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Jodhpur News: Pakistani Hindu refugees thanked Indian government, were worried since Pahalgam attack
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Jodhpur: पाक हिंदू विस्थापितों ने सरकार को कहा शुक्रिया; बोले- अब चैन की नींद आएगी, पहलगाम हमले से थे चिंतित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: जोधपुर ब्यूरो Updated Sat, 26 Apr 2025 08:38 PM IST
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देशभर में आक्रोश की लहर चल रही है। इसी के साथ भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश ने पश्चिमी राजस्थान, खासकर जोधपुर में रह रहे पाकिस्तानी हिंदू विस्थापितों के बीच बेचैनी और भय का माहौल पैदा कर दिया था। आदेश के तहत 48 घंटे के भीतर पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था, जिससे विस्थापित परिवारों की नींद उड़ गई थी।
लेकिन अब भारत सरकार द्वारा दी गई राहत के बाद इन विस्थापितों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। शनिवार को जोधपुर के विदेशी नागरिक पंजीयन कार्यालय (FRRO) पर बड़ी संख्या में पाक हिंदू विस्थापित पहुंचे और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी पीड़ा को समझा और उन्हें यहां रहने का अवसर दिया, जिसके लिए वे दिल से आभार प्रकट करते हैं।
राहत मिलते ही छलके जज्बात
पिछले कुछ दिनों से जोधपुर के पाक हिंदू विस्थापित गहरे तनाव में थे। कई परिवारों ने बताया कि आदेश के बाद उनकी रातों की नींद उड़ गई थी। भोजन तक करना मुश्किल हो गया था। एक बुजुर्ग ने भावुक होकर कहा कि वह कई रातों से सो नहीं पाए थे, हर पल यही डर सता रहा था कि कहीं उन्हें फिर से उस नरक जैसी जिंदगी में न लौटना पड़े, जिससे वे बड़ी मुश्किल से भाग कर आए थे।
लेकिन अब जब सरकार ने उन्हें राहत दी और लॉन्ग टर्म वीजा के लिए आवेदन की सुविधा दी, तो उनके चेहरों पर सुकून लौट आया। विस्थापितों ने इस बात का भी शुक्रिया अदा किया कि सरकार ने छुट्टी के दिन भी कार्यालय खोलकर उनके आवेदन स्वीकार किए, जिससे उन्हें यह भरोसा मिला कि भारत उनकी नई स्थायी जमीन बन सकता है।
‘धार्मिक उत्पीड़न से बचकर भारत आए हैं विस्थापित’
पाकिस्तान से आए इन हिंदू शरणार्थियों ने बताया कि वहां उन्हें धार्मिक आधार पर प्रताड़ना झेलनी पड़ी थी। कई परिवार अपनी जान बचाकर सीमापार भारत पहुंचे हैं। एक विस्थापित ने कहा कि भारत उनके लिए एक आशा की किरण है, जहां उन्हें अपने धर्म और अस्तित्व के साथ सम्मानपूर्वक जीने का मौका मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि वे भारत में रहकर एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित जीवन चाहते हैं। यहां की सरकार और अधिकारियों का रवैया देखकर उनमें एक नया विश्वास जगा है। लॉन्ग टर्म वीजा के लिए आवेदन करने वाले इन विस्थापितों की अब यही मांग है कि उन्हें स्थायी नागरिकता मिल जाए ताकि वे बिना डर के अपनी जिंदगी को आगे बढ़ा सकें।
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