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Digital Edition

राजस्थान: जोधपुर की सेंट्रल जेल में मिले मोबाइल और कंडोम, अधिकारी हैरान

अक्सर जेलों से खबर आती हैं है कि कैदियों के पास से मोबाइल या कोई अन्य अवैध चीज पकड़ी गई। लेकिन इस बार राजस्थान के जोधपुर की सेंट्रल जेल में तलाशी के दौरान कंडोम मिले हैं। इससे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं कि जेल में कंडोम क्या काम..

जेल प्रशासन ने सोमवार रात तलाशी अभियान चलाया, इस दौरान बैरक संख्या तीन से दो पैकेट बरामद हुए जिनमें दो-दो मोबाइल मिले, उन्हीं पैकेट से कंडोम मिले। ये देखकर प्रशासन हैरान रह गया। जेल प्रशासन ने जोधपुर के रातानाडा थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

कंडोम को देखकर अधिकारी भी सकते हैं, जोधपुर की सेंट्रल जेल देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक है। यहां जेल प्रशासन काफी चुस्त रहता है। चैकिंग के दौरान मोबाइल, अवैध खान पान के होने का पता चला था। लेकिन जेल में कंडोम मिलने का यह पहला मामला है। पुलिस ने इस मामले को लेकर जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी जेल से अवैध चीजों पुलिस ने पकड़ा हो। इससे पहले भी राजस्थान पुलिस और जेल प्रशासन के चेकिंग करने पर 17 मोबाइल मिले थे। वहीं बार-बार इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल मिलना जेल प्रशासन से जुड़े लोगों पर ही सवाल खड़े करता है। जोधपुर जेल में ही आसाराम अपनी सजा काट रहा है।
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ऑनलाइन ठगी: महिला मित्र ने असली सोना देकर फेसबुक पर फंसाया, फिर ठग लिए 10 लाख रुपये

जोधपुर में भीषण सड़क हादसा : दो महिलाओं समेत दिल्ली के पांच यात्रियों की मौत, सीएम गहलोत ने जताया दुख

राजस्थान के जोधपुर में शनिवार सुबह एक पर्यटक बस और ट्रक की भिडंत हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में दो महिलाओं समेत पांच यात्रियों की मौत हो गई और छह बच्चों समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। 

बस में दिल्ली से आए पर्यटक सवार थे। सभी पर्यटक जैसलमेर से घूमकर वापस लौट रहे थे। तभी सुबह गाडना गांव के पास उनकी मिनी एक ट्रोले से जा भिड़ी। हादसे में घायल सभी लोगों को बाप अस्पताल लाया गया है। पुलिस के मुताबिक, जोधपुर जिले के बाप इलाके में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दो महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं छह बच्चों सहित 12 लोग घायल हो गए। 
 
 
थानाधिकारी हरि सिंह राजपुरोहित ने बताया कि दिल्ली से यह पर्यटक मिनी बस से जैसलमेर जा रहे थे, तभी शनिवार सुबह बस फलौदी के बाप थाना इलाके के एनएच-11 पर गाड़ना गांव के समीप एक ट्रोले से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि मिनी बस के परखच्चे उड़ गए। बस में सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए मौके पर वीभत्स हालात के बीच पुलिस व ग्रामीणों ने मदद कर घायलों को बाहर निकाला।




अधिकारी ने बताया कि घायलों को फलौदी और बीकानेर अस्पताल भेजा गया है। घायलों में कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस का मानना है कि मिनी बस और ट्रक में से किसी एक चालक को झपकी आने के कारण हादसा हुआ है।

गहलोत ने दुख जताया
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस भीषण सड़क हादसे पर ट्वीट कर दुख जताया है। गहलोत ने ट्वीट किया, ''जोधपुर के बाप क्षेत्र में गाड़ना गांव के पास एनएच-11 पर हुए सड़क हादसे में पांच लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं, ईश्वर उन्हें इस बेहद कठिन समय में संबल दें, दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।''
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Jodhpur Fire: घर में आग लगने से एक ही परिवार के चार लोग जिंदा जले, पुलिस के हाथ लगे कंकाल

