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नवरात्रि पूजन में सबसे महत्वपूर्ण है यह चार चीज़ें, जानें महत्व !
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हिमाचल के डॉक्टर गौरव शर्मा न्यूजीलैंड में बने सांसद

हिमाचल के जिला हमीरपुर के गलोड़ निवासी डॉ. गौरव शर्मा ने न्यूजीलैंड में सांसद बनकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

17 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

भुंतर के शाढ़ाबाई में मृत मिली छोटी बहन, नदी के तेज बहाव में बह गई थी

भुंतर में दो प्रवासी युवतियों की व्यास नदी में बहने से मौत हो गई है। बुधवार देर रात को दोनों बहनें शौच करने गई थीं। इस दौरान बड़ी बहन का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गई। बहन को बचाने के लिए छोटी बहन ने भी छलांग लगा दी और नदी के तेज बहाव में बह गई।

रात को स्थानीय लोगों ने तलाश करने पर 22 वर्षीय अंजलि को कुछ ही दूरी पर तलाश किया और गंभीर हालत में उसे कुल्लू अस्पताल लाया गया जहां उसकी मौत हो गई। जबकि छोटी बहन लापता चल रही थी। गुरुवार सुबह पुलिस व परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो भुंतर से करीब दो किलोमीटर दूर शाढ़ाबाई के पास नदी से उसका शव बरामद किया गया।

पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि व्यास में बही 17 वर्षीय अनु पुत्री रामदेव कुशीनगर उतर प्रदेश का शव बरामद कर लिया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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पैरापिट से टकराई कार, हादसे में युवक की मौत

कुल्लू-मनाली हाईवे पर वैष्णो माता मंदिर के पास एक कार पैरापिट से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार एक युवक की मौत हो गई है। कार कुल्लू से मनाली की तरफ जा रही थी। बुधवार रात को हुए हादसे में कार पैरापिट से जा टकराई।

जहां शिरढ़ निवासी एक युवक की मौत हो गई है। वहीं पर्यटन नगरी मनाली के एक होटल में भुंतर के एक युवक ने फंदा लगा लिया। घटना बुधवार रात की है, जब भुंतर के एक 30 वर्षीय युवक ने अपनी जान दे दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।

युवक का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। युवक ने आत्महत्या क्यों की पुलिस इसकी जांच कर रही है। डीएसपी मनाली की अगुवाई में पुलिस की एक टीम ने होटल में जाकर वीडियो व फोटोग्राफी की। एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
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कंडक्टर भर्ती परीक्षा: चार सॉल्वरों को भेजा था प्रश्नपत्र, एसआईटी ने आयोग से तलब किया परीक्षा रिकॉर्ड

कंडक्टर भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र व्हाट्सएप से बाहर भेजने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से परीक्षा संबंधी सभी रिकॉर्ड तलब कर लिया है। वहीं पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी अभ्यर्थी मनोज ने दो दोस्त सॉल्वरों को प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर भेजा था। दो दोस्तों ने आगे दो और सॉल्वरों को पेपर भेजा था। यानी मनोज के अलावा आगे कुल चार युवकों को पेपर व्हाट्सएप के जरिये गया था। आरोपियों में एक एचआरटीसी कंडक्टर और दूसरा रेलवे का को पायलट भी शामिल है। 

पुलिस के अनुसार मनोज कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसने परीक्षा केंद्र से अपने चचेरे भाई और एक दोस्त को मोबाइल से पेपर हल करने को भेजा था। मुकेश को जितने सवालों के जवाब आते थे, उसने वे मनोज को व्हाट्सऐप से बता दिए थे। कंडक्टर अनिल ने पेपर आगे दो लोगों को भेजा था। इनमें से एक दोस्त ने पेपर के कुछ सवाल हल करके वापस भेज दिए, जबकि दूसरे दोस्त ने पेपर मीडिया में वायरल कर दिया। इस पूरे प्रकरण में कथित रूप से मनोज के अलावा चार युवक शामिल हैं। इनमें से एक युवक एचआरटीसी में दो साल से कंडक्टर की नौकरी कर रहा है, जबकि दूसरा रेलवे में को पायलट के रूप में हाल ही में चयनित हुआ है। चारों आरोपियों पर केस दर्ज हो गया है। ऐसे में दो युवकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। पुलिस के समक्ष युवक उनका भविष्य बचाने को गिड़गिड़ा रहे हैं।

