ग्रामीण यमुना में खेतों में काम करने गए थे सूचना मिलते ही वह लौट आए। जिले के तीनों खंडों में यमुना के अंदर हजारों एकड़ में लगाईं फसलें जलमग्न हो गई हैं। सुबह से शाम तक किसान यमुना की पटरी पर बैठकर बढ़ते जलस्तर और अपनी डूबती फसलों को देखते रहे। यमुना के अंदर ट्यूबवेल और इंजन इत्यादि सामान पानी में समाहित हो चुके हैं। धान की फसलें डूब गई हैं। मक्का, मूली समेत अन्य फसलें डूबने से किसानों को नुकसान हुआ है। सिंचाई विभाग का अमला दिन-रात यमुना पर डट गया है। संवेदनशील जगहों पर जेसीबी, डंपर, मिट्टी के बैग और मशीनें खड़ी कर दी हैं। पटरी पर पैनी नजर रखी जा रही है।
करनाल खंड के कुंडा कला, खराजपुर, बजीदपुर, नबीपुर, जड़ौली व नली कलां के ग्रामीण यमुना के पटरी पर डटे हैं। उन्हें डर है कि जलस्तर बढ़ने से पटरी ना टूट जाए। चूंकि कुंडा कला व जम्मुखाला गांव के समीप यमुना के पानी का झुकाव हरियाणा की तरफ है इसलिए यहां पर पानी की सीधी टक्कर स्टड से होती है। इस जगह से पटरी टूटने का खतरा बना रहता है। कुंडा कला के समीप संवेदनशील जगह पर बनी तीन ठोकरें पानी की टक्कर को सहन करती हैं। खराजपुर गांव के किसान गुरजीत सिंह का कहना है कि जो फसलें पानी में डूब गई हैं, वह नष्ट हो जाएंगी। कई दिन तक यदि धान की फसल डूबी रही तो वह गल जाएगी। कुंडा कला के गोपाल और तेजपाल का कहना है कि पेठा, मूली व अन्य सब्जी की फसलें डूब चुकी हैं। उन्हें धान, गन्ना व चारे की चिंता है। तीन साल पहले पटरी टूटने से कुंडा कला गांव में पानी भर गया था। पानी ने नगला चौक तक मार की थी। अब जलस्तर बढ़ने से पटरी टूटने का भय बना हुआ है।
यमुना के बीच खेतों का कटाव शुरू
यमुना में हर साल उफान की वजह से जमीन का कटाव होता है। इस बार भी तेज बहाव के चलते यमुना के अंदर खेतों में तेजी से कटाव हो रहा है। सैकड़ों एकड़ जमीन खुर्द-बुर्द हो जाती है। बाद में उत्तर प्रदेश व हरियाणा के किसानों के बीच खूनी संघर्ष का कारण बनती है। चूंकि हरियाणा की तरफ यमुना के बहाव का झुकाव है इसलिए इस तरफ कटाव ज्यादा होता है। देखते ही देखते पल भर में ही काफी जमीन पानी में समाहित हो जाती है। साल दर साल कटाव के चलते यमुना के पानी की धार हरियाणा की तरफ खिसकती चली गई। दशकों पहले बनाए स्टड जो कुछ साल पहले तक नजर आते थे, वह अब जमींदोज हो चुके हैं। पानी के बीच उथल-पुथल की वजह से अधिक कटाव होता है और बाद में दोनों राज्यों के किसानों के बीच वह विवाद का कारण बनता है। इस समस्या का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका।
यमुना की पटरी में कई जगह हैं होल
पटरी पर बारिश का पानी जमा नहीं हो इसके लिए सिंचाई विभाग ने मजदूर लगा रखे हैं। पटरी को ग्रामीण अपने खेतों में जाने के लिए रास्ते के रूप में इस्तेमाल करते हैं इसलिए जगह-जगह कुछ पानी ठहरा हुआ है। पटरी सूखी और मजबूत बनी रहे इसके लिए विभाग का अमला वहां डटा हुआ है।
7.60 लाख क्यूसेक पानी यमुना में आ गया है। पानी की मात्रा और बढ़ेगी। इसके चलते यमुना के निकटवर्ती इलाकों में अलर्ट कर दिया गया है। यमुना की पटरी पर लेबर लगा दी गई है। विभागीय कर्मचारी दिन-रात यमुना पर ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। ट्रैक्टर, डंपर, जेसीबी इत्यादि मशीनरी तैनात कर दी गई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विभाग की पूरी तैयारी है। यदि कोई किसान या मजदूर यमुना के बीच फंसा दिखेगा तो तो उसकी हिफाजत की जाएगी। विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। -नवतेज सिंह, एक्सईएन यमुना वाटर वर्क्स
शाम तक पशुओं के साथ टापू में फंसे थे चरवाहे
कुंडा घाट के समीप इलाके में यमुना में रविवार सुबह खेतों में काम करने आए कई किसान और पशु चरा रहे चरवाहे टापू के बीच फंसे गए। वह यूपी के कुंडा घाट गांव के ग्रामीण बताए जा रहे थे। वे पूरा दिन इंतजार करते रहे लेकिन जलस्तर बढ़ता गया। दिन ढलने तक वह टापू पर ही फंसे नजर आए। कई किसानों के ट्रैक्टर, ट्राली, बुग्गी इत्यादि सामान भी टापू पर नजर आ रहा था। वह किसान चारा लेने के लिए खेतों में आए थे। चारे से लदी उनकी गाड़ियां बीच टापू खड़ी रही। उन्हें लौटने का रास्ता नजर नहीं आ रहा था। हरियाणा की तरफ पटरी पर खड़े किसान भी उनकी तरफ ताकते रहे।
जिला प्रशासन ने सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग व पशुपालन विभाग को किया चौकन्ना
जिला प्रशासन ने इंद्री और घरौंडा क्षेत्र के यमुना के साथ लगते गांवों में ग्रामीणों को सख्त हिदायत जारी कर कहा है कि प्रदेश की सीमाओं के साथ लगते पड़ोसी राज्यों में अधिक बारिश के कारण यमुना नदी उफान पर है। कोई भी नदी के पास न जाए और न ही नदी में नाव आदि लेकर जाए। उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने किसानों को भी यमुना तट के साथ लगते खेतों में ना जाने की अपील की है। उपायुक्त के अनुसार हथिनीकुंड बैराज से करीब साढे़ छह लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इस कारण यह हिदायत जारी की जा रही है ताकि जान व माल के नुकसान से बचा जा सके। लोगों की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग और पशु पालन विभाग को भी बाढ़ आने की स्थिति में राहत पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इन सभी विभागों को अगले 48 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने व अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अपना स्टेशन ना छोड़ने के लिए भी आदेश दिए गए हैं। जिले में यमुना नदी के सभी किनारों पर भी नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। प्रशासन द्वारा बाढ़ आने की स्थिति में सभी प्रकार के बाढ़ राहत उपकरण व साम्रगी की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है तथा प्रशासन द्वारा बाढ़ कंट्रोल रूम बनाया गया है। किसी भी किनारे के टूटने तथा पानी के ओवरफ्लो होकर गांवों में घुसने की स्थिति की सूचना कंट्रोल रूम के फोन नंबर 2267271 तथा पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर100 पर अविलंब साझा करें। उन्होंने आमजन से अपील की कि प्रशासन और सरकार आपके साथ है। आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देते हुए प्रशासन द्वारा जारी हिदायतों का पालन कर हर संभव सहयोग करें।
यमुना नदी के साथ लगते इन गांवों में जारी किया गया है अलर्ट
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने इंद्री खंड के चौगामा, हंसू माजरा, चंद्राव, गढीबीरबल, नाबियाबाद, जपती छपरा, सैय्यद छपरा, कमालपुर गडरियान, डबकौली खुर्द व डबकौली कलां तथा कुंजपुरा खंड के शेरगढ़ टापू, जडौली, नबीपुर, कुंडा कलां आदि गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। करनाल खंड के जम्मूखाला, मुस्तफाबाद, ढाकवाला गुजरान व दिलावरा तथा घरौंडा खंड के लालूपुरा, सदरपुर, मुंडीगढी और बलहेडा आदि गांवों में यमुना के पानी आने की सूचना जारी की गई है।
यमुना में पानी के बहाव की तेज गति देख सहमे लोग
हथिनीकुंड बैराज से यमुना में पानी छोड़े जाने से क्षेत्र के किसान सहम गए हैं। पानी के प्रवाह को देखकर ग्रामीण भयभीत हैं। उनका कहना है कि इस साल पानी के बहाव की गति पहले की अपेक्षा तेज है। क्षेत्र में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। इंद्री क्षेत्र के दर्जनों गांव यमुना से सटे हैं। रविवार सुबह यमुना में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी ही बताया गया। ग्रामीणों ने कहा कि अधिक पानी क्षेत्र में भारी तबाही का कारण बन सकता है। रविवार को दिन में यमुना में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी की वजह से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी हैं। यमुना का रौद्र रूप देखकर किसानों ने खेतों से अपना जरूरी सामान समेट लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यमुना में और पानी छोड़ा गया तो भारी तबाही होगी।
ट्यूबवेल की मोटरें खोलकर घर ले आए
यमुना के उफान की वजह से आसपास के किसान अपने खेतों से ट्यूबवेल की मोटरें व सामान अपने घर ले आए। लगातार बारिश से साफ है कि यमुना में जल का स्तर और बढ़ेगा। यदि ऐसा हुआ तो कई-कई किलोमीटर तक खेत पानी में डूब जाएंगे। सड़कों पर पानी जमा हुआ तो खेतों से संपर्क भी कट जाएगा। खतरे को भांपकर किसानों ने खेतों से ट्यूबवेल की मोटरें खोल ली। इसके अलावा खेती का जरूरी सामान भी अपने घर ले आए हैं।
गुमथला में खनन होनेे से बिगड़े हालात
कलसौरा निवासी जोगिंद्र सिंह, मोहन लाल, अंग्रेज सिंह, वीरेंद्र सिंह, जसपाल, सुमित कुमार व विक्रम सिंह का कहना है कि यमुना के पानी की इतनी तेज रफ्तार आज से पहले नहीं देखी। यह सब अंधाधुंध खनन की देन है। आरोप लगाया कि इस बार गुमथला के पास भारी मात्रा में अवैध खनन हुआ। यही वजह है कि पानी इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे किसानों का नुकसान होगा।
2013 का मंजर याद कर सहमे किसान
कलसौरा व नबियाबाद के ग्रामीण वर्ष 2013 का मंजर याद कर सहम गए हैं। ग्रामीण तहरीर अब्बास, आजाद सिंह, मुलाजिम हुसैन और धर्मवीर ने बताया कि 2013 का मंजर भुलाए नहीं भूलता। तब यमुना में करीब आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया था। इसके बाद भारी तबाही हुई थी। खेतों के साथ ही कई गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए थे। फसलें खराब होने से किसानों की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई थी। इस हिसाब से अबकी बार जल का स्तर बढ़ रहा है उसे देखकर ग्रामीण चिंतित हैं। डर है कहीं फिर से 2013 जैसी बाढ़ का सामना न करना पड़े। ग्रामीण भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि यमुना में पानी का स्तर घट जाए। लेकिन मौसम के आसार देखकर नहीं लगता कि पानी आगामी कुछ दिनों में कम होगा।
इंद्री के इन गांवों पर मंडराया खतरा
इंद्री के करीब दर्जनों गांव यमुना के साथ सटे हैं। इनमें चंद्राव, चौगांवा, हंसू माजरा नबियाबाद, सैयद छपरा, जपती छपरा, कलसौरा, हलवाना, नगली, कमालपुर गडरियान व गढ़पुर टापू शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर बार पानी बढ़ते ही गांवों को अलर्ट कर दिया जाता था। आरोप है कि इस बार प्रशासन ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी। ... और पढ़ें

