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निकिता हत्याकांड: लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन के एंगल की होगी जांच, अपहरण का मामला भी खुलेगा

हरियाणा सरकार नीकिता हत्याकांड की जांच लव जिहाद व जबरन धर्म परिवर्तन दृष्टिकोण से कराएगी। गृहमंत्री अनिल विज ने इस संबंध में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को बुधवार को निर्देश दिए। विज ने कहा कि मामले में हत्याकांड से लेकर जबरन धर्म परिवर्तन, लव जिहाद एवं अन्य सभी पहलुओं की गहन जांच एसआईटी से कराई जाएगी।

परिवार ने इससे पहले भी वर्ष 2018 में अपहरण की एफआईआर दर्ज करवाकर बाद में उसे रद्द करवा दिया था, उस बारे में भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। विज ने गृह सचिव को कहा कि यह भी गहनता से जांच की जाए कि परिवार ने किसी के दबाव में तो केस वापस नहीं लिया है। यदि ऐसा है तो उन लोगों का पता लगाया जाए, जिन्होंने ऐसा दबाव बनाया था।

परिवार की तरफ से 2018 में दर्ज करवाए गए अपहरण मामले में यदि कुछ भी तथ्य सामने आए तो मामले को दोबारा खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी हरियाणा के कांग्रेस परिवार से संबंधित है, इस पहलु पर भी समुचित जांच करने के लिए कहा गया है।

विज ने कहा कि फरीदाबाद का निकिता हत्याकांड जघन्य अपराध है, जिसकी वह कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। सरकार किसी को भी दबंगई व गुंडागर्दी नहीं करने देगी। दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है।, उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
 
इस मामले में सख्त एवं जल्द सजा दिलवाने का उदाहरण प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रकरण में गठित एसआईटी को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निकिता की हत्या में लव-जिहाद या जबरन धर्म परिवर्तन में किसी संगठन के हाथ होने की आशंका की भी जांच की होगी।

कांग्रेस पर विज का कटाक्ष
कांग्रेसियों की बयानबाजी पर कटाक्ष करते हुए अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए गोलियां स्वयं चलवाती है और त्यागपत्र सरकार से मांगती है। उन्होंने कहा कि लोगों को कांग्रेस के बहरुपिएपन को समझना चाहिए, जोकि एक तरफ गोली, दूसरी तरफ बोली बोलते हैं।
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हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज, निकिता तोमर। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज, निकिता तोमर।

हरियाणा की अफसरशाही में बड़ा फेरबदल, 19 आईएएस अधिकारियों का तबादला

हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 19 आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। 26 अक्तूबर को हुए तबादलों में मिली नियुक्तियों में फेरबदल किया गया है। आधा दर्जन से अधिक आईएएस के विभाग दो दिन बाद ही बदल दिए गए। आलोक निगम को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव भी लगाया गया है।

श्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महावीर सिंह फिर से स्कूल शिक्षा विभाग का जिम्मा संभालेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग को कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का प्रधान सचिव लगाया गया है। राज्यपाल की सचिव जी. अनुपमा को वन एवं वन्य जीव विभाग का प्रधान सचिव का जिम्मा मिला है। नितिन कुमार यादव को महानिदेशक, मौलिक शिक्षा लगाया गया है।

पंकज अग्रवाल को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा कार्मिक, प्रशिक्षण, विजिलेंस और संसदीय मामले विभागों का सचिव व निदेशक प्रशिक्षण (पदेन), जांच अधिकारी विजिलेंस और मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के ई-कार्यालय (पेपररहित कार्यालय) के कार्य की देखरेख के लिए मिशन निदेशक का कार्यभार सौंपा है। पंकज यादव गृह-2 विभाग के सचिव और आयुक्त, गुरुद्वारा चुनाव होंगे। मोहम्मद शाइन को हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक लगाया गया है।
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कोरोना : हरियाणा में आठ की और मौत, 1518 पॉजिटिव मिले, पंजाब में 20 मरीजों ने जान गंवाई

