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सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस जन्माष्टमी मथुरा में कराएं राधा-कृष्ण युगल पूजा, 24 अगस्त को
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सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस जन्माष्टमी मथुरा में कराएं राधा-कृष्ण युगल पूजा, 24 अगस्त को

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हिमाचल के 1.75 लाख कर्मचारियों को इस माह से बढ़कर मिलेगी पगार

हिमाचल सरकार ने पौने दो लाख से ज्यादा कर्मचारियों को चार फीसदी महंगाई भत्ते की अधिसूचना जारी कर दी है।

21 अगस्त 2019

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रामपुर बुशहर

बुधवार, 21 अगस्त 2019

तस्वीरें: हिमाचल में टूटा एक दशक का रिकॉर्ड, 24 घंटे में हुई इतने एमएम बारिश

हिमाचल में वर्ष 2011 के बाद बारिश का रिकॉर्ड टूटा है। प्रदेश में 24 घंटे में 102.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। गत 14 अगस्त, 2011 में चौबीस घंटे में 74 एमएम बारिश हुई थी।
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हिमाचल में भारी बारिश से पांच नेशनल हाईवे समेत 850 से ज्यादा सड़कें बंद, 23 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबाही मच गई है। जानमाल का भारी नुकसान होने की खबर है। कई जगह बादल फटने की सूचना है। प्रदेश में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अब तक 23  लोगों की मौत हो गई है।

प्रदेश में एक पर्यटक, मां-बेटियों और दादा-पोती समेत 21 लोगों की जान चली गई है। दो लोगों के शव अभी बरामद नहीं हुए हैं। दर्जनों लोग घायल हुए हैं। शिमला में दस, सोलन में पांच, चंबा-कुल्लू में तीन-तीन और बिलासपुर-सिरमौर जिलों में एक-एक लोगों की बारिश से मौत हुई है।

पांच नेशनल हाईवे 887 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। पूरे प्रदेश में कई सड़कें और पुल ध्वस्त हो गए हैं। चंबा के बंदला में दीवार गिरने से दादा-पोती की मौत हो गई। शिमला में भूस्खलन से चार लोग दब गए।

शिमला में आरटीओ के पास हुए भूस्खलन में दो बच्चियों की मौत हो गई है। इनमें विशाखा ( 15) और दिव्या (18 ) साल है। इनकी मौत हो गई है। इनके माता कृष्णा ने भी बाद में उचपार के दौरान दम तोड़ दिया। जुब्बड़हट्टी के गांव सुजाणा में पशुशाला में आए भूस्खलन में दबने से महिला की मौत हो गई।

महिला को स्थानीय निवासियों की मदद से पशुशाला से बाहर निकाला गया। महिला की उम्र 40 से 42 साल बताई जा रही है। उधर कुमारसैन में ढारे पर पेड़ गिरने से दो नेपाली मजदूरों की मौत हो गई जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में अर्जुन बुद्धा (19) और सन बहादुर (52) शामिल हैं।

कुल्लू में एक शख्स के बहने की खबर है। घुमारवीं में बादल फट गया है। जबकि बिलासपुर में आठ मकान ध्वस्त हो गए हैं। मनाली में नेशनल हाईवे बह गया है। जबकि कई जगह सड़कें और पुल बह गए। भूस्खलन से कालका शिमला हेरीटेज ट्रैक बंद कर दिया गया है। सभी ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं।

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भारी बारिश से फसलों को बहुत नुकसान हुआ। रावी और ब्यास नदियों का पानी घरों तक पहुंच गया है। दर्जनों मकान खाली कराए गए हैं। घरहोली में निजी विद्युत परियोजना की मशीनरी पानी में बह गई है। इस बारिश से प्रदेश में अरबों के नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।
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दुकान से टकराया अनियंत्रित टेंपो, 11 साल के बच्चे की मौत

रामपुर के डकोलढ़ में तेज रफ्तार 407 टेंपो अनियंत्रित होकर एक दुकान से टकरा गया, हादसे में दुकान के बाहर बैठे एक बच्चे की मौत हो गई है। मृतक की पहचान कृष्ण पुत्र लेखराज सूद उम्र 11 साल गांव खनोग ननखड़ी के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ है। जिसे उपचार के लिए महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर खनेरी पहुंचाया गया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।  

पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर जब यह हादसा हुआ उस समय 11 साल का कृष्ण दुकान के बाहर बैठा हुआ था। जैसे 407 टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क से दुकान की तरफ आया तो बच्चे को संभलने का मौका भी नहीं मिला और 407 मिनी ट्रक एचपी 06 ए 3835 सीधे दुकान में जा घुसा और बच्चे को अपने साथ घसीटते हुए दुकान के पिल्लर में चिपका दिया।
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मुरारीलाल माहेश्वरी वाद-विवाद स्पर्धा: शिमला मंडल में सोलन कॉलेज ने मारी बाजी

राजधानी शिमला के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संजौली कॉलेज में आयोजित मंडल स्तरीय मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता में सोलन कॉलेज की टीम प्रथम रही। बुधवार को हुई इस स्पर्धा में कॉलेज छात्रों ने ‘क्षेत्रवाद ने भारतीय संघवाद को कमजोर किया’ विषय पर अपनी बात तर्कों के साथ रखी। प्रतियोगिता में राजीव गांधी महाविद्यालय कोटशेरा की टीम दूसरे और कुमारसैन डिग्री कॉलेज की टीम तीसरे स्थान पर रही। शिमला मंडल के चार जिलों की इस प्रतियोगिता में जिला स्तर पर पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों ने भाग लिया। रामपुर पीजी कॉलेज और सिरमौर के संगड़ाह कॉलेज की टीम ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किए। 
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शराबियों के हुड़दंग से कोठी के ग्रामीण परेशान

रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर के कल्पा ब्लॉक की कोठी पंचायत के लोग आए दिन शराबियों से हुड़दंग से काफी परेशान हैं। इसी मुद्दे को लेकर पंचायत ने आपात बैठक बुलाकर इस समस्या पर चर्चा की। बैठक के बाद इस संबंध में पंचायत ने किन्नौर के पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से इन शराबियों के हुड़दंग से निजात दिलाने की मांग की है। वहीं उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक पुलिस गश्त करने का भी अनुरोध किया है।
ग्राम पंचायत कोठी के उप प्रधान दयाल सिंह की अगुवाई में मंगलवार को ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक एसआर राणा से मिले और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उपप्रधान दयाल सिंह ने कहा कि आए दिन चंगरंग कोठी जाने वाले रास्ते में टैंक के आस-पास सुबह शाम शराबियों की महफिल जमी रहती है। इससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रास्ते में आवाजाही के दौरान काफी परेशानी आ रही है। कोठी निवासी पंकज कुमार के अनुसार शराबियों को शराब पीने से मनाही करने पर वे गाली गलौच और लड़ाई करने पर उतर जाते हैं। अधिवक्ता कुलभूषण ने कहा कि कुछ युवक शराब के अलावा अन्य नशे का भी सेवन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इन हुड़दंगियों की परेशानी से जल्द से जल्द निजात दिलाई जाए।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक एसआर राणा ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि डीएसपी हेडक्वार्टर विपन कुमार की अध्यक्षता में इस मामले की जांच की जाएगी। क्षेत्र में पुलिस बल की गश्त के साथ-साथ उड़नदस्तों को भी भेजा जाएगा। उन्होंने रिकांगपिओ थाना को हिदायत दी है कि रिकांगपिओ बाजार के अलावा नजदीकी के गांव से लगते रास्तों में भी असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाए। इस मौके पर विद्या सेन, भगत मणि, निर्मला और विमल आदि मौजूद रहे। ... और पढ़ें