टूटा पांच साल का रिकॉर्ड, हथिनी कुंड से छोड़ा गया सबसे अधिक पानी, दिल्ली में आ सकती 'आफत'

बारिश से हरियाणा और पंजाब में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दो दिन से पहाड़ों में हो रही तेज बारिश ने हथिनी कुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से बहुत ऊपर कर दिया है। हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी के जलस्तर ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शाम 5:00 बजे तक हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 814000 दर्ज किया गया।

पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश से यमुना ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। रविवार को यमुना के जलस्तर ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए और शाम छह बजे जलस्तर आठ लाख 28 हजार क्यूसेक को भी पार कर गया। जो खतरे के निशान से आठ गुणा ज्यादा है। जिसके चलते सिंचाई विभाग की तरफ से यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं इन चारों जिलों में यमुना की जद में आने वाले रिहायशी इलाके खाली करने के आदेश जारी किए हैं।

साथ ही दिल्ली सरकार को भी सूचना भिजवा दी है। 72 घंटे के भीतर पानी के इस खतरनाल लेवल से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बाढ़ के आसार बन गए हैं। हथिनीकुंड बैराज बनने के बाद अब तक का सबसे ज्यादा पानी 17 जून 2013 को 8,06,464 क्यूसेक दर्ज किया गया था। जबकि पिछले साल साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी आया था। 1872 में अंग्रेजों द्वारा बनाएं गए ताजेवाला हेडवर्क्स पर भी इतना ज्यादा पानी पहुंचने का कोई रिकार्ड नहीं है।

