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नक्सलियों को ढेर करने वाले बिलासपुर के मनोज को सेना मेडल

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के मलहोट गांव के मनोज कुमार को उनकी वीरता के लिए सेना मेडल से नवाजा गया है।

23 जुलाई 2021

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Digital Edition

हिमाचल प्रदेश: भूस्खलन की वजह से चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद, मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन ने कहर बरपा रखा है। राज्य में भूस्खलन के कारण कई जगह रास्ते बंद हैं, मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-3 बंद है। इसके अलावा कई जगह मकान भी गिरने की खबर है। शिमला में ढारे ढहने से एक बच्ची घायल हो गई है। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

जानकारी के अनुसार, मंडी जिले के पंडोह क्षेत्र के पास भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-3 अस्थाई तौर पर बंद है। मंडी पुलिस का कहना है कि हाईवे की बहाली का काम जारी है। 

मंडी पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री का कहना है कि बीती रात से हाईवे बंद है। पत्थर की चपेट में आने से सड़क पर खड़ा एक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। नेशनल हाईवे-3 पर वाहनों की लंबी कतार है और वैकल्पिक मार्ग से कटौला होते हुए यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है। 

इसके अलावा, राजधानी शिमला में बारिश की वजह से ढारे ढहने से नौ साल की लड़की घायल हो गई है। वहीं, रुलदू भट्टा के पास बरसात के कारण डारा गिर गया। गनीमत ये रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया। 

मौसम विभाग की एडवाइजरी के बाद ही शिमला आए पर्यटक
राजधानी शिमला घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि पर्यटक मौसम विभाग की जारी एडवाइजरी के बाद ही शिमला घूमने आएं। पुलिस ने इस दौरान लोगों से वाहनों को पहाड़ी के साथ ना लगाने की हिदायत भी दी है।
 
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पत्थर की चपेट में आया वाहन पत्थर की चपेट में आया वाहन

एचपीयू में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प, चले लात-घूंसे, फटे कपड़े

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के सेवाविस्तार को रद्द करने, शिक्षक भर्ती की न्यायिक जांच और आम छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए शनिवार को एनएसयूआई ने राजधानी शिमला में उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच लात-घूंसे भी चले और छात्र नेताओं के कपड़े भी फटे। बारिश के बीच तीन घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन चलता रहा। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां भी दीं। कार्यकर्ताओं ने सचिवालय और विधानसभा के घेराव की भी चेतावनी दी। एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर, विवि इकाई अध्यक्ष प्रवीण मिन्हास और वीनू मेहता सहित अन्य नेताओं की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने दोपहर एक बजे चौड़ा मैदान से लेकर कुलपति कार्यालय तक झंडे उठाकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। यहां कार्यकर्ताओं ने कड़े पुलिस और क्यूआरटी के पहरे के बावजूद वीसी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया, जिस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस जवानों के बीच डेढ़ बजे से साढ़े चार बजे तक जमकर धक्का-मुक्की हुई।
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हिमाचल: खालिस्तान समर्थक गुरपखवंत सिंह पन्नु के खिलाफ एफआईआर दर्ज

पंजाब में अस्थिरता लाने की असफल कोशिश के बाद हिमाचल प्रदेश की ओर रुख करने वाले खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने पत्रकारों को अमेरिका और कनाडा के नंबरों से फोन कॉल कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को 15 अगस्त को झंडा न फहराने देने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर गुरपखवंत सिंह पन्नू के खिलाफ दर्ज की गई है, जिसके नाम से कॉल के दौरान रिकॉर्ड किया गया मैसेज सुनाया गया था।

इस कॉल और भेजे गए संदेश की जांच आतंकी गतिविधि के एंगल से की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि आरोपी गुरपखवंत सिंह खालिस्तान समर्थक गुट सिख्स फॉर जस्टिस का सदस्य है। इस संगठन को भारत सरकार ने 2019 में भारी विरोधी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। इस संगठन का नेटवर्क विदेशों में है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि सभी कॉल वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के तहत की गई थीं।

कॉल की जांच की जा रही है। साथ ही रिकॉर्डिंग की वॉयस स्पेक्टोग्राफी भी कराई जाएगी। इस जांच में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों पंजाब से सटे हिमाचल के नयनादेवी इलाके के मील पत्थरों पर शरारती तत्वों ने लिख दिया था कि इस जगह से खालिस्तान की हद शुरू होती है। इस मामले में भी हिमाचल पुलिस जांच कर रही है।
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हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने के आसार, सदन में गूंजेंगे 800 से ज्यादा सवाल

