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देवी दुर्गा का आठवां स्वरुप है महागौरी, इनके आशीर्वाद मात्र से ही दूर हो जातें है समस्त कष्ट !
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देवी दुर्गा का आठवां स्वरुप है महागौरी, इनके आशीर्वाद मात्र से ही दूर हो जातें है समस्त कष्ट !

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हाईकोर्ट हैरान, पूछा- मान-सम्मान के नाम पर अपनों की हत्या करने को कैसे तैयार हो सकते हैं लोग

बढ़ते ऑनर किलिंग के मामलों पर चिंता जताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कैसे मान सम्मान के नाम पर अंधे होकर लोग अपने बच्चों या उनके चुने साथी की ही हत्या के लिए तैयार हो जाते हैं। हाईकोर्ट ने साथ ही बाल विवाह कानून पर भी सवाल उठाया है और अब इस मामले को लेकर न्यायिक स्तर पर सुनवाई आरंभ होगी।

मामला मोहाली के एक प्रेमी जोड़े की सुरक्षा से जुड़ा हुआ था जिसमें लड़की की आयु विवाह योग्य नहीं थी। याचिका को जोड़े ने वापस ले लिया, लेकिन हाईकोर्ट ने इस तरह आ रही याचिकाओं पर चिंता जताई। हाईकोर्ट ने कहा कि अकसर देखने में आता है कि मान-सम्मान के नाम पर अंधे होकर जन्म देने वाले ही अलग जाति या धर्म में विवाह करने वाले बच्चों की हत्या तक कर देते हैं।

साथ ही हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि विवाह योग्य आयु पूरी न होने की स्थिति में लड़की को किसे सौंपना चाहिए। क्या उसे उसकी पसंद के लड़के के साथ जाने देना चाहिए या नारी निकेतन की तरह के संस्थान में भेज देना चाहिए या फिर उसके अभिभावकों के साथ भेजना चाहिए। 

हाईकोर्ट ने कहा कि प्रेमी जोड़ों की स्थिति में लड़की के अभिभावक लड़के के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए शिकायत देते हैं और ऐसा करना उसे अपराधी बनाने की ओर लेकर जाता है और मस्तिष्क में गहरी चोट देता है। संविधान में विवाह करने को लेकर प्रावधान हैं, लेकिन यदि इन प्रावधानों के खिलाफ जाकर भी प्रेमी जोड़ा विवाह करता है तो मान-सम्मान के नाम पर उनकी हत्या की अनुमति नहीं दी जा सकती। 

हाईकोर्ट ने एक अन्य सवाल उठाते हुए कहा कि बाल विवाह अधिनियम के तहत यदि कम उम्र की लड़की से लड़का विवाह करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होता है, लेकिन जब विवाह की न्यूनतम उम्र पार कर चुकी युवती किसी नाबालिग से विवाह करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अधिनियम मौन है।

हाईकोर्ट ने याचिका वापस लेने की छूट देते हुए इसका निपटारा कर दिया, लेकिन इसी बीच एडवोकेट लुविंदर सोफत ने कहा कि इस मामले में न्यायिक स्तर पर स्थिति को स्पष्ट करना जरूरी है, ऐसे में वह कोर्ट का सहयोग करना चाहते हैं। हाईकोर्ट ने उन्हें अर्जी दाखिल कर कोर्ट मित्र के तौर पर अदालत की सहायता करने की छूट दे दी।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

डेढ़ साल बाद हरियाणा के सभी गांवों में होगी 24 घंटे बिजली, उद्योगों को मिलेगी राहत

हरियाणा के सभी 6841 गांव करीब डेढ़ साल बाद 24 घंटे बिजली शेड्यूल पर आ जाएंगे। चौबीस घंटे शेड्यूल के बाद रोजाना इन गांवों को कम से कम 22 से 24 घंटे बिजली जरूर उपलब्ध करवाई जाएगी।

अभी सूबे के 4750 गांवों में ही यह बिजली शेड्यूल दिया जा रहा है। बिजली निगम ने अब उक्त लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। इसके साथ-साथ बिजली कंपनियां लगातार मुनाफे में रहें, इसके लिए भी अफसरों को और बेहतरी के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।

हरियाणा बिजली वितरण निगम के मुख्य प्रबंध निदेशक शत्रुजीत कपूर (आईपीएस) ने बताया कि अगले 18 महीनों में प्रदेश के सभी गांवों में 24 घंटे बिजली शेड्यूल शुरू हो जाएगा। बिजली वितरण निगम का 5 वर्ष पहले जहां करीब 80 प्रतिशत लाइनलोस था, अब वह घटकर 20 प्रतिशत के करीब रह गया है। भविष्य में इसे 15 प्रतिशत तक लाने का प्रयास है। 