दिल्ली में पहुंच सकता है ज्यादा पानी
सिंचाई विभाग की यमुना जल सेवाएं प्रभाग के एक्सईएन हरिदेव कांबोज ने बताया कि यमुनानगर में सोमनदी और पथराला नदी भी उफान पर है। इसके अतिरिक्त हरियाणा और यूपी के कई बड़े बरसाती नाले यमुना में गिरते हैं। ऐसे में दिल्ली पहुंचने वाला पानी आठ लाख क्यूसेक से काफी ज्यादा हो सकता है। क्योंकि इन नदी नालों का जलस्तर भी खतरे के निशान से कई गुणा ज्यादा है। दिल्ली सरकार को इस बारे में सूचना भिजवा दी गई है।   





वहीं यमुनानगर में यमुना के किनारे बसे चार गांवों में पानी घुस गया है। प्रशासन ने यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत में अलर्ट जारी किया। बैराज से पानी छोड़े जाने के 72 घंटे बाद दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। हथिनी कुंड बैराज से अब तक 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है जो पिछले 5 सालों मैं सबसे अधिक है। संभावना है कि रात या कल सुबह यमुना के तटवर्ती गांवों में पानी पहुंच सकता है। 2014 में करीब 600000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जिससे कई गांव में बाढ़ के हालात बने थे और फसलें नष्ट हुई थी।

रेलवे ट्रैक धंसा, यातायात प्रभावित
यमुनानगर में बारिश ने आफत मचा रखा है। पिछले 16 घंटों से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। शहर में लोगों के घरों तक पानी घुस गया है। मदद के लिए लोग फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप में गुहार लगा रहे हैं। वहीं दुसाने गांव के पास रेल की पटरी धंसने के कारण गाड़ियों का आवागमन रुक गया है। पूरे यमुनानगर में इंटरनेट सेवा के साथ बस और रेल यातायात प्रभावित है। वहीं 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुका है। 
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बसों में मिलीं खामियां, दो स्कूलों के काटे चालान

सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत आरटीए टीम ने मंगलवार को चार स्कूलों में छापा मारकर बसों की जांच की। इस दौरान टीम ने कुल 95 बसों को जांचा। इसमें दो स्कूलों की 18 बसों में खामियां मिलने पर उनका मौके पर ही चालान किया गया। दो स्कूलों में सभी बसें सही पाए जाने पर उनके प्रबंधकों को एडीसी की तरफ से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। खामियां पाए जाने वाले स्कूलों के प्रबंधकों को जांच टीम ने 15 दिन में बसें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि अगर दोबारा जांच में बसों में खामियां मिलीं तो बसों को इंपाउंड किया जाएगा। आरटीए सचिव एवं एडीसी अनीश यादव के निर्देश पर टीम ने छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच टीम में सहायक सचिव सतीश जैन, निरीक्षक मुनीष कुमार, जोगिन्द्र ढुल, खेमचंद व सुरेंद्र पाडा शामिल रहे।
इसलिए इस स्कूल में हुए चालान और इन्हें मिला सम्मान
1. पांच कंडक्टरों के पास लाइसेंस तक नहीं मिले
जांच के दौरान एसएस इंटरनेशनल स्कूल नेवल और प्रताप पब्लिक स्कूल कुंजपुरा की बसों में खामियां मिलीं। पांच बसों के कंडक्टरों के पास लाइसेंस तक नहीं थे। तीन बसों में अग्निशमन सिलेंडर एक्सपायर मिले। इसके अलावा कई बसों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और महिला अटेंडेट के ना होने पर भी चालान किए गए।
2. अपना सर्विस स्टेशन मिलने पर हुए सम्मानित
जांच में बाबा रामदास विद्यापीठ कलवेहड़ी और मोन्टफोर्ट वर्ल्ड स्कूल सुभरी की सभी बसें फिट और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत चलती पाई गई। मोन्टफोर्ट वर्ल्ड स्कूल में बसों के रख रखाव के लिए अलग शेड और सर्विस के लिए अपनी वर्कशॉप भी बनी मिली। इसलिए दोनों स्कूलों को एडीसी की ओर से प्रशंसा पत्र दिए गए।
बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सुरक्षा में जो स्कूल लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। सभी स्कूल संचालकों से सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। - अनीश यादव, एडीसी ... और पढ़ें