राजस्थान के जोधपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, यहां के सनसिटी जोधुपर के मिल्कमैन कॉलोनी क्षेत्र में बने एक घर में रविवार (18 जुलाई) की रात को आग लग गई। इस हादसे में परिवार के चारों सदस्यों के जिंदा जल जाने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस को सभी सदस्यों के कंकाल मिले। मरने वालों में बुजुर्ग दपंती और उनकी दो बेटियां थीं, जिनकी आग लगने के कारण मौत हो गई।

शास्त्री नगर के एसएचओ पंकज माथुर ने बताया कि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों की टीमों ने वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। जांच चल रही है।



दमकल कर्मियों को मिले चार लोगों के कंकाल
बताया जा रहा है कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फायरबिग्रेड की टीम तुरंत ही मौके पर पहुंच गईं, लेकिन दमकल कर्मियों के बचाव राहत कार्य से पहले ही देर रात परिवार वाले आग की चपेट में पूरी तरह से आ चुके थे। ऐसे में जब वे दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो उन्हें केवल चार लोगों के कंकाल मिले। हादसे की सूचना पाकर प्रशासन के आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। फिलहाल घर में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। 

स्थानीय लोगों ने पुलिस को आग लगने की दी थी सूचना
बताया जा रहा है कि मृतकों में एक, परिवार के मुखिया 75 वर्षीय सुभाष चौधरी काजरी के रिटायर्ड ऑफिसर थे। रविवार की देर रात चौधरी के घर में आग लगने के कारण 70 साल की उनकी पत्नी नीलम चौधरी, 50 साल की बेटी बेटी पल्लवी चौधरी और 45 साल की बेटी लावण्या चौधरी जीवित ही जल गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने रात के समय अचानक मकान से धुंआ उठते देखा, जिसके बाद पुलिस स्टेशन और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया और जब घर अंदर से बंद मिला तो दमकलकर्मी दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे, जहां उन्हें सुभाष और उनकी पत्नी व दोनों बेटियां एक कमरे में जले हुए मिले।

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

जहां चाह वहां राह: जोधपुर की सड़कों पर झाड़ू लगाने वाली आशा बनीं आरएएस अधिकारी, पति ने भी छोड़ दिया था साथ

राजस्थान की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा आरएएस परीक्षा- 2018 का अंतिम परिणाम आ गया है। इस बार कुछ ऐसे भी अभ्यर्थी ने सफलता पाई है जो कि दूसरे युवाओं एवं युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं। उनमें से एक हैं जोधपुर की सफाईकर्मी आशा कंडारा जिन्होंने मुश्किल हालात में भी इस कठिन परीक्षा को पास कर विवाहित और तलाकशुदा महिला के लिए मिसाल बनकर उभरी हैं। आईएएस अवनीश शरण ने उनकी सफलता की कहानी शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा कि कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। 

मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक आठ साल पहले आशा कंडारा का पति से घरेलू विवाद  के बाद तलाक हो गया था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने दो बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभाते हुए पहले स्नातक पूरा की उसके बाद आरएएस की परीक्षा पास कर एक मिसाल कायम कर दी। इस सफलता से आशा बहुत खुश हैं।

आशा जोधपुर नगर निगम उत्तर में बतौर सफाईकर्मी कार्यरत हैं और सुबह शाम झाड़ू लगाती हैं। लेकिन उन्होंने अपने इस कार्य के साथ कठिन मेहनत जारी रखीं और राजस्थान प्रशासनिक सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल होकर बता दिया कि महिला भी किसी से कम नहीं।  

