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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान
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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान

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हिमाचल: एनआईटी हमीरपुर के छात्र निशांत को 1.51 करोड़ का सालाना पैकेज, अमेरिका की कंपनी में नियुक्ति

हिमाचल प्रदेश के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) हमीरपुर के 21 वर्षीय छात्र निशांत हाडा को डेढ़ करोड़ रुपये का रिकॉर्ड प्लेसमेंट पैकेज मिला ह...

20 सितंबर 2021

Digital Edition

सरकारी नौकरी: हिमाचल में 1690 पदों पर कला और शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 1690 पदों पर कला और शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को बैचवाइज और सीधी भर्ती के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जिलावार 870 पद शारीरिक और 820 पद कला शिक्षकों के भरे जाएंगे। इन पदों की सीधी भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर प्रदेश भर में एक ही परीक्षा लेगा। निदेशक डॉ. पंकज ललित ने बताया कि दोनों श्रेणियों के सरकार की ओर से स्वीकृत पदों में से आधे पद बैचवाइज और आधे पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। जिला रोजगार कार्यालय की ओर से बैचवाइज भर्ती के लिए नामों की सूची एकत्र की जाएगी। जिला कैडर की इन भर्तियों के लिए जिला स्तर पर बैचवाइज भर्ती होगी।

सीधी भर्ती के लिए प्रदेश भर में आयोग के माध्यम से एक परीक्षा ली जाएगी। पदों को जिलों के लिए निर्धारित कोटे के तहत भरा जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने बीते दिनों शिक्षा विभाग में चार हजार शिक्षकों के पद भरने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने कला और फिजिकल एजूकेशन (शारीरिक) शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। शिक्षकों की इन दोनों श्रेणियों के पद प्रदेश में कई वर्षों बाद भरे जा रहे हैं। उच्च स्कूलों और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। भर्ती एवं पदोन्नित नियमों के तहत सरकार की ओर से तय आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए इन पदों को भरा जाएगा। ऐसे में लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों प्रशिक्षितों ने राहत की सांस ली है। 

जिला                          कला शिक्षक                    शारीरिक शिक्षक
बिलासपुर                     31                                    25
चंबा                             51                                    83
हमीरपुर                        63                                    48
कांगड़ा                        159                                   189
किन्नौर                        3                                      18
कुल्लू                          33                                      42
लाहौल स्पीति               1                                        12
मंडी                            168                                    158
शिमला                       109                                      106
सिरमौर                      49                                        76
सोलन                        56                                        40
ऊना                           97                                        73
कुल                           820                                       870
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प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय

डेटशीट: पांगी, लाहौल-स्पीति में छह अक्तूबर के बाद होंगी पहली से आठवीं की परीक्षाएं

प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र जिला चंबा के पांगी और लाहौल-स्पीति जिले के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा की परीक्षाएं छह अक्तूबर के बाद होंगी। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के चलते शिक्षा विभाग ने इन क्षेत्रों में अभी परीक्षाएं नहीं लेने का फैसला लिया है।

अन्य क्षेत्रों में पूर्व निर्धारित शेड्यूल के तहत पहली से आठवीं कक्षा की परीक्षाएं 27 सितंबर से छह अक्तूबर तक होंगी। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से एसए वन की डेटशीट बीते दिनों जारी की गई है। प्रदेश के शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एक साथ ही ऑनलाइन परीक्षाएं ली जाएंगी। 

तारीख             पहली                       दूसरी                तीसरी               चौथी                     पांचवीं        
27 सितंबर        हिंदी                        अंग्रेजी                गणित                  ईवीएस                   गणित
28 सितंबर        अंग्रेजी                    गणित                 ईवीएस                 हिंदी                      ईवीएस
29 सितंबर        गणित                     हिंदी                    अंग्रेजी                अंग्रेजी                    हिंदी
30 सितंबर        ---                      ---                        हिंदी                 गणित                       अंग्रेजी

छठी से आठवीं कक्षा की डेटशीट
तारीख                       छठी                  सातवीं                  आठवीं

27 सितंबर                अंग्रेजी                सोशल साइंस            विज्ञान
28 सितंबर                ड्राइंग                  अंग्रेजी                    संस्कृत
29 सितंबर                सोशल साइंस        विज्ञान                    अंग्रेजी
30 सितंबर                संस्कृत                ड्राइंग                        ड्राइंग
एक अक्तूबर             विज्ञान                हिंदी                        सोशल साइंस
चार अक्तूबर            गणित                 गणित                        गणित
पांच अक्तूबर            हिंदी            लोक संस्कृति/योग            हिंदी
छह अक्तूबर    लोक संस्कृति/योग        संस्कृत                    लोक संस्कृति/योग
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खेलो इंडिया योजना: हिमाचल में बनेंगे हॉकी एस्ट्रो टर्फ, इंडोर स्टेडियम और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