सनैल नाले के मलवे में दबे तीन लोगों के शव बरामद सर्च अभियान जारी

रोहडू। उत्तराखंड और हिमाचल की सीमा पर सनैल में बादल फटने की घटना में अभी भी कई और लोगों के भी मलबे में दबने की आशंका है। मंगलवार को मलबे से तीन लोगों के शव निकाले गए। रविवार को बादल फटने के बाद यहां नाले में बाढ़ आ गई थी। बताया जा रहा है कि नाले के साथ ही ढारों में कई और मजदूर भी रहते थे। इनके भी मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है। यहां जेसीबी चलाने वाला एक चालक भी लापता बताया जा रहा है। नाले में बाढ़ आने से आधा दर्जन वाहन भी बह गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले दो दिन से यहां मलबे को हटाने का काम जारी है। मंगलवार को तीन लोगों के शव बरामद किए गए हैं। शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। तीनों की पहचान हो गई है। प्रशासन के अनुसार सनैल के स्थानीय लोगों के अनुसार मलबे में कई और लोग भी दबे हुए हो सकते हैं। ये सभी नाले के किनारे ढारों में रहते थे। ग्रामीणों के इस दावे के बाद राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। मलबे को हटाया जा रहा है। एसडीएम बीआर शर्मा ने बताया कि मलबे से तीन शव मंगलवार को बरामद हुए हैं। कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इसलिए मशीनों से पत्थरों को तोड़ जा रहा है।
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इधर, सनैल और आराकोट में भारी भूस्खलन और पब्बर नदी के उफान पर आने से रोहडू-पांवटा-देहरादून सड़क तीसरे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सकी है। इधर, क्षेत्र में बाधित दूसरी सड़कों को खोलने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है। अभी रोहडू-जुब्बल-कोटखाई की करीब साठ से अधिक सड़के वाहनों के लिए बंद पड़ी हुई हैं। ... और पढ़ें

नेरवा तहसील में चारों ओर नजर आ रहा तबाही का मंजर

नेरवा/शिमला। मूसलाधार बारिश ने चौपाल और नेरवा में कहर मचाया है। भूस्खलन के कारण दोनों क्षेत्रों में सड़कें बंद हो गई हैं। कई स्थानों पर सड़क का नामोनिशान तक मिट गया है। कई स्थानों पर सेब के पौधे मलबे में दब गए हैं। कई भवनों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। सड़कें बंद होने कई स्थानों पर लाखों का सेब फंस गया है। नेरवा की भराणू सहित साथ लगती पंचायतों में बारिश ने तबाही मचाई है। भराणू के गौंचा गांव में भूस्खलन की चपेट में आने से सेब के दर्जनों पौधे बरबाद हो गए हैं। भूस्खलन से एक गोशाला भी क्षतिग्रस्त हो गई। गौंचा गांव में कई भवनों को खतरा पैदा हो गया है। क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं ठप हैं। भराणू में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के भवन को खतरा पैदा हो गया है। सबसे ज्यादा नुकसान बागवानों को उठाना पड़ रहा है। संपर्क मार्ग बंद होने से पेटियों में भरा हुआ सेब सड़ने की कगार पर पहुंच गया है। गौंचा गांव में ही करीब 500 पेटी सेब फंसा गया है। क्षेत्र के अन्य गांवों में भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं। नेरवा-भूठ-नावी संपर्क मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। नेरवा-थरोच मार्ग पर भी वाहनोें की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है।
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बिजली गिरने से झुलसी महिलाओं को खच्चरों पर पहुंचाया अस्पताल
नाले में बहने से बचाईं दो महिलाओं और बच्चों को भी अस्पताल पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो
चौपाल। नेरवा की ग्राम पंचायत केदी में रविवार को बिजली गिरने से चार महिलाएं झुलस गई थीं। इन्हें गंभीर हालत में खच्चरों के जरिये अस्पताल पहुंचाया गया है। इधर, नेरवा के फावला गांव में बादल फटने से दो महिलाएं और बच्चा बह थे। इन्हें लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बचाया। एक महिला की हालत नाजुक बताई जा रही है। इन्हें बीस किमी दूर नेरवा अस्पताल पहुंचाया गया है। अस्पताल में महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। इसी गांव में आठ मवेशियों को भी बचा लिया गया है। इधर, नेरवा का पुराना बस स्टैंड नाले में तबदील हो गया है। नाले से डुंडी मंदिर तक सड़क और दुकानों के अंदर मलबा ही नजर आ रहा है। शालवी नदी में जगह-जगह वाहन फंस गए हैं। राणा क्यार में घर बाढ़ में बह गया है। इससे राजू और उसका परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। बारिश से भराणू, नाकोड़ा, लालपानी, देइया, माधाना, पौड़िया, बमटा, मानुभाविया, खादर, बानी, केदी, बिजमल, हलाऊ, किरण, टेलर, धनत, खूंद न्योल में भारी नुकसान हुआ है। एडीसी शिमला अपूर्व देवगन चौपाल में ही डटे हैं और राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने तीन दर्जन से अधिक मशीनें और मजदूर यहां लगा रखे हैं।
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शिमला से नेरवा बस सेवा नहीं हुई बहाल
शिमला से चौपाल के लिए बस सेवा बहाल हो गई है लेकिन नेरवा के लिए बस सेवा बहाल नहीं हो पाई है। मंगलवार को शिमला से चौपाल के लिए पांच बसें भेजी गईं। एचआरटीसी तारादेवी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक सुनील सनाडिया ने बताया कि चौपाल और नेरवा के बीच खगना में सड़क बंद होने के कारण नेरवा के लिए बस सेवा बहाल नहीं हो पा रही है। ... और पढ़ें