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों और मेयर में टकराव

स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को लेकर निगम अधिकारी और मेयर रेणु बाला गुप्ता समेत पार्षदों में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। मंगलवार को अर्बन लोकल बॉडी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आनंद मोहन शरण ने तीन घंटे तक अधिकारियों की बैठक ली और प्रोजेक्ट पर चर्चा की। बैठक में एमआईएस (मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम) प्रोजेक्ट को लेकर तीन कंपनियों ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके साथ ही सेक्टर-14 स्थित राजकीय पीजी कालेज में स्मार्ट सिटी को लेकर एक वर्कशाप का भी आयोजन किया गया। खास बात ये है कि न तो बैठक और न ही वर्कशाप में मेयर रेणु बाला गुप्ता और अन्य पार्षदों को बुलाया गया। इसको लेकर पार्षदों समेत अन्य में नाराजगी है। पार्षद युद्धवीर सैनी, रामचंद्र काला समेत अन्य पार्षदों नेे तो यहां तक कह डाला है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर केवल अधिकारी ही डील कर रहे हैं, हमें नहीं पता किया कि वे क्या करने वाले हैं। साथ ही पार्षदों ने निगम प्रशासनिक अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया है। उधर, निगम आयुक्त ने सफाई देते हुए कहा कि फाइनेंसियशल बीट के खोले जाने पर हाउस का काम नहीं होता। नियमानुसार काम चल रहा है, उसी के तहत उन्हें नहीं बुलाया गया। ऐसे में निगम के अधिकारियों के रवैये के चलते टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
एमआईएस प्रोजेक्ट पर तीन कंपनियों ने दी प्रस्तुती
मंगलवार सुबह कर्ण लेक और इसके बाद राजकीय कॉलेज में वर्कशाप हुई। अधिकारियों के सामने एक के बाद एक करके सभी तीनों कंपनियों ने बताया कि वे किस आधार पर इस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। प्रस्तुति में कंपनियों ने बताया कि कोई भी व्यक्ति स्मार्ट सिटी के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अपराध करके फरार नहीं हो पाएगा। यदि हुआ तो उसकी गाड़ी, पहनावे और चाल-ढाल की पहचान होगी। इतना ही नहीं अपराधी कहां गया है, उसकी लोकेशन तक पर ट्रेस किया जाएगा। स्मार्ट क्षेत्र पर पूरी नजर रहेगी। कचरा, वाहन और अन्य गतिविधियों को कैमरों में कैद रखा जाएगा। समय-समय पर अलर्ट रखने का काम करेगा। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में एमआईएस सबसे महत्वपूर्ण विंग है। बैठक में धीरज कुमार डीएमसी, सीनियर अकाउंट अधिकारी संजय कालीरमना, चीफ इंजीनियर ठाकुर लाल शर्मा शामिल रहे।
पांच साल में होगा भुगतान
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर 1295.81 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से 1061.1 करोड़ यानि 82 प्रतिशत एरिया बेस्ड डेवलेपमेंट में शामिल 720 एकड़ पर खर्च होंगे। करनाल को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सलाहकार के तौर पर केपीएमजी कंपनी 19 करोड़ रुपये लेकर करनाल स्मार्ट सिटी को अपनी सलाह देगी। केपीएमजी को यह पैसा करनाल स्मार्ट सिटी कंपनी 5 सालों के दौरान भुगतान करेगी।
कमिश्नर राजीव मेहता से सीधी बातचीत
प्रश्न : स्मार्ट सिटी को लेकर बैठक में क्या रहा?
जवाब : एमआईएस प्रोजेक्ट की तकनीकी बीड खोली गई। तीन कंपनियों ने अपनी प्रस्तुति दी।
प्रश्न : कब तक टेंडर होगा?
जवाब : फाइनेंसियल बीड के बाद स्कोर के हिसाब से पूरा होगा। काम चल रहा है। जल्दी ही पूरा किया जाएगा।
प्रश्न : मेयर व पार्षदों को बैठक में शामिल नहीं किया?
जवाब : नियमानुसार तकनीकी बीड के तहत कंपनियों की प्रस्तुति में मेयर और पार्षदों को शामिल नहीं किया जा सकता है। क्योंकि वे इसके सदस्य नहीं हैं।
- स्मार्ट सिटी के किसी भी प्रोजेक्ट में सदन को शामिल नहीं किया जा रहा है। निगम के अधिकारी खुद ही काम कर रहे हैं। स्मार्ट सिटी में क्या हो रहा है, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी जाती। आज की मीटिंग का भी मीडिया से पता चला। ऐसे में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की जानकारी अधिकारी ही दे सकते हैं। मुझे नहीं पता कि जनप्रतिनिधियों को स्मार्ट सिटी जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट से क्यों दूर रखा जा रहा है? ये प्रोजेक्ट माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है और ऐसे में जन प्रतिनिधियों को ही इसकी जानकारी नहीं होगी, तो हम जनता का क्या बता पाएंगे कि हम क्या कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं। बैठक में नहीं बुलाए जाने पर कई पार्षदों ने भी नाराजगी जाहिर की है। - रेणूबाला गुप्ता, मेयर नगर निगम करनाल। ... और पढ़ें

