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पानीपत में महिला के चेहरे पर फेंका तेजाब, जलन से तड़पते नाले में गिरी, हालत गंभीर

हरियाणा के पानीपत से आई एक खौफनाक खबर ने सबका दिल दहला दिया। यहां की देशराज कॉलोनी में 35 वर्षीय विवाहिता पर बाइक सवार दो युवक एसिड फेंककर फरार हो गए। महिला एसिड की जलन और गंध से बेहोश हो गई। उसकी हालत गंभीर है। फैक्ट्री के लोग एसिड अटैक की खबर लगते ही मौके पर पहुंचे। उसे पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से सिविल अस्पताल लाया गया। वहां उसकी हालत बिगड़ने लगी, इसके बाद उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। किला थाना पुलिस ने फैक्ट्री के आसपास पूछताछ की। महिला कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। इस अटैक के बाद देशराज कॉलोनी में सनसनी फैल गई है।

राजीव कॉलोनी की 35 वर्षीय विवाहित देशराज कॉलोनी स्थित एक कंबल फैक्ट्री में काम करती है। वह शाम करीब साढ़े छह बजे फैक्ट्री से काम खत्म करके घर के लिए निकली थी। वह फैक्ट्री से महज 20 मीटर आगे ही पहुंची थी। वहां पहले से ही बाइक सवार दो युवक खड़े थे। महिला जैसे ही बाइक सवार युवकों के पास से गुजरी, दोनों ने उसके चेहरे पर एसिड डाल दिया और फरार हो गए।

कुछ लोग भागकर फैक्ट्री पहुंचे और वहां पर वारदात के बारे में बताया। फैक्ट्री के लोगों ने पीड़िता के घर के नंबर पर कॉल किया, जिसे बड़े बेटे ने उठाया। उसने पिता को कॉल कर वारदात की जानकारी दी। फैक्ट्री में काम करने वाले लोग महिला को देवी मंदिर के पास निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने एसिड अटैक की पुष्टि की और महिला को सिविल अस्पताल भेजा। सिविल अस्पताल आते उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसका चेहरा झुलस गया था। सिविल अस्पताल से उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया।

मुंह पर एसिड पड़ते ही जलन से चिल्लाते हुए नाले में जा गिरी
जिस जगह महिला पर एसिड डाला गया, वहां नाला था। जैसे ही युवकों ने उसके मुंह पर एसिड डाला वह जलन से चिल्लाई और इधर-उधर भागने के दौरान नाले में जा गिरी। 

छह महीने पहले की थी तीन मनचलों की शिकायत
वारदात के वक्त फैक्ट्री गया महिला का पति बेटे के कॉल के बाद अस्पताल पहुंचा। उसने बताया कि छह महीने पहले तीन युवक सुभाष, आशीष और सागर के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। वह उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ करते थे। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। पति ने इन्हीं तीनों पर एसिड अटैक करने का शक जताया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास कर रहे हैं। जल्द आरोपियों को पकड़ लेंगे। -दलबीर सिंह, प्रभारी किला थाना पुलिस
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हिसार पहुंचे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, लिखित समस्याएं देने वालों की उमड़ी भीड़

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सोमवार शाम हिसार पहुंचे। वे मंगलवार को होने वाले एयरपोर्ट के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ भाग लेंगे। सोमवार को उपमुख्यमंत्री ने कई कार्यक्रमों में भाग लिया। उपमुख्यमंत्री ने देर शाम अपने अर्बन एस्टेट स्थित आवास पर जनसमस्याएं सुनीं। आवास के साथ लगते पार्क में यहां लोगों का तांता लग गया और पार्क में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। जैसे ही चौटाला ने जनसमस्याएं सुननी शुरू की तो लोगों में अपनी लिखित समस्याएं सौंपने की होड़ मच गई। 

हर कोई अपनी समस्या पहले उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखना चाहता था। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने आदमपुर की अनाजमंडी के किसान विश्राम गृह में अटल किसान-मजदूर कैंटीन का शुभारंभ किया। यह कैंटीन हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड द्वारा शुरू की गई है, जहां किसानों और मजदूरों को मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन मिलेगा। 

शुभारंभ अवसर पर डिप्टी सीएम ने कैंटीन में परोसे जाने वाले चार प्रकार के भोजन और चूरमे का भी स्वाद चखा। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के पूर्व निदेशक डॉ. गोपाल सिंघल के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक-संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि स्व. डॉ. सिंघल ने कोरोना महामारी के दौर में अभूतपूर्व कार्य किया है। अंतिम सांस तक चिकित्सक होने के नाते अपने धर्म का निवर्हन करते रहे। सही मायनों में वे सबसे बड़े कोरोना योद्धा थे।
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हरियाणा के 660 गांव घोल रहे हैं 'हवा में जहर', अब सरकार रख रही है नजर, होगी सख्ती