सुरू गांव के ऊपर से हो रही कूट परियोजना लीकेज

ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। मूसलाधार बारिश के कारण रामपुर ब्लॉक के दुर्गम क्षेत्र 15/20 का सुरु गांव खतरे की जद में आ गया है। पूरे गांव में पानी भर गया है और कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। गांव में जलभराव और दरारें आने से ग्रामीण सहम गए हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश के अलावा यहां एक हाइड्रो परियोजना के आउटलेट का पानी भी गांव में भर गया है।
गांव के उदय सिंह, रोशन लाल, संजय कुमार, लीला देवी, शमशेर सिंह, अशोक कुमार और राम सिंह का कहना है कि पिछली बरसात में भी गांव में पानी भर गया था। प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची थी। इस दौरान पाया गया कि परियोजना के आउटलैट का पानी भी गांव में आ रहा है। प्रशासन ने निर्देश दिए थे कि पानी के रुख को बदला जाए। लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि गांव के कई स्थानों पर दरारें पड़ गई हैं। इससे ग्रामीण दहशत में है। लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों की रात की नींद उड़ गई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें सुरक्षित जगह स्थानांतरित किया जाए।
कूट पंचायत के प्रधान विजय नेगी ने बताया कि परियोजना की पाइप पत्थर गिरने से टूट गई है। अब सारा पानी गांव में घुस रहा है। इसकी सूचना प्रशासन को दे दी गई है।
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परियोजना के महाप्रबंधक कमल चंद ने बताया कि बारिश के कारण हुए भूस्खलन से पानी का पाइप टूट गया था। पाइप रात को टूटा था। प्रबंधन को इसकी सूचना रात को नहीं मिली। जब पता लगा तो पाइप को ठीक करवा दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
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एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि सुरु गांव से पानी के लीकेज की सूचना मिली है। मौके पर प्रशासन की टीम को भेजा जा रहा है। मौके पर जायजा लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ... और पढ़ें

रोहडू उपमंडल चार लोगों की मौत कई के लापता होने की संभावना

लीकेज के चलते धंस रही सुरू गांव की जमीन।
रोहड़ू। उपमंडल रोहड़ू में भारी बारिश और बादल फटने के रविवार को काफी नुकसान हुआ है। नदी-नालों की चपेट में आने से एक एंबुलेंस सहित करीब एक दर्जन वाहन बह गए हैं। वहीं सनैल में लापता की मलबे के बीच तलाश के लिए एसडीएम रोहड़ू टीम के साथ मौके पर डटे हुए हैं।
सनैल में रोहड़ू-देहरादून मार्ग पर नाले में बादल फटने से एलएनटी मशीन ऑपरेटर तिलक राज निवासी नुरपुर और सुनील (28) निवासी मसली मलबेे के साथ बह गए। दोनों को तलाशने के लिए प्रशासन की टीम लगातार जुटी हुई है। वहीं इस नाले में मलबे के साथ कुछ मजदूरों के बहने की भी संभावना है।
वहीं इस संबंध में एसडीएम बीआर शर्मा के अनुसार इलाके में बंद पड़ी बिजली, सड़कों को रिस्टोर करने का काम चल रहा है। सनैल में बहे दो लोगों का पता लगाने के लिए मशीनों से मलबा हटाया जा रहा है। कुछ मजदूरों के लापता होने की भी सूचना है। इस अभियान के लिए उत्तराखंड प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है। ... और पढ़ें