हरियाणा में करीब 10 दिन बाद कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या डेढ़ हजार से पार हो गई है। आठ मरीजों ने दम भी तोड़ दिया है। फरीदाबाद में एक, हिसार में तीन, अंबाला में एक, यमुनानगर में एक, सिरसा में एक व भिवानी में एक मरीज की संक्रमण से मौत हो गई है। उधर, पिछले 24 घंटों में 1518 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। 948 मरीज ठीक भी हुए हैं। इसके अलावा 205 मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है।

हरियाणा में अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 162223 हो गई, जिसमें 149451 मरीज ठीक हो गए हैं। 11014 मरीज अभी भी वायरस से ग्रस्त हैं। रिकवरी रेट 92.13 प्रतिशत पहुंच गई है। जबकि संक्रमण की दर 6.28 प्रतिशत है। संक्रमण से मृत्यु दर 1.08 प्रतिशत है। प्रदेश में स्वास्थ्य महकमे ने 189214 मरीजों को मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखा गया है। 5318 संदिग्ध मरीजों की सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। प्रदेश में अब तक इस संक्रमण से कुल 1758 मरीज दम तोड़ चुके हैं।

पंजाब में 528 नए कोरोना के मामले, 20 ने जान गंवाई
पंजाब में बुधवार को 528 नए मरीज मिले। वहीं 20 मरीजों की जान चली गई। इसके अलावा ठीक हुए नए मरीजों की संख्या 356 है। बुधवार तक अब तक संदिग्ध मामलों की संख्या 2538610 रही। दिनभर में इकट्ठे किए नमूनों की संख्या 22643। वहीं अब तक पॉजिटिव मरीजों की संख्या 132263 रही। इसके अलावा ठीक हुए मरीजों की संख्या 123866 है। 

पंजाब में बुधवार को लुधियाना में 38, जालंधर में 67, पटियाला में 38, एसएएस नगर में 73, अमृतसर में 42, गुरदासपुर में 22, बठिंडा में 53, होशियारपुर में 28, फिरोजपुर में 15, पठानकोट में 20, संगरूर में 17, कपूरथला में 10, फरीदकोट में 18, मुक्तसर में 15, फाजिल्का में 26, मोगा में 3, रोपड़ में 17, फतेहगढ़ साहिब में 4, तरनतारन में 1, एसबीएस नगर में 11 और मानसा में 8 और बरनाला दो मामले सामने आए। 
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हरियाणा : चार और विभागों में आईपीएस आधिकारियों को तैनात करने की तैयारी, पढ़ें- बदलाव की वजह

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हरियाणा सरकार अभी चार और विभागों में आईएएस अफसरों की जगह आईपीएस अफसरों को लगाने की तैयारी कर रही है। सीएमओ में इसका ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। हालांकि आईएएस लॉबी आईपीएस अफसरों को काडर पोस्ट पर लगाने के खिलाफ है लेकिन कुछ महकमों में सरकार ने आईपीएस अफसरों की कार्यकुशलता को देखने के बाद यह निर्णय लिया है।

खासकर बिजली और माइनिंग में आईपीएस अफसरों की तैनाती के बाद मुख्यमंत्री का भरोसा आईपीएस अफसरों पर बढ़ा है। साथ ही सरकार का ये भी मानना है कि अफसरों में प्रतियोगिता की भावना बढ़ेगी तो परिणाम बेहतर आएंगे। सूत्रों के मुताबिक ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के तौर पर किसी आईजी या एडीजीपी स्तर के अधिकारी की तैनाती हो सकती है। ऐसा विचार इसलिए किया गया, क्योंकि आईपीएस शत्रुजीत कपूर को सरकार पहले ही इस विभाग का प्रमुख सचिव लगा चुकी है। ऐसे में यदि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पद पर किसी आईएएस अधिकारी को लगाया जाएगा तो दोनों अफसरों में तकरार के आसार रहेंगे और परिणाम प्रभावित होंगे।

