तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत जमींदोज हो गई। जो इमारत गिरी है यह चार मंजिला थी और हादसे के वक्त अंदर 50 से 60 छात्रों के फंसे होने की आशंका है। बताया यह भी जा रहा है कि तीन छात्रों को निकाल लिया गया है और सभी को एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। मौके पर एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी है।
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मोती बाग में बारिश से चार मंजिला इमारत गिरी। 50-60 छात्रों के फंसे होने की आशंका है। तीन छात्रों को निकालकर अस्पताल भेजा गया। एनडीआरएफ बचाव कार्य में जुटी।
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नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को पीसीआर कॉल से मिली। स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, कैट एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की टीम भी बचाव और राहत कार्य में जुट गई है। बचाव कार्य तेजी से जारी है, लेकिन फंसे लोगों की सही संख्या अभी पता नहीं है।
चश्मदीद का बयान
पास ही दुकान चलाने वाले एक चश्मदीद ने भूकंप जैसी गड़गड़ाहट सुनी और बाहर भागे। उन्होंने देखा कि पूरी इमारत ढह चुकी थी, जहां बहुत धुआं और धूल फैली थी। कुछ शव निकाले गए हैं और चार बच्चों को जीवित बचाया गया। चश्मदीद के अनुसार, मलबे में कम से कम 25 से 30 बच्चे फंसे हो सकते हैं। अब तक चार से पांच लोगों को बचाया गया है और दो से तीन शव मिले हैं। पास में लड़कों और लड़कियों के पेइंग गेस्ट आवास थे।
क्यों गिरी इमारत?
एक चश्मदीद के अनुसार, इमारत का नवीनीकरण कार्य चल रहा था। खासकर भूतल पर किराए के लिए जगह बनाने का काम हो रहा था। वे तहखाना भी बना रहे थे। ऊपरी हिस्से को तो मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के खंभे कमजोर थे। इसी वजह से इमारत ढह गई। मजदूर नीचे काम कर रहे थे और मलबे में दब गए।