खेलो इंडिया योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में हॉकी एस्ट्रो टर्फ, इंडोर स्टेडियम और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने प्रदेश के चार खेल प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी है। सिरमौर, सुंदरनगर, सोलन और बिलासपुर में इन प्रोजेक्टों पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सोमवार को ऑनलाइन हुई कांफ्रेंस ऑफ मिनिस्टर्स में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल को यह बड़ी सौगात दी हैं। खेल मंत्री राकेश पठानिया भी इस कांफ्रेंस में शामिल हुए। खेलो इंडिया योजना के तहत सिरमौर के माजरा में हॉकी एस्ट्रो टर्फ के लिए केंद्र सरकार ने 5.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

इंडोर स्टेडियम सुंदरनगर, इंडोर स्टेडियम सोलन और बिलासपुर के लुहणू स्टेडियम को खेलो इंडिया का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी मंजूर हुआ है। अगले सप्ताह तक इनके लिए धनराशि जारी होगी। प्रदेश की ओर से 176 करोड़ रुपये के 18 अन्य प्रोजेक्ट भी केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि हिमाचल भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ नव भारत के निर्माण की दौड़ में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा है। पैरालंपिक पदक विजेता हिमाचल के निशाद और ओलंपिक पदक विजेता हॉकी टीम के वरुण शर्मा को सरकार एक-एक करोड़ की धनराशि देगी।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में दो-दो स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के लिए नई नीति बनाई गई है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। हिमाचल विंटर गेम्स पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इससे हमारी शीतकालीन ओलंपिक में भागीदारी बढ़ेगी। धर्मशाला, शिमला और मनाली में आल सीजन स्टेडियम शुरू किए जाएंगे। बीड़ बिलिंग की तर्ज पर बिलासपुर में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैराग्लाइडिंग सुविधा विकसित की जाएगी। प्रदेश में एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती में बहुत अच्छी प्रतिभाएं हैं। प्रत्येक जिले में बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराकर इसे और विकसित किया जाएगा। 
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हिमाचल में लोगों को रोपवे का सस्ता सफर कराने की तैयारी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आम लोगों से लेकर पर्यटकों को रोपवे का सस्ता सफर कराने के लिए बड़ी कवायद शुरू की है। रोपवे को बढ़ावा देने और लोगों को सस्ता सफर मुहैया कराने के लिए जीएसटी काउंसिल से इस पर लगने वाले टैक्स को 18 से घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की गई है। लखनऊ में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में प्रदेश से गए अधिकारियों ने इस संबंध में लिखित में आग्रह किया है। 

दरअसल, सड़कों के चौड़ीकरण में आ रही भारी लागत और दरकते पहाड़ों की दिक्कतों के बीच प्रदेश में रोप वे ही परिवहन का प्रमुख विकल्प बनता जा रहा है। कई प्रोजेक्टों को अमलीजामा पहनाने की कवायद अंतिम दौर में पहुंच गई है। लेकिन चूंकि हिमाचल के पास इतना बजट नहीं है कि रोप चला सके। ऐसे में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत इन रोपवे को बनाने में 18 फीसदी जीएसटी ही आड़े आ रहा है। 

अतिरिक्त मुख्य सचिव राज्य कर एवं आबकारी जेसी शर्मा ने बताया कि अगर टैक्स कम होता है तो इससे न सिर्फ सरकार को निवेशक हासिल करने में आसानी होगी, बल्कि कम लागत से बनने वाले रोपवे का टिकट भी और सस्ता होगा। इससे लोग खुद भी निजी वाहनों की बजाय इस नए विकल्प का प्रयोग परिवहन के लिए करेंगे। 