15 घंटे बाद बहाल हुआ पूर्वणी के पास बाधित एनएच पांच

सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर के पूर्वणी झूले के पास बाधित नेशनल हाईवे पांच करीब 15 घंटे बाद बहाल हो गया है। बीते शनिवार रात को झमाझम बारिश से पूर्वणी के पास एनएच बार-बार बाधित होता रहा और पूह खंड की 24 पंचायतों के हजारों लोगों समेत पर्यटकों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी। सोमवार सुबह 11 बजे एनएच बहाल होते ही जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह-काजा और स्पीति घाटी की वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। सीमा सड़क संगठन ने कड़ी मशक्कत के बाद बाधित नेशनल हाईवे को बहाल किया। मार्ग बहाल होते ही जिले के हजारों लोगों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली है।
वहीं किन्नौर जिला की अधिकांश ग्रामीण सड़कें रविवार से बाधित हो गई थी। भारी बारिश के चलते सड़कें अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियां उठानी पड़ीं। ग्रामीणों को पैदल सफर कर अपने गंतव्य पहुंचना पड़ा। हालांकि सोमवार को लोक निर्माण विभाग ने अधिकांश ग्रामीण सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। पथ परिवहन निगम किन्नौर के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी सुजान सिंह नेगी ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे मार्ग बहाल होते ही पूह-काजा और स्पीति की ओर निगम की बसों की आवाजाही शुरू हो गई है।
वहीं, लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह गुलेरिया और कार्यवाहक अधिशासी अभियंता भावानगर सचिन नड्डा के अनुसार जिला किन्नौर की अधिकांश ग्रामीण सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। पोवारी-पूर्वणी और मीरू-रांगले सड़क को बहाल करने में विभाग जुटा हुआ है। उधर, सड़क सीमा संगठन के ओसी डीके राघव ने बताया कि शनिवार रात से एनएच बार बार बाधित होता रहा। सीमा सड़क संगठन ने कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार सुबह 11 बजे एनएच को बहाल किया। ... और पढ़ें

कानम पंचायत में पानी की बूंद बूंद के लिए तरसा ग्रामीण

सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले की कानम पंचायत में बीते दिनों बाढ़ आने से हुए नुकसान के कारण अभी तक ग्रामीणों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पंचायत को जोड़ने वाली सड़क पर अभी भी बड़े वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। इसके कारण लोग निजी वाहनों में ज्यादा किराया देकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। वहीं पंचायत में पानी की सप्लाई अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। इसके कारण लोगों को मजबूरी में दूर नाले से गंदा पानी ढोकर पीना पड़ रहा है। लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि इस संबंध मेें प्र्रशासन और विभागों के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है, बावजूद इसके अभी तक समस्याएं नहीं सुलझी हैं।
क्षेत्र के लोगों में चंद नेगी, अर्जुन नेगी, छोटू लाला, सुरेश कुमार, अमृत लाल और धर्मसेन के अनुसार कानम में पानी की समस्या होने पर उन्हें मजबूरी में नाले का गंदा पानी पीना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क को बहाल करने के लिए अभी तक कोई पहल नहीं की है। वहीं आईपीएच विभाग पूह के अधिशासी अभियंता आरएस नेगी के अनुसार कानम में लोगों की पानी की सुविधा के लिए अस्थायी तौर पर पाइपों को जोड़कर सप्लाई दी जा रही है। जल्द स्थायी तौर पर पाइपों को जोड़कर आपूर्ति बहाल की जाएगी। ज्यादा नुकसान होने से समस्या हल करने में समय लग रहा है। ... और पढ़ें