निगम में अफसरों के काम काज को देखकर जुनून पैदा हुआ 
आशा कंडारा ने कहा कि नगर निगम में काम करने के दौरान वे अफसरों के काम करने के तरीके को अक्सर देखा करती थी और यहीं से उनके मन में भी अफसर बनने का जुनून पैदा हुआ। स्नातक पूरा करने के बाद उन्होंने आरएएस की तैयारी शुरू कर दी। और आखिर में उनकी मेहनत रंग लाई और सपना भी सच हो गया। 

सोशल मीडिया पर बधाई देने वालों का लगा तांता 
सोशल मीडिया पर लोग आशा को बधाई देने के साथ-साथ उनकी हिम्मत को भी लोग सलाम कर रहे हैं। आईएएस अवनीश शरण से लेकर कई  लोगों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से आशा को बधाई  दी।
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राजस्थान: जोधपुर में एक बड़ा सड़क हादसा, ट्रक और कार के बीच टक्कर में छह लोगों की हुई मौत

राजस्थान के जोधपुर में रविवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। जोधपुर के डांगियावास इलाके में एक ट्रक और कार के बीच टक्कर हो गई और इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। जोधपुर पूर्व के डीसीपी भुवन भूपेश यादव ने इस बात की जानकारी दी।

बता दें कि ट्रक और बोलेरो के बीच टक्कर हुई। बोलेरो में सात लोग सवार थे, जिनमें से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवकों ने अस्पताल जाते समय ही अपना दम तोड़ दिया। दरअसल, हाइवे निर्माणीधीन होने की वजह से एक और ट्रैफिक बंद था। ये हादसा इतना भयंकर था कि दो युवकों के सिर कटकर अलग हो गए। 

इस हादसे में बोलेरो पूरी तरह से पिचक गई और युवक आंधे घंटे तक अंदर फंस रहे। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर एक घंटे देरी से एंबुलेंस पहुंची। इसके अलावा डांगियावास थानाधिकारी मय जाब्ता और एसीपी भी मौके पर पहुंचे। ऐसा बताया जा रहा है कि हाइवे पर निर्माण का काम चलने की वजह से कई जगह पर काम पूरा होने के बाद भी आठ से दस किमी तक एक साइड बंद कर रखी थी, इससे भी हादसे हो रहे थे।
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लालच: सेना की कैंटीन से खरीद थी शराब, ऊंचे दाम पर बेचने के आरोप में पूर्व सैनिक गिरफ्तार

जोधपुर में एक भूतपूर्व सैनिक को सेना की कैंटीन से महंगी शराब खरीदने और उसे बाजार में ऊंची कीमत पर बेचकर लाभ कमाने के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया गया है। बनार थाने के प्रभारी सीताराम खोजा ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के घर से शराब की 139 बोतलें और और अवैध गतिविधि से कमाई 4.10 लाख रुपये की राशि बरामद की गई है।

बता दें कि पुलिस और सेना की खुफिया इकाई के अधिकारियों ने संयुक्त तौर पर आरोपी भगत सिंह के घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान वहां से शराब की बोतलें और नकदी बरामद की। सिंह के खिलाफ सेना खुफिया इकाई की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि आरोपी के घर से महंगी शराब की बोतलें मिली हैं। वह इन बोतलों को सेना की कैंटीन से खरीदता था, जो कि सैनिकों को कम दरों पर मिलती हैं। इसके बाद वह ऊंची कीमत पर इन्हें बेच देता था।
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राजस्थान: पाकिस्तान से विस्थापित लोगों को लगा कोरोना का टीका, आधार ना होने पर दिखाया पासपोर्ट

प्रतीकात्मक तस्वीर
राजस्थान के जोधपुर में पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए लोगों को पासपोर्ट दिखाने के बाद कोरोना वैक्सीन की डोज़ लगाई गई। एक व्यक्ति ने बताया, "वैक्सीन लगाने के लिए सरकार का बहुत धन्यवाद। हमारा आधार कार्ड नहीं बन रहा है फिर भी सरकार ने हमारे पासपोर्ट के आधार पर हमें वैक्सीन लगाई।"