उधर, एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।उधर, एसआईटी ने आवेदन करने वालों के दस्तावेजों से लेकर परीक्षा के पूरे प्रोटोकाल और नकल रोकने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की चयन आयोग से जानकारी मांगी है। सूत्रों का कहना है कि चूंकि पिछले साल सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान हुई हाईटेक उपकरणों वाली नकल की घटना सामने आने के बाद गृह विभाग ने कर्मचारी चयन आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग को सभी बड़ी परीक्षाओं में जैमर का इस्तेमाल करने को कहा था। एसआईटी जानने का प्रयास करेगी कि आखिर क्यों जैमर नहीं लगे। बता दें कि मामले की जांच का जिम्मा डीजीपी संजय कुंडू ने डीआईजी बिलम गुप्ता की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) को दिया है। 

 
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फर्जीवाड़ा: हमीरपुर में एक घर में बनाए 122 वोट, कुल्लू में बसा दी 200 लोगों की बस्ती

हिमाचल में होने वाले पंचायती राज चुनाव में जीत हासिल करने की खातिर राजनीतिक दलों ने फर्जीवाड़ा करना भी शुरू कर दिया है। नगर परिषद हमीरपुर में जहां एक ही परिवार में 122 लोगों के मत पहचान पत्र बना दिए, वहीं कुल्लू नगर परिषद में रातोंरात 200 लोगों की बस्ती ही बसा दी। हमीरपुर में 3 पार्षदों ने तहसीलदार के समक्ष आपत्तियां दर्ज करवाईं हैं, वहीं कुल्लू में भी लोगों ने बस्ती के विरोध में तहसीलदार के पास शिकायत दर्ज करवा दी है। 

जानकारी के अनुसार हमीरपुर नप के वार्ड 9 में एक ही घर में 122 लोगों के मत पहचान पत्र बनाए गए, जबकि वार्ड 10 में एक घर में 39 से अधिक मतपत्र बनाए हैं। वार्ड 6 में एक ही घर में 32 फर्जी मतदाता पत्र बनाए हैं। इससे मतदाता सूचियां बनाने वाले कर्मचारियों पर भी सवाल हैं।

वार्ड तीन के पार्षद अनिल सोनी, वार्ड 6 के पार्षद अश्वनी शर्मा, मनोनीत पार्षद संदीप भारद्वाज और पूर्व पार्षद अजय शर्मा ने तहसीलदार हमीरपुर के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई है। तहसीलदार अशोक पठानिया ने बताया कि अपात्रों को सूची से बाहर किया जाएगा। उधर कुल्लू नप में फर्जी वोटरों के लिए रातोंरात 200 लोगों की बस्ती बसाने के आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो वायरल हुआ है।

विभिन्न संगठनों और कुछ वर्तमान पार्षदों ने मामला चुनाव आयोग और उपायुक्त कुल्लू के समक्ष उठाया है। बुधवार को पूर्व नप अध्यक्ष ऋषभ कालिया की अगुवाई में शहर वासियों ने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें फर्जी वोटरों के नाम सूची से हटाने की मांग की है। कालिया ने कहा कि मंगलवार रात वार्ड नौ में रहने वाले बाहरी राज्यों के करीब 200 लोगों को वार्ड छह में बसाया गया है।


जनता ने जवाब मांगा है कि लॉकडाउन में प्रवासियों को राशन वितरित किया था, तो क्या उस समय भी यह बस्ती यहां थी। वार्ड नौ के पार्षद तरुण विमल ने कहा कि बाहरी राज्यों से आए लोगों के फर्जी कागजों के आधार पर वोट बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर डीसी डॉ. ऋचा वर्मा ने कहा कि शिकायत मिली है। इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
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हिमाचल: 15 सूत्रीय जानकारी के साथ विभागों को भेजना होगा भर्ती प्रस्ताव

प्रतीकात्मक तस्वीर
कार्मिक विभाग ने सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, एमडी और सदस्य सचिवों को निर्देश जारी किए हैं कि वह राज्य लोक सेवा आयोग को भर्ती के लिए भेजे जाने वाले प्रस्ताव के साथ 15 सूत्रीय जानकारी भी भेजें। कहा गया है कि लगातार आयोग की ओर से इस संबंध में आपत्ति जताई जाती रही है कि संबंधित विभाग पूरी जानकारी नहीं भेजते। कार्मिक विभाग ने कहा है कि सभी विभाग जब भी भर्ती का प्रस्ताव भेजेंगे तो उसे आयोग के फार्म 23 में भेजा जाएगा।