घरों से निकला पानी, किसानों के सर चढ़ा कर्ज

बाढ़ के कारण पानी में डूबे गांवों में अब हालात सामान्य होने लगे हैं। यमुना में पानी कम होने के कारण घरों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है। अधिकारियों का कहना है कि बुधवार तक यह पानी भी गांव से निकल जाएगा। दूसरी तरफ किसानों की चिंता बढ़ गई है। अब उन्हें बाढ़ के पानी की नहीं बल्कि अपने कर्ज की चिंता है। क्योंकि बाढ़ के पानी ने उनकी फसलों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने ब्याज पर रुपये लेकर जमीन ठेके पर ली थी और उस जमीन पर फसल उगाई थी। किसानों का एक ही सवाल है कि पानी तो उतर जाएगा, पर बाढ़ से हुए नुकसान के कारण कर्ज कैसे उतरेगा?
यह दर्द है बाढ़ प्रभावित गांव नगली, हलवाना व रंदौली, सैयद छपरा, नबियाबाद, जपती छपरा के किसानों का है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने बाढ़ प्रभावित गांवों का मुआयना किया। इस दौरान इन गांवों के किसानों ने बताया कि उन्होंने ठेके पर जमीन ले रखी है और प्रति एकड़ करीब 15-15 हजार रुपये खर्च कर रखे हैं, लेकिन उनके हिस्से कुछ नहीं आया। ऐसे में बाढ़ प्रभावित सभी गांवों के किसान कर्जदार हो गए हैं। किसानों ने सरकार से भी मुआवजे की मांग की है।
छतों में रखे चूल्हे, जनजीवन प्रभावित
घरों से बाढ़ का पानी तो निकल गया है। लेकिन घर में कीचड़ ही कीचड़ भरा हुआ है। गांव में अधिकतर घरों में फर्श नहीं है। इस कारण घर से पानी निकलने पर कीचड़ बन गया। इसलिए घरों में पानी घुसने के बाद अधिकतर लोगों ने गैस चूल्हा छत पर रख लिया और उन्होंने रात को छत पर बैठकर खाना बनाया और सारी रात छत पर बैठकर ही गुजारी। सुबह भी यही हालात बने रहे। ये हालात बाढ़ प्रभावित करीब 12 से ज्यादा गांवों के हैं। इसके अलावा, जिनके गैस सिलेंडर खत्म हो गए, उनके पास गैस भरवाने का कोई चारा नहीं था। वे सरकारी मदद की आस में छतों पर बैठे रहे। फिलहाल हालात यह हैं कि प्रशासन की कश्ती केवल ग्रामीणों के गांव के अंदर और बाहर जाने के काम आ रही है। खाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई मदद मुहैया नहीं कराई जा रही है।
पशुओं को नहीं मिल रहा चारा, भूख से रहे हैं तड़प
बाढ़ आने से लोगों ने तो जैसे तैसे अपने लिए खाने की व्यवस्था कर ली। लेकिन पशुओं को खाने के लिए चारा नहीं मिल पाया। भूखे पेट पशु खाने के लिए तड़ते रहे। लोगों का कहना है कि जो सुखा चारा था वे बाढ़ के पानी में बह गया अब चारा कहां से लगाए। जब बाढ़ का पानी कम होगा तभी वह पशुओं को चारा डाल पाएंगे।
मेज व लोहे के पलंग पर रखा सामान
बाढ़ के पानी में घर का सामान खराब न हो जाए तो कुछ ग्रामीणों ने मेज व लोहे के पलंग पर बैड, टीवी, फ्रिज, मशीन आदि रखकर उसे बचाने की कोशिश की। वहीं घर में रखी अलमारी, कपड़े रखने की पेटियां आदि भी मेज पर रखी हुई हैं।
शौच के लिए आई परेशानी, प्रशासन नेे नहीं की कोई व्यवस्था
बाढ़ से ग्रस्त गांव में सबसे बड़ी परेशानी खास कर बच्चों व महिलाओं को शौच को लेकर हुई। प्रशासन ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया। क्योंकि घरों के साथ शौचालय में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ था। इस कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, इंद्री नगर निगम की ओर से इनके लिए अस्थाई शौचालयों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
किसानों जताई चिंता...
आढ़ती से कर्ज लेकर ली थी ठेके पर जमीन।
नगली गांव निवासी गुरदीप ने बताया कि उसने आढ़ती से ब्याज पर रुपये लेकर सात एकड़ ठेके पर जमीन ली थी। तब जाकर उसने उस जमीन में जीरी व मक्की उगाई थी। लेकिन बाढ़ के पानी ने सब नष्ट कर दी। अब उसे चिंता है कि वह इस कर्ज को कैसे चुकायेगा।
45 हजार रुपये प्रति एकड़ ली थी ठेके पर जमीन
किसान राजेश ने बताया क उसने गांव में 45 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर जमीन ली थी। इसके लिए उसने आढ़ती से कर्ज लिया था। बाढ़ से सारी फसल नष्ट हो गई।
26 लाख रुपये का हुआ नुकसान, सरकार करे मदद
हलवाना निवासी सबिल हैदर ने बताया कि उसने अपने आढ़ती से करीब 26 लाख रुपये ब्याज पर लिए हुए हैं और 35 एकड़ जमीन ठेके पर ली है। जो सारी यमुना के किनारे की है। पानी ने सब नष्ट कर दिया। सरकार से गुहार है कि गिरदावरी कराई जाए।
अधिकारियों के कहने पर लगाई थी मक्की
सुरेश ने बताया कि उसने व उसके भाई पूर्ण चंद ने आठ एकड़ में अधिकारियों के कहने पर मक्की लगाई थी। जो नष्ट हो गई। गन्ना लगा लेता तो कुछ बचाव हो जाता।
ब्रेड व बिस्कुट खाकर गुजारी रात
पवन ने बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें कोई राहत सामग्री नहीं मिली है। रात को उन्होंने ब्रेड बिस्कुट खाकर गुजारा किया। यही हाल पूरे गांव में था। सुबह भी उन्होंने यही खाया। जो दुकानें ऊंचाई पर थी तो उन्होंने ये सामान भी महंगे दाम में दिया।
पीने के पानी को तरसे
मिंटू ने बताया कि प्रशासन ने कुछ ही पानी के कैंपर गांव में भेज थे। लेकिन वह कैंपर कुछ घंटे ही चले इसके बाद रात को उन्हें पीने के पानी के लिए तरसना पड़ा। सुबह भी यही हाल हुआ। गिने चुने कैंपर ही पानी के गांव में भेजे गए।
रात भर मिट्टी से बनाते रहे आढ़..
नगली गांव के धर्मेंद्र ने बताया कि गांव में उनका मकान ऊंचाई पर है लेकिन उनके घर में भी पानी घुस गया। उसका पूरा परिवार रात भर मिट्टी से आढ़ बनाता रहा। घर के कमरे से मिट्टी उखाड़ी और आढ़ बनाई लेकिन फिर भी पानी घर में घुस गया और सामान खराब हो गया।
राशन डिपो में घुसा पानी, आटा हुआ खराब
नगली गांव के डिपो होल्डर सुलतान ने बताया कि हलवाना व नगली गांव का डिपो उसके पास है। बाढ़ के पानी से करीब आठ क्विंटल आटा खराब हो गया है और 59 किलोग्राम चीनी भी खराब हो गई है। इसी प्रकार, कुंडा कलां के किसान सूरजभान ने बताया कि गन्ने पर कई फुट तक कीचड़ चढ़ गया है, इसी प्रकार धान के हालात हैं। वह खराब हो गई है। बाढ़ के कारण गन्ने की फसल में भी नुकसान होगा। प्रति एकड़ किसानों ने 15-15 हजार रुपये खर्च करके फसल लगाई थी। ... और पढ़ें

मर्चंट नेवी में नौकरी दिलाने केनाम पर ठगे 8 लाख रुपये

मर्चेंट नेवी और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली निवासी एक कंपनी के मैनेजर से आठ लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। राम नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में दिल्ली निवासी चंद्रेश कुमार ने बताया कि उसके भाई के दोस्त के जरिए उसकी बात आरोपी विवेक के साथ हुई जो नेवी में अपने आप को अधिकारी बताता है। उसने कहा कि वह उसे मर्चेंट नेवी में नौकरी दिला देगा। फिलहाल वह एक कंपनी में मैनेजर है। वह उसकी बातों में आ गया। उसे ढाई लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसने कहा कि वह उसे यूरोप में ग्रीस शहर में एक कंपनी में नौकरी दिला देगा। इसके लिए एक कोर्स करना होगा। उसके भी आरोपी ने रुपये ले लिए। इसके बाद साउथ अफ्रीका में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे रुपये लिए। लेकिन कहीं भी वह नौकरी नहीं लगा। वह उसे आठ लाख रुपये दे चुका है। ... और पढ़ें

बाढ़ का कहरः हरियाणा में 40 हजार एकड़ फसल डूबी, नौ जिलों में हजारों परिवार प्रभावित

हरियाणा में तबाही मचाकर यमुना का पानी मंगलवार शाम दिल्ली पहुंच गया है। राहत की बात है कि यमुना के साथ-साथ मारकंडा, घग्गर और टांगरी के जलस्तर में भी कमी आई है। फिर भी प्रदेश के नौ जिलों में इन नदियों के आसपास रह रहे हजारों लोग बाढ़ से अब भी प्रभावित हैं। मंगलवार को मारकंडा और यमुना का तटबंध टूटने से कई गांवों पर अब भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। 

बाढ़ में फंसे कई परिवारों को बचाव दल ने निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। करीब 40 हजार एकड़ में फसल जलमग्न हैं। सरकार की ओर से हर प्रकार के हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम के दावे किए गए हैं। हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने वीसी के जरिए केंद्र सरकार के कैबिनेट सेक्रेटरी प्रदीप कुमार सिन्हा को बताया कि यमुना का पानी दिल्ली पहुंच गया है।

सोनीपत और करनाल से 25 परिवारों को दूसरे स्थान पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। सरकार की ओर से हर प्रकार के हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के बाद यह पानी फरीदाबाद और पलवल में पहुंचेगा। इन दोनों जिलों में नदी के साथ लगते निचले इलाकों से लगभग 500 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। अरोड़ा ने बताया कि यमुना, मारकंडा, टांगरी और घग्गर में पानी के स्तर में कमी आ रही है। 

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कार और ट्रक में भीषण टक्कर, जीजा-साले समेत तीन की मौत, इंजन निकल दूर जा गिरा

