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नवमी तिथि पर क्यों किया जाता है कन्या पूजन, जानें महत्व
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नवमी तिथि पर क्यों किया जाता है कन्या पूजन, जानें महत्व

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पूर्व न्यायाधीश डोगरा बने हिमाचल मानव अधिकार आयोग के सदस्य

हिमाचल के जिला हमीरपुर के वार्ड नंबर 3 निवासी पूर्व न्यायाधीश अवतार चंद डोगरा को प्रदेश सरकार ने आगामी 3 वर्ष के लिए हिमाचल प्रदेश मानव अधिकार आयोग का...

22 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

कुल्लू दशहरा महोत्सव आज से, 48 साल बाद नहीं होगा भव्य देव-मानस मिलन

अंतरराष्ट्रीय लोकनृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा आज से सात दिन के लिए शुरू होने जा रहा है। इस बार उत्सव में देव परंपराओं का निर्वहन तो होगा, लेकिन 48 साल बाद देवी-देवताओं के इस महाकुंभ में देव-मानस का भव्य मिलन नहीं होगा। भगवान रघुनाथ की अगवाई वाले दशहरे में सैकड़ों देवी-देवताओं की जगह इस बार मात्र सात देवी-देवता ही शिरकत करेंगे।

मनाली से राज परिवार की दादी माता हिडिंबा दशहरे में शिरकत करने के लिए निकल चुकी हैं। वर्ष 1972 के बाद पहली बार मात्र 200 लोग रघुनाथ के रथ को खींचेंगे। हालांकि 1971 को हुए गोलीकांड के चलते अगले साल दशहरे में रघुनाथ शामिल नहीं हो पाए और ढालपुर में रथयात्रा का भव्य आयोजन भी नहीं हो सका था। 25 से 31 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले दशहरे का विधिवत शुभारंभ पहली बार भगवान रघुनाथ की रथयात्रा से होगा।

रविवार दोपहर दो बजे पालकी में सवार होकर रघुनाथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर पुलिस के कड़े पहरे के साथ मैदान में आएंगे। दोपहर बाद शाम करीब चार बजे माता भुवनेश्वरी भेखली और माता जगन्नाथी भुवनेश्वरी का इशारा मिलते ही रथयात्रा शुरू होगी। भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि रघुनाथ की यात्रा में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी कारकून और देवलु मास्क पहनकर आएंगे।

हिडिंबा समेत सात देवी-देवता पहुंचेंगे दशहरे में
दशहरा उत्सव में खराहल घाटी के बिजली महादेव, राजपरिवार की दादी माता हिडिंबा, नग्गर की माता त्रिपुरा सुंदरी, खोखन के देवता आदि ब्रह्मा, पीज के जमदग्नि ऋषि, रैला के लक्ष्मी नारायण और ढालपुर के देवता वीरनाथ (गौहरी) शामिल होंगे। 

1650 को अयोध्या से लाई गई थी रघुनाथ की मूर्ति
1650 को अयोध्या से लाए गए भगवान रघुनाथ की मूर्ति के बाद ढालपुर में दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाता है। तब से लेकर जिला के सैकड़ों देवी-देवता भगवान रघुनाथ की अध्यक्षता में मनाए जाने वाले कुल्लू दशहरा में शिरकत करते आ रहे हैं। दशहरा का आयोजन 370 सालों से चला आ रहा है।

रथयात्रा में 200 लोग ही होंगे शामिल
रथयात्रा में सभी सात देवी-देवताओं के 15-15 लोग कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट के साथ भाग लेंगे। कोई भी लोग देवी-देवताओं के पास नहीं जाएंगे। पुलिस ने पांच जगह नाके लगाए हैं, जहां बाहर से आने वाले लोगों को वापस भेजा जाएगा।
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भगवान रघुनाथ भगवान रघुनाथ

19 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा आईपीएच का एसडीओ

हिमाचल के कांगड़ा जिले में विजिलेंस टीम ने शनिवार देर रात जल शक्ति विभाग यानी आईपीएच के एक एसडीओ को 19000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। विजिलेंस ने जाल बिछाकर कांगड़ा जिले के जल शक्ति विभाग उपमंडल मनेई के एसडीओ कमल कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है। इसकी पुष्टि विजिलेंस धर्मशाला के डीएसपी बलबीर जसवाल ने की है। बलबीर जसवाल ने बताया कि शुक्रवार को जल शक्ति विभाग के ठेकेदार अजय कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एसडीओ उनके रिश्वत की मांग कर रहा है। ठेकेदार के खाते में विभाग की ओर से सरकारी विकास कार्य करने की एवज में 20,000 रुपये की राशि डाली गई थी।

डीएसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार एसडीओ दवाब डाल रहा था कि 20000 रुपये की राशि उसे दे दी जाए। ठेकेदार ने यह बात विजिलेंस को बता दी। इसके बाद विजिलेंस की ओर से जाल बिछाया गया और ठेकेदार ने एसडीओ के साथ 19000 रुपये में डील फाइनल कर ली। दोनों में बात तय हुई कि शनिवार देर शाम सलोल के पास रिश्वत की राशि दी जाएगी। सलोल के पास एसडीओ ने जैसे ही अपनी गाड़ी रोककर ठेकेदार से 19000 रुपये रिश्वत की राशि ली तो विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान खुद विजिलेंस के डीएसपी बलबीर जसवाल मौके पर मौजूद रहे।
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हिमाचल: दुर्गा अष्टमी पर महिला अफसर को हवन-यज्ञ करने से रोका, जानें फिर क्या हुआ

दुर्गा अष्टमी पर हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित मां शूलिनी के दरबार में महिला आईएएस अफसर रितिका जिंदल को हवन यज्ञ करने से रोक दिया। पंडितों ने तर्क दिया कि कोई भी महिला हवन में हिस्सा नहीं ले सकती। पंडितों ने यह पाठ उस महिला अधिकारी को पढ़ाया, जो आईएएस हैं और कार्यकारी तहसीलदार होने के साथ मंदिर अधिकारी भी हैं।  

रितिका ने अष्टमी पर वहां मौजूद पंडितों को न केवल समानता का पाठ पढ़ाया, बल्कि हवन में भाग भी लिया। एक ओर अष्टमी पर मंदिर में कन्याओं का पूजन किया जाता है। नारी के सम्मान के लिए बड़ी-बड़ी बातें की जाती है, लेकिन शूलिनी मंदिर में हुई यह घटना बताती है कि आज भी समाज में महिलाओं को समानता की दृष्टि से नहीं देखा जाता। स्वयं नारी के रूप में विराजमान शूलिनी देवी के मंदिर में जब एक महिला ने इस पूजा में भाग लेने का आग्रह किया तो उन्हें रोक दिया गया। 
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प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगेगी लगाम, हिमाचल सरकार खुद तय करेगी दाम

हिमाचल में बढ़ती प्याज की कीमतों के चलते अब प्रदेश सरकार खुद रेट तय करेगी। हिमाचल में प्याज थोक भाव 30 से 35 रुपये प्रति किलो मिल रहा है, लेकिन बाजारों में इसे 70 से 80 रुपये प्रतिकिलो बेचा जा रहा है। सरकार इस मामले को आगामी कैबिनेट बैठक में लाने जा रही है। सरकार या तो प्याज के दाम पर अंकुश लगाएगी या छापेमारी तेज करने के साथ रेट तय करने या फिर डिपो में सस्ते दामों में लोगों को प्याज उपलब्ध कराएगी। सरकार के पास प्याज के दामों पर नियंत्रण के लिए उक्त विकल्प हैं। 

खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बताया कि कैबिनेट में यह मामला तय होना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कालाबाजारी, जमाखोरी रोकने को सरकार ने कमेटी तय करने के निर्देश दिए है। डीएफसी की अध्यक्षता में बाजार में छापेमारी की जाएगी। इसमें दुकानें ही नहीं, गोदामों को भी चेक किया जाएगा। सरकार को शिकायतें मिल रही हैं कि जैसे-जैसे प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं, वैसे ही कारोबारी प्याज की जमाखोरी करने में लगे हैं। इससे भी प्याज के दाम बढ़ रहे हैं।
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पंचायती चुनाव ड्यूटी 12 किलोमीटर के दायरे में लगाने की तैयारी

प्याज
हिमाचल पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनाव में ब्लाक के कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी लगेगी। पंचायत चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी 12 किलोमीटर के दायरे में लगाने की तैयारी है। इससे कर्मचारियों के आने जाने का समय और धन भी बचेगा। उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग विधानसभा चुनाव में जिले से बाहर कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगता रहा है।