इसके अलावा आरक्षण, सीलिंग, दिव्यांग कोटा के अलावा भर्ती नियम की जानकारी संलग्न करनी होगी। इसके अलावा अगर प्रस्ताव भेजने के छह महीने के भीतर कोई और प्रस्ताव भी भेजा गया हो तो उसकी जानकारी देनी होगी, साथ ही बताना होगा कि छह महीने के भीतर ही क्यों दोबारा प्रस्ताव भेजा गया। कोशिश यह है कि भर्ती प्रस्ताव भेजने के दौरान अगले छह महीने से एक साल तक रिक्त होने वाले पदों को शामिल कर प्रस्ताव भेजा जाए। इसके अलावा हर विभाग अवर सचिव से ऊपर के स्तर के अधिकारी का नाम, कार्यस्थल का पता और टेलीफोन नंबर भी देगा ताकि उससे प्रस्ताव पर चर्चा की जा सके। 
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पुरानी पंचायत का आरक्षण स्टेटस ही होगा नई पंचायतों के रोस्टर का आधार

हिमाचल सरकार ने नई गठित पंचायतों और उनके वार्डों का आरक्षण स्टेटस निर्धारित कर दिया है। नई गठित पंचायतों का आरक्षण स्टेटस वही होगा, जो उस पंचायत का था जिससे काटकर अलग बनाई गई है। अगर दो से अधिक वार्डों को मिलाकर एक वार्ड बना हो तो उसमें आरक्षण का स्टेटस उस वार्ड से तय होगा, जिसकी जनसंख्या अधिक थी। 

इसमें यह तय हुआ है कि ऐसे वार्डों और ग्राम पंचायतों का 2010 और 2015 दोनों वर्षों का स्टेटस उसी तरह से निर्धारित होगा। सचिव पंचायतीराज और पंचायतीराज विभाग के निदेशक की ओर से इस बारे में सभी उपायुक्तों और जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में सरकार ने कई नई ग्राम पंचायतें बनाई हैं।

जिला शिमला के कुपवी और जिला मंडी के बालीचौकी में नई पंचायत समितियों का भी गठन किया गया है। इसके नतीजे में वार्डों की सीमाओं के पुनर्निधारण के साथ कुछ नए वार्डों का भी गठन किया गया है। आरक्षण के चक्रानुक्रम को निर्धारित करने के लिए ऐसे वार्डों और ग्राम पंचायतों का पूर्व आरक्षित स्टेटस निर्धारित करना जरूरी है।

इस बारे में यह स्पष्ट किया जाता है कि नए पुनर्गठित वार्ड का गत आरक्षण का स्टेटस वही होगा, जिस वार्ड से ऐसे गठित या पुनर्सीमांकित वार्ड में अधिकतम जनसंख्या ली गई हो। पंचायत चुनाव से पहले ही नवगठित पंचायतों और वार्डों का यह आरक्षण स्टेटस तय कर दिया जाएगा।
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हिमाचल में 900 पंचायतों को सात नवंबर तक करनी होगी वार्ड बंदी

हिमाचल चुनाव आयोग ने राज्य की 900 पंचायतों को 7 नवंबर तक वार्ड बंदी करने के फरमान जारी किए हैं। इस संबंध में बुधवार को आयोग ने जिलों के उपायुक्तों को आदेश जारी किए हैं। पंचायतों के पुनर्गठन से प्रभावित और नई पंचायतों में नए सिरे से वार्ड बंदी के बाद नई वोटर लिस्ट की मैपिंग की जानी हैं।  चुनाव आयोग ने नौ सौ पंचायतों की वार्ड बंदी और वोटर लिस्टों की मैपिंग का काम 7 नवंबर तक करने को कह दिया है। इन पंचायतों में कितने वार्ड बने हैं और किस पंचायत में कितने वोटर हैं।

इस संबंध में आयोग ने मैपिंग का काम तय समय में करने के निर्देश दिए हैं। इन पंचायतों में वार्ड बंदी के बाद की तय होगा कि कितने वोटर किस वार्ड में हैं। इसी आधार पर वोटर लिस्ट तैयार होगी। इस वोटर लिस्ट की मैपिंग के बाद इसे आन लाइन भी उपलब्ध कराना है। इसके बाद इन पंचायतों की वोटर लिस्टों को चुनाव आयोग की साइट पर भी उपलब्ध कराया जाना है। राज्य चुनाव आयोग के चुनाव अधिकारी संजीव महाजन ने कहा कि आयोग ने नौ सौ पंचायतों की वार्ड बंदी और वोटर लिस्टों की मैपिंग को 7 नवंबर तक के आदेश दिए हैं।
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नर्सिंग कॉलेजों, स्कूलों को विकसित करना होगा आधारभूत ढांचा, नहीं तो मान्यता रद्द