हजारों परिवार प्रभावित
दिल्ली एयरपोर्ट पर भतीजी को छोड़कर अटारी लौट रहे जीजा-साले की कार का गांव उचानी के समीप ट्रक से भिड़ंत गई। हादसे में कार चालक ड्राइवर और जीजा-साले की मौत हो गई। चालक को झपकी आने की वजह से मंगलवार सुबह करीब छह बजे कार डिवाइडर पार कर ट्रक से भिड़ गई।

हादसा इतना भीषण था कि कार का इंजन छिटक कर बाहर जा गिरा। हादसे के बाद काफी देर तक जीटी रोड पर जाम की स्थिति रही। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कार चालक के शव को निकाला गया। पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। 
 
जांच अधिकारी विजय ने बताया कि जिला शहीद भगत सिंह के गांव अटारी निवासी मंजीत सिंह (40) अपनी भतीजी को दिल्ली एयरपोर्ट छोड़कर आना था। उन्होंने लुधियाना से एक कार किराए पर ली। उसका चालक हरजोत सिंह था, जो लुधियाने के जालंधर चौक का रहने वाला था। साथ ही मंजीत सिंह ने अपने साले बलदेव (35) जो लुधियाना में जालंधर चौक का रहने वाला था।
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रुपयों के लेनदेन में घर में सो रहे युवक को गोली मारी

गांव रिसालवा में रुपयों की रंजिश में देर रात तीन हथियारबंद बदमाशों लोगों ने एक युवक की गोली मार दी। युवक को आनन-फानन में असंध के सामान्य अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने युवक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार रात करीब एक बजे हरमीत घर के बाहर चारपाई पर सोया था। उसकी माता कमरे में सो रही थी। हरमीत की मां अंग्रेजो देवी को हरमीत की बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दी। उसने कमरे के बाहर आकर देखा तो तीन लोग जिसमें कर्ण सिंह, साहब सिंह और आजाद सीढ़ियों से नीचे खिंचकर हरमीत को ले जा रहे थे। मां ने हरमीत को पकड़ा तो सफेद कुर्ता-पाजामा पहने आरोपी के हाथ में पिस्तौल थी। उसने पिस्तौल अंग्रेजो देवी की तरफ तानकर हरमीत को उससे छुड़ा लिया। इसके बाद हरमीत को खींचकर सीढ़ियों पर ले आए। कुर्ता-पाजामा पहने आरोपी ने हरमीत के सिर में गोली मार दी। एक गोली कंधे में मारकर तीनों उसे खिंचकर नीचे ले आए। जब तीनों लोग उसे छोड़कर भागने लगे तो गोली की आवाज और अंग्रेजो देवी की चीख पुकार सुनकर अन्य लोग मौके पर पहुंचे। अंग्रेजो देवी के अनुसार पड़ोस में रहने वाली बहन सावित्री का लड़का राकेश कुमार और देवरानी राजेश का लड़का सोमबीर गली में आए। इससे पहले तीनों आरोपी गली में खडी मोटरसाइकिल पर भाग गये।
यह है मामला
अंग्रेजो देवी का कहना है कि उसके दो लड़के कपिल और हरमीत थे। कपिल विदेश में रहता जबकि हरमीत सालवन शराब के ठेके पर काम करता था। गांव के ही कर्ण सिंह, साहब सिंह, आजाद वासी रिसालवा लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। इन्होंने पाजू गांव के किसी लड़के को विदेश भेजा था। इन लोगों ने हरमीत को उस लड़के के गांव रुपये लेने भेजा था। इन्हीं रुपयों को लेकर हरमीत और तीनों के बीच झगड़ा चल रहा था। कर्ण सिंह और साहब सिंह के लड़के भी विदेश में हैं। कपिल का कहना है कि कर्ण सिंह का लड़का प्रवीन और साहब सिंह का लड़का नवीन विदेश में भी इन रुपयों के बारे में धमकी देते हैं। कुछ दिन पहले कर्ण सिंह धमकी दे गया था।
रिसालवा गांव से मर्डर की सूचना मिली थी। हम मौके पर पहुंचने और हत्या के साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- जगबीर मलिक, थाना प्रभारी ... और पढ़ें

आरोपी दंपती ने 2100 रुपये के लिए की थी रिंकू की हत्या

मेयर के घर के समीप 11 अगस्त की रात को चौधरी कॉलोनी में गढ़ी बीरबल निवासी बाल किशन उर्फ रिंकू की हत्या आरोपी दंपती ने 2100 रुपये के लिए की थी। आरोपी दंपती ने रिंकू से जो पर्स लूटा था उसमें करीब 2100 रुपये और उसके दस्तावेज थे। पुलिस ने आरोपियों से उनको बरामद कर लिया है। चार दिन के पुलिस रिमांड के बाद सीआईए-1 की टीम ने दंपती को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
सीआईए-1 इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि गढ़ी बीरबल निवासी बाल किशन उर्फ रिंकू की भाभी मेडिकल कॉलेज में दाखिल थी। 11 अगस्त को रिंकू और उसका भाई मेडिकल कॉलेज में थे। उसके भाई को 12 अगस्त की सुबह ड्यूटी पर चंडीगढ़ जाना था तो रिंकू रात को अपने भाई को रेलवे स्टेशन छोड़ने गया था। जब वह वापस आ रहा था तो मेयर के घर के समीप चौधरी कॉलोनी में चाकू से उसकी हत्या कर दी गई। उसका पर्स और बाइक आरोपी लेकर फरार हो गए थे। इस मामले की जब जांच की तो पता चला की रिंकू की हत्या खेड़ी मानसिंह निवासी विशाल संधू और उसकी पत्नी अंजली ने की थी। 14 अगस्त को इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार दोनों स्मैक का नशा करते हैं। नशे के लिए उन्हें रुपयों की आवश्यकता थी। इसलिए उन्होंने रिंकू को लूटने के लिए उससे रुपये मांगे। उसने विरोध किया तो उसकी चाकू से हत्या कर दी। दोनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। आरोपियों से दोनों चाकू, खून से सने कपड़े, मृतक रिंकू का पर्स, उसका आधार कार्ड, डीएल, उसके भाई और भाई का आधार कार्ड, उसकी बाइक सहित अन्य दस्तावेज बरामद कर लिए हैं। इन आरोपियों ने एक और लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस कारण इन्हें दोबारा से पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। ... और पढ़ें

