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छतमरा में भागवत कथा में गूंजा अहंकार त्याग का संदेश, आचार्य ने सुनाई गोवर्धन पूजा की कथा
सरसौल ब्लॉक के छतमरा गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत सोमवार को आचार्य अनूप तिवारी अंजना महाराज ने गोवर्धन पूजा की कथा सुनाते हुए अहंकार त्याग का संदेश दिया।
आचार्य जी ने कहा कि व्यक्ति को अपने पद, समय, संपत्ति और शक्ति पर कभी अहंकार नहीं करना चाहिए और न ही उसका दुरुपयोग करना चाहिए।
देवराज इंद्र को अहंकार हो गया था कि वही ग्वालों के अन्नदाता हैं। भगवान किसी का अहंकार नहीं रखते।
उन्होंने कहा कि भगवान न तो किसी देवता की उपेक्षा करते हैं और न ही अपमान करते हैं। इंद्र का यज्ञ करना ठीक है लेकिन इंद्र को ही ईश्वर मान लेना ठीक नहीं।
भगवान ने सत्कर्म का महत्व बताते हुए देवराज इंद्र का अहंकार समाप्त कर संसार को उपदेश दिया कि जो सत्कर्म, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलता है, भगवान सदैव उसकी सहायता करते हैं।
कथा के दौरान आयोजक उमेश कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा, अनुपम कुशवाहा, शुभम शुक्ला, गोपाल शुक्ला, भोला कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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