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VIDEO : बरेली के चौधरी तालाब की रामलीला, जिसे देखने सुरंग से आती थीं रानी महालक्ष्मीबाई
बरेली में चौधरी तालाब की रामलीला का इतिहास 457 साल पुराना है। वर्ष 1567 में लखना स्टेट के राजा जसवंत राव ने पुत्री महालक्ष्मीबाई के नाम पर यहां रामलीला का मंचन शुरू कराया था। महालक्ष्मीबाई प्रभु श्रीराम की अनन्य भक्त थीं। चौधरी तालाब पर होने वाले मंचन को देखने के लिए उन्होंने महल (रानी साहब का फाटक) से रामलीला स्थल तक दो किमी लंबी सुरंग बनवाई थी। 18 दिनों तक चलने वाली रामलीला का मंचन तीन जगह किया जाता है। पहले आठ दिन चौधरी तालाब, इसके बाद आठ दिन बड़ा बाग में मंचन होता है। एक दिन शोभायात्रा निकाली जाती है। वहीं, अंतिम दिन रानी साहब के फाटक पर भव्य राजतिलक का आयोजन किया जाता है। यही कारण है कि यह ऐतिहासिक रामलीला देशभर में प्रसिद्ध है।
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