रात को पति से पायल निकलवाए, सुबह गहने और रुपये लेकर महिला हुई फरार

घरौंडा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने रात को सोने से पहले अपने पति से पायल निकलवाए। पति के सोते ही महिला अपने कपड़े, गहने, मोबाइल और रुपये लेकर फरार हो गई। सोने से पहले महिला ने कहा कि पायल उसके पांवों में चुभते हैं। इससे उसको दिक्कत होती है। अब महिला का मोबाइल नंबर बंद है। पुलिस ने शिकायत मिलने पर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
रविवार को घरौंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला के भागने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस को दी शिकायत में पति ने बताया कि 17 अगस्त की रात को वे दोनों एक कमरे में थे। सोने से पहले 20 वर्षीय उसकी पत्नी ने प्यार से कहा कि पायल उसके पांवों में चुभ रही है, आप इन्हें निकाल दो। पत्नी के पांव से पायल निकाल दी। पति के अनुसार सुबह चार बजे जब उसके पिता जागे तो उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ है। उसने अपने बेटे से पूछा की बाहर कौन गया है। उसने उठकर देखा तो उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। उसने घर चेक किया तो उसकी पत्नी एक बैग में अपने कपड़े, गहने, मोबाइल व कुछ रुपये लेकर गई है। कई बार उन्होंने उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया लेकिन वह नंबर बंद आ रहा है। इसके बाद उसने घरौंडा थाना में इसकी शिकायत दी और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ... और पढ़ें

यमुना में उफान : 35 हजार एकड़ फसल खराब, बाढ़ में फंसे 50 को प्रशासन ने निकाला

पहाड़ों में बारिश और यमुना में रविवार की रात 8.28 लाख क्यूसेक पानी आने से इंद्री और घरौंडा उपमंडल के साथ लगते करीब दर्जनभर गांवों में बाढ़ आ गई है। खेतों में पांच से दस फुट तक पानी जमा हो गया है, जबकि सात गांवों के घरों में भी पानी घुस गया है। लोग अपने घरों का सामान सिर पर रखकर सुरक्षित स्थानों की तरफ जाते देखे गए। उधर, राहत कार्यों में प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से लेकर नाव तक लगा दी। सोमवार को दिनभर प्रशासन की तरफ से बाढ़ से बचाव का अभियान चला। एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से जहां गढ़पुर टापू में नौ लोगों को बचाया गया, इसी प्रकार नावों की मदद से अलग-अलग गांवों में बाढ़ में फंसे करीब 40 लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। उधर, अनुमान है कि यमुना के साथ लगते करीब 35 हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई। इंद्री हलके के एक दर्जन गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। इन गांवों में राहत भेजी जा रही है।
इन गांवों में घुसा पानी
इंद्री के गांव चंद्राव, डबकौली खुर्द, नगली, हलवाना रोड़ान, सैयद छपरा, नबियाबाद, चौरा खालसा, कमालपुर गडरियान, जपती छपरा में पानी घुस गया है। इसके अलावा कुछ गांव ऐसे हैं जिनके चारों तरफ पानी ही पानी है। उनका संपर्क अन्य गांवों से टूट गया है। इन गांवों के काफी ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। इनमें शेरगढ़ टापू, रंदौली, जड़ौली, नबीपुर, कुंडा कलां, मुस्तफाबाद, जम्मूखाला समेत अन्य गांव शामिल हैं। इसी प्रकार, घरौंडा उपमंडल के गांव बलहेड़ा, मुंडोगढ़ी, लालुपूरा, सदरपुर के चारों तरफ खतरा मंडराया हुआ है। उधर प्रशासन की तरफ से चलाए राहत कार्यों के चलते गांव डबकौली खुर्द से दस, चंद्राव से दस, सैयद छपरा से पांच, जपती छपरा से पांच और घरौंडा के गांव बलहेड़ा से एक व्यक्ति को नाव के जरिए सुरक्षित निकाला गया है।
हरियाणा-यूपी पुल की संपर्क पटरी टूटी
उत्तर-प्रदेश के सहारनपुर जिले के लखनौती से करनाल जिले के शेरगढ़ टापू को जोड़ने वाले पुल से दोनों राज्यों का संपर्क टूट गया है। यमुना के अंदर हरियाणा की तरफ पुल से जोड़ने वाली पटरी को करीब 200 फुट तक पानी की तेज धार ने धराशायी कर दिया। डेढ़ महीना पहले ही यह पुल चालू हुआ था।
10 जिंदा पशु जलधारा में बहे
खिराजपुर स्टड के समीप एकत्रित ग्रामीणों ने यमुना के तेज प्रवाह में 10 पशुओं को बहते देखा। घाट पर तैनात ठेकेदार ने इसकी सूचना आगे घाटों पर दी, ताकि पशुओं को बचाया जा सके। यह पशु यमुना नगर की तरफ से पानी में फंसे थे। तेज धार के बीच इन पशुओं को बचाने का कोई साहस नहीं कर पाया।
गन्ना, धान और चारा सब्जी की फसलें तबाह
यमुुना के अंदर करनाल जिले के तीन खंडों में करीब 35 हजार एकड़ जमीन में धान, गन्ना, चारा व सब्जी की फसलें डूब गई हैं। करनाल जिले की सीमा से लगते उत्तर प्रदेश के किसानों की यमुना में करीब एक लाख एकड़ धान, गन्ना इत्यादि फसलें डूब गई हैं। गन्ने की जो फसल डूब गई है वह भी खराब हो जाएगी। पटरी के समीपवर्ती खेतों में भी बहुत ज्यादा पानी चढ़ गया, जिनमें सिर्फ गन्ने की फसल बचने की उम्मीद है। करनाल जिले की सीमा में यमुना की पटरी की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन दो दिन से 24 घंटे मुस्तैद है।
यमुना में कम हो रहा है पानी
राहत की खबर है कि यमुना में धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है, अगर पहाड़ों में और बारिश नहीं हुई तो आगामी एक सप्ताह में हालात काबू में आ सकते हैं और गांवों से पानी निकासी दुरुस्त की जा सकेगी। सिंचाई विभाग का कहना है कि सोमवार दोपहर बाद हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 1.60 लाख क्यूसेक और छह बजे तक 1.47 लाख, 544 क्यूसेक पानी चला। बता दें कि रविवार को आठ लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी यमुना में छोड़ा गया था।
पटरी पर लगातार चली जेसीबी, मिट्टी के भरे बैग रखे
दूसरे दिन सोमवार को पानी के रौद्र रूप को देखकर ग्रामीण दहशत में थे। आसपास के गांवों के ग्रामीण भी पटरी टूटने के अंदेशे से पल-पल की खबर लेते रहे। सिंचाई विभाग की तरफ से तटबंधों पर जेसीबी की मदद से सफाई की जाती रही, ताकि किसी होल से पटरी लीक ना हो जाए। कुंडा कला, नसीरपुर, जम्मुखाला, नबीपुर, जड़ौली, खराजपुर, मोदीपुर व शेरगढ़ टापू गांव के समीप हर संवेदनशील जगह पर प्रशासन की तरफ से जेसीबी, डंपर, ट्रैक्टर-ट्राली, मिट्टी के भरे बैग रखे गए। पटरी के साथ-साथ संदिग्ध जगह पर बैग रखे जा रहे हैं। समीपवर्ती गांवों में ठीकरी पहरा लगाया हुआ है। ग्रामीण स्वयं भी यमुना की पटरी की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास रहा कि पटरी ना टूटने पाए। इस प्रयास में प्रशासन सोमवार दिन भर सफल रहा। कुंडा कला के समीप बने स्टड के ऊपर से पानी गुजर गया और पानी पटरी में टक्कर मार रहा था। इस संवेदनशील जगह पर प्रशासन की दो दिन से नजरें गड़ी हुई हैं।
चारे का गहरा जाएगा संकट
यमुना के अंदर किसानों की फसलों के साथ उनके कृषि यंत्र, मशीनरी, ट्यूबवेल, कोठे, ईंजन, तूड़ी के कूप भी डूब गए हैं। इसके चलते किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उनके आगे सबसे बड़ी समस्या तूड़ा व हरे चारे की आएगी। तूड़ी खराब होने के कारण चारे का संकट गहरा जाएगा।
यूपी का पशुपालक हरियाणा की तरफ आने में हुआ कामयाब
यमुना में पशु चरा रहे उत्तरप्रदेश के शामली जिले के बढ़ी गांव निवासी काला राम यमुना बीच टापू में घिर गए थे। रविवार रात वह जस-तस करके हरियाणा की तरफ पशुओं को लेकर निकलने में कामयाब हो गए। सोमवार को उन्हें उत्तरप्रदेश की तरफ जाने का रास्ता नहीं सूझ रहा था। यमुना की पटरी पर किसी व्यक्ति का आना या पशु लाना प्रतिबंधित होने के कारण मौके पर तैनात पटवारी राजबीर सिंह ने काला राम को सतर्क किया। उसके बाद वह मवेशियों को लेकर नसीरपुर गांव की तरफ शरण के लिए चला गया। पशुपालक दो दिन से भूखा-प्यासा था।
फसलें सड़ने से गहरा जाएगा संकट
नसीरपुर गांव के किसान गुरबचन सिंह ने कहा कि उनके गांव की सैकड़ों एकड़ फसलें डूब गई हैं। सलिंद्र ने कहा कि फसलें नष्ट हो जाएंगी। इससे ग्रामीणों के जीवन पर संकट गहरा जाएगा। धान की फसल पकी व अधपकी हुई थी जो पानी में डूबने से सड़ जाएगी। यमुना में कुछ किसान हाइटेक तरीके से खेती कर रहे थे। जिन्होंने बांस विधि व नेट हाउस में सब्जी की फसलें उगा रखी थी।
सरकार के आदेश से होगा नुकसान का आंकलन
मौके पर तैनात पटवारी राजबीर सिंह ने कहा कि बाढ़ बचाव कार्य में ड्यूटी लगी हुई है। नुकसान के बाबत उन्होंने कहा कि सरकार यदि आदेश करेगी तो पानी उतरने के बाद मुआयना व आंकलन किया जा सकता है। उधर, डीआरओ श्याम लाल ने बताया कि अभी राहत कार्यों में जुटे हैं, सरकार के आदेश आने के बाद ही स्पेशल गिरदावरी की जाएगी।
घट रहा जलस्तर : डीसी
सोमवार को यमुना में पानी का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। बाढ़ से बचाव की सभी तैयारियां और आवश्यक प्रबंध यथावत बने हुए हैं। यमुना के साथ लगते ग्रामीणों को सलाह है कि गहरे पानी में नहीं जाएं और किसी तरह से नहीं घबराएं, प्रशासन मदद के लिए उनके साथ खड़ा है। यमुना के तटों पर सभी सरकारी कर्मचारी और अधिकारी पल-पल की नजर रखे हुए हैं। यमुना के पानी से किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, पहले ही इसके प्रबंध कर लिए गए थे। अभी स्थिति नियंत्रण में है। - विनय प्रताप सिंह, उपायुक्त ... और पढ़ें

