जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए। साथ ही उन्हें 48 घंटे के भीतर अपने देश लौटने के निर्देश जारी किए। सरकार के इस फैसले से जहां पूरे देश में हलचल मच गई, वहीं राजस्थान के बाड़मेर जिले में पाकिस्तान से आए एक 18 सदस्यीय परिवार की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया।
Pahalgam Attack: 48 घंटे में देश छोड़ने के निर्देश से हड़कंप, 18 सदस्यीय पाकिस्तानी परिवार का टूटा सपना
Barmer News: पाकिस्तानी परिवार के सदस्य सुरेश ने बताया कि उनके अधिकतर रिश्तेदार पहले ही भारत में बस चुके हैं, और अब उनका भी सपना था कि वे अपने परिवार के साथ यहीं स्थायी रूप से बस जाएं। इसी उम्मीद में 19 अप्रैल को उनका परिवार वीजा लेकर भारत आया था।
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‘पाकिस्तान में गरीबी से त्रस्त, भारत में बसने की इच्छा’
परिवार के सदस्य सुरेश ने बताया कि पाकिस्तान के टांडो अल्लाहयार जिले में उनका जीवन बेहद कठिनाइयों भरा था। वहां कमाई के साधन न के बराबर हैं, जबकि खर्चे अत्यधिक हैं। सुरेश ने बताया कि उनके अधिकतर रिश्तेदार पहले ही भारत में बस चुके हैं, और अब उनका भी सपना था कि वे अपने परिवार के साथ यहीं स्थायी रूप से बस जाएं। इसी उम्मीद में 19 अप्रैल को 18 सदस्यीय परिवार वीजा लेकर भारत आया था।
सुरेश के मुताबिक परिवार में महिलाएं, पुरुष और छोटे-छोटे बच्चे शामिल हैं। सभी ने भारत को अपना घर बनाने का मन बना लिया है। उन्होंने बताया कि भारत में उन्हें सुरक्षित और अच्छा वातावरण मिला है, जिसे छोड़कर वे वापस पाकिस्तान नहीं जाना चाहते। उन्होंने सरकार से विनती कर कहा कि उन्हें लॉन्ग टर्म वीजा देकर भारत में बसने का अवसर दिया जाए।
'हमें यहीं जीने-मरने दिया जाए'
परिवार के एक अन्य सदस्य कैलाश कुमार ने भी भावुक अपील कर कहा कि पाकिस्तान में वे बेहद परेशान थे और वहां से तंग आकर ही भारत आए हैं। उन्होंने कहा कि अब वे भारत को ही अपना स्थायी घर बनाना चाहते हैं। कैलाश ने बताया कि बाड़मेर जिला मुख्यालय पर पहुंचकर उन्होंने अपने लॉन्ग टर्म वीजा के लिए सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा करवा दिए हैं।
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कैलाश ने सरकार से हाथ जोड़कर आग्रह किया कि उन्हें भारत में ही रहने दिया जाए, क्योंकि यहां उन्हें जीवन में शांति और सम्मान की आशा है, जो पाकिस्तान में दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें वापस पाकिस्तान भेजा गया, तो उनका पूरा परिवार एक बार फिर भय और अभाव के वातावरण में फंस जाएगा।
सरकार के फैसले से फैली चिंता
सरकार द्वारा जारी 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने के आदेश ने न केवल इस परिवार, बल्कि राजस्थान सहित अन्य राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के बीच भी चिंता फैला दी है। हालांकि जिन लोगों ने लॉन्ग टर्म वीजा के लिए आवेदन कर रखा है, उनके मामलों पर सरकार द्वारा कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
बाड़मेर जिला प्रशासन ने भी इन आवेदनों को उच्चाधिकारियों तक भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि पाकिस्तान से आए इस परिवार की भारत में बसने की उम्मीदों को राहत मिलती है या नहीं। परिवार की आंखों में फिलहाल बस एक ही सवाल तैर रहा है कि क्या हमें भारत में जीने का मौका मिलेगा?