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आमने-सामने: विपक्ष की रैली के दिन भाजपा उतरेगी मैदान में: महीनेभर चलेंगी पदयात्राएं; क्या है रणनीति?

Mon, 26 Oct 2026 05:41 PM IST
निर्मल कांत आईएएनएस, नई दिल्ली।
आईएएनएस, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 26 Oct 2026 05:41 PM IST
सार

इंडिया ब्लॉक की एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली के जवाब में भाजपा भी उसी दिन से महीनेभर का पदयात्रा अभियान शुरू करेगी। इसमें भाजपा शासित राज्यों के मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल होंगे। क्या है सत्तारूढ़ पार्टी की तैयारी? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

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BJP to launch month-long padyatras to counter INDIA Bloc's Nov 1 rally
भाजपा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

विपक्षी इंडिया ब्लॉक एक नवंबर को बड़ी रैली करने की तैयारी कर रहा है। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी उसी दिन से महीनेभर का अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत बड़े राजनेता एक साथ अलग-अलग जगहों पर पदयात्राएं करेंगे। यह अभियान इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित रैली के जवाब में आयोजित किया जा रहा है। इंडिया ब्लॉक की यह बड़ी रैली एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी। इसका नाम 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रखा गया है।
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भाजपा की पदयात्राओं में कौन-कौन शामिल होगा?
भाजपा शासित राज्यों के बड़े मंत्री और मुख्यमंत्री देशभर में पदयात्राओं में हिस्सा लेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2 नवंबर को हैदराबाद में पदयात्रा में शामिल होने की संभावना है। वह 5 नवंबर को हरियाणा में भी पदयात्रा में हिस्सा ले सकते हैं।
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इंडिया ब्लॉक किस मुद्दे पर रैली कर रहा है?
इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग (ईसीआई) के विरोध में इस बड़ी रैली का एलान किया है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताएं हो रही हैं। विपक्षी नेताओं ने 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया था। इसके तहत 25 अक्तूबर से 3 नवंबर तक सुरक्षा और यातायात के समन्वय को मंजूरी दी गई थी।

1 नवंबर की तारीख पर क्यों उठे सवाल?
हालांकि, रैली की तय तारीख को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन पर लगातार निशाना साध रही है। भाजपा का कहना है कि 1 नवंबर 1984 में दिल्ली में हुए सिख-विरोधी दंगों की बरसी है।


इसके अलावा, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा है। इसमें व्यापारियों के संगठन ने त्योहारों के सीजन को देखते हुए रैली को 10 नवंबर के बाद आयोजित करने की अपील की है।

खरगे ने रैली टालने की मांग पर क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष ने माना है कि कुछ व्यापारियों ने इस मामले में ज्ञापन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर अंतिम फैसला कांग्रेस पार्टी और इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। व्यापारियों के संगठन ने प्रस्तावित रैली को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष के बयान का स्वागत किया है। संगठन ने इसे शहर के व्यापारियों के लिए उम्मीद की किरण बताया है।
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