इसके अलावा फूड एवं सप्लाई, श्रम विभाग, कंट्रोलर फूड एवं ड्रग विभाग में भी आईपीएस अधिकारी की तैनाती हो सकती है। ये वे विभाग हैं जिनमें छापेमारी अधिक होती है। ऐसे में पुलिस इन विभागों में अधिक मुस्तैदी से काम कर सकती है। बिजली महकमे में छापेमारी का ही नतीजा है कि बिजली चोरी पकड़ने में सरकार कामयाब रही है।
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हरियाणा : मुख्यमंत्री कार्यालय में कामकाज का बंटवारा, डीएस ढेसी संपूर्ण प्रभारी, मिले एक दर्जन विभाग

हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़े फेरबदल के बाद अधिकारियों के कामकाज का बंटवारा कर दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी को सीएमओ का संपूर्ण प्रभारी बनाया गया है। उन्हें सबसे अधिक एक दर्जन विभाग दिए गए हैं। तबादले, गृह, सीआईडी के अलावा विधायी व मंत्रिमंडल प्रस्ताव से जुड़े कार्य भी वही देखेंगे। 

मुख्यमंत्री के प्रधानमंत्री सचिव वी उमाशंकर के पास वित्त, परिवहन, राजस्व व ऊर्जा समेत दस विभाग रहेंगे। उनसे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ले लिया गया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग अब फिर से मुख्यमंत्री के प्रधान विशेष कार्य अधिकारी नीरज दफ्तुआर देखेंगे। पिछले बंटवारे में यह विभाग उनसे लेकर उमाशंकर को दे दिया गया था। मुख्यमंत्री कार्यालय में विभागों का नए सिरे से बंटवारा नए अफसरों के आने के कारण हुआ है।

मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी के विभाग
  • विधायी कार्य, मंत्रिमंडल से जुड़े प्रस्ताव, अध्यादेश, संसदीय मामले, विधि एवं विधायिका।
  • नागरिक संसाधन सूचना
  • आबकारी एवं कराधान
  • सिंचाई
  • सामान्य प्रशासन, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार व प्रशिक्षण, आतिथ्य सत्कार, विजिलेंस।
  • गृह, सीआईडी व न्याय प्रशासन।
  • जेल
  • टीसीपी, शहरी संपदा
  • शहरी स्थानीय निकाय
  • विदेश सहयोग
  • उद्योग
  • इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी
  • अन्य
सीएम कार्यालय के संपूर्ण प्रभारी, मुख्यमंत्री कार्यालय स्थापना व अन्य अधिकारियों को आवंटित न किए गए विभाग।

प्रधान सचिव वी उमाशंकर के विभाग
  • वित्त, संस्थागत वित्त, ऋण नियंत्रण व प्लानिंग
  • कृषि
  • श्रम व रोजगार
  • नवीकरणीय ऊर्जा
  • राजस्व, पुनर्वास, चकबंदी
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
  • ऊर्जा
  • सहकारिता
  • परिवहन
  • खनन एवं भूगर्भ
सलाहकार योगेंद्र चौधरी के विभाग
  • कला व संस्कृति
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
  • पर्यटन
  • एससी, बीसी कल्याण
  • ड्रग मुक्त हरियाणा मिशन के परियोजना निदेशक
  • वित्त को छोड़कर संसाधन मोबलाइजेशन से जुड़े मामले
  • पशुपालन व डेयरी विकास
  • आईटीआई व वोकेशनल शिक्षा
उप प्रधान सचिव-प्रथम अमित अग्रवाल के विभाग
  • आयुष
  • स्वास्थ्य
  • चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान
  • उच्च शिक्षा
  • स्कूल शिक्षा
  • तकनीकी शिक्षा
  • विकास एवं पंचायत
  • वन एवं वन्य जीव
  •  
उप प्रधान सचिव आशिमा बराड़ के विभाग
  • वास्तुकला
  • पुरातत्व व संग्रहालय
  • अभिलेखागार
  • चुनाव
  • पर्यावरण
  • खाद्य एवं आपूर्ति
  • मत्स्य
  • आवास
  • जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी
  • प्रिंटिंग व स्टेशनरी
  • खेल व युवा मामले
  • महिला व बाल विकास
  • पीडब्ल्यूडी
प्रधान विशेष कार्य अधिकारी नीरज दफ्तुआर के विभाग
  • सूचना एवं जनसंपर्क
  • ओएसडी सतीश कुमार के विभाग
  • सीएम घोषणाएं
  • सीएम राहत फंड
  • एचआरडीएफ व अन्य स्वीकृतियां
  • वक्फ