हरियाणा बिजली वितरण निगम को जो लाभांश होगा उसका दो प्रतिशत समाज हित में लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत आज करीब 20 लाख रुपये की लागत से काछवा गांव में सरदार पटेल नाम से लाइब्रेरी से हुई। इस योजना के तहत आने वाले समय में हरियाणा में प्रतिवर्ष 40 से 50 ऐसी लाइब्रेरियां निगम द्वारा बनाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा सरकार द्वारा बिजली के रेट भी कम किए गए हैं। 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता को 2 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट खर्चा देना होगा और खेती के लिए 10 पैसे यूनिट है। जबकि हरियाणा सरकार द्वारा 4 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी जाती है। 

उन्होंने बताया कि उद्योग के लिए भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा राहत देने की घोषणा की गई है। जो उद्योग मालिक अतिरिक्त समय में रात को अपना उद्योग चलाएगा उसके लिए 5 रुपये प्रति यूनिट बिजली कम रेट पर दी जाएगी।
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नेहा गोयल: कैसे एक साधारण लड़की बनी हॉकी की असाधारण खिलाड़ी, प्रेरणादायक है पूरी कहानी

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर देश का नाम रोशन करने वाली हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल ने विपरीत परिस्थितियों के बाद भी कुछ अलग करने का जो सपना देखा उसे कड़ी मेहनत से साकार कर दिखाया है। बेहद सामान्य परिवार में जन्मी नेहा की मंजिल पाने की जिद ने उन्हें देश में अलग पहचान बनाने में मदद की। वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

सोनीपत के वेस्ट रामनगर में रहने वाली हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल एसएसआईआईडीसी के हॉकी मैदान के पास से गुजरती तो महिला खिलाड़ियों को रंग बिरंगी ड्रेस में अभ्यास करते हुए देखती थी। उनका सपना था कि वह भी हॉकी स्टिक लेकर मैदान में उतरे। एक दिन हॉकी कोच प्रीतम सिवाच की नजर उन पर पड़ी। जब प्रीतम से उनसे बातचीत की तो नेहा ने कहा कि उसे भी हॉकी पसंद है लेकिन उसके पास संसाधन नहीं हैं। यहां तक कि जूते भी नहीं है।

प्रीतम ने कहा था कि उसकी चिंता छोड़िए अगर मेहनत कर सकती हो तो मैदान में आ जाना। उसके बाद तो नेहा का जीवन ही बदल गया। वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश की सबसे प्रतिभावान खिलाड़ी बनी और दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी प्रतिभावान खिलाड़ी का अवार्ड जीता।
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कभी 100 मीटर भी नहीं चल पाती थीं अवनि नैन, अब पैरालंपिक में जीत चुकीं हैं स्वर्ण पदक

एक समय था जब एक विशेष सिंड्रोम के कारण अवनि नैन 100 मीटर तक भी नहीं चल पाती थीं। हालात और समय के साथ अवनि ने अपने सपने बदले और खुद को मजबूती से तैयार किया। अवनि ने इसी वर्ष फरवरी में नेशनल पैरालंपिक की 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।

अवनि अब फरवरी-मार्च में बहरीन में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटी हुई हैं। अवनि के पिता कुलबीर नैन शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। हर शाम मां पूनम ही अवनि को मैदान में अभ्यास के लिए लेकर जाती हैं।

स्कूलों ने दाखिला देने से कर दिया था इनकार
अवनि के पिता कुलबीर बताते हैं कि अवनि को सेरिब्रल पैल्सि पलसी सिंड्रोम नामक बीमारी है। इसमें शरीर का बैलेंस नहीं बन पाता और पूरे शरीर में कंपन होता है। ऐसे में एक समय था जब अवनि को स्कूल संचालकों ने दाखिला देने से भी इनकार कर दिया था। हाथ में कंपन रहने के कारण वह लिख भी नहीं पाती थीं। बाद में होली एंजल स्कूल ने दाखिला दिया। फिलहाल 12 वर्षीय अवनि 7वीं कक्षा में पढ़ती हैं।

एकता भ्याण ने जगाया था जज्बा
अवनि कहती हैं कि वह एकता भ्याण से मिली तो उन्होंने कहा था कि वह खेलों के क्षेत्र में बहुत कुछ कर सकती हैं। कोई भी इवेंट चुनें और उसके लिए अभ्यास शुरू करें। इससे उसमें कुछ कर गुजरने का जज्बा जगा और अभ्यास के लिए मैदान में जाने लगी।
 
इस वर्ष फरवरी में जब छत्तीसगढ़ में हुए राष्ट्रीय पैरालंपिक गेम में हिस्सा लेने पहुंचीं तो उसे यकीन नहीं था कि वह 100 और 200 मीटर इवेंट में स्वर्ण पदक जीत लेगी। अवनि ने कहा कि अब वह खेल में ही अपना कॅरिअर बनाएगी और इसके लिए खूब मेहनत करेगी। अवनि के पिता कहते हैं कि एकता भ्याण से मिलने के बाद उनकी बेटी का नजरिया ही बदल गया है। एकता उसकी बहुत मदद करती हैं।
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रोहतक : 20 लाख रुपये के लेनदेन में पहलवान से मारपीट फिर जहर देकर हत्या