गडकरी की पैरवी के बाद रोपवे नेटवर्क पर जोर
हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल दौरे के दौरान रोपवे को बढ़ावा देने पर जोर दिया था। इसके बाद अब सरकार रोपवे को लेकर खास फोकस कर रही है। वर्तमान में राजधानी में जाखू रोप वे चल रहा है। धर्मशाला व मैक्लोडगंज वाला रोपवे भी शुरू हो जाएगा। आनंदपुर साहिब से नैना देवी, पलचान से रोहतांग व बिजली महादेव के लिए भी रोपवे बनाने की कवायद की जा रही है। राजधानी शिमला व धर्मशाला शहर के लिए रोपवे कारपोरेशन अलग से लोकल कनेक्टिविटी प्लान तैयार कर रहा है। इसके अलावा भी विभिन्न शहरों में फिजिबिलिटी का अध्ययन किया जा रहा है। 
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बागवानी: कंपनियों ने सेब के रेट बढ़ाए पर नहीं निकल रही है लागत

रोपवे (फाइल फोटो)
सेब खरीद कर रही कॉरपोरेट कंपनियों ने दामों में बढ़ोतरी की है। 4 से लेकर 6 रुपये प्रतिकिलो तक रेट बढ़ाए गए हैं। यह पहली बार है कि कंपनियां रेट घटाने की जगह बढ़ा रही हैं लेकिन बागवान इन दामों से संतुष्ट नहीं। बागवानों का कहना है कि लागत के मुकाबले अभी भी रेट कम हैं। सेब खरीद कर रही सबसे बड़ी अडानी एग्रो फ्रेश ने 4 रुपये प्रतिकिलो रेट बढ़ाए हैं। 26 अगस्त को कंपनी ने प्रीमियम सेब का रेट 72 रुपये प्रति किलो किया था जो बीते साल के मुकाबले 16 रुपये कम था। पिछले साल कंपनी ने 88 रुपये प्रतिकिलो रेट पर सेब खरीद शुरू की थी। इस साल 10 सितंबर को कंपनी ने 2 रुपये बढ़ाकर 74 रुपये रेट निर्धारित किया।

18 सितंबर को 76 रुपये प्रतिकिलो रेट कर दिया। कंपनी अब इसी रेट पर सेब खरीद रही है। अडानी के ठियोग के सैंज, रोहड़ूू के मैंहदली और रामपुर के बिथल में कलेक्शन सेंटर हैं। देवभूमि कोल्ड चेन मतियाना ने एक सितंबर को 72 रुपये, 10 सितंबर को 75 और 16 सितंबर को 77 रुपये प्रतिकिलो रेट निर्धारित किए। 16 दिन के भीतर कंपनी ने प्रतिकिलो 5 रुपये की बढ़ोतरी की। हिम फ्रैश प्रोड्यूस कंपनी ने 30 अगस्त को 75, 3 सितंबर को 77, 10 सितंबर को 80 और 18 सितंबर को 81 रुपये दाम तय किए हैं।  कंपनी अब प्रीमियम सेब सबसे अधिक  81 रुपये प्रतिकिलो रेट पर खरीद रही है। हिमफ्रैश प्रोड्यूस कंपनी के सहायक प्रबंधक संदीप चौहान ने बताया कि 30 अगस्त से 18 सितंबर के बीच कंपनी ने 6 रुपये की बढ़ोतरी की है। मार्केट के आधार पर कीमतें बढ़ाई गई हैं।

सेब के पैसे बागवानों के बैंक खाते में एक हफ्ते के भीतर डाले जा रहे हैं। मंडियों की तरह कोई अतिरिक्त कटौती नहीं होती।  अडानी एग्रो फ्रेश के महाप्रबंधक मनजीत शिलू ने कहा कि कंपनी मार्केट की स्थिति के अनुसार रेट तय करती है। अगस्त में मार्केट की स्थिति के हिसाब से रेट खोले थे। अब दो बार रेट बढ़ाए हैं। नवरात्र में कीमतें बढ़ने की उम्मीद है। देवभूमि कोल्ड चेन मतियाना के प्रबंधक नीरज कुमार ने बताया कि कंपनी ने सेब खरीद में प्रतिकिलो पांच रुपये की बढ़ोतरी की है। बागवानों की पेमेंट सुरक्षित रहती है और ग्रेडिंग पैकेजिंग का खर्चा भी नहीं पड़ता।

मंडियों में भी 300 रुपये तक बढ़े रेट
मंडियों में भी सेब के औसत रेट बीते माह के मुकाबले 200 से 300 रुपये प्रति पेटी बढ़े हैं। अगस्त के दूसरे हफ्ते में प्रति पेटी सेब के रेट 800 से 1000 रुपये थे जो अब 1200 से 1300 रुपये हो गए हैं। पिछले साल के मुकाबले यहां भी अभी रेट कम है। बीते साल सितंबर में बढि़या सेब के औसत रेट 1400 से 1500 रुपये थे।

पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी बढ़ी लागत : संजय
संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले प्रति पेटी लागत 30 फीसदी तक बढ़ी है। कंपनियां लागत के अनुरूप अभी पैसा नहीं दे रही। हालांकि किसानों-बागवानों के आंदोलन का परिणाम है कि पहली बार कंपनियां रेट गिराने के स्थान पर बढ़ा रही हैं। चिंता की बात यह है कि सरकार अभी भी अपना दायित्व नहीं निभा रही। एमआईएस के तहत ए, बी और सी ग्रेड के 60, 44 और 24 रुपये रेट मिले तो लागत निकल सकती है।
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मौसम विज्ञान केंद्र: कुफरी के बाद अब चंबा के जोत में भी लगेगा डॉप्लर रडार

राजधानी शिमला से सटे कुफरी के बाद अब मौसम विज्ञान केंद्र चंबा के जोत में डॉप्लर रडार लगाएगा। इससे जोत के 150 किलोमीटर के दायरे में मौसम के बदलाव की सटीक जानकारी मिलेगी। मुरारी देवी सुंदरनगर, किन्नौर और लाहौल में भी डॉप्लर रडार लगाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने कहा कि किसानों और बागवानों को इसका लाभ मिलेगा। रडार 4 घंटे पहले ही मौसम के मिजाज को भांप लेगा।

मौसम विज्ञान केंद्र ने जोत में डॉप्लर रडार लगाने की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उपकरण भी पहुंचा दिए हैं। अब जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। इसके माध्यम से विशिष्ट क्षेत्र में आंधी-तूफान, बिजली, ओलावृष्टि, बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं के लिए सटीक पूर्वानुमान और चेतावनी जारी की जा सकेगी। यह केंद्र प्रदेश के बागवानों और किसानों को मौसम से संबंधित सटीक जानकारी देने में मदद करेगा। यह सभी दिशाओं में 150 किलोमीटर के मौसम का डाटा अवलोकन और उपलब्ध करवाएगा।

इसका उपयोग पूर्वानुमान के उद्देश्य के लिए किया जाएगा। यह रडार पूरी तरह स्वचालित होगा। इसकी कार्यप्रणाली कंप्यूटरीकृत कार्यक्रम आधारित होगी। यह विभिन्न डिजिटल प्रारूप और तस्वीरों के रूप में डाटा संचारित करेगा। निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि डॉप्लर रडार अति सूक्ष्म तरंगों को पकड़ता है। ऐसी तरंगें किसी वस्तु से टकराकर लौटती हैं तो रडार उनकी दिशा आसानी से पहचान लेता है। वायुमंडल में मौजूद पानी की बूंद की स्थिति और दिशा का पता भी इससे लगाया जा सकता है।
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शिमला: सीबीआई अफसर के घर से साइकिल चलाकर ले गया चोर

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सीबीआई अधिकारी के घर से एक शातिर ने साइकिल चुरा ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पहचान कुलदीप (36) शिमला ग्रामीण निवासी के तौर पर हुई है। सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया। यहां से इसे न्यायिक हिरासत पर भेज दिया है। आरोपी विधानसभा के पास बालूगंज आवासीय कालोनी की बालकनी से साइकिल चुराते हुए पकड़ा गया। साइकिल की कीमत 82 हजार रुपये है। पुलिस के मुताबिक बालूगंज क्षेत्र में देर रात वारदात पेश आई। आरोपी सीबीआई में कार्यरत एक अधिकारी के क्वार्टर की बालकनी में रखी साइकिल चुरा ले गया।

इस बीच ओकलॉज के पास रात्रि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने आरोपी को साइकिल को लेते जाते देखकर रोका। कर्मी ने आरोपी से आवाजाही का कारण पूछा तो वह घबरा गया। इस दौरान सुरक्षा कर्मी ने साइकिल को पहचान लिया और असल मालिक को फोन कर सूचना दी। अधिकारी भी मौके पर पहुंचा और साइकिल की शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। शिकायतकर्ता अधिकारी ने बताया कि उसने बालकनी में साइकिल खड़ी की थी। बालूगंज थाना पुलिस ने मामला दर्जकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक आरोपी शिमला घूमने आया था और पेशे से मजदूरी करता है।
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अपने भवन के लिए जमीन नहीं तलाश सकीं हिमाचल की 294 पंचायतें