अंधेरी रात और बाढ़ में फंसे परिवार के नौ सदस्य, मोबाइल की लोकेशन से एयरफोर्स ने किया एयरलिफ्ट

बाढ़ के हालातों को देखते हुए वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ सेना के 70 जवानों की टीमें पंजाब और हरियाणा में बचाव कार्य के लिए तैनात कर दी गई है। इसके साथ-साथ वायुसेना भी सेना के साथ इस बचाव कार्य में जुटी हुई है। दोनों सेनाओं के जवानों ने दो दिनों के भीतर दोनों राज्यों में बाढ़ जैसे हालातों में फंसे 15 लोगों की जान बचाई है।

इनमें से 9 लोग तो करनाल के हैं और छह लोग पंजाब में पठानकोट के मृथल, गुरदासपुर के दीनानगर, फिल्लौर, नकोदर व जालंधर के शाहकोट के रहने वाले हैं। सेना के साथ-साथ इंडियन एयरफोर्स की टीम भी संयुक्त रूप से इस बचाव कार्यों में लगी हुई है। 

करनाल में यमुना की बाढ़ में फंसे एक परिवार के नौ सदस्यों को रविवार रात ढाई बजे जिला प्रशासन और एयरफोर्स ने संयुक्त प्रयासों से एयरलिफ्ट किया गया। रात के अंधेरे में फंसे परिवार की लोकेशन पता करने के लिए पुलिस के साइबर सेल की मदद ली गई। फंसे परिवार के एक सदस्य के पास मोबाइल फोन था। 

साइबर सेल ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर टावर की लोकेशन के साथ अक्षांश और देशांतर की डिग्री निकाल कर हेलीकॉप्टर के पायलट को उपलब्ध कराई गई। इसके बाद परिवार को उफनती यमुना के बीच गढ़पुर टापू गांव से एयरलिफ्ट कर सरसावा एयरबेस ले जाया गया। जहां उनका मेडिकल चेकअप के बाद करनाल लाया गया।  
 
रविवार को हथिनीकुंड बैराज से 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना में उफान आ गया था। करनाल के गढ़पुर टापू गांव निवासी मुस्तकिन का परिवार अलर्ट से बेखबर यमुना के बीच में खेती के काम में व्यस्त था। अचानक आए तेज बहाव में पूरा परिवार फंस गया। इनमें मुस्तकिन पुत्र यासीन, कुर्बाना पत्नी मुस्तकिन, सायना, शब्बो, रूकसाना, एक छोटी बच्ची और शोएब, इसराइल व सोहिल मुस्तकिन के पुत्र शामिल हैं। 
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