{"_id":"6acf40bb5fabbafc6f099581","slug":"video-shimla-street-vendors-meet-mayor-surender-chauhan-demand-rehabilitation-2026-10-14","type":"video","status":"publish","title_hn":"शिमला: राजधानी के बाजारों से तहबाजारियों को हटाने के मामले पर टाउनहॉल में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिमला: राजधानी के बाजारों से तहबाजारियों को हटाने के मामले पर टाउनहॉल में हंगामा
Ankesh Dogra
Updated Wed, 14 Oct 2026 04:08 PM IST
Link Copied
राजधानी के बाजारों से तहबाजारियों को हटाने के मुद्दे पर बुधवार को टाउनहॉल में जमकर हंगामा हुआ। तहबाजारियों ने दोपहर करीब 12:15 बजे पहले उप महापौर उमा कौशल को उनके दफ्तर में घेर लिया। फिर नगर निगम की टीम पर लूटपाट और गुंडागर्दी जैसे गंभीर आरोप लगा दिए। तहबाजारियों ने कहा कि चार महीने से वे बेरोजगार हैं। यदि कहीं सामान बेचते भी हैं तो निगम टीम लूटपाट कर इसे जब्त कर लेती है। आरोप लगाया कि बाजार में चल रहे एक तहबाजारी का बैग छीना गया। गोदाम तक से सामान उठाया गया। महिला तहबाजारी का पर्स चेक किया गया। कहा कि यह सरेआम गुंडागर्दी है। आरोपों की सच्चाई जानने के लिए उप महापौर ने संपदा शाखा की टीम को मौके पर बुलाया। संपदा शाखा के निरीक्षकों को देखते ही तहबाजारी और भड़क गए। तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई। धमकियां मिलने के बाद कर्मचारी दफ्तर से चले गए। हंगामा बढ़ता देख उप महापौर ने भी तहबाजारियों को दफ्तर से बाहर भेज दिया। दोपहर करीब 1:45 बजे महापौर सुरेंद्र चौहान दफ्तर पहुंचे। तहबाजारियों ने महापौर से पूछा कि आखिर उनके लिए निगम क्या कर रहा है। तहबाजारी नेता पवन कुमार ने कहा कि चार महीने से तहबाजारियों की रोजी रोटी छीन गई है। राशन लेने से लेकर बच्चों की फीस भरने तक के पैसे नहीं बचे हैं। कांग्रेस सरकार ने उनकी रोजी रोटी छीन ली है। मेयर के पास तहबाजारियों ने कहा कि उनके लिए ऐसी जगह चिह्नित की जाए, जहां लोग आते जाते हैं। इससे उनकी रोटी रोटी चलेगी। आजीविका भवन में लोगों की आवाजाही नहीं है। मेयर ने कहा कि अभी आजीविका भवन में ही जाना होगा। तहबाजारियों ने विकल्प दिया कि रिज के नए परिसर में उन्हें जगह दी जा सकती है। पदमदेव परिसर के पास बनने वाले नए भवन में भी जगह देने का सुझाव दिया। मेयर ने कहा कि इसका काम भी तहबाजारियों के कारण ही अटका पड़ा है। मेयर ने आईजीएमसी समेत अन्य जगह बताई जहां तहबाजारी शिफ्ट हो सकते हैं। तहबाजारी असहमत दिखे। मेयर ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर बाजार में कार्रवाई हो रही है। निगम अपने स्तर पर कोई राहत नहीं दे सकता। डिप्टी मेयर दफ्तर में बहसबाजी के बाद निगम कर्मचारी अतिरिक्त आयुक्त भुवन शर्मा से मिले। शाखा अधीक्षक दलीप नरवाल, निरीक्षक रमेश ठाकुर, कशिश ने कहा कि शाखा के कर्मचारी अब बाजारों में नहीं जाएंगे। तहबाजारी गला काटने, जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, झूठे आरोप लगा रहे हैं। उनके बचाव के लिए पुलिस तक नहीं है। उनकी जान खतरे में है। कई तहबाजारी ऐसे हैं जो कोर्ट के आदेश नहीं मान रहे। अतिरिक्त आयुक्त ने कहा कि इस बारे में वह आयुक्त से बात करेंगे। कार्रवाई में बाधा पहुंचाने, धमकाने वाले तहबाजरियों के नाम कोर्ट में दिए जाएंगे। यह अवमानना का मामला है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।