हरियाणा में 660 गांव ऐसे हैं जहां किसान अपनी धान की फसल के बाद उसके अवशेष यानी पराली का खेतों में ही दहन कर रहे हैं। ऐसे किसान तो सरकार की सख्ती और जागरूकता अभियानों की भी परवाह नहीं करते और पराली को खेतों में ही जलाकर आबोहवा को बिगाड़ रहे हैं। शनिवार को भी सूबे के लगभग हर जिले में फिजा कुछ धूमिल सी ही प्रतीत हुई। हालांकि कई जिलों में सूरज निकला। मगर फिर भी धूल की पतली चादर माहौल को प्रदूषित करती रही।

इसके अलावा भी प्रदेश के कई जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स दिनोंदिन बिगड़ रहा है। कृषि विभाग के आला अफसरों की मानें तो इस वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण सिर्फ पराली जलाना नहीं है। कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र कुमार कहते हैं कि इस बार पराली जलाने की घटनाएं पिछले साल के अपेक्षाकृत कम हुई हैं। ऐसे में फिर भी यदि कई शहरों में वायु लगातार प्रदूषित हो रही है, तो इसका सबसे बड़ा कारण सिर्फ पराली जलाने को ही नहीं माना जा सकता। 

वाहनों, फैक्टरियों व कंस्ट्रक्शन का प्रदूषण भी हवा को तेजी से प्रदूषित कर रहा है। पराली का जलना कुछ हद तक ही वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेवार है। मगर कृषि विभाग पूरा प्रयास कर रहा है कि ग्राम पंचायतों को जागरूक बनाकर पराली जलाने की घटनाएं कम करवाएं और पराली से किसानों को आमदनी करना सिखाएं। इस काम में कृषि विभाग को सफलता भी मिल रही है।

हर जिले के 30 गांवों की सूची उपायुक्तों को भेजी
दूसरी ओर हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने हर जिले में 30-30 ऐसे गांव चिह्नित किए हैं, जहां किसान लगातार पराली जलाकर आबोहवा को खराब करते हैं। सूबे के सभी 22 जिलों के जिला उपायुक्तों को बोर्ड की ओर से ऐसे गांवों की सूची भेजी गई हैं और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि इन गांवों में पराली जलाने के मामलों पर विशेष प्रकार से नजर रखें। 

बोर्ड के सदस्य सचिव एस. नारायण ने बताया कि हरियाणा सरकार वायु प्रदूषण को लेकर चिंतित है। कृषि विभाग के साथ-साथ बोर्ड भी अपने स्तर पर किसानों से पराली न जलाने की अपील कर रहा है। इस बार सख्ती भी ज्यादा की जा रही है और ऐसा करने पर वालों पर मोटा जुर्माना भी लगाया जा रहा है। हर जिले में बोर्ड ने सबसे ज्यादा पराली जलाने वाले 30-30 गांवों को चिह्नित करते हुए जिला प्रशासन को खास तौर पर इन गांवों में नजर रखने के आदेश दिए हैं।

इनमें से बहुत से गांव ऐसे हैं, जहां इस बार भी पराली अवशेष जलने की घटनाएं सामने आए हैं। इनमें से कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां पराली जलाने की अभी तक एक भी घटना नहीं आई है। इसका तात्पर्य वहां किसान और ग्राम पंचायतें जागरूक हुई हैं।
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जींद सामूहिक दुष्कर्म : विज ने मांगी रिपोर्ट, राहुल गांधी पर बोले- इनका मकसद भाजपा शासित राज्यों का विरोध करना

जींद में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में गृहमंत्री अनिल विज ने जींद के पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। जींद में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता इंसाफ की मांग को लेकर एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी थी। उसके बावजूद उसे इंसाफ नहीं मिला। इसके बाद पीड़िता ने हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज से मामले की जांच करवाने की मांग की।

विज ने बताया कि उन्होंने एसपी से इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने को कहा है। यह घटना दिल्ली की है लेकिन मामला जींद में दर्ज करवाया गया है, इसलिए उन्होंने एसपी को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए।

विपक्ष के वार पर विज ने कहा कि कांग्रेस को सामूहिक दुष्कर्म से लेना-देना नहीं है। सिर्फ भाजपा शासित राज्यों का विरोध करना उनका मकसद है। उनके अनुसार हाथरस में जब दुष्कर्म हुआ था तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दल बल सहित कई तरह के ड्रामा करके वहां गए थे। लेकिन पंजाब के होशियारपुर में जहां पर कांग्रेस की ही सरकार है, वहां पर छह वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ, उधर का रुख ये कब करेंगे।