पुलिस (फाइल फोटो)
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इसके हंगामेदार रहने के आसार हैं। विधानसभा सचिवालय के पास 800 से ज्यादा सवाल पहुंच चुके हैं। कोविडकाल में अव्यवस्था, बेरोजगारी, सड़कों की बदहाली, रिक्तियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल संकट, आर्थिक बदहाली, कृषि, परिवहन जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न सदन में गूंजेंगे। आगामी लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव को लक्षित कर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही हमलावर रुख में नजर आएंगे। दो अगस्त को शुरू होने जा रहा यह मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। इसमें 10 बैठकें होंगी। 

राज्य विधानसभा का यह सत्र दोपहर बाद दो बजे शुरू होगा। पहले दिन केवल शोकोद्गार होगा। सिटिंग विधायकों वीरभद्र सिंह और नरेंद्र बरागटा के देहांत के शोकोद्गार से यह मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। सदन के नेता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक शोकोद्गार प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके बाद अन्य विधायक भी शोक प्रस्ताव रखेंगे।

प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आमतौर पर एक हफ्ते से भी कम समय में निपट जाता है। इस बार इसकी 10 बैठकें रखी गई हैं। कोरोना काल में बजट सत्र में निर्धारित से कम बैठकें हुईं। इससे एक वर्ष के लिए तय बैठकों का आंकड़ा पूरा करने के लिए अगले सत्रों की बैठकें बढ़ाई जा रही हैं। मानसून सत्र में बैठकें बढ़ाए जाने का कारण भी यही बताया जा रहा है। आगे शीत सत्र भी पहले से लंबा हो सकता है। 

भाजपा ने मानसून सत्र शुरू होने से पहले विधायक दल की बैठक बुलाने के बजाय इसे अब सोमवार शाम को 7:30 बजे पीटरहॉफ में बुलाया है। कांग्रेस एक दिन पहले रविवार को ही विलीज पार्क में विधानसभा के मानसून सत्र की रणनीति बनाएगी। 

मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार सर्वदलीय बैठक लेंगे। यह बैठक प्रदेश विधानसभा परिसर में होगी। इसमें सत्तारूढ़ दल, विपक्ष और निर्दलीय विधायक मौजूद होंगे। स्पीकर परमार इस बैठक में प्रतिनिधियों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण चलने देने की अपील करेंगे। 
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बारिश से तीन घंटे बंद रहा एनएच-305, लाहौल व कुल्लू में सर्च ऑपरेशन जारी

कुल्लू जिला में बारिश का कहर जारी है। शनिवार सुबह से बारिश का हो रही है। घियागी के समीप चट्टानें सड़क पर आने से एनएच-305 करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। इसके साथ ही जिला में 15 से अधिक सड़कें भूस्खलन के कारण बंद हैं। लगातार बारिश के चलते सेब तुड़ान प्रभावित हुआ है।

बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लाहौल-स्पीति जिला के शांशा और जाहलमा नाले में पुल गिर जाने के बाद अस्थायी सड़क का निर्माण शुरू हो गया है। फिलहाल नाले से होकर ही सड़क निकाली जाएगी। इसके बाद लाहौल में फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू किया जाएगा। स्थानीय लोग रेस्क्यू अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर लाहौल नहीं जा पा रहा है।

वहीं तोजिंग नाले में लापता हुए लोगों को तलाशने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। एनडीआरएफ, बीआरओ की टीमें लापता लोगों की तलाशी में जुटी हैं। कुल्लू के ब्रह्मगंगा नाले में बादल फटने से लापता लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। एसपी गुरदेव शर्मा ने कहा कि पार्वती नदी में लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
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महिला से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

जिला कांगड़ा के शाहपुर के ठंबा गांव में अधेड़ महिला के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के आरोपी पर दोष साबित होने पर अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी ने शाहपुर के ठंबा गांव में जंगल गई महिला को दुष्कर्म के बाद मौत के घाट उतारा था। दोषी को सजा धर्मशाला स्थित न्यायाधीश जेके शर्मा की विशेष अदालत ने सुनाई है। जिला न्यायवादी भुवनेश शर्मा ने बताया कि पुलिस थाना शाहपुर के अंतर्गत ठंबा गांव के जंगल में 14 मार्च 2018 को एक अधेड़ महिला का शव बरामद हुआ था।

पुलिस थाने में मृतक महिला के बेटे ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 14 मार्च, 2018 को दोपहर बाद उसकी मां जंगल से झाड़ू बनाने के लिए खजूर की पत्तियां लाने गई थी। उसने बताया कि देर शाम तक जब वह जंगल से वापस नहीं आई तो वह उनकी तलाश में जंगल में गया था। देर रात को जब वह जंगल में अपनी मां की तलाश कर रहा था तो श्मशानघाट के समीप उसकी मां का शव बरामद हुआ तथा उसका सिर खून से पूरी तरह से लथपथ था।