राज्य चुनाव आयोग के अधिकारी बताते हैं कि पंचायती राज संस्थाओ के चुनाव निचले स्तर पर होते हैं और इसके लिए व्यवस्था करना भी काफी कठिन रहता है। पंचायत के चुनाव में संभव नहीं है कि जिलों से बाहर के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा सके।

पंचायत चुनाव के दौरान वाहनों और कर्मचारियों की आवाजही कम से कम हो और दूरी भी ज्यादा न हो। इसे ध्यान में रखने हुए चुनाव आयोग ब्लाकों के अंदर से ही कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगाएगा।

चुनाव के बाद मतगणना के लिए ज्यादा परेशानी न हो। इस कारण से कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगाने में काफी कसरत की जा रही है। इस बात का ध्यान भी आयोग रख रहा है कि पंचायत चुनाव के लिए मतपतेटियों को लेजाने और वापस लाने के लिए भी ज्यादा परेशानी न हो।
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बाहरा विवि ने निष्कासित किए दो शिक्षक, आयोग ने तलब की रिपोर्ट

बाहरा विश्वविद्यालय से दो शिक्षकों को निष्कासित करने के मामले में निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने विवि प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है। सोलन जिला में स्थित निजी विवि प्रबंधन ने ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लेने पर शिक्षकों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। उधर, आयोग के पास शिकायत लेकर पहुंचे शिक्षकों की मांग पर निजी विवि से जवाबतलब किया गया है।

बाहरा विवि की ओर से लंबित वेतन जारी नहीं होने के शिक्षक आरोप लगा चुके हैं। कुछ माह पहले स्टाफ हड़ताल पर भी चला गया था। हड़ताल के समय के वेतन को लेकर भी एक मामला आयोग के पास विचाराधीन है। विवि के कुलपति ने सुप्रीम कोर्ट के ‘नो वर्क नो पे’ का हवाला देते हुए अपनी कार्रवाई को सही बताया है।


उनका कहना है कि इन दोनों शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षाएं लेने और परीक्षाएं लेने को कहा गया लेकिन इससे इनकार कर दिया। इसके चलते विवि को कार्रवाई करनी पड़ी है। उधर, आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक का कहना है कि शिक्षकों की शिकायत पर विवि प्रबंधन से जवाब मांगा गया है।
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बिलासपुर-लेह रेललाइन के सर्वे के लिए तुर्की की टीम को भारत आने की मिली अनुमति

बिलासपुर-लेह रेल लाइन के सर्वे को तुर्की के जियोलॉजिस्टों को भारत आने की अनुमति मिल गई है। अभी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा बंद है लेकिन इस परियोजना के महत्व को समझते हुए सरकार ने तुर्की के सीनियर जियोलॉजिस्टों को विशेष अनुमति दी है।

परियोजना निदेशक के आग्रह पर सरकार ने यह अनुमति दी है। अपने एक माह के दौरे के दौरान टीम लद्दाख से बैरी तक रिफाइन सर्वे पूरा करेगी। वहीं, जियोलॉजिकल मैपिंग सहित टनल और पुलों के लिए पक्के पहाड़ों टेस्टिंग करेगी।

सामरिक, सुरक्षा और पर्यटन की दृष्टि से रक्षा मंत्रालय का अति महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बिलासपुर-लेह रेललाइन का लेडार सर्वे पूरा हो चुका है। जियोलॉजिकल मैपिंग और जियोलॉजिकल टेस्टिंग के लिए तुर्की से अंतरराष्ट्रीय सीनियर जियोलॉजिस्ट हिमाचल आने थे।

लेकिन कोरोना की वजह से अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा बंद हो गई और यूक्सेल तुर्की कंपनी की जूनियर टीम को ही यह सर्वे पूरा करना पड़ा। लेकिन प्रोजेक्ट के महत्व को समझते हुए रेललाइन के परियोजना निदेशक हरपाल सिंह ने तुर्की की टीम को भारत लाने के लिए सरकार से विशेष आग्रह किया गया था।

नवंबर के पहले हफ्ते टीम हिमाचल पहुंचेगी। यह टीम यहां एक माह तक रुकेगी और रेललाइन के सर्वे की रिफाइन रिपोर्ट तैयार करेगी ताकि भविष्य में इसके निर्माण के लिए किसी समस्या का सामना न करना पड़े। रेललाइन अलाइनमेंट में जहां-जहां संशय है, टीम उस पर काम करके उसे क्लीयर करेगी। - हरपाल सिंह, परियोजना निदेशक 
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28 अक्तूबर से जियो टीवी से भी पढ़ाई, पहले चरण में तीन चैनल होंगे शुरू