विज ने कहा कि बात-बात पर ट्वीट करने वाले राहुल गांधी के पेन की स्याही भी शायद होशियारपुर के बारे में ट्वीट करने से खत्म हो गई है। इससे तो यह स्पष्ट हो गया कि इनको दुष्कर्म से कुछ लेना-देना नहीं है, इनको तो भाजपा शासित राज्यों का विरोध करना है और राजनीति करनी है। इस कारण से राजस्थान में हादसा हो जाए, इनका उधर मुंह नहीं घूमता और पंजाब या अन्य किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ऐसी अनहोनी हो जाए, ये उधर मुड़कर भी नहीं देखते।
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अंबाला में इलाज न मिलने से महिला की मौत, चार डॉक्टरों की ड्यूटी, मौके पर एक भी नहीं था तैनात

गृह मंत्री अनिल विज। (फाइल फोटो)
माजरा शहजादपुर की 32 वर्षीय ललिता को घर में गीले कपड़े सुखाते हुए करंट लग गया। महिला जब कपड़े सुखा रही थी तो मुख्य सप्लाई की तार में जोड़ लगा था जोकि टूटकर ललिता के ऊपर गिर गई। इसके बाद पति चमन और लक्की उसे उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहजादपुर लेकर पहुंचे। सुबह सवा 9 बजे अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। जबकि रोस्टर में 4 डॉक्टरों की ड्यूटी थी। परिजनों ने किसी से नंबर लेकर आरएमओ डॉ. वैशाली को फोन कर अस्पताल आने की गुहार लगाई।

डॉ. वैशाली ने जवाब दिया कि मेरे क्लीनिक में उसे लेकर आ जाओ। परिजनों ने सीएचसी के एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद को भी फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। तड़प रही ललिता को बचाने के लिए अस्पताल के गार्ड ने ऑक्सीजन देने का प्रयास किया लेकिन डॉ. की गैर मौजूदगी के चलते वह सही तरह से ऑक्सीजन नहीं लगा पाया।

10 बजकर 05 मिनट पर डॉक्टर यामिनी सीएचसी में पहुंची तब तक महिला दम तोड़ चुकी थी। इसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में नारेबाजी करते हुए चारों डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव को उठाने से इनकार कर दिया। 

इसके बाद सीएचसी पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। 7 घंटे शव सीएचसी में ही पड़ा रहा और परिजन डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। हैरत की बात तो यह है कि सीएचसी के एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद भी सूचना मिलने के 3 घंटे बाद 12 बजकर 40 मिनट पर पहुंचे।

चार डॉ. जिनमें डॉ. वैशाली, डॉ. यामिनी, डॉ. नरेश और डॉ. अनू गैर हाजिर थे। जबकि नाइट में मौजूद डॉ. कीर्ति भी गैर हाजिर पाई गई। हमने इन पांचों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी है। -डॉ. बलविंद्र कौर, डिप्टी सिविल सर्जन।
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भ्रष्टाचार रोकने को सरकार का नया प्रयोग, अब एचसीएस, एचपीएस, वन विभाग के अफसरों को बनाया आरटीए सचिव

भ्रष्टाचार का अड्डा कहे जाने वाले प्रदेश के रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) कार्यालयों में भ्रष्टाचार का माहौल खत्म करने के लिए हरियाणा सरकार ने एक नया प्रयोग किया है। इन कार्यालयों में अब आरटीए सचिव की कमान अब पहली बार एचसीएस, एचपीएस और वन विभाग के अफसरों को सौंपी गई है। इन अफसरों के अलावा सरकार की नजर में अन्य महकमों के कुछेक अफसरों को भी आरटीए सचिव लगाया गया है। आने वाले समय में इन आरटीए सचिवों को जिला परिवहन अधिकारी कहा जाएगा।

इस महकमे में सरकार को लगातार बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थी। इन शिकायतों में कई बार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में अफसरों व कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही थी। गत वर्ष सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम के छापे में इन कार्यालयों में कई अनियमितताएं भी मिली थीं। विगत दिनों तो सीएम मनोहर लाल ने इस महकमे के भ्रष्टाचार को खत्म करने की ठानते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लेने का इशारा किया था। 

इसी का असर है कि पहली बार इस महकमे की कमान ट्रांसपोर्ट से अलग कैडर के अफसरों को दी गई है। सूत्र बताते हैं कि सरकार इस महकमे को एक अलग अंदाज और प्रयोग से चलाना चाहती है ताकि ये महकमा भ्रष्टाचार से मुक्त हो सके। इससे पहले सरकार ने इसी महकमे में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर पदों पर भी पुलिस महकमे के इंस्पेक्टरों और सब इंस्पेक्टरों की नियुक्ति की है जबकि आरटीए विभाग में कुछ कच्चे कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
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हरियाणा : वी उमाशंकर बने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, 33 आईएएस अधिकारियों का तबादला

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