इस पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच को आरंभ किया। जांच के दौरान वहां पर डेरा लगाने वाले गडरिये सहित एक अन्य युवक को भी हिरासत में लिया गया। इस पर पता चला कि आरोपी कृष्ण सिंह 14 मार्च, 2018 को गडरिये के डेरे में आया था और वहां पर शराब पी। इसके बाद आरोपी के ही गांव का एक अन्य युवक वहां पर पहुंचा और उसके साथ वह अपने घर को चला गया। लेकिन, बीच रास्ते में उसने महिला को देखा और दूसरे युवक को घर जाने के लिए कहा।

इस दौरान आरोपी कृष्ण ने महिला के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और उसके विरोध करने पर पत्थर से उसके सिर पर वार कर दिया, जिससे महिला की मौत हो गई। इस वारदात के बाद कृष्ण सिंह मौके से फरार हो गया तथा 16 मार्च, 2018 को पुलिस ने उसको भटेच्छ के जंगल से गिरफ्तार किया। पुलिस जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाह पेश किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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वार्डन ने गैर कानूनी तरीके से अपने पास रखे हॉस्टल के कमरे, आयोग तल्ख

एक वार्डन की ओर से सरकारी कमरों को गैर कानूनी तरीके से अपने पास रखने पर राज्य सूचना आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा कि कमरों का किराया और बिजली बिल वगैरह भी अभी तक चुकता नहीं किए गए हैं। ऐसे में इस मामले को अथॉरिटी की ओर से प्रशासनिक रूप से देखे जाने की जरूरत है। इन निर्देशों के साथ इस अपील का निपटारा किया जाता है। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक का इस संबंध में ध्यान लाया जाता है, वह इसे देखें। 

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान की आरटीआई अदालत में इस अपील का निपटारा किया गया। अल्पना अग्रवाल बनाम प्रधानाचार्य डाइट की इस अपील पर सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि यह सूचना डाइट नाहन के छात्रावास के वार्डन से संबंधित मांगी गई है। इसमें पूछा कि वार्डन ने क्या हॉस्टल के कमरों को क्या खाली किया है। कितने कमरों को वार्डन ने अपने पास ले रखा है। संबंधित कमरों का किराया, बिजली शुल्क आदि चुकता किया है कि नहीं।

इससे संबंधित अन्य जानकारी भी मांगी गई। उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा नाहन ने डाइट के प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि संबंधित सूचना को प्रधानाचार्य आवेदक को पांच दिन में निशुल्क जारी करे। हालांकि, ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई। अब आयोग के पास इस अपील को प्रथम अपीलीय अथॉरिटी के आदेश को लागू नहीं करने पर किया गया है।

अंतिम आदेश के तहत जनसूचना अधिकारी को एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया कि क्यों न आरटीआई एक्ट के तहत यह वांछित सूचना नहीं देने पर पेनल्टी लगाई जाए। आयोग ने यह भी कहा कि अगर जनहित का मामला है तो थर्ड पार्टी सूचना को दिया जा सकता है। प्रधानाचार्य ने कहा कि थर्ड पार्टी सूचना के इस तथ्य के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। ऐसे उन्हें चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बरते जाने की सूरत में पेनल्टी लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
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जूनियर टीमेट को अब तीन साल में पदोन्नत करेगा बिजली बोर्ड

राज्य बिजली बोर्ड में कार्यरत जूनियर टीमेट की पदोन्नति समयावधि पांच से घटाकर तीन वर्ष की जाएगी। तकनीकी कर्मचारियों को मोबाइल भत्ता दिया जाएगा। विभिन्न श्रेणियों की ग्रेड पे विसंगतियों को दूर किया जाएगा। माइक्रो पावर हाउस में कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति लाभ दिया जाएगा। 

बिजली बोर्ड प्रबंधन के साथ तकनीकी कर्मचारी संघ की बैठक में ये फैसले लिए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा और बिजली बोर्ड के अध्यक्ष आरडी धीमान ने 15 दिनों के भीतर इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।

तकनीकी कर्मचारी संघ ने वर्तमान में चल रहे संघर्ष को आगामी 15 दिनों के लिए टाल दिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष दूनी चंद ठाकुर ने समस्त तकनीकी कर्मचारियों से अपील की है कि वे आगामी आदेशों तक काले बिल्ले लगाकर विरोध करने की योजना को स्थगित कर दें। 

दूनी चंद ने बैठक आयोजित करवाने के लिए मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री का भी आभार व्यक्त किया है। बैठक में संघ के प्रदेश संयोजक सुनील शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मदन ठाकुर, प्रताप राव, वित्त सचिव रणबीर सिंह, सालिग राम और मुख्य सलाहकार सुरेंद्र पराशर मौजूद रहे। 
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