स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए 28 अक्तूबर से जियो टीवी से भी पढ़ाई शुरू हो जाएगी। पहले चरण में पढ़ाई के लिए तीन चैनल शुरू होंगे। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर योजना का शुभारंभ करेंगे। पहली से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई में इस माध्यम से मदद मिलेगी। इसके अलावा वोकेशनल और डिप्लोमा इन एलीमेंट्री के पाठ्यक्रम को भी जियो टीवी के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।

समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि जियो टीवी पांच चैनलों के माध्यम से पढ़ाई करवाएगा। पहले चरण में तीन चैनल शुरू किए जा रहे हैं। पहला चैनल प्री प्राइमरी से आठवीं कक्षा तक के लिए है। दूसरा नौवीं से बारहवीं और तीसरा चैनल वोकेशनल कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। चौथे चैनल पर डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन के छात्रों की पढ़ाई करवाई जाएगी।

पांचवां चैनल पढ़ाई से हटकर होगा। इस चैनल पर विभाग जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा। स्वच्छता अभियान, कोरोना महामारी से कैसे बचाव किया जा सकता है, फिट इंडिया मूवमेंट के वीडियो इस पर शेयर किए जाएंगे। जियो सावन पर नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए आडियो कार्यक्रम चलेंगे।

जियो टीवी पर हर घर पाठशाला कार्यक्रम चलाया जाएगा। इन चैनलों को मोबाइल फोन पर कभी भी, कहीं भी देखा जा सकेगा।  शिक्षण सामग्री का डिजिटल कंटेंट 24 घंटे इन चैनलों पर रहेगा। उन्होंने बताया कि रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के साथ अगस्त में इसको लेकर एमओयू साइन हो चुका है।
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तीन गुना बढ़ गए प्याज के बीज के दाम, कम पहुंची बीज की खेप

देशभर में आसमान छू रहे प्याज के दामों के साथ ही इसका बीज भी तीन गुना महंगे मिल रहा है। पिछले साल 500 रुपये प्रति किलो बिकने वाला अच्छी किस्म का प्याज का बीज इस बार 1650 रुपये प्रति किलो के हिसाब से किसानों को बीज विक्रय दुकानों में मिल रहा है। दूसरी ओर सरकारी विक्रय केंद्रों में भी प्याज के बीज मांग के अनुरूप नहीं पहुंचे हैं। इसके चलते किसानों को निजी दुकानों में महंगे दामों पर प्याज का बीज लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

270 रुपये प्रति किलो बिकने वाले बीज के दाम भी 1250 रुपये तक पहुंच गए हैं। इसका कारण बीज तैयार करने के दौरान कोरोना महामारी का फैलना और अब प्याज के लगातार बढ़ रहे दाम बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिले के किसानों को इस बार सरकारी विक्रय केंद्रों में सब्सिडी पर बीज नहीं मिल पाया है। इसका कारण बीज की अधिक मांग व मांग के अनुरूप बीज का विक्रय केंद्रों में न पहुंचना है।

सूत्रों की मानें तो जिला कांगड़ा में 17-18 क्विंटल बीज की खपत हो चुकी है, जबकि अभी भी कई किसान विक्रय केंद्रों में पहुंच रहे हैं, जहां से उन्हें बीज न मिलने पर मायूसी हाथ लग रही है। मधुवाला, रक्षा देवी, सलोचना और अन्य ने बताया कि सरकारी विक्रय केंद्रों में प्याज का बीज न मिलने के कारण उन्हें महंगे दामों पर निजी दुकानों से खरीदारी को मजबूर होना पड़ा है। 

महंगे हैं, पर उपलब्ध हैं बीज
जिले के बागबान और बीज विक्रेता बलबीर सैणी ने बताया कि इस बार प्याज के बीजों की मांग बहुत अधिक है। मांग अधिक होने के कारण दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि मांग अधिक होने के बावजूद प्याज के बीजों की कोई कमी नहीं है।

इस बार प्याज के बीज की अधिक मांग है। जिले के सभी विक्रय केंद्रों में प्याज का बीज मुहैया करवाया गया है। विभाग ने प्याज के और बीज की मांग की है। - डॉ. पीसी सैणी, उपनिदेशक, कृषि विभाग कांगड़ा।
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