बीकानेर में डोर टू डोर वैक्सीनेशन कैंपेन 
बता दें कि सोमवार से राजस्थान में घर-घर जाकर लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। राजस्थान के बीकानेर से इसकी शुरुआत होगी। 14 जून से बीकानेर में डोर टू डोर कैंपेन शुरू होगा। इसके तहत 45+ उम्र के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। 

बता दें कि जानकारी के मुताबिक, डोर टू डोर कैंपेन में जब तक 10 लोगों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, तब तक वैक्सीनेशन वैन रवाना नहीं होगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वैक्सीन की एक शीशी में दस लोगों को वैक्सीन लगाई जाती है, इसलिए 10 लोगों का रजिस्ट्रेशन जरूरी है। 
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शर्मनाक: छठी की छात्रा को फेल करने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म, गर्भवती हुई तो खुला राज

राजस्थान के जोधपुर में शिक्षक और छात्रा का रिश्ता कलंकित होने का मामला सामने आया है। यहां फेल करने की धमकी देकर छठी की एक छात्रा से कई बार दुष्कर्म किया गया। इस घिनौनी वारदात को दो शिक्षकों ने अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, मामले की जांच शुरू कर दी है। 

यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शेरगढ़ थाना अंतर्गत स्थित एक उच्च प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि मार्च के अंतिम सप्ताह में उसकी नाबालिग बेटी स्कूल के परिसर में थी। यहां सहीराम और सुजाराम विश्नोई नाम के शिक्षक ने उनकी छात्रा को छठी कक्षा में फेल करने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। 

ऐसे सामने आई हकीकत
जब छात्रा की तबीयत खराब हुई तो परिजन उसे इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गए। छात्रा की जांच के बाद पता चला कि वह गर्भवती है। इससे परिजनों के होश उड़ गए। उसके बाद पीड़िता ने रो-रोकर दोनों शिक्षकों की करतूत बताई। पुलिस के मुताबिक, बच्ची सरकारी स्कूल की छठी कक्षा में पढ़ती है। स्कूल परिसर में ही उसके साथ तीन-चार बार रेप किया गया। आरोपी शिक्षक फेल करने की धमकी देकर बार-बार उसके साथ दुष्कर्म करते थे।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
पीड़िता के परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। फिलहाल, दोनों आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। वहीं, दबिश देने के लिए कई टीमें भी बनाई गई हैं। पुलिस के अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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कोरोना: राजस्थान हाईकोर्ट ने टीकों के अलग-अलग दाम पर केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकार से कोरोना के टीकों की अलग-अलग कीमतों को चुनौती देने वाली याचिका पर 24 मई तक जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार राज्यों और निजी अस्पतालों के लिए टीकों की खरीद के लिए घोषित अलग-अलग कीमतों ने नागरिकों के मौलिक और सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया।

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड की कीमत केंद्र के लिए 150 रुपये, राज्यों के लिए 400 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए 600 रुपये है। वहीं, हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के कोवाक्सिन की कीमत केंद्र के लिए 150 रुपये, राज्य सरकारों के लिए 600 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए 1,200 रुपये है। दोनों टीकों को दो खुराक में दिया जाता है।
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जोधपुर: अस्पताल में कोविड का इलाज कराने के बाद आसाराम को एम्स में भेजा गया

जोधपुर के एक अस्पताल में दो दिन तक कोविड-19 के उपचार के बाद स्वयंभू बाबा आसाराम को सुरक्षा कारणों से जोधपुर एम्स में स्थानांतरित कर दिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। एमजी अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि आसाराम की स्थिति स्थिर है। किशोरी के यौन उत्पीड़न के मामले में वह जेल में बंद है। उसे शुक्रवार रात को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) लाया गया और पुलिस ने इस स्थानांतरण के लिए सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया, 'आसाराम को एमजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद से उसके अनुयायियों की तरफ से उसकी एक झलक पाने के लिए अस्पताल में घुसने या उसके करीब आने के लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसलिए, उसकी सुरक्षा को खतरा मानते हुए हमने एम्स भेजने का विचार बनाया जहां उसके भक्तों के लिए आस-पास आना संभव नहीं होगा।'

