शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Apr 2025 08:22 PM IST
Link Copied
सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन संबधित सीटू ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड व ऋत्विक प्रबंधन द्वारा मज़दूरों के अधिकारों को कुचलने को लेकर परियोजना का काम बंद कर हड़ताल की। मजदूर नेताओं ने मजदूरों को संबधित करते हुए कहा कि सुन्नी डैम हाइड्रो में सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड व ऋत्विक प्रबंधन द्वारा श्रम कानूनों की खुली उल्लंघना की जा रही है। परियोजना में मजदूरों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है, मज़दूरों से कुशल श्रेणी का काम करवाया जा रहा है और वेतन अकुशल श्रेणी का दिया जा रहा है। अवकाश वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूरों को आई कार्ड नही है। मज़दूरों का ईपीएफ जमा नही किया जा रहा है। पीने के पानी और रहने की उचित व्यवस्था नही है। इन सभी मांगों पर यूनियन पदाधिकारियों व कंपनी प्रबंधन के मध्य लगभग दो घंटे वार्ता चली। वार्ता में मजदूरों की मांगों को पूर्ण करने पर सहमति बनी। आपसी सहमति पर कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों को साल में तीस दिन लीव सैलरी का भुगतान करने का निर्णय लिया है। कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों को प्रतिमाह एक हजार रुपए का धूल भत्ता देने का निर्णय लिया है। मजदूरों को श्रेणी अनुसार वेतन दिया जाएगा। सभी मजदूरों के ईएसआई पंजीकरण की प्रक्रिया तीन दिन के भीतर पूर्ण की जाएगी। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर समझौते को पूर्ण रूप से लागू न किया गया तो एक मई को प्रदर्शन होगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।