अभ्यास करतीं अवनि नैन।
बुधवार को किराये के कमरे में संदिग्ध हालात में मृत मिले पहलवान की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। बीस लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में पहलवान की मारपीट कर और जहर देकर हत्या की गई थी।

मृतक के परिजनों ने हिंद केसरी अखाड़ा के संचालक व उसके दो बेटों समेत पांच लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। आरोपियों की तलाश की जा रही है।

शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस को दी शिकायत में सूरजमल ने बताया कि वह गांव रिटौली का रहने वाला है। वे तीन भाई हैं। जिसमें सबसे छोटा भाई शिवकुमार (25) था। वह न्यू जनता कॉलोनी स्थित सुरेश पहलवान के हिंद केसरी अखाड़ा में अभ्यास करता था। शिवकुमार राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी भी था।
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हरियाणा में 14 की मौत, 1128 नए पॉजिटिव, पंजाब में 12 की मौत, 617 नए मामले

हरियाणा में गुरुवार को कोरोना से 14 और मरीजों की मौत हो गई है, जबकि 1128 नए केस सामने आए हैं। 1292 मरीज ठीक होकर घर चले गए हैं। गुरुग्राम में एक, सोनीपत में दो, अंबाला में एक, हिसार में तीन, झज्जर में एक, भिवानी में एक, कुरुक्षेत्र में एक, यमुनानगर में दो, फतेहाबाद में एक व जींद में एक मरीज ने दम तोड़ दिया है, जबकि 205 मरीजों की हालत नाजुक है। 45 दिन में मरीज दोगुने हो रहे हैं।

हरियाणा में अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 154495 हो गई है, जिसमें 142798 मरीज ठीक हो गए हैं। 10009 मरीज अभी भी वायरस से ग्रस्त हैं। रिकवरी रेट 92.43 प्रतिशत है। संक्रमण की दर 6.31 प्रतिशत है। संक्रमण से मृत्यु दर 1.09 प्रतिशत है। प्रदेश में स्वास्थ्य महकमे ने 182046 मरीजों को मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखा है। 5632 संदिग्ध मरीजों की सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। प्रदेश में अब तक इस संक्रमण से कुल 1688 मरीज दम तोड़ चुके हैं।

हरियाणा में पिछले 24 घंटे में फरीदाबाद में 199, गुरुग्राम में 324, सोनीपत में 51, रेवाड़ी में 65, अंबाला में 23, रोहतक में 30, पानीपत में 11,  करनाल में 28, हिसार में 137, पलवल में 46, पंचकूला में 22, महेंद्रगढ़ में 39, झज्जर में 27, भिवानी में 34, कुरुक्षेत्र में 18, नूंह में 8, सिरसा में 21, यमुनानगर में 11, फतेहाबाद में 11, कैथल में 4, जींद में 10 व चरखी दादरी में 9 नए मरीज सामने आए हैं।
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तस्वीरें: कभी बस स्टैंड पर थी दुकान, ऐसे बना करोड़पति, अब तंगी में खत्म किया पूरा परिवार

बरोदा के चुनावी रण में उतरे सीएम मनोहर लाल, जल्द डिप्टी सीएम दुष्यंत की होगी एंट्री

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल बरोदा उपचुनाव को लेकर लाव-लश्कर के साथ मैदान में उतर गए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ही प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके इस उपचुनाव में रोजाना नया घटनाक्रम घट रहा है। कांग्रेस जहां अपने प्रत्याशी का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अन्य प्रत्याशियों को अपने पक्ष में मना रही है, वहीं भाजपा रुठों को मनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही।

विधायकों मंत्रियों और सांसदों की फौज लेकर मैदान में उतरे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को ग्राम प्रमुखों के साथ बैठक कर जमीनी हालात का जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने हर वर्ग के साथ बातचीत की। संगठन के कार्यकर्ताओं से लेकर जजपा के नेताओं के साथ बरोदा उपचुनाव की जीत के लिए रणनीति बनाई।

दिन भर चली सभाओं में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के अलावा सीएम ने कोर ग्रुप के साथ भी बैठक की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के कंधों पर यह जिम्मेदारी है कि भाजपा के खाते में यह सीट जीता कर आलाकमान को अपनी मजबूती का पैगाम दें। 

उधर कांग्रेस की ओर से पिता-पुत्र दोनों बरोदा के रण में कूद गए हैं। हुड्डा अपने सिपहसालारों के अलावा प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला को लेकर बरोदा की जनता से जीत का सेहरा कांग्रेस के सिर पर बांधने की गुजारिश कर रहे हैं। इस काम में उनके पुत्र दीपेंद्र हुड्डा उनके साथ हैं, क्योंकि जो प्रत्याशी कांग्रेस ने उतारा है, उनकी नजदीकी दीपेंद्र हुड्डा के साथ है।

जल्द ही प्रचार के लिए बरोदा जाऊंगा : डिप्टी सीएम
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बरोदा उपचुनाव में प्रचार को लेकर दोनों दलों के नेता मंथन करने में जुटे हैं। वे स्वयं जल्द ही बरोदा उपचुनाव में गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल व मेरे कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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