एमजी अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक उसका ऑक्सीजन सैचुरेशन नियंत्रण में था और सेहत में कोई नकारात्मक परिवर्तन नहीं आया। सूत्रों ने बताया था कि 80 वर्षीय आसाराम को एमजी अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। उसे सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार रात एमजी अस्पताल लाया गया था। दो दिन पहले उसमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी जिसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया था।
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जोधपुर: कोरोना संक्रमित आसाराम की तबीयत बिगड़ी, आईसीयू में कराया गया भर्ती

राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद आसाराम की तबीयत बिगड़ गई है। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। बता दें कि नाबालिग के यौन शोषण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम भी कोरोना की चपेट में आ चुका है। कुछ दिन पहले उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उसका इलाज जेल में ही चल रहा था। बताया जा रहा है कि बुधवार (5 मई) की रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह अभी आईसीयू में भर्ती है। 

आसाराम समेत 12 कैदी संक्रमित
जानकारी के मुताबिक, जोधपुर जेल में बंद रेप के दोषी आसाराम की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे महात्मा गांधी अस्पताल के कोविड सेंटर भर्ती कराया गया। आसाराम ने बेचैनी होने की शिकायत की थी। फिलहाल उसका इलाज जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। गौरतलब है कि बीते दिनों आसाराम जेल के 12 अन्य कैदियों के साथ संक्रमित पाया गया। 

फरवरी में भी बिगड़ी थी तबीयत
बता दें कि फरवरी 2021 में भी आसाराम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस वक्त उसने सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत की थी। गौरतलब है कि एससी-एसटी कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम को दोषी ठहराया था। साथ ही, आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 
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इंतजाम: ऑक्सीजन-बेड नहीं मिल रहे, लेकिन राजस्थान सरकार कराएगी मुफ्त अंतिम संस्कार

कोरोना काल में राज्य सरकार मरीजों को ऑक्सीजन, बेड या दवा तो मुहैया नहींं करा पा रही है, लेकिन शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए अलग से व्यवस्था जरूर बना दी है। राजस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश में एक नया फरमान जारी किया है कि कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार जो फंड अंतिम संस्कार के लिए जारी कर रही है, उससे तो मरीजों की जान बचाई जा सकती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए सरकार पूरा खर्च उठाएगी। साथ ही शव को अस्पताल से श्मशान-कब्रिस्तान ले जाने के लिए मुफ्त एंबुलेंस या वाहन की सुविधा भी देगी। सीएम गहलोत ने व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। 

मुफ्त वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश
दरअसल, जोधपुर उत्तर नगर निगम की ओर से यह व्यवस्था लागू की गई । जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी कलेक्टरों, शहरी निकायों और अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं। शवों का अस्पताल या घर से श्मशान, कब्रिस्तान तक सम्मानपूर्वक परिवहन सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल से पार्थिव देह ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिले तो ऐसी हालत में जिला परिवहन अधिकारी वाहनों का अधिग्रहण करवाकर व्यवस्था करने में सहयोग करे।   मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था के बारे में प्रचार प्रसार करने के लिए शहरी निकायों के कंट्रोल रूम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कंट्रोल रूम से मिलेगी एंबुलेंस
कंट्रोल रूम को इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी करने को कहा गया है। पार्थिव देह को निशुल्क ले जाने के लिए वाहन या एंबुलेंस की व्यवस्था शहरी निकाय के कंट्रोल रूम के अधीन रहेगी। कंट्रोल रूम में एंबुलेंस के लिए कॉल आने पर उसका पूरा ब्योरा दर्ज कर किया जाएगा। बता दें कि राजस्थान में कोरोना की रफ्तार तेज है। शनिवार को यहां पर कोरोना से 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जबकि करीब 6 हजार नए मामले सामने आए हैं। सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इसे काबू कर लिया जाएगा। 
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