हिमाचल की 294 पंचायतें पंचायत भवनों के लिए जमीन नहीं तलाश पाई है। पंचायत भवन के लिए कम से कम सात बिस्वा जमीन होना अनिवार्य है। पहले चरण में प्रत्येक पंचायत भवन को सरकार 33 लाख रुपये तीन किस्तों में जारी करेगी। पंचायत भवन का पहले चरण में एक फ्लोर बनाने के निर्देश जारी किए हैं ताकि पंचायतों का कामकाज सुचारु रूप से चलाया जा सके। प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव से पहले कुल 412 नई पंचायतों का गठन किया गया था। इन पंचायतों का मुख्यालय तक निर्धारित कर रखा है लेकिन इनमें से अभी तक अधिकांश पंचायतें जमीन नही तलाश सकी हैं। इन पंचायतों के पास अपनी जमीन नहीं है और वन भूमि पर पंचायत घरों का निर्माण नहीं किया जा सकता। नए पंचायत घरों के लिए निर्माण का काम लंबित पड़ा है। 

पंचायत घरों के निर्माण के लिए सरकार पहले चरण में 33-33 लाख रुपये की राशि रखी है। यह राशि पंचायत घरों का निर्माण कराने वाले अधिशासी अभियंताओं के माध्यम से खर्च किया जाएगा। यह राशि 11-11 लाख की तीन बराबर किस्तों में दी जानी है। पहले किस्त के तहत किए काम का सर्टिफिकेट जारी होने के बाद दूसरी और तीसरी किस्त जारी होगी। यह राशि भवन के एक मंजिल के निर्माण पर व्यय होगी। इसमें पंचायत का दफ्तर, प्रधान, उप प्रधान, सचिव का दफ्तर भी बनेगा। इसके साथ ही स्टाफ कमरे, कामन सर्विस सेंटर और शौचालय भी बनने हैं। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहते हैं कि अभी सिर्फ  294 नई पंचायतें जमीन नहीं तलाश पाई हैं। जैसे की ये पंचायतें जमीन तलाशेंगी तो उनको भी सरकार पंचायत भवन बनाने को धनराशि जारी कर देगी। 
   
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कोरोना: तीन संक्रमित महिलाओं की मौत, 229 नए पॉजिटिव मरीज, जानें सक्रिय केस

हिमाचल प्रदेश में सोमवार को तीन कोरोना संक्रमित महिलाओं की मौत हो गई। इनमें से हमीरपुर में 58 व 70 वर्षीय, जबकि ऊना में 70 वर्षीय संक्रमित महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं प्रदेश में कोविड-19 के 229 नए मामले आए हैं। प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3637 पहुंच गया है। अब तक कोरोना के 217140 मामले आ चुके हैं। इनमें से 211871 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले 1616 रह गए हैं। इसमें से बिलासपुर जिले में 200, चंबा 38, हमीरपुर 364, कांगड़ा 363, किन्नौर 11, कुल्लू 29, लाहौल-स्पीति 13, मंडी 311, शिमला 174, सिरमौर चार, सोलन 23 और ऊना में 86 सक्रिय मामले हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 142 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 10535 लोगों के सैंपल लिए गए।

11 हजार ऑक्सीजन युक्त बिस्तर तैयार
वहीं,  कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर प्रदेश सरकार ने 11 हजार ऑक्सीजन युक्त बिस्तर तैयार कर लिए हैं। इनमें एक हजार 80 आईसीयू बिस्तर शामिल हैं। कोरोना वार्ड में ऑक्सीजन लगाने और उतारने के लिए 14 सौ स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है। ये पीडियाट्रिक्स वार्ड में सेवाएं देंगे। केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को कोरोना तीसरी लहर को लेकर अलर्ट किया गया है। इसको लेकर सरकार लगातार उपायुक्तों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से वर्चुअल बैठकें कर रही है। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह भी लगातार अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। 

स्वास्थ्य विभाग के सर्वे के मुताबिक हिमाचल में हर तरह के वैरियंट आ रहे हैं। 96 डेल्टा वैरियंट, बी -1 के 3, डेल्टा प्लस - 1, साउट वैरियंट - 1 आदि शामिल हैं। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश में सरकार को बंदिशों में ढील न देने की बात कही गई है। साथ ही अक्तूबर व नवंबर में तीसरी लहर संभावित है। इसको लेकर तैयारियां रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि हिमाचल में कोरोना वैरियंट का ज्यादा असर नहीं है। हिमाचल मेें 18 साल से ऊपर के उम्र के लोगों को वैक्सीन लग गई है। संभावित तीसरी लहर के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। तीसरी लहर के चलते विभाग 60 हजार मरीज आने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।    
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