हिमाचल में अब नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों को आधारभूत ढांचा विकसित करना होगा। ऐसा न करने पर संस्थान की मान्यता को रद्द कर दिया जाएगा। निजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं अब मेडिकल कॉलेज में प्रैक्टिकल और परीक्षण लेने नहीं आ सकेंगी। इसके लिए प्रबंधन को खुद टीचिंग फैकल्टी के अलावा अन्य व्यवस्था करनी पड़ेगी। सरकार ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से नर्सिंग स्कूल और कॉलेजों के लिए गाइडलाइन तैयार की गई है। इसमें स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आधारभूत ढांचा, सीट और टीचिंग फैकल्टी, लैब आदि शर्तों को अनिवार्य किया गया है। जिन संस्थानों के पास यह आधारभूत ढांचा नहीं होगा, उन कॉलेजों को बंद कर दिया जाएगा।

सरकार नए संस्थान खोलने के बजाय पहले से चल रहे संस्थानों को सुदृढ़ करने जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में 56 नर्सिंग कॉलेज और स्कूल हैं। इनमें करीब 47 निजी नर्सिंग स्कूल हैं, जबकि अन्य सरकारी हैं। हिमाचल के इन नर्सिंग संस्थानों से हर साल करीब 4000 छात्राएं पास आउट होती हैं।

सूबे में हजारों लड़कियों ने नर्सिंग कोर्स किया है, लेकिन उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिली है। अधिकांश लड़कियां निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रही हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि निजी नर्सिंग कॉलेज के पास अपना आधारभूत ढांचा होना अनिवार्य किया है। मेडिकल कॉलेज में निजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं प्रैक्टिकल, प्रेक्टिस के लिए नहीं आएंगी।
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एक बार पास हुआ टेट अब उम्र भर के लिए रहेगा मान्य, एनसीटीई ने किया बड़ा बदलाव

शिक्षक बनने की तैयारी में जुटे प्रदेश के लाखों उम्मीदवारों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। अब एक बार पास हुई अध्यापक पात्रता परीक्षा उम्र भर के लिए मान्य रहेगी। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन ने शिक्षक पात्रता परीक्षा में बड़ा बदलाव कर दिया है। अभी तक सात वर्ष के लिए ही टेट पास उम्मीदवार नौकरी के लिए पात्र थे। केंद्र सरकार से मिली छूट के बाद अब बार-बार टेट पास नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) को उम्रभर के लिए मान्य कर दिया है।

अब तक टेट पास करने पर उम्मीदवार सात वर्ष तक नौकरी के लिए पात्र होता था। इसके बाद उसे शिक्षक बनने के लिए दोबारा परीक्षा देनी पड़ती थी। एनसीटीई द्वारा नियमों में किया गया बदलाव केंद्र के साथ ही राज्यों भी लागू होगा। केंद्र और राज्य एनसीटीई नियमों से टेट करवाते हैं। केंद्र सरकार के लिए सीबीएसई और राज्य अपनी परीक्षा खुद करवाते हैं। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की पिछले दिनों हुई बैठक में टेट के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई।

सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टेट पास करना अनिवार्य है। अब तक एक बार परीक्षा पास करने से सर्टिफिकेट के आधार पर सात साल के अंदर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते थे। अब नए नियम के तहत एक बार परीक्षा पास करने पर उम्रभर के लिए पात्रता मिलेगी। सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को होगा। दरअसल, शादी और बच्चों के चलते वे नौकरी छोड़ देती थीं। अब दोबारा आसानी से नौकरी पा सकेंगी।

जेबीटी, टीजीटी के साथ स्कूल प्रवक्ता के लिए टेट हो गया है अनिवार्य 
नई शिक्षा नीति के लागू होते ही शिक्षक बनने के लिए टेट पास करना सभी के लिए अनिवार्य हो जाएगा। केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति में यह प्रावधान किया है। स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए सिर्फ टेट पास ही आवेदन कर सकेंगे। हिमाचल में अभी तक जेबीटी और टीजीटी बनने के लिए टेट पास होना जरूरी था लेकिन नई नीति लागू होने के बाद स्कूल प्रवक्ता न्यू के लिए भी यह नियम लागू होगा। हिमाचल में जेबीटी और टीजीटी की भर्ती अभी कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से होती है। स्कूल प्रवक्ता न्यू की भर्ती लोक सेवा आयोग करता है।

अगस्त में साढ़े बारह हजार ने पास की परीक्षा 
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अगस्त माह में अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) का परिणाम घोषित किया है। बोर्ड के पास परीक्षा के लिए 48716 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें 43291 ने परीक्षा दी थी। इन अभ्यर्थियों में से 12786 ही टेट उत्तीर्ण कर सके हैं।

साल में दो बार परीक्षा लेता है शिक्षा बोर्ड
हिमाचल में टेट का आयोजन स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला करता है। साल में दो बार इसकी परीक्षा ली जाती है। विभिन्न विषयों में हर साल दो बार अध्यापक पात्रता परीक्षा ली जाती है।
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