ओएसडी भूपेश्वर दयाल के विभाग
  • ग्रीवेंसिज
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जेपी नड्डा बोले- राजनीतिक कारणों से कृषि कानूनों का विरोध कर रहा विपक्ष, गुमराह करने का लगाया आरोप

हरियाणा में भी प्याज के दामों में तेजी, सरकार को जमाखोरी की आशंका, खंगाले जाएंगे गोदाम

त्योहारी सीजन शुरू होते ही प्याज के दामों ने तेजी पकड़ ली है। इस बार उत्तरी कर्नाटक और प्याज उत्पादक महाराष्ट्र के हिस्सों में अलविदा मानसून की अत्यधिक बारिश की वजह से प्याज की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। लिहाजा उतर भारत में प्याज की आवक अपेक्षाकृत कम है और प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हरियाणा में प्याज का फुटकार दाम इस वक्त 65 से 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।

हालांकि ये दाम अभी दिल्ली और चंडीगढ़ से कम हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों में प्याज के दाम और बढ़ने के आसार हैं। इसी के मद्देनजर हरियाणा सरकार पहले से ही चौकस हो गई है। सरकार को यह भी आशंका है कि सूबे में कारोबारी प्याज की जमाखोरी भी कर सकते हैं। लिहाजा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को अपने-अपने इलाकों में प्याज के फुटकर व थोक दामों के साथ-साथ उसकी जमाखोरी पर भी पैनी नजर और गोदाम खंगालने के निर्देश दिए हैं। 

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि सभी जिलों में खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक बाजार में प्याज की स्थिति पर नजर रखेंगे। अभी हरियाणा में प्याज के रेट दिल्ली एवं चंडीगढ़ की अपेक्षाकृत कम हैं। दोनों शहरों में प्याज के रेट 70 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। ऐसी स्थिति में कारोबारियों द्वारा प्याज की जमाखोरी की आशंका बनी रहती है। हरियाणा में प्याज की कोई कृत्रिम कमी पैदा न करे, इसलिए लिए खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को बाजार में प्याज के फुटकर व थोक दामों से अपडेट रहते हुए जमाखोरी जैसी आशंकाओं पर भी नजर रखने को कहा गया है।

अभी राजस्थान से आ रहा प्याज, लोकल का इंतजार
हरियाणा में अभी प्याज की लोकल फसल बाजार में उपलब्ध नहीं है। अभी राजस्थान का प्याज हरियाणा में आ रहा है। दूसरा, उत्तरी कर्नाटक व महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक जिलों अहमदनगर, नासिक और पुणे में अत्यधिक बारिश की वजह से जहां प्याज की खेती खराब हुई है वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश, गुजरात में स्टोर किए गए प्याज भी विपरित असर पड़ा है। ये प्याज भंडारण के दौरान ही खराब होने लगा है। बागवानी विशेषज्ञ मानते हैं अत्यधिक यूरिया की वजह से इस बार प्याज की सेल्फ लाइफ पिछले साल के अपेक्षाकृत कम देखी जा रही है। जिस वजह से भंडारण में रखा प्याज भी सड़ा है। इसी के चलते हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को प्याज के दाम बढ़ने और उसकी जमाखोरी की आशंका सता रही है।

हरियाणावियों के स्वाद नहीं चढ़ता बाहरी प्याज
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि अभी फिलहाल बाहरी प्याज मंगवाने की जरूरत नहीं है। वैसे भी बाहरी देशों से मंगवाया गया प्याज हरियाणा के लोगों को स्वाद नहीं लगता। ऐसा पिछले साल देखा गया था, जब अफगानिस्तान का प्याज हरियाणा की मंडियों में बिका था। एक बार चखने के बाद हरियाणवियों ने सस्ता होने के बावजूद इसे नहीं खरीदा था।
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