लैलन में बोलैरो कैंपर पलटी, एक महिला की मौत, पांच घायल

ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। पुलिस थाना ननखड़ी के तहत आने वाले लैलन में सोमवार को एक बोलेरो कैंपर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई और वाहन में सवार अन्य पांच लोग घायल हो गए हैं। घायलों को उपचार के लिए ननखड़ी अस्पताल पहुंचाया गया है।
पुलिस थाना ननखड़ी से मिली सूचना के मुताबिक सोमवार दोपहर को लैलन के पास चालक के अचानक नियंत्रण खोने से बोलेरो कैंपर संख्या एचपी 06 ए 5204 सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। इस हादसे में ज्वाला देवी (69), पत्नी जवाहर लाल, गांव थैली डाकघर चकटी, तहसील शिमला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इस हादसे में अन्य 5 लोग घायल हो गए हैं, जिनकी पहचान चालक निहाल चंद, पुत्र कामानंद, निवासी गांव कोटी, डाकघर लैलन, तहसील ननखड़ी, मीरा देवी, पत्नी राजेंद्र सिंह, निवासी गांव थैली, डाकघर चकटी, तहसील ननखड़ी, हेम सिंह, पुत्र मस्त राम, निवासी गांव व डाकघर लैलन, तहसील ननखड़ी, सतपाल, पुत्र गोपू राम, निवासी गांव व डाकघर लैलन तहसील ननखड़ी, जिला शिमला के रूप में हुई है। वहीं हादसे के एक अन्य घायल की कोई पहचान नहीं हो पाई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और मृतक महिला के शव सहित घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद सड़क तक पहुंचाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। वहीं अन्य घायलों को ननखड़ी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
वहीं डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा के अनुसार इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई है और अन्य पांच घायल हो गए हैं। पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की छानबीन शुरू कर दी है। ... और पढ़ें

24 रुटों पर फंसी परिवहन निगम की बसें

रामपुर बुशहर। रामपुर, ननखड़ी और आनी क्षेत्र में बारिश से हुए नुकसान के कारण लोग परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। रामपुर और ननखड़ी तहसील की 13 पंचायतों का अभी भी संपर्क कटा हुआ है, वहीं दो दर्जन रूटों पर निगम की बसें फंसी हुई हैं। उक्त क्षेत्रों में परिवहन निगम की 24 बसें फंसी हुई हैं। वहीं रामपुर की तीन और ननखड़ी तहसील की दस पंचायतों का संपर्क मुख्यालय से कटा हुआ है।
रामपुर डिपो के तहत आने वाले खमाड़ी, रोहड़ू, भगावट, देवरा, मुनिष, ब्युंथल, ठारला, सराहर, खोलीघाट, उरटू और नेहरा में निगम की एक-एक बस फंसी है। वहीं आनी के राणाबाग में 4, टिहणी में तीन, गुहाटन, करशाला, रोहचड़ा, बडग़ई और लढागी में निगम एक-एक बस फंसी है, जिससे निगम को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं ननखड़ी तहसील की टिक्कर-खमाड़ी और टुटू सड़क भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई है। इसके चलते तहसील की दस पंचायतों का संपर्क मुख्यालय से कटा हुआ है, वहीं रामपुर की तीन पंचायतों भी यातायात सुविधा से वंचित हैं। कहीं डंगे तो कहीं भारी भूस्खलन से सड़कों पर मलबा लगातार गिर रहा है। वहीं लोक निर्माण विभाग ने भी युद्धस्तर पर बाधित सड़कों को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों की सड़कें बाधित होने से बागवानों को भी काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। बागवान चिंतित हैं कि सेब की फसल को कैसे मंडियों तक पहुंचाया जाए?
वहीं परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी भाग चंद के अनुसार रामपुर और आनी के 24 रुटों पर निगम की बसें फंसी हुई हैं। जहां तक संभव है बसों को रूटों पर भेजा जा रहा है। वहीं एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान के अनुसार लोक निर्माण विभाग को बाधित सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार तक सभी सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा। ... और पढ़ें

हिमाचल: भूस्खलन होने से एक किमी तक बनी झील, गांव छोड़ भागे लोग, लाहौल-रोहतांग में बर्फबारी, सैलानी फंसे

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर की धन्नी पंचायत में भारी भूस्खलन हुआ है। जब्बर खड्ड का पानी रुक जाने से एक किलोमीटर तक के क्षेत्र में झील बन गई है। घरों को खतरा देख लोग पलायन करने लगे हैं। खेतों के रास्ते पानी का बहाव मोड़ने का प्रयास जारी है।
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